नई दिल्ली :देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्तर के चलते स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद, कर दिए गए हैं. साथ ही सरकारी विभाग में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू कर दिया गया है.दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि देश की राजधानी में में 21 नवंबर तक निर्माण कार्य पर प्रतिबंध रहेगा, साथ ही सरकारी विभागों में 100% वर्क फ्रॉम होम लागू होगा. यहां ज़रूरी सेवाओं के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री बैन कर दी गई है. दिल्ली में 1000 CNG प्राइवेट बसों को कल से हायर किया जाएगा. DDMA से मेट्रो और बस में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति मांगी गई है.
दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल, 15 साल पुरानी गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है.वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट की सघन जांच होगी. दिल्ली में 372 वॉटर टैंकर से छिड़काव हो रहा है, फायर ब्रिगेड की मदद से 13 हॉट स्पॉट पर पानी का छिड़काव किया जाएगा.दिल्ली में गैस के अलावा अन्य इंडस्ट्री को बैन किया गया इसके साथ ही ट्रैफिक कंजेन्शन की जांच के लिए ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया गया है.
दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में दिनों दिन बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया है. सु्प्रीम कोर्ट में हाल ही में केंद्र सरकार ने बताया था कि राजधानी में गंभीर प्रदूषण में पराली जलने से होने वाले धुएं का योगदान केवल 10 फीसदी ही है. दिल्ली के वायु प्रदूषण में खेत के कचरे को जलाने का योगदान 10 प्रतिशत है, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वायु प्रदूषण में उद्योग और सड़क की धूल की बड़ी भूमिका है. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने केंद्र से सवाल किया था , “क्या आप सैद्धांतिक रूप से इस बात से सहमत हैं कि पराली जलाना कोई प्रमुख कारण नहीं है और यह “हल्ला” वैज्ञानिक और कानूनी आधार के बिना था.” जब केंद्र के वकील ने इसे स्वीकार कर लिया, तो न्यायाधीश ने कहा कि “दिल्ली सरकार के हलफनामे का कोई मतलब नहीं है” क्योंकि वे “केवल किसानों को दोष दे रहे हैं”.
दिल्ली प्रदूषण के कारण स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद
देश अब किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार: कमल पटेल
भोपाल।किसान नेता एवं प्रदेश के कृषि मंत्री पटेल ने कहा है कि अब हम किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं क्योंकि हमें सौभाग्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में मिले जिन्होंने निराशा को आशा में, नामुमकिन को मुमकिन और असंभव को संभव कर दिखाया है। देश अब किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार है।
कोरोनावायरस से निपटने के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने दो स्वदेशी वैक्सीन बना कर यह साबित कर दिया है। कृषि मंत्री कमल पटेल नर्मदापुरम के होशंगाबाद में कोरोना योद्धाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री पटेल ने कहां की 100 साल की सबसे गंभीर महामारी कोरोना 2019 मे जब आया तो दुनिया के विकसित राष्ट्र भी इस माहमारी से अवगत नहीं थे, हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर और रिसर्च करने वालों को भी इस बीमारी के बारे में पता नहीं था।हमारे देश की गिनती तो बहुत बाद में होती थी ।जो भी दुनिया में नया आविष्कार होता था वह हमारे देश पहुंचते-पहुंचते पहले 50 साल और आज से 60 साल पहले 25 से 30 साल लगा देता था लेकिन इस महामारी में हमारे देश के वैज्ञानिको ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वह कमाल कर दिखाया जो विकसित राष्ट्र नहीं कर पाए, विकसित राष्ट्रों को समय लगा ।हमारे देश में दो स्वदेशी वैक्सीनो को बनाने में हमने सफलता प्राप्त की और अभी तक 108 करोड़ से ऊपर लोगों को निशुल्क वैक्सीन लग चुकी है ।जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। श्री पटेल ने कार्यक्रम के माध्यम से समाज सभी वर्गों को आव्हान किया है कि कोरोना महामारी अभी पूरी तरीके से गई नहीं है इसलिए जरूरी है कोरोना के द्वितीय चरण के अभियान में सभी अपनी जनभागीदारी दें और इस महाअभियान को सफल बनाएं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्शत कोरोना प्रतिबंधों में छूट की घोषणा की
भोपाल । मप्र कोरोना से जुडे सभी प्रतिबंध को हटाने जा रहा है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कोरोना के मौजूदा हालातों की समीक्षा आज सुबह मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी,विश्वास सारंग के साथ करते हुए निर्देश दिए कि अब सभी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा रहा है। कुछ बिंदुओं में सावधानी बरतते हुए कुछ नियमों के पालन आवश्यक होंगे। शासकीय सेवकों को दोनों डोज अनिवार्य होंगे।इस फैसले के चलते अब विवाह समारोह हो सकेंगे इनमें संख्या का बंधन नहीं होगा। गौरतलब है कि भिंड खरगोन और सीधी जिले में प्रथम डोज 85% से कम लोगों ने लगाया है। यह तत्काल अभियान चलाया जायेगा।
*विवाह समारोह हो सकेंगे। संख्या का बंधन नहीं होगा।
* मेलों में दुकान वही दुकानदार लगा सकेंगे जिन्होंने दोनों डोज लगवाए हैं।
* सिनेमा देखने जाने, राशन की दुकान से सामग्री लेने के लिए दोनों डोज अनिवार्य होंगे।
* किसी तरह का कर्फ्यू नहीं रहेगा.
* कोविड अनुकूल व्यवहार आवश्यक होगा ।
*मास्क और यथासंभव परस्पर दूरी रखना है और असावधान नहीं होना है।
* शिक्षण संस्थाओं और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी डोज दोनों डोज आवश्यक हैं
*शासकीय सेवकों को वेकसीन के दोनों डोज अनिवार्य हैं।
* जिन जिलों में वैक्सीन के दूसरे डोज में कमी देखी गई है ,वहां गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए ।
*31 दिसंबर तक संपूर्ण वैक्सीनेशन करना है।
मुख्यमंत्री ने भिंड खरगोन और सीधी जिलों की भी जानकारी ली जहां प्रथम डोज 85% से कम लोगों ने लगाया है
*मुख्यमंत्री ने वेक्सीन के दोनों डोज के प्रयास कर शतप्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश में पधारे क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, सीएम शिवराज से की मुलाकात
सचिन ने बताया उनके पिता का सपना था कि वे गरीब बच्चों के लिए कुछ करें और आज वे एक संस्था के 2300 बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.
नेशनल – ‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ कहे जाने वाले और दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास पर सीएम शिवराज सिंह चौहान से सौजन्य भेंट ली. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर मंगलवार को मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां वे एक निजी संस्था के कार्यक्रम में शिरकत करने आये थे. देवास में मीडिया से चर्चा में करते हुए सचिन ने कहा कि इस संस्था में 2300 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं, जिनके साथ मैं जुड़ा हूँ. मेरे पिता का सपना था कि गरीब बच्चों के लिए कुछ किया जाए. वो अगर आज हमारे बीच होते तो बहुत खुश होते.
सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री आवास पर की मुलाकात
मध्यप्रदेश दौरे के दौरान सचिन ने मंगलवार देर रात सीएम शिवराज सिंह से मुलाकात की जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर दी. सचिन ने उन्हें अपने फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन मप्र में ‘परिवार फाउंडेशन’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसके बाद सीएम शिवराज ने भी सचिन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उनके फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी. सीएम ने कहा कि जो भी जरूरत होगी, उसमें जिला प्रशासन का सहयोग मिलेगा. सरकार उनके साथ मिलकर कार्य करेगी. गरीब बच्चों के लिए काम कर रही है सचिन की संस्था
सचिन की संस्था सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम करती है. इस संस्था द्वारा देश में अलग-अलग जगहों पर गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद की जा रही है. देवास जिले के खातेगांव में संदलपुर गांव में कोलकाता की संस्था परिवार एजुकेशन सोसाइटी भी यही काम कर रही है. सचिन का मध्य प्रदेश में यह दौरा गरीब बच्चों की शिक्षा को लेकर ही था. उनके साथ एक टीम भी थी, जो इस विजिट को शूट कर रही है. सचिन ने परिवार संस्था की भगिनी निवेदिता विद्यापीठ की निर्माणाधीन बिल्डिंग का दौरा किया. वहां निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया.
SAS से IAS और SPS से IPS के लिए एक माह के भीतर होगी DPC
भोपाल:मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के लिए डीपीसी की डेट इसी हफ्ते तय हो जाएगी। एक माह के भीतर डीपीसी होंने की संभावना है। राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसर इस डीपीसी के बाद आईएएस बनेंगे वहीं राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसर आईपीएस बन जाएंगे। यूपीएससी ने इस सप्ताह डीपीसी की डेट फाइनल करने के संकेत राज्य सरकार को दिए है।
सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा था इस पर संघ लोक सेवा आयोग इसी सप्ताह डीपीसी की डेट फाइनल करके राज्य सरकार को सूचना भेजने वाला है।
वर्ष 2021 में राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसरों को पदोन्नत कर आईएएस बनाया जाएगा। 18 पदों के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के 54 अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के 94 से 2000 बैच के अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा।। वहीं गृह विभाग ने आईपीएस के 11 पदो के लिए राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 95-96 के 33 अफसरों के नाम आईपीएस प्रमोट किए जाने के लिए हो रही डीपीसी के लिए प्रस्तावित किए है।
आईएएस के लिए इनके नामों पर होगा विचार- आईएएस में पदोन्नति के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के 94 से 2000 तक के बैच के अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। 94 बैच के विवेक सिंह और 95 बैच के पंकज सिंह के नाम भी विचार के लिए रखे जाएंगे। दोनो को जांच के चलते पिछले साल मौका नहीं मिल पाया था। इसके अलावा
सुधीर कोचर,रानी बाटड, चंद्रशेखर शुक्ला, नारायण प्रसाद नामदेव, दिलीप कुमार कापसे, बुद्धेश वैद्ध जयेन्द्र कुमार विजयवत,, अभय अरविंद बेड़ेकर, अजय देब,नियाज अहमद खान, नीतू माथुर, मनोज मालवीय, अंजू पवन भदौरिया और जमुना भिडे।
आईपीएस के लिए इनके नामों पर होगा विचार- राज्य पुलिस सेवा के अनिल मिश्रा और देवेन्द्र कुमार सिरोलिया को इस बार भी जांच के कारण मौका नहीं मिलेगा वहीं 95-96 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अफसर
प्रकाशचंद्र परिहार, निश्चल झारिया, रचना ठाकुर, संतोष कोरी, जगदीश डाबर, मनोज सिंह मंडलोई, रामजी श्रीवास्तव, जितेन्द्र सिंह पवार, सुनील तिवारी, संजीव कुमार सिन्हा और संजीव कुमार कंचन को आईपीएस अवार्ड हो सकता है।
उदासीनता और लापरवाही की शिकार, हॉकी के जादूगर की प्रतिमा: अतुल मलिकराम
मेजर ध्यान चंद भारत माता के उन सपूतों में से एक हैं, जिनका नाम ही उनकी पहचान है। अब तक के सबसे महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक ध्यान चंद ने अपनी हॉकी स्टिक से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया, और तो और भारत को विश्व मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने में भी अटूट योगदान दिया। हॉकी के जादूगर पद्म विभूषण मेजर ध्यान चंद सदैव देश का गौरव रहे हैं और अनंतकाल तक रहेंगे। लेकिन यहाँ एक सवाल उठता है कि क्या भारत माता के इस गौरव को आगामी समय में वह तवज्जो मिल सकेगी, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं? पीढ़ियों के आगे बढ़ने के साथ ही अब हम उनके योगदान को भूलते जा रहे हैं। कई मौकों पर ऐसा प्रतीत होता है कि देश के इस महान सपूत को असल सम्मान देने में हम कहीं पीछे छूट गए हैं। यूँ तो देश में कई शहरों के चौक-चौराहों पर ध्यान चंद की प्रतिमाएं देखने को मिल जाती हैं, लेकिन उनके रखरखाव और संरक्षण की तरफ शायद ही किसी का ध्यान जाता है। बुंदेलखंड स्थित ‘हॉकी के जादूगर’ की प्रतिमा की हमारे द्वारा काफी समय से लगातार उपेक्षा की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस पर किसी का ध्यान भी नहीं है।
मेजर ध्यान चंद के गोल करने की क्षमता कमाल की थी। उनके अद्भुत गेंद नियंत्रण को देखते हुए ही उन्हें ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाने लगा। माना जाता है कि उनकी हॉकी स्टिक में गेंद के प्रति चुम्बकीय आकर्षण था। उनके खेलने के दौरान भारत ने हॉकी में तीन गोल्ड मैडल (1928, 1932 और 1936) ओलंपिक में जीते थे। उनकी आत्मकथा के अनुसार, उन्होंने 185 मैचों में 570 गोल किए। यदि हम इतिहास के पन्ने पलटें, तो पाएंगे कि यही वह समय था जब भारत में हॉकी की सबसे अच्छी टीम हुआ करती थी। हॉकी के जादूगर की प्रसिद्धि का बखान उनके जन्मदिन, यानि 29 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय खेल दिवस करता है। इस बात से हम भली-भाँति परिचित हैं कि मेजर ध्यान चंद का देश तथा हॉकी के प्रति समर्पण अविश्वसनीय है। वे वास्तव में भारत के अनमोल रत्न हैं, जो नई पीढ़ियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल हैं।
लेकिन इसके बदले में देश उनके सम्मान के लिए क्या कर रहा है? हालात ये हैं कि उनकी प्रतिमा शहर में नगर निकाय की उदासीनता और लापरवाही का शिकार हो चुकी है। जी हाँ, उत्तर प्रदेश के झांसी में मेजर ध्यान चंद के पुराने स्मारक की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जो चीख-चीखकर अपनी खोई हुई पहचान वापस पाने की गुहार लगा रही है। कैसी विडंबना है कि जहाँ एक ओर उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर उनकी प्रतिमा की अनदेखी कर दी जाती है। ऐसे में उनके स्मारक की दुर्दशा मन को झकझोर कर रख देती है कि महान हॉकी खिलाड़ी की इस हालत को देखकर कल के युवाओं पर क्या असर होगा। यदि हम ही भारत माता के इन सपूतों की छवि को धूमिल करने की वजह बन जाएँगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इन देशभक्तों से कैसे रूबरू कराएँगे??
सत्य तो यह है कि भारत की महान विभूति मेजर ध्यान चंद को हमारे देश में वह तवज्जो मिली ही नहीं, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं। मेजर ध्यान चंद के समर्पण को देश को नहीं भूलना चाहिए, और उतना ही सम्मान उनके स्मारक को भी दिया जाना चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान की दृष्टि से उनकी ख्याति और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इस स्थान का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भी हॉकी के जादू से परिचित हो सके और प्रेरित होकर स्वयं भी देश को गौरवान्वित कर सके।
नितीश सरकार का फैसला शराबबंदी का फैसला वापस नहीं लिया जायेगा,तेजस्वी ने साधा निशाना
पिछले एक महीने में शराब से करीब 50 लोगों की मौत के बाद CM Nitish Kumar आज शराबबंदी की समीक्षा बैठक ली है लेकिन बैठक के पहले ही मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि शराबबंदी का फैसला वापस नहीं होने वाला है . .
बीते कुछ दिनों से बिहार में नकली शराब को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. बिहार में 2 सीटों पर हुए उपचुनाव के बाद से ही बिहार में नकली शराब की सप्लाई की जा रही है जिसके चलते राज्यभर में तक़रीबन 65 से ज्यादा लोग अपनी जान गवा चुके है और कई लोग अस्पताल में है. इसे लेकर बिहार में विपक्ष नितीश सरकार पर हमलावर हो गया गया है और नकली शराब बेचने वालो की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहा है .
तेजस्वी ने साधा निशाना
पूर्व उपमुख्यमंती और नेता प्रतिपक्ष ने इसे लेकर सीएम नितीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है और यह भी कहा है के यह सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है और बिहार में ‘गैंग्स ऑफ़ नितीश कुमार’ चल रही है. इतना ही नहीं इस पुरे मुद्दे को लेकर तेजस्वी ने नितीश सरकार को भ्रष्ट और नाकाम बताया और सीएम नितीश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की .
जेडीयू ने कू कर दी जानकारी
सीएम की इस बैठक को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने सोशल मीडिया साइट कू पर तस्वीरें साझा करते हुए सीएम के साथ कैबिनेट की बैठक की जानकारी दी. सीएम सचिवालय में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, माननीय मंत्रीगण और शीर्ष अधिकारियों के साथ शराबबंदी को लेकर समीक्षा बैठक करते हुए। तय की जाएगी जवाबदारी
बताया जा रहा है की इस मीटिंग में नितीश कुमार अधिकारियों से बात करेंगे और उनसे जवाबदेही मांगेंगे. बैठक में इस बात पर भी चर्चा की जाएगी के राज्य में शराब अवैध तरीके से न आये इसके लिए क्या उचित कदम उठाये जाये.
बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) सुरेश भारद्वाज ने बैठक के पहले कई सुझाव देते हुए कहा कि बिहार की सीमा दो देशों और दो राज्यों से लगी हुई है तो यह तो संभव नहीं है कि प्रदेश में शराब को पूरी तरह से आने से रोका जा सके. लेकिन इसके लिए उत्पाद विभाग और पुलिस की जवाबदेही और कड़ाई से तय करनी होगी. साथ ही एक सबसे बड़ा कदम उठाना होगा वो यह कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना होगा, बिना इसके इस अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता है.
अतीक और मुख्तार के बहाने भाजपा का सपा पर हमला, कहा- ये तुष्टिकरण की राजनीति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे ही नेताओं की जुबानी जंग भी तेज हो रही है। यूपी में इस बार मुख्य मुकाबला इस भाजपा और सपा के बीच माना जा रहा है। राज्य में समाजवादी पार्टी एक और भाजपा को घेरने में लगी है तो भाजपा भी सपा के शासनकाल की याद दिलाकर जोरदार हमला कर रही है। भारत में तेजी से उभरता माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू पर भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने लगातार कई पोस्ट कर समाजवादी पार्टी और अखिलेश पर निशाना साधा है। ।
भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा आजमगढ़ में मुसलमान जो आरोपित थे आतंकवादी थे, उनके पकड़े जाने पर समाजवादी पार्टी का घोषणापत्र कहता है कि अगर मुसलमान आतंकवादी है तो उसके मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे, यह इनकी तुष्टिकरण की राजनीति है। उन्होंने कहा आज सभी जानते हैं कि सपा सरकार में कैसे गुंडाराज था, अतीक अहमद मुख्यमंत्री की कार में बैठते थे, मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी मौलाना नजीर अखिलेश यादव से मिलने खुद जाते थे, आज भाजपा के सरकार में गुंडे जेल की सलाखों के पीछे हैं चाहे अतीक अहमद हो या मुख्तार अंसारी हो। ”आज सभी जानते हैं कि सपा सरकार में कैसे गुंडाराज था, अतीक अहमद मुख्यमंत्री की कार में बैठते थे, मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी मौलाना नजीर अखिलेश यादव से मिलने खुद जाते थे, आज @BJP4India के सरकार में गुंडे जेल की सलाखों के पीछे हैं चाहे अतीक अहमद हो या मुख्तार अंसारी हो।”
गौरव भाटिया
राष्ट्रीय प्रवक्ता भाजपा अखिलेश के दावे पर किया तंज
भाजपा प्रवक्ता ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव खुद बताएंगे कि गिरगिट से ज्यादा कौन रंग बदलता है। अखिलेश यादव कहते हैं कि 400 से ज्यादा सीटें आएंगी और वहीं जनता कह रही है, कि इस बार 400 में दो जीरो घट के आएंगे।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि अखिलेश को यह भी बताना चाहिए कि वह इतने ही काबिल और कर्मठ थे तो 2014 में जनता ने उनको क्यों “दूध की मक्खी” की तरह से निकाल कर बाहर फेंक दिया। उसके बाद से देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद के चुनाव से लेकर पंचायत के चुनावों तक क्यों खारिज करती आ रही है। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि अखिलेश अब ये भी बता दें कि उन्होंने अपने कार्यकाल में किया क्या? उन्हें जवाब। देने में भले हिचक हो लेकिन जनता को तो सबकुछ पता है। अखिलेश के कार्यकाल में सत्ता पोषित तुष्टीकरण की राष्ट्रघाती राजनीति हुई। 2005 में वाराणसी में बम आतंकियों ने बम धमाके के किए जिसमें 25 निर्दोष लोगों की जान गई थी। वलीउल्लाह और शमीम इसके आरोपी थे। इनके मुकदमे वापस लेने के लिए सपा सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस समय माननीय जजों ने याचिका खारिज करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि, आज आप उनके खिलाफ मुकदमें वापस ले रहे हैं। कल क्या उनको पद्मविभूषण से भी नवाजेंगे?
भोपाल के जंबूरी मैदान में बिरसा मुंडा जयंती पर ऐतिहासिक आयोजन
भोपाल: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल प्रवास के दौरान प्रदेश के दो करोड़ लोगों ने उनका जम्बूरी मैदान और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के शुभारंभ कार्यक्रम को लाइव देखा। पीएम मोदी ने जम्बूरी मैदान पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होने के बाद इन आयोजनों से जुड़े और राज्य सरकार की योजनाओं की शुरुआत की। प्रदेश के जनजातीय बहुल 89 विकासखंडों के अलावा सभी जिलों से आए दो लाख से अधिक लोग कार्यक्रम के साक्षी बने। जनजातीय गौरव दिवस प्रदेश की हर पंचायत में मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी 20 नवनियुक्त पर्टिकुलरली वल्नरेवल ट्रायबल ग्रुप (पीवीटीजी) शिक्षकों में से तीन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित 50 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में टीकाकरण उपलब्धि और शत-प्रतिशत कोविड टीकाकरण की उपलब्धि हासिल करने वाले झाबुआ जिले के जनजातीय बहुल गाँव नरसिंहरूंडा पर आधारित एक फिल्म प्रदर्शित की जा रही है।
जम्बूरी मैदान पहुंचने पर जनजातीय समाज के स्व-सहायता समूहों और उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनजातीय समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों एवं जननायकों की चित्र प्रदर्शनी भी देख रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव को देखते हुए योद्धाओं की कर्मभूमि और बलिदान भूमि से लाई गई 75 स्थानों की मिट्टी के कलश भी पीएम को सौंपने का कार्यक्रम हो रहा है।
पीएम मोदी द्वारा आदिवासियों को बीमारी से राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा गुजरात सरकार की तर्ज पर शुरू किए गए सिकल सेल मिशन का शुभारंभ कर रहे हैं। इस योजना में हीमोग्लोबिनोपैथी के जरिये उपचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस मिशन के अंतर्गत दो व्यक्तियों की जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान कर मध्यप्रदेश सिकल सेल (हीमोग्लोबिनोपैथी) मिशन का शुभारंभ कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन मिशन पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी भोपाल प्रवास के दौरान आदिवासियों के लिए शुरू की गई राशन आपके ग्राम योजना का शुभारंभ कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से आदिवासियों को उनके घर तक राशन पहुंचाने का काम किया जाएगा। यह राशन पहुंचाने का काम भी आदिवासी परिवारों के लोग ही गांव के भीतर करेंगे। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राशन बाांटने वाले युवाओं को बैंक गारंटी देकर वाहन दिलाया जाएगा ताकि उन्हें रोजगार भी मिल सके और आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का भी काम हो सके। पीएम मोदी यहां कुछ युवाओं को वाहनों की चाबी सौंप रहे हैं। इस योजना पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के शुभारम्भ पर पी एम मोदी बोले -जो सुविधाएं कभी एयरपोर्ट में मिला करती थीं, वो आज रेलवे स्टेशन में मिल रहीं
भोपाल । प्रधानमंत्री ने सोमवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने उद्धोधन में कहा कि भोपाल के इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का सिर्फ कायाकल्प ही नहीं हुआ है, बल्कि गिन्नौरगढ़ की रानी, कमलापति जी का इससे नाम जुड़ने से इसका महत्व भी और बढ़ गया है। गोंडवाना के गौरव से आज भारतीय रेल का गौरव भी जुड़ गया है। लोगों ने स्थितियों के बदलने की उम्मीदें तक छोड़ दी थीं। लेकिन जब देश ईमानदारी से संकल्पों की सिद्धि के लिए जुटता है, तो सुधार आता है, परिवर्तन होता है, ये हम बीते सालों से निरंतर देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 6-7 साल पहले तक जिसका भी पाला भारतीय रेल से पड़ता था, तो वो भारतीय रेल को ही कोसते हुए ज्यादा नजर आता था। स्टेशन पर भीड़-भाड़, गंदगी, ट्रेन के इंतज़ार में घंटों की टेंशन, स्टेशन पर बैठने-खाने-पीने की असुविधा, ट्रेन के भीतर गंदगी, सुरक्षा की चिंता, दुर्घटना का डर, ये सबकुछ एक साथ दिमाग में चलता रहता था। भारत कैसे बदल रहा है, सपने कैसे सच हो सकते हैं, ये देखना हो तो आज इसका एक उत्तम उदाहरण भारतीय रेलवे भी बन रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के रूप में देश का पहला आइएसओ सर्टिफाइड, देश का पहला पीपीपी मॉडल आधारित रेलवे स्टेशन देश को समर्पित किया गया है। जो सुविधाएं कभी एयरपोर्ट में मिला करती थीं, वो आज रेलवे स्टेशन में मिल रही हैं। आज का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए रिकार्ड इनवेस्टमेंट तो कर ही रहा है, ये भी सुनिश्चित कर रहा है कि प्रोजेक्ट्स में देरी ना हो, किसी तरह की बाधा ना आए। हाल में शुरू हुआ, पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान, इसी संकल्प की सिद्धि में देश की मदद करेगा।





