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नौकरी की तलाश हो या करियर की रुकावट, बप्पा का यह ‘गणेश स्तोत्र’ हर मुश्किल का अचूक समाधान

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हिंदू धर्म के मुताबिक, भगवान गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय हैं, जिन्हें विघ्नहर्ता यानी बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि, जो भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ उनकी पूजा और उपासना करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

भगवान गणेश ज्ञान, बुद्धि, सफलता और धन के भी देवता हैं। वैसे तो शास्त्रों में उन्हें खुश करने के अनेक उपायों के बारे में बताया गया है, लेकिन मंत्र जाप और स्तोत्रम का पाठ करने से बप्पा की आशीर्वाद सदैव बना रहता है। गणेश स्तोत्रम का पाठ एक शक्तिशाली पाठ है, जो भक्तों को आंतरिक सुख और सुरक्षा प्रदान करता है।

गणेश स्तोत्रम का प्रत्येक श्लोक उनके गुणों का गुणगान करता है, जैसे कि उनका ज्ञान, करुणा, शक्ति और विघ्नहर्ता के रूप में उनकी अहम भूमिका। जो भी भक्त इस स्तोत्रम का पाठ भक्तिपूर्वक करता है, उसका मन, शरीर और आत्मा तीनों ही संतुलित हो जाते हैं।

मध्य प्रदेश में पेपर लीक पर एक्शन, 3 महीने में दोषियों को मिलेगी सजा- सीएम मोहन यादव

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‘मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाए जाएंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का इन फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह के भीतर निराकरण किया जाएगा।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जुलाई को कही। वे मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विद्यार्थियों के प्रति भावना स्पष्ट है। उनके मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई। फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर ऐहतियातन सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पीएम मोदी के कार्यकाल में दोगुनी हुईं मेडिकल सीटें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढ़ाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेजी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्विद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा, सुरक्षा के लिए किए गए कड़े बंदोबस्त

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प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज मैनपुरी पहुंचकर दो घंटे तक रुकने के बाद इटावा के लिए रवाना होंगे। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने देर शाम तक सभी तैयारियों में जुटा रहा। सीएम की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जिसमें तीन एएसपी, आठ सीओ, 25 इंस्पेक्टर सहित 609 पुलिस कर्मियों को हैलीपेड, जनसभा स्थल से लेकर मार्ग पर तैनात किया जाएगा।

सीएम के आगमन से पहले शुक्रवार की शाम मैनपुरी पहुंचे एनएसजी कमांडो ने भी सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रविवार को मैनपुरी आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। वह नगर के आगरा बाइपास रोड पर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।

उनकी सुरक्षा की तैयारियों को लेकर शनिवार दोपहर को सभा स्थल का डीएम डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी गणेश प्रसाद साहा, एएसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों ने सीएम की सुरक्षा के लिए ड्यूटी में लगने वाले पुलिस कर्मियों के साथ संवाद कर मुस्तैदी के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि सीएम की त्रिस्तरीय सुरक्षा में 609 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें तीन एएसपी, आठ सीओ, 25 इंस्पेक्टर, 73 उप निरीक्षक, 15 महिला उप निरीक्षक, 388 हेड कांस्टेबल, 97 महिला पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। ब्रीफिंग के दौरान डीएम ने पुलिस कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने को कहा।

एसपी ने वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात व्यवस्था और प्रोटोकाल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जिस पुलिस कर्मी को जहां ड्यूटी पर लगाया गया है, वह वहीं पर ड्यूटी करेगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुबह आठ बजे से रूट डायवर्जन लागू
यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे से नगर में रूट डायवर्जन लागू रहेगा। जिसमें करहल की ओर से आने वाले वाहन भांवत चौराहा, ईशन नदी पुल, कुरावली तिराहा और अटल चौक, देवी बाइपास रोड और सिंधिया तिराहा से आगरा की ओर जाने वाले वाहन डायवर्ट रहेंगे।

घिरोर से आने वाले वाहन सिंधिया तिराहा होते हुए देवी बाइपास रोड और पड़रिया चौराहा होते हुए गुजारे जाएंगे। औंछा की ओर से भी आने वाले वाहनों को देवी बाइपास से गुजारा जाएगा। भोगांव से आने वाले वाहन कुरावली मोड ईशन नदी पुल होते हुए अपने गंतत्व को रवाना होंगे। कुरावली से आने वाले वाहन ज्योंति तिराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे। इसके अलावा बड़ा चौराहा, करहल चौराहा की ओर से आने वाले पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे।

भारत ने दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे को बुरी तरह रौंदा

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भारत ने जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 में 90 रनों से हरा दिया है. यह साल 2026 में भारतीय टीम की रनों के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी जीत है. इसी के साथ टीम इंडिया ने 3 मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. हरारे के मैदान पर खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे को 220 रनों का लक्ष्य मिला था, जवाब में वह सिर्फ 129 रन ही बना सकी. अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले यश ठाकुर ने 2 विकेट चटकाए, जबकि बल्लेबाजी में ईशान किशन और तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाया.

भारतीय टीम के लिए अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कोई कमाल नहीं कर पाए थे. मगर ईशान किशन के 81 रन और तिलक वर्मा के नाबाद 60 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. अभिषेक चाहे बैट से कोई कमाल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी में 3 विकेट चटकाए. अभिषेक दूसरे टी20 में भारत के सबसे सफल गेंदबाज भी रहे.

2026 में तीसरी सबसे बड़ी जीत
यह टीम इंडिया की टी20 में साल 2026 की तीसरी सबसे बड़ी जीत है. रनों के लिहाज से 2026 में भारत की सबसे बड़ी जीत 96 रनों की है, जो इसी साल टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ आई थी. भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत वर्ल्ड कप में ही नामीबिया के खिलाफ आई, जब उसने 93 रनों से जीत दर्ज की थी. अब जिम्बाब्वे को 90 रनों से हराकर टीम इंडिया ने इस साल टी20 में अपनी तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है.

डेब्यू में चमके यश ठाकुर
यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. उन्होंने 4 ओवरों में 30 रन देकर 2 विकेट लिए. प्रिंस यादव इस मुकाबले में केवल 1.2 ओवर गेंदबाजी कर पाए, वो चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए. केवल 8 गेंद करके उन्होंने 2 विकेट चटका लिए थे. अभिषेक शर्मा ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाकर 3 विकेट लिए. उनके अलावा शिवम दुबे, रवि बिश्नोई और तिलक वर्मा ने भी एक-एक विकेट लिया.

CJP का प्रोटेस्ट खत्म करने का ऐलान

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को सरकार के साथ एक अहम बैठक की. बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बड़ा ऐलान किया. सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी. वहीं, सीजेपी ने जंतर-मंतर से आंदोलन को वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमारी मांग मान ली है और हम आंदोलन को खत्म करने का ऐलान करते हैं.

सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन राउंड की बातचीत की. जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, हमारी तीन मुख्य मांगें थीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, एफआईआर वापस ली जाएं और प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल नहीं किया जाए.

‘FIR ली जाएंगी वापस’
नीट पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए. अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है. इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है. हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं. सरकार ने वह मांग भी मान ली है. जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी.

‘सभी एफआईआर की कॉपी शेयर करेगी सरकार’
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी एफआईआर की कॉपी शेयर करेगी, हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं. हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी. सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी. सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ शेयर करेगी. हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन एफआईआर और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के बारे में सरकार की गारंटी मिल जाएगी.

‘अच्छी नीयत से वापस ले रहे आंदोलन’
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा.”

छात्रों पर नहीं होगा एक्शन- जेपी नड्डा
वहीं सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आज हमारे सौरव दास और रांका के साथ तीसरी मुलाकात है आज भी लंबी बातचीत हुई, आज ये रिटेन मसौदा लेकर आए थे. मांगों पर डिटेल में चर्चा हुई. जेपी नड्डा ने कहा कि कोई भी एक्शन और एफआईआर न हो अगर हुआ हो तो वापस ले लिया जाए. फ्यूचर मे भी कोई केस आगे इंपल्स नहीं होगा, इसे भी हमने माना है.

मुआवजे पर सरकार ने क्या कहा?
मुआवजे के बारे में सरकार की सहानुभूति है. रिफॉर्म चार्टर को लेकर सरकार गहन चिंतन करेगी. जो भी बात रखी थी, उसको सरकार ने सहानुभूति पूर्वक माना है.

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर,प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा जाए. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार द्वारा शनिवार (25 जुलाई 2026) को संगठन की सभी मांगें मान लिए जाने के बाद नीट विवाद को लेकर अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की.

सीजेपी नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और 20 मार्च को संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी को वापस लिए जाने की मांग की थी.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से पेपर लीक के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन का असर देखने को मिला. देश की सरकार Gen-Z की आगे झुक गई है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी. इस संबंध में उन्होंने कहा कि मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. मैंने पहले दिन से ही इसकी जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे.

इसके अलावा उन्होंने नोट पोस्ट किया, जिसमें लिखा कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से इस्तीफा दिए जाने के बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है. उन्होंने लिखा कि हमने कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इस तरह से लोकतंत्र की जीत हुई है. CJP ने इंस्टाग्राम पर वीडिया पोस्ट किया, जिसमें अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक में सुसाइड करने वाले छात्रों का नाम लेकर कहा कि उन्हें न्याय मिला है. उन्होंने कहा कि दुनिया झुकती है झुकाने वाला चाहिए.

CJP के प्रमुख मांग
इससे पहले CJP ने साफ तौर पर कह दिया था कि नीट पेपर लीक से जुड़े विवाद के खिलाफ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई समझौता नहीं हो सकता है. इसके अलावा CJP ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बेरहमी से पीटे जाने पर उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. इसके अलावा नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की गई है. CJP ने जेपी नड्डा से मुलाकात भी की थी, जिसमें मुआवजे और FIR वापसी पर सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति दिखाई गई थी.इसके अलावा कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टी भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था. इस संबंध में सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए CBI जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और री-एग्जाम जैसे कदम उठाने की बात की थी.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा

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बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है. वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को संविधान के आर्टिकल 50(3) के तहत संसद के अध्यक्ष को पत्र सौंपकर इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल साल 2028 में समाप्त होने वाला था. यानी उनका कार्यकाल लगभग आधा ही बीता था.

खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर दिया इस्तीफा
बंगाली भाषा में उन्होंने एक पत्र लिखा है. बंगभवन के लेटर हेड पर 76 साल के शाहबुद्दीन ने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि हार्ट से जुड़ी समस्या, हाई ब्लडप्रेशर, शुगर, गुर्दे की समस्याएं, पहले हुई बाईपास सर्जरी और हाल ही में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथ का निदान, जिसके कारण उन्हें बेहोशी के दौरे पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले ट्रीटमेंट के कारण इस पद पर बने रहना असंभव है. अगस्त 2024 के विद्रोह के बाद उत्पन्न संवैधानिक संकट से देश को उबारने में उन्होंने अपने योगदान का बचाव भी इस पत्र में किया है.

अब राष्ट्रपति का यह इस्तीफा संसदीय स्पीकर हाफिजुद्दीन अहमद को सौंपा जाएगा. यह बांग्लादेश के संविधान के अनुसार नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगे. प्रवक्ता ने बताया कि वह इस इस्तीफे पर किसी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं कर सकते. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनका इस्तीफा ऐसे वक्त आया है, जब अटकले लगाई जा रहीं थी कि पीएम तारिक रहमान की सरकार देश के Titular Head से सहज नहीं थी.

हसीना सरकार में बने थे राष्ट्रपति
दरअसल, 1971 के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिक और लोअर कोर्ट के पूर्व जज शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली थी. उन्होंने पिछली संसद ने इस सर्वोच्च पद के लिए चुना था. वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो अभी भी संवैधानिक पद पर बने हुए हैं. जुलाई-अगस्त 2024 में स्टूडेंट के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने हसीना की अवामी लीग सरकार को गिरा दिया था. हसीना भारत आ गई थीं. वह 5 अगस्त 2024 से भारत की शरण में हैं.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

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शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई सार्थक चर्चा, छत्तीसगढ़ में सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।

मुख्यमंत्री ने सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।

पेपर लीक विवाद के बीच भी PM मोदी का सोशल मीडिया पर क्रेज बरकरार

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दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। सीजेपी अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। कई विपक्षी दल भी पेपर लीक मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर आवाज गूंज रही है। वहीं गुरुवार रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संदेश वीडियो जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि आज इस मामले में और भी बड़ी और कड़ी कार्रवाई होगी। खास बात यह है कि पेपर लीक मुद्दे पर पीएम मोदी का यह पहला बयान है।

बता दें कि देश में भले ही पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है, सरकार के खिलाफ नाराजगी है लेकिन दूसरी तरफ पीएम मोदी ने जैसे ही पेपर लीक मुद्दे पर अपना बयान वीडियो बनाकर जारी किया। उनके इंस्टग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या में उछाल आ गया। पेपर लीक विवाद के बीच पीएम मोदी के चाहने वालों की संख्या बढ़ना चर्चा का विषय बन गया है।

इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के फॉलोअर्स में इजाफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया पर प्रभाव लगातार मजबूत बना हुआ है। पेपर लीक मुद्दे पर जारी किए गए उनके एक वीडियो संदेश के बाद इंस्टाग्राम पर उनके आधिकारिक अकाउंट से लगभग 10 लाख यानि 1 मिलियन नए फॉलोअर्स जुड़ गए। यह तेजी से बढ़ी फॉलोअर्स संख्या सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता और व्यापक जन-समर्थन को दर्शाती है। वहीं आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले और एकमात्र राजनेता हैं।

बता दें कि एक तरफ जहां लाखों छात्र और पूरा विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है। देश के कोने कोने में छात्रों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। मोदी और भाजपा विरोधी नारे लग रहे हैं। इसके उपरीत पीएम मोदी के इंस्टाग्राम पर इस तरह 1 मिलियन फॉलोअर्स में इजाफा होना आम बात नहीं है। उन्होंने सिर्फ एक सामान्य वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने पेपर लीक मुद्दे पर कार्रवाई की बात कही है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह पीएम मोदी के फॉलोअर्स बढ़े हो।