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अनुपम खेर की रील का बड़ा कमाल, 100 मिलियन व्यूज के साथ हुई वायरल

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक सोशल मीडिया रील इन दिनों इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी इस रील ने 100 मिलियन (10 करोड़) व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसके बाद फैंस लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं। रील की लोकप्रियता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुपम खेर सिर्फ बड़े पर्दे ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

अनुपम खेर ने अपनी इस उपलब्धि की जानकारी खुद सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने दर्शकों और प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि लोगों का प्यार और समर्थन ही उन्हें लगातार बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है। उनकी पोस्ट पर हजारों लोगों ने कमेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और रील की जमकर तारीफ की।

रील में अनुपम खेर का अंदाज, उनकी सादगी और प्रेरणादायक संदेश दर्शकों को खूब पसंद आया। यही वजह रही कि वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर इसे बड़े पैमाने पर शेयर भी किया जा रहा है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों और कई नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। अभिनय के साथ-साथ सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों से भी लगातार जोड़ रही है।

WTC में रिकॉर्डबुक बदलने को तैयार शुभमन गिल, सिर्फ 157 रन की दरकार

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भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के सामने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। गिल इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक बड़ा भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम करने से महज 157 रन दूर हैं। यदि वह यह आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो WTC इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। मौजूदा शानदार फॉर्म में चल रहे गिल से टीम इंडिया को बड़ी उम्मीदें हैं और क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उनकी अगली पारी पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि क्या गिल इस उपलब्धि को हासिल कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

Gen Z तक पहुंचेगा RSS, 100 से ज्यादा शहरों में संवाद अभियान की तैयारी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब देश की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के 100 से अधिक शहरों में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व, भारतीय संस्कृति और संगठन की विचारधारा से जोड़ना बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, संवाद कार्यक्रमों में कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र, युवा पेशेवर, स्टार्टअप से जुड़े युवा और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही नई पीढ़ी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इन बैठकों में युवाओं को अपने सवाल रखने और विभिन्न समसामयिक विषयों पर खुलकर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रमों के दौरान मोहन भागवत युवाओं के सामने बदलते वैश्विक परिदृश्य, भारत की विकास यात्रा, सामाजिक समरसता, तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। संघ का मानना है कि डिजिटल युग में युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद संगठन और नई पीढ़ी के बीच बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संघ से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। संवाद अभियान चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजी से बदलते सामाजिक और डिजिटल माहौल में Gen Z तक पहुंच बनाना किसी भी बड़े सामाजिक संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। ऐसे में RSS का यह संवाद अभियान आने वाले समय में संगठन और युवाओं के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं से गदगद कांवड़िये, सरकार के इंतजामों की जमकर की तारीफ

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सावन माह में आयोजित कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार की गई व्यवस्थाओं से श्रद्धालु बेहद संतुष्ट नजर आए। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा, पेयजल, विश्राम और यातायात जैसी सुविधाओं के बेहतर इंतजामों की कांवड़ियों ने खुलकर सराहना की। उनका कहना है कि सुव्यवस्थित प्रबंधन की वजह से यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक रही।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार तैनात रहीं। प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई, जबकि चिकित्सा शिविरों, एंबुलेंस और पेयजल केंद्रों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह विश्राम शिविर और भंडारों का संचालन किया गया, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

कांवड़ियों ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत रही। पुलिसकर्मी पूरे मार्ग पर सहायता के लिए मौजूद रहे और प्रशासन की ओर से हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई। कई श्रद्धालुओं ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण वे पूरी श्रद्धा और शांति के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके।

प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया था। यात्रा समाप्त होने तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मानसून सत्र के पहले दिन भावुक हुए CM योगी, आलम बदी और 21 पूर्व विधायकों को दी श्रद्धांजलि

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान विधायक आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने विधानसभा के 21 पूर्व सदस्यों को भी याद करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और समाज के प्रति योगदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 90 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद आलम बदी की राजनीतिक सक्रियता हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणास्रोत थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता और अपने क्षेत्र के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करे, तो उम्र कभी भी उसकी जनसेवा में बाधा नहीं बनती।

सीएम ने बताया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आलम बदी का निधन 23 जुलाई को हुआ था। वे वर्तमान विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में शामिल थे और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए थे। विधानसभा की विभिन्न समितियों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और वर्तमान में आचार समिति के सदस्य भी थे।

मुख्यमंत्री ने आलम बदी को सरल, विनम्र, जनप्रिय और बेदाग छवि वाला नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों, वंचितों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे सदैव अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाते रहे और जनता के कल्याण के लिए समर्पित रहे।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के 21 पूर्व विधायकों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया और लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन तथा समाज के प्रति योगदान को याद किया। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू हुई।

उपचुनाव के नतीजों ने बदला सियासी समीकरण, बांकीपुर-दतिया में उलटफेर, मांजलपुर में BJP का परचम

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तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सियासी तस्वीर बदल दी है। बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना गढ़ बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।

बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। वहीं, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए बाजी मार ली। दूसरी ओर, गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और पार्टी का दबदबा कायम रखा।

इन तीनों सीटों के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। जहां बांकीपुर और दतिया के परिणामों ने विपक्ष का उत्साह बढ़ाया है, वहीं मांजलपुर की जीत ने भाजपा के लिए राहत की खबर दी है। अब सभी दल इन नतीजों के आधार पर अपनी चुनावी रणनीति को नई दिशा देने की तैयारी में जुट गए हैं।

आज से यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र, विपक्ष उठाएगा चढ़ावा चोरी और बिजली संकट का मुद्दा

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उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। विपक्ष ने चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और प्रदेश के अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है।

विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कई अहम मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है, इसलिए सदन के भीतर इन मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहीं सरकार का दावा है कि वह विपक्ष के हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार है और जनहित से जुड़े विधायी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय कार्यों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के साथ-साथ हंगामे के भी पूरे आसार हैं।

सावन का पहला सोमवार आज, भगवान शिव की पूजा से पहले जान लें राहुकाल का समय

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आज श्रावण मास का पहला सोमवार है, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शिव पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रातःकाल और प्रदोष काल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। हालांकि पूजा के दौरान राहुकाल का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मान्यता है कि राहुकाल में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। यदि पहले से पूजा जारी है, तो उसे बाधित करने की आवश्यकता नहीं होती।

श्रावण सोमवार का व्रत और शिव पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पूजा का शुभ मुहूर्त देखकर ही भगवान शिव का अभिषेक करें और राहुकाल के समय नए शुभ कार्य शुरू करने से बचें।

तीन राज्यों की तीन सीटों पर फैसला आज, कौन जीतेगा जंग, किसे मिलेगा सियासी संबल?

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बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इन तीनों सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, इसलिए देशभर की निगाहें परिणामों पर टिकी हुई हैं।

बांकीपुर में भाजपा और जन सुराज के बीच मुकाबला सबसे अधिक चर्चा में है, जबकि दतिया में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। वहीं, गुजरात की मंजलपुर सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। इन उपचुनावों के नतीजे संबंधित राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करने के साथ-साथ कई दिग्गज नेताओं की साख की भी परीक्षा माने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों के साथ साझा किया भविष्य का रोडमैप

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के गरीब एवं आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों ने नीट जैसी कठिन परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ, आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस सफलता में उनके माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का समर्पण और विद्यार्थियों की कठोर मेहनत समान रूप से शामिल है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी भविष्य के डॉक्टर हैं। समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है। भगवान हमें जन्म देते हैं और डॉक्टर जीवन बचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर भी बनें। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार स्वयं कई बीमारियों के उपचार का माध्यम बन जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज, प्रदेश और देश की सेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज शिक्षा सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी संघर्षपूर्ण शिक्षा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों को शासन की ओर से पहले की तुलना में कहीं अधिक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर संचालित किए जा रहे हैं तथा 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां सातों दिन 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। वहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इसी वर्ष ट्रायबल यूथ हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज निजी एवं शासकीय संस्थानों को मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। राज्य सरकार पांच नए मेडिकल कॉलेज भी स्थापित कर रही है, जिससे एमबीबीएस की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में करोड़ों लोगों ने नशा नहीं करने की शपथ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अभियान स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आगामी दो वर्षों तक संचालित होगा तथा इसमें माय भारत वालंटियर्स सहित बड़ी संख्या में युवा सहभागी बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि युवा स्वस्थ, संस्कारित, परिश्रमी और नशामुक्त रहेंगे तो स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ भारत का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क दोनों को प्रभावित करता है, अपराध को बढ़ावा देता है, पारिवारिक संबंधों को कमजोर करता है तथा पूरे परिवार को संकट में डाल देता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

जगदलपुर प्रयास आवासीय विद्यालय की छात्रा नेल्सा के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के संसाधनों को लगातार बढ़ा रही है। प्रयास आवासीय विद्यालय इसका एक उदाहरण हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चे यदि विदेश में अध्ययन करना चाहते हैं तो उनका संपूर्ण व्यय राज्य सरकार वहन करती है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में 34 नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां सातों दिन 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने।

अंबिकापुर प्रयास विद्यालय की छात्रा यामिनी पैकरा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। शासकीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष विकसित करने के लिए स्मार्ट क्लास प्रारंभ की जा रही हैं, विद्यालयों का नवीनीकरण किया जा रहा है तथा शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शासकीय विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की तरह पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित की जा रही है। विशेष अवसरों पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा न्योता भोज जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन के अतिरिक्त पौष्टिक भोजन भी मिल सके। जवाहर उत्कर्ष योजना के माध्यम से बच्चों को निजी विद्यालयों में भी प्रवेश दिलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में शासकीय विद्यालय निजी विद्यालयों से भी बेहतर बनेंगे।

जगदलपुर की छात्रा दिलेश्वरी साहू ने युवाओं की राजनीति एवं प्रशासन में भागीदारी को लेकर प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। डॉक्टर बनकर भी समाज और राष्ट्र की बड़ी सेवा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने सपनों के अनुरूप नौकरी, कृषि, राजनीति, जनसेवा अथवा व्यापार जैसे किसी भी क्षेत्र का चयन करना चाहिए, लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और संस्कार हमेशा सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति सेवा का एक प्रभावी माध्यम है और लोकतंत्र के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। सेवा और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं।

सरगुजा के छात्र समीर करकेट्टा के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग चार से पांच दशकों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा। डबल इंजन सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से 31 मार्च 2026 को प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ। उन्होंने कहा कि अब बस्तर और सरगुजा में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़ और रानीदाह जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के साथ अबूझमाड़ का विशाल वन क्षेत्र विश्वभर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के 60 देशों के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में बस्तर के धुड़मारास को स्थान दिया गया है। नई उद्योग नीति 2024-30 में पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है तथा होमस्टे योजना के माध्यम से जनजातीय परिवारों को पांच कमरों के मकान निर्माण के लिए ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भोरमदेव मंदिर को भारत सरकार की प्रसाद योजना में शामिल किया गया है, जिसके लिए 168 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। साथ ही दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी, चंद्रहासिनी, महामाया एवं बागेश्वरी शक्तिपीठों का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। राम वन गमन पथ के माध्यम से भगवान राम से जुड़े स्थलों का विकास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर में पर्यटन उद्योग के माध्यम से लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि हाल ही में प्रारंभ की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेशवासी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे शासन तक पहुंचा सकते हैं। इस व्यवस्था में लगभग 8 हजार अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण के लिए जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भी अपने हॉस्टल अथवा शिक्षा से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को इस माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभ के डेढ़ माह में ही इस व्यवस्था को अच्छा प्रतिसाद मिला है और बिजली, पानी, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन जैसी अनेक समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने अंत में बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री डैशबोर्ड भी विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय संस्थानों को जोड़ा जाएगा। इस डैशबोर्ड के जरिए मुख्यमंत्री निवास से ही स्कूलों, अस्पतालों, शिक्षकों की उपस्थिति, राशन की उपलब्धता सहित विभिन्न सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार का संकल्प है।