Home Blog Page 161

लक्ष्य सेन ने जीता इंडिया ओपन का खिताब, कड़े मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन को दी मात

0

भारत के शटलर लक्ष्य सेन ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडिया ओपन 2022 का पुरुष एकल फाइनल जीता। लक्ष्य ने 54 मिनट तक चले मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन सिंगापुर के लोह कीन यू को 24-22, 21-17 से हराया। यह पहली बार है जब लक्ष्य सेन अपने करियर में सुपर 500 का खिताब जीतने में सफल रहे हैं। लक्ष्य ने शनिवार को सेमीफाइल में मलेशिया के एनजी त्जे योंग को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

 

सात्विक और चिराग की जोड़ी बनी चैंपियन, इंडोनेशिया को हराकर रचा इतिहास

0

सात्विक साईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की जोड़ी ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडियन ओपन 2022 के पुरुष युगल फाइनल में जीत हासिल की। यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट श्रृंखला (BWF World Tour Tournament Series) का हिस्सा है। भारतीय जोड़ी ने 43 मिनट तक चले मैच में इंडोनेशिया की मोहम्मद अहसान (Mohammad Ahsan) और हेंड्रा सेतियावान (Hendra Setiawan) की जोड़ी को 21-16, 26-24 से शिकस्त दी।

पीवी सिंधु सेमीफाइनल में हारी

इससे पहले सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सेमीफाइनल में फ्रांस की फैबियन डेलरू (Fabien Delrue) और विलियम विलेगर (William Villegar) की जोड़ी को हराया था। वहीं शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) 59 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में थाईलैंड की सुपनिदा कटेथोंग (Supanida Katethong) से 14-21, 21-13, 10-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

इंदौर के मेदांता अस्‍पताल में आग से हड़कंप, कोई जनहानि नहीं

0

इंदौर । विजय नगर क्षेत्र स्थित मेदांता अस्पताल की चौथी पर बने मेडिकल आइसीयू में रविवार शाम आग लग गई। हादसे के वक्त वहां एक दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इनमें से चार-पांच वेंटिलेटर पर थे। आग लगते ही आइसीयू में धुआं भराने लगा और अफरा-तफरी मच गई। धुएं की वजह से मरीजों को घबराहट होने लगी और उनकी सांस फूलने लगी। मरीजों के स्वजन ने आग लगने की जानकारी तुरंत मौके पर मौजूद स्टाफ को दी जिसके बाद आग काबू करने की कवायद शुरू हुई।

आइसीयू में भर्ती मरीजों को एक-एक कर तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया। जो मरीज वेंटिलेटर पर थे उन्हें सबसे अाखिरी में शिफ्ट किया गया। हादसे ने अस्पताल की फायर सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वजन का कहना है कि आग लगने की जानकारी उन्होंने खुद अस्पताल के कर्मचारियों को दी थी।

अलार्म बजा ही नहीं था जबकि प्रबंधन का दावा है कि तल मंजिल पर बने कंट्रोल रूम में फायर सेफ्टी अलार्म बजा था। कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल में एडीएम पवन जैन, सीएमएचओ डा.बीएस सैत्या, अग्नि सुरक्षा अधिकारी और बिजली कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच दल जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा।

आग रविवार शाम करीब छह बजे लगी थी। अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने आइसीयू में भर्ती मरीजों के स्वजन के मुताबिक वे अस्पताल की तीसरी, चौथी और पांचवी थे। अचानक उन्होंने देखा कि मेडिकल आइसीयू से धुआं उठने लगा। इसे देखकर वे घबरा गए और तुरंत आइसीयू के भीतर तरफ दौड़े।

उन्होंने देखा कि आइसीयू में धुआं भर रहा था। उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। वे दौडकर अपने मरीज के पास गए। धुआं भराने से मरीज घबराने लगे थे। कुछ मरीजों की सांस अचानक फूलने लगी। आग की वजह से अस्पताल के कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने आग बुझाने के उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस बीच आइसीयू में भर्ती मरीजों को अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दूसरे आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ FIR दर्ज, कोरोना प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन

0

शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर कानूनी मामले में फंस गये हैं। उनके खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन से संबंधित अधिनियम के तहत सुलतानविंड पुलिस थाने में FIR दर्ज किया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शनिवार को अमृतसर शहर के प्रवेश द्वार पर सैकड़ों शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने कोविड प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया का स्वागत किया। इसमें कहा गया है कि शिरोमणि अकाली दल समर्थकों को पंजाब के पूर्व मंत्री को माला पहनाते और ‘सिरोपा’ पहनाते देखा गया। बयान में कहा गया है कि मजीठिया और उनके समर्थकों ने कोविड संबंधी प्रावधानों तथा निर्वाचन आयोग की ओर से लगाए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया।

बिक्रम सिंह मजीठिया, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। पिछले महीने कांग्रेस सरकार ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की चन्नी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था कि इतिहास में पहली बार 3 महीने में 4 डीजीपी बदले गए हैं। उन्होंने सीएम पर अन्‍य मंत्रियों के साथ मिलकर फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था। लेकिन अब मजीठिया के खिलाफ एक बार फिर से एफआईआर दर्ज हो गई है, जिसमें पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

कार्यकर्ताओं के स्वभाव और व्यवहार की निगरानी में जुटी भाजपा

0

भोपाल मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ने के साथ उनके स्वभाव और व्यवहार की निगरानी रखने की तैयारी में भी जुटी है। प्रदेश संगठन ने इसी के चलते बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों को यह संदेश दिया है कि उनका स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि और भविष्य तय करता है। इसलिए ऐसे कदम न उठाएं जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़े।

कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचें तो उन्हें हर वर्ग के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी हो ताकि पब्लिक को उसके बारे में अवगत करा सकें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने एक माह में किए गए जिलों के प्रवास के जरिये प्रदेश और केंद्र की मंशा से पार्टी के विधायकों सांसदों मोर्चा पदाधिकारियों और प्रदेश पदाधिकारियों को अवगत कराने का काम किया है। उन्होंने कई मौकों पर दल का महत्व बताते हुए कहा कि सफलता से हमारे अंदर घमंड नहीं आना चाहिए क्योंकि घमंड में सत्ता दुरावस्था की ओर जा सकती है। जब कार्यकर्ता हमारे महापुरुषों के जीवन की पृष्ठभूमि में झांकते हैं तो उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में काम करने की एक दिशा मिलती है।

हम पार्टी में जिस भी पद पर हैं उसके अनुरूप हमारा व्यवहार भी होना चाहिए।  जब सभी कार्यकर्ता टीम भावना के साथ आगे बढ़ेंगे तो पार्टी का हर अभियान सफल होगा। इससे पार्टी भी मजबूत होगी और हमारा कार्यकर्ता भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा है कि हमें राजनीति में सामूहिकता लाने का प्रयास करना चाहिए। सुनने का मानस बनाकर कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास भी लगातार करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय, प्रभावी काम करने वाले लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकतार्ओं की स्वभाव और व्यवहार पर भी निगाह रखने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हमारे पदाधिकारी का स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि निर्माण करने का काम करता है। हमारे पदाधिकारी को समाज के लिए सहज, सुलभ और सरल होना चाहिए।

जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी के विस्तार में सभी मोर्चो की भूमिका पर भी चर्चा हुई है। इनसे कहा गया है कि मोर्चा के कार्यकर्ता अपने संबंधित वर्ग को पार्टी से जोड़ने का काम करें। सभी मोर्चा कार्यकतार्ओं को संबंधित वर्ग की सारी जानकारियां होना चाहिए। मोर्चा पदाधिकारियों को उन वर्गों के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का भी पूरा अध्ययन होना चाहिए।

मोर्चा के कार्यकर्ता जब सारी जानकारियों से लैस होकर समाज के बीच में काम करेंगे तो निश्चित ही पार्टी का जनाधार बढेगा।मोर्चा पदाधिकारियों का दायित्व है कि वह इन सभी कामों को जनता के बीच में लेकर जाए और विस्तारक अभियान में भी अपनी भूमिका निभाएं।

देश में मिले कोरोना के 2 लाख 68 हजार नए केस, ओमिक्रोन के कुल मामले 6 हजार पार

0

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देशभर में 2,68,833 नए केस मिले हैं। शुक्रवार को 2,64,202 केस मिले थे। इस तरह एक दिन पहले के मुकाबले शनिवार को चार हजार ही नए मामले अधिक मिले। इससे पहले गुरुवार को 2,47,417 और बुधवार को 1,94,720 नए केस मिले थे। इन दो दिनों में नए मामलों में 50 हजार से अधिक का अंतर था। इस दौरान पूरे देश में 402 और लोगों की मौत हुई है, जिसमें 199 अकेले केरल और 34 मौतें दिल्ली से हैं। सक्रिय मामले बढ़कर 14,17,820 हो गए हैं जो 223 दिन में सर्वाधिक और कुल मामलों का 3.85 प्रतिशत है। 24 घंटे में 1.45 लाख सक्रिय मामले बढ़े हैं। दैनिक संक्रमण दर 16.66 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 12.84 प्रतिशत हो गई है।

ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. प्रदीप व्यास ने कहा है कि राज्य में अभी भी डेल्टा प्रमुख वैरिएंट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नवंबर के बाद से 4,265 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी जिसमें 68 प्रतिशत मामले डेल्टा वैरिएंट के मिले और 32 प्रतिशत ओमिक्रोन के। हालांकि, दिल्ली में इसके उलट है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 80 प्रतिशत मामले ओमिक्रोन के मिल रहे हैं।

ओमिक्रोन के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसके कुल मामलों का आंकड़ा छह हजार को पार कर गया है। अब तक देशभर में ओमिक्रोन के 6,041 केस मिल चुके हैं, जिसमें सबसे अधिक महाराष्ट्र के 1,605 मामले शामिल हैं। अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके मामले मिल चुके हैं। वैसे तीसरी लहर में बढ़ रहे मामलों के पीछे ओमिक्रोन को ही माना जा रहा है, लेकिन चूंकि सभी संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है, इसलिए ओमिक्रोन के मामले कम सामने आ रहे हैं।

0

इंदौर । मध्यप्रदेश में हुए व्यापम घोटाले के मुख्य आरोपित जगदीश सिंह सागर को शनिवार को एरोड्रम पुलिस ने जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा। आरोपित को इंदौर विमानतल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह इंदौर से ग्वालियर रवाना हो रहा था। इसी दौरान विमानतल पर तैनात सुरक्षा प्रहरियों ने स्कैनर से जांच की तो बैग में जिंदा कारतूस मिला।

पूछने पर अरोपित ने बहाना बनाया तो विमानतल प्रबंधन ने एरोड्रम थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस आरोपित को थाने ले आई और उस पर आर्म्स एक्ट कर तहत कार्रवाई की है। आरोपित ने बताया कि व्यापम घोटाले मामले में जेल में रहने के बाद उसकी दो बंदूकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया था। इसके बाद उसने दोनों बंदूकें बेच दीं। एक कारतूस गलती से बैग में रह गया। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया था। वहां से उसे जमानत पर शाम को छोड़ दिया गया।

डा. जेपी सिंह सागर को पीएमटी 2013 में सीबीआइ ने रैकेटियर के रूप में आरोपित बनाया था। भिंड के गोहद निवासी डाक्टर सागर ने 1991 में पीएमटी से ग्वालियर मेडिकल कालेज में प्रवेश लिया और 2000 में यानी नौ साल में एमबीबीएस किया था। फिर 2004 में इंदौर के एमजीएम में पीजी के लिए प्रवेश लिया, जो चार साल बाद 2008 में पूरा हुआ।

व्यापम घोटाले में इंदौर पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद सागर को क्राइम ब्रांच ने 15 जुलाई 2013 को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ एसटीएफ ने चार अक्टूबर 2013 में चालान पेश किया था। उसने व्यापमं ही नहीं, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से राज्य सेवा का अफसर बनवाने के लिए भी कई सौदे किए थे। इसमें 6 पदों के लिए 95 लाख रुपये का सौदा किया गया था। इसके बाद आरोपित को दो साल की जेल भी हुई थी।

Virat Kohli ने छोड़ी भारतीय टेस्‍ट टीम की भी कप्‍तानी

0

क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्‍ट टीम के कप्‍तान पद से इस्‍तीफा दे दिया है। यह जानकारी उन्‍होंने ट्वीट करके दी। इसमें उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने बहुत ईमानदारी से काम किया। उन्‍हें परिश्रम करते हुए 7 साल हो गए हैं। हर चीज का पड़ाव आता है, मेरी कप्‍तानी यहीं तक थी। इससे पहले कोहली ने टी -20 विश्व कप से ठीक पहले टी 20 आई कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद कोहली को एकदिवसीय कप्तानी से भी हटने के लिए मजबूर किया गया था।शनिवार को शाम विराट ने ट्विटर पर अपने टेस्ट की कप्तानी को छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने एक संदेश जारी करते हुए बीसीसीआइ को टीम की कप्तानी करने का मौका देने पर धन्यवाद कहा। कोहली ने लिखा, पिछले 7 साल की कड़ी मेहनत और लगन लगी जिससे हमने टीम को सही दिखा दिखाया। मैंने पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम किया और इसमें किसी तरह की कोई भी कमी नहीं छोड़ी। हर एक चीज को किसी ना किसी मुकाम पर आकर रुकना होता है। मेरे लिए बतौर टेस्ट कप्तान अब वह वक्त आ चुका है।

विराट कोहली ने एक बयान में कहा, टीम को सही दिशा में ले जाने के लिए हर रोज 7 साल की कड़ी मेहनत, कड़ी मेहनत और अथक परिश्रम किया गया है। मैंने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है और वहां कुछ भी नहीं छोड़ा है। हर चीज को किसी न किसी स्तर पर रुकना पड़ता है और मेरे लिए भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में, यह अब है। यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन प्रयास या विश्वास की कमी कभी नहीं रही है। मैंने हमेशा अपना 120 प्रतिशत देने में विश्वास किया है। करें, और अगर मैं ऐसा नहीं कर सकता, तो मुझे पता है कि यह करना सही नहीं है। मेरे दिल में पूर्ण स्पष्टता है और मैं अपनी टीम के लिए बेईमान नहीं हो सकता।

मैं बीसीसीआई को इतने लंबे समय तक अपने देश का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम के उन सभी साथियों को जिन्होंने पहले दिन से टीम के लिए मेरे पास था और किसी भी स्थिति में कभी हार नहीं मानी। आप लोगों ने इस यात्रा को इतना यादगार और सुंदर बना दिया है। अंत में एमएस धोनी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने मुझ पर एक कप्तान के रूप में विश्वास किया और मुझे एक सक्षम व्यक्ति के रूप में पाया जो भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा सकता था।”

चुनाव आयोग ने 22 जनवरी तक बढ़ाए मतदान वाले राज्यों में राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध

0

चुनाव आयोग (ईसीआई) ने 22 जनवरी तक मतदान वाले राज्यों में राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध को एक और सप्ताह के लिए बढ़ा दिया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित पांचों चुनावी राज्यों में रैली, रोड शो, पदयात्रा और जनसभाओं पर लगे प्रतिबंध को बढ़ा दिया है। फिलहाल यह प्रतिबंध 15 जनवरी तक के लिए ही था। हालांकि, इसके साथ ही चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को एक बड़ी राहत भी दी है। इसके तहत अब कोई दल अधिकतम 300 लोगों या फिर हाल की क्षमता के आधे के साथ बंद कमरे में बैठक कर सकेगा। 22 जनवरी को स्थिति की फिर समीक्षा होगी।

आयोग ने कथित तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, मुख्य और स्वास्थ्य सचिवों और सभी चुनावी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और निर्णय लिया। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को इस हद तक छूट भी दी कि अब चुनाव वाले राज्यों में अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता का 50 प्रतिशत या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।

गत 8 जनवरी को भारत के चुनाव आयोग ने 5 राज्यों – उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि रैलियों, रोड शो और राजनीतिक कार्यक्रमों पर 15 जनवरी तक प्रतिबंध रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने पिछले सप्ताह कहा था, “उम्मीदवारों को यथासंभव वर्चुअल मोड के माध्यम से प्रचार करना चाहिए। सार्वजनिक सड़कों पर कोई नुक्कड़ सभा नहीं होगी और मतगणना के बाद कोई विजय जुलूस नहीं होगा।”

उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव अगले महीने से शुरू होने वाले हैं, क्योंकि देश में वायरस के ओमाइक्रोन प्रकार के प्रसार के कारण COVID-19 मामलों में वृद्धि हुई है। विधानसभा चुनाव का पहला चरण 10 फरवरी से शुरू होगा और 7 मार्च तक चलेगा, जिसके नतीजे 10 मार्च को आएंगे। शनिवार को भारत में 2.68 लाख से अधिक नए कोविड मामले आए जो सक्रिय केस लोएड को 14 लाख से अधिक तक ले गए। यह 1 जून के बाद से सबसे अधिक है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मध्य प्रदेश में 12 वीं तक के स्कूल 31 जनवरी तक बंद

0

भोपाल।  कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश में अब पहली से बारहवीं कक्षा तक के सरकारी-निजी सीबीएससी-आइएससी सहित सभी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। 20 जनवरी से होने वाली प्री-बोर्ड की परीक्षा भी अब टेक होम माध्यम से होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन व्यवस्था बनाएंगे। बड़ी राजनीतिक या सामाजिक रैली-सभाएं प्रतिबंधित रहेंगी। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा प्रबंधन समूहों को दी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी। प्रदेश में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लाकडाउन जैसे कदम अभी नहीं उठाए जाएंगे। कोरोना प्रोटोकाल के पालन के लिए हर स्तर पर सख्ती की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेंगे। इसे देखते हुए संक्रमण की रोकथाम के कदम उठाने होंगे। इसे देखते हुए सरकार ने तय किया है कि पूर्व से जारी प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया जाएगा।

अभी स्कूल विद्यार्थियों की पचास प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो रहे थे। अब इन्हें पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया गया है। बड़ी रैली और सभा की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। मनोरंजन, धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम खुले स्थान पर अधिकतम 250 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ सशर्त हो सकेंगे। स्टेडियम में 50 प्रतिशत खिलाड़ियों की क्षमता के साथ गतिविधियां संचालित रहेंगी पर दर्शक पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजौरा ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पूर्व से जारी प्रतिबंधों के अतिरिक्त इन दिशानिर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

अब भीड़-भाड़ एकत्र करने के दिन नहीं

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन समूह के सदस्यों से कहा कि अब भीड़-भाड़ एकत्र करने के दिन नहीं हैं। आर्थिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगा सकते हैं क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है पर हमें कड़े कदम उठाने होंगे। समूह के सदस्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न हो। जनता को संकट की इस घड़ी से निकालकर ले जाने की जिम्मेदारी हमारी है। संसाधन की कमी नहीं रहने देंगे। सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी कमांड कंट्रोल सेंटर में लाकर 15 मिनट मरीजों से बात करें। अब यह जरूरी हो गया है कि सब मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। विधायक इस बात की चिंता करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी लापरवाही न हो।

बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण के प्रकरण बढ़ने की दर दूसरी लहर की तुलना में तीन गुना से अधिक है। दुनिया में एक दिन में 34 लाख केस आ रहे हैं। देश में गुरुवार को दो लाख 64 हजार प्रकरण और मध्य प्रदेश में आज चार हजार 755 केस है। साप्ताहिक औसत दर में छह गुना की वृद्धि हुई है। सक्रिय मामले 21 हजार 394 हो गए हैं। जांच अब 80 हजार प्रतिदिन तक हो रही है।

कुछ जिलों में संक्रमण की दर दस प्रतिशत से ज्यादा है। 96.07 संक्रमित घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं।3.3 प्रतिशत मरीज को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि इस स्थिति में कभी भी परिवर्तन हो सकता है। 236 लोग आइसीयू में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय प्रकरणों की संख्या भी बढ़ेगी। सचेत और सावधान रहना चाहिए। निश्चिंतता का भाव न रहे। होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों की निगरानी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि 101 मरीज अस्पताल में हैं। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि जिले में तीन हजार 852 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। कमांड सेंटर से प्रतिदिन उनसे बात हो रही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो व्यक्ति गलत पता या मोबाइल नंबर लिखा रहे हैं, उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करें क्योंकि ये संक्रमण फैलाने वाले बनेंगे। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन के कलेक्टरों से भी होम आइसोलेशन संबंधी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएम के सामने रखा सुझाव कि हमने सख्ती बढ़ाई तो संक्रमण की दर कम हो सकती है। अगर सख्ती नही बढ़ाई तो रोज के आंकड़े 10 हजार के पास आएंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। सीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घर-घर दस्तक दें, टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो। वैक्सीन ही कोविड से सुरक्षा का मजबूत कवच है। बैठक में मुख्यमंत्री ने इंदौर में निजी तौर पर अधिक टेस्ट की जानकारी मिलने पर निर्देश देते हुए कहा कि यदि प्रायवेट रूप से टेस्ट हों तो उन्हें भी रिकॉर्ड में लिया जाए।

सीएम ने कहा कि टीकाकरण के लिए शत-प्रतिशत लोगों को कवर करें। कार्य के लिए बाहर जाने वाले लोगों की संख्या की पुष्टि करें। माइग्रेटेड लोगों की सूची बनाएं। टीकाकरण सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसकी ग्राम स्तर तक समीक्षा हो। सभी जन प्रतिनिधि इस अभियान से जुडें। सभी के प्रयत्नों और सामूहिक सहयोग से अच्छे परिणाम मिलेंगे।