मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर में आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026’ के दौरान ‘सेवा संकल्प: विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ विषय पर राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को समृद्ध, समावेशी और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने के लिए कृषि, आधुनिक उद्योग, तकनीक और सुशासन को विकास का आधार बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए ई-ऑफिस, GeM पोर्टल और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों के जरिए सरकारी योजनाओं की प्रगति की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
₹8 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
सीएम साय के मुताबिक औद्योगिक नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को भी मजबूत कर रही है।
बस्तर के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब केवल सुरक्षा के नजरिए से नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक अवसरों के केंद्र के रूप में आगे बढ़ेगा। वन संपदा और लघु वनोपज के प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन के साथ इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को भी विकास के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
महिला आर्थिक सशक्तिकरण को भी रोडमैप का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। सीएम साय ने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से आगे बढ़ाकर उद्यमी, उत्पादक और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के रोडमैप में आर्थिक विकास, निवेश, डिजिटल सुशासन, महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और बस्तर के पुनर्निर्माण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रखा गया है।









