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भारत और फ्रांस की एक जैसी सोच-पीएम मोदी

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भारत और फ्रांस की एक जैसी सोच-पीएम मोदी
फ्रांस के नीस में शुरू हुए तीन दिवसीय’भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, दुनिया भर के अलग-अलग देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और रणनीतिक साझेदारी भी करते हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक जैसी सोच पर आधारित होते हैं और फ्रांस के साथ भारत का रिश्ता ऐसा ही एक रिश्ता है। जबकि राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि AI और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सच्ची साझेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के नीस में राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से तीन दिवसीय’भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन’ का उद्घाटन किया, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक साथ लाने वाला एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच है।

120 से अधिक भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप और मोदी-मैक्रों की जुगलबंदी
इसमें 120 से अधिक भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप, 15 से ज्यादा हायर एजुकेशन इंस्टीटयूट और मोदी-मैक्रों की जुगलबंदी हो रही है। इस आयोजन में प्रमुख आईआईटी और अन्य अनुसंधान संगठन भी शामिल हैं। नीस में आयोजित सम्मेलन में दोनों नेताओं के बीच इस वर्ष की शुरुआत में द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद पहली द्विपक्षीय शिखर बैठक भी शामिल है।

भारत और फ्रांस दुनिया भर के शीर्ष स्टार्टअप्स को एक साथ लाए
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया इस अहम सम्मेलन का यह शुभारंभ भारत-फ्रांस संबंधों में प्रौद्योगिकी और नवाचार के बढ़ते महत्व का संकेत देता है, जिसमें हाल के वर्षों में रक्षा और अंतरिक्ष से लेकर डिजिटल प्रौद्योगिकी और AI तक के क्षेत्रों में सहयोग गहरा हुआ है। भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र बिंदु बनने के लिए तैयार है। यह आयोजन,भारत और फ्रांस दुनिया भर के शीर्ष स्टार्टअप्स को एक साथ लाया हैं, जो’भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष ‘ में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

एक-दूसरे को गले लगा कर और हाथ मिलाकर अभिवादन किया
फ्रांस में 14 से 16 जून तक आयोज्य इस कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के उद्यमियों में उत्साह है। इससे पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को नीस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल ममैक्रों ने गर्मजोशी से स्वागत किया,जहां दोनों नेताओं ने एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक से पहले एक-दूसरे को गले लगा कर और हाथ मिलाकर अभिवादन किया।

TMC के बागी गुट ने की स्पीकर से मुलाकात

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TMC के बागी गुट ने की स्पीकर से मुलाकात
पश्चिम बंगाल की सत्ता से हटने के बाद से टीएमसी के बुरे दिन शुरु हो गए हैं. यहां बगावत लगातार बढ़ती नजर आ रही है. दिल्ली में बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक हुई थी. अब खबर है कि सागरिक घोष और कीर्ति आजाद के बाद सभी बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की है. यहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के घर लगातार हलचल मची हुई है. उनके घर के बाहर की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है. बागी सांसदों से जुड़ी एक तस्वीर भी सामने आई है. वह सभी स्पीकर के आवास पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं. स्पीकर से रविवार को 20 सांसदों ने मुलाकात की है. दो तिहाई से ज्यादा सांसदों ने स्पीकर से मिले हैं. बागी गुट की तरफ से सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि टीएमसी के असली सिंबल पर दावा करेंगे.

उन्होंने बताया कि एक सिस्टम है दो तिहाई पार्टी की हिस्सेदारी चले जाते हो तो पहले दिन क्लेम नहीं कर सकते कि हमें ये पार्टी का नाम दे दो. जब जुलाई में पार्लियामेंट चलेगा तो हम तृणमूल में आएंगे, तब हम बोलेंगे कि हम लोगों को तृणमूल दो क्यों कि हमारे दो तिहाई है.

इधर, जिस वक्त बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर बागी सांसदों की बैठक जारी थी, उसी दौरान टीएमसी के सांसद कीर्ति आजाद और सागरिक घोष भी लोकसभा ओम बिरला से मिलने पहुंचे थे. इसके बाद बैठक खत्म करने के बाद बागी सांसद भी स्पीकर के घर पहुंचे. इससे पहले खबर आई थी कि बागी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं. इससे पहले टीएमसी के बागी सांसदों की बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के साथ बैठक हुई. इस बैठक में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद थे.

क्या हो सकता है अगला कदम?
चर्चा है कि टीएमसी कांग्रेस के बागी गुट एक उत्तर पूर्व की पार्टी में विलय करने पर विचार कर सकते हैं. वह पार्टी NDA का हिस्सा होगी. हालांकि आधिकारिक जानकारी का भी इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक त्रिपुरा की नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में तृणमूल कांग्रेस का यह बागी गुट विलय करने की योजना बना रहा है. शताब्दी राय ने कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के साथ जा रहे हैं.

गोरखपुर में सीएम योगी ने दागे हॉकी में दो गोल, हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

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गोरखपुर में सीएम योगी ने दागे हॉकी में दो गोल, हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक खिलाड़ियों के बीच पहुंच गए। उन्होंने दो टीमों के बीच हो रहे मैच का शुभारंभ करते हुए हॉकी स्टिक पकड़ी और दो गोल दागे। मुख्यमंत्री के गोल दागते ही सांसद रविकिशन शुक्ल बाल लेने के लिए मैदान में दौड़े। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से बात की और सुविधाओं की भी जानकारी ली।

लोकार्पण व शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। यहां गोरखपुर महानगर की दृष्टि से लगभग एक हजार करोड़ की योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। यह प्रदेश के इतिहास के लिए अत्यंत गौरवशाली दिन है। सुपोषण के द्वितीय फेज की शुरूआत भी यहां हुई है।

हम सब को इस बारे में देखना समझना होगा कि यदि बचपन सुरक्षित है तो भविष्य भी सुरक्षित है। बच्चा जब जन्म लेता है तो पहले एक हजार दिन महत्वपूर्ण होते हैं। अच्छे से उसकी देखभाल कर ली तो उसे एक मजबूत भविष्य दे सकते हैं। इसी के लिए टेक होम राशन की प्रणाली 2022 में प्रयागराज में शुरू की गई थी। इसमें चार हजार से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह द्वारा प्रदेश के कई विकास खंडों में प्लांट लगाया गया था। आज उसी प्रक्रिया का द्वितीय चरण शुरू होने जा रहा है।

 

प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया कि जब बच्चा तीन साल का हो जाए तो उसे आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह साल तक रखा जाए। जहां वह अच्छा आहार ले सके और खेल-खेल में कुछ सीख ले। इसलिए बाल वाटिका को भी आगे बढ़ाया गया। 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी में प्री प्राइमरी व बाल वाटिका संचालित हो रहा है।
पहले मिलती है पांच से छह घंटे बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नौ साल पहले का गोरखपुर क्या था। बीमारी, जलजमाव, गंदगी, बाढ़, नौजवान के लिए नौकरी नहीं, व्यापारी की सुरक्षा नहीं, बेटी के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसान के लिए कोई अन्य सुविधा नहीं, परंपरागत उद्यम के लिए कोई कार्यक्रम नहीं। 2017 के पहले बिजली बमुश्किल पांच से छह घंटे मिल पाती थी। उसके लिए सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफ्लाइटिस से किस तरह सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी, किसी से छुपा नहीं थी।

बंद कारखाना हमें चिढ़ाता था तो बीमार बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर की पहचान बन गया था। लखनऊ जाने में आठ घंटे लगते थे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ था। गोरखपुर के नाम से लोग डरते थे। बेटियां शाम के बाद घर से निकलने में डरती थीं। मानो आतंक का पर्याय रहा हो। कैसे एक शहर बदलता है, वह आज दिखता है। दुनिया में देश का सम्मान बढ़ा है। देश में यूपी का सम्मान बढ़ा है। प्रदेश व देश में गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब आपसे कोई दूरी नहीं बनाता।

आज जलजमाव की समस्या का समाधान है। नौजवानों के लिए रोजगार है। व्यापारी की सुरक्षा है। बेटी की उत्तम शिक्षा के साथ उसके स्वावलंबन के कार्यक्रम है। बीआरडी मेडिकल कालेज स्वयं स्वस्थ हुआ। इंसेफ्लाइटिस की बीमारी का खात्मा हुआ है। फर्टिलाइजर फिर से चल रहा है। चीनी मिलें बन रही हैं। सड़कें चौड़ी हो गई हैं। बिजली अनवरत रूप से लोगों को मिल रही है।
रोड कनेक्टिविटी हुई बेहतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में कनेक्टिविटी बेहतरीन हुई है। एक-एक पाई का सदुपयोग हो रहा है और जवाबदेही के साथ काम हो रहा है। रामगढ़ताल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। चिलुआताल भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। लखनऊ की दूरी 3:30 घंटे में तो वाराणसी की दूरी ढाई घंटे में पूरा कर सकते हैं।

चारों ओर से फोरलेन की कनेक्टिविटी है। एयर कनेक्टिविटी है। गरीब के घर में शौचालय है। उसके लिए आवास की सुविधा है। यह है 9 साल में बदला हुआ वह परिवेश, जिसमें आप रह रहे हैं। आज पहचान का संकट नहीं। लोग आपको सम्मान दे रहे हैं। यूपी को नई पहचान मिली है। किसी को कोई शंका नहीं।

महाराष्ट्र के पंढरपुर में दर्दनाक हादसा, श्रद्धालुओं से भरी पिकअप वैन कुएं में गिरी

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महाराष्ट्र के पंढरपुर में दर्दनाक हादसा, श्रद्धालुओं से भरी पिकअप वैन कुएं में गिरी
महाराष्ट्र के पंढरपुर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया, जहां श्रद्धालुओं से भरी पिक अप वैन कुएं में गिर गई. हादसे में 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. अब तक आठ लोगों के शव निकाल लिए गए हैं.

सभी मृतक पंढरपुर के रांजनी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. ये सभी लोग तीर्थयात्रा पर जा रहे थे. दुर्घटना सोलापुर के मालिशिरस गांव के पास हुई है. हादसे के पास इलाके में मातम पसरा है.
रायगढ़ जिले में पिछले महीने 8 लोगों की हुई थी मौत

पिछले महीने 25 मई को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कोंकण क्षेत्र से सतारा जा रहे एक पर्यटक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. जिसके बाद बचाव अभियान चलाया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, गाड़ी अनियंत्रित होकर रायगढ़ जिले के पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 1,000 फीट गहरी घाटी में जा गिरी थी. जिला प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया था. शवों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया गया था.

ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं हुई सुदृढ़ : मुख्यमंत्री साय

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ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं हुई सुदृढ़ : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल होकर एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एनएचएम कर्मियों के 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। साय ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है। अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी के सहयोग से विकसित एवं स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है।उन्होंने कहा कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आई है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए विशेषीकृत 116 नए स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

नोरा-पूजा के बाद Kanchana 4 में हुई इस लेडी सुपरस्टार की एंट्री

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नोरा-पूजा के बाद Kanchana 4 में हुई इस लेडी सुपरस्टार की एंट्री
हॉरर थ्रिलर कंचना (Kanchana) फ्रेंचाइजी की अभी तक तीन फिल्में आ चुकी हैं और तीनों बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। अब राघव लॉरेंस (Raghava Lawrence) चौथी फिल्म लेकर आ रहे हैं। इस बार कहानी में नया ट्विस्ट जोड़ने आ रही हैं सिनेमा की लेडी सुपरस्टार।

जी हां, कंचना 4 (Kanchana 4) में लीड एक्टर तो राघव लॉरेंस ही रहेंगे, लेकिन नई हीरोइनें फिल्म की कहानी में ट्विस्ट लाने जा रही हैं। पहले खबर आ रही थी कि पूजा हेगड़े (Pooja Hegde) और नोरा फतेही (Nora Fatehi) फिल्म का हिस्सा बनेंगी। अब खबर आ रही है कि फिल्म में तीसरी अदाकारा की भी एंट्री हो गई है जो हिंदी और साउथ सिनेमा की सबसे बड़ी स्टार हैं।

कंचना 4 में लेडी सुपरस्टार की एंट्री
इस लेडी सुपरस्टार ने बॉलीवुड में 1100 करोड़ी फिल्म दी है और साउथ सिनेमा में भी उनका दबदबा रहता है। यह अदाकारा हैं नयनतारा (Nayanthara)। सिने उलगम की रिपोर्ट के मुताबिक, नयनतारा, राघव स्टारर और निर्देशित फिल्म कंचना 4 का हिस्सा बने वाली हैं। वह कहानी में एक नया ट्विस्ट ऐड करेंगी।

कब रिलीज होगी कंचना 4?
राघव लॉरेंस ने साल 2011 में कंचना फ्रेंचाइजी शुरू की थी। 15 साल पहले इस हॉरर थ्रिलर को खूब पसंद किया गया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी। इसके बाद 2015 में फिल्म का सीक्वल बना था, फिर 2019 में फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म आई और अब चौथी मूवी आ रही है। हालांकि, रिलीज डेट अभी तक सामने नहीं आई है।

मंगल गोचर से पलटेगी इन राशियों की किस्मत

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मंगल गोचर से पलटेगी इन राशियों की किस्मत
16 जून को मंगलदेव अग्नि तत्व के ‘कृत्तिका नक्षत्र’ में प्रवेश करेंगे। मंगलदेव का यह गोचर अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गोचर का प्रभाव राशियों पर पड़ेगा। यह गोचर दो चरणों में अपना प्रभाव दिखाएगा।

16 जून से 21 जून तक मंगलदेव मेष राशि में रहेंगे, जो उनके साहस और पहल करने की शक्ति को बढ़ाता है। इसके बाद 21 जून से मंगलदेव वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो स्थिरता और ध्येय प्राप्ति पर ध्यान केंद्रित करने का समय है। यह समय विचारों को ठोस परिणामों में बदलने का है।

1. तुला राशि: मंगलदेव पहले आपके सप्तम भाव को सक्रिय करेंगे, जिससे रिश्तों और साझेदारी में स्पष्ट संवाद की आवश्यकता बढ़ेगी। 21 जून के बाद मंगलदेव आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। यह समय वित्तीय नियोजन और दीर्घकालिक वादों को संभालने का है। धैर्य से काम लेना आपके लिए हितकारी होगा।
उपाय: वाद-विवाद से बचें और किसी भी बड़े समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानी बरतें।

2. वृश्चिक राशि: 21 जून तक मंगलदेव आपके छठे भाव में गोचर करेंगे, जिससे आप अपने विरोधियों और कार्यक्षेत्र की चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद मंगलदेव आपके सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। रिश्तों में समझदारी और सामंजस्य बनाए रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उपाय: असहमति की स्थिति में शांत रहें और दूसरों पर हावी होने से बचें।

3. धनु राशि: मंगलदेव पहले आपके पंचम भाव को ऊर्जा देंगे, जिससे आपकी रचनात्मकता और शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति होगी। 21 जून के बाद मंगलदेव आपके छठे भाव में प्रवेश करेंगे। जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन आपकी निरंतरता आपको सफल बनाएगी। अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें।
उपाय: नियमित दिनचर्या अपनाएं और अनावश्यक तनाव से बचें।

4. मकर राशि: 21 जून तक मंगलदेव आपके चतुर्थ भाव में रहेंगे, जिससे घर, परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों पर ध्यान देना होगा। इसके बाद मंगलदेव आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। यह समय छात्रों और रचनात्मक कार्यों में जुड़े लोगों के लिए बहुत अच्छा है।
उपाय: परिवार के सदस्यों के साथ सामंजस्य बनाए रखें।

5. कुंभ राशि: मंगलदेव पहले आपके तृतीय भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपका साहस और संवाद कौशल बढ़ेगा। 21 जून के बाद मंगलदेव आपके चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे। अब आपका ध्यान घरेलू उत्तरदायित्वों और पारिवारिक शांति पर अधिक रहेगा। घर के मुद्दों को संभालने के लिए धैर्य जरूरी है।
उपाय: बातचीत के दौरान कठोर शब्दों का उपयोग न करें और मन को शांत रखें।

6. मीन राशि: मंगलदेव पहले आपके द्वितीय भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे धन और परिवार से जुड़े मामले प्राथमिकता पर रहेंगे। इसके बाद मंगलदेव आपके तृतीय भाव में प्रवेश करेंगे। यह समय आपके आत्मविश्वास और नेटवर्किंग में वृद्धि करेगा। आपके प्रयासों के दृश्य परिणाम मिलना शुरू हो जाएंगे।
उपाय: वित्तीय प्रतिबद्धताएं करने से पहले गहराई से विचार कर लें।

ट्रंप का ऐलान- ईरान के साथ आज होंगे डील पर साइन

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ट्रंप का ऐलान- ईरान के साथ आज होंगे डील पर साइन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौते (पीस डील) पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने भी कहा है कि समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है और अगले 24 घंटे के भीतर इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं और जैसे ही यह डील साइन होगी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खोल दिया जाएगा.”

ईरान ने ट्रंप के दावे पर जताई असहमति
ट्रंप के इस दावे के कुछ ही घंटे बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अलग रुख अपनाया. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे. ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार इस्माइल बाघेई ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया जारी है, लेकिन दूसरे पक्ष की विसंगतियों के कारण तत्काल किसी समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने दोहराया कि रविवार को समझौता नहीं होगा, हालांकि आने वाले दिनों में प्रगति संभव है.

पाकिस्तान ने कहा- 24 घंटे में हो सकता है समझौता
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अगले 24 घंटे में हस्ताक्षर हो सकते हैं. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

ईरानी विदेश मंत्री ने भी जताई थी उम्मीद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा था कि समझौते पर “आने वाले दिनों” में हस्ताक्षर हो सकते हैं. वहीं एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने भी कहा था कि समझौता होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है सबसे बड़ा मुद्दा
समझौते की दिशा में बढ़ती उम्मीदों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर तनाव का केंद्र बना हुआ है. पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला है.

पहले भी कई बार डील का दावा, लेकिन नहीं निकला नतीजा
अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद दीर्घकालिक शांति समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. हालांकि अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है. ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि समझौता बेहद करीब है, लेकिन हर बार बातचीत आगे खिंचती चली गई.

इस सप्ताह फिर बढ़ा था सैन्य तनाव
इस सप्ताह अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया था. दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले हुए, जिससे पूर्ण युद्ध की आशंका गहरा गई थी. अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई. इसके कारण फारस की खाड़ी से तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई. हालांकि 7 अप्रैल से एक नाजुक युद्धविराम लागू है.

इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’

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इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन के बीच मेघदूत उपवन शनिवार को हरित विकास और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रतीक बन गया। यहां विशेष रूप से विकसित की गई ब्रिक्स वाटिका में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न देशों से आए कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने फलदार और औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे ब्रिक्स वाटिका वैश्विक मित्रता की मिसाल बन गई।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल
ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह की पांच दिनी बैठक के आखरी दिन शनिवार को मेघदूत उपवन में ब्रिक्स वाटिका में ब्रिक्स देशों और आमंत्रित सदस्य देशों के प्रतिनिधियों द्वारा 21 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल माना गया। इस विशेष वाटिका में कुल 51 फलदार पौधे लगाने की योजना है।

पौधा रोपण वाले स्थान के पास मेघदूत उपवन में ब्रिक्स इंडिया अंकित आकर्षक आइलैंड बनाया गया है। पौधा रोपण वाले स्थान पर वही गुलाबी उद्यान और विभिन्न विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज के बोर्ड इस वाटिका का विशेष आकर्षण रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाए
ब्रिक्स देशों ने अपनी पहचान के अनुरूप अलग-अलग पौधे लगाए। भारत ने आम और मोसंबी, ब्राजील ने कमरख, चीन ने नींबू, दक्षिण अफ्रीका ने बेलपत्र, मिस्र ने जामुन, ईरान ने लुच्ची, सऊदी अरब ने नीम, इंडोनेशिया ने अमरूद, यूएई ने कटहल तथा इथियोपिया ने पारिजात का पौधा लगाया।

वहीं आमंत्रित देशों में बेलारूस ने लाल आंवला, बोलीविया ने जमरूल, क्यूबा ने पीपल, मलेशिया ने अनार, थाईलैंड ने करौंदा, वियतनाम ने सिंदूर, उज्बेकिस्तान ने बरगद, युगांडा ने रुद्राक्ष, नाइजीरिया ने पीनट बटर फ्रूट तथा कजाकिस्तान ने पारिजात का पौधा रोपा।

कृषि मंत्री का दिखा सहज अंदाज
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सहज अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने उपवन में कार्यरत सफाईकर्मी और उद्यान की महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाई। लौटते समय दूर खड़ी महिलाओं और बच्चों को पास बुलाकर उनके साथ भी सेल्फी ली, जिससे माहौल आत्मीयता से भर गया।

इन 3 राशियों को मिलने जा रही है साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति

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इन 3 राशियों को मिलने जा रही है साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति
ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़े साती और ढैय्या को कड़े संघर्षों और परीक्षाओं का समय माना जाता है। लेकिन एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष चंद्रेश शर्मा के मुताबिक, ग्रहों का राशि परिवर्तन कुछ भाग्यशाली राशियों के लिए इन सभी परेशानियों के अंत और एक नई शुरुआत का शुभ संकेत दे रहा है।

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, शनि की साढ़े साती और ढैय्या का अंत जीवन में चल रहे कड़े संघर्षों, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों की समाप्ति का संकेत है।

ग्रहों के इस राशि परिवर्तन से प्रभावित जातकों को अटके हुए कार्यों में सफलता, समाज में मान-सम्मान और मानसिक शांति मिलती है। यह समय संभलने और नई शुरुआत का होता है।

साल 2027 में न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव मंगल की राशि मेष में गोचर करने जा रहे हैं, जिससे वर्तमान समय में शनि के प्रभाव झेल रही कुछ राशियों को छुटकारा मिल जाएगा। आइए जानते हैं कि शनि गोचर कब होगा, किन राशियों को शनि की ढैय्या और महादशा से मुक्ति मिलने वाली है।

वर्तमान स्थिति और मुक्ति का समय
वर्तमान समय में कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा है। इसके साथ ही, धनु राशि पर शनि की ढैय्या (कंटक शनि) तथा सिंह राशि पर अष्टम शनि की ढैय्या चल रही है।

आने वाले समय में जब शनि देव का मेष राशि में गोचर होगा, तब निम्नलिखित राशियों को इस कड़े प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कुंभ राशि

शनि के गोचर बदलते ही कुंभ राशि के जातकों की साढ़े साती समाप्त हो जाएगी।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को कंटक शनि की ढैय्या से राहत मिलेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों पर चल रही अष्टम शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी।

इन राशियों पर से शनि का भारी प्रभाव हटते ही जीवन में सकारात्मक बदलाव आने शुरू होते हैं। करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य में सुधार आता है और लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।

मेष राशि में शनि का गोचर कब?
न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव साल 2027 में मेष राशि में गोचर करेंगे। मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी है। मंगल और शनि के योग से कई राशियों के जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मेष राशि के जातकों को अपने प्रमुख इष्ट देवता, भगवान हनुमान, भगवान कार्तिकेय और सूर्य देव की खासतौर पर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यह सभी देवता मेष राशि के जातकों को सुरक्षा करते हैं।

शनि से जुड़े सरल उपाय
जिन भी की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही है, तो उन्हें काले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके अलावा हनुमान चालीसा का नियमित पाठ राहु, केतु और शनि के नेगेटिव इफेक्ट्स को कम करने में मदद करता है।