मध्‍य प्रदेश के नागदा में ग्रेसिम उद्योग से गैस का रिसाव

0
308

नागदा । ग्रेसिम उद्योग के सीएसटू विभाग में बुधवार शाम गैस रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। कुछ ही देर में गैैस आधे शहर में फैल गई जिससे अंधेरा छा गया। लोगों को आंखों में जलन, खांसी व सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इससे हड़कंप मच गया। उद्योग प्रबंधन ने इंटरनेट मीडिया पर मैसेज कर इससे बचने की जानकारी दी। एक घंटे बाद लीकेज ठीक कर रिसाव पर काबू पा लिया गया। कुछ लोगों ने बाद में अस्पताल पहुंचकर उपचार करवाया। ग्रेसिम उद्योग के सीएसटू विभाग से बुधवार शाम 4 बजे अचानक गैस का बड़ी मात्रा में रिसाव हुआ। हवा का रुख शहर की तरफ होने से सारी गैस मंडी क्षेत्र में आने से धुआं ही धुआं हो गया। धुआं इतना ज्यादा था कि पास का व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा था। बढ़ते धुएं को देखते हुए शहर में अफरातफरी मच गई।

हर कोई एक दूसरे से मोबाइल पर गैस व इससे बचाव की जानकारी लेने लगा। गैस लगने से आंखों में जलन, खांसी व सांस लेने में तकलीफ हुई। कई लोगों ने अस्पताल में जाकर उपचार कराया। हालांकि गैस रिसने से कोई जनहानि नहीं हुई। कुछ लोग उपचार के बाद सामान्य हो गए।

उद्योग के जनंसपर्क अधिकारी संजय व्यास ने बताया कि एसिड प्लांट नंबर 1 में मेंटेनेंस का कार्य पिछले शनिवार से किया जा रहा था। गैस की लाइन की सफाई का कार्य किया जा रहा है। ड्रेन वाल्व में सफाई के दौरान निर्धारित कार्य विधि के अनुसार लाइन क्लीनिंग के साथ ड्रेन वाल्व में थोड़ी मात्रा में पेरापेड वाल के अंदर फैल गया। जिससे सल्फरट्राई आक्साइड गैस रिसने लगी। सुरक्षा साधनों के साथ इसे नियंत्रण किया गया। उद्योग प्रबंधक नियंत्रण के समय स्वयं उपस्थित रहे। गैस लीकेज के मामले में जांच होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

घबराए लोग शहर के बाहर जाने लगेगैस रिसाव के बाद शहरवासियों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था। इंटरनेट मीडिया पर कई तरह के कमेंट्स भी डाले जा रहे थे। कई लोग निजी वाहन से शहर के बाहर तक चले गए। आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। इस पर उद्योग प्रबंधन ने इंटरनेट मीडिया लीकेज गैस के नियंत्रण की सूचना के साथ गैस से बचने की जानकारी दी। बता दें कि कई वर्षों बाद इतनी ज्यादा मात्रा में गैस रिसाव हुआ है।

सल्फर ट्राई आक्साइड का उपयोग कई तरह के रासायनिक उत्पादों को बनाने में किया जाता है। उद्योगों में इसका उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। यह वातावरण में उपस्थित जल में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण करता है, जो अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी होता है। अम्ल वर्षा से मानव त्वचा और आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here