NEET पेपर लीक मामले के लिए CBI ने दायर की चार्जशीट
नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया है. CBI की आर्थिक अपराध शाखा ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है. चार्जशीट को आगे सुनवाई के लिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा. इस मामले में सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
अर्जुन आनंद को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में NEET पेपर लीक मामले के लिए CBI का पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है. आरोपियों पर BNS 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत मामला दर्ज है. प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (PC Act) 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(a) भी लगाई गई है. पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत कार्रवाई हुई.
29 जुलाई को रॉउज एवन्यू कोर्ट करेगा सुनवाई
रॉउज एवन्यू कोर्ट बुधवार (29 जुलाई 2026) को चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर सुनवाई करेगा. चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी फिलहाल ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं.
दिल्ली की राऊज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 27 जुलाई को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का निर्देश दिया था. सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से की जाने वाली यह पहली सुनवाई थी. कोर्ट ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वे नीट-यूजी पेपर लीक मामले में राज्य सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें.
चार्जशीट में 360 गवाहों को शामिल किया गया
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण फिजिकल एविडेंस को शामिल किया है. यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी.शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. मामले की जांच के लिए एजेंसी ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें गठित कीं, जिनमें 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे.
सीबीआई ने जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में कुल 92 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस कार्रवाई में जांच एजेंसी ने डिजिटल उपकरण, संचार उपकरण, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की. जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की गई. सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान पेपर लीक के स्रोत से लेकर लाभार्थी छात्रों तक पहुंचने वाली पूरी कड़ी का पता लगाया गया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आई.









