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25 साल का सफर पूरा होने पर आडवाणी से मिले PM मोदी, लिया आशीर्वाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की। पीएम मोदी ने आडवाणी से आशीर्वाद लिया और उनकी दशकों की जनसेवा तथा राष्ट्र के लिए योगदान को याद किया।

पीएम मोदी ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि उन्होंने आडवाणी जी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आडवाणी की दशकों की जनसेवा और देश के सार्वजनिक जीवन में योगदान की अमिट छाप है। उन्होंने देश की प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सरकार के प्रमुख के तौर पर अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में करीब 12.5 वर्ष तक कार्य किया और मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। तब से वह लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं।

आडवाणी से जुड़ा रहा राजनीतिक सफर
लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री और 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री रहे। पीएम मोदी की उनके साथ मुलाकात को 25 वर्ष के राजनीतिक सफर के दौरान वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।

पीएम मोदी के 25 साल के कार्यकाल को लेकर बुधवार को देशभर में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। भाजपा की ओर से ‘विकसित भारत संकल्प सभाओं’ और अन्य कार्यक्रमों के जरिए इस अवसर को चिह्नित किया गया।

यूपी राज्यसभा चुनाव: दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज, 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की तस्वीर साफ

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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया की तस्वीर अब साफ हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों ओंकारनाथ चौरसिया और कांते सायना के पर्चे खारिज कर दिए गए हैं। दोनों के नामांकन में आवश्यक प्रस्तावक संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने की बात सामने आई है।

नामांकन खारिज होने के बाद अब मैदान में भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार, यानी कुल 10 प्रत्याशी रह गए हैं। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण फिलहाल मतदान की जरूरत नहीं दिख रही है।

9 अक्टूबर के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत 9 अक्टूबर नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। यदि इस अवधि में किसी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया, तो भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। ऐसे में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसी के चलते इन सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस चुनाव में भाजपा ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं सपा की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी मैदान में हैं।

सर्वपितृ अमावस्या पर जानें तिथि, महत्व और श्राद्ध की विधि

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पितृ पक्ष का समापन जिस विशेष तिथि पर होता है, उसे सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। इसे महालय अमावस्या, पितृ मोक्ष अमावस्या, अमावस्या श्राद्ध और पितृ विसर्जन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन उन सभी पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारणवश छूट गया हो।

10 अक्टूबर को मनाई जाएगी सर्वपितृ अमावस्या
वर्ष 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात करीब 9:35 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर पर्व 10 अक्टूबर को माना जाएगा।

श्राद्ध और तर्पण के लिए कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि मुहूर्त शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या पुरोहित से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

क्यों खास है यह अमावस्या?
पितृ पक्ष के दौरान सामान्यतः पूर्वजों का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि के अनुसार किया जाता है। लेकिन कई बार किसी परिजन की मृत्यु तिथि याद नहीं रहती या किसी कारण से उस दिन श्राद्ध नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में सर्वपितृ अमावस्या पर उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। इसी वजह से इसे सभी पितरों को समर्पित विशेष तिथि माना जाता है।

कैसे करें श्राद्ध और तर्पण?
इस दिन श्रद्धालु स्नान के बाद पितरों का स्मरण कर तर्पण करते हैं। परंपरा के अनुसार जल और तिल अर्पित किए जाते हैं तथा पितरों के निमित्त भोजन, अन्न, वस्त्र आदि का दान किया जाता है। कई परिवार ब्राह्मण भोज भी कराते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध कर्म श्रद्धा और विधि-विधान से करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

पितरों की विदाई का दिन
सर्वपितृ अमावस्या को पितृ पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है। धार्मिक परंपरा में इस दिन तर्पण और श्राद्ध के माध्यम से पितरों का स्मरण करने के बाद उनकी विदाई की जाती है। इसके बाद देवी पक्ष की शुरुआत मानी जाती है और नवरात्र की तैयारियां शुरू होती हैं।

हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी, स्मृति मंधाना को मिली भारतीय महिला टीम की कमान

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। लंबे समय से टीम की कप्तानी संभाल रहीं हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। उनके फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है।

हरमनप्रीत ने 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय टीम के लिए बतौर खिलाड़ी खेलना जारी रखेंगी। उनके नेतृत्व में भारत ने 2025 में पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। हाल ही में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने 2026 एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

स्मृति मंधाना के हाथों में नई जिम्मेदारी
BCCI ने हरमनप्रीत के बाद स्मृति मंधाना को फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान बनाया है। मंधाना पहले भी भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और उन्होंने 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय तथा 4 वनडे मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया है।

मंधाना ने कप्तानी मिलने पर इसे अपने लिए बेहद खास सम्मान बताया। उन्होंने हरमनप्रीत के योगदान की भी सराहना की और कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी को वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाने की कोशिश करेंगी।

हरमनप्रीत का शानदार कप्तानी रिकॉर्ड
हरमनप्रीत ने 2016 में नियमित टी20 कप्तान की जिम्मेदारी संभाली थी, जबकि 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद वह वनडे और टेस्ट की भी पूर्णकालिक कप्तान बनीं। उन्होंने भारत की ओर से 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। उनके नेतृत्व में भारत ने अपना पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब और लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता।

अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम नए नेतृत्व में आगे बढ़ेगी। टीम का अगला अभियान 16 अक्टूबर से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से शुरू होगा।

दुर्ग की वर्तिका की फिल्म ‘कनपटी भर सिंदूर’ का राष्ट्रीय जागरण फिल्म फेस्टिवल में चयन

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरसी की रहने वाली वर्तिका श्रीवास्तव ने फिल्म जगत में प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म ‘कनपटी भर सिंदूर’ का चयन मुंबई में होने वाले राष्ट्रीय जागरण फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। फिल्म की स्क्रीनिंग अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में होगी।

जबरन विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर आधारित फिल्म
‘कनपटी भर सिंदूर’ समाज में व्याप्त जबरन विवाह जैसी गंभीर समस्या को केंद्र में रखती है। फिल्म के जरिए उन घटनाओं को सामने लाने की कोशिश की गई है, जहां युवाओं का अपहरण कर उनकी इच्छा के विरुद्ध विवाह करा दिया जाता है। वर्तिका के अनुसार, ऐसी घटनाओं का असर संबंधित परिवारों और युवक-युवतियों के पूरे जीवन पर पड़ता है।

फिल्म का निर्देशन आलोक कुमार ने किया है, जबकि वर्तिका श्रीवास्तव ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी निभाई है। सिनेमेटोग्राफी के.एस. सुदीप, एडिटिंग राकेश ओरांव और साउंड डिजाइन निलेश ने किया है। फिल्म में दाउद हुसैन, पंकज देवा और सुब्रत सेन गुप्ता समेत कई कलाकारों ने अभिनय किया है।

अहमदाबाद फिल्म फेस्टिवल में भी हो चुका है चयन
वर्तिका की यह फिल्म इससे पहले अहमदाबाद के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए भी चयनित हो चुकी है। इससे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ में जादू-टोने से जुड़े अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली शॉर्ट फिल्म भी बनाई थी, जिसकी सराहना हुई थी।

फिल्म निर्माण की पढ़ाई के बाद बनाई फिल्म
वर्तिका ने डीएवी पब्लिक स्कूल, हुडको भिलाई से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद पुणे के एमआईटी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया। इसके बाद अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता में हुआ। संस्थान के सहयोग से उन्होंने अपने साथियों के साथ ‘कनपटी भर सिंदूर’ का निर्माण किया और वहीं से पोस्टग्रेजुएट डिग्री भी हासिल की।

दुर्ग की बेटी वर्तिका की फिल्म का राष्ट्रीय स्तर के फिल्म फेस्टिवल में चयन छत्तीसगढ़ के उभरते फिल्मकारों के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मुंबई में होने वाली स्क्रीनिंग में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों और दर्शकों के सामने यह फिल्म प्रदर्शित की जाएगी।

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में उमड़ा युवाओं का सैलाब, जोश और ऊर्जा से गूंजा परिसर

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मध्य प्रदेश में युवाओं को अवसर, रोजगार और नेतृत्व से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही युवाओं की भीड़ जुटने लगी और पूरा परिसर उत्साह एवं ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए करियर, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। युवाओं ने विशेषज्ञों और वक्ताओं से संवाद कर अपने सवाल पूछे तथा भविष्य की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।

युवाओं की प्रतिभा को मंच देने पर जोर
कार्यक्रम में युवाओं की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को सामने लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं। युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संवाद कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।

विकसित मध्य प्रदेश में युवाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा, कौशल, तकनीक, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाकर मध्य प्रदेश के विकास को नई गति दी जा सकती है।

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में उमड़ी युवाओं की भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया। युवाओं में दिखा उत्साह और भागीदारी इस बात का संकेत रहा कि प्रदेश की युवा पीढ़ी नए अवसरों और विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

दशहरे पर किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दशहरे के मौके पर प्रदेश के किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान देने का फैसला किया है। इसके तहत किसान विभिन्न कृषि मशीनों, किसान ड्रोन और कृषि रक्षा उपकरणों पर सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।

कृषि विभाग के अनुसार, नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत 2,166 कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। वहीं फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 1,755 कृषि यंत्रों और उपकरणों के लिए भी किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा।

किसान ड्रोन से लेकर मशीनरी बैंक तक पर लाभ
योजना में कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के लिए 10-10 लाख रुपये तक की लागत वाली परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा किसान ड्रोन और अन्य व्यक्तिगत कृषि यंत्रों पर भी अनुदान दिया जाएगा। फसल अवशेष प्रबंधन के तहत 30 लाख रुपये तक के कस्टम हायरिंग सेंटर समेत विभिन्न कृषि उपकरणों के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

इसके साथ ही त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत मेज सेलर, मिलेट पर्लर, कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए कृषि रक्षा यंत्र और अन्य योजनाओं के कृषि उपकरण भी अनुदान के दायरे में रखे गए हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
किसान कृषि विभाग के पोर्टल agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर ‘किसान कॉर्नर’ के अंतर्गत ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ विकल्प के जरिए जनपदवार आवेदन किया जा सकेगा। पोर्टल पर संबंधित यंत्रों की सूची, अनुदान की प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करें और योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अपने जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

भूकंप के तेज झटकों से हिली दिल्ली, घरों से बाहर निकले लोग

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राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कुछ इलाकों में लोग खुले स्थानों की ओर जाते नजर आए।

भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए जाने की खबर है। झटके महसूस होते ही लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर स्थिति की जानकारी ली। सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप की तीव्रता, केंद्र और गहराई से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए। घर के अंदर होने पर मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे शरण लेना और झटके रुकने के बाद ही सावधानीपूर्वक बाहर निकलना बेहतर माना जाता है।

छत्तीसगढ़ में 100 एकड़ में बनेगा लॉजिस्टिक्स पार्क, सिंगापुर की कंपनी करेगी 700 करोड़ का निवेश

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छत्तीसगढ़ में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है। सिंगापुर की कंपनी यूनिवर्सल सक्सेस (एस) पीटीई लिमिटेड ने इस परियोजना में करीब 700 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष पूंजी निवेश में रुचि दिखाई है।

यह निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सिंगापुर दौरे के दौरान कंपनी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी के साथ हुई बैठक में सामने आया। प्रस्तावित पार्क को आधुनिक तकनीक और सिंगापुर के लॉजिस्टिक्स मॉडल के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

वेयरहाउसिंग से लेकर कोल्ड चेन तक की सुविधा
प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स पार्क में अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग हब, मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल और कोल्ड-चेन नेटवर्क विकसित किए जाने की रूपरेखा है। इससे कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री और औद्योगिक माल के भंडारण तथा परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

परिवहन लागत घटाने और रोजगार बढ़ाने पर जोर
इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित होने से प्रदेश के उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। साथ ही, प्रभावी सप्लाई चेन से परिवहन लागत कम करने और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। परियोजना से अधोसंरचना विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

सिंगापुर दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले SING Forum 2026 में राज्य को कुल 43,250 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई थी, जिसमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े बड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।

‘सब याद रखा जाएगा’, राहुल-प्रियंका के साथ पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस का पोस्ट

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों का प्रदर्शन काफी देर तक चला। संसद से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। करीब 9 घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। 

पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के साथ पार्टी ने संक्षिप्त संदेश लिखा—‘सब याद रखा जाएगा।’ कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध कर रहे थे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।

चुनाव आयोग ने भी दिया जवाब
वहीं, चुनाव आयोग ने कहा कि मंगलवार शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के लिए औपचारिक समय नहीं मांगा था। आयोग के अनुसार, बैठक के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया, SIR और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है।