Home Blog Page 7

‘दृश्यम 3’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 150 करोड़ के पार पहुंची कमाई; 2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर

0

अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड में भारत में 150 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। तीसरे दिन तक फिल्म की इंडिया नेट कमाई करीब 154 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग
‘दृश्यम 3’ ने रिलीज के पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी ओपनर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब 66.75 करोड़ रुपये नेट कमाए, जबकि वर्ल्डवाइड ओपनिंग करीब 95 करोड़ रुपये रही।

‘बॉर्डर 2’ समेत कई फिल्मों को छोड़ा पीछे
फिल्म की शानदार शुरुआत ने ‘बॉर्डर 2’, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों के ओपनिंग डे आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘दृश्यम 3’ ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़े हैं और अजय देवगन के करियर की भी सबसे बड़ी ओपनर बन गई है।

200 करोड़ की ओर बढ़ी फिल्म
गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर को दर्शकों का मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन तक फिल्म की भारत में नेट कमाई 115.50 करोड़ रुपये पहुंच गई थी और वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 177 करोड़ रुपये हो चुका था। अब फिल्म की नजर 200 करोड़ के आंकड़े पर है।

‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है।

स्थायी समिति की दोबारा कमान मिलने पर खुश हुए शशि थरूर, बोले- भारत के भविष्य पर गंभीर चर्चा का इंतजार

0

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को एक बार फिर संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संसदीय समितियों के पुनर्गठन के बाद मिली इस जिम्मेदारी पर थरूर ने खुशी जताई और इसे सम्मान की बात बताया।

थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्हें विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखने का सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के भविष्य के रास्ते पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा के लिए उत्सुक हैं।

31 सदस्यीय समिति में कई प्रमुख सांसद
विदेश मामलों की स्थायी समिति में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल हैं। समिति में असदुद्दीन ओवैसी, रविशंकर प्रसाद, बांसुरी स्वराज, अभिषेक बनर्जी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अरुण गोविल समेत कई सांसद शामिल हैं।

संसदीय समितियों का नया कार्यकाल 26 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। थरूर को दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े मुद्दों पर समिति की भूमिका पर नजर रहेगी।

चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर FIR दर्ज

0

तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। तिरुपुर जिला पुलिस के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर एक बच्चे को राजनीतिक गतिविधि में शामिल किया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब धारापुरम सीट पर आदर्श आचार संहिता लागू है।

पेरियार की प्रतिमा के पास हुई थी सभा
पुलिस के मुताबिक, शनिवार को धारापुरम शहर में पेरियार की प्रतिमा के पास उदयनिधि स्टालिन की चुनावी सभा हुई थी। आरोप है कि इस दौरान एक बच्चे को प्रचार वाहन पर बुलाकर मंच से बोलने का मौका दिया गया। पुलिस का कहना है कि बच्चे से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी कराई गई।

चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला
पुलिस ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव संबंधी गतिविधियों में बच्चों को शामिल करने से बचना होता है। इसी आधार पर धारापुरम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी बच्चे की उम्र या पहचान और उसके कथित बयान का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

6 अक्टूबर को है धारापुरम उपचुनाव
धारापुरम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त होगा। ऐसे में मतदान से ठीक पहले उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दर्ज यह मामला चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

वैभव सूर्यवंशी पर कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, बोले- समय आने पर भारतीय क्रिकेट पर करेंगे राज

0

भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले अय्यर ने 15 वर्षीय वैभव की जमकर तारीफ की और उनके भविष्य को लेकर बड़ी बात कही।

अय्यर के मुताबिक वैभव मैदान के बाहर बेहद शांत और सहज स्वभाव के हैं, जबकि मैदान पर उनका अंदाज पूरी तरह अलग नजर आता है। वह बेहद आक्रामक और निडर बल्लेबाजी करते हैं। अय्यर ने बताया कि वह वैभव से क्रिकेट के अलावा उनके परिवार, जीवनशैली और दूसरी चीजों पर बातचीत करते हैं, ताकि युवा खिलाड़ी खुद को सहज महसूस कर सके।

‘सही समय आने पर छा जाएगा वैभव’
श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव में भारतीय क्रिकेट पर बड़ा प्रभाव डालने की क्षमता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टीम में अनुभवी सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के कारण वैभव को लगातार मौके नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन जब उनका समय आएगा तो वह भारतीय क्रिकेट में अपना दबदबा कायम कर सकते हैं।

वैभव ने हाल ही में एशियन गेम्स में भारतीय टीम के लिए ओपनिंग की थी, जहां भारत ने स्वर्ण पदक जीता। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में कप्तान के इस बयान से युवा बल्लेबाज के प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने केस में जांच के आदेश, मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़ा मामला

0

केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े करीब 20 साल पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने यह कार्रवाई 2006 में कुमार के लोक निर्माण विभाग (PWD) सचिव रहते हुए सामने आए कथित अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में की है।

यह मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) की सड़क परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है। परियोजना से जुड़े मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या के बाद उस समय जांच हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, मृतक के सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम भी आया था। हालांकि, जांच का आदेश आरोपों की पुष्टि नहीं करता, बल्कि पुराने मामले और कथित अनियमितताओं की दोबारा जांच का रास्ता खोलता है।

शिकायत के बाद फिर खुली पुरानी फाइल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की शिकायत के बाद केरल गृह विभाग ने 2006 की प्रारंभिक विजिलेंस जांच से जुड़े रिकॉर्ड मंगवाए। आरोपों में सरकारी कामों के ठेके देने में कथित अनियमितताओं और तत्कालीन जांच पर बाहरी प्रभाव की आशंका की भी जांच की जाएगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर SIR तथा मतदाता सूची के मुद्दे पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। इसलिए पुराने मामले की दोबारा जांच ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।

अमेरिका में 50 देशों के नागरिकों पर वीजा बॉन्ड लागू, भारत को राहत; 20 हजार डॉलर तक जमा करने का नियम

0

अमेरिका ने कुछ देशों के नागरिकों के लिए वीजा बॉन्ड कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए 50 देशों को इसमें शामिल किया है। इन देशों के पात्र नागरिकों को अमेरिका के B1/B2 यानी बिजनेस और टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन करते समय 10 हजार, 15 हजार या 20 हजार डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। बॉन्ड की राशि का निर्धारण वीजा इंटरव्यू के दौरान कांसुलर अधिकारी करते हैं।

भारत को नहीं किया गया शामिल
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए फिलहाल राहत की खबर है। अमेरिका के विदेश विभाग की 2 अक्टूबर 2026 को अपडेट की गई सूची में भारत का नाम शामिल नहीं है। हालांकि, दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान और नेपाल इस व्यवस्था के दायरे में हैं।

बॉन्ड वीजा फीस से अलग
वीजा बॉन्ड सामान्य वीजा आवेदन शुल्क से अलग है। यह राशि कुछ शर्तों के तहत रिफंडेबल होती है। यदि यात्री अमेरिका के इमिग्रेशन नियमों और निर्धारित प्रवास अवधि का पालन करता है, तो बॉन्ड वापस किया जा सकता है। वहीं बॉन्ड जमा करना अपने आप में वीजा मंजूर होने की गारंटी नहीं है।

ओवरस्टे रोकने के लिए नियम
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह व्यवस्था B1/B2 वीजा पर ओवरस्टे की दरों को ध्यान में रखकर लागू की गई है। संबंधित नियम 3 अगस्त 2026 को जारी अंतिम नियम के तहत स्थायी कार्यक्रम का हिस्सा बना।

अमेरिकी सरकार ने आवेदकों को यह भी चेतावनी दी है कि कांसुलर अधिकारी के निर्देश मिलने से पहले किसी वेबसाइट या माध्यम से बॉन्ड का भुगतान न करें। भुगतान के लिए आधिकारिक निर्देश और अमेरिकी ट्रेजरी के Pay.gov प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।

सलमान खान की ‘मातृभूमि’ को मिली हरी झंडी, सरकार से NOC के बाद रिलीज की बढ़ी उम्मीद

0

सलमान खान की बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के संशोधित वर्जन को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल गया है। इसके साथ ही लंबे समय से अटकी फिल्म के सिनेमाघरों तक पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है।

फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी और इसकी कहानी 2020 के गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुए टकराव की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म के कंटेंट और चीन के चित्रण को लेकर कथित आपत्तियों के बाद इसके रिलीज में देरी हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मेकर्स ने फिल्म में कई बदलाव किए हैं।

13 नवंबर की रिलीज पर नजर
NOC मिलने के बाद अब फिल्म के मेकर्स की नजर 13 नवंबर 2026 की संभावित रिलीज डेट पर बताई जा रही है। हालांकि यह तारीख अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है। फिल्म को पहले CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजा जाएगा और सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बाद ही रिलीज डेट पर अंतिम फैसला होगा।

फिल्म में किए गए बदलाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की आपत्तियों के बाद फिल्म के नए वर्जन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सूत्रों के हवाले से दावा है कि संशोधित फिल्म में भारत-चीन संबंधों के सकारात्मक पहलुओं को भी जगह दी गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण CBFC सर्टिफिकेशन का है।

अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी फिल्म
‘मातृभूमि’ का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म का निर्माण सलमा खान के प्रोडक्शन हाउस Salman Khan Films के बैनर तले किया गया है।

फिलहाल दर्शकों को आधिकारिक रिलीज डेट और CBFC की मंजूरी का इंतजार है। अगर प्रमाणन प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो फिल्म नवंबर में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है।

IISER भोपाल के विस्तारित ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास, रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगी नई दिशा

0

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में अत्याधुनिक शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विस्तारित ‘अत्रि’ परिसर की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति रही।

राज्य सरकार ने IISER भोपाल को नए परिसर के विकास के लिए 52 एकड़ भूमि आवंटित की है। प्रस्तावित अत्रि परिसर में उन्नत अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है।

AI, रोबोटिक्स और क्वांटम तकनीक पर रहेगा फोकस
IISER के अनुसार, नए परिसर में क्वांटम एवं उन्नत पदार्थ, ड्रोन तकनीक, सतत प्रणालियां एवं प्रौद्योगिकियां, मेडिकल डिवाइस एवं डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही AI और रोबोटिक्स स्कूल विकसित करने की भी योजना है।

मध्य भारत में रिसर्च और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
प्रस्तावित परिसर को रिसर्च और इनोवेशन पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। संस्थान के मुताबिक इसका उद्देश्य शोध को नवाचार, कौशल विकास और उद्योग के साथ सहयोग से जोड़ना है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में काम करने के लिए नया प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान IISER परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। नए परिसर के निर्माण से भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित शोध गतिविधियों के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

बस्तर-सरगुजा के 13 जिलों में 106 मार्गों पर दौड़ रहीं 107 बसें, ग्रामीणों की राह हुई आसान

0

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जरूरी सेवाओं के लिए आवागमन में सुविधा मिल रही है।

बस सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ गांवों से जिला और तहसील मुख्यालयों तक पहुंच आसान हुई है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने, मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचने और ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों से जुड़े कामों के लिए यात्रा करने में सहूलियत मिल रही है।

हाट-बाजार तक पहुंच में भी सुधार
नियमित बस सेवा का लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। ग्रामीण अब साप्ताहिक हाट-बाजारों और स्थानीय व्यापारिक केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किसान और छोटे व्यापारी अपनी उपज तथा अन्य सामान बाजार तक ले जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर पा रहे हैं।

प्रशासनिक सेवाओं तक आसान पहुंच
बस्तर और सरगुजा के कई इलाके भौगोलिक रूप से दूरस्थ हैं। ऐसे क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बढ़ने से लोगों के लिए प्रशासनिक मुख्यालय और सरकारी संस्थानों तक पहुंच सुगम हुई है। इससे विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं से जुड़े कामों के लिए आने-जाने में लगने वाला समय और परेशानी कम होने की उम्मीद है।

सरकार का फोकस ऐसे क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने पर है, जहां लंबे समय से नियमित बस सेवा की जरूरत महसूस की जा रही थी। 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन दूरस्थ अंचलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

MP के 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को NCISM की मान्यता, BAMS की 523 और PG की 117 सीटों पर प्रवेश

0

मध्य प्रदेश के आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर है। NCISM ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता दे दी है। मान्यता मिलने के बाद ये कॉलेज AYUSH NEET काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। सातों संस्थानों में कुल 523 BAMS स्नातक और 117 MD/MS स्नातकोत्तर सीटों को मंजूरी मिली है।

भोपाल कॉलेज को सबसे ज्यादा PG सीटें
मान्यता प्राप्त सात कॉलेजों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इनमें पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल को BAMS की 75 और PG की 74 सीटें मिली हैं। वहीं शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर को BAMS की 75 और PG की 15 सीटें स्वीकृत हुई हैं।

इसके अलावा रीवा कॉलेज को BAMS की 75 और PG की 6, ग्वालियर को 75 और 5, उज्जैन को 75 और 17 सीटें मिली हैं। जबलपुर को BAMS की 75 तथा बुरहानपुर को 73 सीटों की मान्यता दी गई है। कुल सीटों में EWS कोटे की सीटें भी शामिल हैं।

AYUSH NEET काउंसलिंग में शामिल होंगे कॉलेज
NCISM की मान्यता के बाद इन संस्थानों के विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। AYUSH UG में BAMS समेत अन्य पाठ्यक्रमों के लिए पात्र NEET-UG 2026 उम्मीदवारों की काउंसलिंग AYUSH Admissions Central Counseling Committee (AACCC) के माध्यम से होती है। सरकारी संस्थानों की AIQ सीटों के लिए AACCC ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करता है।

इस मान्यता से प्रदेश में आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी संस्थानों में उपलब्ध सीटों का दायरा बढ़ा है। साथ ही इंदौर में पहली बार 15 विषयों में PG शुरू होने की जानकारी भी सामने आई है।