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ऋग्वेद से जुड़ी है श्री जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा

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ऋग्वेद से जुड़ी है श्री जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा
जगत- अर्थात शरीर, जो क्षयशील है, नाथ- शरीर में स्थित अक्षय आत्मा अर्थात जगत में दृश्यमान प्रत्येक जीव जगन्नाथ का स्वरूप है। जगत- अर्थात दृश्यमान प्रकृति, नाथ- प्रकृति को आलोक प्रदान करने वाले सूर्यनारायण। जगत- अर्थात सोमतत्व, नाथ-अर्थात अग्नि। वह अग्नि ही जगन्नाथजी का स्वरूप है। इसका स्पष्ट उल्लेख गीता में पंचदश अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने किया है।

वेद में कहा गया “अग्निसोमात्मकं जगत”। ‘अग्निर्ह च वृषभश्च धेनुः’ इस ऋग्वेद मंत्र के अनुसार श्रीजगन्नाथ अग्निस्वरूप वृषभ हैं और आल्हादिनी शक्ति राधा अथवा लक्ष्मी जगत रूपी धेनु स्वरूपा है। निरुक्त में विष्णु के लिए ‘नराशंस’- शब्द का प्रयोग हुआ हैं। नरान् शंसते इति विष्णुः। अग्निर्वा अर्थात जो मनुष्यों के द्वारा स्तुति योग्य हो, वह जगन्नाथ हैं। श्रीजगन्नाथ-परब्रह्म परमात्मा, श्रीवलभद्र-जीवात्मा, श्रीसुभद्रा-मायाशक्ति, श्रीसुदर्शन- क्रियाशक्ति के रूप में विद्यमान है।

श्रीजगन्नाथ-अग्नितत्त्व का प्रतीक हैं (पुरुषशक्ति), अन्य सभी शक्तियां- जलतत्व का प्रतीक हैं, जो उनका ही अंश है (स्त्रीशक्ति)। यथा-स्वरूपशक्ति (बलभद्र), मायाशक्ति (सुभद्रा), तटस्थशक्ति (सुदर्शन)। पुरुषोत्तम श्रीजगन्नाथ महाप्रभु ही सकलजगत का सृष्टि का कारण हैं – यह बताकर श्रीभाष्य के रचयिता विशिष्टाद्वैतवाद के वैष्णवसंप्रदाय के आचार्य रामानुजाचार्य ने श्रीजगन्नाथ जी को वैष्णवधर्म का केंद्रबिंदु के रूप मे स्वीकार किया। चतुर्द्धामूर्तियों के बारे में उनका मत हैं- जगन्नाथ- वासुदेव (परमात्मा), वलभद्र-संकर्षण (जीव), सुभद्रा – प्रद्युम्न (मन), सुदर्शन- अनिरुद्ध (अहंकार)।

आर्तिक को वासुदेव स्वरूप, अर्थार्थी को संकर्षण स्वरूप, जिज्ञासु को प्रद्युम्न, ज्ञानी को अनिरुद्ध का स्वरूप माना गया हैं। द्वैतवाद का ब्रह्म संप्रदाय के आचार्य आनंदतीर्थ ने पूर्णप्रज्ञभाष्य में वताया हैं कि श्री जगन्नाथ स्वयं साक्षात विष्णु और ब्रह्म स्वरूप हैं। महालक्ष्मी उनका शक्ति हैं। शुद्धाद्वैतवाद के आचार्य वल्लभाचर्य अणुभाष्य में श्री जगन्नाथ जी को आक्षरब्रह्म एवं श्रीकृष्ण के रूप में स्वीकार किया। माध्ववेदांत के समर्थक गौड़ीय वैष्णवधर्म के आचार्य श्रीचैतन्य महाप्रभु ने श्रीजगन्नाथ जी को राधाकृष्ण का सम्मिलित रूप माना है। ओडिआ भागवत के रचयिता अतिवडी जगन्नाथ दास ने जगन्नाथ जी को श्रीकृष्ण माना।

द्वैताद्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य निंबार्क ने वेदांतपारिजात भाष्य में श्री जगन्नाथ जी को सगुण साकार ब्रह्म के रूप में वर्णन किया। उनके मत में श्री जगन्नाथ जी उत्पत्ति, स्थिति, संहार, नियमन, ज्ञान, आवरण, बंध तथा मोक्ष के कर्ता हैं। आचार्यशंकर के अद्वैत दर्शन में चार मुख्य तत्त्व हैं – १.ब्रह्म (जगन्नाथ), २.जीव (बलभद्र), ३. माया (सुभद्रा) ४. सुदर्शन (जगत)। जीव और ब्रह्म एक है, यह वैदिक सिद्धांत हैं – जीवब्रह्मैवनापरः, जीवतस्तत्प्रजायते (बृह.उप-३.९.३२) अहं ब्रह्मास्मि (बृह.उप-१.४.१०) । जैसे सभी नदी समुद्र में अपने अस्तित्व को खो देते है, इस प्रकार माया द्वारा जीव अलग प्रतीत होते हुए भी ब्रह्म ही हैं। वस्तु में अवस्तु का केवल मात्र आरोप हैं।

प्रॉपर्टी के लिए रची खौफनाक साजिश, दंपति गिरफ्तार

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प्रॉपर्टी के लिए रची खौफनाक साजिश, दंपति गिरफ्तार
दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में 3 जून को हुई दिल्ली विश्वविद्यालय की Assistant Professor देबोस्मिता पॉल (39) की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से फरार चल रहे किरायेदार दंपती राम प्रसाद दास और उसकी पत्नी बनश्री दास को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान हुए खुलासों ने इस सनसनीखेज Murder Case के पीछे छिपी एक बड़ी साजिश को उजागर कर दिया है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी राम प्रसाद ने कबूल किया कि उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही प्रोफेसर देबोस्मिता की हत्या की Planning शुरू कर दी थी। उसका मकसद पश्चिम बंगाल के बर्धवान स्थित प्रोफेसर की करोड़ों रुपये की Property पर कब्जा जमाना था।

जांच में सामने आया है कि राम प्रसाद पिछले तीन वर्षों से प्रोफेसर के बर्धवान स्थित लगभग 1200 गज के मकान में किराए पर रह रहा था। इस Property की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जब प्रोफेसर देबोस्मिता ने उससे मकान खाली करने को कहा और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तभी आरोपी की नीयत बदल गई और उसने हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।

आरोपी दंपती ने अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ दो बार दिल्ली आकर प्रोफेसर के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने घर की तस्वीरें भी खींचीं और Entry-Exit Points का अध्ययन किया। योजना को अंतिम रूप देने के बाद वे 1 जून को दिल्ली पहुंचे और 2 जून को दल्लूपुरा के एक Guest House में ठहरे।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अपने कपड़े बदले और लिफ्ट के जरिए नीचे उतरकर एक Cab से आनंद विहार पहुंचे। वहां से उन्होंने ऑटो लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रुख किया। स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने दोबारा कपड़े बदले, General Ticket खरीदा और पूर्वा एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए।

47 साल बाद भी Jaya Bachchan के इस चुलबुले गाने पर बनती हैं खूब रील्स

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47 साल बाद भी Jaya Bachchan के इस चुलबुले गाने पर बनती हैं खूब रील्स
47 साल पहले बॉलीवुड में एक ऐसा गाना बना जो आज की ऑडियंस के बीच भी काफी पॉपुलर है। इस गाने को इतनी बार रीक्रिएट किया गया कि इसके बोल बच्चे-बच्चे को पता होंगे।

जब चार दशक पहले इस गाने को बनाया गया, तब तक यह सिर्फ राजस्थानी लोगों के बीच ही पॉपुलर था। मगर बॉलीवुड में आने के बाद इसने पूरे देश को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
किशोर-आशा की आवाज में हुआ सदाबहार

इस गीत की खास बात यह भी थी कि इस लोकगीत को मॉडर्न तरीके से बनाया गया था। जया बच्चन (Jaya Bachchan) और संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) की चुलबुली केमिस्ट्री और किशोर कुमार (Kishore Kumar) व आशा भोसले (Asha Bhosle) की आवाज ने इस गाने को सदाबहार बना दिया।
राजस्थानी लोकगीत से है प्रेरित

यह गाना कोई और नहीं बल्कि 47 साल पहले बना ‘पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके’ (Pallo Latke Re Mhaaro Pallo Latke)है। यह एक राजस्थानी लोकगीत है जिस पर महिलाएं थिरका करती थीं। इस गाने को बॉलीवुड फिल्म में लाने का आइडिया आरडी बर्मन उर्फ पंचम दा का था।

पंचम दा ने नए वर्जन में किया पेश
पंचम दा को संजीव कुमार और जया बच्चन की फिल्म नौकर (1979) के लिए एक गाना बनाना था। लोकगीत को नए वर्जन में क्रिएट करने के लिए मशहूर पंचम दा को ‘पल्लो लटके’ गाने का आइडिया आया। इस राजस्थानी लोकगीत को उन्होंने नए सिरे से तैयार किया। गाने की धुन को वेस्टर्न बीट्स और ढोलक के साथ फ्यूजन तरीके से बनाया गया और इसके बोल लिखे मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने।

अमेरिका ने लगातार पांचवे दिन ईरान पर दागीं मिसाइलें, एक जहाज तबाह

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अमेरिका ने लगातार पांचवे दिन ईरान पर दागीं मिसाइलें, एक जहाज तबाह
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के पांचवें दिन भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली ऑयल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया।

एक जहाज पर दागीं मिसाइलें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने जहाज के स्मोकस्टैक में हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद एक जहाज डिसेबल हो गया और वह ईरान की ओर आगे नहीं बढ़ सका।

अमेरिकी सेना ने बताया कि बुधवार को एक अमेरिकी विमान ने ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली तेल टैंकर पर गोलीबारी करके उसे निष्क्रिय कर दिया।

इसके अलावा, अमेरिकी बलों ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले जारी रखे। गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉक कर चुका है, जिस दौरान कई जहाजों को प्रभावित किया जा चुका है।

बंदर अब्बास, अहवाज और चाबहार में विस्फोट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा घोषित अमेरिकी हवाई हमलों के एक नए दौर के बाद, ईरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की खबरें आईं, जिनमें दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और शहर अहवाज और चाबहार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ किया आत्मीय व प्रेरक संवाद

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ किया आत्मीय व प्रेरक संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवा, नारी, किसान और गरीब वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत है। इन वर्गों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है और उससे समाज सशक्त भी हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन पशुपालन, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में पशुधन बढ़े और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो, यह जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर में लक्ष्मीबाई नगर कृषि उपज मण्डी में बलराम कृषि महोत्सव में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषिगत कार्यों से जुड़े विषयों पर प्रेरक विषयवस्तु बनाने वाले युवा इन्फ्लुएंसर्स से आत्मीय व प्रेरक संवाद किया। उन्होंने युवा इन्फ्लुएंसर्स के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि फसल चक्र में बदलाव करते रहे ताकि मिट्टी उर्वरा बनी रहे। वहीं अल्पवर्षा की स्थिति में किसानों को नुकसान नहीं हो। इसके लिये किसान कम अवधि की फसलों की बुवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश भर से आये सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को आव्हान किया कि वे राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर केन्द्रीत रील्स बनायें, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, श्रवण चावड़ा, कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रितों के घर तक पहुंचाया जाएगा मुफ्त राशन, योगी सरकार शुरू करेगी नई पहल

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वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रितों के घर तक पहुंचाया जाएगा मुफ्त राशन, योगी सरकार शुरू करेगी नई पहल
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने कहा है कि अब राज्य के प्रत्येक वृद्ध, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित व्यक्ति के घर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का खाद्यान्न पहुंचाया जाएगा। अब उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक नहीं जाना होगा। इसमें शिथिलता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

ऐसे लोगों को चिन्हित करने का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त दो माह में 47 लाख लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस दिशा में अभियान चल रहा है।

बुधवार को लोकभवन में पत्रकार वार्ता में मंत्री पांडेय ने कहा कि वह अब तक 16 जिलों में चौपाल लगाकर जनता की समस्या सुन चुके हैं। बिना भेदभाव, राजनीतिक कटुता के 16 करोड़ नागरिकों को खाद्यान्न योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा निर्देश है कि एक भी पात्र वंचित नहीं रहना चाहिए, राजनीतिक कारणों या ग्रामीण स्तर पर प्रतिद्वंदिता चलते अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम लाभार्थी सूची से कट गया है तो ग्रामीण चौपालों में ही उसे जोड़ा जाएगा।

प्रत्येक पंचायत में बनाए जाएंगे अन्नपूर्णा भवन
इसी निगरानी वह खुद कर रहे हैं हैं। सीधे ग्रामीणों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को गांव-गांव जाने का निर्देश दिया गया है। वह खुद गांवों में प्रवास करेंगे और लोगों की बात सुनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से किया राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से किया राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया है। इस उद्देश्य से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, राजस्व, ऊर्जा सहित 16 विभागों को एक साथ लाकर किसानों के समग्र विकास का अभियान प्रारंभ किया गया है और किसानों की आय बढ़ाने के लिये रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार से जोड़ने का व्यापक अभियान है, जो अब पूरे प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक अनेक आयोजन होंगे और खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश के इन चार वर्गों का विकास सुनिश्चित हो जाता है तो भारत की उन्नति स्वतः सुनिश्चित हो जाएगी। किसान इन चारों वर्गों के केंद्र में है, इसलिए सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाया था, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर रहे हैं। अब उसी प्रकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, श्रवण चावड़ा, कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश की 250 से अधिक नदियाँ लाखों लोगों के जीवन को समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नर्मदा जैसी जीवनदायिनी नदी के जल का समुचित उपयोग नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा घाटी परियोजनाओं को नई गति मिली। अनेक योजनाओं ने मालवा अंचल को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराया तथा प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को भी मजबूत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 से लेकर 2003 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि हमारी सरकारों ने इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। आगामी वर्षों में सिंचित क्षेत्र को और बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान की समृद्धि का आधार पानी, बिजली और सड़क है। इन तीनों क्षेत्रों में सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अब रात्रि के बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और खेती करना अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इस वर्ष गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की गई। इसी प्रकार सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों को छोड़कर अन्य पूर्ववर्ती सरकारों के समय किसानों को न उचित मूल्य मिलता था और न ही समर्थन मूल्य पर व्यवस्थित खरीदी होती थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसानों को हर छह माह में ऋण नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। किसान यदि जून में ऋण लेते हैं तो अगले वर्ष जून में ही राशि जमा कर सकेंगे। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

नदी जोड़ों परियोजनाओं से मिलेगा 13 जिलों को लाभ

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के समय परिकल्पित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना मध्यप्रदेश के जल इतिहास को बदल देंगी। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, मंदसौर सहित 13 जिलों को सिंचाई एवं पेयजल का लाभ मिलेगा। इससे पश्चिमी मध्यप्रदेश और मालवा क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि “खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है। प्रदेश में तेजी से फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित हो रही हैं। हाल ही में उज्जैन में 1250 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा। इसी प्रकार इंदौर, आगर, उज्जैन सहित अनेक जिलों में कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां

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मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला है। सरकार द्वारा छोटे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएसआर फंड से बनाए गए सदावल में स्थित इस आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से विकास किया जा रहा है, जिससे निरंतर उनकी दशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के विकास एवं पढ़ाई के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन के स्वेज फार्म सक्षम आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र के अवलोकन एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम में उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण आहार सप्ताह के अंतर्गत लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त पक्के भवन, फर्नीचर, खिलौने, पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा सब कुछ एक ही छत के नीचे एक ही जगह उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र पर फूड जोन, स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष, मेडिसिन कक्ष का अवलोकन कर जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया

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प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया
प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बुधवार को मूंदी में आयोजित कार्यक्रम में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय मूंदी के नवनिर्मित भवन एवं 80 लाख रुपए लागत से बने जनपद पंचायत पुनासा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। मूंदी के सांदीपनि विद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, कलेक्टर ऋषव गुप्ता और नगर पंचायत मूंदी की अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री लोधी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास कार्यों की श्रृंखला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि मूंदी में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय एक बड़ी उपलब्धि है। इस विद्यालय के बनने से मूंदी एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा की सुविधा मूंदी में ही मिलने लगेगी। प्रभारी मंत्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि संदीपनी स्कूलों में आधुनिकतम ई-लाइब्रेरी भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर लैब जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध है। अब गरीबी पढ़ाई में बाधक नहीं है। क्योंकि गरीब का बच्चा भी सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं पाकर अपना परीक्षा परिणाम सुधार सकता है और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकता है। उन्होंने धर्मस्व विभाग की ओर से संत बुखार दास बाबा मेले के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री लोधी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अन्य नागरिकों को नशा मुक्ति संबंधी शपथ दिलाई।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी रहती थी, और शिक्षकों के पद रिक्त रहते थे, अब सरकार ने शिक्षकों के पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की है जिससे अब स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में उच्चस्तरीय शिक्षा व्यवस्था, खेल के मैदान और घर से स्कूल आने जाने के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हम बेहतर सुविधा देंगे तभी तो वे अच्छे परीक्षा परिणाम लाएंगे और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकेंगे। सांसद पाटिल ने कहा कि अब जरूरत है कि बच्चे मन लगाकर पढ़ें, और अपने मनपसंद कोर्स पूरे कर बड़े बड़े पदों पर चयनित हों।
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मूंदी में संदीपनि विद्यालय स्वीकृत कर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विकास के अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों से भी अच्छी पढ़ाई हो रही है और महानगर स्तर पर उपलब्ध होने वाली शिक्षा सुविधाएं इन स्कूलों में बच्चों को मिल रही हैं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लोधी ने विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल देखे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली अमिता श्रीवास को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर विधायक गोमती साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने अपने साहस, अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर भारत का तिरंगा लहराकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। अमिता श्रीवास की सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है।

उल्लेखनीय है कि जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने 22 मई को समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है।