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जगन्नाथ रथ यात्रा की वो चमत्कारी डोर

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जगन्नाथ रथ यात्रा की वो चमत्कारी डोर
हर वर्ष उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है। इस दौरान रथ के आगे विशाल रस्सियां हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बैरिकेड्स के ऊपर से झुककर उस रस्सी को छूने की प्रतीक्षा करते हैं।

रथ यात्रा में आए कुछ सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को रस्सी छूने का मौका भी मिल जाता है। कई लोग रस्सी के एकमात्र स्पर्श से भी खुद को धन्य समझ लेते हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा की रस्सी की कहानी
कई लोगों को जानकार हैरानी हो सकती है कि एक साधारण सी रस्सी जो दिखने में काफी सामान्य और व्यावहारिक लग सकती है, लेकिन इसका सिर्फ एक ही उद्देश्य होता है, इतनी विशाल आध्यात्मिक श्रद्धा को प्रेरित करना। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली इस रस्सी को वासुकी के नाम से जाना जाता है। इसे नंदीघोष भी कहा जाता है।

दुनियाभर के अधिकांश मंदिर उत्सवों में जहां भक्त गर्भगृह में देवता के दर्शन के लिए इंतजार करते हैं, वहीं रथ यात्रा की अनोखी परंपरा इससे काफी अलग है। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ मंदिर से बाहर निकलकर लोगों के बीच घूमते हैं। यही वजह है कि, रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब पुरी की सड़कों पर आ जाता है।

विशालकाय लकड़ी से बने रथों को कोई एक इंसान नहीं खींचता है, बल्कि हजारों लोग रथ एक साथ चलते हैं, एक होकर रथ का भार उठाते हैं।

मंदिर से जुड़ी परंपराओं में यह भी बताया गया है कि, पवित्र रस्सी को छूने या खींचने से पिछले जन्म के पापों का निवारण होता है। कहा जाता है कि, ये मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही है और अब त्योहार का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। हालांकि रस्सी का धार्मिक महत्व इससे कहीं ज्यादा है।
हिंदू दर्शन में इसका मतलब

यहां जीवन की तुलना एक यात्रा से की जाती है। लोग अनुशासन, इच्छाशक्ति और सबसे बढ़कर, अहंकार त्यागने की भावना से आगे बढ़ते हैं। वासुकी चुपचाप इस विचार को प्रतिबिंबित करते हैं। वे खुद रथ का नेतृत्व नहीं कर रहे हैं, वे सिर्फ भक्तों और देवता के बीच कड़ी बन रहे हैं।

रथ यात्रा के दौरान सामाजिक भेदभाव मिट जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों द्वारा एक ही रथ को खींचना मन में आशा की उम्मीद जगाता है। शायद यही वजह है कि, आज भी रथ यात्र के दौरान लोग इतने ही आकर्षित होते हैं।

नेटफ्लिक्स सीरीज Operation Safed Sagar का टीजर रिलीज

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नेटफ्लिक्स सीरीज Operation Safed Sagar का टीजर रिलीज
नेटफ्लिक्स की अपकमिंग वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर 7 अगस्त को रिलीज होने वाली है। ओनी सेन द्वारा निर्देशित इस शो में सिद्धार्थ (Siddharth), जिमी शेरगिल (Jimmy Shergill), अभय वर्मा (Abhay Varma), दीया मिर्जा (Dia Mirza), प्राजक्ता कोली (Prajakta Koli), आदिल हुसैन, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्नव भसीन और अमृता बागची प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

शादी पर मचा बवाल, 20 दिन बाद दूल्हे को भी साथ ले गई पुलिस

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शादी पर मचा बवाल, 20 दिन बाद दूल्हे को भी साथ ले गई पुलिस
बुंदेलखंड में विवाह योग्य युवकों के लिए जीवनसाथी तलाशना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर सक्रिय दलाल गिरोह लोगों को झांसे में लेकर शादियां करा रहे हैं, जिनके बाद परिवारों को कानूनी और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसा ही मामला टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की बंधा चौकी अंतर्गत सामने आया है, जहां दलालों के माध्यम से कराई गई शादी के महज 20 दिन बाद उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की पुलिस कथित नाबालिग दुल्हन को बरामद करने पहुंची और दुल्हे को भी अपने साथ ले गई।

बंधा निवासी राजेश शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनके छोटे भाई नीतेश शुक्ला का विवाह 16 जून को अछरू माता मंदिर में कराया गया था। यह रिश्ता बम्हौरी बराना निवासी रामकुमार नायक, बब्लू बिदुआ और संतोष चौबे नामक लोगों ने तय कराया था। परिवार को बताया गया था कि युवती प्रयागराज (नैनी) की रहने वाली है और उसके माता-पिता नहीं हैं। विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी परिवार के साथ सामान्य जीवन बिता रहे थे।

पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की
परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब पांच बजे उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार से कुछ लोग पुलिस बताकर घर पहुंचे और युवती के साथ दूल्हे नीतेश को भी अपने साथ ले गए। परिवार ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। राजेश का आरोप है कि स्थानीय बंधा चौकी को पहले से इसकी कोई सूचना नहीं थी, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि कहीं यह कोई साजिश या अपहरण का मामला तो नहीं है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

थाना प्रभारी का बयान
हालांकि, मोहनगढ़ थाना प्रभारी अंकित दुबे ने बताया कि जिस युवती का विवाह कराया गया था, वह नाबालिग है। उसके अपहरण का मामला उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रामगंज थाने में अपराध क्रमांक 49/26 के तहत दर्ज है। उसी प्रकरण में अमेठी पुलिस युवती को बरामद करने आई थी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के तहत उसे अपने साथ ले गई।

भारत पर ये 3 महीने भारी, एक्‍सपर्ट ने बताया इसके बाद क्‍या होगा

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भारत पर ये 3 महीने भारी, एक्‍सपर्ट ने बताया इसके बाद क्‍या होगा
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (अप्रैल-मार्च) की पहली तिमाही में भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर ग्लोबल झटकों का असर पड़ सकता है। लेकिन, यह टेम्‍परेरी होगा। मौजूदा अनिश्चितताओं के बावजूद देश की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की राह मजबूत बनी हुई है। ‘कुछ अनिश्चितता तो है ही। लेकिन, मुझे लगता है कि अगर आप इस तिमाही के प्रदर्शन और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को देखें और अलग-अलग एजेंसियों के अनुमानों पर गौर करें तो यह साफ है कि भारत लंबे समय तक 6.5% से 7% से ज्‍यादा की दर से लगातार आगे बढ़ता रहेगा।’

लॉन्ग-टर्म ग्रोथ में आते रहते हैं उतार-चढ़ाव
रारा ‘क्रेडिबल ग्रोथ: कैपिटल, एंटरप्रेन्योरशिप और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग’ पर इंडस्ट्री की एक चर्चा के दौरान बोल रहे थे। इस चर्चा का फोकस बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के जरिए निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर था।

उन्होंने कहा, ‘बाहरी वजहों से हमें कुछ समय के लिए रुकावटों या ऐसे दौर का सामना करना पड़ सकता है जब ग्रोथ उस लेवल पर न हो। लेकिन, लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ऐसे ही काम करती है। उस दौरान उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।’

इस इवेंट में निवेशकों के नजरिए से ‘क्रेडिबल ग्रोथ’ (भरोसेमंद ग्रोथ) क्या है और लॉन्ग-टर्म कैपिटल को आकर्षित करने में गवर्नेंस फ्रेमवर्क की क्या अहमियत है, इस पर चर्चा की गई।

योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान

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योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इसी क्रम में खेल विभाग की भूतपूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना पूर्व खिलाड़ियों के लिए बड़ा संबल बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 223 पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस योजना का लाभ अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को भी मिल रहा है।

इस तरह सरकार की इस पहल से न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि उनके योगदान को सम्मान भी प्राप्त हो रहा है। खेल जगत इसे खिलाड़ियों के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण मान रहा है।

52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों तथा खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है।

 

इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये की सहायता दी गई।
राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही सहायता

इसी प्रकार 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और 2 पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ियों को भी प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

योजना का लाभ केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने उन खिलाड़ियों को भी इस योजना में शामिल किया है, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इसके तहत राज्य स्तर के 126 भूतपूर्व खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के 24 खिलाड़ियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 भूतपूर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई।
हॉकी, तैराकी, फुटबाल समेत कुल 31 खेल शामिल

इन खिलाड़ियों के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए उनकी मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही खिलाड़ी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। योजना के संचालन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है।

खेल विभाग संबंधित जिलों के खेल अधिकारियों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराता है। जनपद स्तर के खेल अधिकारी लाभार्थी खिलाड़ियों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता हस्तांतरित करते हैं।

इसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, नेटबाल, टेनिस, हॉकी, तैराकी, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वुशू, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग समेत कुल 31 खेल शामिल हैं।

लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश

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लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत वाली इमारत को गिराने का रास्ता साफ हो गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने भवन को स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और नियमों के खिलाफ निर्मित मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है.

एलडीए की जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया था. वहीं, एसआईटी जांच में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच के अनुसार भवन में फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट बनाई गई थी, निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का लोड लिया गया था और अग्नि सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया था.

मालिक निर्माण ध्वस्त नहीं करता है तो LDA करेगा कार्रवाई
एलडीए ने भवन स्वामी को आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों के भीतर स्वयं भवन ध्वस्त करने का निर्देश दिया है. प्राधिकरण के अनुसार, यह समयावधि नियमावली के तहत अनिवार्य प्रावधान के अनुसार दी गई है. यदि तय समय में भवन मालिक स्वयं निर्माण नहीं हटाता है, तो एलडीए अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भवन स्वामी से वसूलेगा.

लखनऊ के आग हादसे ने 15 परिवारों के उजाड़ दी थी जिंदगी
22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में हुए इस भीषण हादसे ने 15 परिवारों के जिंदगी उजाड़ दी थी. यह आग इतनी तेजी से फैली थी कि इमारत में मौजूद कई लोग अंदर फंस गए. दमकल की कई गाड़ियों और राहत-बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी. इस हादसे के बाद गठित एसआईटी और एलडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसमें भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया था.

सीजफायर खत्म होने से बढ़ा वर्ल्ड वार का खतरा

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सीजफायर खत्म होने से बढ़ा वर्ल्ड वार का खतरा
कतर की तरफ से एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है. इसी सिलसिले में कतर के वार्ताकार ईरान गए हैं. यह दावा सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है.

इस यात्रा के जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौता खत्म के ऐलान के बाद कतर के वार्ताकार ने ईरान का रुख किया है. साथ ही इस तनाव को कम करने की कोशिशें की गईं. वहीं, पश्चिम एशिया में हाल में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. ऐसे में इसे अमेरिका और ईरान में एक बार फिर बातचीत शुरू करने की कोशिशों के तौर पर इसे देखा जा रहा है.

अमेरिका के साथ तालमेल बिठाक यात्रा को किया गया: रिपोर्ट
CNN की मानें तो अमेरिका साथ तालमेल बिठाकर इस यात्रा को किया गया है. बातचीत का मकसद टेंशन कम करने और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच बातचीत की संभावना को फिर बनाना उद्देश्य है. यह कदम दोनों तरफ से हुए तेज हमलों के बाद शुक्रवार को उठाया गया है. फिलहाल हमलों में कमी आई है. इन हमलों से दोनों देशों में एक बार फिर समझौता टूटने का खतरा पैदा हो गया था.

मध्यस्थ देश दोनों को एक टेबल पर फिर लाने की कर रहे कोशिश
ऐसे में मध्यस्थ देश दोनों को फिर से टेबल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजो को निशाना बनाया है. तो वहीं अमेरिकी सेना ने भी तेहरान पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए. इससे दोनों पक्षों में तनाव गहरा गया. सीएनएन ने बताया कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को खत्म करने की पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें जारी है.

राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल,दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

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राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल,दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की अलग-अलग केस में सजा सुनाई है. लेकिन अपने इस फैसले पर तुरंत अमल पर हाईकोर्ट ने दो महीने की रोक लगा दी है. इससे राजपाल यादव को दो महीने का और भी वक्त मिल गया है. हाईकोर्ट की ओर से बड़ी राहत इसलिए दी गई है ताकि वो हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे सकें.

राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय क्या बोले?
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने चेक बाउंस मामले को लेकर हाईकोर्ट से मिला राहत को लेकर कहा, ‘अदालत ने अभी तक पूरी राहत नहीं दी है. फिलहाल, उन्हें दो महीने का विस्तार दिया गया है. हमें वास्तव में जो कहा गया है उसे समझने के लिए ऑर्डर शीट और फैसले की जांच करने की आवश्यकता है. तभी हम आपको ठीक से जानकारी दे पाएंगे.’

राजपाल यादव के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से की गई कार्यवाही कई मामलों की है. उन्होंने आगे जानकारी दी, ‘5 करोड़ रुपये में से हमने पहले ही लगभग 4.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं. हालांकि, समस्या इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि कई कार्यवाही हैं. एक मामले में, दावा लगभग 11 करोड़ रुपये का है, जबकि एक सिविल डिक्री है. लगभग 10.5 करोड़ रुपये के लिए. साथ ही, लगभग 11.5 करोड़ रुपये का एक आपराधिक मामला है, भले ही ये सभी कार्यवाही एक ही अंतर्निहित लेनदेन से संबंधित हैं.’

रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिवादन, हुआ जगह-जगह भव्य स्वागत

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रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिवादन, हुआ जगह-जगह भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को कालापीपल में रोड शो कर जनता का अभिवादन किया। नगरवासियों ने उनका जगह-जगह ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग पर नागरिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रोड शो नायरा पेट्रोल पंप से प्रारंभ होकर सभा स्थल तक पहुंचा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों तथा आमजन ने जगह-जगह स्वागत मंच बनाकर मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ भेंट, पुष्प हार एवं पारम्परिक साफा बांधकर हार्दिक अभिनन्दन किया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और जयघोष के बीच मुख्यमंत्री का नागरिकों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने किया 30.86 करोड़ रुपए के विभिन्न 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण

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मुख्यमंत्री ने किया 30.86 करोड़ रुपए के विभिन्न 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आधारभूत विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ‘कृषि और कृषक’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर से अधिक पहुंच गया है, जिससे कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30.86 करोड़ रुपए के 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 01 करोड़ 45 लाख 56 हजार रूपये की लागत के 04 कार्यों का भूमि पूजन और 29 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये लागत के 8 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। सम्मेलन में किसान भाइयों ने भावांतर भुगतान योजना एवं केसीसी ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का गजमाला से साथ ही हल भेंटकर एवं महिला किसानों ने राखी बांधकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को हितलाभ वितरण कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधा भी लगाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं उपस्थित अतिथियों ने एक पेड़ मॉ के नाम, हर भरा कालापीपल अभियान अंतर्गत 04 लाख पौधे रोपण के लक्ष्य अन्तर्गत कृषि उपज मण्डी प्रांगण में पौध-रोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौध-रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी से पौध-रोपण अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल क्षेत्र 04 लाख पौधे रोपित करने के लक्ष्य का यह वृक्ष गंगा अभियान का नया रिकॉर्ड बना रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौपालकों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत अब तक लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना सहित विभिन्न नदी जोड़ो योजनाओं से लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे शाजापुर सहित अनेक जिलों के किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले के प्रत्येक गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार चरणबद्ध तरीके से किसानों को दिन के समय ही सिंचाई के लिये विद्युत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों को अब खरीफ और रबी फसल के लिए अलग-अलग ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कृषि लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उद्योगों में बड़े निवेश के साथ युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचनात्मक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकास कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में शाजापुर जिला प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शाजापुर जिला मेडिकल शिक्षा, आयुर्वेदिक और शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा का हब बनने जा रहा है। मंत्री परमार ने कहा कि शाजापुर में मेडिकल कॉलेज व शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की सौगात तथा कई सांदीपनि विद्यालय शाजापुर जिले में बनाए जा रहे हैं, इससे शाजापुर जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

क्षेत्रीय सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शाजापुर लोकसभा क्षेत्र में किये जा रहे नए-नए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी एवं डॉ. रवि पांडे ने भी सभा को संबोधित किया।