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देशभर में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी का पर्व, रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

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देशभर में विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कश्मीर से लेकर बिहार की राजधानी पटना और हरियाणा के पंचकूला तक दशहरे की रौनक देखने को मिली। विभिन्न शहरों में आयोजित रामलीला और रावण दहन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आकर्षक आतिशबाजी, सजे हुए मैदानों और भगवान श्रीराम के जयकारों से माहौल उत्सवमय हो गया।

दशहरा भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

पंचकूला में सबसे ऊंचे रावण के दहन पर नजरें
हरियाणा के पंचकूला में रावण दहन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां सबसे ऊंचे रावण के पुतले के दहन को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ कार्यक्रम में पहुंचे और विजयादशमी के उत्सव का आनंद लिया। रावण दहन के दौरान आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा।

पटना के गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब
बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में भी दशहरे का उत्साह देखने को मिला। यहां आयोजित दशहरा समारोह में लोगों ने रामलीला और रावण दहन का आनंद लिया। मैदान में जुटे लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया। आयोजन को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण रहीं।

कश्मीर में भी दिखी दशहरे की रौनक
कश्मीर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में दशहरे के अवसर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने परंपरागत तरीके से पर्व मनाते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधताओं के बीच विजयादशमी ने लोगों को एकता और सद्भाव का संदेश दिया।

अच्छाई की राह पर चलने का संदेश
विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार, क्रोध और अन्याय को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। देशभर में हुए आयोजनों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म की राह अंततः विजय की ओर ले जाती है।

छत्तीसगढ़ में बनेगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा, 300 हाई पावर इलेक्ट्रिक इंजनों का होगा रखरखाव

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प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा विकसित करने की योजना महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस सुविधा के माध्यम से 300 हाई पावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों का रखरखाव किया जा सकेगा। इससे इलेक्ट्रिक इंजनों की नियमित जांच, तकनीकी देखरेख और रखरखाव संबंधी कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक मेंटेनेंस सुविधा विकसित होने से रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने और इंजनों की तकनीकी स्थिति को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। हाई पावर इलेक्ट्रिक इंजन मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनके लिए बेहतर रखरखाव व्यवस्था उपलब्ध होना रेलवे की परिचालन क्षमता के लिहाज से अहम है।

रेलवे के बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से छत्तीसगढ़ में रेलवे की तकनीकी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की संभावना है। आधुनिक उपकरणों और रखरखाव प्रणालियों के उपयोग से इंजनों की जांच एवं मरम्मत संबंधी कार्य अधिक व्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे। इससे तकनीकी खराबियों की समय पर पहचान करने और इंजनों को परिचालन के लिए तैयार रखने में मदद मिल सकती है।

परियोजना से जुड़ी लागत, निर्माण की समयसीमा, सटीक स्थान और रोजगार सृजन के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60% उत्तर प्रदेश में, कृषि विकास दर बढ़कर 18 प्रतिशत हुई: मुख्यमंत्री योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार और कृषि क्षेत्र में सुधारों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क से मजबूत हुई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में एक्सप्रेसवे और सड़क नेटवर्क के विस्तार को विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही किसानों को अपनी उपज बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल सकती है। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों के विकास से निवेश के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।

कृषि विकास दर में वृद्धि पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि विकास दर बढ़कर 18 प्रतिशत होने का उल्लेख करते हुए कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है और बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी पर निर्भर है। ऐसे में कृषि उत्पादन, सिंचाई सुविधाओं, आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार राज्य के आर्थिक विकास के लिए अहम है।

विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
प्रदेश सरकार का जोर बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर भी है। सड़क नेटवर्क के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों और औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच बेहतर हो सकती है। वहीं, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के इन बयानों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और कृषि विकास दर में वृद्धि को प्रदेश के विकास के प्रमुख पहलुओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी और कृषि विकास दर के 18 प्रतिशत होने के आंकड़ों का आकलन संबंधित आधिकारिक स्रोतों, समयावधि और गणना के आधार पर किया जाना चाहिए।

RBI का बड़ा नियम: बैंक की लापरवाही पर मिल सकता है ₹5,000 प्रतिदिन मुआवजा, जानिए किन मामलों में मिलेगा लाभ

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बैंक से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होने पर ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अलग-अलग बैंकिंग सेवाओं में देरी के लिए निर्धारित समय-सीमा और मुआवजे के नियम बनाए हैं। कुछ मामलों में बैंक की लापरवाही पर ग्राहकों को प्रतिदिन ₹5,000 तक का मुआवजा मिल सकता है। हालांकि, यह राशि सभी बैंक शिकायतों पर लागू नहीं होती; मुआवजे की रकम संबंधित सेवा और RBI के नियमों पर निर्भर करती है।

1. प्रॉपर्टी के कागजात लौटाने में देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन
RBI के 13 सितंबर 2023 के निर्देशों के अनुसार, पर्सनल लोन सहित संबंधित ऋण का पूरा भुगतान या सेटलमेंट होने के बाद बैंक और अन्य विनियमित ऋणदाताओं को 30 दिनों के भीतर मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने और संबंधित रजिस्ट्रेशन से अपना चार्ज हटाने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

यदि देरी ऋणदाता की वजह से होती है, तो उसे देरी का कारण बताना होगा और निर्धारित नियमों के तहत ग्राहक को प्रत्येक दिन के लिए ₹5,000 मुआवजा देना होगा। यह प्रावधान उन मामलों पर लागू है जिनमें दस्तावेज लौटाने की समय-सीमा 1 दिसंबर 2023 या उसके बाद पूरी हुई हो।

यदि मूल दस्तावेज खो जाते हैं या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो ऋणदाता को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कराने का खर्च भी उठाना होता है। ऐसी स्थिति में प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त 30 दिन का समय दिया गया है।

2. क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी पर कितना मुआवजा?
RBI के क्रेडिट कार्ड संबंधी निर्देशों के मुताबिक, बकाया राशि का भुगतान होने पर कार्ड बंद करने का अनुरोध सात कार्यदिवस के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। यदि बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था इस समय-सीमा का पालन नहीं करती, तो उसे ग्राहक को ₹500 प्रति कैलेंडर दिन मुआवजा देना होगा। यह नियम तभी लागू होता है जब कार्ड पर कोई बकाया राशि न हो।

3. बैंक शिकायत का समाधान नहीं कर रहा तो क्या करें?

यदि बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता, तो इन चरणों का पालन करें:

सबसे पहले बैंक के शिकायत निवारण विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।

बैंक से मिले जवाब और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें।

यदि बैंक 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं देता या उसका जवाब संतोषजनक नहीं है, तो पात्र मामलों में RBI के शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।

4. क्या हर शिकायत पर ₹5,000 प्रतिदिन मिलेंगे?
नहीं। ₹5,000 प्रतिदिन का मुआवजा विशेष रूप से ऋण चुकाने के बाद मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने में ऋणदाता की जिम्मेदारी से हुई देरी के लिए निर्धारित है। क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी के लिए मुआवजे की दर अलग है। अन्य सेवाओं में देरी या डिजिटल लेनदेन की समस्या के लिए संबंधित नियम और निर्धारित समय-सीमा देखना जरूरी है।

ग्राहकों के लिए जरूरी बात: बैंक के खिलाफ शिकायत होने मात्र से मुआवजा अपने आप नहीं मिलता। पहले यह जांचें कि आपका मामला संबंधित RBI नियम के दायरे में आता है या नहीं। शिकायत, भुगतान और बैंक के साथ हुए पत्राचार के प्रमाण सुरक्षित रखना आपके दावे को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

विजयादशमी 20 अक्टूबर को करें ये 10 खास उपाय, सरसों और नारियल से लेकर शमी पूजा तक जानें धार्मिक मान्यताएं

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बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की स्मृति में उत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरा नई शुरुआत, साहस और सफलता का प्रतीक है। इस दिन शमी वृक्ष और देवी अपराजिता की पूजा के साथ दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, विजयादशमी पर कुछ पारंपरिक उपाय किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इनसे सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कार्यों में सफलता की कामना की जाती है। हालांकि, इन उपायों के परिणाम की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।

विजयादशमी पर किए जाने वाले 10 पारंपरिक उपाय

1. करियर में सफलता के लिए सरसों का उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, दशहरे पर एक चुटकी पीली या काली सरसों को बहते जल में प्रवाहित करने का विधान बताया गया है। इसे नौकरी और व्यापार में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना से जोड़ा जाता है। जल में कुछ भी प्रवाहित करने से पहले पर्यावरण और स्थानीय नियमों का ध्यान रखें।

2. नौकरी में तरक्की के लिए दान
मान्यता के अनुसार, सिंघाड़े के आटे की रोटियां बनाकर उनके साथ मूली जरूरतमंद व्यक्ति को दान की जा सकती है। इसे करियर में उन्नति और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।

3. आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए
दशहरे पर मंदिर में सरसों के तेल का दान करने की परंपरा बताई गई है। श्रद्धालु इसे आत्मबल और निर्णय क्षमता में वृद्धि की कामना के साथ कर सकते हैं।

4. परिवार में सुख-शांति के लिए
परिवार की खुशहाली की कामना से सफेद चंदन का तिलक लगाने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। इसे आपसी सद्भाव, शांति और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है।

5. मानसिक शांति के लिए
सुबह स्नान के बाद घर के पूजा स्थल पर सुगंधित धूप जलाकर भगवान की आराधना करें। पूजा के दौरान कुछ समय ध्यान और प्रार्थना में बिताना मन को शांत रखने में सहायक हो सकता है।

6. नारियल का दान
हिंदू परंपरा में नारियल को शुभता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। विजयादशमी पर मंदिर में जटा वाला नारियल अर्पित करने की मान्यता है। इसे शुभ कार्यों की शुरुआत और सकारात्मकता की कामना से जोड़ा जाता है।

7. चांदी के हाथी की स्थापना
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, दशहरे पर चांदी का छोटा हाथी खरीदकर घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इसे दृढ़ संकल्प, बुद्धिमत्ता और समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है।

8. सुख-सुविधाओं के लिए दान
दशहरे पर मंदिर में सिंघाड़े का आटा, फल या अन्य उपयोगी सामग्री दान करने की परंपरा बताई गई है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन और आवश्यक वस्तुएं देना भी इस पर्व की भावना के अनुरूप है।

9. चंदन से जुड़ा पारंपरिक उपाय
कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में दशहरे की रात सिरहाने चंदन का टुकड़ा रखकर सुबह उसे मंदिर में दान करने का उल्लेख है। इसे स्मरण शक्ति और बुद्धिमत्ता में वृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है।

10. शमी वृक्ष की पूजा
विजयादशमी पर शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु वृक्ष के सामने दीपक जलाकर, जल अर्पित कर और हाथ जोड़कर सुख-समृद्धि तथा सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं। पेड़ की टहनियां तोड़ने के बजाय वृक्ष की विधिवत पूजा करना बेहतर है।

नीलकंठ पक्षी के दर्शन का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं में विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन को शुभ माना गया है। लोक परंपरा के अनुसार, इसे विजय, सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, पक्षी को देखने के लिए उसे परेशान करना या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

दशहरे पर पूजा के साथ इन बातों का रखें ध्यान
विजयादशमी पर भगवान श्रीराम की पूजा, शमी वृक्ष का पूजन, शस्त्र पूजा और जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा है। इस दिन लोग नए काम की शुरुआत भी शुभ मानते हैं। धार्मिक उपाय श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा हैं; इन्हें निश्चित परिणाम देने वाला उपाय मानने के बजाय आस्था और सकारात्मक संकल्प के रूप में अपनाना चाहिए।

दशहरे का मूल संदेश अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय है। इसलिए इस अवसर पर सत्य, सदाचार, सेवा और आत्मविश्वास को जीवन में अपनाने का संकल्प लेना भी पर्व की सार्थकता बढ़ाता है।

विजयादशमी पर उज्जैन में राजसी वैभव के साथ निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी, शमी वृक्ष और शस्त्रों का होगा पूजन

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धार्मिक नगरी उज्जैन में विजयादशमी के अवसर पर भगवान महाकाल की सवारी इस बार राजसी वैभव और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। मंगलवार, 20 अक्टूबर को निकलने वाली इस विशेष सवारी में धार्मिक परंपराओं, वैदिक मंत्रोच्चार और भारतीय लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। बाबा महाकाल नगर भ्रमण करते हुए शमी वृक्ष के पूजन के लिए दशहरा मैदान पहुंचेंगे।

राजसी ठाठ-बाट के साथ नगर भ्रमण करेंगे बाबा महाकाल
श्री महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को उज्जैन का राजा माना जाता है। विजयादशमी पर उनकी विशेष सवारी निकाली जाती है। इस दौरान भगवान महाकाल चांदी की पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सवारी के मार्ग पर श्रद्धालुओं को धार्मिक उल्लास और पारंपरिक वैभव का अनुभव होगा।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार सवारी को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी की गई है। आयोजन में वेदपाठी बटुकों के मंत्रोच्चार, विभिन्न बैंडों की मधुर धुनों और जनजातीय कलाकारों के पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

200 से अधिक वेदपाठी करेंगे अगवानी
भगवान महाकाल की सवारी के दौरान 200 से अधिक वेदपाठी बटुक वैदिक मंत्रों के साथ अगवानी करेंगे। वहीं, चित्रकार अपनी तूलिका के माध्यम से उज्जयिनी के गौरव और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे। विभिन्न बैंडों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक कलाओं से सवारी का वातावरण भक्तिमय बनेगा।

आयोजन का उद्देश्य उज्जैन की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप में प्रस्तुत करना है।

शमी वृक्ष और शस्त्रों का होगा पूजन
विजयादशमी पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी परंपरा के तहत भगवान महाकाल की सवारी दशहरा मैदान पहुंचेगी, जहां उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह भगवान महाकाल, शमी वृक्ष और शस्त्रों का विधिवत पूजन करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी वृक्ष की पूजा विजय, साहस और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा भी शक्ति, सुरक्षा और कर्तव्य के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

श्रद्धालुओं में उत्साह, परंपरा के होंगे दर्शन
विजयादशमी पर निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी उज्जैन की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस आयोजन में भगवान महाकाल के प्रति आस्था के साथ शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान भी दिखाई देती है। राजसी सवारी, वैदिक मंत्रोच्चार और लोककलाओं की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर धर्म और परंपरा के इस विशेष पर्व के साक्षी बनेंगे।

रायपुर के स्वास्तिक नर्सिंग होम में बड़ा हादसा, ऑपरेशन थिएटर में AC ब्लास्ट के बाद लगी आग; ICU के 12 मरीज सुरक्षित शिफ्ट

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को स्वास्तिक नर्सिंग होम के ऑपरेशन थिएटर में एसी में ब्लास्ट के बाद आग लग गई। जल विहार कॉलोनी रोड स्थित अस्पताल की पहली मंजिल पर हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई। आग और उससे निकले घने धुएं के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।

AC में ब्लास्ट के बाद तेजी से फैली आग
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में लगे एसी में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग भड़क उठी। उस समय ओटी से लगे चेंजिंग रूम में अस्पताल का स्टाफ मौजूद था। कर्मचारियों ने तत्काल अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते आग ने ऑपरेशन टेबल, मेडिकल मशीनों और अन्य उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने दमकल विभाग और एंबुलेंस को सूचना दी। आग से निकला धुआं पहली मंजिल पर फैलने लगा, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर बिजली बंद कर दी गई।

ICU में भर्ती 10 से 12 मरीज दूसरे अस्पताल में शिफ्ट
आग की घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। एहतियात के तौर पर 10 से 12 मरीजों को अस्पताल से निकालकर नजदीकी दूसरे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। घटना के समय ऑपरेशन थिएटर में किसी मरीज का ऑपरेशन नहीं चल रहा था।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, समय रहते मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। इस कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

ऑपरेशन टेबल और मेडिकल मशीनों को भारी नुकसान
आग से ऑपरेशन थिएटर में रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऑपरेशन टेबल, एनेस्थीसिया मशीन, स्टील की ट्रॉलियां, दीवारों पर लगे उपकरण और बिजली के तारों को नुकसान पहुंचा है। ओटी की दीवारों और छत पर कालिख जम गई, जबकि आग चेंजिंग रूम तक भी फैल गई थी।

आग के कारण हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है।

अस्पताल प्रबंधन ने किया फायर NOC वैध होने का दावा
स्वास्तिक नर्सिंग होम के मैनेजर चेतन पाल के अनुसार, अस्पताल की फायर एनओसी वैध है और अग्निशमन प्रणाली चालू हालत में थी। उन्होंने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने में अग्निशमन व्यवस्था से मदद मिली।

प्रारंभिक जानकारी में एसी में ब्लास्ट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
घटना के बाद आग लगने के कारणों और अस्पताल में मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि एसी में तकनीकी खराबी के कारण आग लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

फिलहाल, हादसे में किसी की जान नहीं जाने और आईसीयू के सभी प्रभावित मरीजों को सुरक्षित शिफ्ट किए जाने से राहत मिली है। हालांकि, ऑपरेशन थिएटर में हुए नुकसान से अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी, रूस से तेल खरीद और प्रतिबंधों पर भी की बात

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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को कहा कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस समझौते को पूरा किया जा सकता है। रुबियो के इस बयान से भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंधों को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

ट्रेड डील पर तेजी से आगे बढ़ रही बातचीत
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस समय भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है और बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारिक हितों को मजबूत करना और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना है।

इससे पहले भारत के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से भी संकेत दिया गया था कि समझौते के पहले चरण का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। हालांकि, समझौते पर हस्ताक्षर और इसे लागू करने की औपचारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।

रूस से तेल खरीद और प्रतिबंधों पर भी चर्चा
रुबियो ने रूस से तेल और गैस खरीदने के मामले में प्रतिबंधों से जुड़ी छूट पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अमेरिका को पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों के मामले में छूट देनी पड़ी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश नीति से जुड़े फैसलों में ऊर्जा की उपलब्धता, वैश्विक बाजार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों और रूस से उसके तेल आयात का मुद्दा भी इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

रुबियो के भारत दौरे पर भी नजर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के 20 अक्टूबर से भारत दौरे पर आने की संभावना है। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी मुलाकात और आर्थिक तथा ऊर्जा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अहम मानी जा रही है।

अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि दोनों देश ट्रेड डील को कब अंतिम रूप देते हैं और समझौते की शर्तें भारतीय कारोबारियों, निर्यातकों तथा अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को किस तरह प्रभावित करती हैं।

चार साल बाद टी20 टीम में लौटे भुवी, न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजी संयोजन में बदलाव के संकेत

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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने न्यूजीलैंड दौरे से पहले टीम चयन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। करीब चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे भुवनेश्वर अपनी स्विंग गेंदबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी यह कला टीम
इंडिया के लिए अहम साबित हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की रिपोर्ट के अनुसार, भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उनका पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में था। ऐसे में उनकी वापसी को टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किस खिलाड़ी की हो सकती है छुट्टी?
भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद प्लेइंग इलेवन में तेज गेंदबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ना तय है। अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे गेंदबाजों के बीच टीम संयोजन को लेकर कप्तान और टीम प्रबंधन को फैसला करना होगा। हालांकि, किस खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ेगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि मैच की अंतिम एकादश घोषित होने के बाद ही होगी।

न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भुवी से उम्मीदें
न्यूजीलैंड में नई गेंद से स्विंग मिलने की संभावना भुवनेश्वर कुमार के अनुभव को उपयोगी बना सकती है। वह शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के साथ डेथ ओवरों में भी अपनी गेंदबाजी से योगदान दे सकते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन उनसे प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद करेगा।

अब सबकी नजरें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज पर रहेंगी, जहां भुवनेश्वर की वापसी और भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का संयोजन चर्चा का विषय होगा।

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, कोटा से तीनों शूटर गिरफ्तार

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अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फायरिंग करने के आरोपी तीनों शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी ट्रेन से दिल्ली की ओर जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने के पीछे क्या वजह थी और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।

इस कार्रवाई से मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घटना का पूरा घटनाक्रम, आरोपियों की पहचान और फायरिंग के पीछे की वजह जैसे पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक पुलिस जानकारी के आधार पर की जानी बाकी है।