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कैटरीना और विक्की कौशल का रोका हुआ, शादी दिसम्बर मे तय

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मुंबई : इन कयासों का अंत हो गया कि कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और विक्की कौशल (Vicky Kaushal) की शादी की खबरें सच निकलेगी या नहीं! इस बीच ताजा खबर है कि कैटरीना और विक्की की कपल ने रोका सेरेमनी कर ली। ये रोका जाने-माने डायरेक्टर कबीर खान (Kabir Khan) के घर पर हुआ। कैटरीना कबीर खान को अपना मुंहबोला भाई मानती हैं। कबीर के साथ कैटरीना ने ‘एक था टाइगर’ और ‘न्यूयॉर्क’ में काम किया है।

विक्की और कैटरीना की रोका सेरेमनी बेहद गोपनीय रही। इसमें दोनों के फैमिली मेंबर्स ही शामिल हुए। कैटरीना की ओर से मां सुज़ैन फ़िरोक्वेट (Suzanne Turquoette) और छोटी बहन इसाबेल शामिल हुई। जबकि, विक्की के माता-पिता श्याम और वीणा कौशल के साथ उनके छोटे भाई सनी कौशल भी सेरेमनी का हिस्सा बने। एक करीबी ने जानकारी दी कि ये छोटी लेकिन बेहद सुंदर रोका सेरेमनी थी। कैटरीना लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। दिवाली की तारीखें शुभ मुहूर्त थीं, इसलिए दोनों के परिवारों ने जल्दी करने का फैसला किया। इस सेरेमनी में कबीर खान की पत्नी मिनी माथुर भी थीं।

विक्की कौशल और कैटरीना कैफ दिसंबर में राजस्थान के किसी रिसोर्ट में शादी कर सकते हैं। वे हनीमून पर नहीं जाएंगे, क्योंकि दोनों की फिल्मों की शूटिंग चल रही है। कैटरीना को ‘टाइगर-3’ की शूटिंग पूरी करना है, जबकि विक्की जनरल मानेकशॉ की बायोपिक ‘सैम बहादुर’ की शूटिंग शुरू करेंगे। शादी की डेट और वेन्यू के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यसमिति की बैठक रविवार को

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रविवार को भाजपा की राष्‍ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा सहित 124 सदस्‍य भाग लेंगे। यह बैठक बहुत महत्‍वपूर्ण साबित हो सकती है क्‍योंकि इसमें आगामी विधानसभा चुनावों के संबंध में नीति पर मंथन हो सकता है। बैठक नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के सम्मेलन कक्ष में सुबह 10 बजे से होगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर गहन चर्चा की जाएगी। कार्यसमिति की यह बैठक दो साल बाद हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते 2019 के बाद यह बैठक नहीं हो सकी थी। भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि बैठक की शुरुआत पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे, जबकि समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। कोरोना महामारी के सामने आने के बाद इस पहली आमने-सामने की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष नड्डा समेत राष्ट्रीय कार्यसमिति के 124 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री और 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेश अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य इकाइयां डिजिटल माध्यम से कार्यसमिति की बैठक से जुड़ेंगी।

सहवाग ने चुना भारत का अगला कप्तान

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नई दिल्ली: इस विश्व कप के बाद टी20 कप्तान के रूप में विराट कोहली का कार्यकाल समाप्त होने के साथ टीम इंडिया एक आदर्श उम्मीदवार को उनकी जगह सौंपने की कोशिश करेगी। 32 वर्षीय कोहली ने सितंबर में घोषणा की कि वह संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में चल रहे विश्व कप के समापन के बाद टी20 कप्तान पद छोड़ देंगे।

कोहली के पद छोड़ने के साथ, कई विशेषज्ञ उनके डिप्टी रोहित शर्मा को कप्तान बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, केएल राहुल पंजाब किंग्स फ्रैंचाइज़ी का नेतृत्व कर रहे हैं और युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली की कमान संभाल रहे हैं, बीसीसीआई इन दो सक्षम युवाओं में दीर्घकालिक संभावना के बारे में सोच सकता है।

जब वीरेंद्र सहवाग से इस विषय पर उनके विचारों के बारे में पूछा गया, तो भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने रोहित को आदर्श उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया, इसके पीछे का कारण मुंबई इंडियंस के कप्तान के रूप में उनके अविश्वसनीय रन को बताया। मुंबई फ्रेंचाइजी ने अब तक पांच मौकों पर आकर्षक टी20 लीग जीती है, जिससे वह प्रतियोगिता की सबसे सफल टीम बन गई है।

सहवाग ने अपने फेसबुक वॉच शो विरुगिरी डॉट कॉम पर एक प्रशंसक के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि कप्तान के लिए कई उम्मीदवार हैं, लेकिन रोहित सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं क्योंकि उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम के लिए एक नेता के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच बार आईपीएल चैंपियनशिप जीती है। इसलिए मेरे हिसाब से टीम इंडिया के अगले टी20 कप्तान रोहित शर्मा होने चाहिए।”

इस बीच, बीसीसीआई ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है, लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि रोहित 17 नवंबर से शुरू होने वाली न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी घरेलू श्रृंखला में छोटे प्रारूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके बाद टीमें तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और दो टेस्ट मैचों में आमने-सामने होंगी।

पंचायत चुनाव की घोषणा के इसी माह होने की सम्भावना

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Bhopal : MP में तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव की तैयारी की जा रही है। संभावना है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में पंचायत चुनावों की तारीखों की घोषणा हो सकती है। नगरीय निकाय चुनावों में कानूनी उलझनों के कारण अड़चन आ रही है। चुनाव आयोग ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जिला पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य पद पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सूचित करने के लिए कहा है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। सरकार भी पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव के लिए तैयार है।

खंडवा संसदीय क्षेत्र सहित पृथ्वीपुर, जोबट और रैगांव विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव होने के बाद अब आरक्षण की प्रक्रिया होगी। इससे पहले ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे। प्रदेश में 23912 पंचायत हैं। आयोग तीन चरणों में चुनाव की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में 7527, दूसरे चरण में 7571 और तीसरे चरण में 8814 पंचायतों में मतदान होगा। जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव ईवीएम और सरपंचों का बैलेट पेपर से होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने राज्य सरकार से जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के आरक्षण का ब्यौरा मांगा है। अभी तक इस पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग जिला पंचायत अध्यक्ष के 52 पदों के लिए नवंबर में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करेगा।

प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए तैयार है। सरकार भी चाहती है पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव जल्द हों। पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने हर जिले में स्टैंडिंग कमेटी का भी गठन कर दिया। इस कमेटी के अध्यक्ष कलेक्टर होंगे और जनपद CEO और जिले के SP इसके सदस्य होंगे। यह समिति आचार संहिता लगने से पहले बैठक कर तमाम व्यवस्थाओं के बारे में चर्चा करेगी।

सोनिया गाँधीi से कमलनाथ की मुलाकात

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नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा से सोनिया गाँधी मुलाकात की।

आज सुबह हुई इस मुलाकात में उन्होंने मध्यप्रदेश में हाल ही में संपन्न उपचुनाव व उसके परिणामों की सोनिया गाँधी को जानकारी दी।
नाथ ने सोनिया गाँधी से देश भर में पिछले एक वर्ष से चल रहे किसान आंदोलन ,तीन कृषि कानूनो से लेकर देशव्यापी खाद संकट व किसानों को आ रही परेशानी ,कोयला संकट ,बिजली संकट ,बढ़ती महंगाई , हाल ही में संपन्न उपचुनावों व आगामी समय में देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावो को लेकर एवं पार्टी के संगठन से सम्बंधित विषयों व चल रहे कांग्रेस के सदस्यता अभियान को लेकर भी चर्चा की।

एक घंटे की इस मुलाकात में नाथ ने विभिन्न राज्यों से सम्बंधित विषयों , जनहित के विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस के आगामी समय में होने वाले आंदोलन ,उसकी रूपरेखा व संगठन से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी इस मुलाक़ात में चर्चा की।

अपने ही गांव जैत में पानी की समस्या देख शिवराज सिंह गुस्से में आए

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जैत (सीहोर ) : समझा जाता है कि जो मुख्यमंत्री का गांव होता है, वो सारी सुविधाओं से सम्पन्न होता है। वहां किसी भी तरह की कोई परेशानी किसी रहवासी को नहीं होती। पर, ऐसा नहीं है। आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह सीहोर जिले के अपने गृह ग्राम जैत जाकर पानी की समस्या को लेकर जिस तरह गुस्सा हुए, उससे लग गया कि सरकारी विभागों के लिए सारे गांव एक जैसे हैं।

 

माजरा ये हुआ कि मुख्यमंत्री आज अपने गांव आए थे। वहां उन्हें ग्रामीणों से मालूम पड़ा कि आधे गांव में पानी आ रहा है आधे गांव के नल सूखे हैं। इसके बाद तो शिवराज सिंह चौहान PHE के अधिकारियों पर बिफर पड़े। उन्होंने गुस्से में कहा कि अब क्या मुख्यमंत्री हम्माली करेगा? एक-एक घर के नलों की टोंटी चेक ल करेगा? ये देखेगा कि पानी आ रहा है कि नहीं? तुम लोग करते क्या हो?

मुख्यमंत्री ने उसी गुस्से में कहा कि 15 दिन का समय दे रहा हूं। पानी की समस्या पूरी तरह चेक करो और ठीक करो। उसके बाद मुझे रिपोर्ट करो। फिर कहीं से भी शिकायत आई तो किसी की खैर नहीं। एक-एक को सही कर दूंगा।

सामान्यतः मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसे तेवर कम ही दिखाते हैं, पर आज वे अपने गृह ग्राम जैत की पानी की समस्या से आपा खो बैठे, जो स्वाभाविक ही। ग्रामीणों ने पानी को लेकर शिकायत की तो CM ने PHE के अधिकारियों की परेड ले ली। आज जब मुख्यमंत्री जैत दौरे के दौरे पर आए तो उनके और आसपास के कई गांव के लोगों ने उनसे पानी नहीं आने की शिकायत की और कई आवेदन थमा दिए। यह देखकर शिवराज सिंह नाराज हो गए। उन्होंने PHE के अधिकारियों को 15 दिन का समय देकर सब कुछ सही करने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे ही क्षेत्र में सभी गांव में पानी नहीं आ रहा। मैं एक-एक आवेदन कहां तक देखूंगा? यह मेरा काम है क्या? एक साथ आवेदन दे रहा हूं और 15 दिन बाद मैं पूछूंगा। यदि एक जगह से भी शिकायत आ गई तो तुम यहाँ नहीं रहोगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टंकी बनने में टाइम लगेगा। नर्मदा का पानी लाने में इतना पैसा सरकार ने इन्वेस्ट किया है। फिर भी आधे गांव में पानी, आधे में नहीं। 15 दिन बाद कमिश्नर और कलेक्टर खुद यहाँ आकर चेक करेंगे कि सबको पानी मिल रहा है कि नहीं! जहां गड़बड़ मिली, वहां मैं एक तरफ से सबको ठीक कर दूंगा।

दुबई फ्लाइट की आज से 4 दिन पहले साप्ताहिक उड़ान की सभी सीटें फुल

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इंदौर : दुबई जाने वाली सीधी साप्ताहिक उड़ान (Direct Weekly Flight) में इंदौर से यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार (Wednesday) को दुबई के लिए उड़ान भरने वाले विमान की सारी सीटें शनिवार को ही फुल हो गई।

अगले दो सप्ताह के लिए इंदौर से दुबई जाने वाली उड़ान की सभी सीटें फुल बताई जा रही है। जबकि, दुबई से इंदौर के लिए आने वाले विमान में कई सीटें खाली है और किराया भी कम लग रहा है।

सप्ताह में एक बार सिर्फ बुधवार को दुबई जाने वाली इस उड़ान को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह है। इस विमान सेवा से यात्री सवा तीन घंटे में दुबई पहुंच जाता हैं।

यही कारण है कि इंदौर और आसपास के जिलों के यात्री भी इस उड़ान को पसंद कर रहे हैं। जब यह उड़ान नहीं थी, तो यात्रियों को दिल्ली या मुंबई होकर दुबई जाना पड़ता था। इसमें समय और पैसा दोनों ज्यादा लगता था। लेकिन, अब इस विमान के शुरू होने से उनके समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।

इस Dubai Flight को पहले की तरह सप्ताह में तीन दिन करने की मांग की जा रही है। इससे सप्ताह में एक दिन चलने वाली इस उड़ान से यात्रियों का बोझ कम होगा और टिकट भी कम कीमत में मिल सकेंगे।

एयर इंडिया द्वारा किराया कम करने के बावजूद इंदौर से दुबई का किराया करीब 33000 है। जबकि, वापसी में करीब 12000 में यात्री को टिकट मिल जाता है। एयर इंडिया ने शारजाह उड़ान की भी घोषणा की, पर अभी उसका संचालन शुरू माहि किया गया, इस कारण भी दुबई की इस विमान सेवा को ज्यादा यात्री मिल रहे हैं। शारजाह के लिए विमान शुरू हो जाएगा तो संभव है कि दुबई के विमान में भीड़ घटे!

निगम-मंडल में मनोनयन और मंत्रिमंडल में पुनर्गठन की सुगबुगाहट

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Bhopal : MP में उपचुनाव भी हो गए, नतीजों में भाजपा ने अपनी ताकत दिखा दी और सारे हालात बताते हैं कि सब कुछ भाजपा के पक्ष में है। अब कोई ऐसा राजनीतिक प्रजोयन नहीं बचा, जिसके लिए निगम-मंडलों में मनोनयन को टाला जाए। सुगबुगाहट है कि अगले एक या दो सप्ताह में भाजपा के उन नेताओं का पुनर्वास हो जाएगा, जो इसके लिए उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसके अलावा प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल में फेरबदल और तीन नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के भी आसार दिखाई दे रहे हैं।
प्रदेश में करीब पौने दो साल रुका हुआ निगम, मंडल और विकास प्राधिकरणों में मनोनयन अब होने के पूरे आसार हैं। दो महीने पहले इन मनोनयन को लेकर मैराथन बैठकों का दौर चला था। लग रहा था, कि अब यह आम होने को है, पर उपचुनाव की नजदीक देखते हुए, इसकी घोषणा रोक दी गई थी। लेकिन, पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव से पहले सरकार ये काम करना चाहती है!
ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से जो 22 लोग भाजपा में आए थे, उनमें से कुछ लोग उपचुनाव नहीं जीत सके। ऐसे कुछ चेहरों और सिंधिया समर्थकों को निगम, मंडल और प्राधिकरणों की कुर्सी पर तो काबिज करना ही है कुछ भाजपा नेता भी उम्मीद लगाए बैठे हैं, जिन्हें इसके लिए आश्वस्त किया।
सबसे ज्यादा दबाव ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों का है। प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के बाद पिछले साल निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल मो खनिज निगम में अध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद से करीब डेढ़ साल हो गए, अभी तक ये ऐसा कोई काम सरकार ने फिर से नहीं किया। बताया गया कि निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में करीब सवा सौ दावेदारों की ताजपोशी की जा सकती है। इंदौर, भोपाल, देवास, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर विकास प्राधिकरण में भी कई नेताओं को जगह दी जाना है।

मंत्रिमंडल पुनर्गठन की हलचल
निगम, मंडल के बाद सबसे ज्यादा सुगबुगाहट मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की है। करीब 3 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं और कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जाने के आसार हैं। जोबट विधानसभा से उपचुनाव जीतने वाली सुलोचना रावत को इस फेरबदल में शामिल किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। बताते हैं कि उन्हें कांग्रेस से भाजपा में लाने के समय चुनाव जीतने पर मंत्री बनाने का वादा भी दिया गया था, जिसे पूरा किया जाना है।

वर्ल्ड सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में छिंदवाड़ा की दंगल गर्ल शिवानी ने जीता सिल्वर मेडल

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छिंदवाड़ा की शिवानी ने जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है. दंगल गर्ल शिवानी पवार ने वर्ल्ड वीमेन कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता है. साईबेरिया में अंडर 23 अंतर्राष्ट्रीय महिला कुश्ती चैम्पियनशिप हो रहा है, जहां 50 किलो वर्ग के सेमीफाइनल में शिवानी ने रूस की मारिया को पटखनी देकर वो फाइनल में पहुंची थी, लेकिन वो फाइनल में अमेरिका की पहलवान से हार गयीं.

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा की शिवानी ने जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है. दंगल गर्ल शिवानी पवार ने वर्ल्ड वीमेन कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता है. साईबेरिया में अंडर 23 अंतर्राष्ट्रीय महिला कुश्ती चैम्पियनशिप हो रहा है, जहां 50 किलो वर्ग के सेमीफाइनल में शिवानी ने रूस की मारिया को पटखनी देकर वो फाइनल में पहुंची थी, लेकिन वो फाइनल में अमेरिका की पहलवान से हार गयीं. इसके साथ ही सिल्वर मेडल उनके नाम रहा. बता दें कि इस चैम्पियनशिप में भारत से 30 महिला खिलाड़ी शामिल हुईं, जिसमें मध्यप्रदेश से एकमात्र खिलाड़ी शिवानी पवार ने हिस्सा लिया है.

वर्ल्ड सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में शिवानी को सिल्वर मेडलशिवानी को सिल्वर मेडल 1-7 नवंबर तक चलने वाले अंडर 23 अंतर्राष्ट्रीय महिला कुश्ती चैम्पियनशिप के पहले दौर में शिवानी ने बेलारूस की अनस्तसिया यानोतवा को हराया, फिर क्वार्टर फाइनल में उक्रेन की प्रोफातिलोवा को मात दी. वहीं सेमीफाइनल में रूस की मारिया को पटखनी दी है. लेकिन फाइनल राउंड में वो अमेरिका की पहलवान से मात खा गयी. अंडर 23 अंतर्राष्ट्रीय महिला कुश्ती चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया.Political Analysis: जानें भाजपा ने कैसे लगाई कांग्रेस के गढ़ पृथ्वीपुर में सेंध, रैगांव में अपनी ही सीट क्यों नहीं बचा पाई भाजपाकिसान परिवार से आती हैं शिवानी
शिवानी उमरेठ गांव के किसान नंदलाल पवार की बेटी हैं. नंदलाल की तीन बेटियां भारती पवार, शिवानी पवार और ऋतिका पवार और एक बेटा है. ये तीनों एमपी की दंगल गर्ल कहलाती हैं. ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता- पायका से जुड़ने पर कुश्ती कोच, भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के जिला सचिव कलशराम मर्सकोले ने इनकी ट्रेनिंग की शुरुआत की जिले के उमरेठ जैसे छोटे से गांव के किसान नंदलाल पवार की बेटियां आज देश का नाम रोशन कर रही हैं. शिवानी पवार विश्व कुश्ती सीनियर चैम्पियनशिप में जगह बनाने वाली मध्य प्रदेश की पहली महिला पहलवान बन गई हैं. फिलहाल छिंदवाड़ा की ये दंगल गर्ल SSB में नौकरी करने के साथ ही दिल्ली में ट्रेनिंग कर रही है. शिवानी पवार अखाड़ा ट्रेनिंग स्कूल की बालिका पहलवान रही हैं.

हिंगोट युद्ध की अनुमति इस वर्ष भी नहीं

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इंदौर : गौतमपुरा में दिवाली के दूसरे दिन खेला जाने वाला हिंगोट युद्ध इस साल भी नहीं होगा। इंदौर से लगे गौतमपुरा में होने वाले प्रसिद्ध हिंगोट युद्ध पर विवाद खड़ा हो गया था। 200 साल पुरानी परंपरा पर पिछले साल कोरोना के चलते रोक लगानी पड़ी थी। इस साल लोगों को उम्मीद थी कि अनुमति मिल जाएगी। इस कारण गांव वालों ने हिंगोट की तैयारी भी कर ली। लेकिन, ये नहीं हुआ और इस साल भी ये परंपरा पूरी नहीं हो सकेगी। इंदौर से करीब 60 किमी दूर गौतमपुरा में हर साल दीपावली के दूसरे दिन गौतमपुरा और रूणजी गांव के बीच हिंगोट युद्ध होता है. इसमें गांव वाले एक-दूसरे पर बारूद से बने हिंगोट एक दूसरे पर फेंकते हैं। इसमें कई बार ग्रामीण घायल भी होते हैं और कई बार योद्धाओं की मौत भी हो जाती है। इस खास युद्ध के लिए दीपावली से करीब दो महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती है। लोग हिंगोट का गूदा निकालकर उसे सुखा लेते हैं। इसके बाद गौतमपुरा में लगभग हर घर में हिंगोट भरने का काम किया जाता है.