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‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाईल एप का किया शुभारंभ

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‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाईल एप का किया शुभारंभ
मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ का लोकार्पण तथा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स का और 10 पुलिस वाहनों का लोकार्पण कर इन्हें इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल कराया। यह ड्रोन्स पुलिस की तीसरी आंख के रूप में हर वक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी की पूर्ति भी क्रमबद्ध रूप से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर साल पुलिस विभाग के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती कर रहे हैं। लगभग सभी पदों पर भर्ती जारी है। हम प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा पुलिस विभाग के साथ है। परन्तु नागरिकों को बेवजह परेशानी या अपने पदीय कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक लोगों के हित में है, तो एक चुनौती भी है, इसलिए इसका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन पुलिस का कान्सेप्ट इंदौर से ही आया है। अब यह एक मिसाल बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘विरासत से विकास’ के मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने जिस इंदौर को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के जीवन मूल्यों से जोड़ा था, अपनी श्रम साधना से सींचा था, आज वही शहर नवाचार और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान वास्तव में सुशासन की दिशा में ‘लोक कल्याणकारी राज्य’ के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार तकनीक से लोगों की तकदीर बदलने, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकसेवा का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ जैसे नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को नई ताकत प्रदान करेंगे। आज इंदौर में हुआ यह नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को बेहतर काम करने की नई ऊर्जा देगा तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। आज लोकार्पित ड्रोन्स कानून व्यवस्था की स्थापना में पुलिस के लिए सहायक होंगे, वहीं ट्रेफिक साथी ऐप वाहन चालकों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। इस ऐप के जरिए वाहन चालक पार्किंग की बेहतर लोकेशन जान सकेंगे।

पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 ड्रोन्स शामिल किए जा रहे हैं। अब इंदौर पुलिस भीड़ के समुचितप्रबंधन में इन अत्याधुनिक ड्रोन्स के बेहतर उपयोग करने के लिये तैयार हो गई है। इन ड्रोन्स से 2 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। उन्होंने कहा कि अब हम न सिर्फ ट्रैफिक बल्कि अपराधों पर भी नजर रख सकेंगे। इसका प्रयोग इंदौर में रंगपंचमी पर निकली गैर और बसंत पंचमी पर भोजशाला में कानून व्यवस्था के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने 4 हजार 370 लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे हैं।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सु उषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, विधायिका मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, विधायक मनोज पटेल, विधायक राकेश शुक्ला सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

म्यांमार सीमा पर तनाव को लेकर पीएम मोदी ने जताई चिंता

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म्यांमार सीमा पर तनाव को लेकर पीएम मोदी ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों और शरणार्थियों की स्थिति पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से म्यांमार में सक्रिय सशस्त्र समूहों की गतिविधियों और उनके भारतीय सीमा क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित विशेष ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के भीतर चल रहे संघर्ष और उससे जुड़े सीमा पार प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीमा के आसपास सक्रिय सशस्त्र समूहों और उनके खिलाफ म्यांमार सेना की कार्रवाई का असर भारत की सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।

सीमा पार गतिविधियों को लेकर जताई चिंता
विदेश सचिव के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि म्यांमार में सक्रिय समूहों की गतिविधियां भारतीय सीमा के बेहद करीब तक पहुंच रही हैं। इसके जवाब में म्यांमार सेना की सैन्य कार्रवाई भी सीमा के नजदीक होती है, जिसका असर भारतीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों पर पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने म्यांमार प्रशासन से कहा कि सीमा के पास होने वाली सैन्य कार्रवाई इस तरह की जाए कि भारतीय क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने इस मुद्दे पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत पर जोर दिया।

शरणार्थियों का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान म्यांमार से भारत आए शरणार्थियों का मुद्दा भी चर्चा में रहा। विक्रम मिस्री ने कहा कि म्यांमार में जारी संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग मिजोरम पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि शरणार्थियों की वापसी का एक तय तंत्र मौजूद है और इस संबंध में दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।

ICC ने बदल दिए टेस्ट क्रिकेट के नियम

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ICC ने बदल दिए टेस्ट क्रिकेट के नियम
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है. दरअसल टेस्ट मैचों में अक्सर दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी समाप्त करना पड़ता है. इसके समाधान के रूप में आईसीसी ने खराब रोशनी के समय पिंक बॉल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. हालांकि फिलहाल यह केवल परीक्षण के आधार पर है.

31 मई यानी आईपीएल 2026 के फाइनल के दिन अहमदाबाद में आईसीसी बोर्डस की बैठक हुई थी. इसी बैठक में पिंक बॉल के इस्तेमाल पर फैसला लिया गया. इस फैसले का उद्देश्य टेस्ट मैचों में ओवरों की संख्या को अधिकतम करना है. आमतौर पर खराब रोशनी के कारण दिन का खेल जल्दी खत्म कर दिया जाता है, जिससे मुकाबले में ओवरों की संख्या घट जाती है.

बता दें कि क्रिकेट के इतिहास में सबसे पहला पिंक बॉल टेस्ट मैच 2015 में खेला गया था. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 3 विकेट से हराया था. उसके बाद समय-समय पर देशों के बीच गुलाबी गेंद से मैच खेले जाते रहे हैं. खराब रोशनी के समय पिंक बॉल का इस्तेमाल तभी किया जा सकेगा, जब दोनों टीम इस पर सहमति जताएं.

कोच मैदान में आ सकेंगे
आईसीसी ने एक और बड़ा बदलाव किया है. अब मुकाबलों के दौरान जब भी ड्रिंक्स ब्रेक होगा, तब कोच, खिलाड़ियों से बातचीत करने के लिए मैदान में प्रवेश कर सकेंगे. अहमदाबाद में हुई बैठक में एक और बड़े फैसले पर मुहर लगाई गई. वहीं गेंदबाजों के संदिग्ध एक्शन का पता लगाने के लिए मैच ऑफिशियल्स अब हॉक-आई डेटा को देख पाएंगे. यह नया नियम एक अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा.

दिल्ली के महरौली में इमारत ढहने के मामले में बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार किया

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दिल्ली के महरौली में इमारत ढहने के मामले में बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार किया
दिल्ली के महरौली इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन मालिक करमवीर (71) को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं.

इमारत ढहने से 6 लोगों की गई जान
यह हादसा दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजाब में शनिवार को हुआ था, जब एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया.

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया जा रहा था. इसी वजह से भवन की मजबूती और निर्माण मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्माण कार्य नियमों के तहत हो रहा था या नहीं और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई.

MCD अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
हादसे के बाद नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था. ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी और यदि थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी ने भाजपा और नगर निगम प्रशासन को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

इंदौर में पुण्य श्लोका की 301वीं जयंती उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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इंदौर में पुण्य श्लोका की 301वीं जयंती उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के गांधी हाल में पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्म जयंती उत्सव कार्यक्रम में सहभागिता की। भव्य जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई को सुशासन, लोकसेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अद्वितीय प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि लोकमाता का शासन-प्रशासन हम सबको राम राज्य की याद दिलाता है। उस समय की बड़ी-बड़ी राजसत्ताओं के सामने देवी अहिल्याबाई ने अपने राज कौशल से सुशासन के नए प्रतिमान गढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा भारत जिस नए सांस्कृतिक और धार्मिक जनजागरण का साक्षी बन रहा है, उसकी नींव लोकमाता ने लगभग तीन शताब्दी पहले ही रख दी थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने न केवल एक कुशल शासक के रूप में, वरन् धर्म, समाज और संस्कृति की ममतामयी संरक्षक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कर भारतीय आस्था और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने आस्था और अर्चना के प्रतीक हमारे मंदिरों की पुनर्स्थापना कर धर्म की रक्षा की तथा लोककल्याण को शासन का मूल आधार बनाया। उन्होंने भारतीयों को आत्मसम्मान के साथ जीना और इसके लिए लड़ना भी सिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर की दो विभूतियों म.प्र. उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत और न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी को ‘अहिल्या गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने यहां फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता धर्म का मर्म समझती थीं। वे उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली दूरदर्शी शासक थीं। राजनीति, कूटनीति, वित्तीय प्रबंधन और अर्थव्यवस्था पर उनकी गहरी समझ थी। उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि महेश्वरी साड़ियां आज विश्वभर में भारत की समृद्ध एवं बेजोड़ परिधान कला और उद्यमिता का गौरव बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी लोकमाता द्वारा बताये गये लोकसेवा और जनकल्याण के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के समग्र सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इंदौर की पुलिस बटालियन नंबर-1 का नाम अहिल्याबाई बटालियन रखा है। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजबाड़ा में ही कैबिनेट बैठक की और भोपाल में वृहद महिला सम्मेलन भी आयोजित किया था।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में लोकमाता के योगदान का उल्लेख कर उन्हें कुशल प्रशासिका, सुशासन की अग्रदूत और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता की जन्म स्मृति में इस भव्य एवं सफल आयोजन के लिए नगर निगम इंदौर एवं सहयोगी संस्था अवोम भारत के पदाधिकारियों को बधाई दी।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर लोकमाता की कर्मस्थली रहा है। उन्हीं के पुण्य प्रताप से इंदौर स्वच्छता के मामले में सुपर लीग में आ चुका है। क्लीन एयर इनीशियेटिव में भी इंदौर आगे है। इंदौर अब डिजिटल सिटी बनने जा रहा है। यहां हर दिशा में विकास कार्य हो रहे हैं। वर्ष 2029 तक इंदौर की जल क्षमता दुगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या उत्सव 2026 लोकमाता को सच्ची श्रद्धांजलि है। हम उन्हीं के बताए सद्मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।

अहिल्या उत्सव 2026 कार्यक्रम के आरंभ में करीब 150 सदस्यों के एक आर्केस्ट्रा समूह द्वारा बांसुरी एवं अन्य वाद्य यंत्रों के सुमधुर वादन से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की आकर्षक संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इसके बाद ब्रजेश ब्रज ने अपने समूह के साथ गणेश वंदना प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सु उषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायिका मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, विधायक राकेश गोलु शुक्ला, प्रताप करोसिया, सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, डॉ. निशांत खरे, श्रवण चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

भारतीय गणराज्य में भोपाल राज्य के विलय का ऐतिहासिक दिवस

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भारतीय गणराज्य में भोपाल राज्य के विलय का ऐतिहासिक दिवस
आज का दिन मध्यप्रदेश और देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। 1 जून 1949 को तत्कालीन भोपाल रियासत का आधिकारिक रूप से भारतीय संघ में विलय हुआ था। इस ऐतिहासिक घटना के साथ ही भोपाल एक स्वतंत्र रियासत के रूप में समाप्त होकर भारत का अभिन्न अंग बन गया।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अधिकांश रियासतों ने भारत में विलय स्वीकार कर लिया था, किंतु भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान प्रारंभ में विलय के पक्ष में नहीं थे। इस कारण भोपाल राज्य में जनआंदोलन तेज हुआ और प्रजा ने लोकतांत्रिक अधिकारों तथा भारतीय संघ में शामिल होने की मांग को लेकर व्यापक संघर्ष किया।

जनभावनाओं और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए अंततः विलय की प्रक्रिया पूरी हुई। 30 अप्रैल 1949 को विलय समझौते पर हस्ताक्षर हुए और 1 जून 1949 से भोपाल राज्य आधिकारिक रूप से भारत सरकार के प्रशासन के अधीन आ गया। इसके बाद भोपाल को ‘पार्ट-सी स्टेट’ का दर्जा दिया गया तथा केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य आयुक्त के माध्यम से प्रशासन संचालित किया गया।

भोपाल के भारत में विलय ने राष्ट्रीय एकीकरण की प्रक्रिया को और मजबूत किया। यह घटना सरदार वल्लभभाई पटेल और वी.पी. मेनन के नेतृत्व में संपन्न हुए उस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा थी, जिसके माध्यम से सैकड़ों रियासतों का भारतीय संघ में सफलतापूर्वक एकीकरण किया गया।

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत
महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है।

अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना
कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान
गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती
कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा
कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।

किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है।

कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी

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जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी
जिंदगी कभी-कभी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन लेती है कि हर दिन एक संघर्ष बन जाता है। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई, वार्ड क्रमांक 16 निवासी तोपसिंग साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए एक छोटे से पान ठेले का संचालन करते रहे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी रोज दुकान तक पहुंचना।

चलने-फिरने में असमर्थ साहू को हर दिन दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। कई बार समय पर दुकान नहीं पहुंच पाने से आमदनी प्रभावित होती थी। शरीर की तकलीफ से ज्यादा उन्हें इस बात का दर्द था कि वे अपनी मेहनत के बावजूद आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहे थे।इसी बीच उन्हें समाज कल्याण विभाग की उस योजना की जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण लेकर उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया।

31 मई 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत झाड़ूराम देवांगन स्कूल मैदान, दुर्ग में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल आया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने हाथों से उन्हें बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय के हाथों से ट्रायसायकल मिलते ही तोपसिंग साहू की आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों से जिस परेशानी को वे अपनी किस्मत मान चुके थे, उसका समाधान अब उनके सामने था। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह सिर्फ एक ट्रायसायकल नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने की नई ताकत है।

अब साहू बिना किसी सहारे के अपनी दुकान तक पहुंचते हैं। उनके काम में नियमितता आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो रास्ते कभी मुश्किल लगते थे, अब वही रास्ते उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं।

भावुक स्वर में तोपसिंग साहू ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी परेशानी का समाधान इतनी संवेदनशीलता से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके जीवन को नई उम्मीद और नई पहचान दी है।

400 दिन के FD पर मिलेगा 6.75% रिटर्न, एक और इस सरकारी बैंक ने बदली ब्याज दरें

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400 दिन के FD पर मिलेगा 6.75% रिटर्न, एक और इस सरकारी बैंक ने बदली ब्याज दरें
पब्लिक सेक्टर के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने जून महीने की शुरुआत के साथ ही फिक्स डिपाजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव कर दिया है। 3 करोड़ रुपये से कम के निवेश पर 2.70% से लेकर 6.65% तक ब्याज सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। वहीं भारतीय वरिष्ठ नागरिक और सुपर सीनियर सिटीजंस को 5 करोड़ रुपये तक के डॉमेस्टिक टर्म डिपॉजिट पर अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी दे रहा है। इसके अलावा सेविंग्स डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में भी संशोधन किया गया है, जो खाते के बैलेंस पर निर्भर करता है।

सभी बैंक विभिन्न वित्तीय कारकों को ध्यान में रखते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में समय-समय पर बदलाव करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा को विजिट करने की सलाह दी जाती है। ध्यान रखें कि ग्राहक एफडी में 7 दिन से लेकर 10 साल तक का निवेश कर सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा कितना ब्याज?
वरिष्ठ नागरिकों को बैंक 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सभी टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। 60 साल से लेकर 80 साल आयु वर्ग के लोगों के लिए इंटरेस्ट रेट 3.20% से लेकर 7.15% है। वहीं सुपर सीनियर सिटीजंस 80 साल या इससे अधिक आयुवर्ग को बैंक के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.40% है।

इतने दिन के टेन्योर पर सबसे ज्यादा रिटर्न
बैंक सबसे ज्यादा ब्याज 555 दिन के स्पेशल टेन्योर पर ऑफर कर रहा है, इंटरेस्ट रेट 6.65% है। 444 दिन के स्पेशल टेन्योर पर 6.50% रिटर्न मिल रहा है। 400 दिन और 401 दिन से लेकर 446 दिन दो अलग-अलग टेन्योर पर बैंक 6.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। 1 साल से लेकर 399 दिन के एफडी पर 6.20% रिटर्न मिल रहा है।

टेन्योर वाइज ब्याज दरें
7 दिन से लेकर 14 दिन- 2.70%
15 दिन से लेकर 30 दिन- 2.80%
31 से लेकर 45 दिन- 3%
46 से लेकर 90 दिन- 4%
91 से लेकर 120 दिन- 4.30%
121 दिन से लेकर 180 दिन- 4.75%
181 दिन से लेकर 270 दिन- 5.40%
271 दिन से लेकर 364 दिन- 5.60%
1 साल से लेकर 399 दिन- 6.20%
401 दिन से लेकर 443 दिन- 6.25%
444 दिन- 6.50%
445 दिन से लेकर 554 दिन- 6.15%
555 दिन- 6.65%
556 दिन से लेकर 996 दिन- 6.15%
997 दिन- 6.10%
998 दिन से लेकर 3 साल तक- 6.10%
3 साल से अधिक और 10 साल तक- 6%

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी

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मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।