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गुवाहाटी के होटल बिलास इन में अंधाधुंध फायरिंग, पांच लोगों की मौत; आरोपी गिरफ्तार

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असम की राजधानी गुवाहाटी में सोमवार रात एक होटल में हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया। उलुबाड़ी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में हुई इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को वारदात के करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।

रात करीब नौ बजे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी सोमवार रात करीब नौ बजे होटल बिलास इन में हुई। इस घटना में छह लोगों को गोली लगी थी। इनमें से पांच ने दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल व्यक्ति का गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

होटल की लीज को लेकर विवाद की आशंका
प्रारंभिक जांच में गोलीबारी के पीछे होटल की लीज को लेकर विवाद होने की आशंका जताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घनकांत गोगोई ने करीब एक साल पहले होटल लीज पर लिया था। होटल मालिक पक्ष और लीजधारक के बीच विवाद को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल जब्त
पुलिस ने आरोपी घनकांत गोगोई को घटना के एक घंटे के भीतर पकड़ लिया। उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी .32 बोर पिस्टल भी जब्त की गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य
पुलिस के अनुसार, मृतकों में से चार होटल मालिक के परिवार से संबंधित थे, जबकि पांचवां व्यक्ति उनके गांव का रहने वाला था। घायल व्यक्ति भी उसी गांव का बताया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया। पुलिस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है, ताकि गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, धान खरीदी और राज्योत्सव पर नजरें

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होगी। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे प्रस्तावित इस बैठक पर किसानों, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेशवासियों की नजरें टिकी हुई हैं। आगामी धान खरीदी सीजन 2026-27 और एक नवंबर से शुरू होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों के लिहाज से बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धान खरीदी को लेकर किसानों को फैसले का इंतजार
प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी को लेकर किसानों की उम्मीदें इस बैठक से जुड़ी हैं। धान खरीदी की तारीख, उपार्जन केंद्रों की तैयारियों और किसानों की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। पूर्व में प्रकाशित रिपोर्टों में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बैठक में इस संबंध में किसी नए निर्णय या बदलाव की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राज्योत्सव की तैयारियों पर भी रहेगी नजर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवंबर से राज्योत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में आयोजन की तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा होने की संभावना है। राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

कर्मचारी संगठनों की मांगों पर भी टिकी निगाहें
कैबिनेट बैठक को लेकर सरकारी कर्मचारी संगठनों में भी उत्सुकता है। कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों पर सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, कर्मचारियों से जुड़े किन विषयों को बैठक के आधिकारिक एजेंडे में शामिल किया गया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

बैठक के बाद सामने आएंगे फैसले
इस बैठक में कृषि, प्रशासन और जनहित से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल कैबिनेट का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं होने के कारण किसी प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पुष्टि नहीं की जा सकती। बैठक के बाद सरकार की ओर से दी जाने वाली जानकारी से स्पष्ट होगा कि किसानों, कर्मचारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े किन विषयों पर निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीसी से बलराम कृषि महोत्सव को किया संबोधित, किसानों से किया संवाद

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर कृषि क्षेत्र की संभावनाओं, खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की समृद्धि से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और उन्नत खेती के तरीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करना समय की आवश्यकता है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल सकती है।

महोत्सव के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श का अवसर मिला। किसानों के साथ मुख्यमंत्री का सीधा संवाद सरकार और कृषक समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की भावना के अनुरूप ऐसे आयोजन खेती में नवाचार, आधुनिक तकनीक और कृषि विकास को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकते हैं।

सिंहस्थ-2028 के लिए दीर्घकालिक विकास पर प्रदेश सरकार का फोकस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार का फोकस सिंहस्थ-2028 के आयोजन के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास पर भी है। सिंहस्थ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उज्जैन के भविष्य की जरूरतों को पूरा करना भी है। सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाले इस आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास, यातायात व्यवस्था, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। आयोजन के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

सरकार का प्रयास है कि सिंहस्थ के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाओं का लाभ आयोजन के बाद भी उज्जैन के नागरिकों और यहां आने वाले पर्यटकों को मिलता रहे। इसी दृष्टिकोण के तहत स्थायी अधोसंरचना और शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

सिंहस्थ मध्यप्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में प्रदेश सरकार का लक्ष्य इसे बेहतर व्यवस्थाओं, सुगम आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिहाज से सफल बनाना है। दीर्घकालिक विकास की यह रणनीति उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संदीप के शानदार प्रदर्शन ने मैनपाट टाइटंस को दिलाई सफलता, मुकाबले में चक्रधर चैंपियंस को करना पड़ा हार का सामना

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खेल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चक्रधर चैंपियंस को शिकस्त दी। इस मुकाबले में संदीप ने दो गोल दागकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके बेहतरीन खेल की बदौलत मैनपाट टाइटंस ने मुकाबले में जीत दर्ज की, वहीं चक्रधर चैंपियंस को पहली बार हार का सामना करना पड़ा।

मैच के दौरान मैनपाट टाइटंस के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। संदीप ने मौके का फायदा उठाते हुए दो गोल किए और टीम को जीत दिलाने में निर्णायक योगदान दिया। दूसरी ओर, चक्रधर चैंपियंस ने भी मुकाबले में संघर्ष किया, लेकिन टीम जीत हासिल करने में सफल नहीं हो सकी।

इस हार के साथ चक्रधर चैंपियंस के जीत के सिलसिले पर विराम लग गया। वहीं, मैनपाट टाइटंस की इस जीत से टीम का मनोबल बढ़ेगा और प्रतियोगिता में आगे के मुकाबलों को लेकर उसका आत्मविश्वास मजबूत होगा।

काशी में पीएम मोदी ने 150 करोड़ के अरविंद मिल्स प्लांट का किया उद्घाटन, 1000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मिर्जामुराद स्थित खोचवां में अरविंद लिमिटेड (अरविंद मिल्स) के करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। लगभग 7 से 8 एकड़ में फैली इस औद्योगिक इकाई से पूर्वांचल में कपड़ा और परिधान निर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस प्लांट में कुल 1,000 महिलाओं को रोजगार देने की योजना है।

300 से ज्यादा महिलाओं को मिल चुका है रोजगार
प्लांट में स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 300 से अधिक महिलाओं की भर्ती की जा चुकी है और उन्हें कामकाज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के बाद महिला कर्मचारियों से संवाद किया और उनके काम, प्रशिक्षण तथा कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान पीएम मोदी ने ‘अपना हुनर, अपनी पहचान’ की भावना पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के कौशल और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ प्लांट में तैयार होने वाले उत्पादों की जानकारी भी ली।

जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे ब्रांड्स के बनेंगे कपड़े
काशी में स्थापित इस प्लांट में स्पोर्ट्सवियर, अंडरगारमेंट और अन्य परिधानों का निर्माण किया जाएगा। यहां तैयार होने वाले उत्पाद जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे प्रमुख ब्रांड्स के लिए बनाए जाएंगे। इससे पूर्वांचल में गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की संभावना है।

अरविंद लिमिटेड का यह पूर्वांचल में पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। कंपनी धागे और कपड़े से लेकर तैयार परिधानों तक के कारोबार में सक्रिय है।

दूसरे चरण में भी बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कंपनी की योजना प्लांट का विस्तार दो चरणों में करने की है। पहले चरण के संचालन के बाद दूसरे चरण का निर्माण शुरू किया जाएगा। इससे भविष्य में क्षेत्र में और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस परियोजना का लाभ वाराणसी के साथ आसपास के पूर्वांचल के जिलों के लोगों को भी मिल सकता है।

महिला सशक्तीकरण और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने प्लांट में तैयार कपड़ों और खादी से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।

काशी में इस औद्योगिक इकाई की शुरुआत को स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब प्लांट के पूर्ण संचालन और प्रस्तावित विस्तार के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने पर नजर रहेगी।

रजनीकांत ने खुद का रिकॉर्ड तोड़ा, ‘जेलर 2’ बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म, 8 साल बाद ‘2.0’ पीछे

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साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत ने बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उनकी फिल्म ‘जेलर 2’ ने आठ साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने रजनीकांत की ही ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘2.0’ को पीछे छोड़ दिया है। 26 अक्टूबर 2026 को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने 11 दिनों में दुनियाभर में करीब 710 से 712 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

691 करोड़ का रिकॉर्ड टूटा
साल 2018 में रिलीज हुई रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म ‘2.0’ ने दुनियाभर में लगभग 691 करोड़ रुपये की कमाई की थी। लंबे समय तक यह फिल्म सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शीर्ष पर बनी रही। अब ‘जेलर 2’ ने इस आंकड़े को पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।

ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘जेलर 2’ ने 25 अक्टूबर को अपने प्रदर्शन के 11वें दिन 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। इसके साथ ही यह दुनियाभर में 700 करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वाली पहली तमिल फिल्म बन गई है।

भारत में भी शानदार प्रदर्शन
फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 दिनों में इसका भारत में नेट कलेक्शन करीब 398.70 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन लगभग 466.85 करोड़ रुपये रहा। वहीं, विदेशी बाजारों से फिल्म ने करीब 243.50 करोड़ रुपये की कमाई की है।

रविवार को फिल्म ने भारत में लगभग 25.70 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। दूसरे वीकेंड में भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहने से फिल्म की कमाई में मजबूती देखने को मिली।

रजनीकांत फिर बने बॉक्स ऑफिस के बादशाह
‘जेलर 2’ की सफलता ने रजनीकांत की लोकप्रियता को एक बार फिर साबित किया है। फिल्म में वह अपने चर्चित किरदार टाइगर मुथुवेल पांडियन के रूप में नजर आ रहे हैं। फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और बड़े सितारों की मौजूदगी दर्शकों को आकर्षित कर रही है।

फिल्म में रजनीकांत के साथ रम्या कृष्णन, योगी बाबू, मोहनलाल, शिवा राजकुमार, जैकी श्रॉफ, एस. जे. सूर्या, विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती सहित कई कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है।

अब आगे किस रिकॉर्ड पर होगी नजर?
‘जेलर 2’ की कमाई की रफ्तार को देखते हुए अब फिल्म के 800 करोड़ और 900 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अंतिम कलेक्शन दर्शकों की आगे की प्रतिक्रिया और सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

फिलहाल इतना तय है कि ‘जेलर 2’ ने ‘2.0’ का आठ साल पुराना वैश्विक रिकॉर्ड तोड़कर तमिल सिनेमा के बॉक्स ऑफिस इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।

वनडे सीरीज के लिए विराट कोहली ने शुरू किया अभ्यास, पूरे जोश में दिखे ‘किंग’

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच आगामी वनडे सीरीज से पहले स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस करते हुए कोहली शानदार लय में नजर आए। उनके अभ्यास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फैंस के बीच उत्साह बढ़ गया है।

करीब दो घंटे तक नेट्स में बहाया पसीना
विराट कोहली ने शुक्रवार को मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (ब्रेबोर्न स्टेडियम) में लगभग दो घंटे तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों का सामना किया। कोहली को कवर ड्राइव लगाते, बैकफुट पर रक्षात्मक शॉट खेलते और स्पिनरों के खिलाफ आगे बढ़कर बल्लेबाजी करते देखा गया।

उनके फुटवर्क, टाइमिंग और शॉट चयन ने अभ्यास सत्र को खास बना दिया। भारतीय क्रिकेट फैंस अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबलों में कोहली के प्रदर्शन का इंतजार कर रहे हैं।

10 रुपये की चाय बेचकर हर महीने 9 लाख का कारोबार, PM मोदी और एलन मस्क से प्रेरित है दुकानदार

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चाय की एक छोटी-सी दुकान भी बड़े कारोबार का रूप ले सकती है। इसकी मिसाल इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक सफलता की कहानी है। ‘शर्मा कैफे रेस्टोरेंट’ नाम से चाय का कारोबार चलाने वाले दुकानदार का दावा है कि उनकी दुकान पर रोज करीब 3,000 कप चाय बिकते हैं। महज 10 रुपये प्रति कप की कीमत के हिसाब से उनका मासिक टर्नओवर करीब 9 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इस कारोबारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क से प्रेरणा लेने की बात भी कही है।

रोज बिकते हैं करीब 3,000 कप चाय
कंटेंट क्रिएटर आयुष गोस्वामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस दुकानदार का वीडियो साझा किया है। बातचीत में दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान करीब 55-56 साल से चल रही है। यहां रोज लगभग 3,000 कप चाय बिकने का दावा किया गया है।

यदि एक कप चाय की कीमत 10 रुपये मानी जाए, तो रोजाना की बिक्री करीब 30,000 रुपये होती है। इस हिसाब से 30 दिनों में कुल बिक्री 9 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह कारोबार का टर्नओवर है, शुद्ध मुनाफा नहीं। इसमें से दूध, चायपत्ती, चीनी, कर्मचारियों के वेतन, बिजली और अन्य खर्च निकालने होते हैं। दुकानदार के मुताबिक, उनके यहां करीब 30 से 35 लोग काम करते हैं।

PM मोदी और एलन मस्क से मिलती है प्रेरणा
जब दुकानदार से पूछा गया कि क्या युवा कम पूंजी लगाकर बड़ा कारोबार खड़ा कर सकते हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कारोबारी एलन मस्क का उदाहरण दिया। उनका मानना है कि सफलता के लिए जरूरी नहीं कि किसी के पास विरासत में मिली बड़ी संपत्ति हो। मेहनत, अनुभव और लगातार सीखने की इच्छा के दम पर भी आगे बढ़ा जा सकता है।

दुकानदार ने प्रधानमंत्री मोदी के शुरुआती संघर्ष और एलन मस्क की कारोबारी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सफलता की सीढ़ियां नीचे से चढ़नी पड़ती हैं। उनकी यह सोच युवाओं को छोटे स्तर से शुरुआत करने के लिए प्रेरित करती है।

युवाओं को दी छोटी शुरुआत करने की सलाह
दुकानदार ने नए कारोबारियों को सलाह दी कि शुरुआत में बहुत बड़ी रकम दांव पर लगाने के बजाय छोटे निवेश से काम शुरू करना चाहिए। उन्होंने 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार रुपये जैसे छोटे निवेश से शुरुआत करने और अनुभव के आधार पर कारोबार को आगे बढ़ाने की बात कही।

उनके अनुसार, कारोबार में नुकसान होने की आशंका रहती है, लेकिन उससे मिलने वाला अनुभव भविष्य में बेहतर फैसले लेने में मदद करता है। छोटे स्तर पर काम शुरू करके ग्राहकों की पसंद समझना और गुणवत्ता बनाए रखना कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

चाय की दुकान से मिली रोजगार की सीख
इस कहानी का एक अहम पहलू रोजगार भी है। दुकानदार के मुताबिक, उनके प्रतिष्ठान में 30-35 लोग काम करते हैं। इससे पता चलता है कि लंबे समय तक ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने वाला छोटा कारोबार भी कई लोगों की आजीविका का साधन बन सकता है।

हालांकि, 9 लाख रुपये की मासिक बिक्री का आंकड़ा दुकानदार के दावे और वायरल वीडियो पर आधारित है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी यह कहानी बताती है कि कारोबार शुरू करने के लिए केवल बड़े निवेश के बजाय मेहनत, अनुभव, गुणवत्ता और ग्राहकों की जरूरतों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

बिलासपुर में मनियारी नदी पर बनेगा नया पुल, 15 साल पुरानी मांग पूरी; 7.67 करोड़ रुपये मंजूर

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छत्तीसगढ़ के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में बने अंग्रेजों के जमाने के पुराने और जर्जर पुल की जगह अब नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा। राज्य शासन ने पुल और उसके पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से क्षेत्र के लोगों को बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

15 वर्षों से हो रही थी नए पुल की मांग
मनियारी नदी पर स्थित पुराने पुल की ऊंचाई कम होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी पुल के ऊपर से बहने लगता था। ऐसी स्थिति में तखतपुर, बरेला और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित हो जाता था। क्षेत्र के लोग करीब 15 वर्षों से यहां नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए।

लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की पहल
क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बारिश के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को मिलेगी राहत
पुराने पुल पर पानी भरने से स्कूली बच्चों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतें आती थीं। नया पुल बनने से इन समस्याओं में कमी आने और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
मनियारी नदी पर नया पुल बनने से तखतपुर-बरेला मार्ग की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के साथ कृषि और व्यापार संबंधी गतिविधियों में भी सुविधा मिल सकती है। अब क्षेत्रवासियों की नजर निर्माण कार्य शुरू होने और निर्धारित समय-सीमा में पुल तैयार होने पर है।