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‘महाकाली’ का टीजर रिलीज, अक्षय खन्ना के शुक्राचार्य अवतार ने मचाई हलचल

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प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म **‘महाकाली’** का टीजर सोमवार, 24 अगस्त को रिलीज कर दिया गया। टीजर में अभिनेता **अक्षय खन्ना** को असुरों के गुरु **शुक्राचार्य** के दमदार और खौफनाक अवतार में दिखाया गया है। उनका लंबी सफेद दाढ़ी, जटाओं और तीखे हाव-भाव वाला लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

लगभग तीन मिनट के टीजर में धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष की झलक देखने को मिलती है। शुक्राचार्य असुरों के साथ हुए अन्याय का जिक्र करते हुए उनके पुनरुत्थान की बात करते नजर आते हैं। इसके बाद वह रक्‍तबीज को मानव जाति का विनाश करने का आदेश देते हैं, जिससे कहानी में आने वाले बड़े संघर्ष का संकेत मिलता है।

अक्षय खन्ना का ट्रांसफॉर्मेशन टीजर का सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। उनके सफेद बाल, लंबी दाढ़ी, जटाएं और गंभीर व्यक्तित्व ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके लुक और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

फिल्म का निर्देशन **पूजा अपर्णा कोल्लुरु** कर रही हैं, जबकि कहानी और पटकथा प्रशांत वर्मा से जुड़ी है। ‘महाकाली’ को प्रशांत वर्मा के उसी सिनेमैटिक यूनिवर्स का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसकी शुरुआत ‘हनु-मैन’ से हुई थी। फिल्म में अक्षय खन्ना के अलावा भूमि शेट्टी, रोहित सराफ, श्रीया रेड्डी, राजत कपूर और नासर जैसे कलाकार भी नजर आएंगे।

मेकर्स ने फिल्म की **8 जनवरी 2027** की सिनेमाघर रिलीज डेट भी घोषित कर दी है। टीजर के बाद ‘महाकाली’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ गई है और अब फिल्म के अगले अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

सीएम योगी का रायबरेली को बड़ा तोहफा, 879 करोड़ की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात

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सीएम योगी का रायबरेली को बड़ा तोहफा, 879 करोड़ की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली दौरे के दौरान जिले को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, शिक्षा, पुलिस आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

624 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान करीब **624 करोड़ रुपये की 185 परियोजनाओं** का लोकार्पण किया। इसके अलावा लगभग **277 करोड़ रुपये की 162 नई परियोजनाओं** का शिलान्यास किया गया। इन विकास कार्यों से रायबरेली, बछरावां और हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

प्रमुख परियोजनाओं में **महराजगंज-इन्हौना मार्ग के सुदृढ़ीकरण**, पुलिस लाइन में जी+12 ट्रांजिट हॉस्टल तथा कुंदनगंज-पश्चिमगांव-टेरा-अघौरा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा शिवगढ़ क्षेत्र में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई।

लाभार्थियों के खातों में 19 करोड़ से अधिक की राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को **डीबीटी के माध्यम से 19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि** हस्तांतरित की। इसके साथ ही लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र और आवास की चाबियां भी वितरित की गईं।

सपेरा समुदाय के परिवारों को आवासीय पट्टे
मुख्यमंत्री ने सपेरा समुदाय समेत अन्य आवास विहीन परिवारों के 60 से अधिक परिवारों को आवासीय पट्टे भी प्रदान किए। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को स्थायी आवास की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करना है।

स्वतंत्रता संग्राम के नायक को श्रद्धांजलि
रायबरेली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने **अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती** के अवसर पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में भी हिस्सा लिया। इस दौरान करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से बने राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार का लोकार्पण किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों का सम्मान भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

जनसभा में राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले CM
विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और भारतीय विरासत को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री का रायबरेली दौरा विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सामाजिक कल्याण और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में नई परियोजनाओं के शुरू होने से जिले में सड़क, शिक्षा, आवास और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अजीत डोभाल के चीन दौरे पर नजर, सीमा विवाद पर होगी अहम बातचीत

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भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर उच्चस्तरीय बातचीत का दौर शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार, 24 अगस्त को बीजिंग पहुंचे, जहां वे भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता में हिस्सा लेंगे।

डोभाल मंगलवार, 25 अगस्त को चीन के विदेश मंत्री और विशेष प्रतिनिधि वांग यी के साथ 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। यह तंत्र वर्ष 2003 में भारत-चीन सीमा विवाद के समाधान के लिए स्थापित किया गया था। बातचीत का प्रमुख फोकस सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है।

शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा से पहले अहम दौरा
डोभाल का चीन दौरा ऐसे समय हो रहा है जब चीनी राष्ट्रपति **शी जिनपिंग की सितंबर में भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में संभावित भागीदारी** को लेकर चर्चा है। हालांकि, उनकी भारत यात्रा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में डोभाल और वांग यी की बैठक को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत और चीन के बीच 2020 के बाद सीमा पर पैदा हुए तनाव के कारण द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हुए थे। पिछले कुछ समय से दोनों देश तनाव कम करने और संवाद बहाल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में डोभाल की यात्रा से सीमा पर स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर आगे की रणनीति पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है।

बातचीत के नतीजों पर रहेगी नजर
डोभाल-वांग यी वार्ता के दौरान सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और भविष्य के संवाद को लेकर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक से किसी बड़े समझौते की उम्मीदों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वार्ता के नतीजे भारत-चीन संबंधों की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

महाराष्ट्र में महायुति की सियासी हलचल तेज, डिनर मीटिंग से अटकलों का बाजार गर्म

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महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को सियासी हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नियमित मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को एक दिन पहले सोमवार को बुलाया है। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक और डिनर का कार्यक्रम रखा गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत महायुति के प्रमुख नेता शामिल होंगे। इसके बाद गठबंधन के मंत्रियों और बीजेपी, शिवसेना तथा एनसीपी के नेताओं के लिए डिनर आयोजित किया जाएगा। आधिकारिक तौर पर इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन के बीच बेहतर समन्वय, आपसी मतभेदों को दूर करना और सरकार के कामकाज को गति देना बताया गया है।

बैठक का समय बदलने से बढ़ी चर्चा
कैबिनेट बैठक का कार्यक्रम बदलने की वजह मुख्यमंत्री फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताई गई है। हालांकि, कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद महायुति के शीर्ष नेताओं की बैठक और डिनर होने के कारण राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। फडणवीस के हालिया दिल्ली दौरे के बाद इस घटनाक्रम को और भी अहम माना जा रहा है।

हालांकि, अभी तक सरकार या गठबंधन की ओर से किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महायुति की इस बैठक में क्या चर्चा होती है और क्या कोई बड़ा फैसला सामने आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

भारत में हाई-वैल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की तैयारी

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भारत सरकार देश में हाई-वैल्यू और अत्याधुनिक निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसके लिए करीब 1.2 अरब डॉलर की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। प्रस्तावित सात वर्षीय योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मशीनरी के आयात पर निर्भरता कम करना है।

इस योजना के तहत टनल बोरिंग मशीन (TBM), बहुमंजिला इमारतों में इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट, फायर-फाइटिंग उपकरण और अन्य उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर मशीनरी के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। TBM का इस्तेमाल मेट्रो रेल, हाईवे और अन्य भूमिगत परियोजनाओं के लिए सुरंग निर्माण में होता है।

सरकार की योजना से देश में इन उपकरणों के जरूरी कंपोनेंट्स के उत्पादन और स्थानीय वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित योजना से करीब 1.8 अरब डॉलर का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।

भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के विस्तार के साथ अत्याधुनिक निर्माण उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ने से सप्लाई चेन मजबूत होने, विदेशी आयात पर निर्भरता घटने और देश में तकनीकी क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।

सरकार का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतिम मंजूरी के बाद योजना से देश की निर्माण उपकरण इंडस्ट्री में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों का किया सम्मान, साथ बैठकर किया भोजन

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मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों में प्रतिभा और आगे बढ़ने का जज्बा किसी से कम नहीं है। सरकार का प्रयास है कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा और विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें और समाज व प्रदेश का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताते हुए बच्चों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सफलता उनके परिवारों के साथ-साथ पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने श्रमिक परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके कल्याण और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

‘गनमास्टर G9’ का टीजर ‘टॉक्सिक’ के साथ दिखाया जाएगा, सिनेमाघरों में मिलेगा बड़ा सरप्राइज

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इमरान हाशमी की आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘गनमास्टर G9’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म का टीजर सिनेमाघरों में यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ के साथ दिखाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीजर **26 अगस्त 2026** से ‘टॉक्सिक’ के शो से पहले दर्शकों को देखने को मिलेगा।

खास बात यह है कि ‘गनमास्टर G9’ का टीजर ‘टॉक्सिक’ की फिल्म प्रिंट के साथ सीधे अटैच नहीं किया जाएगा। इसके बजाय सिनेमाघरों में इसे अलग से स्क्रीन किया जाएगा। इस रणनीति से फिल्म के टीजर को ‘टॉक्सिक’ देखने पहुंचने वाले बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

इमरान हाशमी के साथ नजर आएंगे ये कलाकार
‘गनमास्टर G9’ में इमरान हाशमी के साथ **जेनिलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना** अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन **आदित्य दत्त** कर रहे हैं। फिल्म को एक्शन और रोमांस से भरपूर प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा है।

27 नवंबर को रिलीज होगी फिल्म
‘गनमास्टर G9’ की **वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज 27 नवंबर 2026** को निर्धारित है। टीजर को ‘टॉक्सिक’ के साथ बड़े पर्दे पर दिखाने का फैसला फिल्म की रिलीज से पहले दर्शकों के बीच चर्चा और उत्सुकता बढ़ाने की रणनीति माना जा रहा है।

इमरान हाशमी के प्रशंसकों के लिए यह थिएटर विजिट और भी खास हो सकती है, क्योंकि ‘टॉक्सिक’ के साथ उन्हें अभिनेता की अगली फिल्म की पहली झलक बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व, जानें क्यों प्रिय है महादेव को बेलपत्र

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सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय माना गया है और इसे श्रद्धा व भक्ति का प्रतीक बताया गया है।

तीन पत्तियों वाले बेलपत्र का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियों को भगवान शिव के **त्रिनेत्र, त्रिगुण और त्रिदेव** से जोड़ा जाता है। इसी वजह से तीन पत्तियों वाला बेलपत्र शिव पूजा में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त पर उनकी कृपा बनी रहती है।

शिवलिंग पर कैसे चढ़ाएं बेलपत्र?
पूजा के दौरान साफ और साबुत बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु पहले भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और इसके बाद बेलपत्र, फूल आदि चढ़ाते हैं। पूजा की अलग-अलग परंपराओं में बेलपत्र अर्पित करने के नियमों में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय परंपरा या मंदिर के नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।

सावन में बढ़ जाता है महत्व
श्रावण मास में शिव पूजा का विशेष महत्व होने के कारण बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा भी अधिक प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पण करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष **सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026** को है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में सामग्री से अधिक श्रद्धा, शुद्ध भाव और भक्ति को महत्व दिया जाता है। इसलिए बेलपत्र अर्पित करते समय भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप करने की परंपरा है।

U-20 विश्व कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन, तीन और पदक जीते

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स्लोवाकिया में आयोजित U-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन और पदक अपने नाम किए हैं। भारत को एक रजत और दो कांस्य पदक मिले। मानसी लाठर ने 68 किलोग्राम वर्ग में रजत, जबकि तन्वी गुंदेश मगदुम और कोमल ने क्रमशः 57 और 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीते।

मानसी लाठर ने जीता रजत पदक
68 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मानसी लाठर का सामना चीन की चेनलिंग सोंग से हुआ। कड़े मुकाबले में मानसी को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

तन्वी और कोमल ने कांस्य पर जमाया कब्जा
57 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में तन्वी गुंदेश मगदुम ने कनाडा की एग्निया क्राकोवस्का को 10-4 से हराया। वहीं 59 किलोग्राम वर्ग में कोमल ने हंगरी की एडा बालाज्स को 5-2 से मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले भारत की काजल धोचक ने 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने भार वर्ग में रजत पदक हासिल किए। इस तरह भारतीय महिला पहलवानों का टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।

प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय पहलवान अब पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं के 57, 65, 79 और 92 किलोग्राम वर्गों में चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल से इन मुकाबलों में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर CM साय का जोर, स्व-सहायता समूहों को मिल रहे नए अवसर

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार के विशेष फोकस को दोहराया है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिला स्व-सहायता समूहों को नए क्षेत्रों से जोड़कर आय के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी महिला समूहों की भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में कई महिलाएं सोलर वेंडर के रूप में काम करते हुए घरों में सोलर संयंत्र लगाने की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

सरकार के अनुसार, प्रदेश में **2.82 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से ज्यादा महिलाएं** जुड़ी हैं, जबकि **13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी** बन चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को कौशल, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी को और बढ़ाया जाए।

वहीं, **महतारी वंदन योजना** के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय का कहना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी और मजबूत करना है।