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मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर आज से शुरू होगा ‘राज्योत्सव’, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

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मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘राज्योत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति, उपलब्धियों और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।

राज्योत्सव में प्रदेश की कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक पहचान और विकास की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के स्थापना दिवस को गौरव, उत्साह और आत्मसम्मान का अवसर बताते हुए प्रदेशवासियों को विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रदेशवासियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। राज्योत्सव प्रदेश की एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को वितरित किए लैपटॉप और स्कूटी, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से लैपटॉप एवं स्कूटी वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी देश और प्रदेश का भविष्य हैं। उनकी प्रतिभा, मेहनत और लगन ही विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का आधार है। राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने से उन्हें डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन अध्ययन और नई तकनीकों से जुड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर CM विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, समृद्ध और विकसित राज्य के निर्माण का किया आह्वान

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस विशेष अवसर पर राज्य के विकास, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी नागरिकों को प्रदेश की प्रगति में सहभागी बनने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और मेहनतकश लोगों के लिए जाना जाता है। राज्य ने अपनी स्थापना के बाद से विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासी समाज और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयासों और सहभागिता से छत्तीसगढ़ विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करेगा।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देशसेवा, समर्पण और राष्ट्रीय एकता की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श और विचार आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित में कार्य करने तथा देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

पोलार्ड के आने से बदला खेल, अब रोहित के पाले में गेंद! IPL 2027 में फिर संभाल सकते हैं मुंबई इंडियंस की कप्तानी

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आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस में बड़े बदलावों की तैयारी दिखाई दे रही है। टीम ने कायरन पोलार्ड को नया हेड कोच नियुक्त किया है। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल टीम की कप्तानी को लेकर उठ रहा है। खबरों के मुताबिक, पांच बार मुंबई इंडियंस को आईपीएल चैंपियन बनाने वाले रोहित शर्मा एक बार फिर टीम की कमान संभाल सकते हैं।

हार्दिक पांड्या की कप्तानी में पिछले कुछ सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। ऐसे में फ्रेंचाइजी अब अपने पुराने सफल कप्तान रोहित शर्मा की ओर लौटने पर विचार कर रही है।

पोलार्ड बने हेड कोच, सपोर्ट स्टाफ में भी बदलाव
मुंबई इंडियंस ने 24 अक्टूबर को कायरन पोलार्ड को हेड कोच बनाने की आधिकारिक घोषणा की थी। उन्होंने महेला जयवर्धने की जगह ली है। इसके साथ ही टीम के कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किए गए हैं। रॉबिन उथप्पा को बैटिंग कोच और मिचेल मैक्लेनाघन को बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी दी गई है।

पोलार्ड और रोहित की जोड़ी मुंबई इंडियंस के सफल दौर का अहम हिस्सा रही है। दोनों के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि टीम अगले सीजन में एक बार फिर पुराने संयोजन के साथ मैदान पर उतर सकती है।

रोहित की कप्तानी में मुंबई ने जीते थे पांच खिताब
रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। उनकी अगुवाई में टीम ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, 2024 सीजन से पहले फ्रेंचाइजी ने कप्तानी हार्दिक पांड्या को सौंप दी थी।

अब 2027 सीजन से पहले रोहित की वापसी की चर्चा तेज हो गई है। इंडियन एक्सप्रेस की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंचाइजी ने रोहित को फिर से कप्तानी संभालने का प्रस्ताव दिया है और उन्होंने इसके लिए सहमति दे दी है।

हार्दिक पांड्या के भविष्य पर भी नजर
कप्तानी में बदलाव की चर्चा के बीच हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। उनके दूसरी फ्रेंचाइजी में ट्रेड होने की संभावनाओं पर भी चर्चा है। हालांकि, यदि हार्दिक मुंबई के साथ बने रहते हैं तो रिपोर्ट के मुताबिक वह रोहित की कप्तानी में खेलने के लिए तैयार हैं।

क्या पुराने कप्तान के साथ लौटेगी मुंबई की किस्मत?
मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल 2027 काफी अहम माना जा रहा है। टीम पिछले कुछ सीजन में लगातार अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी है। ऐसे में पोलार्ड की कोचिंग और रोहित की संभावित कप्तानी के साथ फ्रेंचाइजी नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार कर सकती है।

‘जेलर 2’ ने तेलुगु में तोड़े 5 फिल्मों के रिकॉर्ड, बनी 2026 की छठी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म

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सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। तमिल सिनेमा में शानदार प्रदर्शन के बाद फिल्म के तेलुगु संस्करण ने भी दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। फिल्म ने तेलुगु बॉक्स ऑफिस पर पांच फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए एक नया मुकाम हासिल किया है। इसके साथ ही यह 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में छठे स्थान पर पहुंच गई है।

फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के शुरुआती दिनों से ही इसके कलेक्शन में तेजी देखने को मिली। रजनीकांत की लोकप्रियता और फिल्म के एक्शन से भरपूर अंदाज ने दक्षिण भारतीय बाजार में इसे बड़ी सफलता दिलाई है।

दुनियाभर में 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई
‘जेलर 2’ ने महज 12 दिनों में दुनियाभर में लगभग 733 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया था। इस प्रदर्शन के साथ फिल्म ने रजनीकांत की ही ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘2.0’ के लगभग 691 करोड़ रुपये के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म बन गई।

फिल्म ने भारत में भी शानदार कारोबार किया है। तमिल के अलावा तेलुगु, हिंदी और कन्नड़ संस्करणों से इसे अच्छी कमाई हुई है। खास तौर पर तेलुगु बाजार में फिल्म की सफलता ने इसके कुल कारोबार को मजबूती दी है।

दमदार स्टारकास्ट ने बढ़ाया फिल्म का आकर्षण
नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल, शिवराजकुमार, जैकी श्रॉफ, राम्या कृष्णन, विद्या बालन, मिथुन चक्रवर्ती और एसजे सूर्या जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म का निर्माण सन पिक्चर्स ने किया है।

‘जेलर 2’ की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि रजनीकांत का स्टारडम दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ देशभर के बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ा प्रभाव रखता है।

डिंडोरी में कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की नई संभावनाएं हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डिंडोरी जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और विकास को लेकर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। यहां कृषि विकास की नई संभावनाएं हैं, जो उत्साहजनक हैं। डिंडोरी उनके लिए विशेष महत्व रखने वाला जिला है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को इंदौर एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिंडोरी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों को खेती की नई संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। डिंडोरी जैसे जनजातीय बहुल जिले में कृषि के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक प्रयास सराहनीय हैं। राज्य सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में कोदो, कुटकी के साथ धान की खरीदी का निर्णय लिया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का उचित लाभ मिलेगा और परंपरागत कृषि उत्पादों को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

किसान कल्याण वर्ष में गौपालन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से कृषि और पशुपालन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्राम में उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौपालन को प्रोत्साहित करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

डिंडोरी को मिली आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडोरी जिले को हाल ही में आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात मिलने का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी जिले को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से डिंडोरी की प्रगति को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जिला विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

बलराम कृषि महोत्सव की श्रृंखला का 49वां आयोजन
कार्यक्रम में राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। डिंडोरी में आयोजित यह श्रृंखला का 49वां कार्यक्रम है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। इंदौर में वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का किया आत्मीय स्वागत

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनका प्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री नड्डा के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीय मुलाकात हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत के अवसर पर प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई गई।

धान खरीदी में किसानों को नहीं होगी परेशानी, व्यवस्था सुचारू रखना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और खरीदी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। इसके साथ ही बारदाने, तौल व्यवस्था, परिवहन और धान के सुरक्षित भंडारण से जुड़ी तैयारियों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला हैं। उनकी मेहनत और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और धान खरीदी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

सरकार का उद्देश्य है कि धान खरीदी का पूरा कार्य समयबद्ध तरीके से संपन्न हो और किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।

गौपालक महिलाओं ने सुनाई सफलता की कहानी तो पीएम मोदी हुए मुरीद, बेटियों की शिक्षा को लेकर दी खास सलाह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात दौरे के दौरान बनासकांठा के भिलडी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) पहुंचे। यहां उन्होंने महिला डेयरी किसानों और गौपालक महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान महिलाओं ने पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अपनी जिंदगी में आए बदलावों की कहानी प्रधानमंत्री के साथ साझा की। उनकी उपलब्धियां सुनकर पीएम मोदी काफी प्रभावित नजर आए।

प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि बनासकांठा में हुई यह बातचीत बेहद खुशी देने वाली है। कृषि, डेयरी और पशुपालन किस तरह महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहे हैं, यह देखकर अच्छा लगता है।

नर्मदा का पानी पहुंचा तो बदली किसानों की किस्मत
बातचीत के दौरान एक महिला ने प्रधानमंत्री को बताया कि नर्मदा नहर का पानी उनके खेतों तक पहुंचने से खेती की तस्वीर बदल गई। पहले उनके परिवार को लगता था कि खेतों तक पानी कभी नहीं पहुंचेगा, लेकिन नहर बनने के बाद कच्छ के रण तक पानी पहुंचने लगा। महिला ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और बताया कि सिंचाई की सुविधा ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोबर बना कमाई का नया जरिया
एक अन्य महिला ने गोबरधन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि पहले पशुओं के गोबर को बेकार समझा जाता था और उससे उपले बनाए जाते थे। लेकिन अब गोबर का इस्तेमाल आमदनी बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। पशुओं का गोबर अब उनके लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन गया है। महिला की बात सुनकर पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया।

पीएम मोदी ने दी बेटियों को पढ़ाने की सलाह
महिलाओं की सफलता की कहानियां सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सभी महिलाएं खूब प्रगति करें और बनासकांठा को आगे लेकर जाएं। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें पढ़ाने में कभी कोई कमी नहीं रखनी चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि बेटियां पढ़-लिखकर आगे आएंगी तो समाज और परिवार में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि बेटियों को घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें शिक्षा और आगे बढ़ने के पूरे अवसर दें।

महिला सशक्तिकरण की बन रही नई मिसाल
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, पशुपालन, सिंचाई और कृषि से जुड़े अनुभव सामने आए। इन महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि डेयरी और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।