सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। दताना-मताना स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में उज्जैन को देश के विभिन्न हिस्सों से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
परियोजना के तहत शुरुआत में 1800 मीटर रनवे विकसित किया जा रहा है। भविष्य में यात्रियों और हवाई सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए रनवे के विस्तार की योजना भी है। इसके लिए करीब 120 एकड़ शासकीय भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।
दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास केंद्र सरकार की RCS-UDAN 5.2 योजना के तहत किया जा रहा है। एयरपोर्ट के तैयार होने से सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही उज्जैन के धार्मिक पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहले से ही देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। हवाई संपर्क के विस्तार से शहर के विकास को नई गति मिलने के साथ क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी है।















