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मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडिया-एलएसी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 के उद्घाटन सत्र में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा मध्यप्रदेश अब वैश्विक व्यापार जगत में भी अपनी सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तथा लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच बढ़ती परस्पर आर्थिक साझेदारी में मध्यप्रदेश भी अपनी अधिकतम क्षमताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम अवसरों की धरती है। प्रदेश की स्थिर और पारदर्शी नीतियां निवेश और उद्योग फ्रेंडली हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मा इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, डिफेंस सेक्टर, और टेक्नॉलजी के क्षेत्र में हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं। हमारे पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। आज मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा हब बन चुका है। प्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक के सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और अत्याधुनिक रेल व हवाई कनेक्टिविटी ने यातायात को सुगम बना दिया है। अगले 5 सालों में हम 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैटिन-अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश, उत्पादन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आपके साथ एक ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण व्यापार-व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। राज्य में कानून- व्यवस्था की कोई परेशानी नहीं है। यहां औद्योगिक कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश सबको अपनाने वाला राज्य है, जो एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है। मध्यप्रदेश में खुले दिल से निवेश करें, यहां निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच – 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर इस ट्रेड फोरम के उद्घाटन सत्र का विधिवत् आरंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का रिमोट से शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित स्पेशल मैगजीन ‘द बिजनेस टायकून्स’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद एवं जंबो बैग, कृषि आधारित उत्पाद तथा विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की निर्यात क्षमता के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापारिक विनिमय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों में ‘मेड इन इंडिया’ के साथ ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को मिल रहे स्नेह, अपनत्व, विश्वास और दिनों-दिन बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर मालवा को नई पहचान दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदौर प्राचीन काल में भी उन्नत व्यापार और व्यवसाय की सुगमता के कारण बड़ा व्यावसायिक केन्द्र हुआ करता था। पहले यहां सिल्क मार्ग से दुनियाभर में व्यापार होता था। भारत और लैटिन अमेरिका की परंपराओं में नजदीकियां दिखाई पड़ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में से एक है। हम सच्चे अर्थों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति अब ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रही है। अब हम वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भी एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह लैटिन अमेरिका की प्राचीन संस्कृतियों ने मदर अर्थ (Pachamama – पचमामा) को पूजा, वैसे ही हम पंच तत्वों और प्रकृति के कण-कण को पूजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सवों का उल्लास, संगीत, अनुराग, पारिवारिक ताना-बाना और हमारी जनजातीय कलाओं की जीवंतता सबमें बड़ी समानताएं हैं। यह बताते हैं कि हमारे जीवन मूल्य और हमारे संस्कार मूलत: एक हैं, समान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारत अपनी क्षमता, योग्यता और विशेषताओं के साथ दुनियाभर में व्यापार, व्यवसाय और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है।

भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग के इस महान मंच की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। आज हम सिर्फ़ देशों को नहीं, महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रख रहे हैं। यह मंच भारत, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारी, नई संभावनाओं और नए विश्वास का सेतु है। भारत का हरेक राज्य अपनी क्षमताओं और विशेषताओं के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि में तत्पर है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर और पीथमपुर का विशेष ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों ही क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स का ग्लोबल हब बन चुके हैं। यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है। हम क्यूबा के विश्व प्रसिद्ध बायोटेक एवं फार्मा अनुसंधान के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए नवाचार करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। ब्राज़ील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया के साथ मध्यप्रदेश का निरंतर बढ़ता व्यापार हमारे अटूट भरोसे का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फोरम के सदस्य देशों के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि आप सब आजादी के अमृतकाल में मध्यप्रदेश पधारे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश “विकसित भारत-2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। संकल्प को साकार करने में वैश्विक व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर उन्नत स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित और स्वच्छ ऊर्जा, खनन और लॉजिस्टिक्स तक ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां हम मिलकर एक इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें क्रेता-विक्रेता, आयातक-निर्यातक से बढ़कर साझेदार की भूमिका निभानी है। हम संयुक्त उद्यमों की स्थापना करें, उन्नत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करें और परस्पर कौशल विकास तथा निवेश सहयोग को एक नई गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद और मजबूत इंडस्ट्रियल पैकेजिंग (जंबो बैग्स/एफआईबीसी) हमारे निर्यात की प्रमुख रीढ़ हैं। मैक्सिको में चल रहे ‘ऑटो नियरशोरिंग’ के इस दौर में और ब्राज़ील की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा इंदौर आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते आईटी और स्टार्ट-अप हब्स में से एक है। मैक्सिको के आईटी इको सिस्टम, डोमिनिकन गणराज्य के पर्यटन-टेक और इक्वाडोर के उभरते फिनटेक परिदृश्य के लिए हमारे पास कुशल और नवाचारी युवा उपलब्ध हैं, जो आपकी वैश्विक मांगों की पूर्ति करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आपकी भी अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत का फूड बास्केट बन रहा है। कृषि से संबंधित क्षेत्रों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, देश की ताकत बन रहा है। मध्यप्रदेश, अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला की मजबूत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ समन्वय कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा की दिशा में हम वृहद स्तर पर एक प्रयास कर सकते हैं। हमारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र लैटिन-अमेरिकी-कैरेबियन देशों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद और सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा और खनिज संपदा में अग्रणी है। चिली और पेरू के खनिज भंडारों तथा वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र के लिए इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श और भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत सरप्लस राज्य है। हमारी 31 हज़ार मेगावाट से अधिक की उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। देश में सर्वाधिक हीरा, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसी खनिज संपदा और उद्योगों के लिए आरक्षित जल हमारी औद्योगिक रीढ़ को और मज़बूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप इको सिस्टम देश में मिसाल है। हमारे 6 हजार से अधिक स्टार्ट-अप्स में से 45 प्रतिशत से अधिक का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है। हम महिलाओं को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे महिला कार्य बल को बढ़ावा मिल रहा है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई दिशा देते हुए हमने ‘जन विश्वास अधिनियम’ लागू किया है। इसमें 108 पुराने और जटिल नियमों को पूरी तरह समाप्त या पहले से सरल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच में हो रहा मंथन दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगा। इस मंच से निकलने वाले सार्थक सुझावों और अमृत संदेशों को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता, क्षमता और दक्षता के साथ आत्मसात कर धरातल पर उतारेगी, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक व्यापार और निवेश के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

भारत में उरुग्वे के राजदूत एमरिला ने कहा कि ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ में मध्यप्रदेश ने हमें हमेशा से आकर्षित किया है। भारत सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपने लक्ष्यों को हासिल किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया है। उरुग्वे ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए व्यापार और निवेश गतिविधियों को बढ़ाया है। अब तेजी से गुड्स प्रोडेक्ट्स साउथ अमेरिका से भारत पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ शुरूआत है, हमारे बीच व्यापारिक संबंधों का उत्कृष्ट परिणाम आना अभी शेष है। यह आयोजन निश्चित रूप से निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन देगा।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और अपार निवेश संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के लिए व्यापार एवं निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश को ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ भी कहा जाता है। देश के मध्य में होने के कारण यहां से हवाई, रेल और सड़क परिवहन की सुगम व्यवस्था है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में भारत में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में कुल 340 नोटिफाई इंडस्ट्रियल एरिया हैं। औद्योगिक गतिविधियों के लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए कैबिनेट कमेटी गठित की है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 पॉलिसी लागू की हैं। उद्योग और निवेशकों के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी लागू है। देश-दुनिया के निवेशकों और बड़े औद्योगिक समूहों ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों पर भरोसा किया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में हर सेक्टर में निवेश में बड़ी तेजी आयी है।

स्वागत संबोधन में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसीडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका केवल समुद्री तौर पर अलग हैं, लेकिन एक साझा लक्ष्य के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 का मूल उद्देश्य ग्लोबल साउथ को समृद्ध करना और इसकी सम्प्रभुता को भी मजबूत बनाना है। मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक गतिशील राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल, मैन्यूफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सर्विस इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल पार्ट्स सहित अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी विजन से ही मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव सहित आज हो रहा यह आयोजन संभव हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआने एमरिला, पेरू के राजदूत जेवियर मैनुअल पॉलिंच वेलाद्रे, पनामा रिपब्लिक के राजदूत अलोंसो कोरिया मिगुएल, अल-सल्वाडोर के राजदूत गुइलेर्मो रुबियो फुनेस, क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा, ग्वाटेमाला के राजदूत उमर लिसैंड्रो कास्टानेडा सोलारेस, गुयाना के हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) धरमकुमार सीराज, इक्वाडोर के राजदूत थियोडोरो माल्डोनाडो, मुंबई स्थित दूतावास में मेक्सिको के महावाणिज्य दूत एडोल्फो गार्सिया एस्ट्राडा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक, म.प्र. औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवेशक, बिजनेस टायकून्स, उद्योगपति, फोरम के सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

आम की छांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात

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आम की छांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मलमास खत्म होने के बाद फिर गूंजेगी की शहनाई

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मलमास खत्म होने के बाद फिर गूंजेगी की शहनाई
फिलहाल मलमास चल रहा है। यह समय पूजा पाठ और दान करने के लिए तो शुभ माना गया है लेकिन इस समय में मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते। शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ जैसे संस्कार इस समय नहीं किए जाते हैं। 15 जून को अधिकमास समाप्त हो जाएगा इसके बाद शादियों का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो जाएगा।

अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि मलमास के बाद विवाह के मुहूर्त कब से शुरू होंगे तो हम आपके लिए तारीखों की जानकारी लेकर आए हैं। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है और इस समय जप तप, स्नान दान, पूजा पाठ बहुत शुभ माना गया है। चलिए जान लेते हैं कि इसके बाद कब से विवाह के मुहूर्त है।

अधिकमास के बाद जून मुहूर्त
15 जून को मलमास खत्म होने के बाद पहला शुभ मुहूर्त 21 जून का है। इसके बाद 22, 23, 24, 25, 26 और 29 तारीख का मुहूर्त है।
जुलाई के मुहूर्त

जुलाई के महीने में भी विवाह के शुभ मुहूर्त मौजूद है। 11 तारीख और 12 तारीख को किया जा सकता है। चातुर्मास 25 जुलाई 2026 से शुरू होगा इसके पहले विवाह के मुहूर्त मौजूद है। दरअसल चातुर्मास शुरू होने से पहले 22 जुलाई को भड़ली नवमी आएगी। इस दिन को शादी विवाह के लिए आखिरी अबूझ मुहूर्त माना जाता है लेकिन इस दिन गुरु तारा अस्त रहेगा इसलिए विवाह नहीं होंगे।
चातुर्मास का महत्व

चातुर्मास की बात करें तो इसकी शुरुआत देवशयनी एकादशी से हो जाती है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि वह भगवान शिव को सृष्टि का सारा भार सौंप कर पाताल में राजा बलि के यहां विश्राम करने के लिए जाते हैं। इन चार महीना में किसी भी तरह का शुभ और मांगलिक काम वर्जित होता है। इस दौरान उपवास और पूजा पाठ किए जाते हैं लेकिन शादी विवाह और मुंडन जैसे संस्कार नहीं होते। दीपावली के समय जब देव उठानी एकादशी आती है उसके बाद मांगलिक काम शुरू होते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अभिन्न है। अनियंत्रित वृक्ष कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरक और भावनात्मक पहल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों से साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। राज्य सरकार और वन विभाग के सतत प्रयासों से वन क्षेत्र का संरक्षण और विस्तार निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, खेत, आंगन और मेड़ों में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी रक्षा करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजा जाना प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था और संरक्षण की भावना का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्म सम्मानित व्यक्तित्व पंडी राम मंडावी, जागेश्वर यादव तथा डॉ. रामचंद्र गोडबोले का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाजसेवा, समर्पण और जनहित का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों—‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’—का विमोचन भी किया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सु चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, विधायक मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों ने प्रदेश का नाम किया रोशन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों ने प्रदेश का नाम किया रोशन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

श्रमिकों के बच्चे अब केवल श्रमिक नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक बनेंगे : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 22 मेधावी विद्यार्थियों को दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि

28 हजार 754 श्रमिक परिवारों को 7.79 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित
रायपुर।श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और परिश्रम से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 तथा कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि आज जिन श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कभी भी स्वयं को किसी से कम न समझें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर उच्चतम शिखरों तक पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी तथा देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया तथा उपस्थित हितग्राहियों से कहा कि वे उन श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं जो अभी इन सुविधाओं से वंचित हैं।

अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान केंद्र सरकार में दायित्व निभाते समय उन्हें श्रम मंत्रालय के कार्यों को निकट से देखने तथा श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के कारण श्रमिकों को भविष्य निधि (पीएफ) राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सल पीएफ नंबर की व्यवस्था लागू की गई, जिससे अब एक ही पीएफ नंबर श्रमिक के पूरे कार्यकाल से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।यह राशि निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न श्रमिक हितैषी योजनाओं के तहत प्रदान की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मंडल द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए भी विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिला है और वे इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग अपने आंगन, खेत-खलिहान, मेढ़ अथवा उपलब्ध स्थानों पर पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण के इस अभियान को जनांदोलन का स्वरूप दें।

इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रमिक तथा उनके परिवारजन उपस्थित थे।

बागी ऋतव्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के खिलाफ जाएंगी हाई कोर्ट

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बागी ऋतव्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के खिलाफ जाएंगी हाई कोर्ट
तृणमूल कांग्रेस की अहम बैठक में ममता बनर्जी ने कई बड़े फैसले लिए है। उन्होंने एक बार फिर से अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भरोसा जताते हुए पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है। वहीं ममता बनर्जी टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहेगी। टीएमसी पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस द्वारा ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने के फैसले के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने जा रही है और इस कदम को अवैध बता रही है।

सोमवार को हाई कोर्ट में दायर हो सकती है याचिका
स्पीकर के फैसले को चुनौती देने का निर्णय टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की अध्यक्षता में कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास पर हुई बैठक में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी सोमवार को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकती है।

टीएमसी ने स्पीकर द्वारा नियुक्त विपक्ष नेता को बताया अवैध
बैठक समाप्त होने के कुछ ही समय बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हमने फैसला किया है कि स्पीकर द्वारा नियुक्त विपक्ष के नेता को अवैध घोषित किया गया है। हम उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि संकटग्रस्त पार्टी भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी, जिस पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर रही है और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रही है।

अभिषेक का पद कायम
ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा है, जबकि वह टीएमसी अध्यक्ष बनी रहेंगी। वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन संयुक्त सचिव के रूप में डायमंड हार्बर सांसद की सहायता करेंगे।

राम चरण और जान्हवी कपूर की फिल्म ‘पेद्दी’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार

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राम चरण और जान्हवी कपूर की फिल्म ‘पेद्दी’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार
राम चरण और जान्हवी कपूर इन दिनों फिल्म ‘पेद्दी’ की रिलीज को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म को 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया और ये थिएटर में रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी छा गई. इसमें राम चरण के कैरेक्टर की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं. साथ ही जान्हवी कपूर के साथ उनकी केमिस्ट्री को सराहा जा रहा है. फिल्म ने पहले दिन 51 करोड़ का बेहतरीन कलेक्शन किया और वर्ल्डवाइड भी झंडे गाड़ दिए. चलिए बताते हैं फिल्म की दूसरे दिन की कमाई.

‘पेद्दी’ का दूसरे दिन का कलेक्शन
राम चरण और जान्हवी कपूर की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया और इसी के साथ ही ये 2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन चुकी है. सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पेड प्रीव्यूज में 18.50 करोड़ और पहले दिन 51 करोड़ का बिजनेस किया, जिसके बाद इसका कुल इंडिया नेट कलेक्शन 69.50 करोड़ तक हो गया था. अब फिल्म दूसरे दिन भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है.

– फिल्म ने दूसरे दिन यानी कि शाम साढ़े 6 बजे तक 15.51 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. हालांकि, फाइनल आंकड़े रात 10.30 बजे तक आएंगे.
– इसके साथ ही दूसरे दिन इसके लिए 29.8% ऑक्यूपेंसी भी दर्ज की गई है.
– फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 85.01 करोड़ हो चुका है.

‘पेद्दी’ का हिंदी समेत अन्य भाषाओं में कलेक्शन
इसके साथ ही फिल्म ‘पेद्दी’ के हिंदी समेत अन्य भाषाओं के कलेक्शन के बारे में बात की जाए तो सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दो दिनों में तेलुगु में सबसे ज्यादा बिजनेस किया है. फिल्म ने तेलुगु में 79.91 करोड़, हिंदी में 4.09 करोड़, कन्नड़ में 0.35 करोड़, मलयालम में 0.10 करोड़ और तमिल में 0.56 करोड़ का बिजनेस कर लिया है.

अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की लगी झड़ी

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अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की लगी झड़ी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद पार्टी को शुक्रवार (5 जून, 2026) को एक और बड़ा झटका लगा है. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष कारू नागराजन और स्टेट सेक्रेटरी सुमति वेंकटेश ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है.

वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु भाजपा उपाध्यक्ष कारू नागराजन और सचिव सुमति वेंकटेश के साथ-साथ कम से कम पार्टी के 14 अन्य अधिकारियों ने भी अपना इस्तीफा सौंपा है. यह घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु इकाई के भीतर गहरे होते राजनीतिक संकट की ओर इशारा करता है.

भाजपा छोड़ने के बाद बोले कारू नागराजन
भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कारू नागराजन ने पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के नए राजनीतिक मूवमेंट में साथ देने की इच्छा जाहिर की है. नागराजन ने कहा कि अन्नामलाई न सिर्फ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की, बल्कि किसी की भी गलतियों को उजागर करने में कभी भी हिचकिचाते नहीं थे. उन्होंने के. अन्नामलाई की तारीफ करते हुए कहा कि वे बहुत बहादूर हैं और कई क्षेत्रों के बारे में गहरी समझ रखते हैं, जो उन्हें एक सशक्त और सक्षम नेता बनाती है.

सुमति वेंकटेश ने एक्स पर में की इस्तीफे की घोषणा
वहीं, तमिलनाडु भाजपा की स्टेट सचिव सुमति वेंकटेश ने शुक्रवार (5 जून, 2026) की शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अपने इस्तीफे की घोषणा की है. उन्होंने X पोस्ट में कहा, ‘मैं बहुत भारी मन के साथ पार्टी के पद से अपना इस्तीफा दे रही हूं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर रही हूं.’

केरल पहुंचा मानसून! IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

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केरल पहुंचा मानसून! IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
देशभर में लोग जिस मानसून का इंतजार कर रहे थे, वह आखिरकार केरल पहुंच गया है. हालांकि इस बार मानसून के आने को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे. आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, जबकि इस बार मौसम विभाग ने इसके 26 मई को ही पहुंचने की संभावना जताई थी. लेकिन मानसून न तो तय समय से पहले पहुंचा और न ही 1 जून को. आखिरकार 4 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दी, जिसके बाद केरल समेत दक्षिण भारत के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई है.

मौसम विभाग के अनुसार अब मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 5 जून तक यह कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा के कुछ हिस्सों में भी पहुंच गया है. आने वाले दिनों में यह और आगे बढ़ेगा तथा उत्तर भारत के राज्यों तक पहुंचेगा. मौसम विभाग ने बताया है कि अगले सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अगले दो से तीन दिनों में मानसून मध्य अरब सागर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंच सकता है.

नॉर्थ ईस्ट में कब होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 11 जून के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में व्यापक बारिश होने की संभावना है. वहीं 6 से 11 जून तक नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. 5 से 7 जून के दौरान असम और मेघालय में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा 5 से 8 जून तक नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश जारी रह सकती है.

दक्षिण भारत में कब होगी बारिश?
दक्षिण भारत की बात करें तो 5 से 11 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. 6 से 11 जून के बीच उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में और 5 जून तथा 8 से 11 जून तक दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बारिश हो सकती है.

दक्षिण के कई राज्यों में बिजली गिरने की आशंका
इसके अलावा 5 से 11 जून के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 7 जून के बीच तथा 8 से 11 जून के दौरान भी भारी बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 6 से 7 जून और 10 से 11 जून तक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. लक्षद्वीप में 5 से 7 जून तक और कर्नाटक के कई हिस्सों में 5 से 11 जून तक भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं.

उत्तर भारत में बदलने वाला है मौसम
उत्तर भारत में भी मौसम बदलने वाला है. 5 और 6 जून के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश हो सकती है. 5 जून को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा 5 से 7 जून और 11 जून तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 से 6 जून और 11 जून को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 6 जून और 10 से 11 जून तक बारिश की संभावना है. राजस्थान में भी मौसम बदलने वाला है. पश्चिमी राजस्थान में 5 से 7 जून और पूर्वी राजस्थान में 5 से 11 जून तक बारिश होने का अनुमान है. वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 11 जून तक बारिश जारी रह सकती है. कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है.

भारत ने पलटा हारा हुआ मैच, पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई

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भारत ने पलटा हारा हुआ मैच, पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई
भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को अंडर-18 पुरुष एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। आखिरी क्वार्टर तक 2-3 से पीछे चल रही भारत टीम ने मैच के आखिरी मिनटों में अटैकिंग खेल दिखाते हुए 3 गोल मारे और जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई।

दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर
मैच की शुरुआत में दोनों टीमें एक दूसरे को कड़ी टक्कर देती नजर आईं। भारत ने 12वें मिनट में अपनी लय पकड़ी जब अपने हाफ से एक शानदार रन ने पाकिस्तान को डिफेंस में गलती करने पर मजबूर कर दिया। इससे भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। फॉरवर्ड आशीष तानी पूर्ति (12) ने आगे बढ़कर इसे गोल में बदलकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। पहले क्वार्टर तक टीम इंडिया 1-0 से आगे रही।

पाकिस्तान ने बनाई बढ़त
पाकिस्तान ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया और 16वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर जीता। भारतीय गोलकीपर आयुष रजक और डिफेंडर अंश बहुता ने मिलकर अहमद उजैर के एक दमदार ड्रैगफ्लिक को पूरी तरह से बचाया। पाकिस्तान ने दबाव बनाए रखा और 27वें मिनट में अपना पहला गोल किया। पाकिस्तान के लिए ये गोल अदील ने किया था।

भारत ने 35वें मिनट में वापसी की
तीसरे क्वार्टर में दोनों तरफ से जबरदस्त एक्शन देखने को मिला। भारत ने 35वें मिनट में बढ़त हासिल की जब शाहरुख अली (35’) ने तेज पासिंग का फायदा उठाया और गेंद को नेट में डाल दिया। हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही क्योंकि पाकिस्तान ने दो मिनट बाद ही 37वें मिनट में मुहम्मद फरहान असलम के फील्ड गोल से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान को 42वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे उजैर अहमद कुरैशी ने गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ पाकिस्तान की बढ़त तीसरे क्वार्टर के आखिर में 2-3 हो गई।

भारत ने आखिरी क्वार्टर में जबरदस्त हमला किया। 46वें मिनट में पाकिस्तान के मुजम्मिल सईद को ग्रीन कार्ड मिला और भारत को तुरंत लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। आशीष तानी पूर्ति (49’) ने दूसरे पेनल्टी कॉर्नर से शानदार ड्रैगफ्लिक मारकर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया।