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बीज से बाजार तक किसानों को मिल रही हर सुविधा, CM योगी बोले- डबल इंजन सरकार में किसान कर्ज के जाल से हुए मुक्त

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों और किसान कल्याण की योजनाओं से प्रदेश की खेती-किसानी को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास दर में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

सीएम योगी के मुताबिक, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर लगभग 8 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों और सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। सरकार का जोर किसानों को बेहतर बीज, खाद, सिंचाई, कृषि तकनीक और फसल के उचित बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने पर है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और कृषि उत्पादों के विपणन को बेहतर बनाने जैसे प्रयासों से किसानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकार की प्राथमिकता खेती को लाभकारी बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को कर्ज के दबाव से बाहर निकालना है। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना भी सरकार के एजेंडे में शामिल है।

बीज से बाजार तक सुविधाओं पर जोर
उत्तर प्रदेश में कृषि विकास को गति देने के लिए उत्पादन से लेकर उपज के विपणन तक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और बाजार तक पहुंच मिले, जिससे उनकी आय में सुधार हो और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

एमपी के पटवारियों को बड़ी राहत: नियमों के तहत काम करने पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई, सोमवार से शुरू होगी फ्री रजिस्ट्री

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मध्य प्रदेश में पटवारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नियमों के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले पटवारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत देने की व्यवस्था की गई है। इससे राजस्व विभाग के कामकाज में लगे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्रदेश में सोमवार से फ्री रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है।

पटवारियों को राहत देने का उद्देश्य नियमों के अनुसार काम करने वाले कर्मचारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई की आशंका से बचाना है। हालांकि, यह राहत नियमानुसार कार्य करने की शर्त पर आधारित होगी। इससे राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में कर्मचारियों का भरोसा बढ़ने और प्रशासनिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, सोमवार से शुरू होने वाली फ्री रजिस्ट्री को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हैं। इस व्यवस्था से संबंधित पात्र लोगों को राहत मिलने की संभावना है। इसके नियम, पात्रता और प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही लाभ की स्थिति स्पष्ट होगी।

प्रदेश में पटवारियों को राहत और फ्री रजिस्ट्री की शुरुआत से जुड़े इन फैसलों को राजस्व व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनसे आम नागरिकों और राजस्व विभाग के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा, यह लागू होने वाली विस्तृत व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

छत्तीसगढ़ के चार शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, रायपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 100 बसें

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छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश के चार शहरों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें (ई-बसें) संचालित करने की योजना है। इसमें राजधानी रायपुर को सबसे ज्यादा 100 बसें मिलने की जानकारी सामने आई है। इस पहल से शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

चार शहरों में मजबूत होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
योजना के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनमें रायपुर को 100 बसें मिलने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और शहरों में यातायात व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदूषण कम करने पर रहेगा जोर
डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय स्तर पर धुएं का उत्सर्जन नहीं करतीं। ऐसे में इनका संचालन शहरी वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

यात्रियों को मिल सकती है राहत
ई-बसों की संख्या बढ़ने से शहरों में बस सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, बसों के संचालन की शुरुआत, निर्धारित रूट, किराया, समय-सारिणी और अन्य शहरों में बसों के वितरण का विस्तृत विवरण संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगा।

छत्तीसगढ़ में 240 इलेक्ट्रिक बसों की यह योजना शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से आम यात्रियों को सुविधाजनक और अपेक्षाकृत स्वच्छ परिवहन विकल्प मिल सकता है।

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन बन रहा वैधृति योग, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि आज, 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना यानी कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस बार प्रतिपदा तिथि पर वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को दिल्ली में कलश स्थापना का प्रातःकालीन मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
वैधृति योग में क्या रखें ध्यान?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र में घटस्थापना को लेकर कुछ सावधानियां बताई गई हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय विद्वान की सलाह के अनुसार मुहूर्त चुनना चाहिए। पंचांग के मुताबिक, वैधृति योग 11 अक्टूबर को रात लगभग 9:05 बजे तक रहेगा।

मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू होगी नौ दिवसीय आराधना
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां शैलपुत्री की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और पूजा स्थल की सफाई के बाद कलश स्थापित करते हैं।

कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, जल से भरा कलश, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, अक्षत, रोली, पुष्प और दीपक जैसी पूजन सामग्री तैयार रखी जाती है। इसके बाद विधि-विधान से मां दुर्गा का आह्वान कर पूजा और आरती की जाती है।

नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

एमपी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत, हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज की

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मध्य प्रदेश में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले से कर्मचारियों को राहत मिली है। अदालत ने सरकार की अपील खारिज करते हुए पूर्व में दिए गए न्यायिक फैसलों के आधार पर राहत बरकरार रखी है। इस फैसले से लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को उम्मीद मिली है।

पूर्व फैसलों के आधार पर राहत
मामले में हाईकोर्ट ने पहले दिए गए फैसलों और संबंधित कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपना रुख स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि समान परिस्थितियों वाले मामलों में पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों के अनुरूप लाभ पर विचार किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों के सेवा संबंधी अधिकारों और सरकारी निर्णयों की न्यायिक समीक्षा का महत्व एक बार फिर सामने आया है।

कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, वेतन और अन्य लाभ लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अदालत के फैसले कर्मचारियों को कानूनी राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय से संबंधित कर्मचारियों को पूर्व न्यायिक आदेशों के अनुसार राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, फैसले का वास्तविक लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा और उसका दायरा क्या होगा, यह संबंधित प्रकरण के आदेश तथा कर्मचारियों की पात्रता पर निर्भर करेगा।

भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मुकाबले के लिए तैयार इंदौर, एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों की एक झलक पाने उमड़ा हुजूम

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क्रिकेट प्रेमियों के लिए इंदौर में उत्साह का माहौल है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले को लेकर शहर में तैयारियां तेज हैं। मैच के लिए दोनों टीमों के इंदौर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर प्रशंसकों की भारी भीड़ जुट गई। खिलाड़ी जैसे ही एयरपोर्ट पर नजर आए, प्रशंसकों में उनकी एक झलक पाने और तस्वीरें लेने की होड़ लग गई।

खिलाड़ियों के स्वागत में जुटे प्रशंसक
भारतीय टीम के खिलाड़ियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी एयरपोर्ट पहुंचे। प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाने के साथ खिलाड़ियों का स्वागत भी किया गया। टीमों के आगमन के दौरान एयरपोर्ट परिसर में क्रिकेट को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।

मैच को लेकर शहर में बढ़ा रोमांच
भारत और वेस्टइंडीज के मुकाबले को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रशंसकों में खास उत्सुकता है। भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर खेलते देखने के लिए दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मैच के दौरान स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।

क्रिकेट के रंग में रंगा इंदौर
इंदौर में क्रिकेट मुकाबलों के दौरान प्रशंसकों का उत्साह पहले भी देखने को मिलता रहा है। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच ने एक बार फिर शहर में क्रिकेट का माहौल बना दिया है। दोनों टीमों के पहुंचने के साथ ही मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब सभी की निगाहें मैदान पर होने वाले रोमांचक खेल पर टिकी हैं।

चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 124 पूर्व नौकरशाह, खुला पत्र लिखकर दिया संदेश

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चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच 124 पूर्व नौकरशाहों ने आयोग के समर्थन में खुला पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में सबूतों के महत्व पर जोर दिया है। ‘संदेह नहीं, सबूत’ संदेश के जरिए उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय तथ्यों तथा प्रमाणों को आधार बनाया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मतदाता सूची में संशोधन, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, आयोग की कार्यप्रणाली के समर्थन में सामने आए पूर्व नौकरशाहों के इस पत्र ने बहस को एक नया आयाम दिया है।

पूर्व अधिकारियों ने पत्र में चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली के आरोप लगाने वालों को अपने दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन आरोपों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर होनी चाहिए।

SIR पर भी जताया समर्थन
124 पूर्व अधिकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। पत्र में मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों और स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लोगों के नामों की जांच का जिक्र किया गया है। साथ ही, अधिकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में नोटिस, सुनवाई और अपील की व्यवस्था का उल्लेख किया।

लोकतंत्र में प्रमाण और पारदर्शिता पर जोर
पूर्व नौकरशाहों का कहना है कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं। इस खुले पत्र के सामने आने के बाद चुनाव आयोग की भूमिका, SIR और चुनावी पारदर्शिता को लेकर जारी बहस फिर चर्चा में आ गई है।

उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके, 4.2 तीव्रता से कांपी धरती; चार दिन में दूसरी बार आया भूकंप

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार, 10 अक्टूबर की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई। झटके महसूस होने के बाद लोगों में हलचल देखने को मिली। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास बताया गया है।

रात 8:07 बजे महसूस हुए झटके
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों में रात करीब 8:07 बजे धरती डोली। अचानक आए झटकों से लोगों में चिंता बढ़ गई। बताया जा रहा है कि चार दिनों के भीतर उत्तराखंड में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले बागेश्वर क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

नुकसान की जानकारी का इंतजार
भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है। ऐसे में भूकंप के झटके महसूस होने पर लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

‘दृश्यम 3’ ने तोड़ा ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड, अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी फिल्म बनी

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बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज आठ दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में 407 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ फिल्म ने अजय देवगन की पिछली हिट फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं और दुनियाभर की कमाई के मामले में उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन गई है।

आठ दिन में 400 करोड़ रुपये के पार
फिल्म ने 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी। शुरुआती वीकेंड में जबरदस्त कमाई के बाद दूसरे सप्ताह में भी इसका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। ट्रेड रिपोर्टों के मुताबिक, आठवें दिन फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 14.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में इसकी कुल नेट कमाई करीब 260 करोड़ रुपये और दुनियाभर में ग्रॉस कलेक्शन लगभग 407 करोड़ रुपये पहुंच गया।

‘तान्हाजी’ और ‘सिंघम अगेन’ को छोड़ा पीछे
अजय देवगन की 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ ने दुनियाभर में लगभग 367 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं, ‘सिंघम अगेन’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी ‘दृश्यम 3’ से पीछे रह गया है। नई फिल्म ने आठ दिनों में ही इन दोनों फिल्मों के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन को पार कर लिया है।

हालांकि, भारत में नेट कलेक्शन के आधार पर ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड अभी अलग है। फिल्म की घरेलू लाइफटाइम नेट कमाई लगभग 279.59 करोड़ रुपये रही है, जबकि ‘दृश्यम 3’ आठवें दिन तक करीब 260 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन पर पहुंची थी। इसलिए घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड तोड़ना अभी बाकी है।

स्टारकास्ट और कहानी ने बढ़ाया रोमांच
‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। जयदीप अहलावत और प्रकाश राज भी फिल्म का हिस्सा हैं। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह क्राइम थ्रिलर दर्शकों को सस्पेंस और रोमांच से बांधे रखने में सफल रही है।

फिल्म की तेज रफ्तार कमाई ने बॉलीवुड में एक बार फिर फ्रेंचाइजी फिल्मों की लोकप्रियता को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजरें इसके दूसरे वीकेंड और आने वाले दिनों की कमाई पर टिकी हैं।

साइबर अपराधों से बचाव के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे से लोगों को बचाने के लिए साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने लोगों से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक ने आम लोगों के जीवन को आसान बनाया है। बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी सेवाओं और खरीदारी जैसे अनेक कार्य अब डिजिटल माध्यमों से हो रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, लिंक के जरिए ठगी और व्यक्तिगत जानकारी चुराने जैसी साइबर अपराध की घटनाएं भी चुनौती बन रही हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।

जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना होगा, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों को समझ सकें और समय रहते सतर्क हो सकें।

उन्होंने डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और संदेशों से बचने की सलाह दी।

साइबर सुरक्षा में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों से निपटना केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। परिवारों, युवाओं और विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाकर डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने साइबर जागरूकता को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सतर्क नागरिक और जागरूक समाज ही सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।