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सीएम शिवराज ने की मध्‍य प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा

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भोपाल (राज्य ब्यूरो)। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ रहा है। प्रदेश में भी दो सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमण के प्रकरण हो गए हैं। पहले ये सिर्फ इंदौर और भोपाल में आ रहे थे लेकिन धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी प्रकरण सामने आ रहे हैं। सीमावर्ती प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात में नए वैरिएंट के प्रकरण सामने आ रहे हैं। जनता को तीसरी लहर से बचाना है, इसलिए व्यवस्था चाकचौबंद रखें। जनता की जिंदगी की सुरक्षा के उपायों में कोई कमी न रहे। अमेरिका, इंग्लैंड में बहुत ज्यादा प्रकरण आ रहे हैं। यह मानकर चलें कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन हमारे यहां आ गया है।

यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच किसी भी स्थिति में कम नहीं होनी चाहिए। संक्रमण की रोकथाम के लिए जनता को साथ लेकर काम करें। गरीब रोजी-रोटी को बचा सके और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव भी न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था रहे। इसे प्राथमिकता से लिया जाए। आपदा प्रबंधन समितियों को सक्रिय करें। प्रभारी मंत्री भी इससे जुड़ें। संक्रमण को तेजी से रोकने के लिए अनावश्यक भीड़ वाले आयोजनों से बचें।

यह दिए निर्देश

– संक्रमित के संपर्क में आने वालों की जांच कराई जाए।

– घर पर उपचार की व्यवस्था न होने पर अस्पताल में भर्ती करें।

– वेंटीलेटर और बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।

– आक्सीजन आपूर्ति की लाइन ठीक रहें और संयंत्र चालू हालत में रहें।

– कंसन्ट्रेटर भी चालू करके देख लें।

– कम से कम एक माह की आवश्यक दवाइयों का भंडार रखा जाए।

कोविड केयर सेंटर को फिर से चिन्हित करें।

– सभी जिले कार्ययोजना बनाएं। इसमें निजी और सरकारी अस्पतालों में बिस्तर की व्यवस्था को देखें।

– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।

– टीकाकरण का काम लगातार जारी रहे। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को दोनों टीके लगे हों, यह सुनिश्चित करें।

सीएम ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ बैठक करें, प्रभारी मंत्री भी जुड़ें, जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। उन्‍होंने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप में कोई उपयोगी लगे जैसे डॉक्टर, समाजसेवी तो उसे आप जोड़ सकते हैं। रोको-टोको अभियान तुरंत शुरू करें, मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना भी करें। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी जागरूकता के प्रयास शुरू करें।

उन्‍होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां न रुकें और गरीब का काम धंधा भी प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करते हुए हमें तीसरी लहर का जनता के सहयोग से मुकाबला करना है। समस्त सरकारी एवं निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखें। बेड, ऑक्सीजन, चिकित्सक एवं दवाओं का पर्याप्त इंतजाम हो, यह सुनिश्चित करें #COVID19 की दूसरी लहर के दौरान जितने निजी कोविड सेंटर बनाये गये थे, उनकी भी व्यवस्थाएं सुचारु कर दी जायें।

लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट मामले पर गृह मंत्रालय की अहम बैठक, ISI रच रहा पंजाब को अस्थिर करने की साजिश

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लुधियाना कोर्ट में हुए बम ब्‍लास्‍ट मामले को केंद्र सरकार काफी गंभीरता से ले रही है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह सचिव ने आंतरिक सुरक्षा पर एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में राज्‍य पुल‍ि‍स के आलाधि‍कार‍ियों के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बल और जांच एजेंसियों के आला अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबि‍क केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तरफ से बुलाई गई इस बैठक में गृहमंत्रालय के आला अधिकार‍ियों के अलावा आईबी निदेशक अरविंद कुमार, सीआरपीएफ और एनआईए प्रमुख कुलदीप सिंह और बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह भी शामिल हुए। बैठक में कोर्ट ब्लास्ट से उपजी स्थिति और पंजाब में आगामी चुनावों के दौरान संभावित खतरों पर चर्चा हुई।

क्यों बुलाई गई ये मीटिंग?

शुरुआती जांच के मुताबिक लुधि‍याना कोर्ट में गुरुवार को बम ब्‍लास्‍ट मामले में पाकिस्तान समर्थित खालिस्तानी समूहों का हाथ माना जा रहा है। खुफिया एजेंसियों ने दावा क‍िया है क‍ि उन्‍हें पुख्ता जानकारी मिली है कि इस धमाके में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) समर्थित खालिस्तानी समूह शामिल है। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने ग्राउंड वर्कर्स को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहले भी कई कोशिशें हुई हैं, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया।

पंजाब को है खतरा?

पंजाब के उपमुख्‍यमंत्री ने पहले ही कहा था कि इस बम ब्लास्ट में पाक‍िस्‍तान का हाथ है। उपमुख्‍यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पाक‍िस्‍तान पर पंजाब को अस्‍थिर करने का आरोप लगाया था। वहीं पंजाब के गुरुद्वारों में बेअदबी के मामलों को भी पाकिस्तानी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों ने भी आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में हिंसा या दंगे फैलाने की कोशिश की आशंका जताई है। पाकिस्तानी सीमा से सटे होने के कारण पंजाब में खतरा और बढ़ जाता है।

महाराष्ट्र में कोविड-19 की नई गाइडलाइन्स जारी

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महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 की नई गाइडलाइन्स जारी की है। नये नियमों के मुताबिक रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी सार्वजनिक स्थल पर 5 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। बंद स्थलों पर आयोजित शादी समारोहों में अधिकतम 100 लोग और खुले स्थानों पर अधिकतम 250 लोग शामिल हो सकते हैं। जिम, स्पा, होटल, थियेटर, सिनेमा हॉल आदि जगहों पर 50 फीसदी क्षमता से ज्यादा लोग मौजूद नहीं रह सकते। आपको बता दें कि गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य COVID-19 टास्क फोर्स के सदस्यों के साथ बातचीत की थी और क्रिसमस और नए साल के जश्न, शादियों और होटलों और रेस्तरां में पार्टियों के दौरान भीड़ से बचने के तरीकों पर चर्चा की। उसके अगले ही दिन कोरोना मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने नई गाइडलाइन्स जारी की है।

पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक वृद्धि देखी गई है। मुंबई में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 1,410 नए मामले सामने आए, जो 6 अक्टूबर के बाद सबसे अधिक हैं। इसके अलावा ओमिक्रॉन के भी 20 नये मामले दर्ज किये गये। इसके साथ ही प्रदेश में ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 108 पहुंच गये हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन वेरिएंट के भी 23 मामले दर्ज किए, जो अब तक एक ही दिन में सबसे अधिक मामले हैं। प्रदेश में एक्टिव मामलों की संख्या 8,426 है। बुधवार को 1,201 नए मामले सामने आने के बाद गुरुवार को 1,179 मामले और शुक्रवार को 1410 मामले दर्ज हुए।

BMC ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए एक और कदम उठाया है। ताजा आदेश के मुताबिक दुबई से आनेवाले ऐसे सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को, जो मुंबई में रहते हैं, अपने घरों में 7 दिनों के अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा। साथ ही इन्हें 7वें दिन RT-PCR टेस्ट कराना होगा। वहीं जो अंतरराष्ट्रीय यात्री मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के दूसरे शहरो में रहते हैं, उन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। उनके लिए अलग गाड़ियों की व्यवस्था की जाएगी।

बीते 24 घंटों में दिल्‍ली में भी कोरोना के 180 केस सामने आए हैं, जो 16 जून के बाद से सबसे ज्यादा कोरोना मामले हैं। दिल्‍ली में इस समय कोरोना के एक्टिव केसों की संख्‍या 782 है जो बीते साढ़े पांच माह में सबसे ज्‍यादा है। देश की बात करें तो भारत में शुक्रवार की सुबह तक पिछले 24 घंटे में 6,650 नए COVID-19 केस दर्ज हुए हैं, जो गुरुवार की तुलना में 11.3 प्रतिशत कम हैं।

सुष्मिता सेन ने रोहमन शॉल संग कंफर्म किया ब्रेकअप

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने उनके ब्रेकअप की खबरों पर चुप्पी तोड़ी है. एक्ट्रेस ने रोहमन शॉल संग ब्रेकअप की खबरों को सही करार देते हुए बताया कि उनका और रोहमन शॉल का रिलेशनशिप काफी समय पहले खत्म हो गया था. लेकिन उनके बीच प्यार आज भी बरकरार है.

सुष्मिता सेन ने ब्रेकअप की खबरों पर लगाई मुहर

सुष्मिता सेन ने तमाम अटकलों के बीच रोहमन शॉल के साथ अपनी तस्वीर शेयर की. टो में दोनों सेल्फी पोज दे रहे हैं. एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा- दोस्ती से हमारा रिश्ता शुरू हुआ, हम दोस्त बने रहे. रिलेशनशिप काफी पहले खत्म हो गया था…

सुष्मिता सेन ने अपनी पोस्ट में #nomorespeculations #liveandletlive #cherishedmemories #gratitude #love #friendship  जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए हैं.  सुष्मिता सेन की इस पोस्ट से साबित होता है कि वे और रोहमन अच्छे दोस्त बने हुए हैं. उनका रिश्ता चाहे खत्म हो गया लेकिन दोनों के बीच प्यार अभी भी बाकी है…

फैंस को पसंद थी सुष्मिता-रोहमन की जोड़ी

सुष्मिता सेन और रोहमन शॉल की जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था. दोनों के शादी करने की भी खबरें आती थीं. सुष्मिता की दोनों बेटियों और परिवार के साथ भी रोहमन की अच्छी बॉन्डिंग थी. लेकिन इस पावर कपल को किसी की नजर लग .दोनों के ब्रेकअप के पीछे क्या वजह रही, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है.

कैसे हुई थी सुष्मिता की रोहमन संग मुलाकात

रोहमन और सुष्मिता की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी. रोहमन ने इंस्टा पर एक्ट्रेस को पहले मैसेज किया था. रोहमन ने इंस्टा पर एक्ट्रेस को पहले मैसेज किया था. इसके बाद दोनों की मुलाकात एक फैशन शो में हुई थी. रोहमन से पहली मुलाकात में सुष्मिता सेन इंप्रेस हो

पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, उन्हें बाबा के काम से भी आपत्ति हो रही

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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद 10 दिन के अंदर दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंचे हैं। यहां से करीब 12 किमी दूर करखियांव स्थित सभास्थल पर सड़क मार्ग से पहुंचे। प्रधानमंत्री वहां 870.16 करोड़ से अधिक लागत वाली 22 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। साथ ही, 1225.51 करोड़ की पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखा। इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 475 करोड़ से करखियांव में बनास डेयरी संकुल है। 30 एकड़ भूमि में फैले इस डेयरी का निर्माण दो वर्ष में होगा। प्लांट में प्रतिदिन पांच लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य है। इसके अलावा ओल्ड काशी के छह वार्डों के पुनर्विकास, बेनियाबाग में पार्किंग और पार्क, नदेसर व सोनभद्र तालाबों का सुंदरीकरण, रमना में 50 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 720 स्थानों पर करीब 1400 उन्नत निगरानी कैमरा लगाने के कार्य का भी शुभारम्भ किया।

मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय यूपी के लोगों को जो मिला और आज यूपी के लोगों को हमारी सरकार से जो मिल रहा है, उसका फर्क साफ है। हम यूपी में विरासत को भी बढ़ा रहे हैं, यूपी का विकास भी कर रहे हैं।

-पीएम ने कहा कि इन लोगों ने कभी नहीं चाहा कि यूपी का विकास हो, यूपी की आधुनिक पहचान बने। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क, पानी, बिजली, गरीबों के घर, गैस कनेक्शन, शौचालय, इनको तो वो विकास मानते ही नहीं।सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की ये भाषा भी उनके सिलेबस से बाहर है। उनके सिलेबस में है- माफियावाद, परिवारवाद। उनके सिलबस में है- घरों-जमीनों पर अवैध कब्जा।

इंदौर एयरपोर्ट पर भी मिलेगा भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद

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उज्जैन । महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद अब इंदौर एयरपोर्ट पर भी मिलेगा। मंदिर समिति एयरपोर्ट अथारिटी से चर्चा के बाद प्रसाद काउंटर की शुरुआत करेगी। समिति की योजना उज्जैन रेलवे स्टेशन व मंगलनाथ मंदिर में भी प्रसाद काउंटर शुरू करने की है।

प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि देश-विदेश में भगवान महाकाल के लड्डू प्रसाद की मांग रहती है। देश के विभिन्न् राज्यों में रहने वाले भक्त मंदिर समिति से आनलाइन लड्डू प्रसाद मंगवाते हैं। मंदिर समिति का विचार है कि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशनों पर भी भगवान महाकाल का प्रसाद सुविधा से मिले, इसके लिए इन स्थानों पर प्रसाद काउंटर शुरू किए जाएंगे। सबसे पहले इंदौर एयरपोर्ट, उज्जैन रेलवे स्टेशन तथा मंगलनाथ मंदिर में प्रसाद काउंटर शुरू किया जाएगा।

शुद्धता से बनता है प्रसाद, भाव 300 रुपये किलो

भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद इकाई में शुद्धता के साथ बनाया जाता है। खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा प्रसाद शुद्ध देशी घी से बनाया जाता है। बेसन के इस ड्रायफ्रटयुक्त देशी घी के लड्डू का भाव 300 रुपये किलो है। समिति ने दो दिन पहले ही प्रसाद के भाव बढ़ाए हैं। 22 दिसंबर तक भक्तों को लड्डू प्रसाद 260 रुपये किलो में विक्रय किया जा रहा था।

यह है प्रसाद की नई दर

मंदिर समिति भक्तों को एक किलो लड्डू का पैकेट 300 रुपये, 500 ग्राम का पैकेट 150 रुपये, 200 ग्राम का पैकेट 70 रुपये तथा 100 ग्राम का पैकेट 35 रुपये में विक्रय कर रहा है। प्रसाद की यह नई दर 23 दिसंबर से प्रभावी हुई है।

मध्‍य प्रदेश विधानसभा में 21 हजार 584 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट बिना चर्चा पारित

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भोपाल। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए विधानसभा ने गुरुवार को 21 हजार 584 करोड़ रुपये से अधिक के द्वितीय अनुपूरक बजट को बिना चर्चा पारित कर दिया। विपक्ष की गैर मौजूदगी में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अनुपूरक बजट को पारित किए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसमें सड़क, किसान, प्रधानमंत्री आवास, मेट्रो रेल, स्मार्ट सिटी, नर्मदा-पार्वती लिंक सहित अन्य परियोजनाओं के लिए प्रविधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग को सड़क, पुल और भवनों के निर्माण व रखरखाव के लिए दो हजार 672 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास के लिए दो हजार करोड़, जल संसाधन विभाग की विभिन्न् परियोजनाओं के लिए एक हजार 159 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।

नर्मदा बेसिन कंपनी लिमिटेड में निवेश योजना के तहत डेढ़ हजार करोड़ रुपये, नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना के लिए 516 करोड़, काली सिंध लिंक परियोजना के लिए 282 करोड़, विद्युत वितरण कंपनियों की हानियों की प्रतिपूर्ति के लिए एक हजार 100, नगरीय निकायों को कार्यशील पूंजी ऋण के लिए एक हजार करोड़, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए एक हजार करोड़, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 923 करोड़ रुपये का अनुदान, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 600 करोड़, स्मार्ट सिटी के लिए 549 करोड़, मेट्रो रेल के लिए डेढ़ सौ करोड़, ग्रीन कारिडोर के लिए 518 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़, नगरीय निकायों की सड़कों की मरम्मत के लिए 200 करोड़, मध्या- भोजन कार्यक्रम के लिए 200 करोड़, सामान्य वर्ग कल्याण आयोग और पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के लिए 50-50 लाख रुपये, छात्रवृत्ति के लिए 100 करोड़ रुपये सहित अन्य योजनाओं के लिए बजट प्रविधान किया गया है।

साइबर तहसीलों की होगी स्थापना

विधानसभा में भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को भी पारित कर दिया। इसमें साइबर तहसीलों की स्थापना प्रस्तावित की गई है। इससे नामांतरण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। कोई व्यक्ति कहीं से भी आनलाइन माध्यम से उपस्थित होकर नामांतरण करा सकेगा। इसके साथ ही नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी पारित हो गए।

1 जनवरी से बदल जाएंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल के नियम

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ऑनलाइन कार्ड लेनदेन के संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देश 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे। इस दिन से ई-कॉमर्स और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर कार्ड की जानकारी को सेव नहीं कर पाएंगे। आरबीआई ने कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भुगतान के लिए ग्राहकों को हर बार डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स दर्ज करनी होगी। हालांकि कुछ कस्टमर्स इस परेशानी से बच सकते हैं। वह अपने कार्ड को टोकन देने के लिए एप को सहमति प्रदान करने का विकल्प चुन सकते हैं।

बता दें कि आरबीआई ने मार्च 2020 में दिशानिर्देश जारी किए थे, जो सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों के कार्ड के विवरण को सेव करने से प्रतिबंधित करते थे। वहीं सितंबर में रिजर्व बैंक ने सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार लाने के लिए कार्ड टोकर सेवाओं पर दिशानिर्देशों को बढ़ाया था। बैंक ने कहा था कि कार्ड डेटा का टोकन ग्राहक सहमति के साथ किया जाएगा। जिसके लिए अतिरिक्त फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी।

क्रेडिट-डेबिट कार्ड लेनेदेन के नए नियम पर अहम बातें

1. एक जनवरी 2022 से ग्राहक अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सेव नहीं कर पाएंगे।

2. कोई भी ऑनलाइन लेनदेन करते समय कार्ड की डिटेल्स दर्ज करनी होगी।

3. ग्राहक ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने कार्ड को टोकन करने की सहमति दे सकता है।

4. ई-कॉमर्स कंपनियां एन्क्रिप्टेड विवरण मिलने के बाद ग्राहक के लेनदेन के लिए कार्ड को सहेज सकते हैं।

5. फिलहाल अधिकांश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सिर्फ मास्टरकार्ड और वीजा कार्डों को टोकन किया जा सकता है।

6. रिजर्व बैंक ने अपने नए दिशानिर्देशों में कहा कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड दोनों के लिए मानदंडों का पालन किया जाना चाहिए।

7. आरबीआई ने कहा कि नए दिशानिर्देश अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर लागू नहीं हैं, बल्कि केवल घरेलू कार्ड और ट्रांजेक्शन के लिए लागू हैं।

8. कार्ड के टोकन के लिए ग्राहकों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

9. आरबीआई ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ग्राहकों को आसानी से पहचानने के लिए टोकन वाले कार्ड के अंतिम चार अंक दिखाएंगे।

10. सभी लेनदेन के लिए कार्डों का टोकन अनिवार्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जारी रहेगी मप्र में पंचायत चुनाव प्रक्रिया – राज्य निर्वाचन आयोग

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भोपाल । विधानसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष की सहमति से पंचायत चुनाव ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के साथ ही कराने का संकल्प जरूर पारित हुआ है, पर राज्य निर्वाचन आयोग ने भी साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर चुनाव प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, आयोग संकल्प को लेकर विधि वेत्ताओं से परामर्श भी लेेगा।

विधानसभा में संकल्प पारित होने के बाद पंचायत चुनाव को लेकर जनता की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को सामान्य में परिवर्तित करके चुनाव कराए जाएं। साथ ही ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर शेष पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन चुनाव परिणाम एक साथ जारी किए जाएंगे।

कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोग ने 18 दिसंबर को सरकार को पत्र लिखकर ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को सात दिन में सामान्य श्रेणी में पुन: अधिसूचित करने के लिए कहा था। यह अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है। बुधवार देर शाम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आयोग को पत्र लिखकर बताया कि ओबीसी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है। हम याचिका पर सुनवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कोर्ट के निर्देश पर ही रुकेगी चुनाव प्रक्रिया

पंचायत चुनाव प्रक्रिया अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही रुकेगी। यह तभी संभव है, जब सुप्रीम कोर्ट सरकार की पुनर्विचार याचिका पर त्वरित सुनवाई करे और आयोग को इस संबंध में निर्देश दे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को सीधे आदेश दिए हैं।

आयोग आरक्षित पदों के लिए तीसरे चरण में करा सकता है मतदान

पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीसरे चरण के चुनाव की प्रक्रिया 30 दिसंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी। तब तक ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो आयोग पहले और दूसरे चरण की शेष पदों के लिए तीसरे चरण में चुनाव करा सकता है।

रोक नहीं लगती है तो खर्च होगी अधिक राशि

चुनाव पर रोक नहीं लगती है तो ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए अलग से चुनाव कराने होंगे। ऐसे में मतपत्र छपाई, कर्मचारियों के भत्ते, यातायात सहित अन्य व्यवस्थाओं पर दोबारा राशि खर्च होगी। साथ ही आयोग को सारे इंतजाम भी फिर से करने होंगे।

मप्र के सीएम शिवराज का जनता को संबोधन : कोरोना के बढ़ते प्रकरण चिंता का विषय, रात 11 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर चिंता जताई है। शिवराज ने आज शाम प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो दौर को हम लोग भूले नहीं हैं। मौजूदा हालातों को देखते हुए राज्‍य में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक फ‍िर से कर्फ्यू लगाया जा रहा है। यह आदेश आज रात से लागू हो जाएगा।

सीएम ने कहा कि हमें तीसरी लहर को रोकना है तो गाइड लाइन का पालन करना होगा। महाराष्‍ट्र, गुजरात और दिल्‍ली में कोरोना के केस बढ़े हैं। कोरोना का नया स्‍वरूप ओमिक्रॉन के रूप में हमारे सामने आया है। हमें मास्‍क, शारीरिक दूरी और वैक्‍सीनेशन के माध्‍यम से ही इसका सामना करना होगा और खुद को सुरक्षा कवच देना होगा। उन्‍होंने कहा कि लोग मौजूदा हालातों को समझें और खुद का बचाव करें। उन्‍होंने कहा कि काफी समय बाद मप्र में कोविड के 30 नए प्रकरण मिले हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैक्सीन का द्वितीय डोज लगाने में गति लाई जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति कोरोना वैक्सीन के द्वितीय डोज से नहीं छूटे। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में कोरोना संक्रमण नियंत्रण एवं टीकाकरण की समीक्षा बैठक को संबोधित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना का वैक्सीनेशन कम हुआ है, वहांं के प्रभारी अधिकारी इस पर विशेष ध्यान देकर कार्य करना सुनिश्चित करें। टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। एक-एक व्यक्ति को ढूँढकर टीका लगायें। अभियान लगातार चलता रहे। इस कार्य में कोई कोताही नहीं बरतें।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैक्सीन का द्वितीय डोज लगाने में गति लाई जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति कोरोना वैक्सीन के द्वितीय डोज से नहीं छूटे। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में कोरोना संक्रमण नियंत्रण एवं टीकाकरण की समीक्षा बैठक को संबोधित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना का वैक्सीनेशन कम हुआ है, वहांं के प्रभारी अधिकारी इस पर विशेष ध्यान देकर कार्य करना सुनिश्चित करें। टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। एक-एक व्यक्ति को ढूँढकर टीका लगायें। अभियान लगातार चलता रहे। इस कार्य में कोई कोताही नहीं बरतें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। बिना वैक्सीन के वेतन नहीं दिया जाये।