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योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान

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योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इसी क्रम में खेल विभाग की भूतपूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना पूर्व खिलाड़ियों के लिए बड़ा संबल बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 223 पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस योजना का लाभ अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को भी मिल रहा है।

इस तरह सरकार की इस पहल से न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि उनके योगदान को सम्मान भी प्राप्त हो रहा है। खेल जगत इसे खिलाड़ियों के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण मान रहा है।

52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों तथा खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है।

 

इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये की सहायता दी गई।
राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही सहायता

इसी प्रकार 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और 2 पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ियों को भी प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

योजना का लाभ केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने उन खिलाड़ियों को भी इस योजना में शामिल किया है, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इसके तहत राज्य स्तर के 126 भूतपूर्व खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के 24 खिलाड़ियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 भूतपूर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई।
हॉकी, तैराकी, फुटबाल समेत कुल 31 खेल शामिल

इन खिलाड़ियों के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए उनकी मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही खिलाड़ी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। योजना के संचालन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है।

खेल विभाग संबंधित जिलों के खेल अधिकारियों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराता है। जनपद स्तर के खेल अधिकारी लाभार्थी खिलाड़ियों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता हस्तांतरित करते हैं।

इसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, नेटबाल, टेनिस, हॉकी, तैराकी, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वुशू, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग समेत कुल 31 खेल शामिल हैं।

लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश

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लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत वाली इमारत को गिराने का रास्ता साफ हो गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने भवन को स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और नियमों के खिलाफ निर्मित मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है.

एलडीए की जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया था. वहीं, एसआईटी जांच में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच के अनुसार भवन में फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट बनाई गई थी, निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का लोड लिया गया था और अग्नि सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया था.

मालिक निर्माण ध्वस्त नहीं करता है तो LDA करेगा कार्रवाई
एलडीए ने भवन स्वामी को आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों के भीतर स्वयं भवन ध्वस्त करने का निर्देश दिया है. प्राधिकरण के अनुसार, यह समयावधि नियमावली के तहत अनिवार्य प्रावधान के अनुसार दी गई है. यदि तय समय में भवन मालिक स्वयं निर्माण नहीं हटाता है, तो एलडीए अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भवन स्वामी से वसूलेगा.

लखनऊ के आग हादसे ने 15 परिवारों के उजाड़ दी थी जिंदगी
22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में हुए इस भीषण हादसे ने 15 परिवारों के जिंदगी उजाड़ दी थी. यह आग इतनी तेजी से फैली थी कि इमारत में मौजूद कई लोग अंदर फंस गए. दमकल की कई गाड़ियों और राहत-बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी. इस हादसे के बाद गठित एसआईटी और एलडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसमें भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया था.

सीजफायर खत्म होने से बढ़ा वर्ल्ड वार का खतरा

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सीजफायर खत्म होने से बढ़ा वर्ल्ड वार का खतरा
कतर की तरफ से एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है. इसी सिलसिले में कतर के वार्ताकार ईरान गए हैं. यह दावा सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है.

इस यात्रा के जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौता खत्म के ऐलान के बाद कतर के वार्ताकार ने ईरान का रुख किया है. साथ ही इस तनाव को कम करने की कोशिशें की गईं. वहीं, पश्चिम एशिया में हाल में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. ऐसे में इसे अमेरिका और ईरान में एक बार फिर बातचीत शुरू करने की कोशिशों के तौर पर इसे देखा जा रहा है.

अमेरिका के साथ तालमेल बिठाक यात्रा को किया गया: रिपोर्ट
CNN की मानें तो अमेरिका साथ तालमेल बिठाकर इस यात्रा को किया गया है. बातचीत का मकसद टेंशन कम करने और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच बातचीत की संभावना को फिर बनाना उद्देश्य है. यह कदम दोनों तरफ से हुए तेज हमलों के बाद शुक्रवार को उठाया गया है. फिलहाल हमलों में कमी आई है. इन हमलों से दोनों देशों में एक बार फिर समझौता टूटने का खतरा पैदा हो गया था.

मध्यस्थ देश दोनों को एक टेबल पर फिर लाने की कर रहे कोशिश
ऐसे में मध्यस्थ देश दोनों को फिर से टेबल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजो को निशाना बनाया है. तो वहीं अमेरिकी सेना ने भी तेहरान पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए. इससे दोनों पक्षों में तनाव गहरा गया. सीएनएन ने बताया कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को खत्म करने की पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें जारी है.

राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल,दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

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राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल,दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की अलग-अलग केस में सजा सुनाई है. लेकिन अपने इस फैसले पर तुरंत अमल पर हाईकोर्ट ने दो महीने की रोक लगा दी है. इससे राजपाल यादव को दो महीने का और भी वक्त मिल गया है. हाईकोर्ट की ओर से बड़ी राहत इसलिए दी गई है ताकि वो हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे सकें.

राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय क्या बोले?
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने चेक बाउंस मामले को लेकर हाईकोर्ट से मिला राहत को लेकर कहा, ‘अदालत ने अभी तक पूरी राहत नहीं दी है. फिलहाल, उन्हें दो महीने का विस्तार दिया गया है. हमें वास्तव में जो कहा गया है उसे समझने के लिए ऑर्डर शीट और फैसले की जांच करने की आवश्यकता है. तभी हम आपको ठीक से जानकारी दे पाएंगे.’

राजपाल यादव के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से की गई कार्यवाही कई मामलों की है. उन्होंने आगे जानकारी दी, ‘5 करोड़ रुपये में से हमने पहले ही लगभग 4.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं. हालांकि, समस्या इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि कई कार्यवाही हैं. एक मामले में, दावा लगभग 11 करोड़ रुपये का है, जबकि एक सिविल डिक्री है. लगभग 10.5 करोड़ रुपये के लिए. साथ ही, लगभग 11.5 करोड़ रुपये का एक आपराधिक मामला है, भले ही ये सभी कार्यवाही एक ही अंतर्निहित लेनदेन से संबंधित हैं.’

रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिवादन, हुआ जगह-जगह भव्य स्वागत

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रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिवादन, हुआ जगह-जगह भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को कालापीपल में रोड शो कर जनता का अभिवादन किया। नगरवासियों ने उनका जगह-जगह ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग पर नागरिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रोड शो नायरा पेट्रोल पंप से प्रारंभ होकर सभा स्थल तक पहुंचा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों तथा आमजन ने जगह-जगह स्वागत मंच बनाकर मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ भेंट, पुष्प हार एवं पारम्परिक साफा बांधकर हार्दिक अभिनन्दन किया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और जयघोष के बीच मुख्यमंत्री का नागरिकों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने किया 30.86 करोड़ रुपए के विभिन्न 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण

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मुख्यमंत्री ने किया 30.86 करोड़ रुपए के विभिन्न 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आधारभूत विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ‘कृषि और कृषक’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर से अधिक पहुंच गया है, जिससे कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30.86 करोड़ रुपए के 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 01 करोड़ 45 लाख 56 हजार रूपये की लागत के 04 कार्यों का भूमि पूजन और 29 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये लागत के 8 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। सम्मेलन में किसान भाइयों ने भावांतर भुगतान योजना एवं केसीसी ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का गजमाला से साथ ही हल भेंटकर एवं महिला किसानों ने राखी बांधकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को हितलाभ वितरण कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधा भी लगाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं उपस्थित अतिथियों ने एक पेड़ मॉ के नाम, हर भरा कालापीपल अभियान अंतर्गत 04 लाख पौधे रोपण के लक्ष्य अन्तर्गत कृषि उपज मण्डी प्रांगण में पौध-रोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौध-रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी से पौध-रोपण अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल क्षेत्र 04 लाख पौधे रोपित करने के लक्ष्य का यह वृक्ष गंगा अभियान का नया रिकॉर्ड बना रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौपालकों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत अब तक लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना सहित विभिन्न नदी जोड़ो योजनाओं से लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे शाजापुर सहित अनेक जिलों के किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले के प्रत्येक गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार चरणबद्ध तरीके से किसानों को दिन के समय ही सिंचाई के लिये विद्युत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों को अब खरीफ और रबी फसल के लिए अलग-अलग ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कृषि लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उद्योगों में बड़े निवेश के साथ युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचनात्मक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकास कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में शाजापुर जिला प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शाजापुर जिला मेडिकल शिक्षा, आयुर्वेदिक और शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा का हब बनने जा रहा है। मंत्री परमार ने कहा कि शाजापुर में मेडिकल कॉलेज व शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की सौगात तथा कई सांदीपनि विद्यालय शाजापुर जिले में बनाए जा रहे हैं, इससे शाजापुर जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

क्षेत्रीय सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शाजापुर लोकसभा क्षेत्र में किये जा रहे नए-नए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी एवं डॉ. रवि पांडे ने भी सभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5,017 करोड़ रुपये की उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का करेंगे भूमि पूजन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5,017 करोड़ रुपये की उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का करेंगे भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सड़क अधोसंरचना विकास में 10 जुलाई को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस दिन उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग परियोजना का भूमि पूजन होगा। लगभग 98.73 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण 5,017 करोड़ रुपये की लागत से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। दो वर्ष में पूर्ण होने वाली इस परियोजना से लगभग 35 लाख आबादी तथा 62 ग्राम प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा एवं तेज संपर्क मिलेगा। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान राजस्थान, गुजरात तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह मार्ग अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। साथ ही इंदौर, भोपाल एवं मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी और अधिक सुदृढ़ होगी। परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जावरा बायपास पर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू–नीमच फोरलेन मार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड का भी निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। किसानों को अपनी उपज विभिन्न कृषि उपज मंडियों तक शीघ्र पहुँचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं उद्योगों, लॉजिस्टिक्स एवं निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना मध्यप्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसके पूर्ण होने पर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी तथा मालवा क्षेत्र के समग्र विकास को महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी।

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

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सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण
रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद से चर्चा की। श्रीमती निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।