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कांकेर में दूध नदी पर बनेगा हाई लेवल पुल, 16.15 करोड़ रुपये मंजूर

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दूध नदी पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए राज्य शासन ने 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। यह पुल कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर बनाया जाएगा।

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने अनावश्यक समय-वृद्धि से बचने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पूरे कार्य की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन और सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।

‘वेलकम’ फेम अभिनेता मुश्ताक खान का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

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हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे और कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे मोहसिन ने दी। करीब दो सप्ताह पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘आशिकी’ और ‘हेरा फेरी’ सहित 500 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘वेलकम’ में बल्लू के किरदार और उनके चर्चित संवाद ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।

परिवार के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने से पहले भी वह शूटिंग कर रहे थे। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अभिनेता का अंतिम संस्कार 25 सितंबर को मुंबई के यारी रोड कब्रिस्तान में किया जा रहा है।

21 साल बाद MP में फिर लौटी सरकारी बस सेवा, 351 बसों से हुआ सुगम परिवहन सेवा का आगाज

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मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था नए स्वरूप में फिर शुरू हो गई है। शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें रवाना की गईं।

पहले चरण में इंदौर को 145, भोपाल को 106 और जबलपुर को 67 बसें मिली हैं। इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें संचालित होंगी। इन बसों के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और बस संचालन की निगरानी के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन, GPS लाइव ट्रैकिंग और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कमांड-कंट्रोल सेंटर से बसों के रूट, लोकेशन और समयबद्धता पर नजर रखी जाएगी।

सरकार ने इस सेवा के विस्तार का बड़ा लक्ष्य भी तय किया है। योजना के तहत 2031 तक करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है, जिससे गांवों को शहरों और प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

सिक्किम में भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन, रिंबी गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त

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सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में गुरुवार देर रात बड़ा भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबा और चट्टानें खिसककर आबादी वाले इलाके में पहुंच गईं, जिससे कई मकान और सरकारी आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ संरचनाओं के पूरी तरह नष्ट होने की भी जानकारी सामने आई है।

भूस्खलन के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लगातार बारिश के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मोदी सरकार के चिंतन शिविर में भविष्य की रणनीति पर चर्चा, सुशासन और विकास पर फोकस

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर 23 सितंबर से नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में शुरू हुआ। 23 और 24 सितंबर को आयोजित इस बैठक में सरकार के मौजूदा कामकाज की समीक्षा के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक सुधारों और विकसित भारत@2047 के रोडमैप पर चर्चा की जा रही है।

चिंतन शिविर के पहले दिन विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, अब तक की प्रगति तथा आने वाले वर्षों की योजनाओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। मंत्रियों के बीच अलग-अलग समूहों में चर्चा हुई और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक सुधारों और प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सुशासन, प्रशासनिक सुधार और सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच जैसे मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। महिलाओं और युवाओं तक कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने तथा जनसेवा की गुणवत्ता बेहतर करने पर भी विचार किया गया।

चिंतन शिविर का प्रारूप सामान्य कैबिनेट बैठक से अलग रखा गया है। मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर विषयवार चर्चा कराई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी विभिन्न समूहों के साथ संवाद किया और उनके विचार एवं सुझाव सुने।

बैठक का दूसरा और अंतिम दिन 24 सितंबर को होगा। इसमें सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक रणनीति पर आगे चर्चा होने की संभावना है।

एशियन गेम्स में भारत की गोल्ड उम्मीद रोशिबिना, वुशु फाइनल में चीन से होगा मुकाबला

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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी की नजर अब स्वर्ण पदक पर है। महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर रोशिबिना ने फाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया।

अब फाइनल में रोशिबिना देवी का सामना चीन की झांग शियाओयू से होगा। यह मुकाबला 24 सितंबर को सुबह 6:10 बजे भारतीय समयानुसार खेला जाना है। रोशिबिना के पास एशियन गेम्स में वुशु का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का मौका है।

रोशिबिना इससे पहले 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में कांस्य और 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में रजत पदक जीत चुकी हैं। फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्होंने लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक सुनिश्चित कर लिया है।

फाइनल मुकाबले को लेकर भारतीय खेल प्रशंसकों की नजरें रोशिबिना पर टिकी हैं। उनके सामने मजबूत चीनी प्रतिद्वंद्वी होगी, लेकिन फाइनल में जीत उन्हें भारतीय वुशु के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिला सकती है।

गणपति विसर्जन को लेकर बढ़ी चहल-पहल, अनंत चतुर्दशी पर विधि-विधान से होगी बप्पा की विदाई

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गणेश उत्सव के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही गणपति विसर्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद उन्हें भावपूर्ण विदाई देंगे। शहरों में गणेश पंडालों के साथ-साथ विसर्जन स्थलों पर भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा के बाद विसर्जन किया जाता है। श्रद्धालु गणपति की आरती कर उन्हें मोदक, लड्डू और अन्य प्रिय भोग अर्पित करते हैं। इसके बाद परिवार एवं भक्तों के साथ गणपति की शोभायात्रा निकालकर उन्हें जल में विसर्जित किया जाता है।

विसर्जन से पहले श्रद्धालु भगवान गणेश से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

प्रशासन और स्थानीय निकायों की ओर से भी विसर्जन को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए कई स्थानों पर कृत्रिम विसर्जन कुंड भी तैयार किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करें और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करें। गणेश उत्सव के समापन के साथ ही भक्त भगवान गणेश को श्रद्धा और उल्लास के साथ विदाई देने की तैयारियों में जुट गए हैं।

सेवा, अनुशासन और जनसहभागिता का संदेश, सिंहस्थ को लेकर स्काउट एंड गाइड की खास संगोष्ठी

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आगामी सिंहस्थ को लेकर सेवा कार्यों की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड की विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा, सहायता और व्यवस्थाओं में स्वयंसेवकों की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने, सेवा शिविरों के संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं में स्वयंसेवकों की भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया गया। स्काउट एंड गाइड के प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के अनुभव और कौशल का उपयोग सेवा कार्यों में प्रभावी ढंग से करने पर भी चर्चा हुई।

संगोष्ठी में श्रद्धालुओं की सुविधा, मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन, प्राथमिक सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में सहयोग जैसे विषयों को महत्वपूर्ण बताया गया। सेवा कार्यों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर सिंहस्थ को केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और जनसहभागिता का व्यापक अवसर बनाने की दिशा में कार्य करने की बात कही गई। भारत स्काउट एंड गाइड से जुड़े पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सिंहस्थ के दौरान पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

संगोष्ठी का उद्देश्य सिंहस्थ की तैयारियों में युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी सेवा तंत्र तैयार करना रहा।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर CM डॉ. यादव का बड़ा संदेश, बोले- आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ और मजबूत करेंगे

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा परंपरा बताते हुए इसके संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, खान-पान और रोगों से बचाव की समग्र दृष्टि भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी मजबूत किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा और इससे जुड़ी सुविधाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ लोगों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की उपयोगिता को आधुनिक संदर्भ में और प्रभावी बनाने के लिए अनुसंधान, नवाचार तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना जरूरी है। युवा पीढ़ी को भारत की इस प्राचीन चिकित्सा विरासत से जोड़ने के प्रयास भी किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी आगे बढ़ाया जाए।

गांव से शहर तक विकास की नई रफ्तार, CM साय बोले- छत्तीसगढ़ को बनाएंगे समृद्ध और आत्मनिर्भर

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में लगातार काम किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ ही अधूरी योजनाओं को पूरा करने और नई परियोजनाओं को जमीन पर उतारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकास की गति और तेज होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक और मानव संसाधन क्षमता का बेहतर उपयोग कर छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों और शहरों के बीच विकास का संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ शहरी क्षेत्रों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के सहयोग और सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा किया जाएगा। सरकार विकास की गति को और तेज करते हुए राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।