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तीन मार्च को दिन में कैबिनेट बैठक, शाम को मंत्रियों को भोज देंगे मुख्यमंत्री

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भोपाल। तीन मार्च गुरुवार को शिवराज कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें वित्त विधेयक को मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार नौ मार्च को विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेगी। यह लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये का रहेगा। बैठक में इसके अलावा उद्योग, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देर शाम मंत्रियों को भोज भी देंगे। इसके पहले अनौपचारिक बैठक होगी। माना जा रहा है कि इसमें बजट सत्र की तैयारियों पर चर्चा होगी।

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कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री समाधान आनलाइन भी होगा, इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाले प्रोत्साहन राशि के गलत आहरण, विकास कार्यों के लिए दी गई राशि के दुरुपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट ली जाएगी।

इसके साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाले छात्रवृत्ति का भुगतान न होने, पुलिस द्वारा आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी न करने, पक्षकारों पर समझौता करने के लिए दबाव डालने जैसे मामलों की सुनवाई की जाएगी। इस बैठक के बाद देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रियों के भोज से पहले अनौपचारिक बैठक होगी। इसमें बजट सत्र की तैयारियों के अलावा संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

यूक्रेन में फंसे मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए भाजपा ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

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भोपाल। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों को लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए है। केन्द्रीय स्तर पर इस सारे अभियान का समन्वय पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े करेंगे। मध्यप्रदेश में पार्टी के प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी समन्वय करेंगे।

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केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के संंयुक्‍त प्रयास

पार्टी के प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन में फंसे मध्य प्रदेश के छात्रों और नागरिकों को वापस लाने के लिए केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार जुटी हुई है। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश भी इस अभियान से जुडी है। यूक्रेन में फंसे मध्यप्रदेश के छात्रों और नागरिकों के पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार पार्टी द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 18001207044 एवं 8770310660 पर कॉल करके जानकारी दे सकते हैं।

छात्रों और नागरिकों की जानकारी अधिकारियों को मुहैया कराई जाएगी

पार्टी के प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश यूक्रेन में फंसे हुए मध्यप्रदेश के छात्रों और नागरिकों की जानकारी भारत सरकार के अधिकारियों को मुहैया कराएगी। ताकि उन्हें जल्दी से जल्दी सकुशल वापस लाया जा सके। सारे कार्य के समन्वय के लिए पार्टी ने ट्विटर हेंडल र्ञॅयचहयच बनाया है।

बेनतीजा रही यूक्रेन-रुस की बातचीत

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यूक्रेन में रुसी सेना का हमला तेज हो गया है। खारकीव में रुसी मिसाइल के हमले में 11 नागरिकों की मौत हो गई। खारकीव के क्षेत्रीय गवर्नर ने ये जानकारी दी है। इससे पहले रुस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच बेलारूस की सीमा पर अहम बैठक हुई। इस बैठक में यूक्रेन ने रशिया के सामने बड़ी मांग रखते हुए कहा कि सबसे पहले रूस, यूक्रेन से अपनी सेना को वापस बुलाए। साथ ही ये भी मांग रखी गई कि रूस क्रीमिया और डोनबास से भी अपनी सेनाओं को वापस बुलाए।

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रुस किसी भी सूरत में यूक्रेन की मांग को माननेवाला नहीं है। खास तौर पर क्रीमिया के मुद्दे पर रुस से किसी समझौते की संभावना नहीं है। रुस ने 2014 में इसे अपने कब्जे में ले लिया था। अभी ये साफ नहीं हुआ है कि बदले में रुस ने यूक्रेन के सामने क्या मांगें रखी और उस पर यूक्रेन का क्या रुख है। आपको बता दें कि ये सारा विवाद इसीलिए खड़ा हुआ क्योंकि यूक्रेन ने रुस की मर्जी के खिलाफ नॉटो में शामिल होने को सहमति दे दी है। अगर यूक्रेन ऐसा नहीं करने का वादा करे, तो युद्ध फौरन समाप्त हो सकता है।
    • अमेरिका ने बेलारूस के मिंस्क में अपने दूतावास को बंद करने का फैसला किया है, और अपने राजनयिकों का वापस लौटने का निर्देश दिया है।
    • रूस ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का जवाब देते हुए ब्रिटेन (Britain) और जर्मनी (Germany) समेत 35 देशों के लिए अपना एयर स्पेस बंद कर दिया है।
    • रूस ने दावा किया किया है कि उसने यूक्रेन के तकरीबन 1000 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया गया है।
    • रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूसी विमानों ने यूक्रेन के पूरे हवाई क्षेत्र में मजबूती हासिल कर ली है।
    • रुस द्वारा किए गए ज़ाइटॉमिर ( Zhytomyr) हमले में Iskander मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। यह एयर स्ट्राइक बेलारूस की तरफ से छोड़ी गई थी। यानी बेलारूस ने रुस को युद्ध के लिए अपने इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है।
    • यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रशासन ने वीकेंड कर्फ्यू (Weekend Curfew) को हटा द‍िया है। यहां सभी छात्रों को कहा गया है कि वे रेल पकड़कर अपने आगे के सफर के लिए जाएं। सभी से पश्चिमी हिस्से की तरफ जाने को कहा गया है।
    • यूक्रेनी रेलवे फंसे छात्रों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन चला रही है, जिसमें कोई टिकट नहीं लिया जा रहा है। जो पहले पहुंच रहे हैं, उन्हें ट्रेन में जगह दी जा रही है।

काशी विश्वनाथ मंदिर मे महाशिवरात्रि से पहले 37 किलो सोने से चमक उठा

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वाराणसी. महाशिवरात्रि से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में 187 साल बाद एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. मंदिर के गर्भगृह में 37 किलो सोने की परत मढ़ी गई है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पहली बार स्वर्ण मंडन के कार्य पूर्ण होने के बाद गर्भगृह में जलाभिषेक किया. मंदिर में सोने से चमचमाती दीवारों और सीलिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चकित रह गए. मंदिर प्रशासन ने बताया कि अभी मंदिर में 37 किलो सोना लगाया है. वहीं 23 किलो सोना अन्य कार्यों में लगाया जाएगा.

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पीएम मोदी रविवार करीब 6 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में पहुंचे थे. इस दौरान अर्चक सत्यनारायण चौबे, नीरज पांडे और श्री देव महाराज ने बाबा का षोडशोपचार पूजन कराया. इस दौरान पीएम मोदी ने मंदिर में स्वर्ण कार्य को देखा. उन्होंने कहा कि विभिन्न देवताओं की आकृतियों की आभा स्वर्णमंडल के बाद और भी ज्यादा बढ़ गई है. गर्भ गृह सोने सा चमक उठा है. इस दौरान पीएम मोदी ने अर्चकों और अधिकारियों से इस अद्भुत कार्य को लेकर जानकारियां भी लीं. बताया जा रहा है कि महाशिवरात्रि से पहले बचा हुआ स्वर्णमंडन का भी पूर्ण कर लिया जाएगा.

पंजाब के तत्कालीन महाराजा रणजीत सिंह ने सन 1835 में विश्वनाथ मंदिर के दो शिखरों पर स्वर्णमंडन का कार्य कराया था. बताया जाता है कि उस वक्त साढ़े 22 मन सोने से कार्य कराया गया था. इसके बाद कई बार सोने मढ़ने का कार्य प्रस्तावित हुआ था. लेकिन, किसी ना किसी कारण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया. पिछले डेढ़ महीने पहले एक भक्त ने मंदिर में सोना लगवाने की इच्छा जताई. मंदिन प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद इस पर कार्य शुरू कर दिया गया. एक महीने बाद शुक्रवार को सोना लगाने का कार्य शुरू हुआ. मंदिर प्रशासन की ओर से गर्भगृह के अंदर सोने लगाने का आधा काम पूर्ण कर लिया है. वहीं, बचा हुआ काम शीघ्र ही पूरा किया जाएगा.

बेलारूस की सीमा पर पहुंचा यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल

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रुस और यूक्रेन के बीच युद्ध लंबा चलेगा या खत्म होगा, इसका फैसला कुछ ही घंटों में आनेवाला है। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल बेलारूस (Belarus) की सीमा पर पहुंच गये हैं, जहां उनकी रुसी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत होगी। ये ऐतिहासिक बातचीत भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 3:30 बजे शुरु होगी। इस बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि रुस कितना झुकने को तैयार है और युक्रेन को नॉटो में शामिल नहीं होने की स्थिति में सुरक्षा संबंधी क्या गारंटी ऑफर करता है। ये सारा विवाद इसीलिए खड़ा हुआ क्योंकि यूक्रेन ने रुस की मर्जी के खिलाफ नॉटो में शामिल होने को सहमति दे दी। अगर यूक्रेन ऐसा नहीं करने का वादा करता है, तो युद्ध फौरन समाप्त हो सकता है।

  • रूस ने दावा किया किया है कि उसने यूक्रेन के तकरीबन 1000 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया गया है।
  • रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूसी विमानों ने यूक्रेन के पूरे हवाई क्षेत्र में मजबूती हासिल कर ली है।
  • रुस द्वारा किए गए ज़ाइटॉमिर ( Zhytomyr) हमले में Iskander मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। यह एयर स्ट्राइक बेलारूस की तरफ से छोड़ी गई थी। यानी बेलारूस ने रुस को युद्ध के लिए अपने इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है।
  • यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रशासन ने वीकेंड कर्फ्यू (Weekend Curfew) को हटा द‍िया है। यहां सभी छात्रों को कहा गया है कि वे रेल पकड़कर अपने आगे के सफर के लिए जाएं। सभी से पश्चिमी हिस्से की तरफ जाने को कहा गया है।
  • यूक्रेनी रेलवे फंसे छात्रों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन चला रही है, जिसमें कोई टिकट नहीं लिया जा रहा है। जो पहले पहुंच रहे हैं, उन्हें ट्रेन में जगह दी जा रही है।
  • भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ (Operation Ganga) चला रही है। इस ऑपरेशन में अब तक 2000 से ज्यादा छात्रों को यूक्रेन से निकाला जा चुका है।

RBI ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा

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नई दिल्ली  : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का रेट-सेटिंग पैनल रूस-यूक्रेन संघर्ष के मद्देनजर भू-राजनीतिक रिस्क के बावजूद अपने उदार रुख को जारी रखेगा और ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखेगा। अर्थशास्त्रियों के कहना है कि आरबीआई के इस साल के अंत में ही मौद्रिक नीति को कड़ा करना शुरू करने की उम्मीद है, और फरवरी की शुरुआत में हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पिछली बैठक के बाद से भू-राजनीतिक स्थिति में बदलाव हुआ है लेकिन आरबीआई दरों में कोई तत्काल परिवर्तन नहीं करेगा। पिछले हफ्ते यूक्रेन पर रूस के हमले ने वैश्विक और घरेलू बाजारों में उथल-पुथल ला दिया दिया और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे मुद्रास्फीति की आशंका बढ़ गई है।

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दुनिया के दूसरे केंद्रीय बैंक बढ़ा चुके हैं दरें
आश्चर्यजनक कदम के रूप में, मौद्रिक नीति पैनल ने अपनी फरवरी की बैठक में नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने महामारी के बाद मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए दरें बढ़ाईं हैं। अन्य केंद्रीय बैंकों के उलट आरबीआई के दर न बढ़ने का कारण है कि भारत की मुद्रास्फीति का चरित्र अन्य अर्थव्यवस्थाओं से थोड़ा अलग है। हालांकि, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक में कहा था कि चूंकि अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति के शांत होने की उम्मीद है, इसलिए मौद्रिक नीति में समायोजन की गुंजाइश रहेगी। बार्कलेज के अर्थशास्त्रियों ने 24 फरवरी को ग्राहकों को लिखे एक नोट में कहा, “हम दोहराते हैं कि मुद्रास्फीति पर इस तरह के संदेश के बाद आरबीआई की निकट अवधि में दरों में बढ़ोतरी की परिकल्पना कर पाना मुश्किल हो जाता है।”

बैंकों का अनुमान रेट बढ़ने में होगी देरी
बार्कलेज ने कहा कि आरबीआई नीति सामान्यीकरण का केवल एक क्रमिक मार्ग पसंद करेगा। बार्कलेज ने कहा, “आरबीआई अगले छह महीनों में पॉलिसी कॉरिडोर को सामान्य करने का विकल्प चुन सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि रेपो दर में बढ़ोतरी केवल Q3 2022-अगस्त की बैठक से शुरू होगी और इसमें और देरी संभव है।” एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, पॉलिसी निर्माता ब्याज दर के जरिये तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं। एमपीसी की बैठक में कठोर नीति संकेत और आम तौर पर सुस्त मिनटों का मतलब है कि आरबीआई नीति परिवर्तन पर धीमा हो जाएगा। हम अपने विचार को बनाए रखते हैं कि आरबीआई के हाथ में कुछ नीतिगत लचीलापन है, जो रेपो दर में बढ़ोतरी में देरी कर सकता है।

आपूर्ति के कारण घरेलू मुद्रास्फीति पर असर
पिछले कुछ समय से, आरबीआई ने माना है कि आपूर्ति की बाधाएं घरेलू मुद्रास्फीति पर असर डाल रही हैं और जब अड़चनें कम होंगी, तो मुद्रास्फीति की गति कम हो जाएगी। फरवरी की बैठक में, दास ने एक बार फिर कहा कि भारत में मुद्रास्फीति का दबाव काफी हद तक आपूर्ति-पक्ष कारकों से उत्पन्न होता है। इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए, डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि महामारी की मुद्रास्फीति अधिक मांग से नहीं बल्कि आपूर्ति की बाधाओं से प्रेरित है। दूसरों का मानना ​​​​है कि पिछले 15 दिनों में स्थिति में बदलाव को देखते हुए, केंद्रीय बैंक के लिए कार्य करने का समय आ गया है। इसके अलावा, यह देखते हुए कि भारत अपनी तेल की मांग का 85% आयात के माध्यम से पूरा करता है, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि मुद्रास्फीति को बढ़ावा देगी।

‘यहां से मेरा भावुक रिश्ता, उज्ज्वला को बलिया ने दिशा दिखाई थी’- पीएम

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बलिया। पूर्वांचल के बलिया जिले में छठवें चरण में तीन मार्च को मतदान होना है। इस लिहाज से बलिया जिले में सियासी घमासान पूर्वांचल के अन्‍य जिलों की अपेक्षा अधिक है। सोमवार को बलिया जिले में पीएम नरेन्‍द्र मोदी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को बलिया दोपहर बाद भाजपा के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे। प्रधानमंत्री शहर से सटे माल्देपुर गांव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे तो लोगों ने नारे लगाकर उनका स्‍वागत किया।

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पीएम का हेलीकाप्टर दोपहर करीब तीन बजे हेलीपैड पर उतरा तो पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्‍वागत किया। वहीं मंच पर पीएम पहुंचे तो जन समूह का हाथ उठाकर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री का दोपहर बाद मंच पर आगमन हुआ तो पहले सभी का अभिवादन किया, उसके बाद जनता का अभिवादन कर उनको प्रणाम किया। इस दौरान मंच पर पार्टी की ओर से उम्‍मीदवार भी मौजूद रहे। दरअसल जिस मैदान पर पीएम नरेन्‍द्र मोदी की जनसभा थी वहीं से उन्‍होंने उज्‍जवला योजना की शुरुआत की थी।

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि बागी बलिया की मिट्टी में देशभक्ति की खुशबू है। आपका आशीर्वाद मैं विकास करके लौटाऊंगा। यह चंद्रशेखर जी की धरती है। उत्तर प्रदेश में पांच चरण के चुनाव हो चुके हैं। पश्चिम से पूरब तक यूपी की जनता ने घोर परिवारवाद को नकार दिया है। विकास के हाइवे पर रफ्तार भर ली है। बलिया, पूर्वांचल व यूपी का विकास मेरा कर्तव्य और प्राथमिकता है। यूपी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं गरीब की सेवा करने का मैं संकल्प लेकर चल पड़ा हूं। विकास के हर काम पर ध्यान दिया जा रहा है। परिवार वादियों ने यूपी की कानून व्यवस्था को बर्बाद कर दिया था। बलिया के कारोबारी का पैसा गुंडे छीनकर ले जाते थे। अब करोबार सुरक्षित है। महिलाओं को गुंडे बदमाशों का डर नहीं है। परिवार वादियों ने सिर्फ अपनी तिजोरी भरी, विकास पर ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकार ने बीते पांच वर्ष में कई नई सड़के बनाई है।

बिजली सप्लाई में बहुत पक्षपात होता था। यहां के लोगों का दर्द मैं समझता हूं। आज बलिया में ज्यादा बिजली आ रही है। आपके प्यार का कर्ज मैं कभी उतार नहीं सकता है। बलिया से मेरा भावुक रिश्ता है। उज्ज्वला को दिशा इसी बलिया ने दिखाई थी। सरकार गर्भवती माताओं के लिए मातृ वंदना योजना चला रही है। 10 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। गरीबों व दलितों के बच्चों के लिए स्कालरशिप बढ़ाई गई है। हमारी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। कौशल विकास योजना से ट्रेनिंग दी जा रही है। गांव व गरीब के युवाओं को बिना गारंटी बैंक से मदद देने का काम किया है। मुद्रा योजना का लाभ गरीब बेटियों को अधिक मिला है।

गरीब के पास पक्का घर हो इसके लिए पीएम आवास योजना शुरू की है। यूपी में 34 लाख पक्के घर गरीबों को बनाकर दिए गए हैं। बीमारी के लिए गरीब का साथी बनी हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से पांच लाख के मुफ्त इलाज की सुविधा दी गयी है। आजादी के इतने साल के बाद गरीब माताओं की मदद करनी चाहिए। भाजपा की सरकार मदद में जुटी है। पांच लाख तक के बीमारी के लिए खर्च मोदी ने उठाना तय किया है। सरकार ने हर जिले में जन औषधि की दुकान खोली है, ताकि गरीबों को सस्ते दर पर दवाएं मिल सके। देश मे किसानों की बात करने वाले बहुत हो गए हैं।

छोटे किसानों की बात कोई नहीं करता है। इनकी चिंता कौन करेगा। मैं जब तक आपकी सेवा करता रहूंगा, मैं आपका विकास करता रहूंगा।  पहले घर के पैसे भी गरीबों को देने के लिए तैयार नहीं थे। जो विकास के रोड़े अटकाते हैं, उन्हें सरकार में मत लाना। 10 मार्च को फिर भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश में बनने जा रही है। हम यह नहीं देखते की कौन किस जाति का है। सबको उसका हक दिया जाता है। कोरोना संकट से हर देश जूझ रहा है। इस महामारी से सरकार लड़ रही है। 15 करोड़ गरीबों को सरकार ने मुफ्त राशन दिया है। इस मुसीबत में गरीब के बच्चों को भूखा नहीं सोना पड़े। आज वैक्सीन यूपी के करोड़ों लोगों का जीवन बचा रही है। टीका के लिए किसी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। बलिया व पूर्वांचल के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी है। घोर परिवार वादियों को पटखनी देनी है।

टीम इंडिया की मध्यक्रम समस्या श्रेयस-जडेजा ने सुलझाई

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भारत और श्रीलंका के  बीच टी-20 सीरीज खत्म हो चुकी है। टीम इंडिया ने 3-0 के अंतर से सीरीज जीतकर लगातार 12वां टी-20 अपने नाम किया है। वर्ल्डकप की तैयारियों के मद्देनजर यह सीरीज बेहद अहम थी और रोहित को कई सवालों के जवाब मिल चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले वर्ल्डकप के लिए भारत की टीम ‘बी’ भी पूरी तरह से तैयार है। इसके बावजूद रोहित और द्रविड़ को कुछ अहम बिंदुओं पर काम करना होगा और वर्ल्डकप से पहले भारतीय टीम को पूरी तरह से तैयार करना होगा।

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श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारत ने दो मैच लक्ष्य का पीछा करते हुए जीते। वहीं पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ बड़ा लक्ष्य खड़ा करके जीता था। इससे यह साफ होता है कि भारत को लक्ष्य का पीछा करने या पहले बल्लेबाजी करने में समस्या नहीं है, लेकिन खराब फील्डिंग और ओपनिंग जोड़ी पर काम करना जरूरी है।

मध्यक्रम की समस्या सुलझी

भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। इस वजह से टीम इंडिया के शुरुआती विकेट गिरते ही पूरी टीम दबाव में आ जाती थी और मैच हार जाती थी। इस सीरीज में ऐसा नहीं हुआ। तीनों मैचों में रोहित या किशन सस्ते में आउट हुए, लेकिन श्रेयस और जडेजा ने आकर पारी को संभाला। दूसरे  मैच में संजू सैमसन ने भी मध्यक्रम में अहम योगदान दिया। इसी वजह से भारत ने तीनों मैच आसानी से जीते। सभी मैचों में मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। इससे  पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी भारत के मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और वेंकेटेश अय्यर ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

हार्दिक का विकल्प मिला

वेंकटेश अय्यर हार्दिक पांड्या के विकल्प के रूप में खुद को स्थापित कर रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले अय्यर को इस सीरीज में ज्यादा मौके नहीं मिले। सिर्फ आखिरी मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिला और इसमें वे कुछ खास नहीं कर सके। वहीं गेंद के साथ उन्होंने पहले मैच में दो विकेट चटकाए थे। फील्डिंग के दौरान भी अय्यर ने अच्छा प्रदर्शन किया। खेल के तीनों विभाग में अय्यर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है।
भारत की टीम ‘बी’ तैयार

इस सीरीज में विराट कोहली, ऋषभ पंत और लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ी नहीं खेल रहे थे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने सभी मैच बड़े अंतर से जीते। इसमें खास बात यह थी कि हर मैच में श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन, ईशान किशन और आवेश खान जैसे खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिनकी जगह टीम में पक्की नहीं है। इससे यह बात साफ होती है कि भारत की टीम ‘बी’ तैयार है और वर्ल्डकप के दौरान किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उनकी जगह नए खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।
ओपनिंग जोड़ी बनी नई समस्या
भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी नई परेशानी बन चुकी है। कप्तान रोहित शर्मा भी लय में नहीं दिख रहे हैं और पिछले कई मैचों से वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। वहीं उनके ओपनिंग जोड़ीदार लगातार बदल रहे हैं। रोहित के साथ राहुल भारत के प्रमुख ओपनर हैं, लेकिन पिछले कुछ मैचों में रोहित ने ईशान किशन, संजू सैमसन और वनडे में तो पंत के साथ भी ओपनिंग की है। ऐसे में भारत को जल्द ही अपनी ओपनिंग जोड़ी तय करनी होगी और अच्छे तरीके से पारी की शुरुआत करनी होगी।

फील्डिंग में सुधार की जरूरत
पिछले दो सीरीज से भारत की फील्डिंग खराब रही है। टीम इंडिया इस दौरान सभी मैच जीती और गेंदबाजों ने विकेट भी निकाले। इससे खराब फील्डिंग की कमजोरी सामने नहीं आ रही है। भारत की पिछली दो सीरीज वेस्टइंडीज और श्रीलंका जैसी टीम के खिलाफ रही है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के खिलाफ कैच छोड़ने पर भारतीय टीम को दूसरा मौका नहीं मिलेगा।

यूक्रेन के मुद्दे पर पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग

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रुस और यूक्रेन के बीच युद्ध जितना लंबा खिंच रहा है, भारतीय नागरिकों और देश के नेताओं की चिंता उतनी ज्यादा बढ़ती जा रही है। युद्ध के खतरे को देखते हुए यूक्रेन में फंसे 15000 के करीब भारतीय नागरिकों को निकालना और मुश्किल होता जा रहा है। साथ ही उनके लिए खतरा भी बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन और रूस के बीच खतरनाक होते युद्ध को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के दौरे को बीच में ही छोड़ दिया है। दिल्‍ली पहुंचते ही उन्होंने यूक्रेन संकट पर हाई लेवल मीटिंग ली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।

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अभी भी भारत के करीब 15000 छात्र और नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उधर, भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि हमने अपने मास्को दूतावास से लोगों की एक टीम को वहां भेजा है ताकि उस क्षेत्र की मैपिंग हो जाए और ट्रांसपोर्ट का, खाने का, रहने का इंतजाम किया जाए। उन्होंने कहा भारत सरकार ने अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया है। भारतीय दूतावास ने पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाक रिपब्लिक की सीमाओं पर क्रॉसिंग प्वाइंट तय किये हैं, ताकि यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को जमीनी रास्ते से निकाला जा सके। इसके अलावा भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24 घंटे चलनेवाले कंट्रोल सेंटर बनाये गये हैं।

विदेश सचिव ने बताया कि अब पड़ोसी देशों के ज़रिये, यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर हमारे विदेश मंत्रालय के अधिकारी मौजूद हैं। बॉर्डर के आस-पास लोगों के ठहरने के लिए कुछ शेल्टर भी तैयार किए गए हैं। हमारी कोशिश है कि सभी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने परमाणु दस्ते को किया अलर्ट

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रूसी सेनाओं और यूक्रेन (Ukraine) के बीच घमासान जंग जारी है। इस बीच NATO देशों के युद्ध में दखल दिये जाने की आशंका को लेकर रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने रूसी परमाणु निवारण फोर्स (Nuclear Deterrence Force) को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। यानी पुतिन ने सीधे तौर पर विश्व समुदाय को चेतावनी दी है कि अगर किसी ने यूक्रेन मामले में दखल दी, तो वो परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेंगे। विश्व इतिहास में पिछले कई दशकों से ये पहला मौका है, जब किसी देश ने खुले तौर पर परमाणु हमले की धमकी दी हो। यूक्रेन पर हमले से पहले भी व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया के सभी देशों को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने दखल देने का प्रयास किया तो ये जंग परमाणु युद्ध में बदल सकता है।

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अगर रूसी सेना पर यूक्रेन के बाहर की ताकतों की ओर से हमला किया जाता है, तो रूस परमाणु हथियारों की तैनाती कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति ने हमले के बाद अपने भाषण में साफ चेतावनी दी थी – ‘किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हमारे देश पर सीधा हमला किसी भी संभावित हमलावर के लिए विनाश और भयानक परिणाम का कारण बनेगा.’

पीएम मोदी ने बुलाई बैठक

यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के दौरे को बीच में ही छोड़ दिया है। दिल्‍ली पहुंचते ही वह यूक्रेन संकट पर हाई लेवल मीटिंग करेंगे। बता दें कि दोनों देशों के बीच पिछले चार दिनों से जंग जारी है। अभी भी भारत के करीब 15000 छात्र और नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं।

भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि हमने अपने मास्को दूतावास से लोगों की एक टीम को वहां भेजा है ताकि उस क्षेत्र की मैपिंग हो जाए और ट्रांसपोर्ट का, खाने का, रहने का इंतजाम किया जाए। उन्होंने कहा भारत सरकार ने अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया है। 4 हज़ार लोग पहले ही निकाल लिये गये थे। अब पड़ोसी देशों के ज़रिये लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर हमारे विदेश मंत्रालय के अधिकारी मौजूद हैं। बॉर्डर के आस-पास लोगों के ठहरने के लिए कुछ शेल्टर भी तैयार किए गए हैं। हमारी कोशिश है कि सभी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।