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एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

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एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों – एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग – पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 से बढ़कर ₹300 प्रतिदिन -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 से बढ़कर ₹300 प्रतिदिन -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के तहत अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी ₹261 से बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है। यह नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

सरकार के इस निर्णय से लाखों ग्रामीण श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा उनकी आय में वृद्धि होगी। मजदूरी दर में बढ़ोतरी से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ आजीविका के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे।

राज्य सरकार ने इसे श्रमिकों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के श्रमिकों की मेहनत और योगदान को उचित सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है। मजदूरी बढ़ाने का यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगा।

साय सरकार का यह फैसला सुशासन, श्रमिक कल्याण और ग्रामीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि श्रमिकों की आय बढ़ने से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

जी-राम-जी योजना से होगा हर गांव का कायाकल्प: गोविंद सिंह राजपूत

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जी-राम-जी योजना से होगा हर गांव का कायाकल्प: गोविंद सिंह राजपूत

खाद्य मंत्री ने किया करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण, छात्र-छात्राओं को वितरित कीं निःशुल्क साइकिलें
भोपाल। सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिजपुरी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नेतृत्व तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक गांव विकास की नई इबारत लिख रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि जी-राम-जी योजना गांवों के कायाकल्प करने की महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना में ग्रामवासियों की सहभागिता से गांव की प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्य कराए जाएंगे। गांव का विकास गांव के लोगों की भागीदारी से होगा और प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार करेगी। ग्रामवासी ग्राम सभा के माध्यम से अपने गांव की आवश्यकता अनुसार कार्य करा पायेंगें। जिसको लेकर भाजपा सरकार दृंढ़ संकल्पित है, हर गांव में पर्याप्त राशि पहुंचेगी, अब आपके गांव का विकास आपके स्वयं के हांथो में है। राजपूत ने कहा कि इससे पहले मनरेगा योजना गांव के विकास के लिए चलाई जाती थी, लेकिन उस योजना में विसंगति होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास अवरूद्ध जिसको देखते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव तथा भाजपा सरकार ने ग्राम के समग्र विकास के लिए जी-राम-जी योजना बनाई जिससे हर गांव का विकास निश्चित रूप से होगा। यह योजना प्रदेश में आज से शुरू होने जा रही है।

जी-राम-जी योजना से होंगे ये प्रमुख विकास कार्य :
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत गांवों में सीसी सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, सामुदायिक भवन (मंगल भवन), मंदिर एवं धार्मिक स्थलों का विकास, खेल मैदान, आंगनवाड़ी भवन, स्कूलों का उन्नयन, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता कार्य, सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण, तालाब एवं जल संरक्षण कार्य, वृक्षारोपण, पंचायत भवन सहित अन्य जनहित के विकास कार्य कराए जाएंगे। ग्रामवासियों की सहमति और आवश्यकताओं के आधार पर कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली ग्रामीणों की तस्वीर :
मंत्री राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार केवल विकास कार्य ही नहीं करा रही, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त भी बना रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है, लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनी है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा मिल रही है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में पहुंच रही है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विद्यार्थियों को मिली निःशुल्क साइकिलें :
कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित कर उन्हें नियमित रूप से विद्यालय जाने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
मंत्री राजपूत ने घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम बिजपुरी में शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा आंखों की जांच एवं उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने गांव के निकट ही मिल सकें।

ग्रामीणों ने किया खाद्य मंत्री का स्वागत :
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के लिए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मंगलवार को भोपाल पधारे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत किया, उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बागेश्वर धाम द्वारा संचालित संस्थानों की जानकारी दी और उन्हें कामधेनु गौमाता की प्रतिमा भेंट की।

पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल

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पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियों में एक बार फिर उबाल तब देखा गया जब तृणमूल कांग्रेस की मुखर सांसद महुआ मोइत्रा पर कृष्णानगर में एक रेस्टोरेंट के बाहर भीड़ ने अंडे फेंके। यह घटना बुधवार को घटित हुई, जिसके बाद सांसद मोइत्रा ने सीधा आरोप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर लगाया और राज्य पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए, उन्हें तमाशबीन करार दिया। यह वाकया उस वक्त हुआ जब सांसद अपनी गतिविधियों के सिलसिले में बाहर निकली थीं और अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

इस अप्रत्याशित घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सड़क पर जमा भीड़ में से कुछ लोग सांसद मोइत्रा पर अंडे फेंक रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त यह हमला हो रहा था, उसी भीड़ के पास कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन उनकी तरफ से कोई सक्रिय हस्तक्षेप या कार्रवाई होती नहीं दिखी। सांसद मोइत्रा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी आपबीती बयां की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह हमला भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अंजाम दिया गया है और राज्य की पुलिस मूकदर्शक बनकर सब देखती रही।

महुआ मोइत्रा ने खुद मोबाइल से रिकॉर्ड किया हमले का वीडियो
घटना के दो अलग-अलग कोणों से रिकॉर्ड किए गए वीडियो सामने आए हैं, जो इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाते हैं। एक वीडियो में कुछ पुरुष और महिलाएं सांसद की ओर अंडे फेंकते हुए और नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि पास की सड़क पर वाहन सामान्य रूप से चल रहे थे। यह दृश्य कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। दूसरा वीडियो स्वयं सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। इस फुटेज में अंडे खिड़कियों पर लगते हुए साफ दिख रहे हैं, जबकि कृष्णानगर की सांसद अपने स्थानीय टीएमसी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठी हुई इस घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं। यह वीडियो उनके अंदरूनी दृष्टिकोण को दर्शाता है कि किस तरह वे इस हमले का सामना कर रही थीं।

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: दो मेगा हाईवे परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: दो मेगा हाईवे परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 14,115 करोड़ रुपये के दो महत्वपूर्ण हाईवे और टनल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन अहम परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की है। ये फैसले देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई राह देंगे।

दिल्ली में यातायात जाम से जूझ रहे लाखों लोगों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के अंदर 6 लेन वाले अत्याधुनिक द्वारका टनल के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस बड़े प्रोजेक्ट पर कुल 6,970 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आएगा। यह टनल राष्ट्रीय राजमार्ग 148AE पर बनेगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिवमूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ना है। शिवमूर्ति इंटरचेंज द्वारका एक्सप्रेसवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 248 BB) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस टनल के बनने से वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और आवागमन तेज हो जाएगा।

5 साल में पूरा होगा मेगा प्रोजेक्ट
इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर तय की गई है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें से 3.1 किलोमीटर लंबा टनल दक्षिणी रिज फॉरेस्ट के नीचे से होकर गुजरेगा। सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5 साल का समय निर्धारित किया है। इसका सीधा अर्थ है कि दिल्लीवासियों को अगले कुछ सालों में यातायात जाम से बड़ी राहत मिल जाएगी। यह एक आधुनिक ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट प्रोजेक्ट है, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के आधार पर विकसित किया जाएगा।

कानपुर से कबरई तक बनेगा 242 किमी लंबा 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे
इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश राज्य को भी विकास का एक बड़ा तोहफा मिला है। यूपी में कानपुर से कबरई तक एक बिल्कुल नया 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बनाया जाएगा। इस हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत 7,145 करोड़ रुपये तय की गई है। यह 242 किलोमीटर लंबा हाईवे भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे बीओटी मोड यानी टोल के आधार पर विकसित किया जाएगा।

इस नए हाईवे के बनने से कानपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। महोबा एक आकांक्षी जिला है, और वहां विकास की नई किरण पहुंचेगी। सरकार ने इस पूरे काम को सिर्फ ढाई साल में खत्म करने का लक्ष्य रखा है। कबरई में एग्रीगेट माइनिंग का बड़ा काम होता है। वहां से कानपुर और भोपाल तक माल की आपूर्ति के लिए इस हाईवे की सख्त आवश्यकता थी।

इस प्रोजेक्ट से जाम होगा कम, सफर होगा तेज
नया हाईवे कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और कबरई में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत दिलाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कानपुर से कबरई का सफर अब साढ़े तीन घंटे की बजाय सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा होगा। सफर के समय में सीधे 58 प्रतिशत की भारी कमी आएगी। इस हाईवे पर गाड़ियां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की शानदार गति से दौड़ सकेंगी। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री गति शक्ति के 4 इकोनॉमिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक नोड्स को भी आपस में जोड़ेगा। कुल मिलाकर सरकार इन दोनों परियोजनाओं पर 14,115 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

3 मैचों में 5 गोल ठोक मेसी-एम्बापे की कतार में आए एर्लिंग हालैंड

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3 मैचों में 5 गोल ठोक मेसी-एम्बापे की कतार में आए एर्लिंग हालैंड
नॉर्वे के स्टार फुटबॉलर एर्लिंग हालैंड ने 30 जून को फीफा वर्ल्ड कप में एक बार फिर कमाल कर दिया। उनके मैच के आखिरी पलों में किए गए शानदार गोल की मदद से नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के बाद हालैंड को ‘दुनिया का सबसे खतरनाक गोलस्कोरर’ बताया जा रहा है।

टेक्सास के एर्लिंगटन में मौजूद ‘एटीएंडटी स्टेडियम’ (AT&T Stadium) में खेले गए इस मैच में मैनचेस्टर सिटी के स्टार खिलाड़ी हालैंड ज्यादातर समय शांत रहे, लेकिन 86वें मिनट में उन्होंने मौका पाकर मैच का विजयी गोल दाग दिया। मैच में नॉर्वे के लिए पहला गोल एंटोनियो नुसा (Antonio Nusa) ने किया था, जिसके बाद आइवरी कोस्ट के अमाद डियालो ने गोल करके मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था। अंत में हालैंड ने गोल कर नॉर्वे को जीत दिला दी।

लगातार गोल कर हालैंड ने रचा इतिहास
इस वर्ल्ड कप के 3 मैचों में हालैंड का यह पांचवां गोल है। टूर्नामेंट में सिर्फ अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी (Lionel Messi) और फ्रांस के किलियन एम्बापे (Kylian Mbappé) (6-6 गोल) ही उनसे आगे हैं। हालैंड के इस गोल ने नॉर्वे को वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में उसकी पहली जीत दिलाई है और अब अगले राउंड (लास्ट-16) में नॉर्वे का सामना ब्राजील से होगा। हालैंड ने अपने पिछले 13 इंटरनेशनल मैचों में लगातार गोल किए हैं, जिसमें उन्होंने कुल 25 गोल दागे हैं।

कोच और कप्तान ने की जमकर तारीफ
नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड (Martin Ødegaard) ने कहा कि हालैंड का टीम में होना हमारे लिए गर्व की बात है। वहीं, कोच स्टेल सोलबैकेन (Ståle Solbakken) ने उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा गोलस्कोरर बताया। कोच ने कहा, ‘वह आज मैच में ज्यादा नहीं दिखे, लेकिन अंत में उन्होंने टीम के लिए विनिंग गोल कर दिया। उनके रहने से टीम में एक भरोसा रहता है।’

सिंधु जल संधि को लेकर फिर गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान

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सिंधु जल संधि को लेकर फिर गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस्लामाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पानी को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका या कम किया तो दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।

पाकिस्तान ने दी ‘युद्ध’ जैसी चेतावनी
पाकिस्तान ने कहा है कि अगर उसके हिस्से के पानी को रोकने या कम करने की कोशिश की गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति पहले ही कह चुकी है कि पानी में किसी भी तरह की कटौती को गंभीर कदम माना जाएगा।

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का बयान
सिंधु जल मामले में इशाक डार ने कहा कि पानी का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों का पानी देशों के बीच सहयोग और बातचीत का माध्यम होना चाहिए। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे जल बंटवारे का आधार रही है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है।

पाकिस्तान ने दुनिया से मांगा समर्थन
इशाक डार ने भारत के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि कोई भी देश एकतरफा तरीके से ऐसे समझौते को खत्म नहीं कर सकता। साझा जल संसाधनों का इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए, इन्हें सहयोग, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर देशों के बीच एक सेतु के रूप में बने रहना चाहिए।

मुसादिक मलिक ने द्वितीय विश्व युद्ध की चेतावनी
पाकिस्तान के मंत्री मुसादिक मलिक ने सिंधु जल संधि को लेकर सबसे बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता कायम नहीं रहता तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने अंतरराष्ट्रीय नियमों पर सवाल उठेंगे। मलिक ने कहा, सिंधु जल संधि ने दो परमाणु शक्तियों के बीच तीन युद्ध देखे हैं। यदि यह संधि कायम नहीं रहती है, तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कागज पर बनी कोई भी विश्व व्यवस्था सुरक्षित नहीं रहेगी।

दिल्ली में EV पॉलिसी लागू होने के बाद पेट्रोल की गाड़ियां होंगी बंद

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दिल्ली में EV पॉलिसी लागू होने के बाद पेट्रोल की गाड़ियां होंगी बंद
दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी लागू कर दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि नई ईवी पॉलिसी गजट में नोटिफाई हो चुकी है. नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और छोटे कमर्शियल वाहन खरीदने वालों को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी. साथ ही 30 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन टैक्स भी पूरी तरह माफ रहेगा.

EV खरीदने पर मिलेगी मोटी सब्सिडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “एक जुलाई, आज दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी गजट में नोटिफाई हो चुकी है. इसका क्रियान्वयन भी हो गया है. आज से जो भी EV टू-व्हीलर खरीदेगा, उस पर सरकार 30 हजार रुपये की सब्सिडी देगी. थ्री-व्हीलर पर 50 हजार रुपये की सब्सिडी और N1, यानी जिसे छोटा हाथी कहा जाता है, उस पर सरकार ने 1 लाख रुपये की सब्सिडी देना मंजूर किया है.”

उन्होंने आगे बताया, “30 लाख रुपये से कम कीमत की जितनी भी गाड़ियां हैं, उन पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन टैक्स पूरी तरह माफ है. अगर किसी को अपना पुराना वाहन बदलकर नया वाहन लेना है, तो स्क्रैपिंग पर भी सरकार इंसेंटिव दे रही है. टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर, सभी पर इंसेंटिव मिलेगा.”

पेट्रोल गाड़ियां नहीं होंगी बंद- सीएम
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नई नीति का मतलब मौजूदा पेट्रोल वाहनों पर रोक लगाना नहीं है. उन्होंने कहा, “बहुत सारे लोग यह कह रहे हैं कि पेट्रोल के वाहन बंद हो जाएंगे. नहीं, यदि आपके पास पेट्रोल वाहन है, तो उसकी जितनी भी समय-सीमा है, आप उसे बिना किसी रोक-टोक के चला सकते हैं.”

2027 और 2028 से लागू होंगे नए नियम
रेखा गुप्ता ने आगे कहा, “जब हम सुधार की बात करते हैं, प्रदूषण कम करने की बात करते हैं और दूसरी देशों के लिए उदाहरण स्थापित करने की बात करते हैं, तो दिल्ली शहर में पहली बार दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अगर यह सारी कार्रवाई पहले की सरकारों ने कर दी होती, तो शायद अब यह कदम नहीं उठाने पड़ते. जनवरी 2027 से जो एक लाख थ्री-व्हीलर हैं, उन्हें बदलने के लिए सरकार उत्साहित भी है. उनका रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा. वहीं, अप्रैल 2028 से पेट्रोल के नए टू-व्हीलर वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भैंसवा माता, राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव भैंसवा माता, राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें।

पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा है। रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने दूधतलाई पर पहुंचकर पवित्र गंगा-पूजन किया। पर्यावरण संरक्षण और जीव-दया के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुओं को चारा खिलाया और गौ-पूजन भी किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बेलपत्र का पौध-रोपण किया और नागरिकों को हरित पर्यावरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0’ की विकास प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक रूप से ‘कन्या पाद पूजन’ और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत राजगढ़ जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही राजगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से जिला पुरातत्व एवं राजगढ़ पर्यटन पर केंद्रित एक विशेष प्रमोशनल फिल्म, आकर्षक कॉफी टेबल बुक तथा आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स का अनावरण भी किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक नरसिंहगढ़ मोहन शर्मा, विधायक राजगढ़ अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर, हजारीलाल दांगी, ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा सहित जन प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।