Home Blog

उज्जैन में बनेगी भगवान श्रीकृष्ण पर अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की बैठक में दिए निर्देश

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार, 2 नवंबर को मंत्रालय में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ न्यास की आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिए।

शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में स्थापित होने वाली रिसर्च लाइब्रेरी में दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों का संग्रह किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, विचारों और शिक्षाओं पर केंद्रित शोध, वृत्तचित्र, नाटक और संगीत श्रृंखलाओं के लिए समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं यूट्यूब चैनल शुरू करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने कृषि, गौ-संवर्धन और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कलाओं एवं विद्याओं पर प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्र तथा संगोष्ठियां आयोजित करने पर भी जोर दिया।

श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की थी। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से भी उनकी यात्राओं के प्रसंग जुड़े हुए हैं। ऐसे सभी स्थलों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जाए। इन कार्यों में कृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए।

मंदिरों की आय से गौशालाओं और गांवों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों से जुड़ी भूमि का उपयोग कृषि और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। बड़े मंदिरों की आय के एक हिस्से का उपयोग आसपास की गौशालाओं और वृंदावन गांवों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए जल गंगा अभियान के अंतर्गत कार्य किए जाएं।

3200 से अधिक मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़ी जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम के विकास एवं जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने नारायण धाम महिदपुर, श्रीकृष्ण धाम छतरपुर, जानापाव महू (इंदौर), अमझेरा (धार), मां जागेश्वरी लोक (चंदेरी), श्रीकृष्ण राधा लोक (पन्ना) और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों में जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, शिवशेखर शुक्ला, अनुपम राजन और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आधुनिक कृषि तकनीक अपनाएं किसान, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी से भी बढ़ाएं आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और पशुपालन, मछली पालन तथा उद्यानिकी जैसी गतिविधियों से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि में विविधीकरण और नवाचार जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 नवंबर 2026 को सिवनी की सिमरिया मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के साथ आय के अतिरिक्त साधनों से जोड़ना और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन, नकदी फसलों और उद्यानिकी फसलों की खेती को भी अपनाएं। बाजार की मांग के अनुसार फसल उत्पादन करने से किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है और खेती से जुड़े जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, वैज्ञानिक पद्धतियों और कृषि नवाचारों के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है। खेती के साथ दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और मत्स्य पालन को जोड़ने से किसानों के लिए आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे। खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने से कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

कृषि महोत्सव में किसानों को मिला तकनीकी मार्गदर्शन
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उन्नत फसल उत्पादन और कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी दी। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित सरकारी योजनाओं, पात्रता और लाभ की जानकारी भी दी गई। उन्नत खेती और नवाचार अपनाने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने किसान क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से भी कृषि को आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से रोजगार एवं उद्यमिता का प्रभावी माध्यम बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत मंडपम में किया पुस्तक का विमोचन, छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा और निवेश संभावनाओं को किया प्रस्तुत

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा एवं निवेश संभावनाओं पर केंद्रित एक विशेष पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक के माध्यम से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, निवेश की संभावनाओं और भविष्य की ऊर्जा विकास योजनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया।

पुस्तक में राज्य की नई नवीकरणीय ऊर्जा नीति, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों, ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं तथा स्वच्छ और सतत ऊर्जा विकास की संभावनाओं को विस्तार से शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ की नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नवाचार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों को छत्तीसगढ़ में उपलब्ध संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का बड़ा लक्ष्य, 5.60 लाख करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर; 2030 तक 15 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य

0

छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में करीब 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं सामने आई हैं। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक 15 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राज्य सरकार का फोकस पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर है। इस दिशा में नए निवेश, आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हरित ऊर्जा परियोजनाओं के विकास से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी गति मिलने की उम्मीद है।

नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में 1.33 लाख करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 2 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 में छत्तीसगढ़ की ऊर्जा विकास कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की 23,923 मेगावाट क्षमता विकसित करने के लिए लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। वहीं, ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के विस्तार के लिए करीब 3.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश की रूपरेखा तैयार की गई है।

पंप स्टोरेज और बैटरी परियोजनाओं पर विशेष जोर
हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के साथ बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 12,300 मेगावाट क्षमता की 10 पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं चिन्हित की गई हैं। इनमें लगभग 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके अलावा अगले दो वर्षों में 10 हजार मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित करने की योजना है। राजनांदगांव में 100 मेगावाट सौर परियोजना के साथ 40 मेगावाट/120 मेगावाट-घंटे की बैटरी स्टोरेज प्रणाली पहले से संचालित है।

सौर ऊर्जा से गांवों और किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजनांदगांव जिले का खैरा गांव प्रदेश का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा आधारित गांव बन चुका है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में लगभग 1.26 लाख सौर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। वहीं, 1.66 लाख सौर सिंचाई पंपों के माध्यम से करीब 1.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जा रही है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 395 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित करने की भी योजना है।

बायोगैस और परमाणु ऊर्जा में भी निवेश की तैयारी
ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कृषि अवशेष और गोबर से कंप्रेस्ड बायोगैस, बायो-एथेनॉल तथा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। प्रदेश में 80 मीट्रिक टन क्षमता के आठ कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना है, जिनमें करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके साथ ही लगभग 4,200 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों सहित अन्य ऊर्जा परियोजनाओं के लिए करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने समिट में छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं को प्रस्तुत करते हुए देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में नई परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला चैंपियन बना मैनपाट टाइटंस, फाइनल में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराया

0

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले संस्करण का खिताब मैनपाट टाइटंस ने अपने नाम कर लिया है। रविवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही मैनपाट टाइटंस लीग की पहली चैंपियन बन गई।

फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती दौर में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अभिषेक यादव के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। इसके बाद मैनपाट टाइटंस के प्रहलाद ने शानदार फील्ड गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में संदीप ठाकुर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैनपाट को बढ़त दिलाई। हालांकि, संस्कारधानी के सारिक अहमद ने गोल कर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।

अंतिम क्वार्टर में मैनपाट टाइटंस ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम के मोहित नायक ने लगातार दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। इस तरह मैनपाट ने 4-2 से मुकाबला जीतकर पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

मैनपाट को 11 लाख, उपविजेता को 6 लाख रुपये
लीग में कुल 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। विजेता मैनपाट टाइटंस को 11 लाख रुपये और उपविजेता संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

व्यक्तिगत पुरस्कारों में शाहरुख अली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। आशीष तानी पूर्ति ने 13 गोल के साथ टॉप स्कोरर का पुरस्कार हासिल किया, जबकि हिमांशु को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया। मैनपाट के मोहित नायक को सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ खिलाड़ी और संदीप कुमार को इमर्जिंग प्लेयर (अंडर-21) का सम्मान मिला।

मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय खेल मंत्री रहे मौजूद
फाइनल मुकाबले और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए।

छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस पहली हॉकी लीग में प्रदेश की छह फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देना, स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना था।

12 लाख करोड़ का निवेश मध्यप्रदेश में धरातल पर उतरा, कृषि विकास दर 24 प्रतिशत पार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

0

मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इन सभी क्षेत्रों में उपलब्धियों का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वस्ति वाचन हुआ और उन्होंने प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान यहां की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना, परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनमानस से है। प्रदेशवासियों की सामूहिक सहभागिता और समर्पण ही विकास की सबसे बड़ी ताकत है।

उद्योग और रोजगार को मिली नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया, जिसके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए। वहीं, वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाकर कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है और निवेश का यह सिलसिला लगातार जारी है। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है।

कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक हो गई है। किसानों के हित में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित किए जाने पर उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को आगे ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है और इसे पहले स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यटन और विरासत संरक्षण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास और ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

15 जनवरी को भोपाल में होगा सेना दिवस का आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले महीने में 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस का भव्य आयोजन होगा। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में सेना के जवानों का योगदान अतुलनीय है। भोपाल में सेना दिवस का आयोजन राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना को और मजबूत करेगा।

राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां, महिला उद्यमिता मंडप, किसान बाजार और देशज व्यंजन मेला भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार, जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही प्रदेश की तस्वीर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से किए गए वादों और गारंटियों को छत्तीसगढ़ सरकार प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रदेश के विकास को नई गति देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास बनाए जा रहे हैं। वहीं, महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। इन योजनाओं से गरीब परिवारों, किसानों और महिलाओं के जीवन में बदलाव आ रहा है।

बस्तर में शांति और विकास की नई उम्मीद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में विकास की सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के सहयोग से क्षेत्र शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति, खेल, पर्यटन और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से बस्तर में विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक पहुंचाना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

यह विचार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी उपस्थित रहे।

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी, पीएम मोदी बोले- कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर

0

देश में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए इसे दोनों प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर बताया।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक सफर का अनुभव मिलने की उम्मीद है। इस ट्रेन में स्लीपर कोच की सुविधा होने के कारण रातभर की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार देश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

बेंगलुरु और मुंबई देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच रेल संपर्क मजबूत होने से यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में मदद मिल सकती है।

धार में भीषण सड़क हादसा: धरमपुरी-मांडू मार्ग पर पलटी तेज रफ्तार कार, तीन युवकों की मौत, दो घायल

0

मध्य प्रदेश के धार जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धरमपुरी-मांडू मार्ग पर ग्राम तारापुर के समीप तेज रफ्तार मारुति ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

गिट्टी खदान के पास हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार धरमपुरी से मांडू की ओर जा रही थी। इसी दौरान ग्राम तारापुर के पास गिट्टी खदान के नजदीक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि कार में सवार तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों ने पहुंचकर चलाया राहत अभियान
दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर धरमपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की सहायता से दोनों घायलों को निकालकर उपचार के लिए धामनोद के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतकों के शव धरमपुरी अस्पताल भेजे गए।

तीनों मृतक मांडू के निवासी
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विक्की पिता दिनेश, भुरेसिंह पिता बाबू और गौतम पिता सुखराम के रूप में हुई है। तीनों मांडू के निवासी थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बॉलीवुड को बड़ा झटका: मशहूर निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, 59 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

0

हिंदी फिल्म जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से बॉलीवुड में शोक की लहर है। संजय गुप्ता 59 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि फिल्म निर्माता और करीबी सहयोगी अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से की।

घर पर गिरने से सिर में लगी थी चोट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात मुंबई स्थित अपने घर पर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इसी चोट के कारण उनका निधन हो गया। निर्देशक मिलाप जावेरी ने भी उनके निधन की जानकारी साझा की। घटना को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

‘कांटे’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों से बनाई पहचान
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई चर्चित फिल्में दीं। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जिंदा’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं।

क्राइम थ्रिलर और एक्शन फिल्मों को स्टाइलिश अंदाज में पर्दे पर पेश करना उनकी खास पहचान थी। उनके प्रोडक्शन हाउस व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए भी कई चर्चित फिल्में बनीं।

अशोक पंडित ने जताया दुख
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने संजय गुप्ता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें शानदार कहानीकार, जीवंत व्यक्तित्व और सिनेमा के प्रति जुनूनी फिल्ममेकर बताया। उन्होंने कहा कि उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है।

संजय गुप्ता के निधन से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के सहयोगियों में शोक है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।