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प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा का वह केन्द्र है जहां जनसेवक संसदीय सदन में लोक कल्याण का पावन अनुष्ठान संपादित करते हैं और इसलिए लोकतंत्र में संसदीय सदन को मंदिर की संज्ञा दी गयी है और इस मंदिर की प्रतिष्ठा सभी सदस्यों के आचरण व्यवहार और विचार पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की गणना देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं के उदाहरण के रूप में होती है। इस विधानसभा में पक्ष-प्रतिपक्ष के मध्य जो समन्वय है, सामन्जस्य है, और समादर का भाव है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय और अनुकरणीय है।

राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के प्रति उत्तरदायी रहते हुए समर्पण भाव से कार्य करें। राज्यपाल डेका ने कहा कि सभी प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करें, तभी राज्य निरंतर प्रगति करेगा। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद, स्वच्छता अभियान में सहभागिता तथा समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वतः निलंबित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। ऐसी विशिष्ट संसदीय परंपराओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को जनता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक विमर्श को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से जनता तक पहुँचाने में संसदीय पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है।

मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित विधायकों की सराहना करते हुए कहा कि धरमलाल कौशिक का सार्वजनिक जीवन अत्यंत समृद्ध और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए संसदीय परंपराओं को समृद्ध किया है। वहीं राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रथम बार विधायक निर्वाचित होने के बावजूद सदन में तथ्यपूर्ण, अध्ययनशील एवं प्रभावी ढंग से अपनी बात रखकर एक सकारात्मक पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्कृष्ट संसदीय आचरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण के बाद आज नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण विधानसभा के विकास की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की षष्ठम विधानसभा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पक्ष और प्रतिपक्ष राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रदेशहित के विषयों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करते हैं। यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह संसदीय लोकतंत्र की सर्वोत्तम परंपराओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है। ऐसे सम्मान जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक उत्तरदायी तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।

समारोह के सांस्कृतिक आयोजन में देश के प्रख्यात भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने लोकप्रिय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे प्रेक्षागृह को आध्यात्मिक वातावरण से अनुप्राणित कर दिया और कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, विधायकगण, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी इन उभरती हुई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अवसरों में किसी प्रकार की असमानता न रहे और गाँव का बच्चा भी भविष्य की तकनीकों में उतना ही सक्षम बने जितना किसी महानगर का विद्यार्थी होता है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, प्रयोगधर्मिता और रचनात्मक सोच का विकास करना है। यह मोबाइल लैब उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो बच्चों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों के निर्माण और नवाचार की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है तथा बच्चों को समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ जैसी अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की सोच विकसित होगी और वे आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मजबूत नींव तैयार करेगी।

उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही हैं। यह मोबाइल साइंस लैब भी उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

मोबाइल लैब की तकनीकी सुविधाओं का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का स्वयं निरीक्षण किया तथा यह जाना कि विद्यार्थी किस प्रकार इन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों को मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती है।

एक वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा

उल्लेखनीय है कि यह मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों तथा सरस्वती शिशु मंदिरों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। पाँच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिनों की कार्यशाला आयोजित करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा AR/VR जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आगामी चरणों में अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना, 3डी मॉडल तैयार करना तथा AI और AR/VR जैसी तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें तकनीकी समझ, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल लैब में स्थापित फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी लिखे और इस अभिनव पहल की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar

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‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar
भूत बंगला और वेलकम टू द जंगल जैसी कॉमेडी फिल्मों के बाद अक्षय कुमार (Akshay Kumar) मोस्ट अवेटेड मूवी हैवान में नजर आएंगे। निर्देशक प्रियदर्शन के साथ अक्षय की ये 8वीं फिल्म है, जिसकी चर्चा लंबे समय से चल रही है। अब तक प्रियदर्शन संग अधिक कॉमेडी फिल्में करने वाले अक्की अब हैवान के जरिए हैवानियत फैलाने को तैयार हैं।

देर रात अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके जरिए उन्होंने ये जानकारी दी थी कि बुधवार यानी आज हैवान (Haiwaan) को लेकर बहुत बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है।

हैवान का आएगा टीजर
फिल्म हैवान की चर्चा काफी वक्त से हो रही है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे कलाकारों से सजी हैवान एक साइको थ्रिलर फिल्म है, जिसमें दोनों की कलाकारों का किरदार काफी अहम रहने वाला है।

18 साल बाद अक्षय और सैफ की वापसी
फिल्म हैवान के जरिए अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी लंबी समय बाद वापसी करेगी। मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, आरजू और टशन जैसी कई मूवीज में नजर आने वाले अक्षय और सैफ 18 साल बाद फिल्म हैवान में एक साथ नजर आएंगे। इस मूवी का एलान बीते साल प्रियदर्शन की तरफ से किया गया था। इस वजह से हैवान को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट काफी हाई है।

रोग, कर्ज व शत्रु बाधा से राहत के लिए महादेव को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय

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रोग, कर्ज व शत्रु बाधा से राहत के लिए महादेव को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय
साल 2026 का सावन भगवान शिव के भक्तों के लिए कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार सावन के दौरान ऐसे कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो सालों के बाद देखने को मिलते हैं। इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। पूरे महीने शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का आयोजन होगा।
इस बार क्यों खास रहेगा सावन?

सावन के 4 सोमवार में से 2 सोमवार विशेष महत्व के माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा संयोग 17 अगस्त को बन रहा है। इस दिन सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सामान्यतः नाग पंचमी और सावन सोमवार अलग-अलग तिथियों पर पड़ते हैं, लेकिन इस बार दोनों का एक साथ आना अत्यंत दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसा योग करीब 23 साल बाद बन रहा है। इससे पहले यह संयोग वर्ष 2003 में देखने को मिला था।

नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयुक्त प्रभाव
मान्यता है कि सावन सोमवार और नाग पंचमी के दिन भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक बेलपत्र अर्पित करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों में कमी आती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का संचार होता है। इस दिन शिव उपासना करने से कालसर्प दोष, ग्रह बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से भी राहत मिलने की मान्यता है

राहुल गांधी को राहत, कोर्ट ने खारिज की निगरानी याचिका

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राहुल गांधी को राहत, कोर्ट ने खारिज की निगरानी याचिका
गृहमंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत मिली है। स्पेशल जज राकेश यादव की अदालत ने भाजपा नेता विजय मिश्र की निगरानी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया। इस फैसले से स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।

अब मामले में 18 जुलाई को सुनवाई होगी। स्पेशल जज ने अपने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित अंतिम बहस की कार्यवाही को रोकना उचित नहीं था। अदालत ने माना कि परिवादी की ओर से दायर निगरानी याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में दायर किया था। आरोप है कि राहुल गांधी ने अमित शाह के संबंध में विवादित टिप्पणी की थी।

आवाज के नमूने की मांग खारिज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान विजय मिश्र ने 12 मार्च को राहुल गांधी की आवाज का नमूना जांच कराने की मांग की थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी। उन्होंने जमानतनामा प्रस्तुत करने और अंतिम बहस आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। विजय मिश्र ने इस आदेश को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। बुधवार को स्पेशल जज ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज

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IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज
रेल मंत्री ने छात्रों से किया अपना वादा तय समय पर पूरा कर दिया है। यात्रियों को बेहतर टिकट बुकिंग अनुभव देने के लिए आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। नई वेबसाइट को यूजर्स के लिए ट्रायल के तौर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि यात्री इसके नए डिजाइन और सुविधाओं का अनुभव लेकर अपने सुझाव दे सकें।

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट को यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें आसान नेविगेशन, साफ-सुथरा इंटरफेस और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। वेबसाइट में किए गए सुधारों के सुझाव मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने रेल मंत्री के साथ बातचीत के दौरान दिए थे।

आईआरसीटीसी वेबसाइट की शुरुआत साल 2002 में हुई थी और फिलहाल इस पर रोजाना औसतन करीब 14.5 लाख टिकट बुक होते हैं। नई वेबसाइट में चार बड़े बदलाव किए गए हैं।

ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन

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ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वेस्टइंडीज क्रिकेट में सुधार के लिए बड़ा लोन पास किया है. स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबरा में जय शाह की अध्यक्षता में हुई आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस लोन को मंजूरी दी गई. लोन की रकम 12.82 मिलियन अमेरिकी डॉलर है. अगर इस रकम को भारतीय पैसों में तब्दील किया जाए तो करीब 123 करोड़ रुपये बनते हैं.

यह लोन बोर्ड को जरूरी आर्थिक मदद देगा. वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड घटती कमाई, खत्म होते कैश रिजर्व और 2026 में होने वाले एक और बड़े नुकसान की आशंका से जूझ रहा है. आईसीसी ने लोन देते वक्त कहा कि ‘यह सदस्य बोर्ड के समर्थन करने के लिए है.’
लोन चुकाने पर कोई खुलासा नहीं

हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि लोन चुकाने की अवधि, ब्याज दर, सिक्योरिटी से जुड़े इंतजाम या फंडिंग से जुड़ी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड आईसीसी के जरिए दिए गए लोन को किस तरह से अपने क्रिकेट में सुधार के लिए इस्तेमाल करता है. यह पहला मौका नहीं है कि जब वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक मदद की गई हो, इससे पहले भी कई बार बोर्ड को इस तरह की मदद मिल चुकी है.
मुश्किल में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. 30 सितंबर 2025 को खत्म हुए साल के लिए क्रिकेट वस्टइंजडीज के ऑडिट किए गए खातों में 28.14 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 270 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग लॉस दिखाया गया. पिछले फाइनेंशियल ईयर में बोर्ड ने 23.12 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 222 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया था.

बोर्ड का रेवेन्यू 2024 में 88.35 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 850 करोड़ रुपये) से घटकर 2025 में 40.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 393 करोड़ रुपये) हो गया. यह 53 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. इसके अलावा टूर और टूर्नामेंट से जुड़े खर्च 36.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 354 करोड़ रुपये) से बढ़कर USD 41.59 मिलियन (करीब 400 करोड़ रुपये) हो गए.

वृंदावन में श्रद्धालु बाबा के घर 2.90 करोड़ की चोरी का खुलासा

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वृंदावन में श्रद्धालु बाबा के घर 2.90 करोड़ की चोरी का खुलासा
वृंदावन में प्रभु भक्ति के लिए गुजरात से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु की उम्रभर की जमा-पूंजी चुराने वाले चार शातिर चोरों को मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना जैंत पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 2.90 करोड़ की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों के कब्जे से 2.60 करोड़ से अधिक की नकदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई फॉक्सवैगन लग्जरी कार, सोने-चांदी के आभूषण, महंगे मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है।

गुजरात से वृंदावन आए थे भक्ति करने
पीड़ित राकेश प्रजापति मूल रूप से गुजरात के गांधीनगर के रहने वाले हैं। करीब 18 वर्ष पहले पत्नी के निधन के बाद वे अकेले रह रहे थे। उनका बेटा मानव प्रजापति पिछले चार महीने से वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेकर भक्ति कर रहा है।

बेटे के वृंदावन आने के बाद राकेश प्रजापति ने गुजरात में अपनी संपत्तियां, जिनमें मकान, दुकान और वाहन शामिल थे, बेच दीं और वृंदावन के सुनरख क्षेत्र में फ्लैट खरीदकर स्थायी रूप से रहने लगे। उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी नकद रूप में घर में रखी हुई थी।

रची करोड़ों की चोरी की साजिश
पुलिस के अनुसार, बाबा के पड़ोस में गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक और राजन ने पहले उनसे नजदीकियां बढ़ाईं। जब उन्हें बाबा के पास रखी भारी नकदी की जानकारी मिली तो उन्होंने अपने साथी हिरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।

यूपी में 32 हजार से अधिक पदों पर होगी अध्यापकों की भर्ती

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यूपी में 32 हजार से अधिक पदों पर होगी अध्यापकों की भर्ती
प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में 81,821 शिक्षक पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने 32,700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापक पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज चुका है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग 2,643 प्रधानाध्यापक पदों का अधियाचन पहले ही आयोग को भेज चुका है।

इसके अलावा विभाग करीब 16 हजार सहायक अध्यापक और लगभग 2,600 प्रवक्ता पदों का अधियाचन भी जल्द भेजने की तैयारी में है। ऐसे में दोनों विभागों में कुल मिलाकर 32,700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक में शिक्षक पदों की रिक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में प्राथमिक (एलिमेंट्री) स्तर पर स्वीकृत 2,50,488 पदों में से 77,400 पद रिक्त हैं, जबकि माध्यमिक स्तर पर स्वीकृत 11,083 पदों में से 4,421 पद खाली हैं।

इस प्रकार कुल 81,821 शिक्षक पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों पर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द नियुक्तियां पूरी कर विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराने की सलाह दी गई।

बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात क्रमशः 19:1 और 21:1 है, जो शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के निर्धारित मानकों से बेहतर है। फिलहाल अब प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं।

आजीविका मिशन से लेकर महिला एवं बाल विकास विकास विभाग को मिली टेक होम राशन की जिम्मेदारी – एमपी कैबिनेट

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आजीविका मिशन से लेकर महिला एवं बाल विकास विकास विभाग को मिली टेक होम राशन की जिम्मेदारी – एमपी कैबिनेट
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट में प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले हुए हैं। एमपी कैबिनेट ने जन-कल्याण के लिए कुल 10 हजार 800 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है। साथ ही सहरों के कायाकल्प के लिए 8445 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। मूंग उपार्जन के लिए भी सरकार ने राशि की मंजूरी दी है।

कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना
कैबिनेट ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है।

मूंग उपार्जन के लिए राशि मंजूरी
कैबिनेट ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मे टेक होम राशन
वहीं, कैबिनेट ने टेक होम राशन की जिम्मेदारी आजीविका मिशन से वापस ले ली है। इसे महिला एवं बाल विभाग को दे दिया है। तात्कालिक रूप से अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।

शहरों का होगा कायाकल्प

कैबिनेट ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ मप्र नगर पलिका-नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका और नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोग किया जाएगा।

वाणिज्यिक कर विभाग के लिए राशि स्वीकृत
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओं को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रुपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रुपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।