Home Blog

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओरछा में रामराजा सरकार के किए दर्शन

0

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को धार्मिक नगरी ओरछा पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान के साथ दर्शन और पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री के ओरछा आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। रामराजा सरकार के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब चित्रकूट के लिए रवाना होंगे। उनके इस धार्मिक दौरे को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

ओरछा स्थित श्रीरामराजा मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान श्रीराम को राजा के रूप में पूजा जाता है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

MP के 99 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! पुरानी पेंशन का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने पलटा सरकार का फैसला

0

मध्यप्रदेश के करीब 99 हजार शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पुरानी पेंशन से जुड़े मामले में सरकार के फैसले को पलटते हुए उनके पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है।

2018 में संविलियन के बाद उठा था विवाद
मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति पुरानी पेंशन योजना लागू रहने के दौरान पंचायत विभाग में हुई थी। वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद उन्हें नई पेंशन योजना के दायरे में शामिल कर दिया गया। शिक्षकों का तर्क था कि उनकी सेवा निरंतर रही है, इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार की पुनर्विचार याचिका की तैयारी
रिपोर्टों के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी की थी। ऐसे में शिक्षकों को पुरानी पेंशन का वास्तविक लाभ मिलने की प्रक्रिया अभी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर है।

क्या होगा फायदा?
* पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है।
* सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन संबंधी सुरक्षा मिलेगी।
* लंबे समय से लंबित पेंशन विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ेगी।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी पर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

0

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दिए जाने के बाद कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय को कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से शासकीय कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी। अब गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा जरूरत के समय इलाज के खर्च की तत्काल व्यवस्था करने की चिंता कम होगी।

फेडरेशन ने इस सुविधा को कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इस पहल से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

नरक चतुर्दशी पर बनेगा शनि-चंद्र का विशेष संयोग, इन राशियों पर रहेगा खास प्रभाव

0

दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष मानी जा रही है। इस अवसर पर शनि और चंद्रमा की युति का संयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष शास्त्र में शनि और चंद्रमा के इस संयोग को विष योग के नाम से भी जाना जाता है।

मान्यता है कि शनि अनुशासन, कर्म और न्याय के कारक हैं, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों ग्रहों की युति के कारण कुछ राशियों के जातकों को मानसिक तनाव, कार्यों में देरी और निर्णय लेने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और यमराज की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करने, दीपदान करने और घर के आसपास स्वच्छता रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन नकारात्मक विचारों से दूर रहना, वाणी पर संयम रखना और जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना शुभ माना जाता है।

ध्यान रहे कि शनि-चंद्र युति का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और अन्य ज्योतिषीय कारकों पर भी निर्भर करता है।

दिवाली से पहले योगी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 30 दिन के बोनस को मंजूरी

0

दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ (एडहॉक) बोनस देने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 14.82 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

अधिकतम 6,908 रुपये तक मिलेगा बोनस

सरकार के आदेश के अनुसार, पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को 30 दिन के बोनस के रूप में अधिकतम 6,908 रुपये मिलेंगे। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है।

25 प्रतिशत नकद, 75 प्रतिशत पीएफ में जमा

बोनस भुगतान के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। कुल बोनस राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को नकद दिया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि उनके भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा की जाएगी। जिन कर्मचारियों के पास पीएफ खाता नहीं है, उनके हिस्से की राशि एनएससी या पीपीएफ के माध्यम से जमा कराई जाएगी।

रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पूरी रकम नकद

सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी राहत दी है। 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके और 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले पात्र कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी।

दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

योगी सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में शामिल किया है। पात्र दैनिक वेतनभोगियों को अधिकतम 1,184 रुपये तक बोनस दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित सेवा अवधि और कार्य दिवसों की शर्तें पूरी करना अनिवार्य होगा।

सरकार के इस फैसले से राज्य के विभिन्न विभागों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को त्योहार से पहले आर्थिक राहत मिलेगी। बोनस की घोषणा से कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।

किसानों और ग्रामवासियों की जमीन एवं संपत्ति से जुड़े अधिकारों को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री यादव

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और ग्रामवासियों को उनकी संपत्ति का पूरा अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जमीन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आम नागरिकों का सीधा संपर्क पटवारियों से होता है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें। राजस्व संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण होने से किसानों और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलती है।

उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने से प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। सरकार का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को सरल, सुलभ और जनहितकारी बनाना है, ताकि प्रत्येक किसान और ग्रामवासी को अपनी जमीन एवं संपत्ति पर उसके अधिकार का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने और आमजन को उनकी संपत्ति का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सेना को जल्द मिलेगी ‘प्रलय’ मिसाइल की ताकत, ओडिशा तट पर DRDO का सफल परीक्षण; दुश्मन के ठिकानों पर करेगी सटीक वार

0

भारत की रक्षा ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी तकनीक से विकसित अत्याधुनिक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का ओडिशा तट पर सफल उड़ान परीक्षण किया है। 5 नवंबर 2026 को हुए इस परीक्षण में मिसाइल ने निर्धारित सभी परीक्षण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस सफलता के बाद अब भारतीय सशस्त्र बलों में प्रलय मिसाइल प्रणाली को जल्द शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

500 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने की क्षमता

प्रलय एक स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली ठोस ईंधन आधारित क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता लगभग 500 किलोमीटर तक बताई गई है। इसमें आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह बेहद सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। यह अलग-अलग प्रकार के लक्ष्यों के लिए विभिन्न श्रेणियों के वारहेड ले जा सकती है।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से हुआ परीक्षण
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 5 नवंबर को सुबह करीब 11:10 बजे ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल का परीक्षण किया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने परीक्षण की सफलता की पुष्टि की। यह परीक्षण सेना की उपयोगकर्ता मूल्यांकन प्रक्रिया (User Evaluation Trials) के तहत किया गया।

सेना की ताकत में होगा इजाफा
प्रलय मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया है। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने इसके उत्पादन में अहम भूमिका निभाई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर DRDO, सशस्त्र बलों और उद्योग से जुड़े सभी भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह मिसाइल उभरते खतरों से निपटने के लिए सेना की तकनीकी क्षमता और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करेगी।

प्रलय के सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके सेना में शामिल होने से देश की सामरिक और पारंपरिक मारक क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, ‘दृश्यम 3’ को पछाड़ बनी 2026 की दूसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड ओपनर

0

रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ ने सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन कमाई के कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन करीब 64.85 करोड़ रुपये का कारोबार किया और अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ को पीछे छोड़ते हुए 2026 की दूसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड ओपनर बन गई।

पहले दिन की कमाई ने चौंकाया
5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में लंबे समय से उत्साह था। फिल्म की एडवांस बुकिंग को भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। रिलीज के पहले दिन दर्शकों की अच्छी भीड़ सिनेमाघरों में पहुंची और फिल्म ने 64.85 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया।

‘दृश्यम 3’ का रिकॉर्ड टूटा
2026 में बॉलीवुड की बड़ी ओपनिंग फिल्मों की सूची में अब ‘रामायण’ ने दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इसने अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ के पहले दिन के 62 करोड़ रुपये के हिंदी कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, साल की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड अभी रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के नाम है।

स्टारकास्ट ने बढ़ाया फिल्म का आकर्षण
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वहीं रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। भव्य विजुअल इफेक्ट्स और बड़े बजट के कारण फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में थी।

रणबीर कपूर के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग
‘रामायण’ ने पहले दिन की कमाई के मामले में रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ के ओपनिंग रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ यह उनके करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई है। अब सभी की नजरें फिल्म के पहले वीकेंड के कलेक्शन पर टिकी हैं।

फिल्म की शानदार शुरुआत ने बॉक्स ऑफिस पर नई हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘रामायण’ कमाई के मामले में कितने नए रिकॉर्ड कायम करती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया हेलमेट बैंक का शुभारंभ, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

0

छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हेलमेट बैंक का शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह दुर्घटना की स्थिति में सिर में गंभीर चोट लगने के खतरे को कम करता है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।

आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ED के नए केस में नहीं मिली राहत; अब 16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

0

जमानत याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर; कपिल सिब्बल ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े नए धनशोधन मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सीधे सुनवाई करने के बजाय इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया। अब इस मामले में 16 नवंबर को हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ सुनवाई करेगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह 16 नवंबर को ही आजम खान की अंतरिम राहत यानी जमानत की मांग पर उचित आदेश पारित करे।

जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने किया था गिरफ्तार
आजम खान को 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें एक नए धनशोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण और कथित तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कपिल सिब्बल ने ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल
आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि उनके खिलाफ लगातार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी को दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि जिस घटना का संबंध वर्ष 2006 से बताया जा रहा है, उसमें 2019 में एफआईआर दर्ज की गई।

सिब्बल ने आजम खान की उम्र और उनके खिलाफ दर्ज मामलों का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुराने मामलों के आधार पर इतने वर्षों बाद धनशोधन का मामला कैसे बनाया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि आजम खान की ओर से दी गई दलीलों में कुछ दम हो सकता है, लेकिन अदालत फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहती।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करना उचित होगा। इसके बाद याचिका को हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया।

अब 16 नवंबर को होगा फैसला?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में 16 नवंबर को मामले की सुनवाई होगी। अदालत से उसी दिन आजम खान की अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार कर