मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जी-20 के अंतर्गत थिंक-20 कार्यक्रम में भोपाल आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने चाय पर चर्चा की। मुख्यमंत्री चौहान ने वैचारिक सत्र के समापन के बाद कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में डेलिगेट्स से भेंट एवं बातचीत की। इस अवसर पर समूह छायाचित्र भी लिया गया। नीति आयोग भारत सरकार के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, मध्यप्रदेश नीति आयोग के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी और जी-20 देशों से आए डेलीगेट्स उपस्थित थे। डेलीगेट्स ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह की साज-सज्जा और भवन के कलात्मक स्वरूप की सराहना की।
UNSC ने अब्दुल रहमान मक्की को भी घोषित किया वैश्विक आतंकी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान को झटका देते हुए सोमवार को पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 आईएसआईएल और अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित किया गया है। UNSC के प्रस्ताव के अनुसार मक्की अब धन का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। वह हथियार खरीद नहीं कर सकता और अधिकार क्षेत्र से बाहर यात्रा भी नहीं कर सकता है।
अमेरिकी सरकार ने मक्की पर 2 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फैसले से पहले ही वाशिंगटन और दिल्ली ने मक्की को घरेलू कानूनों के तहत आतंकवादी घोषित किया हुआ है। भारत में अब्दुल रहमान मक्की पर जम्मू और कश्मीर में हिंसा और हमलों के लिए युवाओं को धन जुटाने, भर्ती करने और कट्टरपंथी बनाने का दोषी है। मक्की लश्कर ए तैयबा (LeT) यानी जमात उल दावा (JuD) का पॉलिटिकल विंग का मुखिया है।
चीन ने लगाया था अड़ंगा
गौरतलब है कि बीते साल अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भारत भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लेकर आया था, लेकिन चीन ने अड़ंगा लगा दिया था। जून में भारत ने इस मुद्दे पर चीन की आलोचना भी की थी।
भारत विरोधी बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा मक्की
मक्की भारत के खिलाफ जहर उगलने के लिए सुर्खियों में रहा है। साल 2010 में पुणे के जर्मन बेकरी में धमाके के 8 दिन पहले मुजफ्फराबाद में भाषण दिया था और पुणे समेत भारत के तीन शहरों में आतंकी हमले करने की धमकी दी थी। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार 2020 में पाकिस्तान के एंटी टेररिज्म कोर्ट ने मक्की को टेरर फाइनेंसिंग के केस में दोषी पाया था।
खरगोन से महेश्वर पहुंची खेलो इंडिया की मशाल
खेलो इंडिया की मशाल सोमवार को खरगोन नगर में भ्रमण कर दोपहर में महेश्वर पहुंची। खरगोन के उत्कृष्ट मैदान में जैसे ही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और एसपी धर्मवीर सिंह ने खेलो इंडिया की मशाल थामी। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि महेश्वर में छह और सात फरवरी को सिर्फ राष्ट्रीय स्तर का खेल ही नहीं हो रहा है, बल्कि प्रदेश के आठ जिले मिलकर इस बार मेजबानी भी कर रहे हैं। यह गौरव इस बार खरगोन को भी मिला है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए हम तैयार हैं।
इस दौरान एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया का आयोजन होना अपूर्व है। इस दौरान जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य, जिला शिक्षा अधिकारी हेमेन्द्र वरणेरकर, जिला खेल अधिकारी पवि दुबे, तहसीलदार योगेन्द्र मौर्य, मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष भागीरथ कुमरावत, खिलाड़ी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित रहे।
ओडिशा में महिला क्रिकेटर राजश्री स्वैन का शव जंगल में फांसी पर टंगा मिला
ओडिशा में महिला क्रिकेटर राजश्री स्वैन का शव जंगल में फांसी के फंदे से लटका मिला है। वे 11 जनवरी से लापती थीं। कटक के जंगल में शव मिलने के बाद परिवार ने ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कटक के पुलिस उपायुक्त पिनाक मिश्रा के अनुसार, 26 वर्षीय राजश्री की स्कूटी अथागढ़ के गुरुदिझटिया जंगल में लावारिस हालत में मिली। यहीं उनका शव एक पेड़ पर फांसी से लटका था।
राजश्री दाएं हाथ की तेज गेंदबाज थीं और मध्य क्रम की बल्लेबाजी भी करती थीं। लापता होने के बाद 12 जनवरी को उनके कोच ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। Cricketer Rajshree Swain मूल रूप से पुरी जिले की रहने वाली थीं।
वो पुडुचेरी में आगामी राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट के लिए ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए कटक आई थीं। हालांकि, वह टूर्नामेंट के लिए चुनी गई 16 सदस्यीय टीम में उनको स्थान नहीं मिला था। तब वो रोते हुए कैंप से निकली थीं।
अली रजा अकबरी को ईरान ने दी फांसी
ईरान ने ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में अपने ही देश के पूर्व डिप्टी रक्षा मंत्री अली रजा अकबरी को फांसी दे दी। 11 जनवरी को ही उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। अली रजा अकबरी के पास ईरान और ब्रिटेन की दोहरी नागरिकता थी। ईरान में मंत्री पद से हटने केे बाद वे ब्रिटेन चले गए थे। 2019 में लौटे तो उन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। केस चला और अब फांसी की सजा भी दे दी गई।
अली रजा अकबरी को ईरान में उदारवादी राजनीति का बड़ा चेहरा माना जाता था। आरोप था कि उन्होंने ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में रहते हुए ब्रिटेन को अहम जानकारी दी। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें लगातार टॉर्चर किया गया था। इस दौरान ब्रिटेन ने उनकी रिहाई की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए भारत और अमेरिका इस साल के अंत में एक संयुक्त पृथ्वी अवलोकन परियोजना के तहत नासा-इसरो सिथेटिक अपर्चर रडार (निसार) उपग्रह का प्रक्षेपण कर सकते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिह शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने नेशनल साइंस फाउंडेशन के निदेशक सेतुरमन पंचनाथन के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान यह टिप्पणी की।
निसार प्राकृतिक खतरों, समुद्र के स्तर में वृद्धि और भूजल के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए पृथ्वी के बदलते पारिस्थितिकी तंत्र, गतिशील सतहों और बर्फ के द्रव्यमान को मापेगा और अन्य अनुप्रयोगों में मदद करेगा।यह आरोही और अवरोही दर्रों पर विश्व स्तर पर पृथ्वी की भूमि और बर्फ से ढकी सतहों का भी निरीक्षण करेगा।
मूल रूप से तीन साल के मिशन के लिए यह औसतन हर छह दिन में पृथ्वी का नमूना लेगा। जितेंद्र सिह ने प्रतिनिधिमंडल से कहा, नासा-इसरो सिथेटिक एपर्चर रडार उपग्रह के 2023 में प्रक्षेपित होने की उम्मीद है।
’भारत जोड़ो यात्रा’ सांसद संतोख सिंह के निधन के बाद रोकी गई
पंजाब के जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का निधन हो गया है। संतोख सिंह की तबीयत उस समय बिगड़ी थी, जब वे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा ले रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यात्रा जब लुधियाना से रवाना हुई, तब संतोख सिंह पद यात्रा कर रहे थे।
असहज महसूस होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है। पंजाब में अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बता दें, भारत जोड़ो यात्रा का पंजाब चरण भी समाप्त होने जा रहा है। यहां से यात्रा हिमाचल और फिर जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर जाएगी। संतोख सिंह के निधन के बाद राहुल गांधी ने यात्रा रोक दी है और वे जालंधर के लिए रवाना हो गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि संतोख सिंह के अंतिम संस्कार के बाद ही यात्रा शुरू होगी। इस बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत तमाम बड़े नेताओं ने संतोख सिंह के असमय निधन पर दुख व्यक्त किया है। खरगे ने ट्वीट किया, ‘हमारे सांसद संतोख सिंह चौधरी के असामयिक निधन के बारे में जानकर गहरा सदमा और दुख हुआ..।’
वहीं लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने ट्वीट किया, जालंधर से लोकसभा सांसद श्री संतोख सिंह जी के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं। सुदीर्घ सार्वजनिक जीवन में जनहित के मुद्दों पर वे सदैव मुखर रहे। सदन में अनुशासन से अपनी बात रखना उनके व्यक्तित्व की खासियत थी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
अहमदाबाद में शताब्दी महोत्सव में मुख्यमंत्री चौहान शामिल हुए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रमुख स्वामी महाराज जैसे व्यक्तित्व समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जीवन समर्पित करते हैं। इनके प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं। मध्यप्रदेश में जन-सहयोग से नशा मुक्ति के साथ ही पानी बचाव, जल-संरक्षण, पर्यावरण की रक्षा और बेटियों और बहनों के सम्मान के लिए लगातार कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री चौहान अहमदाबाद में प्रमुख स्वामी महाराज के शताब्दी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। गत 15 दिसम्बर से प्रारंभ शताब्दी महोत्सव 15 जनवरी तक चलना है। महोत्सव के लिए अहमदाबाद में लगभग 600 एकड़ क्षेत्र में प्रमुख स्वामी नगर बनाया गया है। प्रमुख स्वामी जी 7 दिसम्बर 1921 को गुजरात में जन्मे थे। वे 13 अगस्त 2016 में ब्रह्मलीन हुए।
प्रधानमंत्री जी स्वामी जी के आशीर्वाद से बना रहे भारत को वैभवशाली
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं अनेक कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश नागरिकों को देता हूँ। स्वयं मैं भी प्रतिदिन पौधा लगाकर पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटा सा योगदान दे रहा हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी प्रमुख स्वामी के आशीर्वाद से राष्ट्र को शक्तिशाली और वैभवशाली बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2070 तक भारत को कार्बन न्यूट्रल बनाना है। पेड़ महत्वपूर्ण हैं। इसलिए आम जनता से अनुरोध करता हूँ कि आप रोज न लगाएँ, लेकिन जन्म-दिन के दिन जरूर पेड़ लगाएँ। विवाह वर्षगांठ पर भी पौधे लगाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रमुख स्वामीजी ने तो लाखों लाख लोगों से नशा छुड़वा दिया था। मध्यप्रदेश में व्यसन मुक्त ग्राम बनाने का आव्हान किया गया है।
31 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा। 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने शुक्रवार को ट्विटर पर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, बजट सत्र 66 दिन चलेगा। इस दौरान 14 फरवरी से 12 मार्च तक अवकाश रहेगा। 27 दिन सदन की कार्यवाही चलेगी। 6 अप्रैल को बजट सत्र का समापन होगा। संसद के बजट सत्र पर पूरे देश की नजर रहती है, क्योंकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश करेंगी। हर आम और खास को इससे बड़ी उम्मीद हैं।
2023 का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। 1 फरवरी को सुबह 11 बजे से बजट भाषण शुरू होता है। दूरदर्शन के सभी चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। कोरोना महामारी से उबरने में जुटी देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह बजट बहुत अहम होने जा रहा है। जानकारों का मानना है कि राजस्व में वृद्धि के साथ उम्मीद करते हैं कि सरकार धीरे-धीरे घाटे को कम करेगी और मामूली खर्च वृद्धि की अनुमति देगी।
वहीं महंगाई पर आम आदमी की नजर रहेगी। पेट्रोल और डीजल की कीमतें सभी को भारी पड़ रही है। माना जा रहा है कि साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों और अलगे साल के आम चुनावों का बजट पर असर देखने को मिल सकता है।
आम बजट की प्रक्रिया वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में बजट प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू होती है जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकारी राजस्व और व्यय का अनुमान शामिल होता है। वित्त विधेयक के रूप में पारित होने से पहले प्रस्ताव पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा और बहस की जाती है। इसके बाद इसे पारित किया जाता है।
10वीं,11 वीं व 12 वीं शताब्दी के अवशेष, गोंगलई में एक खेत में बिखरे पड़े हैं
बालाघाट के मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत गोंगलई में एक किसान के खेत में दसवीं शताब्दी की भगवाने गणेश की प्रतिमा समेत अन्य देवी-देवीताओं की प्रतिमाओं के साथ ही 11 वीं, 12 वीं शताब्दी की महिला योद्धाओं की काले व लाल पत्थर की प्रतिमा के अवशेष बिखरे पड़े हैं। इन्हें सहेजने के लिए न तो प्रशासन व संग्रहालय और न ही ग्राम पंचायत स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे ये धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व की प्रतिमाएं दिन पर दिन जीर्ण-शीर्ण हो रही हैं।
इतिहास व पुरातत्व शोध संग्रहालय से मिली जानकारी के अनुसार सन 2011 में संग्रहालय की टीम गोंगलई से गुजर रही थी तब उन्हें जमीन में प्रतिमाएं खड़ी हुई दिखाई दी जिसके बाद उन्होंने खुदाई की तो भगवान गणेश की दसवीं शताब्दी की बड़ी प्रतिमा के साथ ही महिला योद्धाओं की प्रतिमाओं के अवशेष मिले थे। जिन्हें संग्रहालय में लाने के लिए तत्कालिन कलेक्टर के आदेश पर लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वे प्रतिमाओं को नहीं ला पाए थे। जिसके बाद से अब तक ये प्रतिमाएं खुले आसमान के नीचे खेत में ही पड़ी हुई हैं।
ग्रामीणों ने इसलिए किया था विरोध
गोंगलई के ग्रामीणों के अनुसार भगवान गणेश व देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के होने से गांव में किसी भी प्रकार की समस्याएं नहीं आती हैं। वहीं ग्रामीण अपने हर शुभ कार्यो की शुरुआत उक्त स्थान पर पूजा-अर्चना करते हैं, चाहे फसल को लगाने का कार्य हो या फिर फसल को काटने या फिर अन्य कार्यक्रम उक्त स्थान पर पूजा-अर्चना करने व माथा टेकने के बाद ही शुरु किए जाते हैं और कार्य समाप्त होने पर भी मंशानुसार विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है। वहीं ग्रामीणों को ऐसा मानना है कि जिस वक्त उन प्रतिमाओं को अधिकारी लोग आए थे तो वहां के नागदेवता ने ग्रामीणों को दर्शन देकर परेशान किया था। जिसके चलते ये डर है कि वह प्रतिमाएं ले ली जाएंगी तो गांव को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उज्जैन में बनी श्रील प्रभुपादजी की मूर्ति, इस्कॉन के मायापुर मुख्यालय में प्रतिष्ठित होगी
पश्चिम बंगाल के मायापुर में बन रहे विश्व के सबसे बड़े इस्कान मंदिर में उज्जैन में बनी श्रील प्रभुपादजी की मूर्ति प्रतिष्ठित होगी। श्रील प्रभुपादजी के साथ उनके चार गुरुओं की मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी। इन मूर्तियों की खास बात यह है कि यह सैंकड़ों साल तक खराब नहीं होती है। इन सभी मूर्तियों का नर्माण रियलस्टिक मूर्तिकार अमल भक्तदास प्रभुजी ने किया है।
उज्जैन के इस्काॅन मंदिर में विश्व का पहला रियलस्टिक मूर्ति निर्माण संस्थान है, जहां बनी हुई मूर्तियां देश विदेश के कोने-कोने में भेजी जाती हैं। इसका संचालन रियलस्टिक मूर्तिकार अमल भक्तदास प्रभु द्वारा किया जाता है। उनके हाथों के जादू का ही कमाल है कि मार्बल डस्ट से निर्मित मूर्तियां सजीव लगती हैं।
भक्तों को इन मूर्तियों को देखकर जीवंत होने का आभास होता है। यही कारण है कि देश और विदेश में कहीं भी श्रील प्रभुपादजी अथवा इस्कान के अन्य गुरुओं की मूर्ति प्रतिष्ठित करना हो, मूर्ति का निर्माण उज्जैन इस्कान मंदिर में ही होता है।















