Home Blog

केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत

0

केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत
न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान केन विलियमसन (Kane Williamson) ने शुक्रवार (12 जून) को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया. 2027 विश्व कप से पहले उनका इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देना वाकई फैंस के लिए चौंकाने वाला रहा. कीवी बल्लेबाज का अंतर्राष्ट्रीय करियर 16 साल का रहा. इस दौरान उन्होंने बैटिंग से लेकर कप्तानी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिसमें हम आपको उनके 30 बड़े रिकॉर्ड्स के बारे में बताएंगे.

न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन के रिकॉर्ड
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन- 19,346
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक- 48
सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी- 06
सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले छठे बल्लेबाज- 378
सबसे ज्यादा टेस्ट रन- 9,515
सबसे ज्यादा टेस्ट शतक- 33
सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे बल्लेबाज- 110
सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 7,256
सबसे ज्यादा वनडे शतक बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 14
सबसे ज्यादा T20I रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज-2575
सबसे ज्यादा टेस्ट औसत- 54.06 (कम से कम 20 मैच)
दूसरा सबसे ज्यादा वनडे औसत- 48.69 (कम से कम 20 मैच)
तीसरा सबसे ज्यादा T20I औसत- 33 (कम से कम 5 मैच)
इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले चौथे खिलाड़ी- 217
टॉम लैथम और टिम साउदी के साथ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत (47) की बराबरी
लगातार 4 टेस्ट में शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज

कप्तानी के रिकॉर्ड
40 टेस्ट – 22 जीत, 10 हार और 8 ड्रॉ (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 80 टेस्ट में 28 जीत)
91 वनडे – 46 जीत, 40 हार, 1 टाई, 4 बेनतीजा (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 218 वनडे में 98 जीत)
75 T20I – 39 जीत, 34 हार, 1 टाई, 1 बेनतीजा (न्यूज़ीलैंड के किसी कप्तान के जरिए सबसे ज्यादा

भारत में 2016 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट विश्व कप फाइनल
इंग्लैंड में 2021 ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल – जीत

UAE में 2021 ICC T20 वर्ल्ड कप का फाइनल
ऑस्ट्रेलिया में 2022 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
भारत में 2023 ICC क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल

बाकी रिकॉर्ड और सम्मान
2019 ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
2019 ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर
2018 ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड
2016 में सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक लगाने वाले इतिहास के सबसे तेज और सबसे युवा खिलाड़ी बने
सर रिचर्ड हैडली मेडल – 2015-16, 2016-17, 2019 और 2020.

उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

0

उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई है

शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसदों की 14 जून को मातोश्री में बैठक होगी.

यह बैठक उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में आयोजित की जाएगी.

शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी पृष्ठभूमि में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सांसद संजय उर्फ बंडू जाधव पिछले कुछ बैठकों में अनुपस्थित रहे थे. ऐसे में अब 14 जून की बैठक में उनकी मौजूदगी पर सभी की नजरें टिकी होंगी.

ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा

0

ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट से घिरी है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक के बाद एक विधायक, सांसद और प्रमुख नेता टीएमसी का साथ छोड़ रहे हैं, और इस सूची में अब जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

कोयल मल्लिक 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उनका यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही कई आंतरिक कलह और नेताओं के पलायन से जूझ रही है। कोयल मल्लिक राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली चौथी सांसद हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने सिर्फ संसद सदस्यता छोड़ी है या पार्टी से भी किनारा कर लिया है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के तीन अन्य राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी इस्तीफा दे चुके हैं। सुखेंदु शेखर ने 8 जून को अपनी राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था, वहीं सुष्मिता देव ने 10 जून को पद छोड़ा था। इन इस्तीफों ने पार्टी में जारी उथल-पुथल को और गहरा कर दिया है।

कौन हैं कोयल मल्लिक?
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में कोयल मल्लिक एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वे दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की इकलौती संतान हैं। कोयल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2003 में ‘नाटेर गुरु’ नामक फिल्म से की थी, जिसमें उनके साथ जीत (जीतेंद्र मदनानी) मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड निश्पाल सिंह से शादी की है, और उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा कबीर और एक बेटी काव्या।

युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए मनाया था। 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही वे TMC के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उन्हें अप्रैल 2026 में राज्यसभा की सदस्यता दिलाई गई थी। संसद सदस्य बनने के बाद कोयल मल्लिक ने ममता बनर्जी के प्रति अपना गहरा लगाव भी जाहिर किया था, लेकिन अब उन्होंने अपनी सांसदी छोड़ दी है, जिससे पार्टी को एक और झटका लगा है।

राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या घटी
इस भगदड़ का सीधा असर संसद में तृणमूल कांग्रेस की ताकत पर पड़ा है। लोकसभा में टीएमसी के पास कुल 28 सांसद थे, जिनमें से 20 अलग हो चुके हैं। ऐसे में लोकसभा में अब टीएमसी के केवल 8 सांसद बचे हैं। वहीं, राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या 13 थी, जिनमें से कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद 4 सदस्य पद छोड़ चुके हैं। इस प्रकार, राज्यसभा में अब टीएमसी के पास सिर्फ 9 सदस्य रह गए हैं। कुल मिलाकर, ममता बनर्जी के साथ अब संसद में केवल 17 सांसद ही बचे हैं।

पार्टी में सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला जारी
तृणमूल कांग्रेस से सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला लगातार जारी है। लोकसभा से भी 20 सांसद अलग हो चुके हैं, हालांकि उनकी पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है। विधानसभा की बात करें तो, कुल 80 टीएमसी विधायकों में से 58 विधायकों ने एक अलग गुट बना लिया है। इन बागी विधायकों ने ऋतुब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। इन विधायकों की सूची भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

अधिक मास में बना दुर्लभ संयोग, नोट कर लें महत्व

0

अधिक मास में बना दुर्लभ संयोग, नोट कर लें महत्व
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। साल 2026 में अधिक मास के दौरान पड़ने वाला शुक्र प्रदोष व्रत विशेष महत्व रखता है।

पंचांग के अनुसार, अधिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून 2026 को शाम 7 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगी और 13 जून को शाम 4 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने के कारण व्रत 12 जून को रखा जाएगा। शिव पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 7:36 बजे से रात 9:20 बजे तक रहेगा।

महिलाओं के लिए शुभ है यह व्रत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल वह समय होता है जब भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। कहा जाता है कि इस समय श्रद्धापूर्वक की गई पूजा, जप और आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सौंदर्य, दांपत्य सुख, वैवाहिक जीवन की मधुरता और आर्थिक समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। महिलाओं के लिए भी यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है।

सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
इस बार के शुक्र प्रदोष व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा, अतिगंड योग और बाद में सुकर्मा योग का प्रभाव रहेगा, जिससे इस दिन किए गए शुभ कार्यों का महत्व और बढ़ जाता है।

व्रत की आसान पूजा विधि
व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को सुबह स्नान कर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर उपवास या फलाहार करने के बाद प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, चंदन और पुष्प अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

चूंकि यह व्रत अधिक मास में पड़ रहा है, इसलिए भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा भी विशेष फलदायी मानी गई है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप भी किया जा सकता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर कर सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां

0

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए किए जा रहे विशेष प्रयत्नों से अवगत करवाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काउंसिल की बैठक में ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी, समन्वित प्रयासों तथा विकास के विभिन्न आयामों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब देंगे विकास को गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश को नक्सलवाद का खात्मा केंद्र सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले करने में सफलता मिली है। प्रदेश के जो क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां विकास की गति तेज की जाएगी। युवाओं के विकास पर विशेष रूप से जोर रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों और बेटियों की उन्नति, कृषक कल्याण, नए मेडीकल कॉलेजों के माध्यम से उपचार कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए बेहतर कार्य हो रहा है। इसी तरह आरोग्य मंदिर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रसर है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की तैयारी की गई है। पीएम महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को अनेक संकायों और विषयों के अध्ययन से जोड़ा गया है। कौशल विकास और औद्योगिकीकरण के प्रयास तेज हुए हैं। देश में सबसे पहले पीएम मित्र पार्क की धार जिले में स्थापना हुई है, यहां शीघ्र ही इकाइयों द्वारा रिकार्ड समय में कार्य प्रारंभ हो रहा है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के वेस्ट को निष्पादित करने के साथ ही प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से अनेक नए कार्य प्रारंभ करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में मुख्यत: ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल कृषि मंत्रियों एवं अन्य विदेशी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों से मुलाकात की। उन्होंने अतिथियों का देश के दिल मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इन्दौर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के सम्मान में रात्रि भोज भी दिया। अतिथियों के स्वागत के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और पर्यटन वैभव को प्रदर्शित करने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना पर आधारित प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।

रात्रि भोज एवं सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सांसद शंकर लालवानी तथा सु कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष के रीना सतीश मालवीय, विधायक मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर संसदीय स्थायी समिति की रायपुर में बैठक आयोजित

0

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर संसदीय स्थायी समिति की रायपुर में बैठक आयोजित
राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सु डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समिति के 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर एवं भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में *भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन* विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर विषय पर एक व्यापक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करना है।

बैठक के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं एवं निर्यातकों तथा उनके संबंधित उद्योग संघों एवं वाणिज्य मंडलों की क्षेत्रीय शाखाओं के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (एआईएफपीए), अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (एआईआरईए), भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (आईएफबीए), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और विषय से संबंधित अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। समिति द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, निर्यात संवर्धन तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद अमरा राम, बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), रमेश अवस्थी, अतुल गर्ग, धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, दिलीप यादव, सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, राजेन्द्र कुमार तथा गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संभावित उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

0

बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएम स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

इंदौर में टला बड़ा हादसा, बेकाबू हुआ निगम का वाहन

0

इंदौर में टला बड़ा हादसा, बेकाबू हुआ निगम का वाहन
इंदौर के पटेल ब्रिज क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर अचानक बेकाबू होकर सड़क पर चल रहे कई वाहनों से टकरा गया। दरअसल इस हादसे में चार लोग घायल हो गए, जबकि तीन से चार कारें और दो मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ भी कर दी।

वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय नगर निगम का पानी का टैंकर पटेल ब्रिज से गुजर रहा था। इसी दौरान टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। टैंकर को बेकाबू होता देख सड़क पर मौजूद वाहन चालक और राहगीर घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। तेज रफ्तार और अनियंत्रित टैंकर ने कई कारों और मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी, जिससे चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा टैंकर के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टैंकर अचानक पूरी तरह चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया था और सड़क पर आगे बढ़ते हुए एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में डर और घबराहट फैल गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने टैंकर में तोड़फोड़ कर अपना विरोध जताया।

बड़ा हादसा होने से टल गया
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि जब चालक को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ, तो उसने टैंकर को फुटपाथ की ओर मोड़ दिया। इसके बाद टैंकर रुक गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लोगों का कहना है कि अगर चालक ऐसा नहीं करता, तो टैंकर आगे और भी कई वाहनों को टक्कर मार सकता था और नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था। हालांकि, इसके बावजूद हादसे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई लोग घायल हो गए।

हादसे में किसी की मौत की सूचना सामने नहीं आई
इस दुर्घटना में तीन से चार निजी कारें और दो मोटरसाइकिलें बुरी तरह टूट गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहन मौके पर ही क्षतिग्रस्त होकर रुक गए। जानकारी के अनुसार, टैंकर में सवार एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की मौत की सूचना सामने नहीं आई है।

हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। वहीं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने खराब स्थिति वाले वाहन को सड़क पर उतारा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है

कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत 3 उम्मीदवार निर्विरोध जीते

0

कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत 3 उम्मीदवार निर्विरोध जीते
कर्नाटक में विधानसभा की मौजूदा सियासी तस्वीर को दर्शाते हुए राज्यसभा की चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने अपनी मजबूत स्थिति का पुनः प्रदर्शन किया है। सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने सभी तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराकर शानदार सफलता अर्जित की है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा व वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान शामिल हैं। इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एम. नागराज भी निर्विरोध चुने गए हैं।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मैदान में उतरे प्रत्याशियों की संख्या और उपलब्ध पदों की संख्या समान होने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। फलस्वरूप, कर्नाटक से चारों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हुई। यह परिणाम कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत सियासी स्थिति को एक बार फिर रेखांकित करता है, जहाँ सरकार में होने के कारण कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त प्राप्त हुई है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत तीन उम्मीदवार विजयी
कांग्रेस के लिए यह निर्विरोध विजय अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय राजनीति के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा में प्रवेश अत्यंत अहम है। उनका उच्च सदन में उपस्थित होना पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को और मजबूती प्रदान करेगा तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी अनुभवी आवाज सदन में सुनाई देगी। उधर, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो कांग्रेस आलाकमान के निकटस्थ माने जाते हैं, का उच्च सदन पहुंचना पार्टी की रणनीतिक सुदृढ़ता का स्पष्ट संकेत है। यह दर्शाता है कि पार्टी अपने प्रमुख विचारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में अग्रसर है। इसके अतिरिक्त, मंसूर अली खान का निर्वाचन पार्टी की सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन की राजनीति का एक अभिन्न अंग माना जा रहा है, जो विभिन्न समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ को सुदृढ़ करता है।

भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज भी निर्विरोध जीते
दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज का निर्विरोध निर्वाचन भी पार्टी के लिए राहत की बात है। कर्नाटक विधानसभा में अपने विधायकों की संख्याबल के आधार पर भाजपा ने एक सीट पर दावा किया था, जिसमें उसे सफलता मिली। यह परिणाम भाजपा के लिए भी संतोषजनक माना जा रहा है, क्योंकि उसने अपनी निर्धारित सीट पर बिना किसी चुनौती के जीत हासिल की है।

इन राज्यसभा चुनावों का परिणाम कर्नाटक की वर्तमान सियासी तस्वीर को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ सत्तासीन कांग्रेस सरकार में होने के कारण मजबूत स्थिति में परिलक्षित होती है। सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने से यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी भी दल ने अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले की स्थिति निर्मित नहीं की। इन परिणामों के उपरांत, कर्नाटक से राज्यसभा में प्रवेश करने वाले चारों उम्मीदवार – मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा, मंसूर अली खान व एम. नागराज – का कार्यकाल शीघ्र प्रारंभ होगा। वे उच्च सदन में अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाएंगे।