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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् बैठक और विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् बैठक और विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में एक उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार, 19 जुलाई को भोपाल जिले के ग्राम जगदीशपुर के पुरातात्विक धरोहर स्थल में होने वाली मंत्रि-परिषद् की बैठक एवं सोमवार, 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक में अनुमोदन के लिए लाये जाने वाले विधेयक प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल

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कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल

कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई प्रदेश की पहचान

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नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई प्रदेश की पहचान

देशभर के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, ट्रैवल एजेंट्स और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं पर हुई विशेष चर्चा

रायपुर, 18 जुलाई 2026। देश के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) द्वारा होटल ताज, नई दिल्ली में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन परिदृश्य में प्रदेश की सशक्त पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में देशभर से आए पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों, ट्रैवल मीडिया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय जीवन, घने वन, जलप्रपातों, पुरातात्विक धरोहरों, वन्यजीव संपदा और आध्यात्मिक स्थलों के कारण देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

पैनल चर्चा के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश की संभावनाओं, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन तथा सतत पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। साथ ही देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन अनुभवों से रूबरू होने का आमंत्रण दिया गया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रदेश नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन का एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की अनूठी संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों का अनुभव करें तथा राज्य को अपने पर्यटन परिपथों में प्रमुख स्थान दें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विभिन्न राज्यों, ट्रैवल एजेंसियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से साझेदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटन व्यवसाय की नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रस्तुति को उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सराहा तथा राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार-प्रसार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह प्रभावशाली भागीदारी देश के पर्यटन मानचित्र पर राज्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने तथा “अनदेखा भारत” के रूप में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “क्रिटिकल मिनरल मिशन” एवं “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद, तथा प्रबंध संचालक रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।
एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख

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अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख
गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. हादसे में लोगों की मौत होने पर प्रधानमंत्री ने शोक जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक एक हैंडल से जारी मैसेज में कहा गया कि इस दुखद घटना से प्रधानमंत्री बेहद दुखी हैं. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. PMO की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया, ‘इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है.’

प्रधानमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. वहीं हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तरह जुटा हुआ है. हादसे के बाद क्षेत्र में राहत कार्य जारी है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है.

हादसे में 8 की मौत 15 घायल
गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. यह घटना अहमदाबाद के वस्त्रा क्षेत्र में रामोल-गतराद रोड स्थित महमूदपुरा गांव की टैलेंट फायरवर्क्स फैक्ट्री में हुई. दोपहर के समय फैक्ट्री में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई. फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पटाखे और ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया.

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन

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वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन
क्रिकेट जगत ने अपने सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक सर गैरी सोबर्स को बीतो दिनों पहले खो दिया है. 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने बारबाडोस स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. क्रिकेट वेस्टइंडीज ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी. बोर्ड ने लिखा, ‘एक महान पारी समाप्त हो गई. हमारे दिलों में सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा जिंदा रहेंगे.’ अपने शानदार करियर के दौरान सोबर्स ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल कर दिया. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, जबकि टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी आज तक उनके नाम दर्ज है.

20 साल तक वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी ताकत रहे
28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे सर गैरी सोबर्स ने साल 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करते थे. 1954 से 1974 तक उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए शानदार प्रदर्शन किया. 93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में उन्होंने 26 शतक और 30 अर्धशतकों की मदद से 8032 रन बनाए. इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 365 रन रहा. गेंद से भी उन्होंने 235 विकेट झटके. उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए एक वनडे मैच भी खेला, जिसमें एक विकेट हासिल किया.

एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज
अपने करियर की शुरुआत गेंदबाज के रूप में करने वाले सोबर्स ने बाद में बल्लेबाजी से भी दुनिया को हैरान किया. साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाकर उन्होंने उस समय टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया. बाद में यह रिकॉर्ड 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा. इसके अलावा नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए उन्होंने ग्लेमोर्गन के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाए. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बने.

21 साल की उम्र में तिहरा शतक जड़कर बनाया रिकॉर्ड
सर गैरी सोबर्स ने महज 21 साल 213 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया. वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने. इस दौरान उन्होंने डॉन ब्रैडमैन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया. खास बात यह है कि उनका यह रिकॉर्ड आज भी कायम है.

उनके नाम पर दिया जाता है ICC का सबसे बड़ा सम्मान
सर गैरी सोबर्स के सम्मान में आईसीसी हर साल पुरुष क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को ‘सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित करता है. यह पुरस्कार तीनों फॉर्मेट में पूरे साल सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है. क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए साल 1975 में उन्हें नाइटहुड की उपाधि भी प्रदान की गई.

जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत पर भड़का अमेरिका, ईरान पर फिर शुरू कर दी एयरस्ट्राइक

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जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत पर भड़का अमेरिका, ईरान पर फिर शुरू कर दी एयरस्ट्राइक
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों का मकसद होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कार्रवाई का जवाब देना है.

जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता
जॉर्डन में 17 जुलाई को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए. वहीं, एक अन्य सैनिक अब भी लापता है. सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. सेना ने कहा है कि परिजनों को आधिकारिक सूचना देने के 24 घंटे बाद ही उनके नाम जारी किए जाएंगे.

घायल सैनिकों की क्या है स्थिति?
अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले के बाद चार सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. अब सभी चारों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं, मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं. इन घटनाओं के बाद युद्ध शुरू होने से अब तक मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 16 हो गई है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हो चुके हैं.

ईरान की नई चेतावनी
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो उसे “ऐसा सबक मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले किसी भी समझौते की अब कोई वैधता नहीं रह गई है.

लगातार सातवीं रात अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार को उसने ईरान में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया. यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है.

ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ, जहां एक समुद्री जल शोधन संयंत्र और एक तेल सुविधा को नुकसान पहुंचने की खबर है. इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ जिले के लिए 189 करोड़ के 72 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ जिले के लिए 189 करोड़ के 72 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। बुंदेलखंड एक नए निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य इस क्षेत्र की प्रगति को नई गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अब बदल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों ने पानी के अभाव में गरीबी झेली और कई कठिनाइयां उठाईं। रोजगार की भारी कमी का दंश भी झेला। लेकिन अब हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के जरिए बुंदेलखंड को समृद्ध बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पूरी होने पर यह क्षेत्र खेती के मामले में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस विशाल परियोजना से टीकमगढ़ जिले की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों के खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचेगा और उनकी आय में ऐतिहासिक वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ जिले को 189 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 72 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 102.45 करोड़ रूपए के 33 कामों का लोकार्पण और 86.66 करोड़ रुपए के 39 कामों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में सर्वसुविधायुक्त भव्य मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसका भूमिपूजन भी शीघ्र ही किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज टीकमगढ़ जिले को अमृत भारत रेलवे स्टेशन की बड़ी सुविधा मिली है। इसके साथ-साथ जतारा और बड़ागांव धसान में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भवनों और सोलह विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के नव-निर्माण कार्यों का उपहार भी मिला है। इतना ही नहीं, हमारे युवाओं और खिलाड़ियों के लिए हॉकी सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बास्केटबॉल कोर्ट का भी लोकार्पण हुआ है। खरगापुर में 40 करोड़ रूपए से बनने वाले नए सांदीपनि विद्यालय भवन का भूमिपूजन भी आज हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों के मुताबिक प्रदेश के बच्चों को सांदीपनि विद्यालयों के जरिए संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। हमारे ये विद्यालय भगवान कृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता के पर्याय बने हैं। भविष्य में युवा पीढ़ी को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए जैसे विद्यालय चाहिए, आज उन्हें वैसे ही विद्यालय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक सिंचाई का रकबा मात्र 7.50 लाख हेक्टेयर था। हमारी सरकार में प्रदेश की सिंचित भूमि का रकबा बढ़कर अब 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। हम एक करोड़ हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर सौगात दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विवाह, तलाक और वसीयत के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के सभी देवस्थानों को भव्य स्वरूप में विकसित कर रही है। समान भाव से कार्य करते हुए सभी धर्मों, सभी समाज के लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत अगर रानी को हर माह 1500 रुपए मिल रहे हैं तो रुखसाना को भी इस योजना का पूरा लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना और अन्य योजनाओं के जरिए पशुपालकों को अनुदान और अन्य मदद भी दी जा रही है। गौशाला खोलने पर प्रति गौमाता 40 रुपए की आर्थिक/अनुदान सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को उत्पादित दूध का समुचित दाम भी मिलने लगा है। हमारे मछुआरें भाई-बहनों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार मत्स्य उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है।

कार्यक्रम को पूर्व मंत्री एवं जतारा के वर्तमान विधायक हरिशंकर खटीक ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री और कल्याण का भाव रखने का संदेश देती है। कृष्ण-सुदामा का प्रसंग भी हमें मैत्री के भाव को पूर्ण गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाने का संदेश देता है। यह प्रसंग हमें अमीर-गरीब का भेद मिटाकर समरसता का संदेश भी देता है। भगवान कृष्ण का शिक्षा के लिए सांदीपनि आश्रम उज्जैन आगमन और शिक्षा ग्रहण कर उनका 64 कलाओं 14 विद्याओं में पारंगत होना हमें शिक्षा का महत्व बताता है। राज्य सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दे रही हैं। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय सर्वसुविधा युक्त गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बन रहे है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। शासकीय शालाओं में बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें और साइकिलें प्रदान की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और अगर कोई विद्यार्थी स्कूल में टॉप करता है तो उसे स्कूटी दी जा रही है। राज्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसीलिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कुलगुरु संबोधन की परंपरा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्लीमनाबाद कटनी में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

झिंझरी में 38 करोड़ 61 लाख और बहोरीबंद में 35 करोड़ 63 लाख रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज क्षेत्रवासियों को झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दी। झिंझरी का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 61 लाख रुपए तथा बहोरीबंद का सांदीपनि विद्यालय 35 करोड़ 63 लाख रुपए से अधिक लागत से बनकर तैयार हुआ। यहां उपलब्ध सुविधाएं गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।

स्लीमनाबाद टनल किसान कल्याण वर्ष में किसानों के लिए बड़ी सौगात है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में कई असंभव कार्यों को पूरा कर विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विभिन्न विकास परक और कल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में स्लीमनाबाद टनल परियोजना बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है, यह क्षेत्र भविष्य में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ देगा। इस परियोजना से रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी में सिंचाई और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार की ओर से इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह बड़ी सौगात है। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने टनल परियोजना के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। इसी प्रकार केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड के दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा सहित अन्य जिलों के किसान लाभान्वित होंगे। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से चंबल और मालवा क्षेत्र के जिलों को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी उपलबध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शीघ्र ही कटनी में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर स्लीमनाबाद टनल परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा।

जगदीशपुर में होगी मंत्रिपरिषद की बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश एक देश, एक विधान, एक निशान और एक कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विधानसभा के आगामी वर्षाकालीन सत्र में प्रदेश में सभी धर्मावलंबियों के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लायी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के पास जगदीशपुर स्थित है, इसका नाम विदेशी आक्रांताओं ने बदलकर इस्लामनगर कर दिया था। विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र से पहले जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक कर समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट को अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से एक बार फिर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1500 रुपए की राशि बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। कार्यक्रम को सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक संजय पाठक, विधायक वीरेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टनल के अवलोकन के बाद स्लीमनाबाद में की प्रेस वार्ता

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टनल के अवलोकन के बाद स्लीमनाबाद में की प्रेस वार्ता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र हर प्रकार के संसाधनों से समृद्ध है , लेकिन कुछ स्थानों पर पानी की कमी की चुनौती सामने आती है। स्लीमनाबाद टनल कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों के लिए अमृतधारा बनेगी। भगवान राम के आशीर्वाद से चित्रकूट क्षेत्र और विंध्य की वैली के इन पांच जिलों के कुल ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। लोगों के लिए पेयजल की समस्या का समाधान होगा। कई स्थानों पर इसमें बिजली भी बनाई जाएगी। यह परियोजना राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के संकल्प की पूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से टनल परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परियोजना के लिए 1600 करोड़ रुपए की राशि में केंद्र सरकार ने लगभग 275 करोड़ की राशि प्रदान की। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज यह चुनौतीपूर्ण टनल परियोजना पूरी होने की ओर बढ़ रही है। किसानों और क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यह टनल एक वरदान की तरह है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह परियोजना भविष्य में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में केस स्टडी सिद्ध होगी। भीषण भूकंप आने पर भी टनल 100 साल तक सुरक्षित रहेगी। कई स्थानों पर टनल की गहराई जमीन से नीचे 120 फीट तक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्लीमनाबाद टनल के अवलोकन के बाद मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी।

मां नर्मदा, गंगा बेसिन में भी हरियाली लाएंगी
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नर्मदा नदी तो खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है, लेकिन यह विज्ञान का चत्मकार ही है कि अब मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के माध्यम से गंगा बेसिन में सोन नदी के आसपास के अंचल में भी हरियाली लाएगी। एक समय ऐसा भी आया जब लगा कि टनल तैयार होना असंभव जैसा है। लेकिन जब संकल्प बड़ा होता है और पवित्र मन से कार्य किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। बार-बार कठिन चट्टानों की चुनौतियां आने के बावजूद नर्मदा टनल को पूरा करने के संकल्प के साथ पूरी टीम काम करती रही। राज्य में एक समय पर सिंचाई का रकबा केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था। हमारी सरकारों में यह रकबा बढ़ाकर 44 लाख हेक्टेयर हुआ, जो पिछले ढाई साल में बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसान कल्याण वर्ष में नर्मदा टनल परियोजना किसानों के लिए बड़ी सौगात है। आगामी तीन माह में रबी की फसल के लिए किसानों को एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा।

जमीन न बेचें किसान : बघेलखंड-बुंदेलखण्ड क्षेत्र भविष्य में पंजाब हरियाणा को पीछे छोड़ेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन कछार का 152 क्यूबिक डिस्चार्ज से सतना जिले में 1 लाख 4 हजार 970 हेक्टेयर, मैहर जिले में 54 हजार 227 हेक्टेयर, कटनी जिले में 21 हजार 823 हेक्टेयर, रीवा जिले में 3 हजार 532 हेक्टेयर और पन्ना जिले में 448 हेक्टेयर सहित कुल 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर कमांड एरिया में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही नहरों के निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टनल परियोजना में एक ओर जहां टनल के माध्यम से नर्मदा नदी बहेगी तो दूसरी ओर ऊपर से कटनी नदी प्रवाहित होगी। यह टनल परियोजना बुंदेलखंड और बघेलखंड के लिए बड़ी सौगात है, जो जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति करेगी। चुनौतिपूर्ण परिस्थितियों में सिंचाई विभाग ने सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन न बेचें। यह क्षेत्र भविष्य में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा। इस क्षेत्र से पलायन रुकेगा और आर्थिक रूप से समृद्धि आएगी। हमारी सरकार किसान कल्याण वर्ष में बड़े-बड़े संकल्प पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अभियंताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और हजारों श्रमिकों की अथक मेहनत है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने टनल निर्माण में लगे श्रमिकों से आत्मीय संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और इस ऐतिहासिक कार्य में उनके योगदान की सराहना की।

टनल से कोई पर्यावर‍णीय क्षति भी नहीं
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि टनल राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे लाइन, भूमिगत क्रॉसिंग और आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से सुरक्षित रूप से निकाली गई है तथा कहीं भी संरचनात्मक क्षति नहीं हुई। साथ ही कोई पर्यावरणीय क्षति भी नहीं हुई। परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, मुआवजा और स्थानांतरण भी पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया गया।

चुनौतियां बढ़ती गई : इंजीनियर-टेक्निशियन और मजदूर, सफलता के लिए संघर्ष करते रहे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 8 घंटे की तीन शिफ्ट में टनल बनाने के लिए काम शुरू किया गया। वर्ष 2015 तक कुल 1406 मीटर टनल बोरिंग होने से इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता थी। लेकिन वर्ष 2016 से टनल के अपस्ट्रीम छोर से जर्मनी से लाई गई आधुनिक मशीन से खुदाई की गई। इसके बाद चुनौतियां बढ़ती चली गईं, लेकिन इंजीनियर , टेक्नीशियन और मजदूर सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य में लगे रहे। टनल निर्माण के लिए लंबा संघर्ष रहा है और अब वर्ष 2026 में सफलता मिली है। टनल तैयार होने के बाद अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में लगभग ढाई लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। प्रेस से संवाद के समय नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सांसद गणेश सिंह, विधायक प्रणय पांडे, विधायक संदीप जायसवाल, धीरेन्द्र सिंह, संजय पाठक, और जल संसाधन अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।