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केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट की CM यादव ने की समीक्षा, विस्थापित परिवारों पर खास फोकस

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से प्रभावित पन्ना और छतरपुर जिले के गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। हालांकि, विकास के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रभावित परिवारों तक पहुंचेगा प्रशासन
सीएम यादव ने पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अधिकारी प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं की जानकारी लें। खास तौर पर जनजातीय परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका समाधान करने को कहा गया है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नए स्थानों पर बस चुके विस्थापित परिवारों को स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

8.11 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
मुख्यमंत्री के अनुसार परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश में करीब 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिल सकेगा। परियोजना में 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का भी प्रावधान है। बुंदेलखंड और मध्य भारत के 10 जिलों के करीब 1,382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

नियमित निगरानी के निर्देश
सीएम यादव ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और अधिकारियों को परियोजना की नियमित निगरानी करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों की आशंकाओं का समाधान करने पर भी जोर दिया।

छत्तीसगढ़ में विकास का नया मॉडल, AI और युवा शक्ति पर CM साय का फोकस

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य की विकास रणनीति पेश की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा। राज्य की नई विकास नीति में युवा शक्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, हरित ऊर्जा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।

युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाने का लक्ष्य
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता और बेहतर आय के अवसरों में बदलना है। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ-साथ नए व्यवसाय शुरू कर रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

छत्तीसगढ़ ने 2030 तक 5,000 स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा है। नए उद्यमियों को अपने इनोवेटिव आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग देने की व्यवस्था भी बताई गई है।

6 लाख छात्रों को AI की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 500 करोड़ रुपये की AI मिशन के तहत तकनीकी शिक्षा और डिजिटल कौशल पर बड़ा जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसके अलावा 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना है।

नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क
AI और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना है। इसके साथ 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक AI स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश के लिए नए सेक्टर पर फोकस
सीएम साय ने कहा कि स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बने रहेंगे, लेकिन अब निवेश के नए क्षेत्रों पर भी जोर दिया जा रहा है। इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था वर्ष 2025-26 में करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची और राज्य ने 11.57 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की। सरकार का प्रयास है कि तकनीक, निवेश और युवा उद्यमिता के जरिए छत्तीसगढ़ को नई आर्थिक पहचान दी जाए।

योगी सरकार ने बढ़ाया कृषक दुर्घटना योजना का बजट, हजारों किसान परिवारों को राहत

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का बजट बढ़ा दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 1,150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 1,050 करोड़ रुपये की तुलना में 100 करोड़ रुपये अधिक है।

इस योजना के तहत दुर्घटना के कारण किसान की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में पात्र लाभार्थी को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित किसान परिवारों को अचानक आने वाले आर्थिक संकट से राहत प्रदान करना है।

हजारों परिवारों को मिल चुका है लाभ
सरकार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 1,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था और करीब 21,659 आश्रित परिवारों को इसका लाभ मिला। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17 हजार से अधिक आश्रित परिवारों को सहायता मिल चुकी है।

सीएम डैशबोर्ड से निगरानी
योजना के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसके पोर्टल को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। इससे जिलों में आवेदनों और सहायता वितरण की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। सरकार का जोर पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर है।

योगी सरकार के इस कदम से दुर्घटना में प्रभावित किसान परिवारों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलने की उम्मीद है। बढ़ा हुआ बजट योजना के दायरे और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

24 राज्यों में झमाझम बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

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देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 अगस्त 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत करीब 24 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना

मध्य प्रदेश में भी मौसम का असर तेज रहने वाला है। IMD के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तर भारत में भी बारिश का जोर

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 22 अगस्त, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार बिहार में 22 से 24 अगस्त और झारखंड में 22 से 27 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से बचने तथा स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है। लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।

दुनिया भारत को उम्मीद और विकास की नई किरण के रूप में देख रही: PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भारत को विकास और उम्मीद के एक ‘ब्राइट स्पॉट’ के रूप में देख रही है। उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित Economic Times World Leaders Forum 2026 को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति और सरकार की सुधार नीतियों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय विकास को लेकर चिंताओं, संसाधनों के हथियारीकरण और देशों के बीच बढ़ते अविश्वास जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में भारत लगातार विकास की गति बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सुधार सरकार के लिए मजबूरी नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता हैं।

‘लाइसेंस राज’ से प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था तक

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक नीतियों में बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक, पहले उत्पादन बढ़ाने पर दंडात्मक व्यवस्था का प्रभाव था, जबकि अब Production Linked Incentive (PLI) जैसी योजनाओं के जरिए अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने नियामकीय व्यवस्था में भी बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का दृष्टिकोण अब ‘prohibited unless permitted’ से बदलकर ‘permitted unless prohibited’ की दिशा में जा रहा है। इसका उद्देश्य कारोबार और निवेश के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता ने देश को वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में स्थापित करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत अगले दौर के सुधारों के साथ विकास, रोजगार और अवसरों को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दुनिया का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान ‘One Earth, One Family, One Future’ का मंत्र इसी साझा भविष्य की भावना को दर्शाता है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और साझा जिम्मेदारी को जरूरी बताया।

32 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर, जिला पंचायत CEO से नगर निगम आयुक्त तक बदले

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भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 32 IAS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश में जिला पंचायत CEO, नगर निगम आयुक्त, अपर कलेक्टर और मंत्रालय में उप सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

ग्वालियर और सतना को मिले नए नगर निगम आयुक्त

तबादला सूची में अभिषेक चौधरी को ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। वहीं, डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को सतना नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नागार्जुन गौड़ा सतना स्मार्ट सिटी के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

कई जिलों के जिला पंचायत CEO बदले

फेरबदल के तहत कई जिलों के जिला पंचायत CEO भी बदले गए हैं। संघ प्रिय को सिंगरौली जिला पंचायत का CEO बनाया गया है, जबकि जगदीश कुमार गोमे को सागर जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नवीन कुमार धुर्वे को देवास जिला पंचायत CEO और सृष्टि देशमुख गौड़ा को रीवा जिला पंचायत CEO बनाया गया है।

मंत्रालय और नगरीय प्रशासन में भी बदलाव

तबादला सूची में कई अधिकारियों को मंत्रालय में उप सचिव के पद पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। संजना जैन को जल संसाधन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं, अभिषेक सराफ को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अतिरिक्त आयुक्त की जिम्मेदारी मिली है।

2024 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी

प्रशासनिक फेरबदल में 2024 बैच के अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों में SDO (राजस्व) की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बीना, बैहर, मझौली, कुक्षी, देवसर, बिछिया, शाहपुरा, बिजावर और डबरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के कई जिलों और नगरीय निकायों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है। नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारियों के जल्द कार्यभार संभालने की उम्मीद है।

यूपी में जापान का बड़ा निवेश, 600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बढ़ेंगे उद्योग और रोजगार

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उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित UP-Japan Investment Meet 2026 में जापानी कंपनियों की ओर से उत्तर प्रदेश में करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई। इस साझेदारी को राज्य में औद्योगिक विकास, तकनीक और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के संबंध अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह दीर्घकालिक और भरोसे पर आधारित औद्योगिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश, विनिर्माण और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

ग्रीन हाइड्रोजन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग

यूपी-जापान साझेदारी के तहत ग्रीन हाइड्रोजन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच इन क्षेत्रों में निवेश तथा दीर्घकालिक परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई है।

200 से अधिक जापानी उद्योगपति हुए शामिल

UP-Japan Investment Meet 2026 में जापान के 200 से अधिक CEO, उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ और वाराणसी में विभिन्न स्तरों पर सरकारी और कारोबारी बैठकों में हिस्सा लिया।

निवेश से रोजगार को मिलेगी रफ्तार

जापानी निवेश से उत्तर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जोर दिया कि इस साझेदारी का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि नई तकनीक, बेहतर कौशल, वैश्विक स्तर के उत्पाद और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है।

यूपी सरकार जापान के साथ इस साझेदारी को राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर योगी सरकार की सख्ती, बिना वजह पिकअप कैंसिल करने पर ₹100 जुर्माना

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उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी और कैब सेवाओं को लेकर योगी सरकार ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्ती बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई बुकिंग ऐप कंपनी बिना उचित कारण के यात्री का पिकअप रद्द करती है, तो उस पर ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा।

यात्रियों को बार-बार कैंसिलेशन से मिलेगी राहत

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्रियों को होने वाली परेशानियों को कम करना है। कई बार बुकिंग स्वीकार करने के बाद ड्राइवर या कंपनी की ओर से बिना स्पष्ट वजह पिकअप कैंसिल कर दिया जाता है। इससे यात्रियों को दोबारा कैब बुक करनी पड़ती है और समय के साथ-साथ अतिरिक्त किराये का भी सामना करना पड़ सकता है।

किराये में मनमानी पर भी नजर

नई नीति में केवल कैंसिलेशन ही नहीं, बल्कि किराये में मनमानी बढ़ोतरी और अनुचित व्यवहार पर भी नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। सरकार का जोर है कि ऐप आधारित परिवहन सेवाएं पारदर्शी तरीके से संचालित हों और यात्रियों को बुकिंग के समय स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो।

यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

योगी सरकार का कहना है कि परिवहन सेवाओं में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई व्यवस्था से कैब कंपनियों की जवाबदेही बढ़ने और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस कदम को प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को अधिक जवाबदेह और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

उमरिया में सात दिन से झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले; खरीफ फसलों को मिली राहत

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उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पिछले करीब सात दिनों से मानसून सक्रिय है। जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से जहां नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं खेती-किसानी के लिए बारिश राहत लेकर आई है।

खेतों में बढ़ी नमी, किसानों को राहत
बारिश का सबसे सकारात्मक असर खरीफ फसलों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों की चिंता काफी हद तक दूर हुई है। किसानों को उम्मीद है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह बना रहा तो फसलों की स्थिति बेहतर होगी और कृषि उत्पादन के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी।

नदी-नाले उफान पर
लगातार बारिश के कारण जिले की छोटी-बड़ी जलधाराओं में पानी का बहाव तेज हो गया है। कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों और जलस्रोतों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

जोहिला डैम के जलस्तर पर नजर
बारिश के चलते जलाशयों और बांधों में पानी की आवक भी बढ़ी है। जोहिला डैम के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलकर पानी छोड़े जाने को लेकर भी प्रशासन सतर्क है, ताकि आसपास के इलाकों में अचानक जलभराव या बाढ़ की स्थिति न बने।

किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद
लगातार बारिश से किसानों को इस खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। हालांकि, अत्यधिक बारिश भी फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए खेतों में जलनिकासी और मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

फिलहाल उमरिया में बारिश ने किसानों को राहत दी है। खेती के लिए पर्याप्त नमी मिलने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है, जबकि प्रशासन नदी-नालों, बांधों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

दिल्ली के करोल बाग में हादसा, निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा ढहा; एक की मौत

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। रेगरपुरा स्थित प्यारे लाल रोड पर एक पुरानी दो मंजिला इमारत को गिराने के दौरान उसका एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

 

डेमोलिशन के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इमारत में डेमोलिशन का काम एक निजी ठेकेदार की देखरेख में चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का हिस्सा गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

 

एक मजदूर की मौत, तीन घायल

हादसे में एक मजदूर की मलबे में दबने से मौत हो गई। तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

 

बिना अनुमति डेमोलिशन का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत को गिराने के लिए संबंधित एजेंसी से अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदार से पूछताछ शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।

 

घटना ने राजधानी में पुराने भवनों के डेमोलिशन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।