12 राज्यसभा सांसद निलंबित, संसद के शेष सत्र में नहीं ले सकेंगे हिस्सा

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नई दिल्‍ली : संसद के शीतकालीन सत्र की सोमवार को शुरुआत हुई। पहले ही दिन सदन के पिछले सत्र में अनुशासनहीनता करने वाले राज्यसभा के 12 सांसदों को बाकी बचे पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो, सीपीआई का एक और शिवसेना के दो सांसद शामिल हैं।

इन सांसदों पर गिरी निलंबन की गाज

सीपीएम के एलामारम करीम और कांग्रेस की फूलो देवी नेतम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजामणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रसाद सिंह, टीएमसी की शांता छेत्री व डोला सेन, सीपीआई के विनय विश्वम और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई निलंबित कर दिए गए। 11 अगस्त को हुए हंगामे को लेकर ये कार्रवाई हुई है।

इन सांसदों के निलंबन को लेकर सदन की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि इन सांसदों ने राज्यसभा के 254वें सत्र के आखिरी दिन यानी 11 अगस्त को हिंसक व्यवहार किया, सुरक्षा कर्मियों पर जानबूझकर हमले किए, चेयर का अपमान किया। इन्होंने सदन के नियमों को तार-तार कर दिया और कार्यवाही में बाधा पहुंचाई।

ये हुआ था मानसून सत्र के अंतिम दिन

संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के साथ शुरू हुआ था और इसी के चलते समापन की तय तिथि से दो दिन पहले की समाप्त हो गया था। पेगासस जासूसी विवाद और तीन कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष की ओर से सदन में लगातार हंगामा और विरोध प्रदर्शन किए गए थे, जिसके चलते कई बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था।

सत्र के आखिरी दिन जब कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन पर चर्चा शुरू हुई थी तब विपक्ष के नेता कथित तौर पर अधिकारियों की मेज पर चढ़ गए थे, काले कपड़े लहराए थे और फाइलें फेंकी थीं। उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया था। वहीं, विपक्षी नेताओं ने यही आरोप उल्टा सुरक्षा कर्मियों पर लगाया था।

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