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सावन के महीने में OTT-थिएटर्स में लगेगा मनोरंजन का मेला

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शुक्रवार मतलब वीकेंड वाली फीलिंग और काम करने का मन करना। सिने लवर्स तो आज ही से प्लान बनाने में लग जाते हैं कि छुट्टी वाले दिन उन्हें क्या देखना है। अगर आप भी वीकेंड पर कहीं न जाने का प्लान कर रहे तो हम आपके लिए सिनेमाघरों से लेकर ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्में और सीरीज लेकर आए हैं जिन्हें आप घर बैठकर मजे से बिंज वॉच कर सकते हैं।

दिल को छू लेने वाले ड्रामा और साइकोलॉजिकल थ्रिलर से लेकर एनिमेटेड सुपरहीरो एडवेंचर और सच्ची घटनाओं पर आधारित क्राइम डॉक्यूमेंट्री तक। इस बार सिनेमा के पिटारे में क्या-क्या है चलिए जानते हैं।

है जवानी तो इश्क होना है (Hai Jawani to Ishq Hona Hai)
कहानी- वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े और मनीष पॉल स्टारर यह रोमांटिक कॉमेडी ‘जस’ की कहानी है। उसकी शादी टूट जाती है, लेकिन विदेश में शुरू हुई एक नई लव स्टोरी उसे प्यार, वफादारी और कमिटमेंट के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर देती है। आप इसे 31 जुलाई, 2026 से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।

द डेविल वेयर्स प्राडा 2 (The Devil Wears Prada 2)
पहली फिल्म के लगभग दो दशक बाद, ‘द डेविल वेयर्स प्राडा 2’ दर्शकों को मिरांडा प्रीस्टली से फिर से मिलाती है, जो तेजी से बदलती फैशन इंडस्ट्री में अपना रास्ता बना रही हैं। यह सीक्वल बदलती फैशन इंडस्ट्री, कॉर्पोरेट कॉम्पटीशन और बदलते रिश्तों की कहानी है। साथ ही इसमें वही तीखा मजाक, ग्लैमर और वर्कप्लेस ड्रामा भी है जिसने पहली फिल्म को दुनिया भर में इतना लोकप्रिय बनाया था।

रोमांस: माय लाइफ विद द वॉल्टर बॉयज
आने वाले तीसरे सीजन में, जैकी सिल्वर फॉल्स लौटती है। वह अपने रिश्तों को फिर से बनाने और एलेक्स और कोल के लिए अपनी उलझी हुई भावनाओं के बीच साफ सोच पाने के लिए पक्का इरादा कर चुकी है। जब वॉल्टर परिवार नई चुनौतियों का सामना करता है, तो जैकी प्यार, अपनी तरक्की और मुश्किल फैसलों के बीच अपना रास्ता बनाती है और यह भी पता लगाती है कि असल में उसकी जगह कहां है। आप इसे 6 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।

बालन: द ब्वॉय
बालन अपनी मां के साथ एक महिला जेल में बड़ा होता है। उसका बचपन अपनी पहचान बदलते हुए और छिपते-छिपाते बीतता है। जब वह अपने अतीत का सच जानने की कोशिश करता है, तो वह दबे हुए राज, खतरनाक खुलासों और भावनात्मक खोजों के ऐसे जाल में फंस जाता है जो उसकी जिंदगी के बारे में उसकी सारी सोच को ही बदल देता है। आप इसे जी5 पर देख सकते हैं।

द लीजेंड ऑफ कर्ण (The Legend Of Karn)
यह कहानी कर्ण की है, जो प्राचीन भारतीय महाकाव्य महाभारत का एक दुखद नायक है। वह अपनी बेमिसाल उदारता, तीरंदाजी के अद्भुत कौशल और अपने दोस्त के प्रति अटूट वफादारी के लिए मशहूर है, भले ही उसने एक विशाल युद्ध में गलत पक्ष की ओर से लड़ाई लड़ी थी। आप इसे सोनी लिव पर देख सकते हैं।

नगर निगम की चेतावनी भी बेअसर, 10 दिवसीय नोटिस की मियाद पूरी

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निगम का दावा था अवैध दुकानों को सील करेंगे, अधिकांश संस्थान खुले रहे

“यदि नगर निगम अवैध व्यावसायिक परिसरों पर कार्रवाई नहीं करता तो सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे” – विवेक त्रिपाठी
भोपाल। भोपाल नगर निगम द्वारा किए गए उस दावे की गुरुवार को पूरी तरह पोल खुल गई, जिसमें कहा गया था कि 10 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद आवासीय परिसरों में संचालित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। इस घोषणा से रहवासियों में यह उम्मीद जगी थी कि उनकी वर्षों पुरानी शिकायतों पर प्रशासन अब गंभीरता से कार्रवाई करेगा, किंतु वास्तविकता इसके विपरीत रही। अधिकांश अवैध दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरे दिन सामान्य रूप से संचालित होते रहे और नगर निगम की कार्रवाई कहीं दिखाई नहीं दी।

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी सहित अनेक आवासीय क्षेत्रों के रहवासी लंबे समय से आवासीय भूखंडों पर हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण एवं व्यवसायों के विरुद्ध शिकायत कर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय निवासी पूर्णेंदु शुक्ला एवं अन्य द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन एवं नगर निगम से जवाब तलब किया है। रहवासियों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी न्यायालय के समक्ष वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करने के बजाय तथ्यों को छिपाने एवं गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

रहवासियों ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में अवैध निर्माणों के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी आवासीय प्रयोजन के लिए स्वीकृत भूखंड का उपयोग व्यावसायिक अथवा वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए किया जाता है अथवा उस पर नियमों के विपरीत निर्माण किया जाता है, तो संबंधित स्थानीय निकाय एवं जिला प्रशासन ऐसे निर्माणों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे। आदेशों के पालन में उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित विभिन्न स्थानों पर प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई भी की है। इसी क्रम में सर्वोच्च न्यायालय ने देश के विभिन्न नगर निकायों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक निर्माणों एवं उन पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण मांगा है।

इसी आधार पर अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि भोपाल नगर निगम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। उनका आरोप है कि भोपाल में नगर निगम की मिलीभगत से आवासीय नक्शों की स्वीकृति लेकर अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर सहित अनेक रहवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक भवन खड़े कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत मिलने पर नगर निगम केवल दिखावटी कार्रवाई करते हुए छोटे व्यापारियों के विरुद्ध औपचारिक कदम उठाता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। कई मामलों में बिना भवन पूर्णता प्रमाण-पत्र (Building Completion Certificate) के ही इमारतों का संचालन जारी है तथा स्वीकृत मानचित्रों का भी खुलेआम उल्लंघन किया गया है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

रहवासियों ने यह भी कहा कि नगर निगम ने पूरे भोपाल में लगभग 1,000 अवैध व्यावसायिक संस्थानों को चिन्हित कर नोटिस जारी करने का दावा किया था तथा घोषणा की थी कि 10 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद गुरुवार से सीलिंग अभियान शुरू होगा। किंतु वास्तविक स्थिति यह रही कि अधिकांश बड़े प्रतिष्ठान पूरे दिन खुले रहे। रहवासियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि कुछ छोटे प्रतिष्ठानों को छोड़कर अधिकांश प्रभावशाली व्यापारिक संस्थान सामान्य रूप से संचालित होते रहे।

संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति का आरोप है कि नगर निगम की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। समिति का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभावशाली अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बचाने के उद्देश्य से जानबूझकर कमजोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि न्यायालय में उन्हें लाभ मिल सके। समिति ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और आशा है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित होगा तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

देश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की ज़रूरत का सिर्फ 3.5% ही पूरा

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health-अंग प्रत्यारोपण यानी ऑर्गन ट्रांसप्लांट (Organ Transplant) कई मरीजों के लिए जीवन बचाने का आखिरी विकल्प होता है। लेकिन भारत (India) में ज़रूरतमंद मरीजों के लिए नया अंग मिलना आज भी मुश्किल है। द लैंसेट के रीजनल हेल्थ-साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अंग प्रत्यारोपण की संख्या के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर होने के बावजूद 2021 में भारत में किडनी, लिवर, हार्ट और फेफड़ों के प्रत्यारोपण की कुल अनुमानित ज़रूरत का सिर्फ करीब 3.5% ही पूरा हो सका। इनमें हार्ट ट्रांसप्लांट की स्थिति सबसे खराब रही, जहाँ ज़रूरत का सिर्फ 0.2% ही पूरा हुआ।

अंग प्रत्यारोपण की मांग और उपलब्धता (2021)
2021 के आंकड़ों पर गौर किया जाए, तो किडनी की अनुमानित वार्षिक आवश्यकता 1,26,172 थी। हालांकि इसमें से 9,040 ही ट्रांसप्लांट हुई। यानी पूरी हुई ज़रूरत सिर्फ 7.2% रही। लिवर की अनुमानित वार्षिक आवश्यकता 1,85,197 थी। हालांकि इसमें से 2,777 ही ट्रांसप्लांट हुए। यानी पूरी हुई ज़रूरत सिर्फ 1.5% रही। हार्ट की अनुमानित वार्षिक आवश्यकता 84,347 थी। हालांकि इसमें से 188 ही ट्रांसप्लांट हुए। यानी पूरी हुई ज़रूरत सिर्फ 0.2% रही। फेफड़े की अनुमानित वार्षिक आवश्यकता 10,911 थी। हालांकि इसमें से 133 ही ट्रांसप्लांट हुए। यानी पूरी हुई ज़रूरत सिर्फ 1.2% रही।

किन जगहों पर हुए सबसे ज़्यादा ट्रांसप्लांट?
तमिलनाडु, दिल्ली-एनसीआर, केरल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में देश की लगभग 29% आबादी निवास करती है। हालांकि ट्रांसप्लांट की दर पर गौर किया जाए, तो यह 80% से 96% है। हार्ट, लिवर और फेफड़ों के 85% से ज़्यादा ट्रांसप्लांट इन्हीं पांच राज्यों में हुए थे। किडनी प्रत्यारोपण के मामले में केरल सबसे आगे रहा।

अंग प्रत्यारोपण की मांग (2040)
2040 के आंकड़ों पर गौर किया जाए, तो किडनी की ज़रूरत बढ़कर 1,43,722 तक होने की संभावना है। लिवर की ज़रूरत बढ़कर 2,10,649 तक हो सकती है। हार्ट की ज़रूरत बढ़कर 95,711 तक पहुंच सकती है। फेफड़े की ज़रूरत बढ़कर 12,780 तक हो सकती है।

बच सकती है जान
सही समय पर सही अंग मिल जाने पर कई मरीजों की जान भी बच सकती है। हालांकि इसके लिए व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जागरूकता फैलाना भी ज़रूरी है, जिससे लोग मृत्यु से पहले अपने अंग दान कर सके।

PM मोदी का संसदीय क्षेत्र राज्य आजीविका मिशन की रैंकिंग में अव्वल

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RAM-प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के उत्थान, स्व रोजगार और आत्मनिर्भरता में बेहतर कार्य का इनाम वाराणसी को मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में नारी सशक्तिकरण के साथ ही महिलाओं को आर्थिक मजबूत करने की दिशा में शानदार पहल हुई है।

प्रदेशीय आजीविका मिशन के विभिन्न मापदंडों को शामिल करते हुए जारी रैंकिंग में वाराणसी पहले स्थान पर है। मई में भी रैंकिंग प्रथम ही थी। प्रदेश का अंबेडकर नगर दूसरे व बिजनौर को रैकिंग में तीसरा स्थान मिला। मई की रैकिंग के तुलना में इटावा को चार जबकि हापुड़ को दो पायदान का नुकसान हुआ। टाप फाइव में अयोध्या व आगरा जनपद भी शामिल हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लखनऊ मुख्यालय हर माह विभिन्न इंडिकेटर को सम्मिलित कर रैंकिंग जारी करता है। मई 2026 की रैकिंग में भी वाराणसी पहले स्थान पर काबिज था। पिछले साल इस उपलब्धि पर मिशन की टीम काे डिप्टी सीएम ने सम्मानित भी किया था।

वाराणसी में समूह से जुड़कर महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ। उन्हें खुलकर जीवन जीने की आजादी मिली। रोजगार के अवसर मिले। कौशल को निखारने एवं प्रदर्शित करने मंच मिला। आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक, शैक्षिक स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है।

महिलाएं अपने हुनर का प्रदर्शन कर बेहतरीन कार्य कर रही हैं। उनके बनाए उत्पाद को बाजार भी मिल रहा है। प्रेरणा मार्ट, आजीविका संवर्धन केंद्र के अलावा 12 इंटिग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर इसके माध्यम हैं। अब फूड कार्ट के जरिए महिलाएं मिलेट्स को बढ़ावा दे रही हैं।

तीन तारीखों पर बन रहे दुर्लभ संयोग, तीसरा सोमवार होगा खास

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dharm-भगवान शिव की आराधना के सबसे पवित्र श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई गुरुवार से हो रही है, जो 28 अगस्त शुक्रवार यानी रक्षाबंधन तक रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल सावन पूरे 30 दिन का होगा, जिसमें भक्तो को व्रत और पूजा-अर्चना के लिए 4 सोमवार(Sawan Somwar) मिलेंगे। इस पूरे माह शिव योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष प्रभाव रहेगा। वहीं गुरु पूर्णिमा तिथि बुधवार की शाम तक रहने से कई शिवालयों में शाम से ही रुद्राभिषेक प्रारंभ हो गए।

सावन सोमवार को शिवालयों में होगी विशेष पूजा
श्रावण सोमवार पर महादेव की विशेष पूजा-अर्चना होगी। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक श्रवण नक्षत्र में शुरू होने वाले सावन मास में अच्छी वर्षा के कई योग भी बनेंगे। सावन मास की शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी और इस तरह पूरे महीने मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और श्रृंगार होंगे।

09 अगस्त (रविवार -एकादशी) इस दिन गुरु ग्रह का उदय होगा और साथ ही मृगशिरा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बनेगा। यह योग सर्वत्र बेहतरीन वर्षा कराएगा, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर अतिवृष्टि (मूसलाधार बारिश) से भारी नुकसान के संकेत भी मिल रहे हैं।

12 अगस्त: श्रावण मास के दौरान आर्द्रा नक्षत्र में मंगल ग्रह का प्रवेश होगा, जो क्षेत्र में झमाझम और भरपूर बारिश का मजबूत कारक बनेगा।

15 अगस्त : स्वतंत्रता दिवस पर अश्लेषा नक्षत्र में बुध ग्रह का प्रवेश सबसे खतरनाक और भारी वर्षा कारक योग माना जा रहा है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में बाढ़ और भयंकर जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे जन-धन की हानि का भी अंदेशा है।
तीसरे सोमवार क्यों होगा खास?

पूरे 30 दिन के इस सावन में चार सोमवार पड़ेंगे, लेकिन इनमें दो सोमवार खास रहने वाले हैं। 10 अगस्त को सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का संयोग रहेगा, जबकि 17 अगस्त को तीसरे सावन सोमवार को नाग पंचमी (Nag Panchami) मनाई जाएगी। एक ही दिन शिव और नाग देवता की आराधना का संयोग होने से शिवालयों में विशेष रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पार्थिव शिवलिंग पूजन और भजन-कीर्तन होंगे। श्रद्धालु पूरे महीने सोमवार व्रत रखकर भगवान शिव का गंगाजल, दूध, बेलफा, धतूरा और पंचामृत से अभिषेक करेंगे।

कांवड़ यात्राएं पहुंचेंगी
शिव मंदिरों में सोमवार को हरिद्वार, सोरो सहित अन्य तीर्थ स्थलों से कांवड़ यात्राएं पहुंचेंगी। महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ ही भजन संध्या और जागरण होगा। श्रद्धालु भोलेनाथ को रिझाने के लिए बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी पत्र अर्पित करें।

रेल नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगा : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख रेल परियोजनाओं को गति देने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की विस्तृत चर्चा
CG-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं – सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) – को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू समारोह में हुए शामिल

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MPIND-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग हब एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन निर्माण के लिए नई दिल्ली में हुआ एमओयू ऐतिहासिक कदम है। अब मध्यप्रदेश की धरती पर निर्मित संचार उपकरण देश-दुनिया को उपलब्ध होंगे। ये उपकरण मेक इन इंडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के फेथ इन मध्यप्रदेश का जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपतियों के साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग में 3500 करोड़ रूपये के निवेश तथा 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पी.एस. चंद्रशेखरन भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जिस पर देश और दुनिया का विश्वास बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती पर ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के रूप में एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। आज भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस सेक्टर में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की शुरुआत से निर्यात बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टेलीकॉम सेक्टर के माध्यम से स्मार्ट एआई मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थ और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में आधारशिला तैयार हो चुकी है। आज देश में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क से टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिली हैं। ग्वालियर अंचल को ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की सौगात मिलना सोने पर सुहागा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को ग्वालियर में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलवाया कि जो देश में कहीं नहीं मिलेगा, वो मध्यप्रदेश में निश्चित रूप से मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से किया वर्चुअली संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण का जो संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, उसकी पूर्ति के लिए हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों की हर समस्या का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर में मई और जून में मौसम की मार ने केले की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया। बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों के 8 हजार 115 किसानों की केले की फसल प्रभावित हुई है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ खड़ी है। आज प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जिले के 8 हजार से अधिक किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जा रही है। यह राशि मुश्किल समय में किसानों को संबल देगी। जब तक किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, राज्य सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केले की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि अंतरित की। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक अर्चना चिटनिस उपस्थित थीं। वीसी में बुरहानपुर से शामिल चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर बुरहानपुर से केले के रेशे से बनी राखी भेजी जाएगी।

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवाओं के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां-जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली हैं, वहां कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा कर रही हैं। उन्होंने आहवान किया कि किसान नई तकनीक को आत्मसात करें, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। खेती से सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।

परीक्षा सिस्टम को बेहतर बनाने वाले बिल के पास होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शेयर किया वीडियो

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PM-देश में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संसद ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ को मंज़ूरी दे दी है। इसे लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास कर दिया गया है। इस बिल के पास होने के बाद अब परीक्षा में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त सज़ा का भी ज़िक्र है, जैसे 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुडपे तक का जुर्माना और दोषी पाए गए लोगों की संपत्ति जब्त करना। मामलों का तेज़ी से निपटारा सुनिश्चित करने के लिएयह ज़रूरी किया गया है कि हर राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन रोज़ाना सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए। इसमें यह भी प्रावधान है कि अपराधों की जांच पुलिस स्टेशन में जानकारी दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुक़दमे की सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए। इस बिल के पास होने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक वीडियो शेयर करते हुए अपने विचार जाहिर किए हैं।

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
पीएम मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के पास होने पर बात करते हुए कहा, “साथियों, इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम के लिए एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें टास्क फोर्स बनाना, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना और राज्यों के सुझावों पर ध्यान देना ज़रूरी है। पिछले कुछ दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक की समस्या का सामना कर रही है। इससे बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ रहा है।”

“इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और देश भर के सभी राज्यों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना ज़रूरी हो गया है। टेक्नोलॉजी का ज़्यादा इस्तेमाल ज़रूरी हो गया है। साथ ही पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाला गैंग और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए कड़े कानूनों की भी ज़रूरत है हम संसद में इस विषय में बिल लाए और जैसा कि मैंने आपसे वादा किया था, दो दिन पहले संसद के दोनों सदनों में सम्मानित सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। आज दोनों सांसदों ने कड़े कानूनों के साथ इस बिल को पास कर दिया है।”

“अब इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम की दिशा में एक अहम काम पूरा हो गया है। यह काम जारी रहेगा।हम ऐसी स्थितियों को लंबे समय तक चलने नहीं देंगे। इसी भरोसे के साथ, दोस्तों, आइए हम सब मिलकर विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए काम करें। बहुत-बहुत धन्यवाद।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

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cg-छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।