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करण कुंद्रा ने रोमांटिक अंदाज में तेजस्वी प्रकाश को किया प्रपोज

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करण कुंद्रा ने रोमांटिक अंदाज में तेजस्वी प्रकाश को किया प्रपोज
कपल करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश टीवी के पॉपुलर कपल्स में से एक हैं. दोनों के बीच की कैमेस्ट्री को फैंस खूब पसंद करते हैं. कपल अपनी शादी को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. वहीं अब, करण और तेजस्वी के फैंस का जिस पल का लंबे समय से इंतजार था, वो आखिरकार पूरा हो गया. चार साल की डेटिंग के बाद करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश को प्रपोज कर दिया है. उनके कई फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश को किया प्रपोज
नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो ‘देसी ब्लिंग’ के फाइनल एपिसोड में करण कुंद्रा ने रोमांटिर अंदाज में तेजस्वी को प्रपोज कर दिया. करण कुंद्रा ने शो के आखिरी एपिसोड में तेजस्वी के लिए एक शानदार सरप्राइज प्लान किया. इस खास मौके पर शो के कई कास्ट मेंबर्स भी मौजूद थे. जैसे ही तेजस्वी वहां पहुंचीं और उन्होंने शानदार सेटअप देखा, वो हैरान रह गईं.

PM Modi ने भारत-इटली के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की

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PM Modi ने भारत-इटली के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोम में भारत-इटली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पिछले लगभग साढ़े 3 वर्षों में मुझे कई बार प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का मौका मिला है। यह भारत और इटली के बीच करीबी सहयोग और सामंजस्य को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए special strategic partnership की घोषणा कर रहे हैं। आज की बैठक में हमने हमारी भावी साझेदारी को और सशक्त बनाने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की। भारत-इटली joint strategic action plan 2025-2029 हमारी साझेदारी को एक practical और futuristic ढांचा प्रदान करता है। हम इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।

मोदी ने कहा इटली विश्व में design और precision के लिए जाना जाता है। भारत की पहचान scale, talent और affordable innovation के powerhouse की है। इसलिए हम Design and Develop in India and Italy and Deliver for the World के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।

रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में करीबी सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। हमारी सेनाओं के साथ साथ दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच भी सहयोग बढ़ रहा है। हमारे रक्षा औद्योगिक रोडमैप( Defence Industrial Roadmap) से co-development और co-production का मार्ग प्रशस्त हुआ है समुद्री शक्तियों (Maritime powers) के रूप में भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में करीबी सहयोग स्वाभाविक है। हम मिलकर shipping, ports modernisation, logistics और blue economy पर काम करेंगे।

प्रतापगढ़-जंघई रूट पर काम के चलते भोपाल मंडल की 5 ट्रेनें डायवर्ट

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प्रतापगढ़-जंघई रूट पर काम के चलते भोपाल मंडल की 5 ट्रेनें डायवर्ट
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-जंघई सेक्शन के बीच चल रहे दोहरीकरण और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर अब भोपाल मंडल के रेल यात्रियों पर भी दिखाई देगा। रेलवे प्रशासन ने जून के अंतिम सप्ताह में भोपाल मंडल होकर गुजरने वाली पांच ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी परिवर्तन करने का निर्णय लिया है।

इससे उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन ट्रेनों से भोपाल, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, इटारसी, विदिशा और बीना जैसे स्टेशनों से बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।

महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नहीं रहेगा ट्रेनों का ठहराव
मार्ग परिवर्तन के कारण कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव नहीं रहेगा। खासतौर पर जंघई, जौनपुर, शाहगंज, भदोही और फूलपुर जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ सकता है।

इन ट्रेनों के बदले गए मार्ग, जानिए नया रूट
रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 15017 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस 27 से 29 जून तक प्रयागराज-प्रयागराज रामबाग-बनारस मार्ग से चलेगी।

वहीं 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस, 11059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस, 15182 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-मऊ एक्सप्रेस और 22103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-अयोध्या कैंट एक्सप्रेस को भी प्रतापगढ़-सुल्तानपुर-अयोध्या कैंट मार्ग से संचालित किया जाएगा।

किसी भी काडर में 20% से अधिक ट्रांसफर नहीं

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किसी भी काडर में 20% से अधिक ट्रांसफर नहीं
मोहन कैबिनेट द्वारा पारित की गई तबादला नीति में किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। जिस विभाग में 200 कर्मचारी हैं, वहां 20 प्रतिशत तबादले ही किए जाएंगे। वहीं 201 से 1000 संख्या तक 15 प्रतिशत, 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत और 2001 से अधिक होने पर पद या संवर्ग में कार्यरत संख्या के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे।

तबादले ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे। इनमें स्वैच्छिक तबादले भी होंगे। यह नीति मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा एवं मध्य प्रदेश मंत्रालय पर लागू नहीं होगी।

पुलिस स्थापना बोर्ड से होंगे पुलिसकर्मियों के तबादले
स्थानांतरण नीति में साफ किया गया है कि राज्य पुलिस सेवा को इससे बाहर रखा जाएगा। वहीं, डीएसपी से कनिष्ठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण पुलिस स्थापना बोर्ड से होंगे। जिले के भीतर पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से स्थानांतरण कर सकेंगे।

ए प्लस नोटशीट वाले तबादले 31 मई तक किए जाएंगे
मंत्री काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री की ए-प्लस नोटशीट वाले तबादले 31 मई तक किए जाएंगे। लंबित आवेदन निपटाए जाएंगे, इसे तबादला नीति में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वयं के व्यय वाले तबादलों में दो स्थितियां शामिल नहीं होंगी। इन्हें तबादला नीति से बाहर रखा गया है।

पहला, ऐसे शासकीय सेवक जो अति गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, लकवा, हृदयाघात से पीड़ित हैं और मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर स्थानांतरित किए जाते हैं, उनका इस नीति में समावेश नहीं किया जाएगा। वहीं पति-पत्नी व स्वयं बीमारी से पीड़ित शासकीय सेवकों को भी तबादला नीति की निर्धारित सीमा से बाहर रखा गया है।

जिले के भीतर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर कर सकेंगे तबादला
जिले के भीतर जिला संवर्ग/राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से तबादला किया जाएगा। जिले के भीतर डिप्टी कलेक्टर/संयुक्त कलेक्टर अनुभाग परिवर्तन एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार की पदस्थापना प्रभारी मंत्री के परामर्श से की जाएगी।

वरदा चतुर्थी के दिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ बदल देगा आपकी किस्मत

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वरदा चतुर्थी के दिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ बदल देगा आपकी किस्मत
‘वरदा चतुर्थी’ के दिन पर की गई पूजा-अर्चना करने से साधक को सामान्य दिनों से कई गुना ज्यादा फल मिलता है। वरदा चतुर्थी की पूजा में आप   गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ जरूर करें, जो भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत पवित्र, शक्तिशाली और प्रभावशाली वैदिक स्तोत्र है। ऐसे में आपको इसके पाठ से गणेश जी की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि का भी आगमन होता है।

वरदा चतुर्थी पर पाठ और पूजा की विधि
इस विशेष दिन पर गणपति अथर्वशीर्ष का पूरा लाभ पाने के लिए इन चरणों का पालन करें :प्रातः स्नान और स्थापना: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। घर के मंदिर को साफ कर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें。पंचामृत स्नान: बप्पा को दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण (पंचामृत) से स्नान कराएं。प्रिय चीजें अर्पित करें: पूजा में दूर्वा (हरी घास), लाल फूल, मोदक और गुड़-चना जरूर चढ़ाएं。गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ: शुद्ध मन और आस्था के साथ श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। इसे संभव हो तो 11 बार करें या एक बार सच्चे मन से जरूर पढ़ें

वरदा चतुर्थी व्रत के नियममंत्र जाप:
पाठ के साथ-साथ भगवान गणेश के मूल मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जाप करें。संध्या पूजा: दिनभर व्रत रखने वाले श्रद्धालु शाम को प्रदोष काल में गणेश जी की आरती करें।चंद्र दर्शन से बचाव: इस दिन चंद्रमा को देखना वर्जित माना जाता है, इसलिए शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का समापन करें

किन समस्याओं का समाधान मिलता है?
रुकावटें दूर होना: यदि आपके काम बार-बार अटक रहे हैं या मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही, तो यह पाठ मार्ग के सभी अवरोध समाप्त करता है
आर्थिक लाभ: यह कर्ज से मुक्ति दिलाता है और व्यापार व करियर में वृद्धि करता है

 ई-फार्मेसी के खिलाफ MP समेत देशभर में 20 मई को मेडिकल स्टोर बंद

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ई-फार्मेसी के खिलाफ MP समेत देशभर में 20 मई को मेडिकल स्टोर बंद
ई-फार्मेसी के खिलाफ मध्यप्रदेश समेत देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे. हालांकि सभी फॉर्मेसी श्रृंखला, हॉस्पिटल आधारित मेडिकल स्टोर और जन औषधि केंद्र 20 मई तक खुले रहेंगे. केमिस्ट और दवा विक्रेताओं ने दवाओं की ऑनलाइन ब्रिक्री के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. करीबन 12 लाख से ज्यादा केमिस्ट और दवा वितरक 20 मई को दवाओं के अनियंत्रित ऑनलाइन ब्रिक्री और ई-फॉर्मेसियों की तरफ से दी जानेवाली भारी छूट के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रहे हैं.

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि देशभर में सभी प्रमुख फार्मेसी श्रृंखलाएं, अस्पताल-आधारित मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी स्टोर 20 मई को खुले रहेंगे. इसके अतिरिक्त कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संघ पहले ही प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बाहर रहने का निर्णय कर चुके हैं. यह कदम एआईओसीडी के प्रतिनिधियों की तरफ से हाल ही में राष्ट्रीय औषधि नियामक से मुलाकात करने के बाद उठाया है.

सूत्रों की मानें तो नियामक ने आश्वासन दिया है कि उठाए गए मुद्दों की सक्रिय रूप से समीक्षा की जा रही है. खुदरा फॉर्मेसी हितधारकों की वैध चिंताओं को दूर करने के लिए इस क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे की पड़ताल की जा रही है.

इन राज्यों के फॉर्मेसी संघों ने हड़ताल से किया किनारा
पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, लद्दाख, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम और उत्तराखंड के खुदरा फार्मेसी संघों ने स्वेच्छा से लिखित आश्वासन दिया है कि वे हड़ताल में भाग नहीं लेंगे और प्रस्तावित हड़ताल वाले दिन जनता को दवाओं की उपलब्धता में कोई बाधा नहीं आने देंगे. उनके अनुसार, देशभर के कई खुदरा फार्मेसी संघों ने जनहित और दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है.

एआईओसीडी ने हड़ताल का आह्वान कथित तौर पर ई-फार्मेसी के संचालन से संबंधित चिंताओं के चलते किया था. एक सूत्र ने बताया कि केमिस्ट की दुकानों के कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा से मरीजों, विशेष रूप से जीवन रक्षक और आवश्यक दवाओं तक नियमित पहुंच पर निर्भर समूहों को गंभीर असुविधा हो सकती है, साथ ही महत्वपूर्ण मेडिकल आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है. इसे समझते हुए कई खुदरा फार्मेसी संघों ने स्थिति की समीक्षा की और नियामक की रचनात्मक प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन कर की सर्वकल्याण की प्रार्थना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन कर की सर्वकल्याण की प्रार्थना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के साथ अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवास के प्रथम दिन जगदलपुर में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री   अमित शाह और तीन राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भेंट एवं चर्चा की। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भागीदारी की।

छत्तीसगढ़ की कला की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस्तर में पारम्परिक लोक नृत्यों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के साथ ही विभिन्न कला शिल्पों और वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ की कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं और लोक कलाकार प्रतिभा के धनी हैं। मध्यप्रदेश की कलाओं का भी छत्तीसगढ़ की कलाओं से काफी साम्य है। दोनों राज्यों के शिल्पी भी अपने हुनर के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं।

मां दंतेश्वरी देवी के दर्शन और विज्ञान केंद्र का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के पश्चात दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन किए और सर्वकल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दर्शन और पूजन के दौरान अनेक श्रद्धालुओं से भेंट और चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को ही दंतेवाड़ा में विज्ञान केंद्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान केंद्र में प्रदर्शित विभिन्न विज्ञान प्रादर्श देखे और जानकारी प्राप्त की।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में अपनी यात्रा को सुखद बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ कभी एक थे। उन्हें पूर्व में इस अंचल में आने का सौभाग्य नहीं मिला था। मध्य क्षेत्रीय बैठक के कारण बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री   मोदी की मंशा के अनुसार महिला, किसान, युवा, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के लिए दोनों राज्य निरंतर कार्य करेंगे।

श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के प्रति मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक के आयोजन और श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सम्पन्न मध्य क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों और सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री   अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक’ में सहभागिता करते हुए सहकारिता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, डिजिटल अधोसंरचना विकास, दूध उत्पादन आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की प्रगति की जानकारी साझा की गई।

समय के पहले खत्म किया नक्सलवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले नक्सल समस्या का उन्मूलन करने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित जिलों में विशेष प्रयासों से सफलता प्राप्त की गई। जहां अनेक इनामी नक्सलवादियों ने समर्पण किया वहीं अनेक नक्सल तत्वों का सफाया भी किया गया। जवानों और सुरक्षा बलों को आवश्यक प्रोत्साहन भी दिया गया। नागरिकों के मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। बैठक में ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लिए प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री   अमित शाह का संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों के विकास के लिए नए लक्ष्य तय किए गए हैं। नक्सलवाद से प्रभावित रहे ग्रामों के लिए 330 करोड़ रुपये लागत की माइक्रो डेवलपमेंट योजना लागू की गई है। अलग-अलग योजनाओं के तहत सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर, नई सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित की जा रही हैं।

सुशासन पर हुई विशेष चर्चा
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सुशासन पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही जनकल्याण, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री   योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मेजबान राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने भी भागीदारी की। बैठक में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 

यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

 

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

 

साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।

 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

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बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। जगदलपुर में पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

 

 

 

 

 

इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा भी की।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में पहली बार आयोजित हो रही यह उच्च स्तरीय बैठक क्षेत्र के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति बस्तर के बदलते स्वरूप और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण की दिशा में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।