छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति के तहत लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का जोर प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, स्टार्टअप, MSME और वैल्यू एडेड उद्योगों को बढ़ावा देने पर है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से जोड़ने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया है। सरकार के अनुसार, नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान और रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़ते हुए क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर भी जोर दे रही है। अन्वेषण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए प्रदेश में नए उद्योग और निवेश के अवसर तैयार करने की योजना है। नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर जैसी परियोजनाओं को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी क्रम में 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 आयोजित किया जा रहा है। इसमें MSME, स्टार्टअप, उद्यमियों और निवेशकों को एक मंच पर लाने के साथ B2B बैठकें, निवेशकों से संवाद और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सरकार का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार करना भी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निवेश, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए छत्तीसगढ़ की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को और विस्तार देने पर फोकस रहेगा।









