दोनों सदनों में कृषि कानून बिल वापसी पारित

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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने काफी हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही 12 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। साथ ही राज्यसभा में भी कार्यवाही बाधित रही। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा में पेश किया। विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल बिना किसी विरोध के पास कर दिया गया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कानूनी वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि हम पहले ही कहते थे कि ये कानून किसानों के हित में नहीं है। बाद में लोकसभा को अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। उधर राज्यसभा में हंगामे और अनुशासनहीनता की वजह से 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। हंगामे की वजह से राज्यसभा की भी आज की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

इस बीच सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। संसद देश हित में चर्चाएं करे, देश की प्रगति के लिए रास्ते खोजे, इसके लिए ये सत्र विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक निर्णयों वाला बनें।

23 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र

आज से शुरू हो रहा शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलेगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 3 कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा की थी और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी 3 कानूनों को निरस्त करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी, बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार और बैंकिंग कानून से जुड़े 30 से ज्यादा बिल पेश कर सकती है। ऐसे में विपक्ष के तेवरों को देखते हुए सरकार के बिल पास कराना काफी कठिन हो सकता है।
MSP पर चर्चा के लिए कार्य निलंबन नोटिस
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के पहले दिन ही भाकपा सांसद बिनय विश्वम ने राज्यसभा में कामकाज को स्थगित करने का नोटिस दिया है और MSP की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने पर चर्चा की मांग कर दी है। दूसरी ओर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार को कृषि कानूनों के विरोध में जान गंवाने वाले किसानों का रिकॉर्ड बनाने और उनके परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया जाना चाहिए। कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है और किसान आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शन में मारे गए 700 किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा करने की मांग की है।
सरकार को घेरने के लिए विपक्ष की तैयारी
संसद के बीते सत्र में भी पेगासस जासूसी मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ था और अब शीतकालीन सत्र में भी विपक्ष के तेवर काफी उग्र हैं। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हमने महंगाई, कोरोना और किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाया था। इसके अलावा टीएमसी नेताओं ने भी कहा है कि एमएसपी पर कानून बनाया जाना चाहिए।

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