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संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: संविदा नीति-2023 लागू करने के निर्देश

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संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: संविदा नीति-2023 लागू करने के निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, निगमों, मंडलों, बोर्ड, परिषदों, विश्वविद्यालयों और योजनाओं/परियोजनाओं में संविदा नीति-2023 लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभागों से नीति के क्रियान्वयन की स्थिति पर प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, अवकाश, सेवा शर्तों, संविदा पदों की समकक्षता सहित नीति के विभिन्न प्रावधानों के पालन की जानकारी मांगी है। सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संविदा नीति-2023 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।

भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: जंगल से 2000 किलो महुआ लहान और 25 लीटर अवैध शराब जब्त

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भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: जंगल से 2000 किलो महुआ लहान और 25 लीटर अवैध शराब जब्त
भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में भोपाल आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैरसिया वृत्त के ग्राम मनीखेड़ी स्थित रतुआ पठार के जंगल से 2000 किलोग्राम महुआ लहान और 25 लीटर अवैध हाथभट्टी शराब बरामद की है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2.05 लाख रुपये बताई गई है।

सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन तथा नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई 30 जून 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। मौके पर कोई आरोपी नहीं मिला, जिसके चलते मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34(1)(क) एवं (च) के तहत 5 प्रकरण अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपितों की तलाश जारी है।
कार्रवाई में सहायक आबकारी अधिकारी अर्चना जैन, सीमा कसिसिया, मनोज दुबे, संतोष बागड़े और महेश विश्वकर्मा सहित उप निरीक्षक स्वाति बघेल और चंदर सिंह तथा आबकारी विभाग का अमला मौजूद रहा।

सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भाई लालमिया सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल

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सुरखी विधानसभा में कांग्रेस को बड़ा झटका

पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भाई लालमिया सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल
सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों एवं विकास कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भाई लालमिया ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के समक्ष मातेश्वरी निवास पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं का भाजपा का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। यही कारण है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भाजपा की रीति-नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।
मंत्री राजपूत ने कहा कि भाजपा राष्ट्रहित, विकास और जनसेवा के सिद्धांतों पर कार्य करने वाली पार्टी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवप्रवेशी कार्यकर्ता संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजपूत ने सभी कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि हमें अपने क्षेत्र के विकास के लिए एक साथ मिलकर कार्य करना है आप सभी के सहयोग से हम सुर्खी की विकास की नई के बारात लिखेंगे राजपूत ने सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी का एक ही संकल्प की विकास की विचारधारा के साथ चलकर अपने क्षेत्र का अपने प्रदेश का और अपने राष्ट्र का विकास करें।

मिलकर क्षेत्र के विकास का लिया संकल्प :
इस अवसर पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में अपने सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ आये लाल मियां ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के विकास कार्य और क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी लोग मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साथ हैं भाजपा के साथ क्षेत्र के विकास के लिए दिन रात मेहनत करेंगे।
इस अवसर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला प्रभारी सलीम रंगरेज़ एवं पम्मा कुरैशी भाजपा नगर परिषद उपाध्यक्ष जहीर कुरैशी भाजपा पार्षद नहीम मंसूरी अख्तर उस्मानी रफीक चुड़ी वाले शफीक कुरैशी चंदू भाई कुरैशी सोहराब रंगरेज ज़ावेद कुरैशी तारिक उस्मानी अशफाक शानू सईफा कुरैशी लल्लू मौलाना लियाकत अली उर्फ घुडा पहलवान वहीद चाचा हसीम भाई वहीद चाचा अकरम कुरैशी तारिक रिज़वान नदीम मंसूरी नस्सू मंसूरी दानिश कुरैशी शाहिद कुरैशी ,रिजवान कुरैशी,अकरम कुरैशी , हशीम चाचा , साहिद कुरैशी, सादिक कुरैशी, माजिद कुरैशी, शेफा कुरैशी फिरोज बाबा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सभी नवप्रवेशी साथियों ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और जनसेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।

रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन

रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा, उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने 6 पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स का किया सम्मान

रायपुर, 30 जून 2026/रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं।

उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया।

समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, विधायक शकुंतला पोर्ते, विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राम मंदिर दान चोरी: जांच तेज, ट्रस्ट पर भी पारदर्शिता की परीक्षा

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राम मंदिर दान चोरी: जांच तेज, ट्रस्ट पर भी पारदर्शिता की परीक्षा
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल कर रही हैं। विपक्ष ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट, विशेषकर उसके प्रबंधन, पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए जनता का विश्वास बनाए रखने की चुनौती है।
हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि दान में कथित चोरी की घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की राम के प्रति आस्था प्रभावित नहीं होगी। सभी की नजर अब जांच के अंतिम निष्कर्ष और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर है।

मछली व्यापारी को 40 बार चाकू गोदकर हत्या

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मछली व्यापारी को 40 बार चाकू गोदकर हत्या
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक मछली व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी. हमलावरों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि उसे 40 से ज्यादा बार चाकू से गोदा गया. हैरानी की बात यह रही कि इस हत्याकांड में कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसके अपने ही कर्मचारी शामिल निकले. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 48 घंटे में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं.

रास्ते में घात लगाकर किया हमला
दरअसल, यह घटना नगरी थाना क्षेत्र के ग्राम गोरेगांव-भैंसामुड़ा मार्ग की है. मछली व्यापारी विपलभ मंडल 27 जून की रात रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे. तभी पहले से घात लगाए आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने पहले उनके साथी की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिससे वह मौके से जान बचाकर भाग निकला.

बेरहमी की सारी हदें पार
हमलावरों ने विपलभ मंडल पर ताबड़तोड़ हमला किया. उनके सिर से लेकर शरीर के हर हिस्से पर 40 से अधिक बार चाकू से वार किया. घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि हमलावर उनके पास मौजूद 37 हजार 800 रुपये भी लूटकर फरार हो गए.

पश्चिम बंगाल से था मृतक का नाता
मृतक विपलभ मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे. वह पिछले 8-9 साल से गरियाबंद जिले के बोइरगांव में रहकर एमएम फिश कंपनी में मुंशी का काम कर रहे थे. स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक मेहनती व्यापारी के रूप में थी.

अमित शाह की मौजूदगी में बरसों लंबित यमुना जल विवाद सुलझा

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अमित शाह की मौजूदगी में बरसों लंबित यमुना जल विवाद सुलझा
बरसों से लंबित यमुना जल बंटवारे के एक महत्वपूर्ण अध्याय का सोमवार को समापन हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान हरियाणा और राजस्थान सरकारों के बीच यमुना जल बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जो इस समझौते की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस समझौते के माध्यम से 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) समझौते को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान को मॉनसून के दौरान हथिनी कुंड बैराज से उसके हिस्से का पानी प्राप्त हो सकेगा, जिससे प्रदेश के जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी और जल उपलब्धता में सुधार होगा।

हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान तक पहुंचेगा पानी
यह समझौता दरअसल 32 वर्ष पूर्व हुआ था, लेकिन नहर प्रणाली के अभाव के चलते इसे अब तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सका था। अब इस नए एमओयू के तहत, मॉनसून के महीनों में हथिनी कुंड बैराज से एक भूमिगत जल पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह तकनीकी समाधान एक पुरानी चुनौती का स्थायी हल प्रस्तुत करेगा, जो दोनों राज्यों के बीच जल सहयोग की नई मिसाल कायम करेगा।

रेणुका, किशाऊ और लखवार परियोजनाओं के काम में आएगी तेजी
अधिकारियों का मत है कि इस ऐतिहासिक समझौते के धरातल पर उतरने से रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं के कार्यों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी। राज्यों के बीच बढ़े इस व्यापक आपसी सहयोग से न केवल दोनों प्रदेशों के जल प्रबंधन को एक नई और सुदृढ़ दिशा मिलेगी, बल्कि पानी की बर्बादी को रोकने तथा जल संसाधनों के कुशल उपयोग में भी बड़ी सफलता हासिल होगी, जिससे भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

यह उल्लेखनीय है कि यमुना नदी के सतही बहाव के बंटवारे को लेकर 12 मई 1994 को यमुना बेसिन वाले राज्यों – उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली – के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ था। वर्ष 2000 में उत्तराखंड भी इस ऐतिहासिक समझौते में शामिल हो गया था। पूर्व में, राजस्थान के पास यमुना के पानी को अपने क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं था, जिसके कारण 32 वर्षों तक यह समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया। अब इस नए समझौते के तहत भूमिगत पाइपलाइन के निर्माण से यह दीर्घकालिक समस्या स्थायी रूप से हल हो जाएगी, जिससे राजस्थान को उसके वैध हिस्से का पानी सुनिश्चित रूप से मिलना संभव होगा। यह कदम न केवल जल सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि अंतर-राज्यीय सहयोग की दिशा में एक मील का पत्थर भी साबित होगा, जो भविष्य में अन्य जल विवादों के समाधान के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।

भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने के बाद आयरलैंड के हेड कोच ने दिया इस्तीफा

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भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने के बाद आयरलैंड के हेड कोच ने दिया इस्तीफा
आयरलैंड ने बीते रविवार (28 जून) भारत के खिलाफ दूसरा टी20 जीतकर सीरीज अपने नाम की. यह पहला मौका था कि जब आयरलैंड ने टीम इंडिया के खिलाफ किसी फॉर्मेट में सीरीज जीती. अब इस ऐतिहासिक जीत के बाद आयरलैंड को बड़ा झटका लगा. टीम के हेड कोच हेनरिक मलान (Heinrich Malan) ने कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने से पहले ही इस्तीफा देने का फैसला किया.

मलान का कॉन्ट्रैक्ट 2027 की शुरुआत तक था, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही पद को छोड़ने का फैसला किया. आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार (29 जून) को एलान करते हुए बताया कि हेनरिक पुरुष टीम के हेड कोच ने पद छोड़ रहे हैं.

सफल कोच रहे हेनरिक मलान
45 साल के हेनरिक मलान को 2022 में हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्होंने 4 साल से ज्यादा इस पद पर काम किया. उनकी कोचिंग में आयरलैंड ने कई सफलताएं हासिल कीं, जिसमें सबसे बड़ी सफलता भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना है. इसके अलावा टीम ने लगातार तीन बार टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया. आयरलैंड की पहली तीन टेस्ट जीत भी कोच हेनरिक के अंडर में आईं.

क्या बोले हेनरिक मलान?
हेनरिक मलान ने कहा, “इन खिलाड़ियों, स्टाफ और आयरिश क्रिकेट समुदाय के साथ काम करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात रही. यहां रहने का मेरा और मेरे परिवार का अनुभव बहुत शानदार रहा और हम आयरिश क्रिकेट से जुड़े अपने समय को बहुत प्यार से याद करेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “मैदान पर, हम गर्व के साथ कई ऐतिहासिक जीत को याद कर सकते हैं, जैसे मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत, अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट जीत, बेलफास्ट में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली घरेलू टेस्ट जीत, भारत के खिलाफ घरेलू T20 सीरीज में ऐतिहासिक जीत और पाकिस्तान, वेस्टइंडीज व दक्षिण अफ्रीका को हराना. इसके साथ दुनिया की टॉप टीमों को चुनौती देने और उन्हें हराने की लगातार काबिलियत के दम पर T20 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई करना भी हमारी बड़ी उपलब्धियां रहीं.”

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश नए आयाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना युगांतरकारी है। मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों विशेषकर चंबल के निवासियों के लिए यह बधाई देने का विषय भी है। इस परियोजना में मात्र दो रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है जो देश में अब तक की न्यूनतम दर और इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है। परियोजना के विशेषता इसका अभिनव बैटरी मॉडल है जिसमें एक बैटरी का रोजाना 2 बार इस्तेमाल करना संभव होगा। इसके साथ ही नीमच और शाजापुर सौर पार्कों को लोकार्पण इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एतिहासिक उपलब्धि है। कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में देश में अपने तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह एग्रीमेंट और 2 सौर पार्कों का लोकार्पण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय घटना है। यह एग्रीमेंट निरंतर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के पश्चात इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एक नई उपलब्धि है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर सहित आज सम्पन्न एग्रीमेंट से जुड़े संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। सभी क्षेत्रों में नई वैज्ञानिक खोजों के कारण नागरिकों को बेहतर लाभ दिलवाने की पहल देश में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पानी के बंटवारे का 20-25 वर्ष पुराना विवाद समाप्त करवाने में पूरा सहयोग किया। उनके मार्गदर्शन में पार्वती- कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना मंजूर हुई, जिसमें राजस्थान भी लाभान्वित होगा और मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा से लेकर 13 जिलों के वृहद क्षेत्र को समृद्धि का लाभ मिलेगा। इसी तरह नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, कोल, हाइड्रो के साथ सोलर एनर्जी के कई प्रकार उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में मुरैना सोलर ऊर्जा भण्डारण की परियोजना वर्तमान दौर में ऊर्जा उत्पादन की नई संभावनाओं को क्रियान्वित करने का ठोस उदाहरण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्वयं के बनाये रिकॉर्ड तोड़ रहे: केंद्रीय मंत्री जोशी
केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाने में मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि सभी राज्य इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश की प्रगति सबसे तेज है। नई-नई नवकरणीयऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि गुजरात और उत्तर प्रदेश भी प्रगति कर रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश की प्रगति सबसे अनूठी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नीमच के 500 मेगावाट सोलर पार्क एवं ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना का एरियल सर्वे किया। सर्वे के बाद मुख्यमंत्री को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं एवं ऊर्जा उत्पादन क्षमता की विस्तृत जानकारी दी गई।

ग्रीनको ग्रुप द्वारा लगभग 11,470 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही 1920 मेगावाट क्षमता की गांधीसागर पम्प स्टोरेज परियोजना देश की अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 10,326 मेगावाट प्रति घंटा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के तहत गांधीसागर के मौजूदा जलाशय तथा खिमला में निर्मित किए जा रहे ऊपरी जलाशय का उपयोग पम्प स्टोरेज तकनीक से बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया में पानी का पुनः उपयोग होगा तथा वाष्पीकरण से होने वाली न्यूनतम हानि को छोड़कर अतिरिक्त जल की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना में 240 मेगावाट की 7 तथा 120 मेगावाट की 2 द्वि-दिशात्मक टर्बाइन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

खिमला परियोजना के निर्माण कार्य में वर्तमान में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके पूर्ण होने पर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री जोशी, प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, ग्रीनको के सीईओ श्री मौर्या, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री माधव मारू, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्त्व, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।