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मंदसौर जिला जेल में दुष्कर्म के आरोपित ने की खुदकुशी

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मंदसौर । मंदसौर जिला जेल में सजा काट रहे दुष्‍कर्म के एक आरोपित ने आत्‍महत्‍या कर ली। वह जनवरी से ही जिला जेल में आया था। सुबह जेल में बेसुध मिलने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान कैदी की मौत हो गई। उसके जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि मुझे झूठा फंसाया गया है। लड़की पक्ष के लोग सात लाख रुपये मांग रहे हैं, मामला वापस लेने के लिए। इतने रुपये कहां से दूं, इसलिए मौत को चुन रहा हूं।

जिला जेल अधीक्षक पीके राणा ने बताया कि जेल में सजा काट रहे 20 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी अजयपुर तहसील सुवासरा ने आत्महत्या कर ली है। इसकी जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। मृतक को भानपुरा थाने में दर्ज दुष्‍कर्म के मामले में दस साल की सजा हुई थी। तब यह गरोठ जेल में था। इसके अलावा एक मामला झालावाड़ में भी दुष्‍कर्म व पाक्‍सो एक्‍ट का भी है। भानपुरा थाने में दर्ज दुष्‍कर्म के मामले में धर्मेंद्र को 10 साल की सजा हुई थी। वह गरोठ जेल से 29 जनवरी से मंदसौर जेल में भेजा गया था। शनिवार सुबह 9:30 बजे सूचना मिली थी कि धर्मेंद्र को मिर्गी का दौरा आया था उसके बाद वह नहीं उठा। उसे देखने भी गए तब वह जेल के अंदर बनी डिस्‍पेंसरी में ही था। उसकी तलाशी लेने पर जेब से सुसाइड नोट मिला तो उसके बाद जेल प्रशासन ने उसे ततकाल जिला अस्पताल भिजवाया। जहां थोड़ी देर उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। अब कौनसा पदार्थ या दवाईयां खाकर आत्‍महत्‍या की हैं उसका पता विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा।

कौन मांग रहा था सात लाख रुपये यह नहीं लिखा

कैदी की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि मुझे झूठा फंसाया गया, लड़की के घरवाले आरोप वापस लेने के लिए सात लाख रुपये मांग रहे हैं कहां से दूं इसलिए मौत को चुना।

पिता कर रहे थे जमानत के लिए प्रयास

मृतक के पिता लक्ष्‍मीनारायण अहीरवार ने बताया कि बेटा बार-बार बोल रहा था कि जल्‍दी से जल्‍दी से बाहर निकालो। हम उसकी इंदौर हाईकोर्ट से जमानत के लिए प्रयास कर रहे थे। मंदसौर जेल में आए उसे दो माह ही हुए थे। दो दिन पहले भी जेल में फोन किया था तो बताया था कि अब फोन मत करना इसे रिमांड पर ले रहे हैं। उसने जहर खाकर आत्‍महत्‍या की है या फिर नशीली गोलियां खाकर हमे कुछ भी नहीं बताया गया है। मामा प्रभुलाल ने बताया कि हम तो कलेक्‍टर, एसपी से मांग करते हैं कि अगर जेल में जहर खाया है या नशीली गोलिया भी खाई है तो उसकी जांच होना चाहिएं कि जेल में यह चीजे कैसे आई। इसकी निष्‍पक्ष जांच होना चाहिए।

इंदौर में कमिश्नर और कलेक्टर के बंगले पर रंगों की बौछार

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इंदौर । कोरोना के दो साल तक होली के रंगों से दूर रहे सरकारी अधिकारी इस बार धुलेंडी पर ठेठ देसी रंग में रंगे नजर आए। कमिश्नर डा. पवन कुमार शर्मा और कलेक्टर मनीष सिंह के बंगले पर शुक्रवार को होली का ऐसा रंग जमा कि अधिकारियों ने रंगों की बौछार के साथ गोबर और कीचड़ से भी जमकर होली खेली। होली की मस्ती में रंगों का ऐसा सुरूर चढ़ा कि कुछ अधिकारियों के कुर्ते-पाजामे और टी-शर्ट तक फट गए।

कलेक्टर ने अपने बंगले पर परंपरागत होली का पूरा इंतजाम कर रखा था। बंगले के बगीचे में टेंट लगाकर दही-बड़ा, श्रीखंड, लस्सी, गुलाब जामुन सहित खान-पान का खासा इंतजाम किया था। कलेक्टर पहले कमिश्नर के आवास पर उन्हें रंग लगाकर होली की शुभकामना देने पहुंचे। बाद में कलेक्टर के बंगले पर एक-एक कर अधिकारियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। देखते-देखते कलेक्टर के बंगले पर नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल, अपर आयुक्त भव्या मित्तल, अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, अजयदेव शर्मा, राजेश राठौर, जिला पंचायत सीइओ वंदना शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक बालकृष्ण मोरे, सहकारिता उपायुक्त मदन गजभिये, एसडीएम शाश्वत शर्मा, अंशुल खरे, मुनीषसिंह सिकरवार, प्रतुल सिन्हा सहित तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों आदि अधिकारियों का जमघट लग गया।

संगीत की धुन पर जमकर नाचे – कमिश्नर भी कलेक्टर बंगले पर ही होली खेलने आ गए। शुरुआत में रंग और गुलाल लगाया। जब थोड़े से रंग से मन नहीं भरा तो एक-दूसरे पर रंग के साथ पानी की बाल्टियां उड़ेली जाने लगी। तहसीलदार पल्लवी पुराणिक, नायब तहसीलदार हर्षा वर्मा, संगीता बोलिया, अर्चना गुप्ता ने संगीत की धुन पर सामूहिक नृत्य भी किया। रंगों ने अधिकारियों के बीच छोटे और बड़े का भेद खत्म कर दिया था। अधिकारियों ने कमिश्नर और कलेक्टर को हाथ और पैरों से पकड़कर रंगों में डुबो दिया। देर तक यहां होली खेलने के बाद सभी कमिश्नर के बंगले पर पहुंचे। यहां मस्ती अपने चरम पर पहुंच गई थी। कमिश्नर के बंगले पर तो अधिकारियों ने कीचड़ और गोबर से भी होली खेली। इस दौरान अपर कलेक्टर बेड़ेकर, शर्मा, एसडीएम शर्मा, सिन्हा, मोरे, गजभिये के कपड़े भी फाड़ने लगे।

तहसीलदार ने विवाद सुलझाने बेटे काे गाेद में लेकर पहुंची

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 खंडवा । जामली मूंदी के सैलानी बाबा मेले के पहले दिन शुक्रवार को दो पक्षों में हुए विवाद के बाद पथराव की घटना को काबू में करने के लिए मौके पर पहुंची एक महिला तहसीलदार का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में तहसीलदार माला राय अपने बच्चे को गोद में लेकर विवाद करने वालों को समझाईश देती हुई नजर आ रही हैं। इस मामले में दो पक्षों के चार लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है।

शुक्रवार को जामली-मूंदी में पथराव की जानकारी मिलने पर तहसीलदार माला राय अपने बच्चे को गोद में लेकर मौके पर पहुंची थीं। उनके साथ हेडक्वाटर डीएसपी दीपा मांडवे, जावर थाना प्रभारी केडी तिवारी, मूंदी थाना प्रभारी ब्रजभूषण हिरवे मौके पर पहुंचे। विवाद की स्थिति के दौरान दाेनाें पक्षों से घिरी तहसीलदार अपने बच्चे को संभालते हुए मामले को शांत करने में लगी रहीं। आक्रोशित लोगों को विवाद नहीं करने की समझाइश दी। तहसीलदार एक तरफ जहां बच्चे की पीठ थपथपाकर उसे ममत्व दे रही थी, तो वहीं दूसरी ओर विवाद करने वाले लोगों से शांत रहने की अपील कर रही थीं। इस दौरान किसी ने उनका यह वीडियो बना लिया। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। सैलानी बाबा मेले में खेत से लकड़ी ले जाने की बात पर हुए विवाद में शुक्रवार को सैलानी बाबा मेले में जमकर पत्थर चले थे। मेला परिसर में अचानक हुई इस पथराव की घटना से भगदड़ मच गई। एक तरफ जामली मूंदी के ग्रामीण तो दूसरी तरफ मेले में डेरा लगाकर रहने वाले थे। ग्रामीणों ने पथराव करने वाले डेरे वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मेला मार्ग पर चक्काजाम भी किया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी तनातनी की स्थिति रही। पुलिस की समझाईश के बाद लोग सड़क से हट गए, लेकिन मेले का विरोध रात करीब आठ बजे तक चलता रहा। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर प्रकरण पंजीबद्ध किया है। मारपीट में घायल हुए तीन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।

27 अगस्त से 11 सितंबर तक एशिया कप टी20 फॉर्मेट में होंगे मुकाबले

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एशिया कप 2022 इस साल के अंत में 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा। यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। इसके लिए क्वालिफायर 20 अगस्त 2022 से खेले जाएंगे। एशिया कप टूर्नामेंट की मेजबानी हर दो साल में की जाती है लेकिन 2020 के संस्करण को टूर्नामेंट की शासी निकाय एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) ने कोविड -19 और इसके प्रतिबंधों के कारण रद्द कर दिया था। परिषद ने तब श्रीलंका में खेले जाने वाले टूर्नामेंट के लिए जून 2021 की खिड़की को देखा, लेकिन महामारी ने आयोजकों को एक बार फिर से मना कर दिया। शनिवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एसीसी एजीएम की मीटिंग में बीसीसीआइ के सचिव जय शाह जो एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं वो मौजूद थे। उनकी अध्यक्षता में टूर्नामेट की तारीख और जगह को लेकर आखिर मुहर लगी। जय का एसीसी अध्यक्ष के कार्यकाल को 2024 में होने वाली एजीएम मीटिंग तक बढ़ा दिया गया है।

भारत एशिया कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली टीम

भारत एशिया कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली टीम बना हुआ है। 14 संस्करणों में, 1984 में स्थापना के बाद से, भारत ने सात बार खिताब जीता है – 1984, 1988, 1990/91, 1995, 2010, 2016 और 2018। श्रीलंका पांच खिताब जीत के साथ दूसरा सबसे सफल पक्ष है – 1986, 1997 , 2004, 2008 और 2014। उन्होंने एशिया कप के इतिहास में सबसे अधिक प्रदर्शन (14) भी किए हैं, इसके बाद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं जिन्होंने 13 बार टूर्नामेंट खेला है।

एशिया कप 2022 में छह टीमें होंगी- भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और एक क्वालीफायर। क्वालीफायर टूर्नामेंट यूएई और कुवैत के बीच खेला जाएगा, जिन्होंने 2020 एसीसी वेस्टर्न रीजन टी20 से आगे बढ़कर 2020 एसीसी ईस्टर्न रीजन टी20 से आगे बढ़ने वाले सिंगापुर और हिंग कांग के बीच खेला।

मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में हुई थोड़ी गिरावट

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भोपाल । अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय चार मौसम प्रणालियों के कारण हवाओं का रुख बदलने लगा है, जिसके चलते मध्य प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में कुछ गिरावट होने लगी है, हालांकि रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। उधर शनिवार को भी नर्मदापुरम, रतलाम एवं खरगोन में लू चली। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ और गिरावट हो सकती है। इससे गर्मी से कुछ राहत मिलने लगेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 37 डिग्री से. रिकार्ड किया गया। जो सामान्य से दो डिग्रीसे. अधिक रहा। यह शुक्रवार के अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री से. की तुलना में 1.3 डिग्रीसे. कम रहा। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री से. के मुकाबले 2.6 डिग्री से. अधिक रहा। साहा के मुताबिक वर्तमान में हवा का रुख बदलने लगा है। इस वजह से अधिकतम तापमान में कुछ गिरावट होने लगी है। इस तरह का सिलसिला अभी दो-तीन दिन तक बना रह सकता है।

चार मौसम प्रणालियों से मिलेगी गर्म से कुछ राहत

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में पाकिस्तान और उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ बना है। इसके असर से पाकिस्तान और उससे लगे राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।

साथ ही उत्तर प्रदेश से कर्नाटक तक एक ट्रफ बना हुआ है, जो दक्षिण-पूर्वी मप्र पर बनी मौसम प्रणाली से होकर गुजर रहा है। इन चार मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बदलकर दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी हो रहा है। इस वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट होने लगी है। एक-दो दिन में प्रदेश में लू से भी राहत मिल सकती है।

इन राशियों के 31 मार्च से शुरू होंगे अच्छे दिन

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शुक्र ग्रह को वैवाहिक सुख, प्रसिद्धि, कला, सौंदर्य और प्रतिभा का प्रतीक माना जाता है। शुक्र के राशि परिवर्तन से सभी राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। जिन लोगों के जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत होता है। उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का गोचर महत्वपूर्ण है। शुक्र के गोचर का विशेष महत्व है। मार्च के अंतिम दिन यानी 31 मार्च 2022, गुरुवार को सुबह 08.54 बजे शुक्र कुंभ राशि में गोचर करेंगे। शुक्र इस राशि में 26 अप्रैल तक रहेगा।

इन उपायों से शुक्र को करें मजबूत

1. सफेद रंग के कपड़ों का इस्तेमाल ज्यादा करें। खासतौर पर सोमवार को सफेद वस्त्र जरूर पहनें।

2. शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें। मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

3. शुक्रवार के दिन स्फटिक की माला से ऊं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें।

4. शुक्रवार को जरूरतमंदों को चावल, दूध, शक्कर, दूध की मिठाई या सफेद कपड़े दान करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है।

5. हाथ में चांदी का कंगन या गले में स्फटिक की माला पहनने से जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत होता है।

शुक्र के गोचर से किन राशिवालों को फायदा होगा-

मेष

शुक्र के राशि परिवर्तन से मेष राशिवालों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए कोई विशेष कार्य सफलता दिला सकता है। करियर में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। कार्यस्थल में बहुत प्रशंसा मिलेगी। विदेशी संपर्क वाले लोगों को अचानक लाभ मिलेगा। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।

वृषभ

ग्रह का शुभ प्रभाव वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा। पुराने निवेश से बेहतर पैसा मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों को पुरस्कार भी प्राप्त होने की संभावना है। प्रेम संबंधों के लिए अच्छा समय रहेगा। नौकरीपेशा अपने अधिकारियों को प्रसन्न करने में कामयाब रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके कार्य की सराहना होगी।

तुला

तुला राशिवालों के लिए आर्थिक और व्यापारिक रूप से लाभदायक यात्राएं संभव है। निजी जीवन में अच्छे परिणाम आने की संभावना बनी रहेगी। व्यापारी अच्छा मुनफा कमाएंगे। नियमित काम से हटकर कुछ करने की कोशिश करेंगे। हर तरफ से सफलता प्राप्त करेंगे। आप जीवन साथी के साथ अच्छा समय बीताएंगे।

धनु

ग्रह के प्रभाव से धनु राशि के जातकों में शुभ स्थितियां पैदा होंगी। इस दौरान धन कमाने में सफल रहेंगे। अगर कोई मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। नए अधिकारी और उत्तरदायित्व आ सकते हैं, जो जीवन शैली में सुधार करेंगे। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आपके व्यापार का विस्तार हो सकता है।

जापान भारत में करेगा 3.2 लाख करोड़ का निवेश

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जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा शनिवार को भारत के दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्‍ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्‍णव ने उनकी आगवानी की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत पहुंचने के बाद वो सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे हैं। इस दौरान वो 14वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने प्रेस को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि प्रगति, समृद्धि और साझेदारी भारत-जापान संबंधों के आधार पर हैं। हम भारत में जापानी कंपनियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वन टीम वन प्रोजेक्ट पर काम

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत-जापान आर्थिक साझेदारी के बीच आर्थिक साझेदारी में प्रगति हुई है। जापान भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है।’ भारत-जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर ‘वन टीम-वन प्रोजेक्ट’ के रूप में काम कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय बढ़ाने का निर्णय

उन्होंने कहा क कि हमारी चर्चा ने हमारे आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया। हमने विपक्षीय मुद्दों के अलावा कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया। हमने यूनाइटेड नेशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपना समन्वय बढ़ाने का निर्णय लिया।

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कई घटनाओं के कारण हिल गई है। भारत और जापान के बीच साझेदारी होना बहुत जरूरी है। हमने अपने विचार व्यक्त किए। यूक्रेन में रूस के आक्रमण के बारे में बात की। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है। किशिदा ने कहा, ‘दोनों देशों को खुले और मुक्त हिंद-प्रशांत के लिए प्रयास बढ़ाने चाहिए।’ जापान, भारत के साथ, युद्ध को समाप्त करने की कोशिश करता रहेगा। यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को सहायता प्रदान करता रहेगा।

भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर आशीष झा को व्हाइट हाउस का कोविड को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया

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अमेरिकी भारतीय डॉ. आशीष झा अगले महीने राष्ट्रपति जो बाइडेन के कोविड-19 रिस्पॉन्स को-ऑर्डिनेटर के रूप में कार्यभार संभालेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को कोविड-19 को-ऑर्डिनेटर के रूप में भारतीय-अमेरिकी डॉ. आशीष झा के नाम की घोषणा की है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे समय में जब हम एक और महामारी की तरफ बढ़ रहे हैं, इसको रोकने की रणनीति बनाने के लिए डॉ आशीष झा सबसे सही व्यक्ति हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के कोविड-19 को-ऑर्डिनेटर जेफ जेंट्स और उनकी डिप्टी नताली क्विलियन अगले महीने एडमिनिस्ट्रेशन छोड़ रहे हैं। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी भारतीय-अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आशीष झा को दी गई है।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डॉ. आशीष झा की प्रशंसा करते हुए कहा, “डॉ. झा अमेरिका में अग्रणी सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों में से एक हैं। वे अपनी बुद्धिमता और शांत सार्वजनिक उपस्थिति से कई अमेरिकियों के लिए एक प्रसिद्ध व्यक्ति हैं.” राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, “जैसा कि हम महामारी में एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। मेरी राष्ट्रीय कोविड-19 पर तैयार योजना पर अमल कराना और कोविड से जोखिम का प्रबंधन करना है और डॉ. झा इस काम के लिए एकदम सही व्यक्ति हैं।” उन्होंने कहा, “मैं जेफ और डॉ. झा दोनों की सराहना करता हूं कि उन्होंने एक सहज संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम किया। मैं आने वाले महीनों में निरंतर प्रगति की आशा करता हूं।”

डॉ. आशीष झा ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डीन हैं। 51 वर्षीय झा ने प्रबंधन सलाहकार और राष्ट्रपति बराक ओबामा के पूर्व शीर्ष आर्थिक सलाहकार जेफ जेंट्स की जगह ली। अमेरिका में कोविड महामारी के फैलने के कुछ ही हफ्ते पहले यानी फरवरी 2020 में इन्हें स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ का नेतृत्व सौंपा गया था। फिर उन्होंने सितंबर 2020 में डीन के रूप में काम संभाला।

डॉ. आशीष झा का जन्म 1970 में बिहार के पुरसौलिया में हुआ था। इसके बाद वे 1979 में कनाडा और फिर 1983 में संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए। 1992 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री और 1997 में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से एम.डी. प्राप्त करने के बाद, उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में आंतरिक चिकित्सा में भी प्रशिक्षण लिया है। इन्होंने हार्वर्ड ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट का नेतृत्व संभालने के बाद विश्वविद्यालय का रुख किया और हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में छात्रों को पढ़ाया।

DRDO ने सिर्फ 45 दिनों में खड़ी कर दी 7 मंजिला इमारत

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कमाल कर दिया है। संगठन ने रिकॉर्ड 45 दिनों में फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया है। 7 मंजिला बिल्डिंग एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए लड़ाकू विमान और उड़ान नियंत्रण प्रणाली (FCS) के लिए एवियोनिक्स विकसित करने की सुविधाओं से लैस है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को इस इमारत का उद्घाटन किया।

इस तकनीक का किया इस्तेमाल

भारत अपनी वायु शक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए पांचवीं पीढ़ी के मध्यम लड़ाकू जेट को विकसित करने महत्वाकांक्षी एमसीए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। डीआरडीओ भवन 1.3 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे इन-हाउस तकनीक का इस्तेमाल करके विकसित किया गया है।

इतनी है परियोजना की लागत

एक अधिकारी ने पीटीआई समाचार एजेंसी को बताया कि डीआरडीओ ने एडीई बेंगलुरु में पारंपरिक, प्री-इंजीनियर्ड और प्रीकास्ट मेथोडोलोग्य से युक्त हाइब्रिड तकनीक के साथ फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण पूरा कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार परियोजना की लागत करीब 15,000 करोड़ रुपए आंकी गई है।

1 फरवरी को शुरु हुआ निर्माण

प्रोजेक्ट की आधारशिला 22 नवंबर 2021 को रखी गई थी। वास्तविक निर्माण 1 फरवरी को शुरू हुआ था। परियोजना में शामिल अधिकारी ने दावा किया यह हाइब्रिड निर्माण तकनीक के साथ एक स्थायी सात मंजिला इमारत को पूरा करने का एक अनूठा रिकॉर्ड है।

आईआईटी रुड़की और मद्रास ने किया सहयोग

हाइब्रिड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी में स्ट्रक्चरल फ्रेम के कॉलम और बीम एलिमेंट्स स्टील प्लेट्स से बनाते जाते हैं। बिल्डिंग में मानक राष्ट्रीय भवन कोड के अनुसार एयर कंडीशनिंग, इलेक्ट्रिकल और अग्नि सुरक्षा प्रणालियां हैं। अधिकारी ने कहा कि आईआईटी मद्रास और आईआईटी रुड़की ने डिजाइन की जांच और तकनीकी में सहायता प्रदान की है।

जबलपुर में 10 रुपये दो और पता कर लो मावा शुद्ध है या मिलवटी

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जबलपुर। मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अमले की ओर से नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर की खोवा मंडी में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी गई खाद्य सामग्रियों का भी मात्र 10 रुपये के मामूली शुल्क पर परीक्षण किया गया।

ऐसे में स्वाभाविक रूप से खोवा (मावा) का क्रय-विक्रय ज्यादा होता है। उत्पादन पर्याप्त नहीं होने और मुनाफाखोरी की चक्कर में व्यापारी दूषित और मिलावटी मावा ग्राहकों को थमा देते हैं, जिससे बीमारियों के संक्रमण का खतरा रहता है। इसी के चलते खोवा मंडी में खाद्य सुरक्षा अमले की चलित प्रयोगशाला ने लोगों द्वारा खरीदे गए मावे का भी वैज्ञानकि तरीके से परीक्षण किया। इसके लिए ग्राहकों से 10 रुपये शुल्क लिया गया और उनके खरीदे गए मावे में से सैम्पल लेकर मौके पर ही उसका लैबोरेटरी लेस्ट किया गया।

चंद मिनटों में ही उनको रिपोर्ट भी दे दी गई कि उनके द्वारा लिया गया मावा कैसा है। खोवा मंडी स्थित 17 दुकानों से कुल 37 सैंपल की जांच की गई। उपभोक्ताओं से दस रुपये का शुल्क प्राप्त कर उनके द्वारा क्रय किए गए मावे की जांच मौके पर की गई और जांच रिपोर्ट मौके पर ही दी गई। इस दौरान 13 उपभोक्ताओं ने 20 नमूनों की जांच कराई।
प्रयास एक, फायदे दो: खाद्य सुरक्षा अमले के इस प्रयास से दो तरह के फायदे हुए पहला तो ग्राहकों को बहुत कम खर्च पर पता चल गया कि उनके द्वारा लिया गया मावा शुद्ध है या मिलावटी। इसी तरह से दुकानदारों को संदेश मिल गया कि वो अगर मिलावटी सामान बेचेंगे तो इसकी पोल ग्राहक 10 रुपये देकर खोल देगा। इसी तरह से समाज में अन्य लोगों को भी यह पता चल जाएगा कि अगर वो चाहें तो खाद्य सुरक्षा अमले से संपर्क करके संदिग्ध खाद्य सामग्रियों की जांच करा सकते हैं।