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मध्य प्रदेश में साइबर तहसील की होगी स्थापना

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भोपाल । मध्य प्रदेश में अब भूमि के अविवादित नामांतरण के प्रकरण का तेजी के साथ निराकरण करने के लिए साइबर तहसील की स्थापना की जाएगी। इसमें क्रेता और विक्रेता को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आनलाइन उपस्थित को मान्य किया जाएगा। आपत्ति नहीं होने पर तहसीलदार नामांतरण आदेश पारित कर देंगे। इसी तरह गौण खनिज के अवैध खनन से जुड़े मामलों में अब राजस्व की जगह खनिज विभाग की कार्रवाई करेगा। इसके लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भू-राजस्व संहिता में संशोधन के लिए विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में राजस्व विभाग के प्रस्ताव को अनुमति दी गई। इसके साथ ही शाजापुर में 25 नवंबर को डेढ़ हजार मेगावाट के सौर ऊर्जा पार्क का शिलान्यास किया जाएगा। इससे उत्पादित एक हजार 307 मेगावाट बिजली सरकार खरीदेगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि भूमि के अविवादित नामांतरण के मामले क्रेता और विक्रेता की भौतिक उपस्थिति नहीं होने की वजह से लंबित रहते हैं। इसकी वजह से क्रेता को परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए प्रदेश में साइबर तहसील की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अलग से तहसीलदार नियुक्त होगा। दो जिलों को मिलकर एक साइबर तहसील बनाई जा सकती है। इसमें अविवादित नामांतरण के मामले में क्रेता और विक्रेता को तहसीलदार नोटिस जारी करेंगे। दोनों आनलाइन उपस्थित होकर नामांतरण पर यदि सहमति देते हैं तो तहसीलदार प्रक्रिया का पालन करते हुए नामांतरण संबंधी आदेश पारित कर देंगे।

सलमान खुर्शीद, मणिशंयर अय्यर, राशिद अल्वी के बाद अब मनीष तिवारी बने कांग्रेस की नई मुश्किल

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नई दिल्‍ली : 22 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेताओं के एक के बाद एक विवादित बयान पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। सलमान खुर्शीद, मणिशंयर अय्यर और राशिद अल्वी के बाद ताजा नाम मनीष तिवारी का है। Manish Tewari ने 26/11 के मुंबई हमलों पर एक किताब लिखी है और इसमें तब की अपनी पार्टी की अगुवाई वाली मनमोहन सिंह सरकार को कमजोर बताया है। Manish Tewari ने लिखा है कि मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करना कमजोरी की निशानी है। कांग्रेस नेता ने वकालत की कि तब यूपीए सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना थी। Manish Tewari की इस किताब का विमोचन आने वाले दिनों में होगा। यानि यह मुद्दा अभी और गर्माएगा।

‘जब किसी देश (पाकिस्तान) को अगर निर्दोष लोगों के कत्लेआम करने का कोई खेद नहीं तो संयम ताकत की पहचान नहीं, बल्कि कमजोरी की निशानी मानी जाती है। 26/11 ऐसा मौका था जब शब्दों से ज्यादा जवाबी कार्रवाई दिखने की जरूरत थी। यह वैसा ही हमला था, जैसा अमेरिका पर 9/11 को हमला। भारत को भी तीव्र जवाबी कार्रवाई करना थी।’

Manish Tewari ने भाजपा को दे दिया मौका

भाजपा ने मनीष तिवारी की लिखी बातों को मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा, ‘मनीष तिवारी जो बात कह रहे हैं वो सारी दुनिया को मालूम है कि कांग्रेस पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाती है। राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार हर मुद्दे पर पाकिस्तानी की लाइन बोलते हैं, चाहे हिंदुत्व हो, 370 और सर्जिकल स्ट्राइक हो। आज जब हम 26/11 की 13वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं तो कांग्रेस को हमें यह बताना चाहिए कि 26/11 के बाद की कड़ी प्रतिक्रिया को किसने या किसने रोका, जैसा कि हमने उरी और पुलवामा के बाद देखा था। कांग्रेस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मप्र बोर्ड दसवीं की वार्षिक परीक्षा 18 से और 12वीं की 17 फरवरी से शुरू होगी

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भोपाल । मध्‍य प्रदेश में मप्र बोर्ड दसवीं की वार्षिक परीक्षा 18 फरवरी से और कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से आयोजित की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिम) ने वर्ष 2022 की दसवीं व बारहवीं परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दिया है। वहीं बारहवीं व्यावसायिक पाठ्यक्रम परीक्षा/ शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण, विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डीपीएसई) के परीक्षा कार्यक्रम घोषित किए हैं।

टाइगर श्रॉफ की मैनेजर है उनसे नाराज़, कुछ कहना चाहते है टाइगर श्रॉफ पर क्यों नहीं कह पाते

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टाइगर श्रॉफ ने अपना डांस वीडियो को सोशल मीडिया Koo पर शेयर किया है जिसमें वह अपनी मैनेजर ईशा गोरक्षा के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं

नेशनल बॉलीवुड एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) अपने एक्शन के साथ ही साथ अपने अच्छे डांस के लिए भी बॉलीवुड में जाने जाते है | और वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने के साथ साथ अपने फेन्स के सबसे पसंदीदा भी है | टाइगर बॉलीवुड इंडस्ट्री में उन एक्टर्स में गिना जाता है जो ना सिर्फ फिटनेस फ्रीक है बल्कि सोशल मीडिया पर जो भी वीडियो शेयर करते है वो वायरल हो जाता है |

टाइगर ने एक बार फिर एक वीडियो Koo पर शेयर किया है जिसमें उनके डांस मूव्स बेहद शानदार और देखने लायक हैं. एक बार फिर उनका एक डांस अपना डांस वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपनी मैनेजर (Tiger Shroff manager) ईशा गोरक्षा के साथ नजर आ रहे हैं।वीडियो में वह अपनी मैनेजर ईशा गोरक्षा के आगे-पीछे मस्ती कर एक अंग्रेजी गाने में डांस करते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने एक मस्ती भरा पोस्ट भी अपनी मैनेजर के लिए लिखा है |

वे लिखते है – मेरी मैनेजर को मैं कुछ कहना चाहता हूँ पर गोरक्षा कैसे हूँ (A few words i always wanted to say to my manager??but omg isha goraksha you are so ?)

हम आपको बता दें कि टाइगर श्रॉफ ने काई साडी हिट मूवीज दी है | और इस वक़्त वे कई बड़ी फिल्मों पर काम कर रहे है | वह इन दिनों फिल्म ‘गणपत’ (Ganpat) की शूटिंग में भी कर रहे है जिसमें वे कृति सेनन (Kriti Sanon) के साथ एक्शन करते नज़र आएंगे | इसी के साथ टाइगर ‘हीरोपंती 2’ पर भी काम कर रहे है जिसमें उनके साथ तारा सुतरिया (Tara Sutariya) के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे

क्या उत्तर प्रदेश का अगला चुनाव Koo App पर लड़ा जाएगा? तमाम पार्टियों के नेताओं समेत प्रशासन ने पहले ही बना लिए अपने ऑफिशियल अकाउंट्स

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तमाम राजनीतिक दलों से उत्तर प्रदेश के 50 फीसदी से ज्यादा चुने गए विधायक हैं प्लेटफॉर्म पर सक्रिय

मुख्यमंत्री कार्यालय, यूपी पर्यटन, प्रेस इंफ़ॉरमेशन ब्यूरो, पुलिस समेत प्रदेश के तमाम विभाग लोगों तक जानकारी पहुँचाने के लिए कर रहे हैं Koo

हिंदी प्रदेश की जनता से जुड़ने के लिए Koo App का जमकर हो रहा है इस्तेमाल

लखनऊ,  नवंबर 2021: इंडियन माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo App, उत्तर प्रदेश में काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. प्रदेश के 250 से ज्यादा विधायकों और लगभग 41 सांसदों ने जनता से सीधा संवाद करने के लिए इस सोशल मीडिया ऐप को चुना है. (UP MLAs on Koo) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तो पहले से ही इस ऐप पर काफी सक्रिय हैं और सभी जानकारियां साझा करते रहते हैं. अब इस प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश के मौजूदा आधे से ज्यादा विधायक भी जुड़ गए हैं. हिंदी भाषी यूजर्स की बहुलता वाले इस ऐप पर उत्तर प्रदेश के लोग भारी संख्या में हैं जिसकी वजह से ये इंडियन ऐप (Indian App Koo) उत्तर प्रदेश के नेताओं की भी पहली पसंद बनता जा रहा है. इतने भारी संख्या में विधायकों का Koo App ज्वाइन करना ये साफ करता है कि इस बार गेम चेंजर साबित होगा (Koo is game changer for upcoming elections 2022).

भारत में बना यह प्लेटफॉर्म लोगों को अपनी मातृभाषा में खुद को अभिव्यक्त करने और एक-दूसरे के साथ ऑनलाइन बातचीत करने में सक्षम बनाता है। Koo App पर हिंदी एक प्रमुख भाषा के रूप में मौजूद है और प्लेटफॉर्म के 1.50 करोड़ यूजर्स में से 50 प्रतिशत से अधिक हिंदी में एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हैं।

वर्तमान में इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश की प्रमुख हस्तियों द्वारा अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। इनमें सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; उपमुख्यमंत्री और फूलपुर विधानसभा से विधायक केशव प्रसाद मौर्य; लखनऊ से विधायक और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा; कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही; इलाहाबाद दक्षिण से विधायक और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और चित्रकूट से भाजपा विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रयागराज से सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी, ​​केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और अमेठी लोकसभा क्षेत्र से सांसद स्मृति जुबिन ईरानी; भारत सरकार की वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर से सांसद सुब्रत पाठक; कानपुर से सांसद सत्यदेव पचौरी और जौनपुर लोकसभा से सांसद श्याम सिंह यादव के Koo App पर सक्रिय हैंडल हैं।

इसके अलावा, भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी; देवरिया से बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा; वाराणसी से आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद; आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह; इटावा से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष शिवपाल यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के गाजीपुर विधायक ओम प्रकाश राजभर इस मंच पर सक्रिय हैं। समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), आजाद समाज पार्ट, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं के अलावा एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और पीस पार्टी जैसे राजनीतिक दलों के भी Koo App पर आधिकारिक अकाउंट हैं।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्तर प्रदेश पर्यटन, संस्कृति विभाग, प्रेस इंफ़ॉरमेशन ब्यूरो समेत कई विभाग इस मंच पर आकर जनता के साथ संवाद स्थापित करने में सक्रिय हैं। Koo App पर इनकी मौजूदगी से प्रदेश के लोगों के साथ जानकारी और दिलचस्पी भरी सूचनाएं नियमित रूप से साझा किए जाने के साथ ही उनसे चर्चा की जाती है।

Koo App पर हिंदी सबसे प्रमुख भाषा के रूप में सामने आई है। इस वर्ष सितंबर में हिंदी दिवस के साथ ही भारत में हिंदी की प्रसिद्धि और समृद्धि को मनाने के लिए #KooHindiFest2021  की पहल की गई थी। एक सप्ताह तक चलने वाले इस हिंदी महोत्सव को मशहूर गायक पलाश सेन ने लॉन्च किया था। इसके अंतर्गत कई सांस्कृतिक गतिविधियाँ, कार्यशालाएँ और मनोरंजक प्रतियोगियाओं का आयोजन किया गया। इन सभी ने मिलकर सोशल मीडिया पर हिंदी को एक मजबूत स्तंभ के रूप में पेश किया और देशभर के 10 राज्यों के छह लाख से भी ज़्यादा यूज़र्स ने इसमें जमकर हिस्सेदारी की।

Koo के बारे में:

Koo की स्थापना मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी और अब इसके डेढ़ करोड़ से ज्यादा यूज़र्स हो गए हैं। इनमें काफी प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हैं। भारत के विभिन्न हिस्सों के लोग, तमाम भारतीय भाषाओं में मौजूद इस मंच के जरिये मातृभाषा में अपनी अभिव्यक्ति कर सकते हैं। एक ऐसे देश में जहां भारत के सिर्फ 10% लोग अंग्रेजी बोलते हैं, एक ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बेहद जरूरत है जो भारतीय यूज़र्स को भाषा का व्यापक अनुभव दे सके और उन्हें जोड़ने में मदद कर सके। Koo भारतीय भाषाओं को पसंद करने वाले लोगों की आवाज़ के लिए एक मंच प्रदान करता है।

साढ़े चार लाख पेंशनरों को पांच प्रतिशत महंगाई राहत दे सकती है शिवराज सरकार

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शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता आठ प्रतिशत बढ़ाने के बाद अब राज्य सरकार पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि कर सकती है। इसके लिए वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। महंगाई राहत में पांच प्रतिशत वृद्धि का प्रस्तावित की गई है। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाई है। इसी हिसाब से प्रदेश में वृद्धि होगी क्योंकि दोनों राज्यों के बीच महंगाई राहत को लेकर सहमति होना आवश्यक है।
प्रदेश सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता आठ प्रतिशत बढ़ाकर बीस प्रतिशत कर दिया है। इसका भुगतान भी नवंबर में प्राप्त वेतन में कर दिया गया है लेकिन महंगाई राहत बढ़ाने को लेकर निर्णय होना अभी बाकी है। दरअसल, पेंशनर की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच सहमति होना अनिवार्य है क्योंकि वर्ष 2000 के पहले की महंगाई राहत के भुगतान का भार 74 प्रतिशत मध्य प्रदेश और 26 प्रतिशत छत्तीसगढ़ को उठाना पड़ता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाकर जुलाई से देने का निर्णय लिया है। इसी हिसाब से वित्त विभाग ने भी प्रस्ताव तैयार किया है पर इसमें भुगतान अक्टूबर से दिए जाने की बात कही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्तर से प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद इसे छत्तीसगढ़ सरकार को भेजकर बताया जाएगा कि राज्य में अक्टूबर से भुगतान किया जाएगा। पेंशनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश दत्त जोशी का कहना है कि जब एक बार सहमति बन चुकी है तो फिर प्रस्ताव भेजने में विलंब क्यों किया जा रहा है। पेंशनरों में इसको लेकर आक्रोश है। सरकार को पेंशनर की स्थिति को समझना चाहिए।

दो साल बाद 22 नवंबर को परंपरागत मार्ग से निकलेगी महाकाल की सवारी

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ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर की तीसरी सवारी सोमवार को दो साल बाद अपने परंपरागत मार्ग से निकलेगी। इस खबर से पंडे-पुजारी, अफसर-जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक काफी खुश हैं। उन्होंने सवारी का भव्य स्वागत करने की तैयारियां भी की हैं। याद रहे कि श्रावण-भादौ मास और कार्तिक-अगहन मास की पिछली सवारियां कोविड-19 गाइडलाइन की वजह से परिवर्तित मार्ग महाकाल मंदिर से बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, सिद्ध आश्रम होकर निकाली गई थी।
ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर की तीसरी सवारी सोमवार को दो साल बाद अपने परंपरागत मार्ग से निकलेगी। इस खबर से पंडे-पुजारी, अफसर-जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक काफी खुश हैं। उन्होंने सवारी का भव्य स्वागत करने की तैयारियां भी की हैं। याद रहे कि श्रावण-भादौ मास और कार्तिक-अगहन मास की पिछली सवारियां कोविड-19 गाइडलाइन की वजह से परिवर्तित मार्ग महाकाल मंदिर से बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, सिद्ध आश्रम होकर निकाली गई थी।

गहलोत कैबिनेट में बड़ी फेरबदल, राज्यपाल ने 15 नये मंत्रियों को दिलाई शपथ

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राजस्थान में गहलोत सरकार के नए मंत्रिमंडल (Rajasthan Cabinet Oath) का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ। राज्यपाल ने 15 नये सदस्यों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री है। कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमाराम चौधरी, रामलाल जाट, महेंद्रजीत मालवीय, विश्वेंद्र सिंह, महेश जोशी, रमेश मीणा, भजनलाल जाटव, ममता भूपेश, टीकाराम जूली, शकुंतला रावत और गोविंद राम मेघवाल ने शपथ ली। इनके अलावा विधायक जाहिदा खान, राजेंद्र गुढ़ा, मुरारीलाल मीणा और बृजेंद्र ओला ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इस तरह कुल 30 मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें 10 पुराने चेहरे शामिल हैं और 12 नए चेहरों को भी शामिल किया गया है।
सीएम गहलोत (CM Gehlot) के नए मंत्रिमंडल में तीन मंत्रियों को कैबिनेट रैंक में पदोन्नत किया गया है। वहीं सचिन पायलट गुट के हेमाराम चौधरी, मुरारी लाल मीणा, जाहिदा खान, राजेंद्र और बृजेंद्र ओला को गहलोत कैबिनेट में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद राजस्थान में कैबिनेट को लेकर चली आ रही सचिन पायलट की नाराजगी दूर हो गई है। रविवार शाम होने वाले अशोक गहलोत कैबिनेट फेरबदल से पहले सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले के प्रति संतोष जताया और आगामी चुनावों में फिर से पार्टी की सरकार बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की बात कही।
सचिन पायलट ने कहा, पार्टी और नेतृत्व द्वारा उठाया गया कदम पूरे राज्य में सकारात्मक संदेश दे रहा है। हमने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था। मुझे खुशी है कि पार्टी, आलाकमान और राज्य सरकार ने इसका संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, नई कैबिनेट में 4 दलित मंत्री शामिल होना यह एक संदेश है कि AICC, राज्य सरकार और पार्टी दलितों, पिछड़े और गरीबों के लिए प्रतिनिधित्व चाहती है। लंबे समय से हमारी सरकार में दलित प्रतिनिधित्व नहीं था, अब इसकी भरपाई हो गई है और उन्हें अच्छी संख्या में शामिल किया गया है।

सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हमारा एक ही गुट है और वो है – सोनिया, राहुल और प्रियंका का गुट। हम सब उसी के सदस्य हैं। सभी मिलकर 2023 के चुनावों में कांग्रेस को जिताएंगे।

लगातार पांच साल से स्वच्छता में अव्वल है इंदौर, जानें- इसके पीछे क्या है वजह

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भोपाल। इंदौर को स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार पांचवी बार देश में सबसे स्वच्छ शहर के साथ-साथ ‘सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज’ व कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग प्रोटोकाल के तहत ‘फाइव स्टार रेटिंग’ का पुरस्कार भी मिला।जनभागीदारी के बगैर इंदौर कभी स्वच्छता में सिरमौर नहीं हो सकता था। यहां के नागरिकों को स्वच्छता के लिए तैयार करने और शिक्षित करने का सबसे महत्वपूर्ण काम किया गया। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, स्थानीय संगठनों की मदद ली गई। पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ वार्डो में काम किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे शहर में प्रोजेक्ट शुरू किए गए। इससे लोगों को नया सिस्टम समझने में आसानी हुई। सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिलने के बाद सीएम शिवराज सिंह ने माइक्रोब्लागिंग एप कू पर पोस्ट कर कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत में मध्यप्रदेश ने एक बार फिर देश में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा इंदौर के पास बरकरार रखते हुए कई वर्गों में उल्लेखनीय सफलता के लिए सम्मान प्राप्त किया। हम सभी मध्यप्रदेश वासी आदरणीय राष्ट्रपति को हृदय से धन्यवाद करते हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत में मध्यप्रदेश ने एक बार फिर देश में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा इंदौर के पास बरकरार रखते हुए कई वर्गों में उल्लेखनीय सफलता के लिए सम्मान प्राप्त किया। हम सभी मध्यप्रदेश वासी आदरणीय राष्ट्रपति को हृदय से धन्यवाद करते हैं।
स्वच्छता में इस तरह लोगों को पीछे किया इंदौर
1-पहले वर्ष 2017 में नगर निगम ने गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके गाड़ियों में एकत्र करने की व्यवस्था शुरू की। नागरिकों को इसके लिए प्रेरित किया गया। सड़कों की नियमित सफाई शुरू हुई।
2-वर्ष 2018 में नगर निगम ने शहर के गीले कचरे के 100 प्रतिशत निपटान के लिए खाद बनाने की कई यूनिट लगवाई गई।
3-2019 में ट्रेंचिंग ग्राउंड में पड़े 15 लाख टन पुराने कचरे का पूरी तरह निपटान कर वहां 100 एकड़ जमीन खाली कर दी गई। अब वहां एक लाख से ज्यादा पेड़-पौधे लगे हैं।
4– वर्ष 2020 आते-आते शहर में सफाई जनआंदोलन बन चुका था। प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों में सुधार किए गए। इस वर्ष दूसरी बार फाइव स्टार रेटिंग भी मिली।
5- 2021 में इंदौर ने शहर के नदी-नालों को सीवरेज आउटफाल मुक्त कर दिया। इंदौर पहला शहर है, जो घरों से पांच तरह का कचरा अलग-अलग करके लेने की शुरआत कर चुका है।

बता दें कि इस बार इंदौर ने सफाई का ‘पंच’ लगा दिया। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भी इंदौर अव्वल रहा। इसमें 12 करोड़ रुपए का पुरस्कार मिला। राज्य कैटेगरी में मध्यप्रदेश को तीसरा स्थान मिला है। मध्यप्रदेश को कुल 35 अवॉर्ड मिले हैं। इंदौर के पांचवीं बार टॉप रहने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इंदौरी अंदाज दिखा। उन्होंने ट्वीट किया- वाह भिया! छा गया अपना इंदौर…। दस लाख से ज्यादा आबादी वाले टॉप 20 शहरों में मप्र के चारों बड़े शहर शामिल हैं। इंदौर-1, भोपाल-7, ग्वालियर-15, जबलपुर-20 नंबर पर है। 10 लाख तक की आबादी में उज्जैन का पांचवां नंबर है। वहीं तीन लाख की आबादी वाले शहर में देवास को छठवां स्थान मिला है।

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भोपाल. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने रविवार को ऐलान किया कि भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. इस ऐलान के साथ ही आईपीएस अधिकारियों की पुरानी मांग पूरी हो गई है. इस मांग को लेकर मध्‍य प्रदेश IPS एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी मुलाकात की थी. सालों से अटका पुलिस कमिश्नर सिस्टम 2020 में 15 अगस्त को लागू किया जाना था. लेकिन, एन वक्त पर घोषणा टल गई थी. पुलिस मुख्यालय कई बार पुलिस कमिश्नर सिस्टम के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेज चुका है.

 

 

 

गौरतलब है कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम के पिरामिड में डीजी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एडीजी स्तर के अधिकारी को पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकता है. उसके नीचे एडीजी या आईजी स्तर के दो ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर होंगे. पिरामिड में एडिशनल पुलिस कमिश्नर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी आईजी या डीआईजी स्तर अफसरों को मिलेगी. इसी तरह डिप्टी पुलिस कमिश्नर डीआईजी या एसपी स्तर के होंगे. जूनियर आईपीएस या वरिष्ठ एसपीएस अधिकारियों को असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकेगा.

 

 

 

 

 

प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहतर है, लेकिन जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए कानून व व्यवस्था की कुछ नई समस्याएं पैदा हो रही हैं।

 

 

 

अत: हम भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर रहे हैं, ताकि अपराधियों पर और बेहतर नियंत्रण कर सकें।