Home Blog

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट

0

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट
नीट पेपर लीक के विरोध में आमरण अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और इसके बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. यह घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामने आया है.

दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के मंगलवार (21 जुलाई, 2026) के आदेश के तहत सोनम वांगचुक को आगे के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को सौंपा गया है. वहीं, उनके इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए वांगचुक के सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज भी मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया है.

शाम करीब साढ़े छह बजे वांगचुक को किया गया डिस्चार्ज
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को शाम 6:40 बजे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को VMMC और सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर पाए गए. हालांकि, पैनसाइटोपेनिया (Pancytopenia) की स्थिति अभी भी बनी हुई है. वहीं, सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया.

गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश
जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को तीन दिन पहले शनिवार (18 जुलाई, 2026) को दिल्ली पुलिस ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में भर्ती कराया गया. वहीं, उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से वांगचुक को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की.

दिल्ली हाई कोर्ट की एकल बेंच ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को गीतांजलि आंग्मो की याचिका के विपरीत आदेश दिया. जिसके बाद, उन्होंने आदेश को चुनौती देते हुए फिर से याचिका दाखिल की. इस बार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यानी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिया.

अभिषेक शर्मा के निशाने पर सिकंदर रजा का सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड

0

अभिषेक शर्मा के निशाने पर सिकंदर रजा का सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड
आयरलैंड और इंग्‍लैंड के दौरे के बाद अब भारतीय टीम जिम्‍बाब्‍वे के दौरे पर है। जहां हरारे में भारत 23 जुलाई से तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलेगा। इस सीरीज में सबकी नजर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और उनके ओपिनंग पार्टनर अभिषेक शर्मा पर टिकी होंगी। अभिषेक के पास पहले ही टी20 में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा। वह सिर्फ 16 रन बनाते ही इन दोनों टीमों के बीच खेले गए मुकाबलों में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।

अभिषेक शर्मा ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 177.22 के स्‍ट्राइक रेट से बनाए 179 रन
जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ भले ही टी20 इंटरनेशनल भारत का पलड़ा भारी हो, लेकिन अब भी सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड सिकंदर रजा के नाम दर्ज है। रजा ने भारत के खिलाफ 11 मैचों की 11 पारियों में 17.63 के औसत और 115.47 के स्‍ट्राइक रेट से कुल 194 रन बनाए हैं। जबकि इस मामले में अभिषेक शर्मा दूसरे स्‍थान पर हैं। उन्‍होंने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 6 मैचों सिर्फ पांच पारियों में 35.80 के औसत और 177.22 के जबरदस्‍त स्‍ट्राइक रेट से 179 रन बनाए हैं। हरारे में खेले जाने पहले टी20 में वह 16 रन बनाते ही सिकंदर रजा को पीछे छोड़ देंगे।

जीत के सूखे से जूझ रहे श्रेयस अय्यर
आयरलैंड के दौरे से पहले श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। लेकिन, उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने अब तक 8 टी20 मैच खेले हैं, लेकिन भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा श्रेयस के लिए बेहद अहम है। उन्‍हें हरारे में अपनी पहली सीरीज जीत की तलाश होगी।

‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 6 फिल्मों को पछाड़ बनाया रिकॉर्ड

0

‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 6 फिल्मों को पछाड़ बनाया रिकॉर्ड
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को रिलीज हुई. फिल्म को बहुत शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म मंडे टेस्ट में भी पास हो गई है. ‘द ओडिसी ने ‘जोकर’ को पछाड़ दिया है.

‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
कोईमोई की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने इंडिया में चौथे दिन 7.78 करोड़ की कमाई की. फिल्म ने 4 दिनों में 64.58 करोड़ का कलेक्शन किया. फिल्म ने ग्रॉस 76.20 करोड़ का बिजनेस किया. पहले दिन फिल्म ने 16.07 करोड़ कमाए. दूसरे दिन फिल्म ने 20.82 करोड़ का कलेक्शन किया. तीसरे दिन फिल्म ने 19.77 करोड़ की कमाई की. चौथे दिन फिल्म ने 7.78 करोड़ का बिजनेस किया.

इन 6 हॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ा
इसी के साथ फिल्म ने 6 हॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ दिया है. फिल्म ‘जोकर’ ने 64 करोड़ का कलेक्शन किया था. वहीं फिल्म ‘द कंज्यूरिंग 2’ ने 62 करोड़, ‘थॉर: राग्नारोक’ ने 60 करोड़, ‘कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर’ ने 59 करोड़, ‘स्पाइडर मैन: होमकमिंग’ ने 58 करोड़ और ‘जुमानजी’ ने 58 करोड़ का कलेक्शन किया.

द ओडिसी का ग्लोबल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
वहीं फिल्म ने नॉर्थ अमेरिकन बॉक्स ऑफिस पर तीन दिन के वीकेंड में 124.5 मिलियन डॉलर की जबरदस्त कमाई की. शुक्रवार को फिल्म ने 51.1 मिलियन डॉलर कमाए. शनिवार को फिल्म ने 41.7 मिलियन डॉलर का बिजनेस किया. रविवार को फिल्म ने 31.7 मिलियन डॉलर कमाए. इंटरनेशनल बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने 139.6 मिलियन डॉलर की कमाई की. फिल्म ने ‘द डार्क नाइट राइजेज’ को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने 131 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया था. फिल्म का दुनियाभर में ओपनिंग वीकेंड का कलेक्शन 264.1 मिलियन डॉलर (2,271 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया.

राहुल-प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने किया रिहा

0

राहुल-प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने किया रिहा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रवाना हुईं. उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था और कुछ देर पहले यहां लाया गया था.प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

धरना स्थल से राहुल गांधी को पुलिस ने हटाकर हिरासत में लिया। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से बहस भी देखने को मिली। कुछ देर बाद प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर अपने साथ ले गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया।

राहुल गांधी बोले- छात्रों की लड़ाई नहीं रुकेगी
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, छात्रों के न्याय की लड़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने, पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया, संसद के गेट बंद किए गए और विपक्ष की मांगों पर चर्चा नहीं होने दी गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ईपीएफओ 3.0 के तहत करोड़ों कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा

0

ईपीएफओ 3.0 के तहत करोड़ों कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ‘ईपीएफओ 3.0’ के तहत पेंशन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहा है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत गिग वर्कर (Gig Workers) से लेकर निर्माण क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को पहली बार सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

वर्तमान में 15 हजार रुपये बेसिक-डीए पर सीलिंग (सीमित दायरा) होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं। उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनों में यह नई व्यवस्था पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

6.5 करोड़ नए सदस्य जुड़ेंगे, मिलेंगे निवेश के लचीले विकल्प
प्रस्तावित सुधारों का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र के साथ-साथ असंगठित, गिग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।

वर्तमान में देश के लगभग 8 करोड़ कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आते हैं। सीलिंग की सीमा बढ़ने से सदस्यों की संख्या में 6.5 करोड़ तक का भारी इजाफा होने का अनुमान है।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत (Retirement Savings) को सरकार समर्थित सुरक्षित वित्तीय साधनों में निवेश किया जाएगा, ताकि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सके।

इसके अलावा, यह प्रणाली बेहद लचीली होगी, जहां कर्मचारी अपनी आयु, वित्तीय आवश्यकता और रिटायरमेंट प्लानिंग के अनुसार निवेश के विकल्प खुद चुन सकेंगे। सेवानिवृत्ति के समय उन्हें मासिक पेंशन या एकमुश्त (Lump-sum) राशि निकासी का विकल्प भी मिलेगा।

डिजिटल डैशबोर्ड और एक UAN की सुविधा
ईपीएफओ 3.0 के अंतर्गत तकनीक को बढ़ावा देते हुए एक डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा प्रस्तावित की गई है। इसके माध्यम से सदस्य अपने अंशदान, निवेश की वृद्धि, अनुमानित पेंशन और रिटायरमेंट फंड की जानकारी वास्तविक समय (Real-time) में देख सकेंगे।

इस योजना की अन्य प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
पोर्टेबिलिटी की सुविधा: यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को विभिन्न नियोक्ताओं और रोजगार प्लेटफॉर्म से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे नौकरी बदलने पर खाते को बार-बार स्थानांतरित (Transfer) कराने का झंझट खत्म हो जाएगा।
एकीकृत अंशदान: नए सिस्टम में कर्मचारी, नियोक्ता, सरकार और अन्य पात्र श्रमिकों के अनुमोदित अंशदान को एक ही खाते में एकीकृत करने का प्रावधान है।
पारिवारिक सुरक्षा: नई व्यवस्था में परिवार और आश्रितों के लिए उत्तरजीवी लाभ (Survivor Benefits) तथा दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाने का प्रस्ताव है।

देवशयनी एकादशी पर करें ये 3 सरल उपाय, आर्थिक तंगी से मिल सकती है मुक्ति

0

देवशयनी एकादशी पर करें ये 3 सरल उपाय, आर्थिक तंगी से मिल सकती है मुक्ति
हिंदू धर्म में, हर चंद्र पखवाड़े में आने वाली एकादशी का विशेष महत्व होता है। पूरे साल में 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं और हर महीने में दो एकादशी तिथियां होती हैं जिनका धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा होता है।

इन सभी तिथियों में सबसे खास मानी जाती है आषाढ़ महीने में पड़ने वाली देवशयनी एकादशी। मान्यता है कि इस एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा में चले जाते हैं और पूरा कार्यभार शिव जी के पास आ जाता है। इसके बाद से चातुर्मास का आरंभ होता है।

इस तिथि को हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद लिया जाता है।

इस साल देवशयनी एकादशी 25 जुलाई, शनिवार के दिन पड़ रही है। यदि आप इस दिन कुछ विशेष ज्योतिष उपाय आजमाएंगी तो आपके जीवन में आने वाले सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। यही नहीं इन उपायों से आपके लिए धन के योग भी बनेंगे।

भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की करें पूजा
यदि आप देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करेंगी तो आपके जीवन में आने वाली कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। यह एक ऐसा उपाय माना जाता है जो धन को आकर्षित करता है।

चातुर्मास में माता लक्ष्मी भी विष्णु जी के साथ योग निद्रा में चली जाती हैं। इसी वजह से देवशयनी एकादशी के दिन आपको माता-लक्ष्मी की पूजा करने के साथ उन्हें लाल सिंदूर चढ़ाना चाहिए।

विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
अगर आप देवशयनी एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें तो यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है और इससे माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।

इस दिन आप घर में विष्णु पुराण का पाठ भी करेंगे तो इसके पूर्ण लाभ मिलेंगे। इसके लिए आप एक चौकी में पीला कपड़ा बिछाकर विष्णु जी की तस्वीर रखें और उसके सामने घी का दीपक जलाकर पाठ करें। इस उपाय से आपके जीवन में धन लाभ के योग बनेंगे।
तुलसी के पौधे की करें पूजा

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसकी पूजा से विशेष फल मिलता है। यदि आप देवशयनी एकादशी पर तुसली की पूजा करेंगे तो आपको विशेष लाभ मिल सकते हैं।

तुलसी को विष्णु प्रिया माना जाता है और इस दिन उनकी पूजा करने से विष्णु जी की कृपा भी बनी रहती है। यही नहीं आपके लिए दान के योग भी बनते हैं। हालांकि, इस दिन आप भूलकर भी तुसली में जल न चढ़ाएं क्योंकि एकादशी पर तुलसी माता भी विष्णु जी के लिए निर्जला उपवास करती हैं।

अगर आप देवशयनी एकादशी के दिन यहां बताए उपाय आजमाएं तो आपके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी और अलग-अलग जगहों से धन लाभ के विशेष योग बन सकते हैं।

हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र

0

हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र सोमवार को जबरदस्त नारेबाजी और हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्षी सांसदों ने सत्र के पहले दिन वेल में आकर नारे लगाए। इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। इसके तुरंत बाद विपक्षी बेंचों से नारेबाजी हुई, जिसके साथ सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने शांति बनाए रखने की अपील दोहराते हुए कहा, संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सभी को बोलने का समय दिया जाएगा। स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके कुछ ही देर बाद स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को बढ़-चढक़र सदन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था।

पीएम मोदी ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने संबोधन में कहा कि जब मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने रफ्तार पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस रफ्तार में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है।उन्होंने कहा, हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी हैं, चाहे दल उनका कोई भी हो। उनके पास लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव और ज्ञान की देश व संसद को जरूरत है।आज के लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना और मिल-जुलकर देश को आगे ले जाने का संकल्प लेना, मैं समझता हूं कि यह समय की मांग है। पीएम मोदी ने आगे कहा, एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़ें। आज समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा से भरे हुए राष्ट्रभक्ति के लिए जी रही आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे। वे आवाज को बुलंद करे और देश को दिशा दे। उन्होंने कहा, जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत हैं और तर्क मजबूत हैं तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं कि तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले और हर विचार को सम्मान मिले, यह संसद की हमारी भूमिका है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने किया युद्ध का ऐलान, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

0

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने किया युद्ध का ऐलान, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया है तो ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं। वहीं, राष्ट्रपति पेजेशकियन का घोषणा की है कि तेहरान की अमेरिका के साथ जंग शुरू हो चुकी है।

ईरानी सेना ने मंगलवार तड़के कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस घटना के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब पूर्ण युद्ध में बदल गया है।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने सेना के हवाले से बताया कि जमीनी बलों ने कुवैत के आरिफजान अड्डे पर तैनात अमेरिकी बलों की हिमर्स मिसाइल प्रणालियों को सतह से सतह मिसाइलों से लक्षित किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि हिमर्स एक मोबाइल सिस्टम है जो तेजी से आगे बढ़ने और जमीनी लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। ईरान का दावा है कि इस हमले में दुश्मन की मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
कुवैत सिटी के दक्षिण में स्थित कैंप आरिफजान अमेरिकी वायुसेना, नौसेना, मरीन कोर और तटरक्षक बलों का महत्वपूर्ण अड्डा है। ईरानी हमले के बाद कुवैत में हवाई सतर्कता बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि आज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पूर्ण पैमाने के युद्ध में शामिल है। हमें वास्तविकता स्वीकार करनी होगी और इस प्रतिरोध के परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।

यह हमला हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा है। ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई है, जबकि अमेरिकी पक्ष इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बता रहा है। कुवैत ने भी हमलों की निंदा की है और अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय रखा है।

जीरो पावर्टी के पात्रों को मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ – सीएम योगी आदित्यनाथ

0

जीरो पावर्टी के पात्रों को मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ – सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीरो पावर्टी अभियान को गति देते हुए पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड देने, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से चरणबद्ध जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवारों तक पहुंचे इसके लिए स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।

सोमवार को स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ ही लोगों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। सभी शासकीय और निजी मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की समीक्षा करने तथा जहां आवश्यकता हो तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
2.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जीरो पावर्टी अभियान के तहत 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से लगभग नौ लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए हैं। लगभग पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। इनमें से 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं।

लगभग पांच लाख लोगों का भवन व अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराया चुका है, शेष परिवारों का पंजीकरण कराया जा रहा है। 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण
अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी परियोजनाओं के लिए 31 जुलाई तक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ नाइट सफारी परियोजना के क्रियान्वयन की अनुमति उच्चतम न्यायालय से मिल जाने के बाद औपचारिकताएं पूरी कर परियोजना का काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रेटर नोएडा में मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक हब व मल्टी माॅडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना की औपचारिकताएं पूरी कर काम आगे बढ़ाने को कहा। इस हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए माॅडल बिल्डिंग बायलाज में ईज आफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए जरूरी संशोधन किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना तथा कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र से पनकी ताप विद्युत संयंत्र को पानी उपलब्ध कराने वाली परियोजना को समय से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए गए।

यूपी में जिलों के हिसाब से बनाएं बाढ़ या सूखे से निपटने की योजना, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

0

यूपी में जिलों के हिसाब से बनाएं बाढ़ या सूखे से निपटने की योजना, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनियमित वर्षा से एक तरफ सूखा, दूसरी तरफ बाढ़ की चुनौती है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा, किसानों की फसल व आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राहत व बचाव कार्यों में संवेदनशीलता और समन्वय के साथ प्रभावित व्यक्तिों को समयबद्ध सहायता पहुंचाई जाए। प्रत्येक जिले की परिस्थिति अलग है। इसलिए राहत व बचाव की रणनीति उसी के अनुरूप बनाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय अराजक तत्व भी तटबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस आशंका से इन्कार नहीं कर सकते हैं। इस बिंदु पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

सूखा व बाढ़ की संभावित स्थितियों से निपटने की तैयारियों की सोमवार को समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सामान्य से कम वर्षा हुई, वहां कृषि कार्य प्रभावित नहीं होने पाएं। बोआई व सिंचाई के रियल टाइम आंकड़ों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध मदद उपलब्ध कराई जाए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ताजा व पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता के साथ स्वच्छता अभियान चलायें। बच्चों को दूध की कमी न हो। महिलाओं, वृद्ध, दिव्यांग तथा गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशिक्षित आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, पुलिस, राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन व स्थानीय प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।
अतिवृष्टि, बाढ़ के संबंध में मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग तथा नेपाल से प्राप्त जलस्तर संबंधी सूचनाओं का विश्लेषण करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएं।

संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। तटबंधों की सुरक्षा की निगरानी व नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए। समय रहते पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
चार जिले बाढ़ प्रभावित

मुख्यमंत्री को बताया गया कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 44 जिलों में तैयारियां पूरी हैं। बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी व मुजफ्फरनगर के 42 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत व बचाव कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। 549 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।

55 नाव और मोटरबोट राहत कार्यों में लगाई गई हैं। 1,096 बाढ़ शरणालय संचालित हैं। 1,694 राहत शरणालय चिह्नित किए गए हैं जिनमें 5.14 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है। पशुधन की सुरक्षा के लिए 910 पशु शरणालय स्थापित किए गए हैं।