शारदीय नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ने लगा है। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होने की मान्यता बताई जा रही है। धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मां का हाथी पर आगमन शुभ संकेत माना जाता है। इसे सुख, समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।
नौ दिनों तक होगी मां की आराधना
शारदीय नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना से नवरात्र की शुरुआत होगी। इसके बाद ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाएगी।
हाथी पर आगमन को माना जाता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व बताया गया है। हाथी को ऐश्वर्य, स्थिरता, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होने की मान्यता हो तो इसे सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत माना जाता है।
मंदिरों और घरों में शुरू होंगी तैयारियां
नवरात्र को लेकर मंदिरों में सजावट, घट स्थापना और विशेष पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के साथ गरबा, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की भी तैयारी की जा रही है। श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करेंगे और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करेंगे।
मान्यता है कि नवरात्र में श्रद्धा और विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान शक्ति उपासना के साथ सात्विक आहार, संयम और धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व माना गया है।









