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दूसरे चरण का नगरीय निकाय चुनाव प्रचार थमा

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार सोमवार को शाम पांच बजे थम गया। बुधवार को सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके लिए छह हजार 280 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 49 लाख नौ हजार 280 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निकाय चुनाव के अंतिम चरण में 43 जिलों के पांच नगर निगम (कटनी, रतलाम, देवास, रीवा और मुरैना) के महापौर, पार्षद के साथ 40 नगर पालिका और 169 नगर परिषद के पार्षद पद के लिए मतदान होगा। यह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कराया जाएगा। इसके लिए 12 हजार 72 ईवीएम की व्यवस्था की गई है। नगर निगम और नगर पालिका में प्रत्येक वार्ड के लिए दो-दो और नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड के लिए एक ईवीएम आरक्षित रखी गई है।

महापौर या पार्षद पद के लिए नोटा सहित 15 से कम प्रत्याशी होने पर एक और अधिक होने पर दो बैलेट यूनिट का उपयोग होगा। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। वर्षा के कारण मतदान प्रभावित न हो, इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मतदाता पर्ची के वितरण पर जोर

नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं को मतदाता पर्ची नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। भाजपा और कांग्रेस ने कम मतदान का कारण मतदाता पर्ची नहीं बंटने और मतदाताओं को सूचित किए बिना मतदान केंद्र परिवर्तित करने को बताया है। इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कलेक्टरों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी मतदाताओं को मतदाता पर्ची का वितरण मतदान से पूर्व हो जाए।

भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने लगाया जोर

दूसरे चरण के चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने प्रचार में काफी जोर लगाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को रीवा और कटनी में महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो व जनसभा की। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने रतलाम में प्रबुद्धजनों से संवाद, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और रोड शो किया।

जोकोविच का दबदबा कायम, सातवीं बार विम्बलडन चैंपियन बने

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सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने सातवीं बार विम्बलडन ओपन अपने नाम कर लिया है। उन्होंने रविवार (10 जुलाई) को पुरुष एकल के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस को चार सेटों तक चले मुकाबले में हरा दिया। जोकोविच ने यह मैच 4-6, 6-3,6-4, 7-6 (7-3) से अपने नाम कर लिया। उन्होंने अपने करियर का 21वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में जोकोविच दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

ओपन एरा (1968 के बाद) में सबसे ज्यादा विम्बलडन जीतने के मामले में जोकोविच दूसरे स्थान पर पहुंच गए। उनसे आगे स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर हैं। फेडरर आठ विम्बलडन जीत चुके हैं। उन्होंने पिछली बार 2017 में इस खिताब को अपने नाम किया था। जोकोविच ने सातवीं बार चैंपियन बनकर अमेरिका के पीट सेम्प्रास की बराबरी कर ली। एमेच्योर एरा (1968 से पहले) ब्रिटेन के विलियम रेनशॉ ने सात खिताब जीते थे।

किर्गियोस पहली बार फाइनल में थे
दूसरी वरीय सर्बिया के नोवाक जोकाविच रिकॉर्ड 32वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे। किर्गियोस करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलने उतरे थे, लेकिन उन्हें पहली बार चैंपियन बनने के लिए इंतजार करना होगा।

नडाल के सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम
सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में स्पेन के राफेल नडाल पहले स्थान पर हैं। उन्होंने 22 खिताब जीते हैं। 35 वर्षीय नोवाक 22 खिताब के साथ दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं, रोजर फेडरर अब तीसरे स्थान पर खिसक गए। उनके नाम 20 ग्रैंड स्लैम हैं।

सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण संस्था ने जल्द सुनवाई के लिए अर्जी लगाएगी

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छह साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रीष्म अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सामान्य कामकाज शुरू हो रहा है। ऐसे में सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण संस्था (स्पीक) मामले की जल्द सुनवाई की अर्जी लगाएगी। ताकि प्रदेश के संदर्भ में जल्द फैसला आ जाए और मई 2016 में लगाई गई पदोन्नति पर रोक हट जाए।

संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट इसी महीने सुनवाई कर सकता है। ज्ञात हो कि इस अवधि में 70 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें से करीब 36 हजार को पदोन्नति नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण मामले में मुद्दे तय कर दिए हैं। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर केंद्र और राज्यों के संदर्भ में फैसला आना है। मध्य प्रदेश के प्रकरण में मई 2022 में सुनवाई तय की गई थी। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने भी अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कर्मचारियों का डाटा प्रस्तुत कर दिया है। जिसमें सरकार ने बताया कि पदोन्नति में अनुसूचित जाति को 16 और अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत आरक्षण देना न्यायसंगत रहेगा।

इसके लिए आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्था से मध्य प्रदेश की अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों का सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक पिछड़ापन, सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व और समग्र प्रशासनिक दक्षता जैसे बिंदुओं पर सर्वे कराया गया है। इसके बाद कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश घोषित होने के कारण सुनवाई नहीं हुई।

छह साल से लगी है पदोन्नति पर रोक

मध्य प्रदेश में पिछले छह साल से पदोन्नति पर रोक लगी है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को ‘मप्र लोक सेवा (पदोन्न्ति) नियम 2002″ खारिज किया है। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मई 2016 में यथास्थिति (स्टेटस-को) रखने के निर्देश दिए हैं। तब से प्रदेश में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी है।

सांसदों-विधायकों से मुलाकात करने राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 को भोपाल आऐंगी

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भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 जुलाई को भोपाल आएंगी। वे यहां मुख्यमंत्री आवास पर होने पर होने वाली बैठक में भाजपा के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुलाकात करेंगी। वहीं, मतदान से एक दिन पहले 17 जुलाई को भाजपा विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है। इसमें 18 जुलाई को मतदान से संबंधित प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।

वरिष्ठ भाजपा विधायक और प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि बैठक सुबह दस बजे प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का सांसदों और विधायकों से परिचय कराया जाएगा। वे सभी से संवाद भी करेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी अपनी बात रखेंगे। वहीं, 18 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए एक दिन पहले 17 जुलाई को सभी विधायक भोपाल पहुंचेंगे।

शाम को विधायक दल की बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि इसमें सभी को मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई त्रुटि न हो। विधायक भोपाल और सांसद दिल्ली में मतदान करेंगे। प्रदेश में 230 विधायक हैं। इनमें 127 भाजपा, 96 कांग्रेस, दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय हैं। जबकि, लोकसभा के 29 और राज्य सभा के 11 सदस्य हैं।

14 जुलाई को यशवंत सिन्हा करेंगे कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक

उधर, राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा 14 जुलाई को कांग्रेस के विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगी। इसके लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह सभी विधायकों को पत्र लिखकर अनिवार्य रूप से रहने के लिए कह चुके हैं। इसमें छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ, राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल भी उपस्थित रहेंगे।

मतदान के लिए तैयारी पूरी

उधर, विधानसभा सचिवालय ने मतदान के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। सभी विधायक भोपाल के विधानसभा भवन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे। 13 जुलाई को मतपेटी दिल्ली से भोपाल लाई जाएगी, जिसे पुलिस अभिरक्षा में विमानतल से विधानसभा भवन स्थित स्ट्रांग रूम में लाकर रखा जाएगा। 18 जुलाई को मतदान के बाद सहायक रिटर्निंग आफिसर विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह शाम को इसे विमान से दिल्ली ले जाएंगे।

नगरीय निकाय चुनाव का दूसरे चरण के सोमवार को थमेगा प्रचार

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मध्य प्रदेश में दूसरे चरण के नगरीय निकाय चुनाव का आज सोमवार को प्रचार थम जाएगा। बुधवार को सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इसमें पांच नगर निगम, 40 नगर पालिका और 169 नगर परिषद के लिए छह हजार 829 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की है।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 38 जिलों के नगरीय निकायों के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इसमें पांच नगर निगम के महापौर, पार्षद और 209 नगर पालिका व नगर परिषद के पार्षद पद का चुनाव होगा। मतदान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा। प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त ईवीएम की व्यवस्था की गई है ताकि माकपोल या मतदान के दौरान मशीन खराब होने पर तत्काल बदला जा सके।

कलेक्टरों को दी मतदान पर्ची वितरण की जिम्मेदारी

पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव में 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। कम मतदान को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह से मुलाकात करके मतदान पर्ची का वितरण न होने, मतदान केंद्र के निर्धारण में मतदाता सूची का ध्यान न रखने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान से पहले सभी मतदाताओं को मतदाता पर्ची मिलना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।

20 जुलाई को होगी मतगणना

दूसरे चरण के मतदान की मतगणना अब 20 जुलाई को होगी। पहले यह 18 जुलाई को होनी थी लेकिन राष्ट्रपति पद के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा के अनुरोध पर आयोग ने इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया है। दरअसल, दोनों ही दलों ने मांग की थी कि राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में भाग लेने के लिए सभी विधायक भोपाल में रहेंगे, इसलिए मतगणना की तारीख एक-दो दिन आगे बढ़ाई जाए।

गोवा में कांग्रेस में फूट पड़ी

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महाराष्ट्र की तरह गोवा में भी बागी विधायकों के पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गोवा कांग्रेस के 7 से 10 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और कभी भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई गई कांग्रेस पार्टी की मीटिंग से कई विधायक नदारद थे। सूत्रों के मुताबिक रविवार को गोवा कांग्रेस के तीन विधायक, विधानसभा सत्र से एक दिन पहले पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बैठक से नदारद रहे सभी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे, गोवा कांग्रेस ने ऐसी किसी संभावना को खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है। वहीं कॉन्ग्रेस में फूट कूी खबरों के बीत गोवा विधानसभा के स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर को चुने जाने का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है।

जिन विधायकों ने बागी तेवर अपनाए हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, मौजूदा विपक्ष के नेता माइकल लोबो, उनकी पत्नी देलिला लोबो, केदार नाइक और राजेश फलदेसाई शामिल हैं। शनिवार को कांग्रेस विधायकों की बैठक में दिगंबर कामत शामिल नहीं हुए थे। ये कांग्रेस की ओर से साल 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार थे। बताया जा रहा है कि नेता विपक्ष नहीं बनाये जाने को लेकर नाराज हैं। इसी तरह बीजेपी से कांग्रेस में आये माइकल लोबो के बारे में भी कहा जा रहा है कि वो लगातार बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे लोबो ने इन अटकलों को अफवाह बताते हुए कहा कि यह जो बैठक अब की गई है, एक सप्ताह पहले ही की जानी थी, लेकिन कुछ विधायक समय पर गोवा नहीं पहुंच पाए।

क्या है दलीय स्थिति?

मौजूदा समय में गोवा की 40 सीटों वाली विधानसभा में सत्ताधारी एनडीए के 25 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 11 विधायक हैं। अगर कांग्रेस के 7 से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी, तो उनके हाथ से नेता विपक्ष का पद भी चला जाएगा। आपको बता दें कि गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रत्याशियों ने राहुल गांधी के सामने एक एफिडेविट पर साइन किया था, जिसमें उन्होंने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा उन्होंने मंदिर, होली क्रॉस श्राइन और मस्जिद में भी इसी तरह की शपथ ली थी।

श्रीलंका में लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर जमाया कब्जा,

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श्रीलंका के लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमा लिया है और वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि जब तक राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे इस्तीफा नहीं देते, वो वहां से नहीं हिलेंगे। वैसे राष्ट्रपति ने 13 जुलाई को इस्तीफे का ऐलान किया है, लेकिन लोगों का कहना है कि अब उन्हें राष्ट्रपति की बातों पर यकीन नहीं है। बता दें कि कल यानी शनिवार को बड़ी संख्या में आम जनता ने राष्ट्रपति भवन पर हमला बोल दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे यहां से भाग गए थे। इसके कुछ ही देर के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दे दिया था। इस बीच रविवार को एक और कैबिनेट मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। इस तरह अब तक 4 केन्द्रीय मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

राष्ट्रपति भवन में मिला बंकर

राष्ट्रपति भवन में एक बंकर पाया गया है। जानकारी के मुताबिक यह बंकर अंडरग्राउंड था और नकली दरवाजों के पीछे छुपाया गया था। बंकर तक पहुंचने के लिए एक लिफ्ट का भी इंतजाम था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक महल में तैनात विशेष कार्य बल (एसटीएफ) टीम के सदस्यों ने भी इसकी पुष्टि की। यह बंकर इस तरह से तैयार किया गया है कि किसी भी तरह के हमले से सुरक्षित रह सकता है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने भागने के लिए इसी का इस्तेमाल किया गया होगा।

लापता राष्ट्रपति का निर्देश

श्रीलंका के लापता राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे अज्ञात स्थान से ही शासन चला रहे हैं। रविवार को गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों के देश में गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आर्थिक संकट की मार झेल रहे श्रीलंका को 3700 मीट्रिंक टन एलपीजी मिली है जिसके बाद गोटबाया ने रसोई गैस का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उधर सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने रविवार को कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का अवसर अब उपलब्ध है।

भारत ने इंग्लैंड को 49 रन से हराया, सीरीज में 2-0 से बनाई बढ़त

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भारत ने दूसरे टी20 मैच में इंग्लैंड को 49 रन से हरा दिया। साथ ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम 17 ओवर में 121 रन पर आलआउट हो गई। मोइन अली ने 35 रन बनाए। भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 3 विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल के खाते में 2-2 विकेट आए। यह रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 में लगातार 14वीं जीत है।

पंत-शर्मा ओपनिंग करने उतरे

कप्तान रोहित शर्मा के साथ विकेटकीपर ऋषभ पंत ने पारी की शुरुआत की। रोहित (31 रन) और पंत (26 रन) ने पहले विकेट के लिए तेजी से 49 रनों की साझेदारी की। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के 29 गेंदों पर 46 रनों की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 170 रन बनाए। क्रिस जार्डन ने चार और रिचर्ड ग्लीसन ने तीन विकेट लिए।

भारतीय गेंदबाजों का रहा जलवा

भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने शुरू से ही इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। जिसके कारण इंग्लैंड ने 27 रनों पर ही तीन विकेट गंवा दिए। पूरी टीम 17 ओवर में 121 रनों पर सिमट गई। भुनेश्वर ने तीन जबकि बुमराह और चहल ने दो-दो विकेट लिए।

कोहली का खराब प्रदर्शन

विराट कोहली तीन बॉल पर एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कोहली और रोहित को ग्लीसन ने आउट किया। पूर्व कप्तान कुछ सालों से फॉर्म से परेशान हैं। पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद से उन्होंने दो टी20 मैच खेले हैं। विराट ने इस दौरान सिर्फ आईपीएल खेला, लेकिन उसमें भी प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट के दोनों पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा। टीम इंडिया ने प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए हैं। विराट कोहली, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है। अर्शदीप सिंह, दीपक हुड्डा, अक्षर पटेल और ईशान किशन को बाहर किया गया है।

श्रीलंका में बदतर हुए हालात, प्रदर्शनकारियों ने पीएम विक्रमसिंघे के घर में लगाई आग

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आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की हालत अब ज्यादा खराब हो गई है। जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए। गुस्साई प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक घर पर भी जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही कई वीडियो सामने आए, जिसमें वह स्विमिंग पूल में नहाते दिख रहे हैं। इधर रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। जिसमें लगभग 100 लोग घायल हो गए।

पीएम विक्रमसिंघे पद छोड़ने को तैयार

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पद छोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने एक ऑडियो जारी कर कहा कि वह कुछ शर्तों के साथ पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा, विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख की यात्रा और इंटरनेशनल मुद्रा कोष के साथ चर्चा के लिए देश में सरकार जरूरी है। प्रशासन के बिना देश का नेतृत्व करना ठीक नहीं है।

पीएम के घर की ओर बढ़ी भीड़

पीएम विक्रमसिंघे के आवास के बाहर हालत तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। उनके सुरक्षा अधिकारियों ने घर के बाहर पत्रकारों की पिटाई कर दी।

राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध

हालात काबू में करने के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। उन्होंने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की। पोदुजाना पेरामुना के 16 सांसदों ने लेटर लिखकर राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध किया। इससे पहले पिछले महीने तत्कालीन पीएम महिंदा राजपक्षे अपने परिवार के साथ भाग गए। उग्र लोगों ने कोलंबे में महिंदा के सरकारी आवास को घेर लिया था।

पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार

स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने के घर जूम पर नेताओं की बैठक हुई। जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पद से हटाने की बात रखी गई है। पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार हैं। सांसद हर्षा डी सिल्वा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।+

कम मतदान से लाभ-हानि के आकलन में जुटी भाजपा-कांग्रेस

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में हुए कम मतदान ने भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही दल के नेता कम मतदान से लाभ एवं हानि का आकलन करने में जुटे हैं। महापौर प्रत्याशी अपने स्तर पर वार्डवार आकलन कर रहे हैं तो पार्टी नेता भी प्रभारियों के माध्यम से जानकारी जुटा रहे हैं। कांग्रेस कम मतदान का कारण सत्ता विरोधी माहौल को बता रही है तो भाजपा ने इसके लिए अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, पार्टी नेताओं को सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा है और आश्वस्त हैं कि परिणाम भाजपा के पक्ष में रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी 11 नगर निगमों के महापौर प्रत्याशियों से मतदान को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कम मतदान के बन रही स्थिति पर चर्चा की। पार्टी के चुनाव कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि कम मतदान से साफ है कि प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि कांग्रेस कम मतदान को लेकर यदि प्रसन्न् है तो 17 जुलाई बहुत दूर नहीं है। पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम 17 जुलाई को आएंगे। यदि कांग्रेस इतनी ही आश्वस्त है तो फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर प्रश्न क्यों उठाए जा रहे हैं। कम मतदान का कारण वर्षा और अव्यवस्था रही है। इसको लेकर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को ज्ञापन भी दिया है।

प्रत्याशियों से नाराजगी भी बड़ा कारण

कम मतदान का बड़ा कारण प्रत्याशियों से नाराजगी भी रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को लेकर कई जगह पर विरोध दर्ज कराया गया। कार्यकर्ता घर से नहीं निकले और उन्होंने मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने का काम भी नहीं किया।