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मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सम्पन्न मध्य क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों और सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री   अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक’ में सहभागिता करते हुए सहकारिता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, डिजिटल अधोसंरचना विकास, दूध उत्पादन आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की प्रगति की जानकारी साझा की गई।

समय के पहले खत्म किया नक्सलवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले नक्सल समस्या का उन्मूलन करने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित जिलों में विशेष प्रयासों से सफलता प्राप्त की गई। जहां अनेक इनामी नक्सलवादियों ने समर्पण किया वहीं अनेक नक्सल तत्वों का सफाया भी किया गया। जवानों और सुरक्षा बलों को आवश्यक प्रोत्साहन भी दिया गया। नागरिकों के मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। बैठक में ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लिए प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री   अमित शाह का संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों के विकास के लिए नए लक्ष्य तय किए गए हैं। नक्सलवाद से प्रभावित रहे ग्रामों के लिए 330 करोड़ रुपये लागत की माइक्रो डेवलपमेंट योजना लागू की गई है। अलग-अलग योजनाओं के तहत सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर, नई सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित की जा रही हैं।

सुशासन पर हुई विशेष चर्चा
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सुशासन पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही जनकल्याण, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री   योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मेजबान राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने भी भागीदारी की। बैठक में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 

यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

 

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

 

साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।

 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

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बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। जगदलपुर में पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

 

 

 

 

 

इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा भी की।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में पहली बार आयोजित हो रही यह उच्च स्तरीय बैठक क्षेत्र के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति बस्तर के बदलते स्वरूप और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण की दिशा में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।

व्हिसिल ब्लोअर डा. आनंद राय सरकारी सेवा से बर्खास्त

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व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापम) में हुए पीएमटी फर्जीवाड़े में व्हिसिल ब्लोअर की भूमिका निभाने वाले इंदौर के चिकित्सक डा. आनंद राय को राज्य शासन ने सोमवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अभी वह निलंबित चल रहे थे। बीते वर्ष मार्च में शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 का प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में मप्र पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
डा. राय ने अपने फेसबुक पेज पर पेपर लीक का एक स्क्रीन शाट लगाया था। इसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी लक्ष्मण सिंह का नाम लिखा था। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर वार-पलटवार हुए थे। निलंबन अवधि में उन्हें संयुक्त संचालक कार्यालय रीवा में पदस्थ किया गया था, पर उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि मनरेगा योजना, अमृत सरोवरों के निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विकास और जन-कल्याण की गतिविधियों के क्रियान्वयन तथा प्रभावशीलता की निगरानी में जन-भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसमें जन-प्रतिनिधियों को भी अपना दायित्व निभाना होगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विभिन्न योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर गठित दिशा समितियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री चौहान मंत्रालय में राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल, सांसद डॉ. के.पी.एस. यादव, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उपलब्ध बजट पर ही सड़क निर्माण आरंभ करें, अधूरी सड़कों से लोगों को परेशानी न हो
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मनरेगा में सृजित मानव दिवसों की संख्या में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ। सामुदायिक कार्यों के क्रियान्वयन तथा भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्रयास यह हो कि शत-प्रतिशत भुगतान आधार आधारित हो। सड़क निर्माण के कार्य बजट उपलब्धता के आधार पर ही आरंभ किए जाएँ। यह सुनिश्चित करें कि जो सड़क निर्माण आरंभ हों, उसे अधूरा न छोड़ा जाए, अधूरी सड़कों के कारण लोगों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों तक सड़कों का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। इसी उद्देश्य से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण की योजना है। सूखे क्षेत्रों में वर्षा जल सहेजने के उद्देश्य से तालाबों के निर्माण को प्राथमिकता पर लिया जाए। अमृत सरोवरों के निर्माण में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दिए गए मापदण्डों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री चौहान ने की मिशन की समीक्षा

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मुख्यमंत्री चौहान ने की मिशन की समीक्षा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि जल जीवन मिशन महत्वाकांक्षी योजना है। केन्द्र और राज्य शासन के संसाधनों से क्रियान्वित होने वाले इस मिशन से हर घर में नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। योजना का सफल क्रियान्वयन सभी जन-प्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। योजना में हो रहे निर्माण कार्यों के प्रति सजग रहना और समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना आवश्यक है। जल-स्त्रोतों को इस प्रकार चिन्हित किया जाए कि ग्रीष्म ऋतु में निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके। मिशन में पाइप लाइन डालने के लिए की गई खुदाई का रेस्टोरेशन कार्य प्राथमिकता से तत्काल पूर्ण किया जाए। जिला तथा राज्य स्तर के अधिकारी निरंतर भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में उन्हें पूर्ण करना सुनिश्चित करें। वर्षा ऋतु से पहले सभी रेस्टोरेशन के कार्य अनिवार्यत: पूर्ण कर लिए जाएं।

सभी जिले वर्चुअली जुड़े

मुख्यमंत्री चौहान मिशन में जारी कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सभी जिले वर्चुअली शामिल हुए। मंत्रालय में हुई बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सिसोदिया, वन मंत्री कुँवर डॉ. विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव  इकबाल सिंह बैंस सहित अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए पीपल, अमरूद और शहतूत के पौधे

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मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए पीपल, अमरूद और शहतूत के पौधे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट उद्यान में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा के साथ पीपल, अमरूद और शहतूत के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ टी.वी. न्यूज चैनल स्वराज के संजय डोंगर और प्रतीक कुमार ने भी पौध-रोपण किया। सामाजिक कार्यकर्ता सरगम चौहान ने अपने जन्म-दिवस पर पौधा लगाया। मुख्यमंत्री जन-सेवा मित्र सौरभ चौहान भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

नोबेल शांति पुरस्कार के पीएम मोदी सबसे बड़े दावेदार

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नोबेल शांति पुरस्कार के पीएम मोदी सबसे बड़े दावेदार

दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा खबर नोबेल के शांति पुरस्कार से जुड़ी है। नोबेल कमेटी के डिप्टी लीडर असल तोजे ने प्रधानमंत्री मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे बड़ा दवादेर बताया है।

भारत के प्रधानमंत्री ने जिस तरह रूसी राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध के बारे में समझाया, वो काबिले तारीफ है। बिना कोई धमकी दिए परमाणु युद्ध के परिणामों के बारे में सख्‍त संदेश दिया। आज के दौर में हमें अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस तरह की लीडर की जरूरत है।

तोजे ने अपने बयान यह भी कहा कि पीएम मोदी एक भरोसेमंद नेता हैं जो देशों के बीच युद्ध को रोकने और शांति स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।

बरगद, आम और चंपा के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए

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बरगद, आम और चंपा के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए

मुख्यमंत्री चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में बरगद, आम और चंपा के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान ने साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता तथा मुख्यमंत्री जन-सेवा मित्र ललित तायवाड़े ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ पत्रकार संजीव शर्मा ने भी अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए। कल्पना शर्मा, कमलेश शर्मा, सतपाल शर्मा, मुकेश शर्मा तथा रितेश शर्मा साथ थे।

संगठन की दो दिवसीय बैठक मे विकास यात्रा की सफलता-असफलता था बड़ा मुद्दा

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संगठन की दो दिवसीय बैठक मे विकास यात्रा की सफलता-असफलता था बड़ा मुद्दा

 

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब महज आठ महीने का ही समय शेष रह गया है. विधानसभा चुनावों को देखते हुए मप्र सरकार द्वारा पांच फरवरी से प्रदेश में विकास यात्रा निकाली गई. विकास द्वारा गांव-गांव-गली-गली पहुंची. विकास यात्रा में प्रशासनिक अफसर सहित भाजपा के जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इस विकास यात्रा का आज समापन हो गया है.

प्रदेश भर में विकास यात्रा के दौरान बीजेपी के जनप्रतिनिधियों ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजनों को अवगत कराया है. हालांकि, विकास यात्रा को प्रदेश में कई जगह विरोध का भी सामना करना पड़ा है. विकास यात्रा की सफलता और असफलता को लेकर आज से बीजेपी संगठन की दो दिवसीय बैठक का श्रीगणेश हुआ है. इस बैठक में संगठन के तमाम बड़े पदाधिकारी शामिल हुए हैं. दो दिवसीय बैठक में विकास यात्रा को लेकर मंथन किया जाएगा.

26 फरवरी से बीजेपी प्रदेश कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक बैठक हो रही है. बैठक का कल 27 फरवरी को समापन होगा. बैठक के दौरान बूथ विस्तारक अभियान, आकांक्षी विधानसभा और सातों मोर्चों की बैठकों में नेतृत्व का मार्गदर्शन दिया जाएगा. सुबह 10.00 बजे ‘मन की बात’ कार्यक्रम के साथ बूथ विस्तारक अभियान पार्ट-2 और बूथ विस्तारक कार्ययोजना की बैठक की शुरुआत हुई है.

 

बैठक को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद संबोधित करेंगे.बैठक में प्रदेश टोलीए जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिले के प्रभारी महामंत्री व जिला टोली उपस्थित हुए हैं. इसी तरह दोपहर ढाई बजे आकांक्षी विधानसभा प्रभारियों की बैठक होगी.

 

कल मोर्चा पदाधिकारियों की बैठक

बता दें कि राजधानी भोपाल में आयोजित भाजपा संगठन की बैठक के दूसरे दिन यानि 27 फरवरी को पार्टी के सातों मोर्चों की संयुक्त बैठक आयोजित होगी. बैठक में मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे. दोपहर एक बजे समस्त मोर्चो की समानान्तर बैठक होगी. इन बैठकों में पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी मार्गदर्शन देंगे.