आजीविका मिशन से लेकर महिला एवं बाल विकास विकास विभाग को मिली टेक होम राशन की जिम्मेदारी – एमपी कैबिनेट
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट में प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले हुए हैं। एमपी कैबिनेट ने जन-कल्याण के लिए कुल 10 हजार 800 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है। साथ ही सहरों के कायाकल्प के लिए 8445 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। मूंग उपार्जन के लिए भी सरकार ने राशि की मंजूरी दी है।
कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना
कैबिनेट ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है।
मूंग उपार्जन के लिए राशि मंजूरी
कैबिनेट ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मे टेक होम राशन
वहीं, कैबिनेट ने टेक होम राशन की जिम्मेदारी आजीविका मिशन से वापस ले ली है। इसे महिला एवं बाल विभाग को दे दिया है। तात्कालिक रूप से अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।
शहरों का होगा कायाकल्प
कैबिनेट ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ मप्र नगर पलिका-नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका और नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोग किया जाएगा।
वाणिज्यिक कर विभाग के लिए राशि स्वीकृत
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओं को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रुपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रुपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।









