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बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

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बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएम स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

इंदौर में टला बड़ा हादसा, बेकाबू हुआ निगम का वाहन

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इंदौर में टला बड़ा हादसा, बेकाबू हुआ निगम का वाहन
इंदौर के पटेल ब्रिज क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर अचानक बेकाबू होकर सड़क पर चल रहे कई वाहनों से टकरा गया। दरअसल इस हादसे में चार लोग घायल हो गए, जबकि तीन से चार कारें और दो मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ भी कर दी।

वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय नगर निगम का पानी का टैंकर पटेल ब्रिज से गुजर रहा था। इसी दौरान टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। टैंकर को बेकाबू होता देख सड़क पर मौजूद वाहन चालक और राहगीर घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। तेज रफ्तार और अनियंत्रित टैंकर ने कई कारों और मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी, जिससे चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा टैंकर के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टैंकर अचानक पूरी तरह चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया था और सड़क पर आगे बढ़ते हुए एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में डर और घबराहट फैल गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने टैंकर में तोड़फोड़ कर अपना विरोध जताया।

बड़ा हादसा होने से टल गया
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि जब चालक को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ, तो उसने टैंकर को फुटपाथ की ओर मोड़ दिया। इसके बाद टैंकर रुक गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लोगों का कहना है कि अगर चालक ऐसा नहीं करता, तो टैंकर आगे और भी कई वाहनों को टक्कर मार सकता था और नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था। हालांकि, इसके बावजूद हादसे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई लोग घायल हो गए।

हादसे में किसी की मौत की सूचना सामने नहीं आई
इस दुर्घटना में तीन से चार निजी कारें और दो मोटरसाइकिलें बुरी तरह टूट गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहन मौके पर ही क्षतिग्रस्त होकर रुक गए। जानकारी के अनुसार, टैंकर में सवार एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की मौत की सूचना सामने नहीं आई है।

हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। वहीं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने खराब स्थिति वाले वाहन को सड़क पर उतारा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है

कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत 3 उम्मीदवार निर्विरोध जीते

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कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का दबदबा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत 3 उम्मीदवार निर्विरोध जीते
कर्नाटक में विधानसभा की मौजूदा सियासी तस्वीर को दर्शाते हुए राज्यसभा की चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने अपनी मजबूत स्थिति का पुनः प्रदर्शन किया है। सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने सभी तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराकर शानदार सफलता अर्जित की है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा व वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान शामिल हैं। इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एम. नागराज भी निर्विरोध चुने गए हैं।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मैदान में उतरे प्रत्याशियों की संख्या और उपलब्ध पदों की संख्या समान होने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। फलस्वरूप, कर्नाटक से चारों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हुई। यह परिणाम कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत सियासी स्थिति को एक बार फिर रेखांकित करता है, जहाँ सरकार में होने के कारण कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त प्राप्त हुई है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत तीन उम्मीदवार विजयी
कांग्रेस के लिए यह निर्विरोध विजय अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय राजनीति के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा में प्रवेश अत्यंत अहम है। उनका उच्च सदन में उपस्थित होना पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को और मजबूती प्रदान करेगा तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी अनुभवी आवाज सदन में सुनाई देगी। उधर, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो कांग्रेस आलाकमान के निकटस्थ माने जाते हैं, का उच्च सदन पहुंचना पार्टी की रणनीतिक सुदृढ़ता का स्पष्ट संकेत है। यह दर्शाता है कि पार्टी अपने प्रमुख विचारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में अग्रसर है। इसके अतिरिक्त, मंसूर अली खान का निर्वाचन पार्टी की सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन की राजनीति का एक अभिन्न अंग माना जा रहा है, जो विभिन्न समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ को सुदृढ़ करता है।

भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज भी निर्विरोध जीते
दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी एम. नागराज का निर्विरोध निर्वाचन भी पार्टी के लिए राहत की बात है। कर्नाटक विधानसभा में अपने विधायकों की संख्याबल के आधार पर भाजपा ने एक सीट पर दावा किया था, जिसमें उसे सफलता मिली। यह परिणाम भाजपा के लिए भी संतोषजनक माना जा रहा है, क्योंकि उसने अपनी निर्धारित सीट पर बिना किसी चुनौती के जीत हासिल की है।

इन राज्यसभा चुनावों का परिणाम कर्नाटक की वर्तमान सियासी तस्वीर को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ सत्तासीन कांग्रेस सरकार में होने के कारण मजबूत स्थिति में परिलक्षित होती है। सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने से यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी भी दल ने अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले की स्थिति निर्मित नहीं की। इन परिणामों के उपरांत, कर्नाटक से राज्यसभा में प्रवेश करने वाले चारों उम्मीदवार – मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा, मंसूर अली खान व एम. नागराज – का कार्यकाल शीघ्र प्रारंभ होगा। वे उच्च सदन में अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाएंगे।

‘पेड्डी’ विवाद के बीच एक्ट्रेस मधु का बयान वायरल

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‘पेड्डी’ विवाद के बीच एक्ट्रेस मधु का बयान वायरल
‘रोजा’ और ‘फूल और कांटे’ ‘रोजा’ और ‘फूल और कांटे जैसी सदाबहार फिल्मों के लिए मशहूर अभिनेत्री मधु शाह ने हाल ही में IANS के साथ बातचीत में ‘पेद्दी’ विवाद के बाद फिल्मों में महिलाओं को दिखाए जाने के तरीके पर चल रही बहस पर बात की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 1991 की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ‘फूल और कांटे’ में छेड़छाड़ (ईव-टीज़िंग) को सही ठहराया गया था। उन्होंने माना कि अगर वही कंटेंट आज रिलीज किया जाता, तो सोशल मीडिया पर बहस चल रही होती।

‘फूल और कांटे’ ने ईव-टीजिंग को किया था ग्लोरिफाई
एक्ट्रेस मधु कहती हैं, “मेरे समय में, ‘फूल और कांटे’ फ़िल्म का पहला गाना ईव-टीज़िंग पर था। ये भी कहा कि उनके पहले 2 गाने सिर्फ ईव-टीजिंग के बारे में ही थे। जिसमें कॉलेज कैंपस में लड़के एक लड़की का पीछा कर रहे हैं, सीटी बजा रहे हैं, उसे परेशान कर रहे हैं और मैं इसे रोमांस के तौर पर देख रही हूं। हम सभी इसे रोमांस ही समझते थे। मुझे उस लड़के से प्यार हो गया जो मुझे छेड़ता और परेशान करता था। अगर आज कोई लड़का कॉलेज कैंपस में आपका पीछा करे और ये सब करे, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

मधू ने रेप सीन और दर्शकों की बदलती सोच पर बात की
इस बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि फिल्मों के नियम कितने बदल गए हैं। उन्होंने कहा, “उस समय रेप सीन आसानी से एक्सेप्ट कर लिए जाते थे, इसलिए वो लगभग हर फिल्म में शामिल किए जाते थे। उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता था। असल में, रंजीत सर को ‘रेप स्पेशलिस्ट’ कहा जाता था। ऐसे सीन में खींचतान, संघर्ष और मारपीट दिखाई जाती थी। मैं भी ऐसे ही एक सीन का हिस्सा रही हूं।” इसके साथ ही एक्ट्रेस ने कहा, “आजकल फिल्मों में रेप सीन बहुत कम दिखाए जाते हैं। अगर दिखाए भी जाते हैं, तो उन्हें बहुत हल्के-फुल्के तरीके से पेश किया जाता है।”

सिनेमा सोसाइटी की झलक दिखाता है
मधू ने उस समय की पसंद और आज की उम्मीदों के बीच साफ अंतर बताया। उन्होंने कहा, “इसलिए, आज आप इसे किसी फिल्म में दिखा भी नहीं सकते, क्योंकि अगर आप इसे फिल्म में दिखाते हैं और दर्शक इसे पसंद करने लगते हैं, तो इससे जवान आदमियों को एक तरह की मजूरी मिल सकती है कि वो ऐसा कर सकते हैं। लेकिन, आप ऐसा नहीं कर सकते; ये रोमांस नहीं है, ये प्यार नहीं है, ये छेड़छाड़ है और उत्पीड़न है। फिर भी, 90 के दशक में यही चीज सबसे बड़ी हिट बनी थी, और मैं भी उस हिट फिल्म का हिस्सा रही हूं। लेकिन तब उसे ट्रोल नहीं किया गया था, बल्कि उसे एक बड़ी हिट माना गया था।”

अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं बस यह कहना चाहती हूं कि हमारा सिनेमा हमारे समाज को दिखाता है। जैसे-जैसे समाज बदलता है, जैसे-जैसे बातचीत का तरीका बदलता है, फिल्मों में भी वो बदलाव दिखना चाहिए।”

बांग्लादेश ने वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को पहली बार चटाई धूल

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बांग्लादेश ने वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को पहली बार चटाई धूल
बांग्लादेश ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया को पहली बार वनडे सीरीज में धूल चटा दी. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया को पाकिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था. अब बांग्लादेश ने नया इतिहास लिखते हुए लगातार कंगारू टीम को 2 मैच हरा दिए. ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए ODI सीरीज के दूसरे मुकाबले में बांग्लादेश ने DLS के तहत 5 विकेट से जीत अपने खाते में डाली.

यह बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ तीसरी जीत है. दोनों टीमों के बीच 1990 से वनडे मुकाबले खेले जा रहे हैं. बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला वनडे 2005 में जीता था. इसके बाद टीम को दूसरा वनडे जीतने के लिए 21 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा. इन दिनों चल रही सीरीज के पहले मैच में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को DLS के तहत 86 रन से हराया था. अब दूसरे मैच में बांग्ला टीम ने जीत हासिल करके सीरीज पर अपना नाम लिखवा लिया.

दूसरे वनडे का हाल, बारिश ने दिया दखल
मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम की शुरुआत काफी खराब रही. कंगारुओं ने शुरुआती 3 विकेट बिना खाता खोले यानी जीरो रन पर ही गंवा दिए थे. टीम अंतत: 42 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 187 रन पर पहुंची. इसके बाद बारिश ने दखल दिया और ऑस्ट्रेलिया को दोबारा बैटिंग करने का मौका नहीं मिल सका.

इस दौरान टीम के लिए मार्नस लाबुशेन ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 85 गेंदों में 3 चौके लगाकर 55* रन स्कोर किए. इसके अलावा जेवियर बार्टलेट ने 52 रन बनाए. टीम के कुल 4 बल्लेबाज तो बिना खाता खोले ही आउट हुए. इस दौरान बांग्लादेश के लिए तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट अपने खाते में डाले.

रन चेज में बांग्लादेश का कमाल
बारिश के चलते बांग्लादेश को DLS के तहत 41 ओवर में 192 रनों का लक्ष्य दिया. चेज करते हुए बांग्लादेश ने 35 ओवर में 5 विकेट पर 195 रन बनाकर जीत अपने नाम कर ली. टीम के लिए सौम्य सरकार ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 47 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 42 रन स्कोर किए.

अमेरिका ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी धमकी, कहा – ‘आज रात होगा बड़ा हमला’

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अमेरिका ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी धमकी, कहा – ‘आज रात होगा बड़ा हमला’
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप और उसके तेल-गैस कारोबार पर अपना कंट्रोल हासिल करेगा। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।” उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और उसकी अधिकांश आक्रामक सैन्य क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है।

खार्ग द्वीप को लेकर दी बड़ी चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) के साथ-साथ अन्य तेल ठिकानों पर भी अपना कंट्रोल हासिल करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस बाजार पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करेगा, जैसा उसने वेनेजुएला में किया था।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों का दौर जारी है। ट्रंप इससे पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि यदि तेहरान उनकी शांति समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो और हमले किए जा सकते हैं। वहीं ईरान ने भी बल प्रयोग की स्थिति में कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।

क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग द्वीप?
खार्ग द्वीप (Kharg Island) ईरान की अर्थव्यवस्था की सबसे अहम कड़ी माना जाता है। ईरान के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है। ईरानी तट से दूर स्थित यह छोटा सा द्वीप देश के तेल कारोबार का प्रमुख केंद्र है और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे पहले ‘ईरानी तेल आपूर्ति का मुख्य केंद्र’ भी बताया है।

द्वीप के आसपास का गहरा समुद्री क्षेत्र बड़े तेल टैंकरों के आवागमन के लिए उपयुक्त है, जिससे यह तेल निर्यात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि खार्ग द्वीप पर नियंत्रण स्थापित हो जाता है तो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को भारी आर्थिक झटका लग सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप खार्ग द्वीप को लेकर दशकों से अपनी राय जाहिर करते रहे हैं। वर्ष 1988 में भी उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि अमेरिकी सैनिकों या जहाजों पर हमला हुआ तो वह खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लेंगे।

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

22 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेगी अक्षय-रवीना की जोड़ी

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22 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेगी अक्षय-रवीना की जोड़ी
बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर चर्चा में हैं. इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें उनके साथ एक्ट्रेस रवीना टंडन एक बार फिर नजर आने वाली हैं. करीब 22 साल बाद दोनों सितारे फिल्म में साथ काम करते दिखेंगे, जिसे लेकर फैंस भी काफी एक्साइड हैं.

90 के दशक में अक्षय और रवीना की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में गिनी जाती थी. दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया, ऐसे में आइए जानते हैं अक्षय कुमार और रवीना टंडन की उन 7 फिल्मों के बारे में कितनी हिट साबित हुईं और कितनी फ्लॉप.

अक्षय कुमार और रवीना टंडन की फिल्में
अक्षय कुमार और रवीना टंडन ने टोटल 7 फिल्मों में एक साथ काम किया है. जिनमें मोहरा, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, दावा, बारूद, कीमत, खिलाड़ियों का खिलाड़ी, पुलिस फोर्स जैसी फिल्म शामिल हैं.

‘मोहरा’
अक्षय कुमार और रवीना टंडन की पहली फिल्म ‘मोहरा’ थी. ये फिल्म साल 1994 में रिलीज हुई थी और इसके निर्देशक राजीव राय थे. ये एक बहुत बड़ी सुपरहिट फिल्म थी. फिल्म का गाना ‘तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त’ भी काफी पॉपुलर रहा. इसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, इसने 12.01 करोड़ का कलेक्शन किया.

‘मैन खिलाड़ी तू अनाड़ी’
अक्षय कुमार और रवीना टंडन की दूसरी फिल्म ‘मैन खिलाड़ी तू अनाड़ी’ थी, जो साल 1994 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म को समीर मलकान ने डायरेक्ट किया था. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एवरेज थी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, इसने 7.88 का कलेक्शन किया था.

‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’
अक्षय कुमार और रवीना टंडन तीसरी बार फिल्म खिलाड़ियों का खिलाड़ी में एक साथ दिखे थे. इस फिल्म को उमेश मेहरा ने डायरेक्ट किया था और ये फिल्म हिट साबित हुई थी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म ने 14.39 का कारोबार किया था.

इंग्लैंड के हैरी ब्रूक बने टेस्ट के नंबर-1 बल्लेबाज

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इंग्लैंड के हैरी ब्रूक बने टेस्ट के नंबर-1 बल्लेबाज
भारत और अफगानिस्तान के एकमात्र टेस्ट और इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के पहले टेस्ट के खत्म होने के बाद आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों की ताजा रैंकिंग जारी की है. ताजा अपडेट में जो रूट से नंबर-1 का ताज छिन गया है. अब इंग्लैंड के हैरी ब्रूक टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगाने वाले शुभमन गिल को ताजा रैंकिंग में भारी फायदा हुआ है.

लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड की 115 रनों की जीत के दौरान पहली पारी में अर्धशतक लगाने के बाद ब्रूक नंबर एक स्थान पर आ गए. ब्रूक पहली बार दिसंबर 2024 में नंबर-1 बल्लेबाज बने थे. ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे नंबर पर आ गए हैं. वहीं जो रूट अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं. जो रूट के लिए लॉर्ड्स टेस्ट अच्छा नहीं रहा था. दोनों पारियों में वह एक और आठ रन ही बना पाए थे.

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में शतक लगाया था. इस शतक की बदौलत दो स्थान ऊपर चढ़कर वह आठवें स्थान पर आ गए हैं. ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ चौथे नंबर पर हैं. श्रीलंका के कामिंदु मेंडिस एक स्थान उपर चढ़कर पांचवें स्थान पर चले गए हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन छठे स्थान पर हैं. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा सातवें स्थान पर हैं. भारत के शुभमन गिल आठवें और यशस्वी जायसवाल 9वें नंबर पर हैं. श्रीलंका के दिनेश चांदीमल एक पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर चले गए हैं.

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक 11 जून को

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नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक 11 जून को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में कल गुरुवार को दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की जाएगी, बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक, केंद्रीय मंत्री तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंच गये हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक की थीम “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखी गई है। बैठक में भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य को पाने के अलावा समावेशी मानव विकास की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।

इन चार बिन्दुओं पर होगा विशेष विचार विमर्श
नीति आयोग की बैठक मुख्य रूप से ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर केन्द्रित रहेगी। बैठक में देश भर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

राज्यों के विकास विजन को राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण उद्देश्य
बैठक में शासन व्यवस्था, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), डेटा आधारित प्रणाली और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्यों के विकास विजन को राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ना भी है, ताकि पूरे देश में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।