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ट्रंप का ऐलान- ईरान के साथ आज होंगे डील पर साइन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौते (पीस डील) पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने भी कहा है कि समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है और अगले 24 घंटे के भीतर इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं और जैसे ही यह डील साइन होगी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खोल दिया जाएगा.”

ईरान ने ट्रंप के दावे पर जताई असहमति
ट्रंप के इस दावे के कुछ ही घंटे बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अलग रुख अपनाया. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे. ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार इस्माइल बाघेई ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया जारी है, लेकिन दूसरे पक्ष की विसंगतियों के कारण तत्काल किसी समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने दोहराया कि रविवार को समझौता नहीं होगा, हालांकि आने वाले दिनों में प्रगति संभव है.

पाकिस्तान ने कहा- 24 घंटे में हो सकता है समझौता
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अगले 24 घंटे में हस्ताक्षर हो सकते हैं. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

ईरानी विदेश मंत्री ने भी जताई थी उम्मीद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा था कि समझौते पर “आने वाले दिनों” में हस्ताक्षर हो सकते हैं. वहीं एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने भी कहा था कि समझौता होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है सबसे बड़ा मुद्दा
समझौते की दिशा में बढ़ती उम्मीदों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर तनाव का केंद्र बना हुआ है. पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला है.

पहले भी कई बार डील का दावा, लेकिन नहीं निकला नतीजा
अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद दीर्घकालिक शांति समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. हालांकि अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है. ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि समझौता बेहद करीब है, लेकिन हर बार बातचीत आगे खिंचती चली गई.

इस सप्ताह फिर बढ़ा था सैन्य तनाव
इस सप्ताह अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया था. दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले हुए, जिससे पूर्ण युद्ध की आशंका गहरा गई थी. अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई. इसके कारण फारस की खाड़ी से तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई. हालांकि 7 अप्रैल से एक नाजुक युद्धविराम लागू है.

इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’

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इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन के बीच मेघदूत उपवन शनिवार को हरित विकास और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रतीक बन गया। यहां विशेष रूप से विकसित की गई ब्रिक्स वाटिका में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न देशों से आए कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने फलदार और औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे ब्रिक्स वाटिका वैश्विक मित्रता की मिसाल बन गई।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल
ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह की पांच दिनी बैठक के आखरी दिन शनिवार को मेघदूत उपवन में ब्रिक्स वाटिका में ब्रिक्स देशों और आमंत्रित सदस्य देशों के प्रतिनिधियों द्वारा 21 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल माना गया। इस विशेष वाटिका में कुल 51 फलदार पौधे लगाने की योजना है।

पौधा रोपण वाले स्थान के पास मेघदूत उपवन में ब्रिक्स इंडिया अंकित आकर्षक आइलैंड बनाया गया है। पौधा रोपण वाले स्थान पर वही गुलाबी उद्यान और विभिन्न विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज के बोर्ड इस वाटिका का विशेष आकर्षण रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाए
ब्रिक्स देशों ने अपनी पहचान के अनुरूप अलग-अलग पौधे लगाए। भारत ने आम और मोसंबी, ब्राजील ने कमरख, चीन ने नींबू, दक्षिण अफ्रीका ने बेलपत्र, मिस्र ने जामुन, ईरान ने लुच्ची, सऊदी अरब ने नीम, इंडोनेशिया ने अमरूद, यूएई ने कटहल तथा इथियोपिया ने पारिजात का पौधा लगाया।

वहीं आमंत्रित देशों में बेलारूस ने लाल आंवला, बोलीविया ने जमरूल, क्यूबा ने पीपल, मलेशिया ने अनार, थाईलैंड ने करौंदा, वियतनाम ने सिंदूर, उज्बेकिस्तान ने बरगद, युगांडा ने रुद्राक्ष, नाइजीरिया ने पीनट बटर फ्रूट तथा कजाकिस्तान ने पारिजात का पौधा रोपा।

कृषि मंत्री का दिखा सहज अंदाज
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सहज अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने उपवन में कार्यरत सफाईकर्मी और उद्यान की महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाई। लौटते समय दूर खड़ी महिलाओं और बच्चों को पास बुलाकर उनके साथ भी सेल्फी ली, जिससे माहौल आत्मीयता से भर गया।

इन 3 राशियों को मिलने जा रही है साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति

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इन 3 राशियों को मिलने जा रही है साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति
ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़े साती और ढैय्या को कड़े संघर्षों और परीक्षाओं का समय माना जाता है। लेकिन एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष चंद्रेश शर्मा के मुताबिक, ग्रहों का राशि परिवर्तन कुछ भाग्यशाली राशियों के लिए इन सभी परेशानियों के अंत और एक नई शुरुआत का शुभ संकेत दे रहा है।

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, शनि की साढ़े साती और ढैय्या का अंत जीवन में चल रहे कड़े संघर्षों, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों की समाप्ति का संकेत है।

ग्रहों के इस राशि परिवर्तन से प्रभावित जातकों को अटके हुए कार्यों में सफलता, समाज में मान-सम्मान और मानसिक शांति मिलती है। यह समय संभलने और नई शुरुआत का होता है।

साल 2027 में न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव मंगल की राशि मेष में गोचर करने जा रहे हैं, जिससे वर्तमान समय में शनि के प्रभाव झेल रही कुछ राशियों को छुटकारा मिल जाएगा। आइए जानते हैं कि शनि गोचर कब होगा, किन राशियों को शनि की ढैय्या और महादशा से मुक्ति मिलने वाली है।

वर्तमान स्थिति और मुक्ति का समय
वर्तमान समय में कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा है। इसके साथ ही, धनु राशि पर शनि की ढैय्या (कंटक शनि) तथा सिंह राशि पर अष्टम शनि की ढैय्या चल रही है।

आने वाले समय में जब शनि देव का मेष राशि में गोचर होगा, तब निम्नलिखित राशियों को इस कड़े प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कुंभ राशि

शनि के गोचर बदलते ही कुंभ राशि के जातकों की साढ़े साती समाप्त हो जाएगी।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को कंटक शनि की ढैय्या से राहत मिलेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों पर चल रही अष्टम शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी।

इन राशियों पर से शनि का भारी प्रभाव हटते ही जीवन में सकारात्मक बदलाव आने शुरू होते हैं। करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य में सुधार आता है और लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।

मेष राशि में शनि का गोचर कब?
न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव साल 2027 में मेष राशि में गोचर करेंगे। मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी है। मंगल और शनि के योग से कई राशियों के जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मेष राशि के जातकों को अपने प्रमुख इष्ट देवता, भगवान हनुमान, भगवान कार्तिकेय और सूर्य देव की खासतौर पर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यह सभी देवता मेष राशि के जातकों को सुरक्षा करते हैं।

शनि से जुड़े सरल उपाय
जिन भी की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही है, तो उन्हें काले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके अलावा हनुमान चालीसा का नियमित पाठ राहु, केतु और शनि के नेगेटिव इफेक्ट्स को कम करने में मदद करता है।

रहमानुल्लाह गुरबाज की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, मात्र 48 गेंद पर ठोका शतक

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रहमानुल्लाह गुरबाज की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, मात्र 48 गेंद पर ठोका शतक
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुक़ाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम (HPCA) में खेला जा रहा है। इस मुक़ाबले में अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 48 गेंद पर शतक जड़ दिया है।

गुरबाज ने जड़ा 9वां वनडे शतक
रहमानुल्लाह गुरबाज 51 गेंदों में आठ चौके और आठ छक्के की मदद से 102 रनों की पारी खेली। यह गुरबाज के वनडे करियर का 9वां शतक है। वहीं बतौर विकेटकीपर यह उनका सातवां शतक है। उनसे पहले सिर्फ़ दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक ने 25 साल की उम्र से 13 शतक लगाए थे।

अफ़गानिस्तान के लिए सबसे तेज़ वनडे शतक
48 – रहमानुल्लाह गुरबाज़ vs भारत, धर्मशाला, 2026
72 – मोहम्मद शहज़ाद vs स्कॉटलैंड, एलोवे, 2010
72 – करीम सादिक vs नीदरलैंड, शारजाह, 2012
85 – नवरोज़ मंगल vs स्कॉटलैंड, शारजाह, 2013
85 – मोहम्मद शहज़ाद vs आयरलैंड, बेलफ़ास्ट, 2019

अफगानिस्तान के लिए सबसे तेज शतक
यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में अफगानिस्तान के लिए बनाया गया सबसे तेज शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 72 गेंद पर दो खिलाड़ियों के नाम था। विकेटकीपर मोहम्मद शहजाद ने 2010 में स्कॉटलैंड के खिलाफ और करीम सादिक ने 2012 में नीदरलैंड्स के खिलाफ 72 गेंदों पर शतक जड़कर यह उपलब्धि हासिल की थी।

भारत के खिलाफ दूसरा सबसे तेज शतक
यह भारत के खिलाफ किसी भी बल्लेबाज द्वारा वनडे क्रिकेट में बनाया गया दूसरा सबसे तेज शतक है। इस लिस्ट में टॉप पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी हैं। अफरीदी ने कानपुर में 2005 में मात्र 45 गेंदों में शतक जड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। वहीं 57 गेंदों में तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाया है। ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉकनर (बेंगलुरु, 2013), दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (मुंबई, 2015) और न्यूज़ीलैंड के माइकल ब्रेसवेल (हैदराबाद, 2023) ने भारत के खिलाफ ऐसा किया है।

भारत के खिलाफ सबसे तेज़ वनडे शतक
45 – शाहिद अफरीदी (PAK), कानपुर, 2005
48 – रहमानुल्लाह गुरबाज़ (AFG), धर्मशाला, 2026
57 – जेम्स फॉकनर (AUS), बेंगलुरु, 2013
57 – एबी डी विलियर्स (SA), मुंबई WS, 2015
57 – माइकल ब्रेसवेल (NZ), हैदराबाद, 2023

‘है जवानी तो इश्क होना है’ ने ‘भारत भाग्य विधाता’ को पछाड़ा

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‘है जवानी तो इश्क होना है’ ने ‘भारत भाग्य विधाता’ को पछाड़ा
कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को जैसा सोशल मीडिया और क्रिटिक्स का रिस्पांस मिला वैसा ये बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. फिल्म ने ओपनिंग डे पर ही सिमटती नजर आई. इसकी धीमी कमाई को देखते हुए एक के साथ एक फ्री टिकट का ऑफर दिया, जिसका असर भी देखने के लिए मिला लेकिन, ये ‘है जवानी तो इश्क होना है’ को नहीं पछाड़ पाई. चलिए बताते हैं किसन कितनी कमाई की.

‘भारत भाग्य विधाता’ का डे 2 कलेक्शन
कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ बॉक्स ऑफिस पर खास कमाई नहीं कर पा रही है, जिसे देखते हुए मेकर्स ने एक के साथ एक फ्री टिकट के ऑफर का ऐलान किया, जिसका इसे दूसरे दिन फायदा मिलता दिखा. सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन 1 करोड़ का बिजनेस किया था.
– वहीं, दूसरे दिन फिल्म ने साढ़े 8 बजे तक 1.21 करोड़ का कलेक्शन किया था.
– इसके बाद फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 2.21 करोड़ कर चुकी है.

‘है जवानी तो इश्क होना है’ डे 9 कलेक्शन
वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और मौनी रॉय स्टारर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ है लगातार कमाई कर रही है. फिल्म शनिवार को भी कंगना की फिल्म से अच्छा परफॉर्म कर रही है. सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने पहले हफ्ते 36.85 करोड़ का बिजनेस किया था. फिल्म ने 8वें दिन 1.85 करोड़ का कलेक्शन किया था.
– वहीं सैकनिल्क के अनुसार, मूवी ने 9वें दिन साढ़े 8 बजे तक 1.53 करोड़ का बिजनेस किया.
– फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 40.23 करोड़ की कमाई कर ली.

G-7 समिट के दौरान फ्रांस में डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे PM मोदी

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G-7 समिट के दौरान फ्रांस में डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे PM मोदी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में आयोजित होने वाली जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं. अमेरिकी व्हाइट हाउस ने इस बात की जानकारी साझा की है. इसके साथ ही, एक अमेरिकी अधिकारी ने यह भी बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार (16 जून, 2026) को G7 समिट के दौरान कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मिस्र के नेताओं के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इसमें शामिल होने की उम्मीद नहीं है.

टकराव के बाद ममता बनर्जी से मिले कल्याण और अभिषेक बनर्जी

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टकराव के बाद ममता बनर्जी से मिले कल्याण और अभिषेक बनर्जी
टीएमसी में बगावत के बाद परिस्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ममता बनर्जी से पार्टी पर आए संकट के बारे में बातचीत की। आपको बता दें कि कल्याण और अभिषेक बनर्जी के बीच विवाद पैदा हो गया था। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया था कि अभिषेक ने उनके साथ बदतमीजी की। वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो नए मामले पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। पहली शिकायत दार्जिलिंग और दूसरी शिकायत दक्षिण 24 परगना जिले में दर्ज की गई है।

अभिषेक और कल्याण के बीच क्या था विवाद?
तृणमूल कांग्रेस में अभिषेक बनर्जी और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के बीच विवाद तब सामने आया जब कल्याण बनर्जी ने अभिषेक की कार्यशैली को ‘अहंकारी’ बताते हुए खुली नाराजगी जताई। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को उनके और अभिषेक में से किसी एक को चुनना होगा। विवाद की वजह अभिषेक से जुड़े एक कानूनी मामले में वकील बदला जाना है। हालांकि बाद में अभिषेक ने कल्याण को अपना वरिष्ठ बताते हुए उनके प्रति सम्मान जताया। साथ ही कल्याण बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी को अपने बेटे जैसा बताया।

अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुई 2 नई शिकायत
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार को उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के दो अलग-अलग जिलों में शिकायतें दर्ज की गईं। सिलीगुड़ी साइबर थाने में एक कारोबारी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके कुछ भाषण चुनाव बाद हिंसा को बढ़ावा देने वाले थे। वहीं, दक्षिण 24 परगना के बिष्णुपुर थाने में भाजपा नेता अविजीत दास ने अम्फान राहत वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। इस बीच अभिषेक को 14 से 16 जून तक विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होना होगा।

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी के मामले में योगी सरकार ने दो हफ्ते में मांगी फाइनल रिपोर्ट

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राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी के मामले में योगी सरकार ने दो हफ्ते में मांगी फाइनल रिपोर्ट
राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी होने के प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शरण में है। ट्रस्ट ने चढ़ावा की धनराशि की बड़ी चोरी का पर्दाफाश करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया है।

ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज आईपीएस किरन एस व विशेष सचिव वित्त आईएएस नील रतन को शामिल किया गया है। एसआइटी को सात दिन में अंतरिम रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

चढ़ावा चोरी लगातार बढ़ते आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के करोड़ों रुपये की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय में पत्र भेजकर चोरी के दावे की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से कराने का अनुरोध किया है।

राम मंदिर में दान पात्रों में दान की गई धनराशि चोरी मामले में लगातार हो रही फजीहत के बाद ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे के रुपये की चोरी को लेकर रोज हो रहे नए प्रकरण पर अब विराम लगाने के क्रम में यह कदम उठाया है। इससे पहले ट्रस्ट की ओर से आंतरिक जांच और आडिट की बात कही जा रही थी।

ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि दान पात्रों में धनराशि की चोरी से जुड़ी तमाम अफवाहों और दावों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए। ट्रस्ट का कहना है कि एक उच्च स्तरीय एसआईटी जांच से न केवल इस पूरे प्रोपेगैंडा के पीछे छिपे चेहरों का पर्दाफाश होगा, बल्कि देश की जनता के सामने यह सच भी आ जाएगा कि राम मंदिर में चढ़ावे की एक-एक पाई पूरी तरह सुरक्षित और पूरी पारदर्शिता के साथ बैंक खातों में जमा की जाती है। ट्रस्ट का मानना है कि यह श्रीराम मंदिर की छवि और करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने की एक गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) विशेष जांच दल है। यह पुलिस या कानून प्रवर्तन अधिकारियों की एक विशेष और पेशेवर टीम होती है। जिसे किसी अत्यंत गंभीर, जटिल या संवेदनशील आपराधिक मामले की गहराई से जांच करने के लिए गठित किया जाता है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, एडीजी ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ का भीम – चिंताराम” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।