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नागरिकों की सुविधा और नए जिलों के तेज विकास को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नवीन जिलों के गठन का उद्देश्य आमजन को प्रशासनिक सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना और विकास की गति को तेज करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिलों में आवश्यक प्रशासनिक एवं बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को किसी भी कार्य के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों की यात्रा न करनी पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवीन जिलों में विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। प्रशासनिक व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के संतुलित विकास के लिए जरूरी है कि प्रत्येक क्षेत्र में समान रूप से अधोसंरचना और रोजगार के अवसर विकसित हों। सरकार नवीन जिलों को विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा, सुशासन और द्रुत गति से विकास राज्य सरकार की कार्यप्रणाली का मूल आधार है। नवीन जिलों के विकास से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

सिंगापुर में CM विष्णु देव साय की बड़ी पहल, गार्डन्स बाय द बे से हरित विकास पर चर्चा; बिजनेस लीडर्स से निवेश पर संवाद

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों सिंगापुर दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में बागवानी, जैव विविधता संरक्षण, शहरी हरियाली और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर के अनुभवों से नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बेहतर ग्रीन स्पेस विकसित करने में मदद मिल सकती है।

नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने गार्डन्स बाय द बे के जीएम, मास्टर प्लानिंग जेसन येओ और निदेशक लिम चियाप सॉन्ग सहित टीम के साथ बैठक की। प्रतिनिधिमंडल को वहां की मास्टर प्लानिंग, सतत डिजाइन और गार्डन मैनेजमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

CM साय के मुताबिक, गार्डन्स बाय द बे से मिलने वाली सीख का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने और पूरे छत्तीसगढ़ में हरित क्षेत्रों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के लीडरशिप डिनर में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शाम को सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) की ओर से आयोजित लीडरशिप डिनर में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले, SBF के चेयरमैन मार्क ली और CEO कोक पिंग सून सहित उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

डिनर के दौरान भारतीय राज्यों और सिंगापुर के कारोबारी समुदाय के बीच निवेश, व्यापार और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को लेकर संवाद का अवसर मिला।

MSME, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समुदाय के सामने छत्तीसगढ़ को निवेश की संभावनाओं वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ MSME, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी और सिंगापुर की कंपनियों को छत्तीसगढ़ के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।

SING Forum 2026 में शामिल होंगे CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सिंगापुर में आयोजित Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह फोरम Singapore Business Federation द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री 5 अक्टूबर को SING Forum 2026 में हिस्सा लेंगे, जबकि 6 अक्टूबर को प्रमुख सिंगापुर कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ CEO Roundtable में शामिल होंगे।

भदोही के कालीन की दुनियाभर में बढ़ी मांग, विकास को मिलेगी नई रफ्तार; CM योगी देंगे 1340 करोड़ की सौगात

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भदोही के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जिले को करीब 1,340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। नईदुनिया की मूल खबर

वैश्विक बाजार में भदोही के कालीन की पहचान
भदोही को कालीन उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां तैयार होने वाले कालीन देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे और औद्योगिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे कालीन कारोबार को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार का कहना है कि केंद्र और प्रदेश में एक ही दल की सरकार होने से विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। प्रस्तावित परियोजनाओं से जिले में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलने की बात कही गई है।

रोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश
भदोही का कालीन उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। विकास परियोजनाओं के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस भदोही की पारंपरिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर वैश्विक बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं के अलावा जिले के कालीन उद्योग और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से भदोही में बुनियादी ढांचे के विस्तार और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

गरुड़ पुराण की मान्यता: पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध से मिलता है विशेष फल, दशमी तिथि पर पितृऋण से मुक्ति की मान्यता

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पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों को श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी क्रम में पुष्य नक्षत्र और दशमी तिथि पर किए जाने वाले श्राद्ध को भी विशेष फलदायी बताया गया है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध करने से परिवार में सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। वहीं, दशमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध करने से पितृऋण से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हालांकि, ये धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं हैं, जिनका पालन श्रद्धा और परंपरा के अनुसार किया जाता है।

पुष्य नक्षत्र में श्राद्ध क्यों माना जाता है विशेष?
ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में पुष्य नक्षत्र को शुभ और पवित्र नक्षत्रों में गिना गया है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। पितृ पक्ष में पुष्य नक्षत्र के संयोग में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होने तथा घर में सुख-शांति आने की मान्यता है।

दशमी तिथि पर श्राद्ध का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध करने से पूर्वजों के प्रति अपने दायित्वों की पूर्ति होती है। इसे पितृऋण से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से तर्पण और श्राद्ध करने के साथ ब्राह्मण भोजन तथा जरूरतमंदों को दान देने की भी परंपरा है।

श्रद्धा और विधि से करें पितरों का स्मरण
पितृ पक्ष में श्राद्ध का मूल उद्देश्य अपने पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार तर्पण, पिंडदान, भोजन और दान जैसे कर्म श्रद्धा से करने चाहिए। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में श्राद्ध की विधि और परंपराओं में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय परंपरा या विद्वान की सलाह के अनुसार कर्मकांड करना उचित माना जाता है।

MP Ranking Table Tennis: पंकज और भव्या बने चैंपियन, इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा

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मध्य प्रदेश रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता में इंदौर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता के पुरुष और महिला वर्ग में पंकज और भव्या ने खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।

फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक, तेज रिटर्न और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान इंदौर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की।

पंकज और भव्या का शानदार प्रदर्शन
पुरुष वर्ग में पंकज ने निर्णायक मुकाबले में शानदार तालमेल और आक्रामक रणनीति के दम पर खिताब हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में भव्या ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न शहरों से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इंदौर के खिलाड़ियों ने कई वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे शहर के टेबल टेनिस स्तर की मजबूती एक बार फिर सामने आई।

युवा खिलाड़ियों को मिला प्रतिस्पर्धी मंच
मध्य प्रदेश रैंकिंग प्रतियोगिता प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अपनी रैंकिंग सुधारने और बेहतर खिलाड़ियों के खिलाफ अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच रही। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले।

आयोजकों ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता के परिणामों से इंदौर के टेबल टेनिस खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ा है और आने वाली राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी उनकी तैयारियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

PM Kisan Yojana: क्या पिता और बेटे दोनों को मिलेंगे ₹2-2 हजार? जानिए नियम और पात्रता

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे में कई परिवारों में यह सवाल रहता है कि अगर पिता और बेटा दोनों किसान हैं, तो क्या दोनों को योजना का लाभ मिल सकता है?

पिता-बेटे दोनों को मिल सकता है लाभ
नियमों के अनुसार, केवल एक ही परिवार में पिता और बेटे का होना अपने आप में किसी एक व्यक्ति को अपात्र नहीं बनाता। यदि पिता और बेटा दोनों अपने नाम पर कृषि भूमि के मालिक हैं और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो दोनों अलग-अलग लाभार्थी के रूप में PM-KISAN का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, योजना में ‘परिवार’ की परिभाषा के तहत पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक इकाई माना जाता है। इसलिए केवल परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम जमीन होने से हर व्यक्ति पात्र नहीं हो जाता। पात्रता योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार तय होती है।

किन किसानों को मिलता है ₹6 हजार का लाभ?
PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में ₹2,000 सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। लाभ लेने के लिए किसान का भूमि रिकॉर्ड संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना और योजना की अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है।

इन लोगों को नहीं मिलता योजना का लाभ
सरकार ने कुछ श्रेणियों को PM-KISAN से बाहर रखा है। इनमें कुछ उच्च आय वर्ग के लोग, संवैधानिक पदों पर रहे या वर्तमान में पद पर मौजूद व्यक्ति, कुछ सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और निर्धारित श्रेणियों के पेशेवर शामिल हैं। आयकर दाता भी योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं होते।

ई-केवाईसी और बैंक खाते की जानकारी रखें अपडेट
PM-KISAN की किस्त प्राप्त करने के लिए किसानों को ई-केवाईसी, बैंक खाते की जानकारी और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सही रखना जरूरी है। यदि पिता और बेटा दोनों योजना के लिए पात्र हैं, तो उनके रिकॉर्ड अलग-अलग और नियमों के अनुरूप होने चाहिए।

इसलिए सिर्फ पिता और बेटे के नाम जमीन होने के आधार पर दोनों को ₹2-2 हजार की किस्त मिलना तय नहीं है। दोनों की स्वतंत्र पात्रता योजना के नियमों के अनुसार जांची जाएगी।

EMI बढ़ने का खतरा! RBI बढ़ा सकता है Repo Rate, 6% तक पहुंचने की आशंका

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होम लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI चुकाने वालों के लिए आने वाले दिनों में मुश्किल बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होनी है और बाजार में रेपो रेट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

पहली बार 2023 के बाद बढ़ सकता है रेपो रेट
RBI ने पिछली चार MPC बैठकों में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। हालांकि अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई, जो RBI के 4% लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही। बढ़ती खाद्य और ऊर्जा कीमतों के साथ कच्चे तेल की कीमतों ने भी महंगाई का दबाव बढ़ाया है।

अर्थशास्त्रियों के बीच अक्टूबर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो सकता है। कुछ अनुमानों में दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

6% तक पहुंचने का कितना खतरा?
कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण आने वाले महीनों में RBI दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। मॉर्गन स्टेनली ने अप्रैल 2027 तक रेपो रेट 6.25% तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जबकि अन्य अनुमानों में मौजूदा चक्र के दौरान 50-75 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी की बात कही गई है।

EMI पर पड़ेगा सीधा असर
अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो रेपो से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर या तो EMI बढ़ने या फिर समान EMI के साथ लोन की अवधि बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है। हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक RBI की बढ़ोतरी को ग्राहकों तक कितनी जल्दी और कितनी मात्रा में पहुंचाते हैं।

RBI का अंतिम फैसला 7 अक्टूबर को आएगा। फिलहाल 6% तक रेपो रेट पहुंचने की बात एक संभावित अनुमान है, कोई तय फैसला नहीं।

‘दृश्यम 3’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 150 करोड़ के पार पहुंची कमाई; 2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर

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अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड में भारत में 150 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। तीसरे दिन तक फिल्म की इंडिया नेट कमाई करीब 154 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग
‘दृश्यम 3’ ने रिलीज के पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी ओपनर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब 66.75 करोड़ रुपये नेट कमाए, जबकि वर्ल्डवाइड ओपनिंग करीब 95 करोड़ रुपये रही।

‘बॉर्डर 2’ समेत कई फिल्मों को छोड़ा पीछे
फिल्म की शानदार शुरुआत ने ‘बॉर्डर 2’, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों के ओपनिंग डे आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘दृश्यम 3’ ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़े हैं और अजय देवगन के करियर की भी सबसे बड़ी ओपनर बन गई है।

200 करोड़ की ओर बढ़ी फिल्म
गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर को दर्शकों का मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन तक फिल्म की भारत में नेट कमाई 115.50 करोड़ रुपये पहुंच गई थी और वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 177 करोड़ रुपये हो चुका था। अब फिल्म की नजर 200 करोड़ के आंकड़े पर है।

‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है।

स्थायी समिति की दोबारा कमान मिलने पर खुश हुए शशि थरूर, बोले- भारत के भविष्य पर गंभीर चर्चा का इंतजार

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर को एक बार फिर संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संसदीय समितियों के पुनर्गठन के बाद मिली इस जिम्मेदारी पर थरूर ने खुशी जताई और इसे सम्मान की बात बताया।

थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्हें विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखने का सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के भविष्य के रास्ते पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा के लिए उत्सुक हैं।

31 सदस्यीय समिति में कई प्रमुख सांसद
विदेश मामलों की स्थायी समिति में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल हैं। समिति में असदुद्दीन ओवैसी, रविशंकर प्रसाद, बांसुरी स्वराज, अभिषेक बनर्जी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अरुण गोविल समेत कई सांसद शामिल हैं।

संसदीय समितियों का नया कार्यकाल 26 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। थरूर को दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े मुद्दों पर समिति की भूमिका पर नजर रहेगी।

चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर FIR दर्ज

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तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। तिरुपुर जिला पुलिस के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर एक बच्चे को राजनीतिक गतिविधि में शामिल किया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब धारापुरम सीट पर आदर्श आचार संहिता लागू है।

पेरियार की प्रतिमा के पास हुई थी सभा
पुलिस के मुताबिक, शनिवार को धारापुरम शहर में पेरियार की प्रतिमा के पास उदयनिधि स्टालिन की चुनावी सभा हुई थी। आरोप है कि इस दौरान एक बच्चे को प्रचार वाहन पर बुलाकर मंच से बोलने का मौका दिया गया। पुलिस का कहना है कि बच्चे से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी कराई गई।

चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला
पुलिस ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव संबंधी गतिविधियों में बच्चों को शामिल करने से बचना होता है। इसी आधार पर धारापुरम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी बच्चे की उम्र या पहचान और उसके कथित बयान का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

6 अक्टूबर को है धारापुरम उपचुनाव
धारापुरम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त होगा। ऐसे में मतदान से ठीक पहले उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दर्ज यह मामला चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।