Home Blog Page 4

जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव, संसद से संशोधन विधेयक पास

0

संसद ने पंजीकरण जन्म एवं मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हुए इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाना है, ताकि फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगे और समय पर पंजीकरण को बढ़ावा मिल सके।

नए कानून के तहत अब जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर दिए जाने पर पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होगी। वहीं, यदि पंजीकरण में दो वर्ष से अधिक की देरी होती है, तो अब केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) के आदेश पर ही पंजीकरण कराया जा सकेगा। पहले ऐसे मामलों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश से भी प्रक्रिया पूरी हो जाती थी।

सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता बढ़ाना, फर्जी दस्तावेजों पर अंकुश लगाना और नागरिकों को समय पर पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र किसी व्यक्ति की कानूनी पहचान का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसकी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रमाणिक बनाना आवश्यक है।

हालांकि, विपक्ष ने विधेयक को लेकर सवाल उठाए और संसद में विरोध भी दर्ज कराया। इसके बावजूद सरकार ने इसे नागरिक पंजीकरण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम सुधार बताते हुए दोनों सदनों से पारित करा लिया।

1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकती है राहत, महंगाई भत्ता 63% होने के आसार

0

देशभर के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर सामने आ सकती है। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो मौजूदा 61 प्रतिशत DA बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। अंतिम फैसला केंद्र सरकार द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, AICPI इंडेक्स के शुरुआती आंकड़े 2 प्रतिशत DA बढ़ने के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा। बढ़ा हुआ DA लागू होने पर इसका लाभ केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा तथा एरियर का भी भुगतान किया जा सकता है।

वहीं, छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को भी लंबे समय से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का इंतजार है। कर्मचारी संगठन लगातार राज्य सरकार से केंद्र के बराबर DA देने की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार DA में बढ़ोतरी की घोषणा करती है तो राज्य सरकार भी कर्मचारियों को राहत देने का फैसला ले सकती है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच DA में वृद्धि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए जरूरी है। ऐसे में केंद्र के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भी महंगाई भत्ते को लेकर सकारात्मक घोषणा होने की उम्मीद बढ़ गई है।

हालांकि, DA बढ़ोतरी को लेकर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब आगामी कैबिनेट बैठक और सरकार के आधिकारिक फैसले पर टिकी हुई है।

Iran में सत्ता का बड़ा बदलाव! मोजतबा खामेनेई का नया पावर मॉडल, अहम फैसलों की कमान IRGC कमांडरों के हाथ

0

ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में देश के कई अहम रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी फैसलों की कमान अब सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडरों के हाथों में आ गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति की भूमिका अब मुख्य रूप से प्रशासनिक कार्यों तक सीमित होती जा रही है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, विदेश नीति और सैन्य रणनीति जैसे विषयों पर IRGC का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई अपने पिता की तरह सभी निर्णय स्वयं लेने के बजाय वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के एक सीमित समूह के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस समूह में मौजूदा और पूर्व IRGC कमांडरों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है, जो युद्ध और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख फैसलों को दिशा दे रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की भूमिका अपेक्षाकृत कमजोर हुई है। सरकार का नागरिक ढांचा दैनिक प्रशासन और आवश्यक सेवाओं के संचालन तक सीमित दिखाई दे रहा है, जबकि रणनीतिक निर्णय सुरक्षा प्रतिष्ठान के प्रभाव में लिए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की यह नई सत्ता व्यवस्था देश की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर भी असर डाल सकती है। यदि IRGC का प्रभाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो भविष्य में ईरान की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति पहले की तुलना में अधिक कठोर हो सकती है।

‘गजनी’ के विलेन प्रदीप रावत का निधन

0

पॉपुलर एक्टर प्रदीप रावत ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनका निधन हो गया. एक्टर यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी. उन्होंने पोस्ट में लिखा- प्रदीप रावत हमारे गजनी, लगान के देवा नहीं रहे. रेस्ट इन पीस. इसी के साथ उन्होंने दुखी वाली इमोजी भी लगाई.

एक्टर्स ने जताया शोक
उनके निधन की खबर से इंडस्ट्री में शोक की लहर है. एक्टर ब्रिजेंद्र काला ने रिएक्ट कर लिखा- बहुत दुखद. ओम शांति. एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

प्रदीप रावत की बात करें तो उनका जन्म 21 जनवरी 1952 में हुआ था. वो 74 साल के थे. उनकी शादी कल्याणी रावत के साथ हुई थी. उनके दो बच्चे हैं.

विलेन के रोल करके हुए थे फेमस
करियर पर नजर डालें तो वो तेलुगू, हिंदी और तमिल सिनेमा में काम कर रहे थे. उन्होंने टीवी से लेकर फिल्मों तक का सफर तय किया. उन्हें विलेन के रोल के लिए जाना जाता है. प्रदीप को सबसे पहले पहचान बीआर चोपड़ा की महाभारत से मिली थी. इसमें वो अश्वस्थामा क रोल में थे.

ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI और बैंकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

0

देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में कई बार पीड़ितों को समय पर राहत नहीं मिलती, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अदालत ने RBI से पूछा कि बैंकिंग प्रणाली में ऐसी कौन-सी व्यवस्थाएं हैं, जिनसे फ्रॉड की घटनाओं को रोका जा सके और पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।

कोर्ट ने RBI को निर्देश दिया कि सभी बैंकों के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि संदिग्ध लेनदेन की तत्काल पहचान, खातों को तुरंत फ्रीज करने की व्यवस्था तथा ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए बैंक, कानून प्रवर्तन एजेंसियां और साइबर सेल बेहतर समन्वय के साथ काम करें।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो लोगों का ऑनलाइन बैंकिंग पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद उम्मीद की जा रही है कि RBI जल्द ही बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश या मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त कर सकता है, ताकि ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

UP में बुजुर्गों के लिए योगी सरकार का बड़ा ऐलान, वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1500 करोड़ रुपये आवंटित

0

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुजुर्गों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह अनुपूरक बजट का सबसे बड़ा आवंटन माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त बजटीय प्रावधान से पात्र बुजुर्गों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

योगी सरकार पहले ही सामाजिक पेंशन योजनाओं को लेकर कई अहम घोषणाएं कर चुकी है। सरकार का उद्देश्य वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। हाल के महीनों में पेंशन राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा भी की जा चुकी है।

अनुपूरक बजट में वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये के इस प्रावधान को आगामी समय में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों पात्र बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

मुंह का बार-बार सूखना न करें नजरअंदाज, ज़ेरोस्टोमिया के हो सकते हैं संकेत

0

यदि आपका मुंह बार-बार सूखता है और पर्याप्त पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह ज़ेरोस्टोमिया (Xerostomia) यानी मुंह में लार बनने की कमी का संकेत हो सकता है। यह स्थिति दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के साथ-साथ बोलने, चबाने और भोजन निगलने में भी परेशानी पैदा कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ज़ेरोस्टोमिया के कई कारण हो सकते हैं। कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, बढ़ती उम्र, मधुमेह, रेडिएशन थेरेपी, ऑटोइम्यून बीमारियां या शरीर में पानी की कमी इसकी प्रमुख वजहों में शामिल हैं। इसके सामान्य लक्षणों में मुंह में लगातार सूखापन, गले में खराश, होंठ फटना, जीभ पर जलन, बदबूदार सांस और भोजन निगलने में कठिनाई शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि मुंह सूखने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर या दंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाना, तंबाकू और शराब से दूरी बनाना तथा नियमित रूप से मुंह की सफाई रखना इस समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है। उचित जांच और समय पर इलाज से ज़ेरोस्टोमिया के कारण होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

यूपी में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मिल सकती है बड़ी सौगात

0

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और अन्य मानदेय आधारित कर्मियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार आगामी अनुपूरक बजट में इनके मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। इस फैसले का लाभ राज्यभर में लाखों महिला कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को मिलने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्करों और अन्य संविदा एवं मानदेय कर्मियों के लिए सरकार सकारात्मक रुख अपनाए हुए है। प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग और संबंधित विभागों के बीच मंथन जारी है।

सरकार का मानना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण अभियान और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में आशा वर्करों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

सूत्रों के अनुसार, अनुपूरक बजट में सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का भी प्रावधान किया जा सकता है। हालांकि, मानदेय वृद्धि की अंतिम राशि और इससे लाभान्वित होने वाले सभी वर्गों का आधिकारिक ऐलान बजट पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

यदि सरकार यह फैसला लागू करती है तो प्रदेश के लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और अन्य मानदेय कर्मियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अब सभी की नजरें योगी सरकार के अनुपूरक बजट पर टिकी हैं, जहां इस संबंध में औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल पर गरमाई सियासत, लोकसभा से पास होते ही राज्यसभा में विपक्ष का प्रदर्शन

0

संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक को लोकसभा से पारित करा लिया। विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार ने इसे न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कई प्रावधानों पर सवाल उठाए।

लोकसभा में लंबी बहस के बाद विधेयक को बहुमत के आधार पर मंजूरी मिल गई। सरकार का कहना है कि संशोधन से न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि विधेयक के कुछ प्रावधानों पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई और व्यापक सहमति बनाने का प्रयास भी नहीं हुआ।

उधर, राज्यसभा में इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधेयक पर विस्तृत चर्चा और जवाब की मांग की। सदन में शोर-शराबे के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।

सरकार की ओर से कहा गया कि विधेयक पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए लाया गया है और इसका उद्देश्य न्यायपालिका की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है। वहीं विपक्ष ने सरकार से विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और सभी पक्षों से व्यापक चर्चा करने की मांग दोहराई।

अब इस विधेयक पर राज्यसभा में आगे की चर्चा और मतदान पर सभी की नजरें टिकी हैं। सदन में सरकार और विपक्ष के बीच इसे लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

सावन का पहला मंगला गौरी व्रत आज, सुहागिनों ने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखा उपवास

0

सावन मास के पहले मंगलवार को मनाया जाने वाला पहला मंगला गौरी व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने मां पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर अविवाहित युवतियों ने भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से व्रत रखा।

सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से मां मंगला गौरी का पूजन किया। पूजा में लाल वस्त्र, सुहाग सामग्री, फल, फूल, मिठाई और पंचामृत अर्पित किया गया। इसके साथ ही मंगला गौरी व्रत कथा का श्रवण कर आरती की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है, परिवार में खुशहाली आती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन माह भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे सौभाग्य, अखंड सुहाग और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

देशभर के शिव और शक्ति मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और मां गौरी का आशीर्वाद लेकर परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।