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चातुर्मास के साथ मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम

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देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु 119 दिनों के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान 25 जुलाई से 20 नवंबर (देवप्रबोधिनी एकादशी) तक चातुर्मास रहेगा और विवाह सहित कई मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस अवसर पर देशभर के विष्णु और विठ्ठल मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और शयन आरती का आयोजन किया जाएगा।

देवशयनी एकादशी का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान शिव संभालते हैं। चातुर्मास समाप्त होने पर देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जागृत होते हैं।

इसी अवधि में श्रावण मास, रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, श्राद्ध पक्ष, शारदीय नवरात्र, शरद पूर्णिमा और दीपावली जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं।

मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
देवशयनी एकादशी पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से भगवान विष्णु का अभिषेक और विशेष पूजन किया जाएगा। शाम को शयन आरती के साथ भगवान को योगनिद्रा के लिए शयन कराया जाएगा। चातुर्मास के दौरान कई स्थानों पर धार्मिक प्रवचन, कथा, भजन-कीर्तन और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।

इंदौर में निकलेगी दिंडी यात्रा
देवशयनी एकादशी के अवसर पर इंदौर में सर्व मराठी भाषी संघ की ओर से पारंपरिक दिंडी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शाम 5:30 बजे राजवाड़ा से शुरू होकर ऐतिहासिक पंढरीनाथ मंदिर पहुंचेगी। इसमें श्रद्धालु भगवा ध्वज, पारंपरिक मराठी वेशभूषा, टाल-मृदंग, संतों के अभंग और सिर पर तुलसी वृंदावन धारण कर शामिल होंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 300 किलोग्राम खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।

पंढरीनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
इंदौर का होलकरकालीन पंढरीनाथ मंदिर शहर की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में शामिल है। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, इसका निर्माण 1811 से 1833 के बीच महाराजा मल्हारराव होलकर द्वितीय के शासनकाल में कराया गया था। मंदिर में स्वयंभू काले पत्थर की भगवान विठ्ठल की प्रतिमा विराजमान है, जो मराठा-नागर स्थापत्य शैली का सुंदर उदाहरण मानी जाती है।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनेंगे चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट – CM मोहन यादव

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए राज्य के चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए बेहतर मौके बनाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री की कल की घोषणा के बाद आज एमपी में ऐलान
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर राज्य के फैसले के बारे में बताते हुए मोहन यादव ने कहा, प्रधानमंत्री की कल की फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बाद हमारे राज्य ने उनके आदेश को लागू करते हुए आज चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है, ताकि सभी तरह के मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा सके।

युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे
मोहन यादव ने कहा, हम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने जा रहे हैं। जहां हम युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे। युवाओं के लिए हमारी सरकार जितना काम कर रही है, उतना कोई और नहीं कर रहा है। हम सभी चाहते हैं कि युवाओं को रोजगार के मौके मिलें।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों और अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दिया

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केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। रवनीत सिंह बिट्टू केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं।

क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा किसी राजनीतिक विवाद की वजह से नहीं बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत हुआ है। वह राज्यसभा सदस्य बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल हुए थे। जून 2026 में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया गया। ऐसे में संसद की सदस्यता समाप्त होने के बाद उनका मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं था।

क्या कहता है संविधान?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति और इस्तीफा स्वीकार करते हैं। वहीं, संविधान के प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि संसद का सदस्य नहीं है तो वह अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है। इसके बाद उसे या तो संसद का सदस्य बनना होता है या मंत्री पद छोड़ना पड़ता है। इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार किया गया।

2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री
रवनीत सिंह बिट्टू 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचे और केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बने।

अब पंजाब की राजनीति पर रहेगा फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्री पद से मुक्त होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू अब पंजाब की राजनीति पर अधिक ध्यान दे सकते हैं। अगले साल प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी उन्हें चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

CJP ने सरकार को दे डाला अल्टीमेटम

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कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच दूसरे दौर की बैठक शुक्रवार (24 जुलाई) को हुई. इस बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद थे. कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास मौजूद थे. सौरभ दास ने बताया कि बैठक में एक-दो अधिकारी भी मौजूद थे.

कल सरकार ने हमें साढ़े तीन बजे बुलाया- रांका
बैठक के बाद वापस जंतर-मंतर लौटने के बाद दोनों प्रवक्ताओं ने मंच से पूरी बात बताई. इसमें आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर शनिवार (25 जुलाई) को फिर से बातचीत के लिए साढ़े तीन बजे बुलाया है. हमने सरकार को बहुत ही साफ तौर पर ये बता दिया है कि हम अब ज्यादा इस पर जाया नहीं कर सकते. अगर जल्दी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है, अगर अगले एक-दो दिन में धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो फिर कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से एक और राष्ट्रव्यापी कॉल दिया जाएगा 20 जुलाई की तरह.

इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं- रांका
आशुतोष रांका ने आगे कहा, “हमने ये भी सरकार को बता दिया है कि इस बार का जो कॉल होगा वो 20 जुलाई से ज्यादा बड़ा होगा. हमने सरकार को समझा दिया. हमने लगता है कि वो समझ रहे हैं. हमने सरकार से कह दिया है कि वो मोदी जी को जाकर कह दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है.”

अगली बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे- रांका
जंतर मंतर पर मंच से आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारी छात्रों से पूछा कि आप धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए बिना यहां से जाएंगे तो नहीं, इस पर छात्रों ने ना में जवाब दिया. रांका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगली बार जब मीटिंग होगी तो हम धर्मेंद्र के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे. उम्मीद कायम रखिए, डटे रहिए, संघर्ष करते हुए. हम आपको इतना बता सकते हैं कि जीत बहुत करीब है.

नीट पेपर लीक पर सरकार की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त

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NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों कर रही है। सरकार का कहना है कि नए सुधारों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उधर दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अलग-अलग राज्यों से आए हजारों छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर रहेगा जोर
सूत्रों के अनुसार, सरकार के इस एक्शन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और उम्मीदवारों का भरोसा बहाल करना है। इसके तहत परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई नए प्रावधान भी सामने आ सकते हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत व्यवस्था के जरिए भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

छात्रों की निगाहें सरकार के फैसले पर
दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देशभर में पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलनों और लगातार उठ रहे सवालों के बीच यह घोषणा बेहद अहम मानी जा रही है। छात्र संगठन लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर शिक्षा मंत्रालय के इस बड़े फैसले पर रहेगी कि सरकार का यह एक्शन भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने में कितना सफल साबित होगा।

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बूथ अध्यक्षों के महाकुंभ से भाजपा ने भरी हुंकार

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अभियान हो या संगठन की बैठक। सामाजिक कार्यक्रम हो या धार्मिक अनुष्ठान…हर मंच से भाजपा चुनावी लक्ष्य भेदने का प्रयास करती है। 2027 विधान सभा चुनाव की डगर पर रथ उतार चुकी भाजपा ने बुधवार को पहली बार प्रदेश के सभी बूथों को एक साथ मथा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वसहायता समूह की बहनों को प्रदान की 2.10 करोड़ रुपए की ऋण राशि

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के आलीराजपुर सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। झाबुआ, आलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट सहित प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए एक तीर्थ के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रशेखर आजाद नगर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वी जयंती पर नमन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। राज्य सरकार इन शहीदों के बलिदान का स्मरण करते हुए आदरांजलि अर्पित करती है। कार्यक्रम में बताया गया कि डही नर्मदा पाइप लाइन परियोजना सिंचाई परियोजना पूर्ण हो गई है, जिसका शीघ्र ही लोकार्पण होगा। जोबट तक भी शीघ्र नर्मदा जल पहुंच जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आलीराजपुर जिले में बलराम कृषि महोत्सव हो रहा है। महोत्सव में उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान किया गया, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। आलीराजपुर के किसानों ने इस बार कम वर्षा के बाद भी हौसला दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 10 हजार 136 हितग्राहियों को लाभ मिला है और 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 हजार 124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिले के 5 लाख 70 हजार 179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिल रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए संकल्पित है। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिलती है।

विभिन्न धर्मों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एयरपोर्ट पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का व्यक्त किया आभार

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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर समाज के विभिन्न धर्मं और वर्गों में व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आगमन पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया तथा इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान न्याय उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता, समानता और न्याय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समर्थन के लिए उपस्थित सभी धर्मों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का यह विश्वास और सहयोग प्रदेश के समावेशी विकास तथा सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

इस मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला तथा गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा आदि मौजूद थे।

अमलीपदर की रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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महतारी वंदन योजना से माताओं और बहनों का बढ़ा आत्मविश्वास – मुख्यमंत्री साय
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल
क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद
रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना लक्ष्य-मुख्य सचिव विकासशील

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मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हर घर नल-जल जीवन मिशन की प्रगति पर कलेक्टर कॉन्फ्रेंस सम्पन्न

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पूर्ण योजनाओं को 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन करें
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने कार्ययोजना तैयार करें
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों के भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्य बाधित नही हो। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी एवं स्थानीय संसाधनों, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर एवं अन्य उपलब्ध स्रोतों से आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर योजनाओं को पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले को जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान करने, जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता। बैठक में सोलर आधारित नल जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना-वार विश्लेषण कर स्वीकृत राशि एवं व्यय का समुचित मिलान किया जाए।

जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग करें
मुख्य सचिव विकासशील ने प्रत्येक जिले को हर घर जल के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करने एवं गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करने तथा जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए।