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स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है। सरकार प्रदेश में नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं और समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वस्थ समाज ही विकसित राज्य की मजबूत नींव होता है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने और विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनकल्याण और प्रदेश की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

भारत ने इंदौर में लिया रांची का बदला, वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

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भारतीय क्रिकेट टीम ने इंदौर के होलकर स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को तीसरे टी-20 मुकाबले में 14 रन से हरा दिया। रांची में मिली हार का बदला लेते हुए टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। भारत की जीत में बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी और गेंदबाज अर्शदीप सिंह की शानदार गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई।

अभिषेक शर्मा ने बल्ले से मचाया धमाल
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 223 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 30 गेंदों पर 69 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह छक्के और पांच चौके शामिल रहे। ईशान किशन ने भी 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

दोनों बल्लेबाजों की तेज पारियों ने भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। हालांकि, मध्यक्रम में विकेट गिरने और रन आउट होने के कारण टीम इंडिया अपनी शुरुआत का पूरा फायदा नहीं उठा सकी और 223 रन पर ऑलआउट हो गई।

अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी ने पलटा मैच
224 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भी जोरदार संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 44 रन देकर तीन विकेट झटके। उन्होंने विपक्षी टीम के प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर भारत की जीत की राह आसान की।

नमन धीर ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर वेस्टइंडीज की रन गति पर अंकुश लगाया। भारतीय गेंदबाजों के दबाव के सामने कैरेबियाई टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। इस तरह भारत ने मुकाबला 14 रन से अपने नाम कर लिया।

सीरीज में भारत 2-1 से आगे
रांची में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को छह विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी थी। इंदौर में जीत के साथ भारतीय टीम ने फिर बढ़त हासिल कर ली है। तीसरे मुकाबले में जीत से टीम इंडिया का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

अब पांच मैचों की सीरीज के चौथे टी-20 मुकाबले पर सभी की नजरें रहेंगी। भारतीय टीम की कोशिश अगले मैच में भी जीत दर्ज कर सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत करने की होगी।

CJI ने INDIA गठबंधन को मिलने से किया इनकार, राहुल गांधी आज करेंगे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च

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मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA गठबंधन के नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के मुलाकात के अनुरोध को ठुकरा दिया है। विपक्षी नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं, वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। इस बीच राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।

SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की मांग
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CJI से मुलाकात के लिए समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी पर रोक लगाने, SIR प्रक्रिया स्थगित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJI ने मुलाकात से इनकार करते हुए संकेत दिया कि जिन मुद्दों को उठाया जाना है, वे पहले से न्यायालय के विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखी जा सकती है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

राहुल गांधी ने किया मार्च का ऐलान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

विपक्ष की योजना सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की है। इसमें कथित वोट चोरी, SIR प्रक्रिया पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है।

राजनीतिक टकराव के बीच बढ़ी हलचल
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है, जबकि इन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।

अब सबकी नजरें 12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष आगे अपनी मांगों को किस तरह न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष रखता है और इस पूरे मामले में आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।

रियाद एयरपोर्ट पर हमले में भारतीय की मौत, 10 घायल; भारतीय समुदाय में बढ़ी चिंता

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और 10 लोगों के घायल होने की खबर से भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद प्रभावित लोगों की सुरक्षा, घायलों के उपचार और भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले में जान गंवाने वाला भारतीय नागरिक हैदराबाद का रहने वाला था। घटना के बाद भारतीय अधिकारियों की ओर से प्रभावित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने और घायलों की स्थिति पर नजर रखने की बात सामने आई है। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और सभी घायलों की पहचान के संबंध में आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम विवरण स्पष्ट हो सकेगा।

विदेश में भारतीय नागरिक की मौत की खबर के बाद परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। भारतीय समुदाय के लोग भी घटना को लेकर चिंतित हैं। संबंधित अधिकारियों से घायलों के उपचार, सुरक्षा व्यवस्था और घटना की विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर
विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ऐसे घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रभावित परिवारों को समय पर जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। घटना से संबंधित आधिकारिक अपडेट सामने आने के बाद मृतक की पहचान, घायलों की स्थिति और हमले के कारणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने रविवार, 11 अक्टूबर को देवास की कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं जिला स्तरीय किसान मेले को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और अन्नदाताओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों में देवास के किसान आगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के किसान उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार कर रहे हैं। इन प्रयासों से देवास कृषि के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने किसानों के हित में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को सराहनीय पहल बताया।

कम पानी में अधिक उत्पादन पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और श्रीअन्न यानी मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देना है। मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को गेहूं, चना, मसूर और सरसों की प्रमाणित किस्मों की जानकारी दी। साथ ही कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने, फसल चयन और कृषि संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

कृषि यंत्रों और सिंचाई तकनीकों की प्रदर्शनी
किसान मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों तथा कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को इन तकनीकों के माध्यम से पानी की बचत करने, खेती की लागत घटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के तरीकों से अवगत कराया गया।

मेले में प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। प्राकृतिक खेती, मॉडल फार्मिंग, पॉलीहाउस, शेडनेट और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से कृषि उत्पादों के विपणन जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

11 प्रगतिशील किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कृषि, पशुपालन और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देवास जिले के 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में किसानों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और बेहतर उत्पादन की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

42.52 करोड़ रुपये की लागत से बना सांदीपनि विद्यालय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 42.52 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। इस विद्यालय के शुरू होने से विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।

सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और सर्वांगीण विकास में सहायक बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। नए विद्यालय भवन से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश में शैक्षणिक अधोसंरचना के विस्तार को विद्यार्थियों के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विद्यालय के स्थान, उपलब्ध सुविधाओं और लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलने पर समाचार को और अधिक तथ्यात्मक बनाया जा सकता है।

महिला सशक्तिकरण से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना, महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर CM विष्णु देव साय का जोर

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार किया जा सकता है। महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, महिलाएं समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।

राज्य सरकार की महिला कल्याण और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला सशक्तिकरण को विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य से जोड़ते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसरों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समावेशी विकास की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा सकता है।

सहवाग को वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में दिखी अपनी झलक, बोले- पहली गेंद से आक्रमण करने की सोच है खास

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी से काफी प्रभावित हैं। सहवाग का कहना है कि वैभव की सोच काफी हद तक उनकी तरह है। जिस तरह वह अपने करियर में पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर हमला करना पसंद करते थे, उसी तरह वैभव भी शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी करने में विश्वास रखते हैं। सहवाग ने इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम में अधिक मौके दिए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया है।

‘पहली गेंद से मारने की सोच मेरी जैसी’
दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वार्षिक सत्र के दौरान सहवाग ने वैभव की बल्लेबाजी और उनके आत्मविश्वास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव की सोच उनसे मिलती-जुलती है और वह पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने के इरादे से उतरते हैं।

सहवाग के मुताबिक, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैभव को भारतीय टीम में कब और कितने मुकाबले खेलने का अवसर मिलता है। नियमित मौके मिलने से युवा बल्लेबाज को अपनी प्रतिभा साबित करने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

उम्र नहीं, प्रदर्शन होना चाहिए चयन का आधार
वैभव सूर्यवंशी की कम उम्र को लेकर होने वाली चर्चा पर भी सहवाग ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अंडर-19 जैसे आयु वर्ग के टूर्नामेंट में उम्र के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी आईपीएल और भारतीय सीनियर टीम तक पहुंच जाता है, तब उसके प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सहवाग ने विराट कोहली और वैभव का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट में अलग-अलग उम्र के खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं। ऐसे में खिलाड़ी की उम्र के बजाय मैदान पर उसका प्रदर्शन अधिक मायने रखता है।

कम उम्र में आक्रामक बल्लेबाजी से बनाई पहचान
महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय सीनियर टीम में भी जगह मिली। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की खासियत तेजी से रन बनाना और शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना है।

हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में वैभव को अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला। टीम प्रबंधन ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। ऐसे में वैभव को अगले मैचों में अवसर मिलने का इंतजार है।

सहवाग की सलाह से बढ़ा युवा खिलाड़ी का उत्साह
वीरेंद्र सहवाग अपने पूरे करियर में बेखौफ बल्लेबाजी और तेज शुरुआत के लिए जाने जाते रहे हैं। अब वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में उन्हें उसी तरह का आक्रामक अंदाज नजर आ रहा है। सहवाग की टिप्पणी से युवा खिलाड़ी की प्रतिभा पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

CJP की प्रेस वार्ता में केंद्र पर बरसे सौरव दास और आशुतोष रांका, बोले- देश में आपातकाल जैसे हालात

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि राजधानी में प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पाबंदियां लगाई गईं और आंदोलन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। नेताओं ने मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

‘देश में आपातकाल जैसे हालात’, सरकार पर लगाए आरोप
CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था, सड़कों पर बैरिकेडिंग और परिवहन सेवाओं पर पाबंदियों के कारण आम लोगों को परेशानी हुई। सौरव दास ने कहा कि देश में ऐसे हालात दिखाई दे रहे हैं, जो आपातकाल की याद दिलाते हैं। नेताओं के मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य उनके युवा आंदोलन को कमजोर करना और प्रदर्शन को नकारात्मक रूप में पेश करना है। ये आरोप CJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

हिरासत और मोबाइल फोन को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल
प्रेस वार्ता में सौरव दास और आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें विमान से ही हिरासत में ले लिया। दास के मुताबिक, हिरासत के दौरान उनके मोबाइल फोन ले लिए गए और उन्हें वकील से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोन जब्त करने से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

CJP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसकी जांच की मांग की। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
CJP का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

CJP नेताओं ने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और SIR के प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर किया जाना चाहिए।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP नेताओं ने कहा कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन ने युवाओं और नागरिक समूहों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

रांची IIIT में छात्र की संदिग्ध मौत पर बवाल, निदेशक और डीन के इस्तीफे की मांग; अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विद्यार्थी

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झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कैंपस में तनाव का माहौल है। हॉस्टल में छात्र का शव मिलने के बाद विद्यार्थियों में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने संस्थान के निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं में कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र का शव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य कुमार IIIT रांची में प्रथम वर्ष के छात्र थे। शनिवार रात हॉस्टल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने के बाद विद्यार्थियों ने दरवाजा खोला, जहां आदित्य का शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रों ने संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। छात्रों के अनुसार, उसे कमरे से बाहर निकालने के बाद सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन एंबुलेंस की उपलब्धता और जरूरी सुविधाओं को लेकर समस्याएं सामने आईं।

छात्रों ने दावा किया कि एंबुलेंस की चाबी मिलने में करीब 15 से 20 मिनट की देरी हुई और वाहन में ऑक्सीजन जैसी जरूरी सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संस्थान में आपातकालीन सेवाओं की स्थिति और घटना के दौरान हुई गतिविधियों की जांच की मांग तेज हो गई है।

निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग
छात्रों का कहना है कि संस्थान प्रबंधन को हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे के साथ कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस जांच जारी, परीक्षा के दबाव की आशंका
पुलिस के मुताबिक, छात्र की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव की आशंका जताई गई है, क्योंकि संस्थान में परीक्षाएं 8 अक्टूबर से शुरू हुई थीं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी संज्ञान लेने की जानकारी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कथित तौर पर चिकित्सा सहायता मिलने में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी।