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दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान हुआ

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MP-मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में गुरुवार को 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में मतदाताओं ने केवल नया विधायक चुनने के लिए ही मतदान नहीं किया, बल्कि प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और दतिया से तीन बार विधायक रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक साख की भी अहम परीक्षा हो गई। अब 3 अगस्त को आने वाला परिणाम भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ-साथ डॉ. मिश्रा की भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर भी असर डाल सकता है।

टिकट नहीं मिला, फिर भी पार्टी के साथ खड़े रहे
दतिया सीट रिक्त होने के बाद से ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा उपचुनाव की तैयारियों में सक्रिय थे। हालांकि, भाजपा ने उन्हें टिकट देने के बजाय आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन डॉ. मिश्रा ने पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया।

नतीजे से तय होगी आगे की राजनीतिक दिशा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा यह सीट जीतती है तो इसे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि माना जाएगा। वहीं, यदि पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है तो इसे उनके समर्थकों की नाराजगी और स्थानीय समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा सकता है।

हालांकि, पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि डॉ. मिश्रा जैसे जनाधार वाले नेता को लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रखना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन उन्हें किसी महत्वपूर्ण भूमिका में आगे ला सकता है।
इसलिए हुआ उपचुनाव

दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। ऐसे में इस उपचुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

यूपी की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों को मिलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

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upd-पचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई जा रही है। ये सभी लाइब्रेरियां जल्द शुरू करा दिए जाने की तैयारी है। स्थापना हो जाने पर युवाओं को गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहुलियत हो जाएगी। अध्ययन के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री लाइब्रेरियों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना के प्रथम चरण में 37 जिलों में पुस्तकों व फर्नीचर की आपूर्ति कर दी गई है। अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें पहुंचाई गई हैं तथा 9909 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर उपलब्ध करा दिए गए हैं। एक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इस धनराशि से पुस्तकें, आईटी उपकरण तथा आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री जिसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल तथा इंटरैक्टिव क्विज उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके साथ ही विभाग ने 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन व आधार से संबंधित अन्य सेवाएं शुरू करा दी है। इन केंद्रों से अब तक 75 हजार से अधिक लोगों को आधार संबंधी सेवाएं दी जा चुकी हैं।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के मुताबिक सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में पांच हजार ग्राम पंचायतों को योजना से जोड़ा जा रहा है।

अजय देवगन का बॉक्स ऑफिस पर ‘धमाल’

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cinema-इंदर कुमार की कॉमिक फ्रेंचाइजी ‘धमाल 4’ बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कलेक्शन कर रही है. फिल्म ने दुनियाभर में अपना जादू चलाया. फिल्म का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 217.22 करोड़ हो गया है. 20 दिनों में ही फिल्म ने धमाका कर दिया है.

इन 4 फिल्मों को ‘धमाल 4’ ने पछाड़ा
कोईमोई के मुताबिक, फिल्म ने 20 दिनों में ओवरसीज मार्केट में 25 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी के साथ फिल्म ने 4 बड़ी फिल्मों को पछाड़ दिया है. ‘धमाल 4’ ने अजय देवगन की ‘शैतान’, वरुण धवन की ‘जुड़वा 2’, सलमान खान की ‘दबंग 3’ और सुशांत सिंह राजपूत की ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड’ स्टोरी जैसी फिल्मों को पछाड़ दिया है. ‘शैतान’ ने 216.88 करोड़, ‘जुड़वा 2’ ने 216.61 करोड़, ‘दबंग 3’ ने 217 करोड़ और ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड’ ने 217 करोड़ कमाए थे.

राज्यसभा से भी पास एंटी पेपर लीक बिल

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Pleak-लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है. विपक्षी सांसदों के वॉकआउट करने के बाद ध्वनि मत से इस बिल को राज्यसभा से भी पारित किया. दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह बिल कानून बनने से बस एक कदम दूर है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस बिल में अधिक सख्त सजा का प्रस्ताव है. इस कानून का मकसद ऐसे लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और अपराध करने से प्रभावी ढंग से रोकना है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की ईमानदारी पर बुरा असर पड़ता है.

बिल में क्या-क्या प्रावधान?
इस बिल के प्रावधान के तहत, परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित तरीकों में शामिल पाए गए लोगों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक जेल जाना पड़ सकता है और उन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. संगठित अपराधों के लिए, विधेयक में कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है. एआई की मदद से नकल करना, परीक्षा प्रणाली को हैक करना, ऑनलाइन पेपर सेंड करना और साइबर फ्रॉड भी इस कानून के दायरे में आएगा.

यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा हुआ: जितेंद्र सिंह
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश करते हुए केंद्रीय जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी जब विकसित भारत 2047 की बात करते हैं तो उसमें हमारे ये बच्चे बड़ा निवेश हैं. हमारे विपक्ष नेता ने फिर से 152 पेपर लीक की बात कही ,लेकिन उसे ऑथेंटिकेट नहीं कर सके.’ जितेंद्र सिंह ने कहा कि मैनेजमेंट कोटा खत्म कर प्रधानमंत्री ने मेडिकल शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाया.’

मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया ये सुझाव
इससे पहले राज्यसभा में गुरुवार को इस बिल पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रश्न पत्र लीक मामलों को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाये गये विधेयक को लेकर एक वार्षिक परीक्षा कैलेंडर बनाये जाने का सुझाव दिया. उन्होंने हाल में हुए छात्र आंदोलन में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई ज्यादतियों की न्यायिक जांच कराने की मांग की.

ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से 2 रूटों पर चलेंगी 10 इलेक्ट्रिक बसें

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ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों से वर्ष 2022 में तय किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपये और न्यूनतम सात रुपये किराया लिया जाएगा।

बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 30 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें पहले चरण में सड़कों पर उतरेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसें नए रूटों पर शुरू करने की तैयारी है। निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है।

टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी, यात्रियों का इंतजार खत्म
पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था, जो पहले पांच दिन में पूरा होना था। इसके बाद से ही शहरवासी इन बसों के यात्रियों के लिए शुरू होने को लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है। अब 30 जुलाई से बसें शहर के विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू हो जाएंगी।

इन दो रूटों पर चलेंगी बसें
पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।

प्रदर्शन के चलते रूट में हो सकता है बदलाव
इससे पहले ई-बसों के टिकट कलेक्शन सिस्टम की जांच की जा चुकी है। वहीं, मॉनिटरिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित सभी सिस्टम चेक किए गए। देर शाम तक बीसीएलएल अधिकारी रूट को लेकर भी मंथन करते रहे। क्योंकि रोशनपुरा चौराहा पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में गुरुवार की स्थिति को देखते हुए बसों के डायवर्जन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित

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किसानों की मांग और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी।

उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग 30 जुलाई के स्थान पर दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त, खरीदी की अंतिम तिथि 10 से बढ़ाकर 20 अगस्त तक करने का निर्णय लिया है।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रविधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था।

किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा।

किसानों की सुविधा के लिए स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। वहीं, उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित- सरकार ने इसके साथ ही किसानों की एक और बड़ी मांग को पूरा करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम – मुख्यमंत्री साय

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परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ बनोरा में किए गुरु दर्शन, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद

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गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

बॉक्सर अंकुश यादव ने भी पक्का किया ब्रॉन्ज मेडल

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत ने बॉक्सिंग इवेंट में चार मेडल पक्के कर लिए हैं। साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और सचिन सिवाच के बाद अब अंकुश यादव ने भी अपना मेडल सुनिश्चित कर लिया है। अंकुश ने पुरुष 80 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में सेशेल्स के जैड मिकॉक को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया है।

अंकुश ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा
भारतीय बॉक्सर ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और तीनों राउंड आसानी से जीतकर जजों से 5-0 का सर्वसम्मत फैसला अपने पक्ष में कराया। अंकुश ने पूरे मुकाबले के दौरान रिंग पर बेहतरीन कंट्रोल, तेज कॉम्बिनेशन और असरदार काउंटर-अटैक का प्रदर्शन किया, जिससे माइकोक को कोई खास प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला। जजों ने भारतीय बॉक्सर के पक्ष में 30-26, 30-27, 30-27, 30-27 और 30-27 का स्कोर दिया।

ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया
इस जीत के साथ अंकुश सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग फॉर्मेट के तहत कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है, क्योंकि सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। अब भारतीय बॉक्सर अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाने और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।

चार भारतीय बॉक्सरों ने मेडल पक्के किए
ग्लासगो में भारत की बॉक्सिंग टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है, जिसमें कई बॉक्सर प्रतियोगिता में आगे बढ़े हैं और देश के लिए मेडल जीतने की उम्मीदों को मजबूत किया है। अंकुश कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाले सातवें भारतीय मुक्केबाज बने गए हैं। उनसे पहले प्रीति, प्रिया, जादुमनी सिंह, साक्षी, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच ने भी अपनी-अपनी वेट कैटेगरी के अंतिम चार में जगह बना ली है।

राहुल गांधी की प्रेस-कॉन्फ्रेंस के बाद अमित शाह की बड़ी बैठक

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आतंरिक सुरक्षा को लेकर संसद भवन में एक अहम समीक्षा बैठक ली है। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आईबी चीफ भी मौजूद हैं। गृहमंत्री शाह ने मंगलवार को भी दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच देर रात तक हाई लेवल मीटिंग ली थी। जिसमें गृह सचिव और IB चीफ के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। गृहमंत्री की हाई लेवल ​मीटिंग से बड़े फैसले की हलचल के संकेत है।

सामरिक मामलों की समीक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल देश के संवेदनशील व सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद भवन पहुंचे। वे गृह मंत्री अमित शाह और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में सीमाओं की सुरक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और सामरिक मामलों पर विस्तृत रणनीति तैयार करने को लेकर चर्चा हुई।

कुछ बड़ा होने की अटकलें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में मंगलवार देर रात तक गृह सचिव, सूचना सूचना प्रमुख और कई वरिष्ठ मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, इस बैठक के बाद कुछ बड़ा होने की अटकलें तेज हैं।