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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 12 नवम्बर को जनजातिय गौरव दिवस के संबंध में चर्चा करेंगे 

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भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 12 नवंबर को सुबह 11:00 बजे से मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है।

 

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में वे प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी और एसपी से जनजातिय गौरव दिवस के संबंध में बात करेंगे।

 

वीडियो कांफ्रेंस में समस्त मंत्री और राज्य मंत्री भी भाग लेंगे। कार्यक्रम की दृष्टि से जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। वे भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेंगे |

राजस्व मंत्री ने भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की समय सीमा बढ़ाने के दिए निर्देश

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मध्यप्रदेश में पहली बार तैयार हो रहा कम्प्यूटराइज लैंड रिकॉर्ड, राजस्व मंत्री के नवाचार को मिल रही सराहना*

*भोपाल।* प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा एक नवंबर से प्रारंभ किए गए भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े को आगामी 15 दिन तक बढ़ाने के निर्देश राजस्व मंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए। दरअसल, प्रदेश की जनता की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए राजस्व विभाग के नवाचार भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में राजस्व से जुड़ी विभिन्न त्रुटियों के सुधार को लेकर जनता में बढ़ती रूचि को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पखवाड़े की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक बढ़ाने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी, प्रमुख राजस्व आयुक्त संजय गोयल, आयुक्त भू अभिलेख ज्ञानेश्वर पाटिल सहित विभाग के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री राजपूत ने यह भी तय किया कि सरकार द्रारा प्रारंभ किए गए मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की जमीनी हकीकत जानने के लिए वह संभागवार योजनाओं की समीक्षा करेंगे। राजस्व मंत्री ने तय किया है कि समीक्षा की शुरुआत मालवांचल के इंदौर से की जाएगी। इसके बाद ग्वालियर, जबलपुर, रीवा तथा अन्य संभागों में इन योजनाओं की विस्तृत समीक्षा राजस्व मंत्री श्री राजपूत करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से प्रारंभ किए गए भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में अब तक 33 लाख 6 हजार 664 अभिलेखों में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को सुधारा गया। उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण अभिलेखों के कारण भूमि स्वामियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री के निर्देश विभाग द्व्रारा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की शुरुआत की गई। दरअसल, राजस्व अभिलेखों में क्षेत्रीय शब्दों के उपयोग के कारण नामों में एकरूपता नहीं रहती थी। साथ ही अभिलेख में भूमि स्वामी के प्रचलित नाम और आधार-कार्ड में वास्तविक नाम भिन्नता के कारण नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों में भी क्षेत्रीय कर्मचारियों को परेशानी आती थी। बैंक से ऋण प्राप्त करने, प्रधानमंत्री किसान एवं फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का भी भूमिधारक लाभ नहीं ले पा रहे थे। जब इस तरह की परेशानियों से जूझ रही जनता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अवगत कराया तो मुख्यमंत्री के निर्देश एवं राजस्व मंत्री की पहल पर अभिलेख शुद्धिकरण की शुरुआत की गई।

*योजनाओं में गति लाने राजस्व अफसरों को दिए निर्देश :*

विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़ा, ड्रोन सर्वेक्षण तथा मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के कार्यों में गति लाने के लिए राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में श्री राजपूत ने कहा कि राजस्व विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए न्यायालय परिसर, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय तथा जिला पंचायत कार्यालय व कलेक्ट्रेट परिसर में डिस्प्ले बोर्ड / फ्लैक्स लगाए जाएं। उन्होंने विभाग की योजनाओं से जुड़ी छोटी-छोटी फिल्में बनाकर सोशल मीडिया के माध्यस से प्रचार करने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में राजस्व मंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई की आजादी के 70 साल बाद पहली बार मध्यप्रदेश में भूमि का कम्पयूटीराइज्ड रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने बैठक में अफसरों को निर्देश दिए की सभी योजनाओं की लगातार मानीटिरिंग के लिए जिले के कलेक्टरों को निर्देश जारी करें ताकि किसी प्रकार की कोताही ना हो। बैठक में श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत सीहोर और सागर जिले को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए।

*मुख्य सड़कों से हटाया जाएगा अतिक्रमण :*

समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिले की नगरीय क्षेत्रों से गुजरने वाली मुख्य सड़कों में अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश राजस्व विभाग के अफसरों को दिए। उन्होंने कहा कि बेजा अतिक्रमण की वजह से सड़कों की चौड़ाई घटती जा रही है। जिसे रोकने विभाग के अफसर सख्त कदम उठाएं। श्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि का सर्वे कर 50 हजार ग्रामों में संपत्तिधारकों को उनका मालिकाना हक दिया जाएगा।

*वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएंगी :*

परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिए हैं कि वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और दुर्घटनाओं को रोकने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस/ पैनिक बटन तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यवसायिक वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिग टेप लगाने की योजना पर चरणबद्ध तरीके से अमल किया जाए। इसके अलावा समीक्षा बैठक में परिवहन मंत्री श्री राजपूत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 नवम्बर को प्रस्तावित भोपाल यात्रा को लेकर भी व्यवस्थाओं को लेकर अफसरों से चर्चा की।

रोहित शर्मा बने टी-20 में भारत के कप्तान, केएल राहुल उप-कप्तान

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टी-20 वर्ल्डकप के ठीक बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है. 17 नवंबर से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज में रोहित शर्मा भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद अब रोहित ही टी-20 में टीम की कमान संभालेंगे.

विराट कोहली समेत कुल तीन खिलाड़ियों को आराम दिया गया है. टी-20 टीम में हार्दिक पंड्या का चयन नहीं हुआ है, जबकि कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जो इस बार आईपीएल में कमाल करते हुए दिखे थे.

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), ऋतुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, ईशान किशन, वेंकटेश अय्यर, युजवेंद्र चहल, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, आवेश खान, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, हर्षल पटेल, मोहम्मद सिराज

युवाओं को मिला मौका

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में कई युवा चेहरों को मौका दिया गया है, जिन्होंने आईपीएल में अपना नाम रोशन किया है. इनमें वेंकटेश अय्यर, आवेश खान, हर्षल पटेल, ऋतुराज गायकवाड़ जैसे नाम शामिल हैं. जबकि चोट के बाद श्रेयस अय्यर की वापसी हो रही है, वर्ल्डकप के लिए नहीं चुने गए युजवेंद्र चहल भी वापस आए हैं.

इन 3 खिलाड़ियों को मिला आराम

टी-20 सीरीज में विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है. तीनों ही खिलाड़ी वो हैं, जो लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट मैच के बाद आईपीएल और फिर वर्ल्डकप खेलकर ये तीनों खिलाड़ी आए हैं. वहीं, अगर रोहित शर्मा की बात करें तो वो भी ऐसा ही कर रहे हैं लेकिन अब जब वही टी-20 में टीम इंडिया के कप्तान हो गए हैं, तब उनको आराम नहीं दिया गया और एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है.

इनके अलावा हार्दिक पंड्या को भी टीम में नहीं चुना गया है. माना जा रहा है कि हार्दिक पंड्या की खराब फिटनेस, खराब फॉर्म उनके सिलेक्शन ना होने की वजह बनी है. चोट के बाद वापसी कर रहे हार्दिक पंड्या ने आईपीएल और टी-20 वर्ल्डकप में बॉलिंग नहीं की, जिसके वजह से टीम इंडिया का कॉम्बिनेशन काफी बिगड़ा था.

सेलेक्टर्स की ओर से अभी टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि तीसरे टी-20 मैच तक टेस्ट टीम का भी ऐलान हो जाएगा. टेस्ट में विराट कोहली ही कप्तान होंगे, हालांकि उन्हें पहले टेस्ट मैच के लिए आराम मिल सकता है. अगर ऐसा होता है तो रोहित शर्मा ही पहले टेस्ट मैच में कप्तानी करते हुए दिख सकते हैं, जबकि अजिंक्य रहाणे उप-कप्तान होंगे.

कांग्रेस का जबलपुर में 15 नवंबर को जनजातीय सम्मेलन का ऐलान

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जबलपुर:मध्य प्रदेश में आदिवासी वोट बैक को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिवराज सरकार 15 नवंबर को भोपाल में जनजातीय महासम्मेलन आयोजित कर रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। वहीं, कांग्रेस ने भी इसी दिन जबलपुर में जनजातीय सम्मेलन का ऐलान किया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल होंगे। इसे लेकर मंगलवार को पीसीसी में बैठक हुई।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि जबलपुर में आदिवासी सम्मेलन कर कांग्रेस बीजेपी को अपनी ताकत बताने जा रही है। सम्मेलन में प्रदेश भर से आदिवासियों को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन की जिम्मेदारी पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट को सौंपी गई है। इससे पहले, 18 सितंबर को जबलपुर में राजा शंकरशाह- रघुनाथ शाह के शहीदी दिवस पर बीजेपी के आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। शाह के बाद अब मोदी के दौरे को भी आदिवासियों को 2023 के चुनाव के लिए लुभाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

वजह है कि राज्य में 43 समूहों वाले आदिवासियों की आबादी 2 करोड़ से ज्यादा है, जो 230 में से 84 विधानसभा सीटों पर असर डालती हैं। मप्र में 2018 के विधानसभा चुनाव में BJP को आदिवासियों ने बड़ा नुकसान पहुंचाया था।

बता दें कि आदिवासियों पर सियासत विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुरू हुई थी। दरअसल, कमलनाथ ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश शुरू किया था। शिवराज सरकार के फिर से सत्ता में आने के बाद पिछले साल यानी 2020 को भी 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश था, लेकिन इस साल सार्वजनिक अवकाश की सूची से विश्व आदिवासी दिवस को हटा दिया गया था। कमलनाथ ने इसे मुद्दा बनाने में देर नहीं की थी। शिवराज ने ऐलान किया था कि 15 नवंबर को प्रदेश में शहीद बिरसा मुंडा की जंयती पर प्रदेश में बड़ा आयोजन किया जाएगा।

कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज के 6 माह बाद लगे तीसरा टीका

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नई दिल्ली : भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोरोना रोधी वैक्सीन की दूसरी डोज के छह महीने बाद ही तीसरी डोज दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है। साथ ही, उन्होंने नाक से दिए जाने वाले टीके (नेजल वैक्सीन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि उनकी कम्पनी “जीका” रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। भारत बायोटेक नाक से दिए जाने वाली टीके को “बूस्टर” खुराक के तौर पर लाने का भी विचार कर रही है। नेजल वैक्सीन के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई “इम्यूनोलाजी” का पता लगाने की कोशिश कर रहा है और सौभाग्य से, भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है। जीकारोधी टीके के बारे में एल्ला ने कहा कि भारत बायोटेक ने “जीका वायरस” रोधी टीका बना लिया है। परीक्षण का पहला चरण पूरा हो गया है। सरकार को और अधिक परीक्षण (ट्रायल) करने होंगे क्योंकि मामले अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि हम 2014 में जीकारोधी टीका बनाने वाली विश्व की पहली कंपनी थे। सबसे पहले हमने ही जीकारोधी टीके के वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन दिया था। एल्ला ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का “कोवैक्सीन” टीका लगवाना उनका भारतीय विज्ञान में भरोसा दिखाता है। उन्होंने कहा कि दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है।

महिला पटवारी को लोकायुक्त टीम ने 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार

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राणापुर: इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मोहनकोट की महिला पटवारी रेखा मेडा को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उस समय महिला पटवारी वैक्सीनेशन कैंप में ड्यूटी कर रही थी।

यहीं पर उसने एक ग्रामीण से नामांतरण केस के लिए रिश्वत ली। महिला पटवारी ने पेटलावद विकासखंड के गांव पाडलघाटी के रहने वाले शिकायकर्ता जामसिंह से कृषि भूमि नामांतरण के लिए 6 हजार रुपये मांग की थी। वो पटवारी को 2 हजार रुपये दे चुका था, फिर इसकी शिकायत उसने इंदौर लोकायुक्त से कर दी।

बताया जा रहा है कि इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से आज जब फरियादी ग्राम रलियामन की शासकीय स्कूल में चल रहे महावैक्सीन अभियान के दौरान रिश्वत की रकम देने गया और रकम देकर जैसे ही बाहर आया वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने महिला पटवारी को पकड़ लिया।

महिला पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

बाहर से आने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की सूचना थाने में देना धारा 144 के तहत आवश्यक

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भोपाल: कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भोपाल श्री अविनाश लवानिया ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। जारी आदेश में किसी भी होटल, लॉज, धर्मशाला, ढाबा या अन्य ऐसे स्थान जहाँ पर बाहरी व्यक्ति आकर ठहरते हैं, के संचालक उनके परिसर का उपयोग किसी भी व्यक्ति को तब तक नहीं करने देंगे, जब तक निर्धारित फार्म में ठहरने वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत विवरण पूर्ण रूप से रजिस्टर में दर्ज न कर लें। इसकी जानकारी प्रतिदिन संबंधित क्षेत्र के थाने में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

15 नवम्बर 2021 को बिरसा मुण्डा जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के भोपाल में विभिन्न कार्यक्रमों के दृष्टिगत सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के लिए भोपाल जिले में स्थित होटल, लॉज, धर्मशाला, ढाबों या अन्य ऐसे स्थान जहाँ पर बाहरी व्यक्ति आकर रूक सकते है, उनकी नियमित जाँच नितांत आवश्यक होने का उल्लेख करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किये गये है।

कोई भी मकान मालिक उस समय तक अपना मकान या उसका कोई भाग किरायें पर नही देंगे जब तक कि वे किरायेदार अथवा पेंइगगेस्ट का विवरण संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को प्रस्तुत नही कर देते। कोई भी मकान मालिक अथवा किरायेदार, घरेलू नौकर को तब तक नौकरी पर नहीं रखेंगे, जब तक उनके संबंध में जानकारी उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को नहीं दे देते। पूर्व से ही जो व्यक्ति किरायेदार या नौकर की हैसियत से रह रहे है, उन्हें तब तक आगे की अवधि के लिये नहीं रखें, जब तक उनके सम्बंध में जानकारी थाना प्रभारी को नहीं दे देते। मकान मालिक, भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूर, कारीगरों की जानकारी को अनिवार्य रूप से संबंधित क्षेत्र के थाने में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

मंदसौर विधायक सिसोदिया की पहल पर मुख्यमंत्री ने बैंकों को दिए निर्देश

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मंदसौर : विधायक यशपालसिंह सिसोदिया (MLA Yashpal Singh Sisodia) के पत्र पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी निजी और सार्वजनिक बैंकों को निर्देश जारी किए हैं कि बैंक पासबुक में खाता क्रमांक और आईएफएससी कोड को स्पष्ट और बड़े अक्षरों में दर्ज किया जाए। प्रदेश की सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, सहकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा पासबुक में खाता क्रमांक (Account Number in Passbook) और आईएफएससी कोड (IFSC Code) छोटे और अस्पष्ट लिखे पाए जाने के कारण शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं (Beneficiary Oriented Schemes) की राशि हितग्राहियों (Beneficiaries) के खातों तक पहुंच नहीं पा रहीं। ऐसे में हितग्राही राशि का इंतजार ही करता रह जाता। इसके अलावा सामान्य बैंकिंग कामकाज के साथ खातेदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसे देखते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा याचिका समिति सभापति एवं विधायक यशपालसिंह सिसोदिया (Yashpal Singh Sisodia) ने पहल की। वे ये मामला मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के संज्ञान में लाए। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी (Principal Secretary Manish Rastogi) द्वारा जारी पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश संचालनालय संस्थागत वित्त भोपाल के सह आयुक्त भास्कर लक्षकार (Co-Commissioner Bhaskar Lakshkar) ने 25 अक्टूबर को इसे अति महत्वपूर्ण विषय मानकर समस्त सार्वजनिक, निजी, सहकारी व स्मॉल बैंकों को निर्देशित किया है कि बैंक पासबुक में खाता क्रमांक, आईएफएससी (IFSC Code) स्पष्ट और बड़े फॉन्ट में अंकित किए जाएं। साथ ही गत समय में कई सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों का विलय हुआ है, उन बैंकों के खातेदारों को अद्यतन नई पासबुक एवं चेकबुक जारी हों, जिससे सभी बैंकों केहितग्राहियों के खातों में राशि अंतरण आसान हो सके।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों की राशि गलत बैंक खातों में ट्रांसफर हो रहीं है या हितग्राही के खातों में न जाते हुए ट्रांजेक्शन असफल हो जाते हैं। इससे चालान दुरस्ती के बाद एक से दो माह पश्चात हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचती है। बड़ी राशि बैंक खातों में ही पड़ी रह जाती है, जिससे हितग्राहियों को राशि प्राप्ति के लिए अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है।

इन सब समस्याओं का मुख्य कारण बैंक पासबुक में खाते नंबर और आईएफएससी कोड़ अत्यन्त सूक्ष्म और हलके होना है। विधायक ने पत्र में यह भी अवगत कराया कि गत दिनों लगभग दस बैंकों का अन्य बैंकों में विलय हुआ है। इससे हितग्राही जानकारी के अभाव में अपने IFSC कोड़ पुरानी बैंक के ही जानकारी में दे रहे हैं, जबकि उनकी पासबुक नई बैंक की होनी चाहिए। विधायक ने इस निर्णय की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का आभार माना है।

चन्नी ने AG का इस्तीफा मंजूर, DGP भी बदलने की तैयारी

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नई दिल्ली : पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने राज्य के महाधिवक्ता अमर प्रीत सिंह देओल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। महाधिवक्ता के इस्तीफे के बाद अब पुलिस महानिदेशक को भी बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने देओल की नियुक्ति का पुरजोर तरीके से विरोध किया था। जिसके देओल ने 1 नवंबर को इस्तीफा दे दिया था। जिसे अब मंजूरी किया गया है। पंजाब सरकार ने 27 सितंबर को देओल को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किया था।

सरकारी नियुक्तियों को लेकर पंजाब पीसीसी चीफ नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच शुरू से ही तनातनी चल रही है। कई बार सार्वजनिक तौर सिद्ध प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। यही विवाद कांग्रेस पार्टी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सिद्धू अपनी सरकार और पार्टी को निशाने पर लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

इस बीच सोमवार को पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बैठक की थी। यह बैठक ठीक उस वक्त बुलाई गई थी जब कुछ घंटे पहले 2015 कोटकपूरा पुलिस फायरिंग की घटना की जांच को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए थे।

मुख्यमंत्री ने ऑनलइन समाधान मे 11 लंबित प्रकरणों का निराकरण(solution) करवाया

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि समाधान ऑनलाइन (Samadhan Online), सीएम हेल्पलाइन (CM Help Line) और जनसुनवाई (Jansunwai) जैसे माध्यमों का उपयोग नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में किया जाए।

CM ने आज के प्रकरणों में कई कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की। मुख्यमंत्री ने कहा शिकायतकर्ता के आवेदन को बिना निराकरण के प्रकरण बंद करने वाले (Forcefully Close) अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं के 11 लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाया। इन जिलों में भोपाल, इंदौर, दतिया, निवाड़ी, डिंडोरी, दमोह आदि शामिल हैं।

Samadhan Online
मुख्यमंत्री ने आज समाधान ऑनलाइन (Samadhan Online) में कुछ प्रकरणों में दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की। शिवपुरी जिले आवेदक बालकृष्ण को जनकल्याण योजना की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान न करने और विलंब के दोषी जनपद पंचायत करैरा के लेखापाल रामचरण कुशवाहा, सुरेश गुप्ता, शाखा प्रभारी केके गुप्ता, सहायक विस्तार अधिकारी बलवंत सिंह कदम और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीषा चतुर्वेदी को कारण बताओ नोटिस दिए।

मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर (Madhya Pradesh University of Medical Sciences Jabalpur) के आवेदक संजय कुमार साकेत को समय पर मार्कशीट प्राप्त न होने पर विश्वविद्यालय के अधिकारी डॉ बीबी सिंह और डॉ वृंदा सक्सेना को कारण बताओ नोटिस दिए गए।

CM के निर्देश पर इंदौर के आवेदक सूरज को गृह निर्माण मंडल (Housing Board) के भूखंड मिलने में विलंब के प्रकरण में कार्यपालन यंत्री मनोज शेवाले, सहायक यंत्री संजय कुमार जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

टीकमगढ़ जिले के आवेदक ओम प्रकाश केवट के प्रकरण में जनपद पंचायत द्वारा BPL Card की पात्रता पर्ची में सदस्यों के नाम न जोड़े जाने के दोषी ग्राम पंचायत सचिव अरविंद खंगार को निलंबित करने के निर्देश दिए।

CM ने दमोह जिले के आवेदक नरेंद्र पाल लोधी के प्रकरण में परिवार सदस्य को प्रसूति सहायता राशि (Maternity Aid Amount) न मिलने पर विकास खंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक और लेखा प्रबंधक की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

Samadhan Online
सभी कलेक्टर प्रयास करें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाधान ऑनलाइन, सीएम हेल्पलाइन और जन सुनवाई आम जनता की सहायता के लिए एक किस्म का पैकेज है।

जब इन माध्यमों की शुरुआत की गई तो निराकरण का प्रतिशत कम होता था। कोरोना काल में भी इस तरह के आवेदनों के निराकरण में कमी आई थी। लेकिन, अब स्थितियां सामान्य होते ही इस गति को बढ़ाना है।

CM ने कहा कि सभी कलेक्टर इसके लिए प्रयासरत रहें और आवश्यक समन्वय कर विभागों में आए नागरिकों के आवेदन पत्रों का निराकरण, प्राथमिकता और तत्परता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं को हल करने में जिन जिलों ने इन माध्यमों का उपयोग करते हुए अच्छा कार्य किया है, उन्हें मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं आगामी माह जिलों के परफॉर्मेंस की समीक्षा (Performance Review) करूंगा। इस एक माह में प्रत्येक जिला अपना परफॉर्मेंस बेहतर बनाने का प्रयास करे। जो जिले नागरिकों की समस्याओं के समाधान के कार्य में बहुत पिछड़े हैं, वहां अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय से ‘समाधान ऑनलाइन’ के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश भी दिए। समाधान ऑनलाइन के अवसर पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ,अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार ,आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाडे भी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने प्रमुख निर्देश भी दिए जो इस प्रकार हैं।

* बैंकों में लंबित प्रकरण स्वीकृत हों!

* वित्त विभाग भी समन्वय करे।

* शासकीय योजनाओं में ऋण मंजूरी में विलंब न हो।

* राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की आगामी बैठक में यह मुद्दा भी एजेंडा में शामिल हो, ताकि ऋण प्रकरण स्वीकृत होने में देर न हो।

* जनता की समस्याओं के समाधान का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता हो। * निश्चित समय सीमा में कार्य हो।

* राजस्व प्रकरण भी लंबित न हों, प्रत्येक स्तर पर हो।

* सत्यापन प्रक्रिया ऐसी हो कि नागरिकों को दिक्कत न हो।

* लोगों की समस्याओं सुलझाने में विलंब के दोषी अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही हो।

* आवश्यकता अनुसार आवेदकों को विधिक सहायता भी दिलवाई जाए।

* आवेदक को संतुष्टि अवश्य हो, इसे सभी विभाग सुनिश्चित करें।

* दोष सिद्ध होने पर निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने और कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही की जाए।