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‘जो जीता वही सिकंदर’ गाना तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ तीन बार शूट हुआ

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‘जो जीता वही सिकंदर’ गाना तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ तीन बार शूट हुआ
आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ (Jo Jeeta Whi Sikandar) को आज भी एक कल्ट क्लासिक फिल्म माना जाता है। फैन्स के बीच आज भी इसकी दीवानगी देखने को मिलती है। रिलीज के लगभग तीन दशक बाद भी इसका गाना ‘पहला नशा’ लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

इस गाने को बॉलीवुड के सबसे यादगार रोमांटिक गानों में से एक माना जाता है। हाल ही में, कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान ने इस गाने के बनने से जुड़ी दिलचस्प बातें शेयर कीं।

अलग-अलग हीरोइनों के साथ हुआ शूट
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में एक्टर्स वेदांग रैना और शरवरी के साथ बातचीत करते हुए इस गाने से जुड़ी शूटिंग के दौरान की एक कहानी बताई। फराह ने कहा, “हमारे पास न तो मॉनिटर थे और न ही माइक्रोफोन; हमने यह गाना 1990 में शूट किया था और फिल्म 1992 में आई थी। मैंने तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ यह गाना तीन बार शूट किया। हीरोइनें बदलती रहीं और आखिर में आयशा जुल्का आईं, जिनके साथ हमने जनवरी 1992 में शूटिंग की।”

सेट पर बदतमीजी कर रहे थे लोग
इससे पहले, ‘जस्ट टू फिल्मी’ के साथ बातचीत में आमिर खान ने बताया था कि फिल्म की कास्ट अलग थी और बाद में उसे बदल दिया गया था। इसलिए फिल्म की शूटिंग दोबारा की गई। उन्होंने आगे बताया कि मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। फिल्म में कुछ ऐसे एक्टर्स थे जो सेट पर बहुत बदतमीजी करते थे। फराह ने कहा, “वहां चार एक्टर्स थे और वे बहुत बदतमीज थे। मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन वे हमें बहुत परेशान कर रहे थे। मैंने मंसूर से कहा, ‘अगर हम फिल्म का 80 परसेंट हिस्सा दोबारा शूट कर रहे हैं, तो इन चारों को भी हटा देते हैं और पूरी फिल्म ही दोबारा शूट करते हैं। मैं उन्हें दोबारा बर्दाश्त नहीं कर सकता।’

लखनऊ-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, उड़ान से पहले मचा हड़कंप

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लखनऊ-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, उड़ान से पहले मचा हड़कंप
हवाई जहाजों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक आए दिन बम से उड़ाने की धमकियां मिल रहीं हैं। शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब यात्रियों से भरी इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ान की धमकी मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और पूरे विमान की री-स्क्रीनिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों को सुरक्षित रखते हुए जांच शुरू तुरंत शुरू कर दी। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

बता दें कि धमकी मिलने के बाद अभी फिलहाल विमान को रोक दिया गया है और सभी सुरक्षा मानकों के तहत अच्छी तरह से जांच की जा रही है। जब विमान उड़ान भरने वाला था तब विमान के शौचालय में बम लिखा हुआ एक टिश्यू पेपर मिला। जिसमें विमान को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह विमान लखनऊ से दिल्ली की ओर जाने वाला था। जिसमें करीब 180 यात्री सवार थे।

धमकी मिलने के बाद विमान समेत एयरपोर्ट तक की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालांकि जांच करने पर विमान में किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला है। जिसके बाद यह सूचना केवल अफवाह रही। इस घटना के बाद विमान की उड़ान में देरी हुई और यात्रियों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि एयरपोर्ट पर अभी भी जांच जारी है।

इस मामले में क्या बोले इंडिगो के प्रवक्ता?
इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि 12 जून 2026 को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E 2111 में उड़ान भरने से ठीक पहले बम की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद एयरलाइन ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार जांच में पूरा सहयोग किया।

उन्होंने कहा, आवश्यक सुरक्षा जांच और मंजूरी मिलने के बाद विमान को दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। उनकी सुविधा के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई है और उन्हें समय-समय पर आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। एयरलाइन ने दोहराया कि यात्रियों, क्रू सदस्यों और विमान की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रारंभिक जांच में धमकी झूठी प्रतीत हुई, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।

मुंबई-पुणे मेयर और सीएमओ कार्यालय को भी मिल चुकी है धमकी
बता दें कि हालही में मुंबई पुणे महापौर कार्यालय, सीएमओ कार्यालय और आरएसएस मुख्यालय हो भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। यह धमकी नागपुर मेयर के ईमेल पर आई थी। जिसके बाद इन सभी कार्यालयों को खाली कराकर सघन जांच की गई और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ दी गई। लेकिन जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध या विस्फोटक नहीं मिला। यह सूचना भी केवल अफवाह ही निकली थी।

मीनाक्षी नटराजन मामले में हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस – मल्लिकार्जुन खड़गे

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मीनाक्षी नटराजन मामले में हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस – मल्लिकार्जुन खड़गे
मध्य प्रदेश में राज्य सभा की प्रत्याशी बनाई गई मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म को निरस्त किये जाने के बाद से प्रदेश का सियासी माहौल गरमाया हुआ है, आज सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली, सर्वोच्च अदालत ने ये कहकर याचिका ख़ारिज कर दी कि वो चुनाव प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते, अब कांग्रेस ने तय किया है कि वो एमपी हाई कोर्ट में इसके खिलाफ चुनाव याचिका लगायेंगे।

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन फॉर्म निरस्त किये जाने के बाद शुरू हुआ सियासी तूफान अभी थमा नहीं है हालाँकि कांग्रेस के प्रत्याशी के चुनाव से बाहर हो जाने के बाद मतदान की स्थिति नहीं बहिन और चुनाव अधिकारी ने भाजपा के तीनों प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर लिया है लेकिन कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक और गैर क़ानूनी बता रही है

मीनाक्षी नटराजन को न्याय दिलाने हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का तर्क है कि हमें पहले चुनाव आयोग, फिर हाई कोर्ट और उसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। हालांकि, यह एक खास मामला है। जितना ज़्यादा समय दिया जाएगा, यह मामला उतना ही लंबा खिंचेगा। इसीलिए हम चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट मीनाक्षी नटराजन मामले में राहत दे। फिर भी, चूंकि कोर्ट ने ऐसा कहा है, इसलिए हम उसी के अनुसार हाई कोर्ट जाएंगे।

नामांकन फॉर्म निरस्त करना गैर-कानूनी, अनैतिक और लोकतंत्र-विरोधी
हमारा मानना ​​है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म को निरस्त किया जाना गैर-कानूनी, अनैतिक और लोकतंत्र-विरोधी है। उन्होंने आरोप लगते हुए कि भाजपा सरकार ने जो किया है, वह गलत है।मेरा मानना है कि इतना बड़ा कदम पीएम मोदी की मंज़ूरी या निर्देश के बिना नहीं उठाए जाते। मोदी जानबूझकर कांग्रेस पार्टी और लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ऐसी साजिश रच रहे हैं।

BJP ने हर जगह अपने लोग बैठा दिए हैं जो मनमानी कर रहे
खड़गे ने कहा भाजपा ने हर जगह अपने आदमी बैठा रखे हैं रिटर्निंग ऑफिसर भी उनके खास लोग हैं जिनसे ये कराया जा रहा है, ये या तो वोट खरीदते हैं या फिर डिवाइड करते हैं इनका यही मकसद है हम चाहते हैं लोकतंत्र में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के लोगों की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। मैं ये नहीं कह रहा सब मोदी ही करते हैं लेकिन उन्होंने आरएसएस के एजेंट बैठा दिए हैं जो ना कानून देख रहे ना नियम देख रहे और मनमानी कर रहे हैं लेकिन हम ये चलने नहीं देंगे।

केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत

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केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत
न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान केन विलियमसन (Kane Williamson) ने शुक्रवार (12 जून) को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया. 2027 विश्व कप से पहले उनका इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देना वाकई फैंस के लिए चौंकाने वाला रहा. कीवी बल्लेबाज का अंतर्राष्ट्रीय करियर 16 साल का रहा. इस दौरान उन्होंने बैटिंग से लेकर कप्तानी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिसमें हम आपको उनके 30 बड़े रिकॉर्ड्स के बारे में बताएंगे.

न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन के रिकॉर्ड
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन- 19,346
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक- 48
सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी- 06
सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले छठे बल्लेबाज- 378
सबसे ज्यादा टेस्ट रन- 9,515
सबसे ज्यादा टेस्ट शतक- 33
सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे बल्लेबाज- 110
सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 7,256
सबसे ज्यादा वनडे शतक बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 14
सबसे ज्यादा T20I रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज-2575
सबसे ज्यादा टेस्ट औसत- 54.06 (कम से कम 20 मैच)
दूसरा सबसे ज्यादा वनडे औसत- 48.69 (कम से कम 20 मैच)
तीसरा सबसे ज्यादा T20I औसत- 33 (कम से कम 5 मैच)
इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले चौथे खिलाड़ी- 217
टॉम लैथम और टिम साउदी के साथ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत (47) की बराबरी
लगातार 4 टेस्ट में शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज

कप्तानी के रिकॉर्ड
40 टेस्ट – 22 जीत, 10 हार और 8 ड्रॉ (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 80 टेस्ट में 28 जीत)
91 वनडे – 46 जीत, 40 हार, 1 टाई, 4 बेनतीजा (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 218 वनडे में 98 जीत)
75 T20I – 39 जीत, 34 हार, 1 टाई, 1 बेनतीजा (न्यूज़ीलैंड के किसी कप्तान के जरिए सबसे ज्यादा

भारत में 2016 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट विश्व कप फाइनल
इंग्लैंड में 2021 ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल – जीत

UAE में 2021 ICC T20 वर्ल्ड कप का फाइनल
ऑस्ट्रेलिया में 2022 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
भारत में 2023 ICC क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल

बाकी रिकॉर्ड और सम्मान
2019 ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
2019 ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर
2018 ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड
2016 में सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक लगाने वाले इतिहास के सबसे तेज और सबसे युवा खिलाड़ी बने
सर रिचर्ड हैडली मेडल – 2015-16, 2016-17, 2019 और 2020.

उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

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उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई है

शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसदों की 14 जून को मातोश्री में बैठक होगी.

यह बैठक उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में आयोजित की जाएगी.

शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी पृष्ठभूमि में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सांसद संजय उर्फ बंडू जाधव पिछले कुछ बैठकों में अनुपस्थित रहे थे. ऐसे में अब 14 जून की बैठक में उनकी मौजूदगी पर सभी की नजरें टिकी होंगी.

ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा

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ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट से घिरी है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक के बाद एक विधायक, सांसद और प्रमुख नेता टीएमसी का साथ छोड़ रहे हैं, और इस सूची में अब जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

कोयल मल्लिक 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उनका यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही कई आंतरिक कलह और नेताओं के पलायन से जूझ रही है। कोयल मल्लिक राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली चौथी सांसद हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने सिर्फ संसद सदस्यता छोड़ी है या पार्टी से भी किनारा कर लिया है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के तीन अन्य राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी इस्तीफा दे चुके हैं। सुखेंदु शेखर ने 8 जून को अपनी राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था, वहीं सुष्मिता देव ने 10 जून को पद छोड़ा था। इन इस्तीफों ने पार्टी में जारी उथल-पुथल को और गहरा कर दिया है।

कौन हैं कोयल मल्लिक?
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में कोयल मल्लिक एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वे दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की इकलौती संतान हैं। कोयल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2003 में ‘नाटेर गुरु’ नामक फिल्म से की थी, जिसमें उनके साथ जीत (जीतेंद्र मदनानी) मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड निश्पाल सिंह से शादी की है, और उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा कबीर और एक बेटी काव्या।

युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए मनाया था। 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही वे TMC के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उन्हें अप्रैल 2026 में राज्यसभा की सदस्यता दिलाई गई थी। संसद सदस्य बनने के बाद कोयल मल्लिक ने ममता बनर्जी के प्रति अपना गहरा लगाव भी जाहिर किया था, लेकिन अब उन्होंने अपनी सांसदी छोड़ दी है, जिससे पार्टी को एक और झटका लगा है।

राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या घटी
इस भगदड़ का सीधा असर संसद में तृणमूल कांग्रेस की ताकत पर पड़ा है। लोकसभा में टीएमसी के पास कुल 28 सांसद थे, जिनमें से 20 अलग हो चुके हैं। ऐसे में लोकसभा में अब टीएमसी के केवल 8 सांसद बचे हैं। वहीं, राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या 13 थी, जिनमें से कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद 4 सदस्य पद छोड़ चुके हैं। इस प्रकार, राज्यसभा में अब टीएमसी के पास सिर्फ 9 सदस्य रह गए हैं। कुल मिलाकर, ममता बनर्जी के साथ अब संसद में केवल 17 सांसद ही बचे हैं।

पार्टी में सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला जारी
तृणमूल कांग्रेस से सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला लगातार जारी है। लोकसभा से भी 20 सांसद अलग हो चुके हैं, हालांकि उनकी पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है। विधानसभा की बात करें तो, कुल 80 टीएमसी विधायकों में से 58 विधायकों ने एक अलग गुट बना लिया है। इन बागी विधायकों ने ऋतुब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। इन विधायकों की सूची भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

अधिक मास में बना दुर्लभ संयोग, नोट कर लें महत्व

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अधिक मास में बना दुर्लभ संयोग, नोट कर लें महत्व
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। साल 2026 में अधिक मास के दौरान पड़ने वाला शुक्र प्रदोष व्रत विशेष महत्व रखता है।

पंचांग के अनुसार, अधिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून 2026 को शाम 7 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगी और 13 जून को शाम 4 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने के कारण व्रत 12 जून को रखा जाएगा। शिव पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 7:36 बजे से रात 9:20 बजे तक रहेगा।

महिलाओं के लिए शुभ है यह व्रत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल वह समय होता है जब भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। कहा जाता है कि इस समय श्रद्धापूर्वक की गई पूजा, जप और आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सौंदर्य, दांपत्य सुख, वैवाहिक जीवन की मधुरता और आर्थिक समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। महिलाओं के लिए भी यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है।

सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
इस बार के शुक्र प्रदोष व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा, अतिगंड योग और बाद में सुकर्मा योग का प्रभाव रहेगा, जिससे इस दिन किए गए शुभ कार्यों का महत्व और बढ़ जाता है।

व्रत की आसान पूजा विधि
व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को सुबह स्नान कर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर उपवास या फलाहार करने के बाद प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, चंदन और पुष्प अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

चूंकि यह व्रत अधिक मास में पड़ रहा है, इसलिए भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा भी विशेष फलदायी मानी गई है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप भी किया जा सकता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर कर सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां

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नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए किए जा रहे विशेष प्रयत्नों से अवगत करवाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काउंसिल की बैठक में ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी, समन्वित प्रयासों तथा विकास के विभिन्न आयामों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब देंगे विकास को गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश को नक्सलवाद का खात्मा केंद्र सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले करने में सफलता मिली है। प्रदेश के जो क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां विकास की गति तेज की जाएगी। युवाओं के विकास पर विशेष रूप से जोर रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों और बेटियों की उन्नति, कृषक कल्याण, नए मेडीकल कॉलेजों के माध्यम से उपचार कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए बेहतर कार्य हो रहा है। इसी तरह आरोग्य मंदिर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रसर है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की तैयारी की गई है। पीएम महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को अनेक संकायों और विषयों के अध्ययन से जोड़ा गया है। कौशल विकास और औद्योगिकीकरण के प्रयास तेज हुए हैं। देश में सबसे पहले पीएम मित्र पार्क की धार जिले में स्थापना हुई है, यहां शीघ्र ही इकाइयों द्वारा रिकार्ड समय में कार्य प्रारंभ हो रहा है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के वेस्ट को निष्पादित करने के साथ ही प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से अनेक नए कार्य प्रारंभ करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में मुख्यत: ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल कृषि मंत्रियों एवं अन्य विदेशी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों से मुलाकात की। उन्होंने अतिथियों का देश के दिल मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इन्दौर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के सम्मान में रात्रि भोज भी दिया। अतिथियों के स्वागत के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और पर्यटन वैभव को प्रदर्शित करने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना पर आधारित प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।

रात्रि भोज एवं सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सांसद शंकर लालवानी तथा सु कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष के रीना सतीश मालवीय, विधायक मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा तथा गोलू शुक्ला, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर संसदीय स्थायी समिति की रायपुर में बैठक आयोजित

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भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर संसदीय स्थायी समिति की रायपुर में बैठक आयोजित
राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सु डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समिति के 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर एवं भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में *भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन* विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर विषय पर एक व्यापक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करना है।

बैठक के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं एवं निर्यातकों तथा उनके संबंधित उद्योग संघों एवं वाणिज्य मंडलों की क्षेत्रीय शाखाओं के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (एआईएफपीए), अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (एआईआरईए), भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (आईएफबीए), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और विषय से संबंधित अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। समिति द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, निर्यात संवर्धन तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद अमरा राम, बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), रमेश अवस्थी, अतुल गर्ग, धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, दिलीप यादव, सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, राजेन्द्र कुमार तथा गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संभावित उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।