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मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

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मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आक्रामकता, महत्वाकांक्षा और कार्रवाई का प्रतीक माना गया है। 29 मई 2026 को मंगल अपनी ही राशि मेष में रहते हुए ‘भरणी नक्षत्र’ में प्रवेश करने जा रहे हैं।

भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। जब मंगल जैसे उग्र ग्रह का प्रवेश शुक्र के स्वामित्व वाले नक्षत्र में होता है, तो यह अत्यधिक जुनून, तीव्र भावनात्मक दबाव और जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति को जन्म देता है। भरणी नक्षत्र ‘परिवर्तन’ और ‘छिपे हुए दबाव’ का प्रतीक है।

सावधानी बरतने वाली राशियां और प्रभाव
1. मेष राशि: ऊर्जा का अतिरेक और धैर्य की परीक्षा
मंगल का गोचर आपके प्रथम भाव (लग्न) में हो रहा है, जिससे आप अत्यधिक ऊर्जावान और आक्रामक महसूस करेंगे। आपके भीतर स्थिति को नियंत्रित करने और तुरंत परिणाम पाने की तीव्र इच्छा होगी।
प्रभाव: गुस्से और जल्दबाजी के कारण रिश्तों में और करियर में टकराव हो सकता है। शारीरिक चोट या सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या न करें: आक्रामक भाषा का प्रयोग और जोखिम भरा व्यवहार।
उपाय: “ओम मंगलाय नमः” का जाप करें और भगवान हनुमान की पूजा करें।

2. कर्क राशि: कार्यस्थल पर दबाव और मानसिक थकावट
मंगल आपके दशम भाव (करियर और ख्याति) को सक्रिय कर रहा है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का बोझ और ऑफिस पॉलिटिक्स के कारण आप मानसिक रूप से थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
प्रभाव: अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। क्रोध में आकर करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला न लें।
क्या न करें: तनाव को व्यक्तिगत रूप से लेना और कार्यस्थल पर भावुक प्रतिक्रिया देना।
उपाय: ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और बातचीत में शांति बनाए रखें।

3. कन्या राशि: अष्टम भाव और गुप्त तनाव
मंगल आपके अष्टम भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जो अचानक आने वाली बाधाओं और मानसिक दबाव का संकेत है। छिपी हुई चिंताएं और लंबित कार्यों को लेकर बढ़ती निराशा आपको परेशान कर सकती है।
प्रभाव: वित्तीय चिंताएं और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। भावनाओं का अति-विश्लेषण (over-analysis) करना आपके लिए हानिकारक होगा।
क्या न करें: जोखिम भरे निवेश और अनावश्यक तनाव।
उपाय: नियमित ध्यान करें और मंगल के मंत्रों का प्रतिदिन जाप करें।

4. तुला राशि: संबंधों में तनाव और अहम का टकराव
मंगल आपके सप्तम भाव (साझेदारी और विवाह) को प्रभावित कर रहे हैं। व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। संचार में धैर्य न रखने से गलतफहमियां जल्दी पैदा होंगी।
प्रभाव: जीवनसाथी या व्यापारिक पार्टनर के साथ ईगो क्लैश (अहम का टकराव) हो सकता है।
क्या न करें: अहंकार दिखाना और भावनात्मक निर्णय लेना।
उपाय: मंगलवार के दिन मिठाई का दान करें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

5. वृश्चिक राशि: प्रतिस्पर्धा और कार्यभार
मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं और अब छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति प्रतिस्पर्धा और कार्यभार बढ़ाएगी। चुनौतियों को संभालते समय आप अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
प्रभाव: कार्यस्थल पर टकराव और स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां। यह समय अनुशासन और धैर्य का है।
क्या न करें: आक्रामक संचार और खुद को ओवरवर्क करना।
उपाय: अपनी दिनचर्या में अनुशासन रखें और भगवान हनुमान की आराधना करें।

मुख्यमंत्री ने नीलगंगा आश्रम के कार्यक्रम में प्राप्त किया साधु-संतों का आशीर्वाद

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मुख्यमंत्री ने नीलगंगा आश्रम के कार्यक्रम में प्राप्त किया साधु-संतों का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंगा दशहरे के पावन अवसर पर नीलगंगा पहुंचकर माँ गंगा की प्रतिमा की पूजा और अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 में सनातन का वैभव पूरी दुनिया देखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में माँ शिप्रा के घाटों पर साधु-संतों की भावना अनुसार सनातन की गरिमामयी परम्परा अनुसार सिंहस्थ-2028 का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार नीलगंगा परिसर पहुंचे, जिसे गुप्त गंगा का स्थान माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर वर्ष यहां पर आकर पूजन-अर्चन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीलगंगा परिसर में माँ गंगा का पूजन-अभिषेक कर गुप्त गंगा के दर्शन किये और प्रदेश की जनता की शुभ मंगल स्वास्थ्य, उन्नति, तरक्की की कामना की।

नीलगंगा जूना अखाड़ा पर गंगा दशहरा के अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज नारायणगिरी जी महाराज उपस्थित रहे।

भीषण गर्मी को देखते हुए PM Modi की अपील,ज्यादा सावधानी बरतें स्वयं को हाइड्रेटेड रखें

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भीषण गर्मी को देखते हुए PM Modi की अपील,ज्यादा सावधानी बरतें स्वयं को हाइड्रेटेड रखें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भीषण गर्मी को देखते हुए देशवासियों से अपील की है, उन्होंने लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी है, प्रधानमंत्री ने कहा है कि स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। प्रधानमंत्री ने उन लोगों की सराहना की है जो अपने घर और दुकानों के बाहर मटके में पानी भरकर पीने के लिए रखते हैं।

उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है, अधिकांश जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है लोग लू और तेज गर्म हवाओं से परेशान हैं , ऐसे में राज्यों में स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी जारी कर रहे हैं और गर्मी से बचाव के तरीके बता रहे हैं इधर प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है। उन्होंने लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी है, पीएम ने खुद अधिक पानी पीने और प्यासे को पानी पिलाने की अपील लोगों से की है।

घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें
PM Modi ने सोशल मीडिया पर लिखा- देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।

बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग हीटस्ट्रोक से बचें
उन्होंने लिखा- अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।

प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों का भी रखें ध्यान, पानी का बर्तन रखें
जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें। इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।

छत्तीसगढ़ में बकरीद पर नया नियम लागू,कुर्बानी पर लगा सख्त बैन

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छत्तीसगढ़ में बकरीद पर नया नियम लागू,कुर्बानी पर लगा सख्त बैन
ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पावन त्योहार इस वर्ष 28 मई 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अवसर पर राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 06:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित समय के अनुसार नमाज़ अदा की जाएगी। प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

वक्फ बोर्ड ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा इस वर्ष भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गंभीर मामलों में 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लिया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूरी रोक
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि सड़क, गली, मैदान या किसी भी खुले स्थान पर पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत बूचड़खानों या निजी परिसरों के भीतर ही नियमों के अनुसार की जा सकेगी। यह निर्णय स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ध्वनि प्रदूषण और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान
त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय अलग-अलग स्लॉट में तय किए गए हैं।

प्रशासन और वक्फ बोर्ड की तैयारी
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं को देखते हुए इस बार भी नमाज़ को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ने की ये अपील
मुस्लिम धर्म के लोग यह त्योहार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की याद में मनाते हैं, इस दौरान मुस्लिम समाज के साहिबे निसाब व्यक्ति द्वारा कुर्बानी की जाती है। इस बार यह कुर्बानी 28 मई को सूर्योदय से लेकर 30 मई सूर्यास्त तक होगी। छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने लोगों खुले में कुर्बानी नहीं देने की अपील की है, उन्होंने कहा कि समाज के लोग अन्य धर्मों की आस्था का भी ध्यान रखें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान को पुस्तक विमोचन पर दीं बधाई

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान को पुस्तक विमोचन पर दीं बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ”अपनापन”नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘’अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए।

पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

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’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका का MQ-9 Reaper Drone मार गिराया

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ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका का MQ-9 Reaper Drone मार गिराया
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के ताकतवर ड्रोन में से एक ‘MQ-9 रीपर ड्रोन’ को मार गिराया है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसका वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ड्रोन का मलबा दिखाई दे रहा है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके नए एयर डिफेंस सिस्टम ने की। दूसरी ओर अमेरिका ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहना चाहिए।

इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अब वेस्ट एशिया में अमेरिकी ठिकाने सुरक्षित नहीं रहेंगे। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा और गहरा होता जा रहा है

हमें जवाब देने का पूरा अधिकार है: ईरान
ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन करता है, तो उसे जवाब देने का पूरा अधिकार है। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने कहा था कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स पर कार्रवाई की।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया।

ईरान की विभिन्न समाचार एजेंसियों के अनुसार दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास में अमेरिकी हमलों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के 4 जवानों के मारे जाने का दावा किया गया है।

हमले के बाद ईरान की सेना ने कहा कि अगर उस पर फिर हमला हुआ, तो वह पहले से ज्यादा बड़ा और कड़ा जवाब देगा। सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने कहा कि अगली बार ईरान की कार्रवाई सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। अगर फिर युद्ध जैसी स्थिति बनी, तो जवाब पहले से ज्यादा बड़ा और हिंसक होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम (एनरिच्ड यूरेनियम) अमेरिका को सौंपने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप के मुताबिक यह प्रक्रिया ईरान में ही या किसी दूसरी मंजूर जगह पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय निगरानी में होगी, ताकि सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रुथ पर लिखा कि यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका भेजा जाएगा और वहां नष्ट किया जाएगा, या फिर ईरान की सहमति से मौके पर ही खत्म किया जाएगा। इस दौरान इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी जैसी संस्था मौजूद रहेगी।

हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यूरेनियम की मात्रा कितनी है। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने देश से एनरिच्ड यूरेनियम बाहर भेजने के लिए तैयार नहीं है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि तेहरान यूरेनियम बाहर भेजने पर सहमत हो गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर बातचीत चल रही है। इसमें अमेरिका द्वारा 12 अरब डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति जारी करने और कुछ प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है, लेकिन इसमें कोई परमाणु समझौता शामिल नहीं बताया गया।

रितेश के करियर की ‘राजा शिवाजी’ बनी सबसे बड़ी मराठी हिट फिल्म

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रितेश के करियर की ‘राजा शिवाजी’ बनी सबसे बड़ी मराठी हिट फिल्म
एक्टर रितेश देशमुख इंडस्ट्री का चमकता सितारा हैं. उन्होंने 2003 में अपने करियर की शुरुआत की. रितेश की कई फिल्मों ने 150 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. हालांकि, ज्यादातर फिल्में मल्टीस्टारर थीं. सिंगल हीरो के तौर पर 100 करोड़ या 150 करोड़ क्लब में उनकी किसी फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में एंट्री नहीं ली थी.

‘राजा शिवाजी’ की 100 करोड़ क्लब में एंट्री
लेकिन अब ‘राजा शिवाजी’ ने ये सपना पूरा कर दिया. ‘राजा शिवाजी’ 100 करोड़ क्लब में एंट्री करने वाली फिल्म बन गई है. कोईमोई के मुताबिक, फिल्म ने 24 दिन में 101.4 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया. वहीं 119.65 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. इस मराठी फिल्म ने रितेश के करियर को नई ऊंचाई दी है.

बता दें कि इससे पहले 100 करोड़ क्लब में एंट्री करने वाली रितेश की पहली फिल्म ‘हाउसफुल 2’ थी. ये मल्टी स्टारर फिल्म थी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म ने 106 करोड़ का कलेक्शन किया था. इसके बाद ‘ग्रैंड मस्ती’ ने 102 करोड़ कमाए थे. ये भी मल्टीस्टारर फिल्म थी.

रितेश की ‘एक विलेन’ ने 105.62 करोड़ कमाए थे. इस फिल्म में वो हीरो नहीं विलेन के रोल में थे. फिल्म ‘हाउसफुल 3’ ने 109.14 करोड़ कमाए. वहीं ‘हाउसफुल 4’ ने 194.60 करोड़ और ‘हाउसफुल 5’ ने 160.72 करोड़ कमाए. फिल्म ‘टोटल धमाल’ ने 154.23 करोड़ कमाए. ये सभी फिल्में मल्टी स्टारर थीं. राजा शिवाजी से पहले रितेश देशमुख को मस्ती 4 में देखा गया था. ये फिल्म फ्लॉप हो गई थी. फिल्म ने 11.52 करोड़ ही कमाए थे.

‘राजा शिवाजी’ की बात करें तो इस फिल्म में रितेश देशमुख ने छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल प्ले किया था. इस फिल्म को उन्होंने ही डायरेक्ट किया है. फिल्म में उनकी पत्नी जेनेलिया भी हैं. वहीं उनके 10 साल के बेटे राहिल ने भी फिल्म से डेब्यू किया है. फिल्म में अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन जैसे स्टार्स थे. सुपरस्टार सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल प्ले किया था.

कांग्रेस ने सिद्दारमैया को दिल्ली में राज्यसभा सीट, गुरुवार को हो सकता है इस्तीफा

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कांग्रेस ने सिद्दारमैया को दिल्ली में राज्यसभा सीट, गुरुवार को हो सकता है इस्तीफा
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बदले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है. हालांकि, उन्होंने अभी इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी है. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया गुरुवार को सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे दिल्ली से बेंगलुरू के लिए मंगलवार की रात को निकल चुके हैं, जबकि डीके शिवकुमार भी बुधवार की दोपहर साढ़े बारह बजे बेंगलुरू के लिए रवाना हो जाएंगे.

सिद्धारमैया ने गुरुवार को ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसमें वे अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. इसके बाद, डीके शिवकुमार का अगले हफ्ते सीएम पद का शपथग्रहण हो सकता है.

सिद्धारमैया को बड़ा ऑफर
यह ऑफर ऐसे समय पर सामने आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ लंबी बैठक कर नेतृत्व विवाद सुलझाने की कोशिश की. हालांकि, कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इन अटकलों को खारिज किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal ने साफ कहा कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो भी खबरें चल रही हैं, वे महज कयास हैं.

इसी बीच, बैठक के बाद सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ अलग से चर्चा की, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं. गौरतलब है कि 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमों के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं.

जल्द कर्नाटक में बड़ा बदलाव
कांग्रेस हाईकमान ने 2023 में कर्नाटक में सरकार बनने के बाद से कई बार हस्तक्षेप किया है, ताकि दोनों नेताओं के बीच तनाव को कम किया जा सके. डीके शिवकुमार खेमे के समर्थकों का लगातार दावा रहा है कि सरकार गठन के समय ‘रोटेशनल मुख्यमंत्री’ के फार्मूले पर सहमति बनी थी. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने इस तरह के किसी भी समझौते को कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.

फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर अंदरखाने बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है.