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केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश, विकास कार्यों को मिल रही गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए कार्य कर रही हैं। दोनों सरकारों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इसके लिए सड़क, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य की प्राथमिकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास परियोजनाओं को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनकल्याण और आर्थिक प्रगति दोनों महत्वपूर्ण हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाते हुए नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा उनके लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रुपये का स्मारक सिक्का

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में पूज्य माता साहिब हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। यह सिक्का माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जयंती के अवसर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे।

सिंधी समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर
पूज्य माता साहिब हासी देवी जी रायपुर के प्रतिष्ठित शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश थीं। उनके सम्मान में स्मारक सिक्का जारी किया जाना सिंधी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पहल का उद्देश्य उनके जीवन, आध्यात्मिक विचारों और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

सिक्के पर अंकित है माता हासी देवी जी का चित्र
जारी किए गए विशेष स्मारक सिक्के के एक ओर पूज्य माता हासी देवी जी की छवि अंकित है, जबकि दूसरी ओर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और 200 रुपये का मूल्यवर्ग दर्शाया गया है। यह सिक्का उनकी 200वीं जयंती को यादगार बनाने के साथ उनकी आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और समाज के प्रतिनिधि
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शदाणी दरबार के सदस्य तथा देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे सिंधी समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। शदाणी दरबार के पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी ने स्वागत उद्बोधन दिया।

स्मारक सिक्के के अनावरण के बाद श्रद्धालुओं और सिक्का संग्राहकों के लिए इसे शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से बुक करने की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।

सिंगरौली में ₹22,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, CM मोहन यादव से मिले कुमार मंगलम बिरला

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को मुंबई प्रवास के दौरान आदित्य बिरला समूह के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला और उनके पुत्र आर्यमन विक्रम बिरला से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं, उद्योगों के विस्तार और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

सिंगरौली की हिंडाल्को इंडस्ट्री में ₹22 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि चर्चा के दौरान कुमार मंगलम बिरला ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्री में ₹22 हजार करोड़ के नए निवेश का प्रस्ताव दिया। प्रस्तावित निवेश से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। हालांकि, यह निवेश प्रस्ताव है; इसे अंतिम निवेश निर्णय या परियोजना के क्रियान्वयन की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार मंगलम बिरला को आगामी वर्ष मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक निवेश की व्यापक संभावनाओं और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहन पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। राज्य सरकार का प्रयास है कि नए औद्योगिक निवेश के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें।

मुलाकात के दौरान कुमार मंगलम बिरला ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यह बैठक प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा रही।

सऊदी के दम्माम एयरपोर्ट पर हमला, 1 की मौत और 8 घायल; अमेरिका ने दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया

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सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। देश के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर को हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। हमले में एयरपोर्ट की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है।

एयरपोर्ट पर हमले के बाद उड़ानों पर असर
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, हमले में घायल हुए लोगों को मामूली से लेकर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुविधाओं को हुए नुकसान का आकलन किया गया और सुरक्षा कारणों से कुछ उड़ानों का मार्ग बदला गया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा खतरे बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। लगातार हो रही घटनाओं से हवाई यातायात और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हूती विद्रोहियों पर संदेह, लेकिन जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं
दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले के पीछे हूती विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही पहले भी सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना चुके हैं। हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी हूती संगठन ने नहीं ली है और सऊदी अधिकारियों ने भी हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सऊदी गठबंधन ने पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को नाकाम करने की जानकारी भी दी है। ऐसे में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

अमेरिका ने दूतावास के कर्मचारियों को दिया देश छोड़ने का आदेश
लगातार बढ़ते हमलों के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

अमेरिका ने सऊदी अरब में नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों को लेकर भी चिंता जताई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण राजनयिक गतिविधियों और हवाई यात्रा पर असर पड़ने की आशंका है।

तेल प्रतिष्ठान पर हमले में भी दो लोगों की मौत
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले से पहले सऊदी अरब के शायबह तेल क्षेत्र में ड्रोन को रोकने के दौरान गिरे मलबे से दो विदेशी कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में फिलीपींस और नेपाल के नागरिक शामिल थे। घायल लोगों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा उपायों का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तथा ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

शुक्रादित्य योग से चमक सकती है किस्मत! करियर में तरक्की और अटका धन मिलने के संकेत, इन 3 राशियों को लाभ

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ज्योतिष शास्त्र में शुक्रादित्य योग को सुख-सुविधाओं, मान-सम्मान, रचनात्मकता और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। 17 अक्टूबर से बनने वाले इस योग को लेकर ज्योतिषीय मान्यताओं में तीन राशियों के जातकों के लिए विशेष लाभ की संभावना जताई जा रही है। मान्यता है कि इस दौरान करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ सकती है और लंबे समय से अटका धन वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है।

शुक्रादित्य योग का निर्माण तब होता है, जब सूर्य और शुक्र एक ही राशि में स्थित होते हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र को सुख, वैभव, कला और भौतिक सुविधाओं से जोड़ा जाता है। इन दोनों ग्रहों की युति को कुछ राशियों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

इन 3 राशियों के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं योग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 17 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक की अवधि को इन राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1. मेष राशि: करियर में मिल सकते हैं नए अवसर
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत माने जा रहे हैं। यदि कोई भुगतान लंबे समय से अटका है, तो उससे जुड़ी बातचीत आगे बढ़ सकती है।
2. तुला राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत
तुला राशि में ही शुक्रादित्य योग बनने के कारण इस राशि के जातकों को विशेष रूप से अनुकूल परिणाम मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने और पुराने आर्थिक मामलों को सुलझाने में भी मदद मिल सकती है।
3. धनु राशि: कारोबार और आय में बढ़ोतरी की उम्मीद
धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि कारोबार के विस्तार और करियर में बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को बेहतर विकल्प तलाशने का अवसर मिल सकता है। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू करने और पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक फैसले लेते समय सोच-विचार करना जरूरी रहेगा।

कब तक रहेगा शुक्रादित्य योग का प्रभाव?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने से शुक्र के साथ उसकी युति बनी है। यह योग 6 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसका व्यक्तिगत प्रभाव जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग माना जाता है।

छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को बड़ी राहत, 30,870 रुपये होगा मासिक मानदेय; 7,900 जवानों को मिलेगा लाभ

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छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने नगर सैनिकों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत उनका कुल मासिक मानदेय 19,500 रुपये से बढ़ाकर 30,870 रुपये करने की तैयारी है। इस प्रस्ताव से प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नई दरों को लागू करने के लिए शासन के अंतिम आदेश का इंतजार है।

मूल मानदेय, महंगाई भत्ता मिलाकर बनेगी नई राशि
गृह विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नगर सैनिकों को मिलने वाली राशि में मूल मानदेय के साथ महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल होगा। इसका गणित इस प्रकार है:

मूल मानदेय: 19,500 रुपये प्रतिमाह
महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत): 11,310 रुपये
वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये
कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपये प्रतिमाह

इस हिसाब से प्रतिदिन की राशि लगभग 1,029 रुपये होगी।

पहले भी दो बार बढ़ चुका है मानदेय
छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। वर्ष 2017 में इसे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,200 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद एक अप्रैल 2023 से प्रभावी वृद्धि के तहत मानदेय 19,500 रुपये तक पहुंचा। अब महंगाई, न्यायालय के निर्देशों और नगर सैनिकों की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए नए प्रस्ताव की तैयारी की गई है।

कानून-व्यवस्था से लेकर आपदा प्रबंधन तक निभाते हैं जिम्मेदारी
नगर सैनिक प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की सहायता करने, अग्निशमन तथा आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में योगदान देते हैं। कई बार उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी ड्यूटी करनी पड़ती है।

मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोतरी से इन जवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और कार्य के प्रति उनका मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। अब नगर सैनिकों की नजर शासन की अंतिम मंजूरी और नई दरों के लागू होने की तारीख पर रहेगी।

भोपाल रिटायर्ड IAS मर्डर केस में बड़ा एक्शन, 21 दिन बाद SIT गठित; AIG करेंगे जांच की अगुवाई

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले में जांच को गति देने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। घटना के 21 दिन बाद एसआईटी गठित किए जाने के बाद मामले की जांच की जिम्मेदारी अब विशेष टीम संभालेगी। टीम की अगुवाई एआईजी (AIG) करेंगे।

इस मामले में एसआईटी के गठन को जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेष जांच दल हत्या से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और अब तक की जांच में सामने आए पहलुओं की पड़ताल करेगा। टीम मामले की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।

घटना के 21 दिन बाद एसआईटी गठित होने से मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों, एसआईटी में शामिल अन्य अधिकारियों और अब तक की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

मुख्य आरोपी 21 दिन बाद भी फरार
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह है, जो घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन तथा पंजाब सहित कई स्थानों पर तलाश की है।

पांच सदस्यीय एसआईटी करेगी जांच
एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एआईजी उमेश तिवारी करेंगे। टीम में अपराध शाखा और रातीबड़ थाने के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। दल को मामले की आगे की विवेचना, संदिग्ध की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति से वरिष्ठ अधिकारियों को साप्ताहिक जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आईएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की थी। अब एसआईटी के गठन के बाद हत्या के पीछे की वजह और अन्य संभावित पहलुओं की जांच पर विशेष ध्यान रहेगा।

PM किसान की अगली किस्त का इंतजार जल्द हो सकता है खत्म, दिवाली के आसपास मिल सकते हैं ₹2,000; किसान तुरंत निपटा लें ये काम

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के लाभार्थी किसानों को अगली किस्त का इंतजार है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अब किसानों की नजर अगली किस्त पर टिकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 24वीं किस्त दिवाली के आसपास जारी होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

9 करोड़ से अधिक किसानों को मिलती है सहायता
पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹2,000 की किस्त भेजी जाती है। जून 2026 में जारी 23वीं किस्त के दौरान 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला था। इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों को अगली किस्त मिलने की उम्मीद है।

किस्त पाने के लिए तुरंत पूरे करें ये जरूरी काम
किसानों को भुगतान में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपनी जानकारी और पात्रता की जांच कर लेनी चाहिए।
1. ई-केवाईसी पूरी करें: पीएम किसान योजना के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसे आधिकारिक पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से या अधिकृत सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया से पूरा किया जा सकता है।
2. बैंक खाते की जानकारी जांचें: सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय है और खाते से संबंधित जानकारी सही है, ताकि भुगतान में बाधा न आए।
3. आधार और अन्य विवरण मिलाएं: आधार से संबंधित जानकारी और पोर्टल पर दर्ज विवरण में गड़बड़ी होने पर उसे ठीक कराएं।
4. भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन कराएं: पात्रता के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी हो सकता है। यदि पोर्टल पर कोई जानकारी लंबित दिखाई दे, तो संबंधित कृषि विभाग से संपर्क करें।
5. लाभार्थी स्टेटस चेक करें: पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के माध्यम से भुगतान और पात्रता की स्थिति देखें।

ऐसे चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
‘Know Your Status’ विकल्प चुनें।
मांगी गई पंजीकरण संबंधी जानकारी दर्ज करें।
स्क्रीन पर दिखाई देने वाली स्थिति में भुगतान और अन्य लंबित औपचारिकताओं की जांच करें।

सरकार की घोषणा का करना होगा इंतजार
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 24वीं किस्त की तारीख और भुगतान कार्यक्रम की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दिवाली के आसपास किस्त आने की खबर को संभावित तारीख के रूप में ही देखें। किसानों को सलाह है कि वे किसी अनधिकृत लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और अपडेट के लिए केवल सरकारी पोर्टल तथा आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें।

पापांकुशा एकादशी 21 या 22 अक्टूबर? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

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हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने तथा व्रत रखने की परंपरा है। इस बार एकादशी की तिथि 21 अक्टूबर से शुरू होने के कारण श्रद्धालुओं के बीच व्रत की सही तारीख को लेकर असमंजस है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा।

पापांकुशा एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 22 अक्टूबर को व्रत रखा जाएगा।

व्रत की तारीख: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर, दोपहर 2:47 बजे

पूजा का शुभ समय: स्थानीय पंचांग के अनुसार सुबह और अभिजीत मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं।
व्रत का पारण: 23 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 6:27 से 8:42 बजे तक (दिल्ली के लिए प्रकाशित पंचांग समय)। अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि करें।

पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि
पापांकुशा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें।

भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, धूप-दीप और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान भी कर सकते हैं।

एकादशी व्रत में अन्न और चावल का सेवन न करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या उपवास रख सकते हैं।

पापांकुशा एकादशी व्रत कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, विंध्य पर्वत पर क्रोधन नाम का एक निर्दयी बहेलिया रहता था। उसने अपना जीवन हिंसा और गलत कार्यों में बिताया। जब उसके जीवन के अंतिम दिन निकट आए, तो यमदूत उसे लेने आने वाले थे। भयभीत बहेलिया एक ऋषि की शरण में पहुंचा और अपने उद्धार का उपाय पूछा।

ऋषि ने उसे पापांकुशा एकादशी का व्रत करने तथा भगवान विष्णु की भक्ति और पूजा करने की सलाह दी। बहेलिए ने श्रद्धापूर्वक व्रत किया। धार्मिक कथा के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से उसे पापों से मुक्ति और भगवान की कृपा प्राप्त हुई।

इस कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति, प्रायश्चित और सत्कर्म व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

क्या है पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना, मंत्र जाप, कथा श्रवण और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।

श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि व्रत, पूजा और पारण के समय का निर्धारण अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।

छत्तीसगढ़ के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, साल में दो बार होगी विशेष TET परीक्षा

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छत्तीसगढ़ के शासकीय शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) साल में कम से कम दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर देना और नौकरी में बने रहने तथा पदोन्नति से जुड़ी पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करना है।

CGSSSB कराएगा कंप्यूटर आधारित परीक्षा
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, विशेष टीईटी परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को साल में कम से कम दो बार परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

किन शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य?
कक्षा 1 से 8 तक अध्यापन करने वाले सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष या उससे अधिक समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने और पदोन्नति प्राप्त करने के लिए संबंधित स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी। यह व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया फैसला
विशेष टीईटी आयोजित करने का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में लिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था, जिस पर राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की। नियमित अंतराल पर परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे।

शिक्षकों को अब परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार
सरकार की मंजूरी के बाद अब शिक्षकों की नजर परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देशों पर है। इनका विस्तृत विवरण संबंधित विभाग और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की ओर से जारी किया जाना अपेक्षित है।

इस फैसले से प्रदेश के उन शिक्षकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है। साल में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था से उन्हें अपनी पात्रता पूरी करने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।