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किसान गोबर-गौमूत्र की खाद का उपयोग करें, धरती और मनुष्य की सेहत सुधरेगी – सीएम शिवराज

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भोपाल । प्रदेश में मसाला खेती को बढ़ावा देने के लिए बुरहानपुर में रविवार को आयोजित मसाला खेती की कार्यशाला का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने किसानों से गोबर एवं गौमूत्र की खाद और कीटनाशक का उपयोग करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ धरती, बल्कि मनुष्य की सेहत भी सुधरेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती को अपनाएं। इसके कई फायदे हैं। उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि मसाला फसलों के उत्पादन में भी बुरहानपुर ने अलग स्थान बनाया है। यहां अब हल्दी, अदरक, धनिया, प्याज का भी बड़ी मात्रा में उत्पादन हो रहा है। मध्य प्रदेश कृषि के क्षेत्र में नित नए रिकार्ड स्थापित कर रहा है। आपको यह बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि इस साल मध्य प्रदेश की विकास दर हिन्दुस्तान के राज्यों में सबसे ज्यादा 19.7 प्रतिशत है। इसमें सबसे बड़ा योगदान कृषि का है। उन्होंने जिले की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा अब आपको घर के बाहर पानी लेने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। बुरहानपुर जिले के लगभग हर गांव एवं घर में हमने नल से जल पहुंचा दिया है।

इंदौर-गोंदिया-हैदराबाद फ्लाइट का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने रीवा रवाना होने से पहले अपने सरकारी आवास से इंदौर-गोंदिया-हैदराबाद फ्लाइट का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश को अनेक सौगात दी हैं। आज की फ्लाइट विशेष है, क्योंकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को जोड़ रही है।

शत्रुघ्न सिन्हा और बाबुल सुप्रियो को TMC ने दिया टिकट

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बंगाल##   पश्चिम बंगाल में होने वाले उप-चुनावों के लिए सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। कभी भाजपा में रहे गुजरे जमाने के अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को उपचुनाव के लिए तो बाबुल सुप्रियो को विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट दिया गया है। खुद ममता बनर्जी ने ट्वीट कर इसका ऐलान किया है। शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से लोकसभा उपचुनाव लड़ेंगे, जबकि बाबुस सुप्रियो बालीगंज से चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है। बता दें, पश्चिम बंगाल के साथ ही छत्तीसगढ़, बिहार और महाराष्ट्र की विभिन्न सीटों पर उपचुनाव का ऐलान किया जा चुका है। चुनाव आयोग के मुताबिक, यहां 12 अप्रैल 2022 को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 16 अप्रैल 2022 को होगी।

By-Polls 2022: बाबुल सुप्रीयो के कारण खाली हुई आसनसोल सीट

बता दें, पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बाबुल सुप्रियो आसनसोल के सांसद थे, लेकिन चुनाव बाद भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गए। इस कारण उन्हें संसद की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा। इस वजह से उपचुनाव हो रहा है। वहीं बालीगंज विधानसभा सीट टीएमसी विधायक सुब्रत मुखर्जी की मृत्यु के बाद खाली हुई थी, जिनका पिछले साल 4 नवंबर को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। मुखर्जी ममता बनर्जी कैबिनेट में एक प्रमुख मंत्री थे।

शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा छोड़ा थामा था कांग्रेस का दामन

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से शत्रुघ्न सिन्हा उखड़े-उखड़े चल रहे थे। वे पार्टी विरोध बयानबाजी कर रहे थे। मार्च 2019 में उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था। तब भाजपा ने उन्हें लोकसभा टिकट देने से इन्कार कर दिया था।

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में चुनावी हार के कारणों पर गंभीर मंथन

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नई दिल्ली##  विधानसभ चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर शुरु हो गया है। दिल्ली में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में 5 राज्यों में पार्टी को मिली हार की वजहों और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद थे। इनके अलावा बैठक में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, हरीश रावत, राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी जैसे कई नेता शामिल हुए। इनके अलावा अधीर रंजन चौधरी, देवेंद्र यादव आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह, अजय माकन और गुलाम नबी आज़ाद जैसे पुराने नेता भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर ठोस चर्चा हुई।

बैठक से पहले अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन करते हुए कहा कि राहुल गांधी अकेले व्यक्ति हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरे दमखम से मुकाबला कर कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में चुनावी हार का ‘पोस्टमॉर्टम’ होगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

कांग्रेस के ज्यादातर नेता गांधी परिवार की गुड बुुक में बने रहने के लिए हर हाल में गांधी परिवार के ही किसी सदस्य को नेतृत्व सौंपने के पक्ष में हैं। लेकिन वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का बड़ा वर्ग मानता है कि एक जुझारु, परिपक्व और जनाधार वाले नेता को कांग्रेस की बागडोर सौंपा जाना चाहिए, ताकि इसकी डूबती साख को बचाया जा सके। लेकिन इसकी उम्मीद कम ही है क्योंकि चापलूसी के घुन ने कांग्रेस को इस कदर खोखला कर दिया है कि पार्टी इसके दबाव से उबर पाने में सक्षम नहीं दिखती।

पीएम मोदी की उच्च स्तरीय बैठक मे निर्णय लिया की भारतीय दूतावास पोलैंड में शिफ्ट होगा

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यूक्रेन में रूस के हमले लगातार जारी हैं और राजधानी कीव में आम नागरिकों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए भारत ने यूक्रेन में स्थित अपने दूतावास को अस्थायी रुप से पोलैंड शिफ्ट करने का फैसला लिया है। युद्ध की प्रगति के साथ ही इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। आपको बता दें कि रूस लगातार यूक्रेन के अलग-अलग शहरों को निशाना बना रहा है। रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव पर दबदबा बनाने के लिए भारी संख्या में यहां जमा हो चुके हैं और कीव पर लगातार गोले बरसा रहे हैं।

पीएम मोदी की समीक्षा बैठक

यूक्रेन में चल रहे युद्ध को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सुरक्षा तैयारियों और मौजूदा वैश्विक परिदृश्य की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए। उनके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पीएम मोदी ने जोर दिया कि यूक्रेन में मारे गये भारतीयों के शव को वापस लाने को प्राथमिकता दी जाए।

यूक्रेन में युद्ध के ताजा हालात

    • यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा है कि रूसी सेना ने एक और यूक्रेनी मेयर, निप्रोरुडने येवेन माटेयेव के प्रमुख का अपहरण कर लिया।
    • यूक्रेन के लवीव क्षेत्र के गवर्नर का कहना है कि एक सैन्य रेंज पर रूसी हवाई हमले में नौ लोगों की मौत हो गई है और 57 लोग घायल हुए हैं।

पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात करीब दो घंटे चली

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दिल्ली ## उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) रविवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया। पार्टी के तमाम नेताओं से मुलाकात के बाद शाम 5 बजे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। करीब पौने दो घंटे चली मुलाकात के बाद योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री आवास से बाहर निकले। पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से इस मुलाकात का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई और उन्हें इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी।

योगी आदित्यनाथ इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों के दौरान शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर भी चर्चा की जाएगी। भाजपा ने 5 में से चार राज्यों में अपनी सत्ता कायम रखी है, लेकिन यूपी ही ऐसा राज्य है जहां सीएम पद को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ है।

यूपी में चार डिप्टी सीएम बनाए जाने पर विचार हो रहा है। ये हैं- बेबी रानी मौर्य, ब्रजेश पाठक, स्वतंत्रदेव सिंह और केशव प्रसाद मौर्य। चुनाव में हार के बावजूद केशव प्रसाद मौर्य को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी को लगता है कि 2024 के विधानसभा चुनावों में इसका फायदा मिल सकता है। वहीं दिनेश शर्मा को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। स्वतंत्रदेव सिंह अभी प्रदेश पार्टी अध्यक्ष हैं और जीत में उनका भी अहम योगदान रहा है।

योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री सुनील बंसल, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह भी रविवार को दिल्ली में ही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने योग्यता, जाति और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर संभावित उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की एक बुनियादी सूची तैयार की है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व का होगा।

विद्यार्थी अब कालेज से जुड़ी समस्याओं को सीधे पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे

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भोपाल। प्रदेश के सभी कालेजों में पढ़ने वाले करीब 18 लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ी सहूलियत दी है है। विद्यार्थी अब अपने कालेज से जुड़ी समस्याओं या शिकायतों को उच्‍च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर खुद ही दर्ज करा सकते हैं। कालेज प्राचार्य या प्रबंधन उनके खिलाफ बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं कर सके, इसके लिए विद्यार्थियों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। यहीं नहीं, विद्यार्थी अपने कालेजों में होने वाले उल्लेखनीय कार्यों को इवेंट्स के बारे में भी पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे। यहां तक कालेज में फैली अव्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के लिये विद्यार्थी अपने सुझाव भी दे सकते हैं, जिससे कालेजों के वातावरण में सुधार हो सकेगा। विद्यार्थी परीक्षा से संबंधित समस्या हो या रिजल्ट को लेकर सभी की शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। इससे प्रदेश के सभी सरकारी कालेजों की समस्याएं दूर होंगी।

विश्वविद्यालयों में दो साल बाद भी नियुक्त नहीं हो सके परीक्षा नियंत्रक

प्रदेश के विश्वविद्यालयों में करीब दो सालों से परीक्षा नियंत्रकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उच्च शिक्षा विभाग भी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रकों को नियुक्त नहीं कर सका है, जबकि दो साल पहले तत्कालीन राज्यपाल लालजी टंडन ने कुलपतियों और विभाग को परीक्षा नियंत्रकों को नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। विभाग दो साल में सिर्फ आवेदन ही जमा करा सका है। कई विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रक प्रभारी की भूमिका में हैं। वहीं कई जगह परीक्षा नियंत्रक के पद पर प्रोफेसर पदस्थ हैं। प्रदेश के विवि बिना परीक्षा नियंत्रक के कार्य कर रहे हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में विनय श्रीवास्तव को प्रभारी परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लाकडाउन और जनता कर्फ्यू ने परीक्षा के सिस्टम को पूरा चकना चूर कर दिया है। प्रदेश के सभी विवि परीक्षा और रिजल्ट को लेकर सुधारने में लगे हुए हैं। परीक्षाओं के रिजल्ट में हुई लेटलतीफी के चलते विभाग प्रदेश के सभी को नोटिस तक दे चुका है। इसके जवाब में विवि सिर्फ अपनी तरफ से सफाई ही दे सके हैं। यहां तक कि उन्होंने परीक्षा नियंत्रक के अभाव में विवि परीक्षा और रिजल्ट से भी जारी कर रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक नहीं होने से परीक्षाओं में भी गड़बड़ी सामने आती है।

बंगाल-छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों में चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की

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उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव खत्म हो गए। अब चुनाव आयोग उपचुनाव पर फोकस कर रहा है। आयोग ने आज (शनिवार) पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार और महाराष्ट्र में उपचुनावों की तारीखों का ऐलान किया है। सभी उपचुनाव के रिजल्ट 16 अप्रैल को आएंगे।

इन सीटों पर होगा उपचुनाव

इलेक्शन कमीशन के अनुसार बंगाल की आसनदोल संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव होगा। यहां बाबुल सुप्रियो सांसद थे, लेकिन भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गए। जिस कारण उन्हें संसद की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा। इस वजह से उपचुनाव हो रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल की बालीगंज, छत्तीसगढ़ की खैरागढ़, बिहार की बोचहां और महाराष्ट्र की कोल्हापुर उत्तर में उपचुनाव होंगे।

    • नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख : 17 मार्च 2022
    • नामांकन की आखिरी तिथि : 24 मार्च 2022
    • नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख : 28 मार्च 2022
    • मतदान की तिथि : 12 अप्रैल 2022
    • मतगणना की तारीख : 16 अप्रैल 2022

दो साल से बढ़ाकर तीन साल की शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता

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भोपाल । तीन साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित शिक्षकों को अब राहत मिलेगी। मप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता को शासने दो से बढ़ाकर तीन साल कर दिया है। अब इससे एक साल का फायदा चयनित शिक्षकों को मिल गया। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के राजपत्र में प्रकाशित भी कर दिया गया है। ऐसे में उच्च माध्यमिक व माध्यमिक शिक्षक भर्ती के लिए उत्तीर्ण चयनित शिक्षकों को एक साल का फायदा मिल जाएगा। अभी हाल में कुछ दिन पहले चयनित शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का घेराव किया था। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें यह कह दिया था कि उनकी पात्रता की वैधता पिछले साल खत्म हो चुकी है। इससे करीब 18 हजार चयनित शिक्षक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से परेशान हो रहे थे।

इस संबंध में विभाग ने प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा था। भर्ती के लिए नियमावली के अनुसार परीक्षा का रिजल्ट आने के डेढ़ साल तक पात्रता की वैधता रहती है। शासन चाहे तो इसे छह माह तक बढ़ा सकती है। पात्रता परीक्षा का रिजल्ट अगस्त 2020 में आया था। इस कारण इनके नियुक्ति का मामले को विभाग खत्म कर चुका था। उनके पात्रता की वैधता 28 दिसंबर 2021 को समाप्त हो गई थी। बता दें, कि 2018 में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड(पीईबी) ने उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 30 हजार पदों के लिए आयोजित की थी। कोविड के कारण दो साल से नियुक्ति प्रक्रिया लटकी रही।

इसमें से 12,043 चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। अब भी करीब 18 हजार चयन शिक्षक इंतजार में थे। चयनित शिक्षक अमन मालवीय ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की पात्रता की वैधता 28 दिसंबर 2021 को समाप्त हो रही थी। अभी तक यह वैधता दो साल के लिए थी। अब इसे शासन ने एक साल और बढ़ा दिया है। इससे चयनित अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं चयनित अभ्यर्थी अमित गौतम ने कहा कि शासन के इस निर्णय से चयनित शिक्षकों को राहत मिली है। सरकार और विभाग को शीघ्र नियुक्ति प्रदान कर देनी चाहिए।

खेल महाकुंभ 2022 का शुभारंभ – पीएम नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिन के दौरे पर हैं। अपने दौरे के आखिरी दिन शनिवार को अहमदाबाद में रोड शो किया। राजभवन से सरदार पटेल स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने एक समारोह में खेल महाकुंभ 2022 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देता हूं। कोरोना महामारी के कारण दो वर्ष तक खेल महाकुंभ पर ब्रेक लगा था। सीएम भूपेंद्र ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को शुरू किया। उसने युवाओं में एक नया जोश भर दिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे सामने युवा जोश का ये सागर है। ये उमंग बता रही हैं कि गुजरात का नौजवान आसमान छुने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, 12 साल पहले मुख्यमंत्री के नाते मैंने खेल महाकुंभ की शुरुआत की थी। आज मैं कह सकता हूं कि जिस सपने को बीज मैंने बोया था। आज वो वट वृक्ष का आकार लेते दिख रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या कहा

– 2010 में पहले खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था।

– खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स समेत कई वैश्विक खेलों में देश और गुजरात के युवा जलवे दिखा रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से निकलने वाली हैं।

– खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी बड़ा फैक्टर थी। सारी प्रतिभा परेशानी जूझने में निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर युवा आकाश छू रहे हैं। सोना और चांदी की चमक देश के आत्मविश्वास को चमका रही है।

– दुनिया का सबसे युवा देश खेल के मैदान में एक ताकत बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 7 मेडल पहली बार जीते हैं। यह रिकॉर्ड पैरालंपिक में भी बनाया है।

– लाखों युवाओं के सामने हिम्मत के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी।वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई गोल्ड एक साथ जीतने वाले देशों में हिंदुस्तान का तिरंगा भी लहराता होगा।

– यूक्रेन से नौजवान युद्ध के मैदान से वापस आये हैं। उन्होंने बताया कि तिरंगे की आन, बान, शान क्या होती है। ये हमने यूक्रेन में अनुभव किया है।

दो साल पहले थाना शाहपुरा क्षेत्र में नेत्रहीन महिला के साथ बलात्‍कार करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा

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माननीय न्‍यायालय यतेश सिसोदिया अपर सत्र न्‍यायाधीश विशेष जिला भोपाल के न्‍यायालय ने दिनाक 11/03/2022 को प्रकरण क्रमांक 501/2020 में थाना शाहपुरा जिला भोपाल के अपराध क्रमांक  196/20 धारा 376(2)एल, भादवि में निर्णय पारित करते हुए। आरोपी शाहूलाल कोल को प्रकरण में 376(2)एल, भादवि 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000रू अर्थदण्‍ड, धारा 450 भादवि में 7 वर्ष  वर्ष सश्रम कारावास व 1000रू अर्थदण्‍ड, धारा 92ख निशक्‍त अधिकार अधि. 2016 में 3 वर्ष सश्रम कारावास व 500रू अर्थदण्‍ड, अर्थदण्‍ड की राशि ना अदा करने पर 1-1 माह का अतिरिक्‍त सश्रम कारावास भुगताये जाने का भी आदेश दिया गया है। उक्‍त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी आर. के. खत्री विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गयी।