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‘मुझे रोकना है तो पहले मारना होगा’-ममता बनर्जी

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‘मुझे रोकना है तो पहले मारना होगा’-ममता बनर्जी
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में जारी सियासी संकट के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें रोकना है तो पहले उन्हें मारना होगा। ममता ने बागियों को गद्दार बताते हुए कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा और वह उनके नेतृत्व वाले गुट के पास ही रहेगा।

ममता ने स्पष्ट किया कि उन्हें बागी गुट की ओर से सलाहकार बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन वह किसी भी परिस्थिति में उनके साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता दबाव में पार्टी छोड़कर गए हैं, लेकिन वह भाजपा या किसी अन्य दबाव के सामने नहीं झुकेंगी और उनकी पार्टी भी ऐसा नहीं करेगी।

तृणमूल भवन पर बागी गुट के कब्जे के मुद्दे पर ममता ने कहा कि कार्यालय किराये पर लिया गया था और उसका लीज समझौता अक्टूबर 2027 तक वैध है। किसी व्यक्ति के पार्टी छोड़ देने से संस्था समाप्त नहीं हो जाती। पार्टी की संपत्ति पर कोई जबरन कब्जा नहीं कर सकता।

उन्होंने बागी विधायकों से सवाल किया कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में हस्ताक्षर किए, वे चुनाव के दो महीने के भीतर ही गद्दार कैसे बन गए। ममता ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की विचारधारा भाजपा के खिलाफ है और भाजपा के साथ खड़े होकर पार्टी का दावा नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय और बंगाल इकाई की कमान खुद संभालने की घोषणा की

चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद ममता ने राष्ट्रीय और बंगाल इकाई दोनों की जिम्मेदारी खुद संभालने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब उनके आवास स्थित कार्यालय को ही तृणमूल कांग्रेस का मुख्य कार्यालय बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन 4 जुलाई से

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन 4 जुलाई से

आईआईएम रायपुर में होगा आयोजन: विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न, सुशासन और भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

नीति, नवाचार, नेतृत्व और परिणामोन्मुखी शासन पर विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन 4 एवं 5 जुलाई को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रायपुर में किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, नवाचार आधारित तथा परिणामोन्मुख बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न को नई गति देना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन को भी निरंतर सीखना, स्वयं का मूल्यांकन करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप आयोजित यह चिंतन शिविर मंत्रिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों के राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, अनुभव-साझाकरण तथा नीति-निर्माण का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

शिविर में प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी जनसेवा जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित होंगे। इन चर्चाओं के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं, विभागीय समन्वय और जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भावी रणनीति तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सुशासन केवल योजनाएँ बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय की मांग के अनुरूप स्वयं को निरंतर बेहतर बनाते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भी है। चिंतन शिविर इसी सतत सुधार की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है जो पारदर्शी, उत्तरदायी, संवेदनशील और परिणाम आधारित हो तथा जिसका प्रत्यक्ष लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नीति, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संभव होगा। चिंतन शिविर में होने वाला मंथन आने वाले वर्षों की विकास यात्रा को नई दिशा देगा।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
चिंतन शिविर के प्रथम दिवस की शुरुआत आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के नेतृत्व एवं जीवन मूल्यों पर व्याख्यान से होगी। इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों एवं भविष्य की शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। डॉ. रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष व्याख्यान देंगे।

द्वितीय दिवस की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके पश्चात सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र की संभावनाओं, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति एवं विकास, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति तथा डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने विचार साझा करेंगे।

सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को मिलेगा बल
चिंतन शिविर का प्रमुख उद्देश्य शासन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देना, विभागों के बीच अभिसरण एवं समन्वय को मजबूत करना, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा परिणामोन्मुखी प्रशासनिक संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। साथ ही शासन में प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग, नवाचार आधारित समाधान और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी।

मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सेवा भाव को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस आश्रमवासियों एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रमवासियों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर हरा चारा अर्पित किया और गौसेवा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण कर ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर सहित विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने वाहन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचाई जा रही कैंसर जांच सेवाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसी पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब,सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष भोजराज देवांगन, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल, बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में भी बड़े बदलाव की चर्चा

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मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल, बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में भी बड़े बदलाव की चर्चा
मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बीच बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में भी बदलाव की चर्चा जोरों पर है। हालांकि केंद्रीय कैबिनेट और पार्टी की सेंट्रल टीम में कब बदलाव होगा, इसको लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि दोनों जगहों पर आगामी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव का भी खासा ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट में हाल ही में NDA में शामिल हुए बागी नेताओं को भी इनाम दिया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन नवीन ने अपनी टीम तैयार करने के लिए पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने नेताओं की एक लिस्ट भी बना ली है।

बैठकों का चल रहा दौर
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में बदलाव को लेकर पार्टी के अंदर बैठकों का दौर चल रहा है। गुरुवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। यह बैठक करीब 3 घंटे चली। इस दौरान पार्टी महासचिव बीएल संतोष भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि संगठन में बदलाव को लेकर नितिन नवीन और बीएल संतोष ने अमित शाह से मुलाकात की है।

इससे पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर भी बैठक हो चुकी है। इस बैठक में अमित शाह, नितिन नवीन, जेपी नड्डा के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए थे।

क्या है बीजेपी की रणनीति
मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही है। इसमें से कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट से कई नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी हाईकमान का प्रयास है कि संगठन को आगामी राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों के लिए और मजबूत बनाया जाए।

युवाओं और सीनियर नेताओं को मिलेगा मौका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं और सीनियर नेताओं के बीच संतुलन बनाया जाएगा। इसके अलावा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को भी पार्टी खासा ध्यान रखेगी। माना जा रहा है कि चुनावी राज्यों वाले नेताओं को संगठन में ज्यादा अहमियत मिल सकती है। अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में भी चुनाव है।

यूपी में बीजेपी ने पंकज चौधरी की टीम का गठन कर लिया है और चुनावी तैयारियों में जुट गई है। ऐसे में अब सेंट्रल टीम में भी जल्द ही फेरबदल की अटकलें लगाना शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मध्यप्रदेश को ई नगर पालिका पोर्टल की साइबर सुरक्षा श्रेणी का पुरस्कार

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राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मध्यप्रदेश को ई नगर पालिका पोर्टल की साइबर सुरक्षा श्रेणी का पुरस्कार
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत ई नगर पालिका के साइबर सुरक्षा श्रेणी में प्रतिष्ठित रजत पुरस्कार प्राप्त कर राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह सम्मान भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया। पुरस्‍कार केंद्रीय राज्य मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदान किया। विभाग की ओर से आयुक्त संकेत भोंडवे ने पुरस्कार ग्रहण किया।

उल्लेखनीय है कि यह सम्मान विभाग द्वारा डिजिटल प्रशासन, सुरक्षित आईटी अवसंरचना, डेटा संरक्षण तथा नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में किए गए नवाचारपूर्ण प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है।

आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग ने आधुनिक तकनीकों और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों के माध्यम से पारदर्शी, सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दी है। साइबर सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और डेटा संरक्षण के लिए अपनाए गए प्रभावी मानकों से विभाग की डिजिटल प्रणालियों की विश्वसनीयता लगातार मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभाग नागरिकों को सुरक्षित, भरोसेमंद और अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और इस दिशा में टीम भावना से बेहतर प्रयास किए जाएंगे.

चेतन चौधरी ने हत्याकांड की कोशिश क्राइम पेट्रोल देखकर सीखी थी जांच से बचने की चाल

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चेतन चौधरी ने हत्याकांड की कोशिश क्राइम पेट्रोल देखकर सीखी थी जांच से बचने की चाल
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार चल रही है। जांच के दौरान केतन अग्रवाल के मर्डर के मुख्य आरोपी सिया और चेतन चौधरी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि चेतन चौधरी ने वारदात के पहले टीवी शो क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड देखे थे ताकि वह यह सीख पाए कि अपराध के बाद जांच एजेंसियों को कैसे चकमा दिया जा सकता है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सच को सामने लाने में जुटी हुई है।

सिया और चेतन के बयान में विरोधाभास
वहीं दूसरी तरफ दोनों आरोपियों के बयान मेल नहीं खा रहे हैं, काफी विरोधाभास देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि एक ही चीज को लेकर दोनों अलग-अलग बयान दे रहे हैं। इसी वजह से मामला और उलझ जा रहा है और काफी प्रश्न खड़े हो जा रहे हैं। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस दोनों का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरा सच सामने बाहर आ सके। सिया ने टेस्ट की अनुमति दे दी है और पुलिस भी अदालत से अनुमति लेने की प्रोसेस पूरी कर रही है।

18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई थी केतन की हत्या
पुलिस के अनुसार, 18 जून को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले के पास पहाड़ी से धक्का देकर हत्या कर दी गई थी। केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और उनकी शादी होने वाली थी जिसके लिए उन्होंने 17 करोड़ का पैलेस भी बुक किया था। जांच में सामने आया है कि केतन, सिया और चेतन के रिश्ते के बीच बड़ी रुकावट माना जा रहा था। वह दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे के साथ थे। इसी वजह से दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश को पहले से सोच-समझकर अंजाम दिया गया था।

सिया के घर पर हुई तलाशी
गुरुवार को पुणे पुलिस सिया गोयल के घर पहुंची और वहां कई घंटों तक तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने घटना वाले दिन पहने गए कपड़े अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा मोबाइल समेत कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। अब इन सभी चीजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इन सबूतों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वारदात से पहले और बाद में दोनों आरोपियों ने क्या-क्या किया और किससे संपर्क में थे।

मैं वापस आऊंगा और अल्फा की सफलता को लेकर उत्साहित हैं शर्वरी

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मैं वापस आऊंगा और अल्फा की सफलता को लेकर उत्साहित हैं शर्वरी
अभिनेत्री शर्वरी इन दिनों निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अपने अभिनय को मिल रही सराहना से उत्साहित हैं। अब वह अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘अल्फा’ की रिलीज का इंतजार कर रही हैं, जो 3 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। एक महीने के भीतर दो अलग-अलग शैलियों की फिल्मों का हिस्सा बनने पर शर्वरी ने इसे अपने करियर का बेहद खास दौर बताया है।

शर्वरी ने कहा, “‘मैं वापस आऊंगा’ को दर्शकों से मिल रहे प्यार ने मुझे भावुक कर दिया है। एक कलाकार के तौर पर यही सपना होता है कि आपकी कहानी लोगों के दिलों तक पहुंचे। इस सफलता का पूरा श्रेय इम्तियाज अली सर को जाता है। उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और एक ऐसी कहानी बनाई, जिससे दर्शक खुद को जोड़ पाए। अगर ‘मैं वापस आऊंगा’ और ‘अल्फा’ दोनों ही दर्शकों का दिल जीत लें, तो यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा होगा।” उन्होंने दर्शकों के प्यार और समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त किया।

यशराज फिल्म्स की ‘अल्फा’ में शर्वरी पहली बार बड़े पैमाने की एक्शन फिल्म में नजर आएंगी। फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं। लगातार दो बड़ी थिएटर रिलीज के साथ शर्वरी का करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगर दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के बीच सफल रहती हैं, तो शर्वरी इंडस्ट्री की उभरती हुई भरोसेमंद अभिनेत्रियों में अपनी जगह और मजबूत कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और ऊँचे सपनों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा से उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उत्कृष्टता की नई संस्कृति को आगे बढ़ाएगी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद कमलेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

विधायक किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा।

समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने पावन अमरनाथ यात्रा हेतु देश के नाम विशेष संदेश

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प्रधानमंत्री ने पावन अमरनाथ यात्रा हेतु देश के नाम विशेष संदेश
ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन मुहूर्त पर हुई प्रथम पूजा के उपरांत, आज बाबा बर्फानी के दर्शन की विश्वप्रसिद्ध अमरनाथ जी यात्रा का औपचारिक और भव्य आगाज हो गया है। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उमंग के बीच, देश के प्रधान नरेंद्र मोदी ने सभी तीर्थयात्रियों को ‘हर-हर महादेव’ और जय बाबा बर्फानी के उद्घोष के साथ अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा का जीवंत अध्याय और भारत की विविधता में एकता का सर्वोत्कृष्ट प्रतीक बताया है।

अपने विशेष संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि कैसे अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले लोग महादेव के दर्शन के एक साझा संकल्प के साथ एकाकार हो जाते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों के आतिथ्य भाव और देश भर से आए भंडारा संचालकों की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यही ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के महान आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।