बिहार में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। छपरा में कई लोगों की जहरीली शराब से मौत के बाद अब सीवान जिले में भी 5 लोगों की जहरीली शराब से मौत होने की खबर है। आपको बता दें कि छपरा और सीवान में बीते दो दिन में बिहार में अभी तक 53 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद जहरीली शराब पीने से अभी तक 53 मौत होने पर सियासत भी गर्म हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष में इस मुद्दे पर लगातार नोंकझोंक जारी है।
भगवानपुर के ब्रह्म स्थान पंचायत के एक गांव में इन 5 लोगों की मौत की खबर है। यह गांव सारण में मशरक के बहरौली से लगा हुआ है। इससे पहले मशरक और इसुआपुर में ही जहरीली शराब पीने से 53 लोगों की मौत हुई थी।
छपरा के बाद अब सीवान में जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत
तवांग झड़प का मामला संसद में फिर उठा
तवांग में चीनी घुसपैठ का मामला शुक्रवार को भी संसद में उठा। इस पर राज्यसभा में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करना पड़ी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, उन्होंने देश की रक्षा की चिंता करते हुए तवांग का मुद्दा संसद में उठाया था, लेकिन उन्हें चीन पर बोलने का मौका नहीं मिला। इस बीच, अब इस मुद्दे पर भारतीय सेना में पूर्वी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता का बयान सामने आया है। लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता का कहना है कि चीन ने LAC पार करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इस हिमाकत का कड़ा जवाब दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने आगे बताया कि अभी सीमा पर स्थिति सामान्य है। सेना कड़ी निगरानी रख रही है। आरपी कलिता के मुताबिक, भारतीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों की भारतीय सैनिकों के साथ झड़प हुई थी। भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ दिया। चीनी सैनिकों को ज्यादा नुकसान पहुंचा जबकि हमारे कुछ ही जवान मामूली घायल हुए। इस घटनाक्रम के बाद बुमला में दोनों सेनाओं के एरिया कमांडरों की मीटिंग हुई थी। अब हालात सामान्य हैं।
आज ही 16 दिसंबर 1971 के दिन भारत ने पाक को चटाई थी धूल
16 दिसंबर 1971 को भारत में विजय दिवस मनाया जा रहा है। 16 दिसंबर का यह दिन इसलिए ऐतिहासिक है, क्योंकि इसी दिन भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई थी। 1971 के युद्ध में भारत ने जीत दर्ज की थी और पाकिस्तान के लगभग 93,000 जवानों को हथियार डालने पर मजबूर किया था। इसी कारण बांग्लादेश बना था। 1971 के युद्ध की शुरुआत 3 दिसंबर 1971 को हुई थी। तब बांग्लादेश, पूर्वी पाकिस्तान कहलाता था। 3 दिसंबर को पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले कर दिए थे। भारत में भी मुंहतोड़ जवाब दिया और आखिर में पाकिस्तान को वो करारी हार सहनी पड़ी, जिसके जख्म आज भी हरे है।
‘अमिताभ बच्चन को मिले भारत रत्न’ – सीएम ममता बनर्जी
गुरुवार को कोलकाता में 28वें कोलकाता इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारे भी पहुंचे। कोलकाता इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल में पश्चिम बंगाल के ब्रांड एंबेस्डर शाहरूख खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, महेश भट्ट, शत्रुघ्न सिन्हा और रानी मुखर्जी समेत कई कलाकार शामिल हुए। इस दौरान मंच पर पहुंचे शाहरुख खान ने अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अमिताभ बच्चन ने भी गले लगाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और क्रिकेट के दिग्गज सौरव गांगुली भी नजर आए।
स्वास्तिक मंत्र का प्रयोग कब होता है
स्वास्तिक चिन्न को हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र चिन्ह माना गया है। जिस प्रकार से ॐ और श्री शब्द का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है। उसी प्रकार से स्वास्तिक भी बहुत पवित्र और शुभता का प्रतीक है। इस प्रकार जल द्वारा चारों दिशाओं में छींटे लगाकर स्वास्तिक मंत्र का उच्चारण करने की क्रिया स्वास्तिवाचन वाचन कहलाती है। आइये जानते हैं स्वास्तिक मंत्र से होने वाले लाभ
स्वास्तिक मंत्र
ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः॥ स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो ब्रिहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
स्वास्तिक मंत्र का अर्थ- हे इंद्र देव, जो महान कीर्ति रखने वाले है वह हमारा कल्याण करें। सम्पूर्ण विश्व में ज्ञान के स्वरुप आप हैं पुषादेव हमारा कल्याण करें।
जिसका हथियार अटूट है। हे गरुड़ भगवान – हमारा मंगल करो। हे ब्रहस्पति देव हमारा कल्याण करो। स्वास्तिक मंत्र का प्रयोग शुभ और शांति के लिए किया जाता है। सभी धार्मिक कार्यों के प्रारम्भ के समय पूजा या अनुष्ठान के समय इस मंत्र द्वारा वातावरण को पवित्र और शांतिमय बनाया जाता है। इस मंत्र का उच्चारण करते समय चारों दिशाओं में जल के छींटा दिया जाता है।
स्वास्तिक मंत्र के लाभ
व्यापार शुरू करते समय स्वास्तिक मंत्र का प्रयोग किया जाना चाहिए है। इससे व्यापार में अधिक आर्थिक लाभ मिलता है व हानि होने की सम्भावना कम होती है।
संतान के जन्म समय पर भी स्वास्तिक मंत्र का जप करना अतिशुभ माना गया है। इससे संतान निरोग रहती है व ऊपरी बाधा का कोई प्रभाव नहीं होता है।
इंदौर ने अंतरक्षेत्रीय विद्युत महिला खेल प्रतियोगिता की ओवर ऑल चैम्पिीयनशिप जीती
एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में आयोजित 44वीं अंतरक्षेत्रीय विद्युत महिला खेल प्रतियोगिता की ओवर ऑल चैम्पियनशिप इंदौर क्षेत्र ने जीत ली, जबकि भोपाल क्षेत्र प्रतियोगिता में उपविजेता रहा। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव राजीव गुप्ता ने विजेता, उपविजेता टीम के साथ खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कार दिए। इस अवसर पर केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के सचिव अनिल कुमार अलंग, आलोक श्रीवास्तव व देवेन्द्र चढ़ोकार सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी उपस्थित थे।
इंदौर क्षेत्र ने प्रतियोगिता में कैरम, शतरंज और टेनिक्वाइट स्पर्धा में श्रेष्ठता दिखाई जबकि टेबल टेनिस में उपविजेता रही। कैरम के एकल में विजेता इंदौर की माधवी गणपते, उपविजेता इंदौर की प्रिमयंका गुर्जर कुर्मी व तृतीय स्थान पर भोपाल की वर्ष निमजे रहीं। कैरम युगल में इंदौर की माधवी गणपते व प्रिरयंका गुर्जर कुर्मी विजेता, ग्वालियर की रेणुका शर्मा व सोनिया जैन उपविजेता व तृतीय स्थान पर भोपाल की वर्षा निमजे व प्रिलयंका कटारिया रहीं।
धार जिले में बदनावर के पास बस पलटी, 14 यात्री हुए घायल
शुक्रवार सुबह साढ़े 4 बजे पेटलावद रोड पर यहां से कुछ दूर आनंदश्री पेट्रोल पंप के पास अहमदाबाद से उज्जैन होकर इंदौर जा रही यात्री बस पलटने से 14 यात्री घायल हो हुए। इनमें तीन घायलों को इंदौर रेफर किया गया। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर 108 एंबुलेंस जननी एक्सप्रेस डायल 100 वाहन पहुंचे तथा घायलों को गाड़ी में से निकालकर सिविल हास्पिटल पहुंचाया। बस क्रमांक जीजे 01 एचटी 0909 यात्रियों को लघुशंका के लिए रुकी थी तथा कई यात्री उतर गए थे। तभी गाड़ी अचानक रिवर्स हुई और पीछे जाते हुए सड़क की साइड में खाई में उतरकर पलट गई। हादसा होते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री गाड़ी में सोए हुए थे, उन्हें चोट आई।
टीआई दिनेशसिंह चौहान व तहसीलदार अजमेर सिंह गौड़ ने भी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचकर आवागमन रुकवाया तथा घायलों को निकलवाने में मदद की। एक महिला सजनाबाई का हाथ फंस गया था। उसे क्रेन बुलवाकर करीब 1 घंटे बाद निकाला जा सका। बस में करीब 40 सवारी थी तथा लगेज से पूरी बस भरी हुई थी।
घायलों के नाम सजनाबाई रतनलाल जाट, रतनलाल पन्नालाल, खुशी रतनलाल निवासी अहमदाबाद, जितेंद्र यादव, मनीषा जितेंद्र, ख्यातिश जितेंद्र निवासी हिम्मतनगर, सावन कमलेश वर्ष निवासी कटारिया अहमदाबाद, भैयाजी मुबारिक, अमरसिंह दुरजन अहिरवार, जालौर, प्रकाश सजनलाल जाट, अरुण कुमार संतोष शाजापुर, इंगित सुरेश अहमदाबाद, सुनीलसिंह गोपालसिंह राजपूत अहमदाबाद, राघवेंद्र पिता भारतसिंह रायसेन एवं कुशालसिंह लीमजी राजपूत निवासी अहमदाबाद बताए गए हैं। अधिकांश यात्री महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए उज्जैन जा रहे थे।
लोह पुरूष सरदार पटेल की पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने नमन किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोह पुरूष, सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्य-तिथि पर नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद में एक किसान परिवार में हुआ। स्वतंत्रता की लड़ाई में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह के बाद उन्हें सरदार का नाम मिला, कालांतर में यह नाम उनके साथ जुड़ गया। सरदार पटेल भारत के पहले गृह मंत्री रहे और देश के एकीकरण में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनका अवसान 15 दिसंबर 1950 को हुआ।
ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस पर सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा का मुख्यमंत्री चौहान ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ब्रह्मलीन 1008 बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर नगर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा का 74 बंगले क्षेत्र में पहुँचने पर स्वागत किया। यह सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा संत हिरदाराम नगर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करुणाधाम आश्रम तक पहुँची। यात्रा के स्वामी दयानंद नगर में पहुँचने पर मुख्यमंत्री चौहान ने बी-8 निवास पर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने यात्रा वाहन में सुसज्जित ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य महाराज की प्रतिमा पर पुष्प वर्षा की। मुख्यमंत्री चौहान ने ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के 94वें जन्म-दिवस के अवसर पर इस यात्रा के उद्देश्य को पावन बताते हुए महाराज जी के योगदान का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के सुपुत्र और करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर गुरूदेव सुदेश जी शांडिल्य महाराज का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। गुरूदेव सुदेश जी शांडिल्य महाराज ने मुख्यमंत्री चौहान को तुलसी का पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री चौहान की धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान ने गुरुदेव सुदेश जी शांडिल्य महाराज की धर्मपत्नी और गुरुमाता ममता शांडिल्य का पुष्पों से स्वागत किया।
विधायक कृष्णा गौर सहित जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे। सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त और नागरिक शामिल हुए।
नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता साफ
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। उसे ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका की अनुमति नहीं मिली है। लंदन स्थित उच्च न्यायालय ने उसके प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ उसे ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। नीरव मोदी धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप में मुकदमे का सामना करने के लिए भारत में वांछित है।
लंदन में ‘रॉयल कोर्ट्स ऑफ जस्टिस’ में न्यायमूर्ति जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायमूर्ति रॉबर्ट जे ने फैसला सुनाया कि ‘अपीलकर्ता (नीरव मोदी) की उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति के अनुरोध वाली अर्जी खारिज की जाती है।’ पिछले महीने, 51 वर्षीय हीरा कारोबारी की मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर दायर की गई अपील खारिज कर दी गई थी। अदालत ने मनोरोग विशेषज्ञों के बयान के आधार पर कहा था कि उसे ऐसा नहीं लगता कि नीरव की मानसिक स्थिति अस्थिर है और उसके खुदकुशी करने का जोखिम इतना ज्यादा है कि उसे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो अरब डालर ऋण घोटाला मामले में आरोपों का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित करना अन्यायपूर्ण और दमनकारी कदम साबित होगा। नीरव मोदी मार्च 2019 में प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।





