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पंचायत चुनाव की मतगणना होगी, परिणाम की घोषणा नहीं

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भोपाल । अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने परिणामें की घोषणा पर भी रोक लगा दी है। त्रिस्तरीय पंचायत के पहले चरण के लिए मतदान छह जनवरी और दूसरे चरण के लिए 28 जनवरी को होगा। मतगणना भी निर्धारित दिनांक को होगी पर परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति में भी निर्वाचित अभ्यर्थी के निर्वाचन की न तो घोषणा की जाएगी और न ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए हैं।

बुधवार को आयोग के सचिव बीएस जामोद ने निर्देश दिए कि त्रिस्तरीय पंचायत के सभी पदों के लिए मतगणना का सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा से जुड़ी कार्यवाही स्थगित रहेगी। इस संबंध में आयोग अलग से निर्देश जारी करेगा। पहले चरण में पंच और सरपंच के लिए छह जनवरी को मतदान के बाद मतगणना होगी।

दस जनवरी को जनपद और जिला पंचायत सदस्य के लिए विकासखंड मुख्यालय पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से मतों की गणना की जाएगी। इसी तरह दूसरे चरण में पंच और सरपंच पद के लिए 28 जनवरी और जनपद व जिला पंचायत सदस्य के लिए एक फरवरी को विकासखंड मुख्यालय पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से मतों की गणना की जाएगी।

मतगणना से संबंधित सभी अभिलेख अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ताओं की उपस्थिति में सील बंद करके सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाएंगे। आयोग के इस आदेश पर नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने कहा कि मतदान और मतगणना कराई जा रही है पर परिणाम घोषित नहीं होंगे। ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए चुनाव नहीं होंगे। नए-नए आदेशों से पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल बढ़ता जा रहा है। सरकार आखिर स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है कि वह चाहती क्या है।

हल्दिया के इंडियन ऑयल रिफाइनरी में जोरदार धमाका

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पश्चिम बंगाल के हल्दिया में स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की रिफाइनरी में एक बड़ा ब्लास्ट हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गये। घायलों को कोलकाता शिफ्ट किया गया है। ब्लास्ट के बाद रिफाइनरी में भीषण आग भी लग गई थी, लेकिन इस पर अब काबू पा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक धमाका दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जिसके बाद रिफाइनरी में आग लग गई। हादसे में 3 कर्मचारियों की मौत हो गई जबकि 44 कर्मचारी झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीएम ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार घायलों के इलाज और जल्द रिकवरी में पूरी मदद करेगी।

चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक राज्यसभा से भी पारित, दुर्व्यवहार की वजह से सस्पेंड हुए TMC सांसद

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विपक्ष के हंगामे के बीच चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 राज्य सभा में भी पास हो गया है। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा में ‘चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021’ को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस विधेयक में आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने का प्रावधान है। हालांकि विपक्ष इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहा है। AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार के पास ऐसे कानून बनाने की विधायी क्षमता नहीं है। आधार में वोटर लिस्ट से 1.5 फीसदी ज्यादा गलतियां हैं। साथ ही यह कानून सार्वभौमिक मताधिकार के खिलाफ है।

बिल के कानून बनने से क्या होगा?

संसद में मंगलवार को पारित इस बिल का नाम इलेक्शन लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2021 है। इस बिल में आधार संख्या को वोटर लिस्ट या वोटर आईडी के साथ जोड़ने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसी के दूसरे के नाम पर वोट देने का फर्जीवाड़ा रुकेगा। बिल में इसे एच्छिक रखा गया है। वोटिंग अधिकारी वोटर से पूछेगा कि उसके आधार को वोटर रोल या आईडी से जोड़ना है या नहीं। वोटर के कहने पर ही आधार को जोड़ने या नहीं जोड़ने पर फैसला किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक आधार को वोटर आईडी से जोड़ने से ई-वोटिंग का रास्ता साफ होगा। इसके बाद जिस तरह अभी लोग राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर पर उंगली दबाते हैं, उसी तरह आगे चलकर वोटिंग मशीन में भी फिंगरप्रिंट स्कैन के जरिए वोट डाले जा सकेंगे।

बिल से क्या होगा फायदा?

    • विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आधार को वोटिंग के लिए अनिवार्य बना दिया जाए तो वोटर आईडी कार्ड की जरूरत ही खत्म हो जाएगी।
    • अभी वोटर को वोटिंग परची के साथ आधार भी दिखाना होता है। फिर पोलिंग अधिकारी परची पर नाम और फोटो को आधार के नाम और फोटो से मैच करता है। लेकिन इस व्यवस्था में देर होती है।
    • अगर ई-वोटिंग शुरु हो गई तो फिंगरप्रिंट स्कैनर से वोटर का वेरिफिकेशन होगा तो वोटिंग की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
    • स्कैनर पर वोटर उंगली रखेगा, जिसका मिलान आधार नंबर के साथ किया जाएगा। अगर स्कैनर वोटर को सही पाता है तो वह वोट दे पाएगा।
    • इससे वोटिंग प्रोसेस में पारदर्शिता आएगी और बोगस वोटिंग से बचा जा सकेगा।
    • आधार से मतदान पर वोटिंग की इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग और काउंटिंग भी तेज होगी।
    • इससे मतगणना में ना तो समय ज्यादा लगेगा, ना गलती की गुंजाइश रहेगी और ना ही ज्यादा मैनपावर की जरुरत पड़ेगी।

सेमीफाइनल में जापान ने भारत को 5-3 से हराया, अब पाकिस्तान से होगी ब्रॉन्ज मेडल के लिए भिड़ंत

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ढाका में एशियन हॉकी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा है। जापान ने इस मुकाबले को 5-3 से जीत लिया। इससे पहले मैच में टीम इंडिया ने जापान को 6-0 से हराया था। अब तीसरे स्थान के लिए बुधवार को भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से है।

इस टूर्नामेंट में भारत ने पहले खेले गए मुकाबले में पाक भी हराया था। जापान के साथ मैच के शुरुआत में ही टीम भारत पर हावी रही। पहले क्वार्टर में इंडिया के खिलाफ जापान ने छह पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। जिसका पूरा फायदा जापानी टीम ने उठाया। पहले क्वार्टर में जापान ने 2 गोल दाग दिए। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में भारत से दिलप्रीत सिंह ने गोल खाता खोला।

इसके बाद भी टीम जापान के खिलाफ आक्रमक नहीं हो पाई। दूसरे क्वार्टर के 14वें मिनट में जापान टीम ने गोल कर दिया। वह पहले हाफ में भारत को 3-1 से पीछे कर दिया। दूसरे हाफ में टीम इंडिया कुछ कमाल नहीं दिखा पाई। आखिरी क्वार्टर तक जापान की टीम भारत से 5-1 से आगे थे। आखिरी क्वार्टर में इंडिया ने 2 गोल किए। हालांकि तब तक मैच हाथ से निकल चुका था।

पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा

भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। टीम इंडिया का प्रदर्शन टूर्नामेंट में जोरदार रहा है। पहले मैच में साउथ कोरिया के साथ मुकाबला 2-2 की बरबारी पर था। अगले मैच में बांग्लादेश को 9-0 से करारी तरह से हराया था।

वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर पर जताई आपत्ति, हाईकोर्ट ने लगाया 1 लाख का जुर्माना

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केरल:  केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने कोविड-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट (Covid-19 Vaccination Certificate) पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर हटाने की याचिका को खारिज कर दिया। मंगलवार को दिए फैसले में याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के नहीं है। इस तरह की याचिका की एक नागरिक से उम्मीद नहीं थी।

जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन (Justice PV Kunhikrishnan) की पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता, पीटर मयालपरंभिल (Peter Myalparambhil) जुर्माना देने में विफल रहता है, तब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण वसूली की कार्यवाही कर सकता है। कोर्ट ने कहा, मयालपरंबिल ने अपना बहुमूल्य समय बर्बाद किया है। यह जुर्माना उन लोगों के लिए एक संदेश है, जो तुच्छ दलील के साथ आते हैं।

जस्टिस पीवी ने कहा कि मुझे संदेह है कि याचिकाकर्ता का राजनीतिक एजेंडा भी है। यह एक पब्लिसिटी और ओरिएंटेड पिटीशन है। इस लिए यह एक भारी कीमत के साथ खारिज करने लायक एक उपयुक्त मामला है। अदालत ने कहा, ‘जब हजारों अपीलें, जमानत याचिकाएं और मुकदमे लंबित है। तब ऐसी याचिकाएं वक्त बर्बाद करती हैं।’ इससे पहले कोर्ट ने याचिका वापस लेने के लिए मयालपरमभिल को समय दिया था, लेकिन उन्होंने सुनवाई जारी रखने पर जोर दिया।

याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पहले कहा कि वह (नरेंद्र मोदी) हमारे प्रधानमंत्री हैं। किसी अन्य देश के पीएम नहीं है। वह जनादेश से सत्ता में आए। केवल इसलिए कि आपके राजनीतिक मतभेद हैं, आप इसे चुनौती नहीं दे सकते हैं। 100 करोड़ लोगों को इससे कोई परेशानी नहीं, तो आपको क्यों है?

पीटर मयालपरंभिल ने अक्टूबर में अदालत का रुख किया था। कहा था कि प्रमाणपत्रों पर पीएम मोदी की फोटो का कोई सार नहीं है। उनके वकील अजीत एम जॉय ने वैक्सीन सर्टिफिकेट को अपना निजी स्थान बताया। कहा कि इस पर उनका अधिकार है। जॉय ने इसे अपने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के टीकाकरण प्रमाणपत्रों में सरकार के प्रमुखों की तस्वीरें नहीं होती हैं।

वहीं पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा था कि अगर कोई महात्मा गांधी की छवि नोटों से हटाने के लिए याचिका के साथ आता है, तो इसकी अनुमति कैसे दी जा सकती है? तब वकील जॉय ने कहा कि गांधी की तस्वीर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार नोटों पर छपी थी। उन्होंने कहा, टीकाकरण प्रमाण पत्र पर प्रधानमंत्री की फोटो किसी वैधानिक प्रावधान या नियम के आधार पर नहीं लगाई गई है।

मध्‍य प्रदेश विधानसभा में मुख्‍यमंत्री शिवराज का कांग्रेस नेताओं पर हमला

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भोपाल। याचिका आपकी थी, ओबीसी के आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव हमारी सरकार करा रही थी। आप कोर्ट क्यों गए। आपको क्या तकलीफ थी। अगर अध्यादेश जारी किया था, वह संविधान के प्रावधान के अनुरूप था। ऐसा नहीं होता तो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट रोक देती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस के मित्रों ने अध्यादेश रोकने का प्रयास किया, वह सफल नहीं हुआ। इसी याचिका पर यह फैसला आया है याचिका आपने लगाई थी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को विधानसभा में ओबीसी आरक्षण पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कही।

सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि कमल नाथ जी कह रहे थे रोटेशन की बात। ओबीसी आरक्षण का विरोध नहीं किया लेकिन चक्रानुक्रम आरक्षण का विरोध किया। यह ओबीसी आरक्षण का ही विरोध है। जब किसी पक्षकार के विरूद्ध प्रतिकूल ओदश आता है तो वह कोर्ट नही जाता। आप क्यों नही गए ? सामाजिक न्याय और समरसताहमारी सरकार की नीति रही है। इसलिए चाहे मामला ओबीसी,अनुसूचित जाति जनजाति का मामला हो या सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का, तो भाजपा ने दिया।

उन्‍होंने कहा कि जहां तक ओबीसी का सवाल है मैं पहले ही यह प्रतिबद्धता जाहिर करता हूं कि पिछड़े वर्ग के कल्याण में न तो कोई कसर छोड़ी है न छोड़ी जाएगी। मैं प्रधानमंत्री जी को आभार देना चाहता हूं कि जिन्होंने नीट की परीक्षा में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया। इससे हजारों विद्यार्थियों को फायदा होगा। पिछड़े वर्ग के कल्याण की ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार प्रधानमंत्री जी ने पिछड़ेे वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। उसका अनुसरण प्रदेश की सरकार ने भी किया।

शिवराज के सवाल- 10 मार्च 2019 को उधा न्यायालय में पिटीशन दायर की गई। 19 मार्च 2019 को केस की सुनवाई हुई । लेकिन आपके महाधिवक्ता सुनवाई में उपस्थित नहीं थे। क्यों

-उस स्टे के खिलाफ आपने क्या किया। क्या, आप हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे

– आपके शासन काल में एक भी नौकरी नहीं मिली ओबीसी वर्ग को आरक्षण से।

-कांग्रेस सरकार ने स्वयं कोर्ट में जाकर पूछा कि क्या ये स्थगन पीएससी पर भी लागू होगा और इसी आधार पर कोर्ट ने लोकसेवा आयोग ने 27आरक्षण पर स्टे दे दिया। आपने पीएससी का आरक्षण भी खत्म करवा दिया।क्यों ।

-27 प्रतिशत आरक्षण शासकीय सेवा में मिले उसके लिए हम प्रतिबद्ध है।

– पहले मैरिट के आधार पर ओबीसी का कोई बधाा सिलेक्ट हो जाता था तो वह 14 प्रतिशत आरक्षण की श्रेणी में नहीं आता था। आपकी सरकार ने नियम क्यों बदला।

– उधातर माध्यमिक शिक्षक की परीक्षा के लिए ओबीसी के लिए विज्ञापित

2757 पदों में से 2219 पदों में 27 प्रतिशत के मान से आदेश जारी किए।माध्यमिक शिक्षा के 1138 पदों में से 807 की भर्ती हुई। आपकी सरकार का ब्योरा दें।

-हमारी सरकार ने जितनी योजनाएं चालू की थी या तो आपने बंद कर दीं, क्यों?

कला के सहारे विदेश तक पहुंच रही खंडवा जिले में बांस से बनी चीजों की ख्याति

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खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के आदिवासी विकासखंड खालवा की पहचान कुछ समय पहले तक कुपोषण वाले क्षेत्र के रूप में होती थी। बदलाव की बयार कुछ ऐसी चली कि अब यह क्षेत्र देश ही नहीं विदेश में भी अपने हुनर से पहचान बना रहा है। यहां के आदिवासी बांस से सुंदर कलाकृतियां और उपयोगी वस्तुएं बनाकर प्रशंसा तो पा ही रहे हैं, अपने व परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर कर रहे हैं। दुबई एक्सपो में गुलाईमाल गांव के बांस शिल्पियों की समृद्ध कला का प्रदर्शन लघु फिल्म के माध्यम से होगा। बदलाव की शुरुआत भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की स्फूर्ति योजना से हुई। इसके अंतर्गत मनमोहन कला समिति द्वारा बेंबू (बांस) क्राफ्ट क्लस्टर संचालित किया जा रहा है। इसके पूर्व संसद परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में गुलाईमाल के क्लस्टर की चीजों को देशभर के पांच क्लस्टर के साथ आमंत्रित किया जा चुका है।

राखियों और बांस के बाक्स को मिली सराहना

इस क्षेत्र में बांस की कारीगरी देखते ही बनती है। इसी वर्ष 22 जून से शुरू हुए बेंबू क्लस्टर में महिला व पुरुषों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। पांच दिव्यांग भी बांस की कारीगरी सीख रहे हैं। क्लस्टर संचालक महेश नायक ने बताया कि जून, 2020 में छह-छह लोगों के 21 समूह बनाए गए। 42 मशीनों के माध्यम से बांस से फर्नीचर, घरेलू उपयोग की चीजें जैसे नाइट लैंप, फ्लावर पाट, घड़ी, ज्वेलरी जैसे नेकलेस, ईयर रिंग, ट्रे, मोबाइल स्टैंड, राखी, बेंबू बाक्स, चटाई व अन्य सामग्री बनाई जा रही है। 100 से अधिक आदिवासी परिवारों का जीवन खुशहाल हुआ है। क्लस्टर को कई जगहों से 7000 से ज्यादा राखियों के आर्डर मिले थे। बाक्स को भी सराहना मिलती है।

क्लस्टर के अध्यक्ष मोहन रोकड़े ने बताया कि बांस को उपयोग में लाने से पहले 21 दिन तक फिटकरी व नमक वाले पानी में भिगोकर रखा जाता है। इससे निर्मित चीजों की उम्र ज्यादा होती है और उनमें फफूंद नहीं लगती।

कलस्टर खुलने से रुका पलायन, लौटी खुशहाली

गुलाईमाल में बेंबू कलस्टर शुरू होने से मजदूरी की तलाश में शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आई है। आधुनिक मशीनें स्थापित होने से कारीगरों की हस्तशिल्प कला पुनर्जीवित होने के साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल रहा है। ग्राम ढमारिया के कारीगर जीवन अवासे ने बताया कि पहले रोजगार के लिए जलगांव, भुसावल या पुणे जाता था। इस केंद्र से जुड़कर स्थायी रोजगार मिला है। भारत अवासे और बनू बाई की भी कुछ ऐसी ही कहानी है। बनू बाई भी मजदूरी करने जाती थीं। आज पति नारायण के साथ क्लस्टर में काम कर रही हैं। बच्चों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के पांच चेहरे उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका के मददगार हो सकते हैं

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भोपाल। उत्तर प्रदेश में संभावित विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगा। पिछले तीन दशक से पार्टी सत्ता से बाहर है और सीटों के लिहाज से सदन में भी प्रभावहीन हो चुकी है। इस बार तो समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य दलों के साथ गठबंधन की गुंजाइश भी लगभग खत्म है। इधर, प्रियंका गांधी वाड्रा राज्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से भी दिग्गज नेताओं को सियासी जंग में उतारने की तैयारी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल मध्य प्रदेश से पांच ऐसे प्रमुख चेहरे हैं, जो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए सहायक साबित हो सकते हैं।

1. पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ

कांग्रेस में कभी गांधी परिवार के सबसे प्रभावशाली सदस्य संजय गांधी के करीबी रहे कमल नाथ का उत्तर प्रदेश से पुराना रिश्ता है। कमल नाथ का जन्म कानपुर में हुआ है तो उनके दादा बरेली की तहसील आंवला के निवासी बताए जाते हैं। उन्होंने कोलकाता जाने के पहले अपना मकान गांव को दान कर दिया था। चुनाव प्रचार के मैदान में इनके उतारे जाने की पूरी तैयारी है।

2. राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के कई सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं। अपने विवादित बयानों के चलते वह उत्तर प्रदेश में भी खासे चर्चा में रहते हैं। धार्मिक आधार पर मतों का ध्रुवीकरण होता है तो कांग्रेस को दिग्विजय सिंह की छवि का लाभ भी मिल सकता है।

3. राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा

पेशे से सुप्रीम कोर्ट में वकील और राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा अपनी स्पष्टवादिता की छवि के लिए दलीय सीमा से परे भी पसंद किए जाते हैं। तन्खा पार्टी के विधिक मामलों को देखने के अलावा अब चुनावों में भी रुचि लेते दिखाई पड़ रहे हैं। उन्हें कांग्रेस उत्तर प्रदेश अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों के बीच पैठ बनाने के लिए भेज सकती है।

4. पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव

कांग्रेस में फिलहाल केंध से प्रदेश स्तर तक ओबीसी चेहरों की कमी है। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरणों को साधने में कांग्रेस के पास ओबीसी नेताओं की कमी को दूर कर सकते हैं। वे सोनिया और राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।

5. पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल

इंदौर की पांच नंबर सीट तथा देपालपुर से विधायक रहे सत्यनारायण पटेल कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में पटेल प्रियंका गांधी के साथ लगातार उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनकी यह सक्रियता चुनाव प्रचार के दौरान भी बनी रहेगी।

ईडी ने पांच घंटे तक की ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछताछ

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बहुचर्चित पनामा पेपर्स लीक मामला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। इस पेपर लीक में अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय समेत कई भारतीय हस्तियों के नाम थे और इन सभी लोगों पर टैक्स में धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। वहीं, इस मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछताछ की। ईडी ने विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के आरोप में 48 साल की ऐश्वर्या राय को तलब किया था। ऐश्वर्या राय सोमवार को दोपहर 2 बजे के आसपास ईडी ऑफिस पहुंची थीं।

उन पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन में विदेशों में धन जमा करने के आरोप हैं। ऐसे में ईडी के अधिकारियों ने ऐश्वर्या राय से लंबी पूछताछ की। दावा किया गया था कि अधिकारियों ने ऐश्वर्या से सवालों की एक लंबी लिस्ट बनाई थी। वहीं, ऐश्वर्या राय से पूछे गए कुछ सवाल भी सामने आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों ने ऐश्वर्या राय से एमिक पार्टनर्स के बारे में जानने की कोशिश की और ये भी पूछा कि दस्तावेज में सामने आई कंपनी से उनका क्या संबंध है।

ऐश्वर्या राय से पूछे गए सवाल

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने ऐश्वर्या राय से पूछा कि एमिक पार्टनर्स 2005 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में निगमित और पंजीकृत कंपनी थी। इस कंपनी के साथ उनका क्या संबंध है? क्या वह उस कानूनी फर्म के बारे में जानती हैं जहां मोसैक फोन्सेका ने कंपनी को पंजीकृत किया था? इस कंपनी के निदेशकों में ऐश्वर्या, उनके पिता कृष्णाराज राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय शामिल हैं और इसके बारे में भी ऐश्वर्या से पूछा गया। इसके अलावा, ऐश्वर्या से ये भी जानने की कोशिश की गई कि जून 2005 में उनके स्टेटस को शेयरहोल्डर के रूप में क्यों बदला गया? वहीं, 2008 में कंपनी को निष्क्रिय करने की वजह से लेकर लेनदेन में आरबीआई की अनुमति तक से जुड़े सवाल ऐश्वर्या से पूछे गए।

पहले भी जारी हुआ था समन

खबरों की मानें तो पहले भी ऐश्वर्या राय बच्चन को समन जारी किया गया था, जिसमें उन्हें 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया था लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन ने ईमेल के जरिए ईडी को अपना जवाब भेजा था। इसके बाद उन्हें दोबारा समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, अमिताभ भी कह चुके हैं कि उनका इन कंपनियों से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में नाम सामने आने के बाद अमिताभ ने कहा था कि उन्होंने भारतीय नियमों के तहत ही विदेश में धन भेजा है। उन्होंने पनामा पेपर्स में सामने आई कंपनियों से भी किसी तरह का संबंध होने से मना किया था।

क्या है पनामा पेपर्स लीक मामला

3 अप्रैल 2016 को टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देश पनामा की एक लॉ फर्म मोसेक फोंसेका का 40 साल का डाटा लीक हुआ था। इसमें खुलासा हुआ था कि कैसे दुनियाभर के अमीर और प्रभावशाली लोग टैक्स बचाने के लिए पैसा ऑफ-शोर कंपनियों में लगा रहे हैं। इस तरह से बड़े तौर पर टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग तक हो रही थी। इन दस्तावेजों में 500 भारतीयों को नाम सामने आया था, जो फिल्मी सितारे और उद्योगपती हैं। इसी दस्तावेज में बच्चन परिवार का नाम सामने आया था। दावा किया गया कि ऐश्वर्या राय देश से बाहर एक कंपनी की डायरेक्टर और शेयरहोल्डर थीं। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने की विभिन्न सीईओ के साथ बैठक, अर्थव्यवस्था के लिए मांगे सुझाव

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केंद्रीय बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों की अलग-अलग दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ वार्ता की। बैठक में शामिल होने वाले सीईओ बैंकिंग, बुनियादी ढांचा, ऑटोमोबाइल्स, टेलीकॉम, उपभोक्ता वस्तुओं, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, हॉस्पिटैलिटी, प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के थे।

इस दौरान पीएम ने उनसे अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे और विचार जाने। प्रधानमंत्री मोदी आगामी बजट सत्र से पहले निजी क्षेत्र से सुझाव जानने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कारोबारी सुधारों और व्यापार को आसान बनाने के मुद्दों पर प्रमुख निजी इक्विटी व उद्यम पूंजी फर्मों के साथ चर्चा की थी।

निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी फर्मों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकार की ओर से सुधारों को लाने के लिए, अनावश्यक अनुपालन बोझ कम करने के लिए और पीएम गतिशक्ति जैसे भविष्य की पहलों की संभावनाओं पर चर्चा की थी। उन्होंने भारत में जमीनी स्तर पर हो रहे इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा दिए जाने का भी उल्लेख किया था।

राजेश गोपीनाथन, CEO और MD, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार पर उनका फोकस है। क्षमता में उनका विश्वास है कि भारत को और आगे बढ़ना है। उन्होंने एक बहुत स्पष्ट विजन रखा कि हर उद्योग में, हर क्षेत्र में शीर्ष 5 में हमें होना चाहिए, संभव हो तो नंबर एक। शीर्ष नेतृत्व से इस तरह की बातें देश को वर्तमान सफलता से आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करेंगी।

मल्लिका श्रीनिवासन, सीएमडी, ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट्स लिमिटेड ने कहा कि आज पूरी चर्चा इसी मुद्दे पर थी कि भारत को आगे कैसे लिया जाए। उनके विजन, विश्वास और सोच ने हम सभी को विश्वास से भर दिया कि आने वाले दशक में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा।

केनिची आयुकावा, एमडी-सीईओ, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कहा कि PM मोदी के पास भारत के लिए भव्य विजन है। उद्योग जगत भारत को एक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकांश विदेशी निवेशक भारत में निवेश करना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री की नीतियों पर भरोसा है।

विनीत मित्तल, अध्यक्ष, अवादा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने बताया कि उनका सपना सभी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को दुनिया भर में शीर्ष 5 में देखना है। सरकार इसके लिए सभी जोखिम उठाने, एक मंच और सही वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक बहुत अच्छी प्रेरणादायक चर्चा थी।

सुमंत सिन्हा, अध्यक्ष एवं एमडी, रीन्यू पावर ने कहा कि पीएम के साथ बातचीत दिलचस्प और उत्साहजनक रही। उन्होंने हमें 2 घंटे तक सभी मुद्दों और समस्याओं और उन अवसरों के बारे में सुना, जिनके बारे में हम जैसे कॉरपोरेट बात करते हैं। उन्होंने भारत में अवसरों और उनकी अपेक्षाओं के बारे में बात की।

उदय कोटक, एमडी-सीईओ, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि भारतीय उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए बिना किसी डर के बड़े पैमाने के बारे में सोचने का समय आ गया है। भारत की क्षमता को लेकर उत्साहित हूं।

अपोलो हॉस्पिटल्स की वाइस चेयरपर्सन प्रीता रेड्डी ने कहा कि मैं एक हेल्थ केयर वर्कर के रूप में कोविड के दौरान सरकार द्वारा किए काम को जानती हूं। मुझे भारतीय होने पर बहुत गर्व है। आयुष्मान भारत योजना और आत्मनिर्भर भारत योजना पर चर्चा की गई। उन्होंने हमें धैर्यपूर्वक सुना।

रितेश अग्रवाल, CEO, Oyo ने बताया कि मुझे खुशी है कि भारत ने 2016 में प्रधानमंत्री के निर्देशन में स्टार्ट-अप की राह पर चलना शुरू किया। भारत में आज 79 यूनिकॉर्न हैं और ये तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। PM ने हमें बताया कि भारत को हर उद्योग में दुनिया की शीर्ष 5 रैंकिंग में कैसे लाया जाए।

मध्य एशियाई देश हमारे लिए बहुत अहम: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत अपने विस्तारित पड़ोस के अपने हिस्से के तौर पर मध्य एशियाई देशों के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को बहुत महत्व देता है। प्रधानमंत्री ने यह बात कजाकिस्तान, किरग्जि गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ एक संयुक्त मुलाकात के दौरान कही थी।

आपसी संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने पर जोर

इस बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में सभी मध्य एशियाई देशों और उसके बाद कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की अपनी यात्राओं को भी याद किया। उन्होंने इस दौरान आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

पुतिन ने की मोदी से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। अपनी बातचीत में दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति पुतिन की हाल की भारत यात्रा के दौरान चर्चा किए गए कुछ मुद्दों पर बातचीत की।