Home Blog Page 3

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पहुंचे उज्जैन

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पहुंचे उज्जैन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सादगी, मितव्ययिता और सुशासन के मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रशासनिक खर्चों में संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित रखते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक ही बस में सवार होकर इंदौर से उज्जैन तक की यात्रा की। इस दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्था के लिये केवल तीन अन्य वाहन ही साथ रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सादगीपूर्ण प्रशासन, ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों में कमी की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित योजनाओं पर चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल बचा कर भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत कबीरदास एवं संत रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए जल की महत्ता को सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, संवेदना और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संरक्षण, तालाबों और कुंडों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जल गंगा संवर्धन अभियान से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और आने वाले समय में प्रदेश जल समृद्धि की दिशा में नई पहचान बनाएगा।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, गौरव रणदिवे, श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, डीआईजी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

0

छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

0

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

0

मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आक्रामकता, महत्वाकांक्षा और कार्रवाई का प्रतीक माना गया है। 29 मई 2026 को मंगल अपनी ही राशि मेष में रहते हुए ‘भरणी नक्षत्र’ में प्रवेश करने जा रहे हैं।

भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। जब मंगल जैसे उग्र ग्रह का प्रवेश शुक्र के स्वामित्व वाले नक्षत्र में होता है, तो यह अत्यधिक जुनून, तीव्र भावनात्मक दबाव और जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति को जन्म देता है। भरणी नक्षत्र ‘परिवर्तन’ और ‘छिपे हुए दबाव’ का प्रतीक है।

सावधानी बरतने वाली राशियां और प्रभाव
1. मेष राशि: ऊर्जा का अतिरेक और धैर्य की परीक्षा
मंगल का गोचर आपके प्रथम भाव (लग्न) में हो रहा है, जिससे आप अत्यधिक ऊर्जावान और आक्रामक महसूस करेंगे। आपके भीतर स्थिति को नियंत्रित करने और तुरंत परिणाम पाने की तीव्र इच्छा होगी।
प्रभाव: गुस्से और जल्दबाजी के कारण रिश्तों में और करियर में टकराव हो सकता है। शारीरिक चोट या सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या न करें: आक्रामक भाषा का प्रयोग और जोखिम भरा व्यवहार।
उपाय: “ओम मंगलाय नमः” का जाप करें और भगवान हनुमान की पूजा करें।

2. कर्क राशि: कार्यस्थल पर दबाव और मानसिक थकावट
मंगल आपके दशम भाव (करियर और ख्याति) को सक्रिय कर रहा है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का बोझ और ऑफिस पॉलिटिक्स के कारण आप मानसिक रूप से थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
प्रभाव: अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। क्रोध में आकर करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला न लें।
क्या न करें: तनाव को व्यक्तिगत रूप से लेना और कार्यस्थल पर भावुक प्रतिक्रिया देना।
उपाय: ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और बातचीत में शांति बनाए रखें।

3. कन्या राशि: अष्टम भाव और गुप्त तनाव
मंगल आपके अष्टम भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जो अचानक आने वाली बाधाओं और मानसिक दबाव का संकेत है। छिपी हुई चिंताएं और लंबित कार्यों को लेकर बढ़ती निराशा आपको परेशान कर सकती है।
प्रभाव: वित्तीय चिंताएं और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। भावनाओं का अति-विश्लेषण (over-analysis) करना आपके लिए हानिकारक होगा।
क्या न करें: जोखिम भरे निवेश और अनावश्यक तनाव।
उपाय: नियमित ध्यान करें और मंगल के मंत्रों का प्रतिदिन जाप करें।

4. तुला राशि: संबंधों में तनाव और अहम का टकराव
मंगल आपके सप्तम भाव (साझेदारी और विवाह) को प्रभावित कर रहे हैं। व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। संचार में धैर्य न रखने से गलतफहमियां जल्दी पैदा होंगी।
प्रभाव: जीवनसाथी या व्यापारिक पार्टनर के साथ ईगो क्लैश (अहम का टकराव) हो सकता है।
क्या न करें: अहंकार दिखाना और भावनात्मक निर्णय लेना।
उपाय: मंगलवार के दिन मिठाई का दान करें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

5. वृश्चिक राशि: प्रतिस्पर्धा और कार्यभार
मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं और अब छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति प्रतिस्पर्धा और कार्यभार बढ़ाएगी। चुनौतियों को संभालते समय आप अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
प्रभाव: कार्यस्थल पर टकराव और स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां। यह समय अनुशासन और धैर्य का है।
क्या न करें: आक्रामक संचार और खुद को ओवरवर्क करना।
उपाय: अपनी दिनचर्या में अनुशासन रखें और भगवान हनुमान की आराधना करें।

मुख्यमंत्री ने नीलगंगा आश्रम के कार्यक्रम में प्राप्त किया साधु-संतों का आशीर्वाद

0

मुख्यमंत्री ने नीलगंगा आश्रम के कार्यक्रम में प्राप्त किया साधु-संतों का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंगा दशहरे के पावन अवसर पर नीलगंगा पहुंचकर माँ गंगा की प्रतिमा की पूजा और अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 में सनातन का वैभव पूरी दुनिया देखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में माँ शिप्रा के घाटों पर साधु-संतों की भावना अनुसार सनातन की गरिमामयी परम्परा अनुसार सिंहस्थ-2028 का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार नीलगंगा परिसर पहुंचे, जिसे गुप्त गंगा का स्थान माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर वर्ष यहां पर आकर पूजन-अर्चन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीलगंगा परिसर में माँ गंगा का पूजन-अभिषेक कर गुप्त गंगा के दर्शन किये और प्रदेश की जनता की शुभ मंगल स्वास्थ्य, उन्नति, तरक्की की कामना की।

नीलगंगा जूना अखाड़ा पर गंगा दशहरा के अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज नारायणगिरी जी महाराज उपस्थित रहे।

भीषण गर्मी को देखते हुए PM Modi की अपील,ज्यादा सावधानी बरतें स्वयं को हाइड्रेटेड रखें

0

भीषण गर्मी को देखते हुए PM Modi की अपील,ज्यादा सावधानी बरतें स्वयं को हाइड्रेटेड रखें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भीषण गर्मी को देखते हुए देशवासियों से अपील की है, उन्होंने लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी है, प्रधानमंत्री ने कहा है कि स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। प्रधानमंत्री ने उन लोगों की सराहना की है जो अपने घर और दुकानों के बाहर मटके में पानी भरकर पीने के लिए रखते हैं।

उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है, अधिकांश जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है लोग लू और तेज गर्म हवाओं से परेशान हैं , ऐसे में राज्यों में स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी जारी कर रहे हैं और गर्मी से बचाव के तरीके बता रहे हैं इधर प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है। उन्होंने लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी है, पीएम ने खुद अधिक पानी पीने और प्यासे को पानी पिलाने की अपील लोगों से की है।

घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें
PM Modi ने सोशल मीडिया पर लिखा- देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।

बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग हीटस्ट्रोक से बचें
उन्होंने लिखा- अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।

प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों का भी रखें ध्यान, पानी का बर्तन रखें
जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें। इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।

छत्तीसगढ़ में बकरीद पर नया नियम लागू,कुर्बानी पर लगा सख्त बैन

0

छत्तीसगढ़ में बकरीद पर नया नियम लागू,कुर्बानी पर लगा सख्त बैन
ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पावन त्योहार इस वर्ष 28 मई 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अवसर पर राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 06:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित समय के अनुसार नमाज़ अदा की जाएगी। प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

वक्फ बोर्ड ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा इस वर्ष भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गंभीर मामलों में 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लिया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूरी रोक
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि सड़क, गली, मैदान या किसी भी खुले स्थान पर पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत बूचड़खानों या निजी परिसरों के भीतर ही नियमों के अनुसार की जा सकेगी। यह निर्णय स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ध्वनि प्रदूषण और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान
त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय अलग-अलग स्लॉट में तय किए गए हैं।

प्रशासन और वक्फ बोर्ड की तैयारी
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं को देखते हुए इस बार भी नमाज़ को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ने की ये अपील
मुस्लिम धर्म के लोग यह त्योहार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की याद में मनाते हैं, इस दौरान मुस्लिम समाज के साहिबे निसाब व्यक्ति द्वारा कुर्बानी की जाती है। इस बार यह कुर्बानी 28 मई को सूर्योदय से लेकर 30 मई सूर्यास्त तक होगी। छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने लोगों खुले में कुर्बानी नहीं देने की अपील की है, उन्होंने कहा कि समाज के लोग अन्य धर्मों की आस्था का भी ध्यान रखें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान को पुस्तक विमोचन पर दीं बधाई

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान को पुस्तक विमोचन पर दीं बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ”अपनापन”नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘’अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए।

पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।