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फार्मेसी के सहायक प्राध्यापक ने सर्वश्रेष्ठ विज्ञानियों की सूची में बनाई जगह

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इंदौर। विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत विज्ञानियों की सूची में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के सहायक प्राध्यापक ने जगह बनाई है। अमेरिका की स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर प्रकाशन ने वर्ष 2021 की सूची तैयार कर 10 अक्टूबर 2022 को जारी कर दी है, जिसमें 22 क्षेत्रों व 176 उपक्षेत्रों से संबंधित विज्ञानियों का डाटाबेस रखा है।
स्कूल आफ फार्मेसी के सहायक प्राध्यापक डा. मुकेश शर्मा ने फर्मेसी क्षेत्र की कुछ रिसर्च को अमेरिका की विश्वविद्यालय व संस्थान को भेजा था। विश्वभर से लाखों आवेदन आए। स्क्रूटनी करने के बाद समिति ने मधुमेह, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर की शोध को बेहतर माना है। उसके आधार पर डा. शर्मा ने सूची में जगह बनाई है। उन्होंने 35 किताबों में लेख, 70 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। यहां तक डा. शर्मा को शोध क्षेत्र में यूजीसी रिसर्च अवार्ड 2012-13 से पुरस्कार मिल चुका है। वैसे वह कई सालों से फार्मेसी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। यहां तक विश्वविद्यालय की विभिन्न समिति और कार्यों का दायित्व निभाते आए हैं।
उन्होंने बताया कि सूची में शोध क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का चयन होता है। आकलन करने का काम एल्सेवियर और स्कोपस इंडेक्स संस्थाएं ने स्तरीय मापदंड बनाए हैं। इसके चलते विश्वभर के महज दो प्रतिशत विज्ञानियों को सूची में शामिल किया जाता है। कुलपति डा. रेणु जैन का कहना है कि इसे पहले भी विश्वविद्यालय के कई शिक्षक सूची में जगह बना चुके है। यही वजह है कि विश्वविद्यालय रिसर्च क्षेत्र पर अधिक ध्यान दे रही है। वे बताती है कि सभी विभागों को रिसर्च को लेकर निर्देश दिए है, जिसमें समाज को नई दिशा देने वाली शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। ताकि लोगों को इसका फायदा हो सके।

ज्ञानवापी मामले में फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा हिंदू पक्ष

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ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट के फैसले के खिलाफ हिंदू पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। दरअसल, वाराणसी कोर्ट ने शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मौजूद कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग नहीं कराने का फ़ैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश (मौजूदा ढांचे की यथास्थिति बनाये रखना) की अवहेलना होगी। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। कोर्ट ने ये कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस जगह को सील कर रखा है इसलिए हम इसमें कोई भी ऑर्डर पास नहीं कर सकते। मैं अभी इसकी तिथि नहीं बता सकता, लेकिन हम शिवलिंग की वैज्ञानिक जांच की याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
इस मामले में 5 में से 4 पक्षकारों ने कथित शिवलिंग की ASI द्वारा वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की थी। जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी कि वहां शिवलिंग नहीं फ़व्वारा है। इसकी सुनवाई 11 तारीख़ को सुनवाई पूरी हो गई थी। आपको बता दें कि 5 में से 1 हिंदू पक्षकार ने भी कथित शिवलिंग के वैज्ञानिक परीक्षण का विरोध किया। इस मा्मले में मस्जिद पक्ष की दलील है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पूरा वजूखाना सील रहे, ऐसे मंय सर्वे का आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा। हम बस चाहते हैं कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण से पता चले कि शिवलिंग कितने साल पुराना है। अगर कोर्ट आज सर्वेक्षण के लिए जानकारों की कमेटी बनाएगा तो हमें वो मंज़ूर होगा। इस पर अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेहलना नहीं होनी चाहिए और इस आधार पर कार्बन डेटिंग की अर्जी को खारिज कर दिया।

हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव का ऐलान

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शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की। सीईसी राजीव कुमार और ईसी अनूप चंद्र पांडे ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सीईसी राजीव कुमार ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि 8 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में वर्तमान विधानसभा का अवधि खत्म हो रही है। इसलिए इस बार विधानसभा चुनाव एक चरण में आयोजित किये जाएंगे और 17 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मतदान की तारीख 12 नवंबर तय की गई है, जबकि वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।
उन्होंने ये भी कहा कि हम निष्पक्ष चुनाव कराने को प्रतिबद्ध है और हमारा प्रयास है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए। हिमाचल में 80 साल से ज्यादा के बुजुर्ग और दिव्यांग वोटर्स घर बैठे बैलेट पेपर से वोट डाल सकेंगे। साथ ही नए वोटरों का खास ध्यान रखा जाएगा। ये लोग नामांकन के दिन तक वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश का चुनावी समीकरण
हिमाचल प्रदेश का चुनावी समीकरण देश के बाकी राज्यों से काफी अलग रहा है। प्रदेश में 1985 के बाद से हर बार सत्ता परिवर्तन हुआ है। हर पांच साल पर कांग्रेस और बीजेपी की सरकार बारी-बारी से सत्ता में आई है। अगर पिछले चुनाव के परिणामों की बात करें तो 68 सीटों पर हुए इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 44 सीटें जीतकर बाजी मार ली थी। वहीं, कांग्रेस को 15 सीटों का नुकसान हुआ था और मात्र 21 सीटों पर सिमट कर रह गयी थी। बाकी बचे तीन सीटों पर निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों का कब्जा रहा था। बीजेपी इस बार इतिहास को बदलकर दुबारा सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। पीएम मोदी की हिमाचल के लगातार हो रहे दौरे इसका स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।

किसान मोर्चा के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री चौहान ने पौध-रोपण किया

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में आँवला, गुलमोहर और पिथौड़िया के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ किसान मोर्चा के महामंत्री श्री पुरूषोत्तम शर्मा ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। किसान मोर्चा के दर्शन चौधरी और उनके साथी पौध-रोपण में सम्मिलित हुए। राजधानी के पत्रकार संजीव श्रीवास्तव ने उनके पुत्र आर्यन के जन्म-दिवस पर परिवार सहित पौध-रोपण में शामिल हुए। किसान मोर्चा के प्रयागराज रघुवंशी, विवेक अहिरवार, बृजेश तिवारी, राजेश, शमीम, संतोष राजपूत, प्रमोद चौधरी, अवधेश शर्मा, एकम पटेल, देवेंद्र पटेल तथा रामकुमार पटेल ने भी पौधे लगाए।

श्रमिक नेता स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने नमन किया

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। दत्तोपन्त राष्ट्रवादी विचारधारा के ट्रेड यूनियन नेता और भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच एवं भारतीय किसान संघ के संस्थापक थे। उनका जन्म 10 नवम्बर 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के आर्वी ग्राम में हुआ। उनके विचार देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके आलेख पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे। दत्तोपंत जी ने अनेक अवसरों पर मध्यप्रदेश और विशेष रूप से भोपाल का प्रवास किया। भोपाल में डिपो चौराहे के निकट ठेंगड़ी भवन उनकी स्मृति का प्रतीक है। उनका 14 अक्टूबर 2004 को पुणे में अवसान हुआ।

पांच टीमों का महिला आईपीएल मार्च में पहली बार

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एक तरफ बीसीसीआई में नए अधिकारियों को चुने जाने को लेकर चहल-पहल जारी है। वहीं, दूसरी तरफ अगले साल से महिला आईपीएल को लेकर जानकारी सामने आ गई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, महिला आईपीएल की शुरुआत अगले साल मार्च से होने जा रही है। पहले सीजन में पांच टीमें खेल सकती हैं। महिला आईपीएल पुरुषों के आईपीएल से पहले खेला जाएगा। इस लीग के शुरू होते ही भारत ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में महिला बिग बैश खेला जाता है, जबकि इंग्लैंड विमेंस हंड्रेड टूर्नामेंट खेला जाता है।
टूर्नामेंट में 20 लीग राउंड मैच खेले जाएंगे और सभी टीमें एक दूसरे के खिलाफ दो-दो बार खेलेंगी। टेबल टॉप करने वाली टीमें सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी। वहीं, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम एलिमिनेटर खेलेगी। एक टीम के प्लेइंग-11 में ज्यादा से ज्यादा पांच विदेशी खिलाड़ी शामिल हो सकती हैं।
इसके अलावा टीम में पांच से अधिक विदेशी खिलाड़ी नहीं हो सकते। पांच विदेशी खिलाड़ियों में आईसीसी के पूर्ण सदस्यों में से चार और आईसीसी के एसोसिएट सदस्यों में से एक खिलाड़ी से ज्यादा प्रत्येक टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में महिला बिग बैश लीग और यूके में द हंड्रेड में तीन से अधिक विदेशी खिलाड़ियों की अनुमति नहीं है और उनके स्क्वॉड का आकार 15 है।
बोर्ड का यह भी मानना है कि कम टीमें होने की वजह से होम और अवे वाले फॉर्मेट को इसमें लागू नहीं किया जा सकता। महिला आईपीएल दक्षिण अफ्रीका में नौ से 26 फरवरी तक होने वाले महिला टी20 विश्व कप के तुरंत बाद होने की उम्मीद है। बीसीसीआई के मुताबिक, पांच से छह टीमों के साथ हर दिन एक मैच होना संभव नहीं है। ऐसे में दस मैच किसी एक मैदान पर और दस मैच किसी दूसरे मैदान पर खेला जा सकता है।
जहां तक टीमों की बिक्री का संबंध है, यह जोन के आधार पर तय किए जा सकते हैं। हर एक जोन से दो शहरों को शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है। इनमें धर्मशाला/जम्मू (नॉर्थ जोन), पुणे/राजकोट (वेस्ट जोन), इंदौर/नागपुर/रायपुर (सेंट्रल जोन), रांची/कटक (ईस्ट जोन), कोच्चि/विजाग (साउथ जोन) और गुवाहाटी (नॉर्थ ईस्ट जोन) शामिल हैं।
महिला आईपीएल के मैचों की मेजबानी वह शहर कर सकते हैं जो मौजूदा समय में पुरुष आईपीएल की मेजबानी कर रहे हैं। इनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई शामिल हैं। हालांकि, महिला आईपीएल से संबंधित सभी मामलों पर अंतिम फैसला आईपीएल संचालन परिषद और बीसीसीआई पदाधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।

अंजलि और उर्फी ने करवा चौथ पर अपने सजना के लिए तैयार होकर लगाए जमकर ठुमके

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सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद और कच्चा बादाम गर्ल अंजलि अरोड़ा अक्सर ही लाइमलाइट में बनी रहती हैं। हाल में अंजलि और उर्फी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दोनों उर्फी के गाने ‘हाय हाय रे मजबूरी’ पर डांस करती नजर आई थीं। दोनों के इस वीडियो को कुछ लोगों ने पसंद किया था, तो ट्रोल्स ने उन्हें आड़े हाथ ले लिया था। वहीं, आज करवा चौथ के मौके पर दोनों का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें दोनों जमकर डांस करती नजर आ रही हैं।
अंजलि अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में वह उर्फी जावेद के साथ अपने हाल ही में रिलीज हुए गाने ‘सजना है मुझे’ पर थिरकती नजर आ रही हैं। डांस के दौरान उर्फी जहां ब्लू कलर की साड़ी में दिखाई दीं, तो अंजलि ने ब्लैक और रेड कलर की साड़ी पहनी है। इसके साथ ही अंजलि ने लिखा, ‘करवा चौथ की शुभकामनाएं, आज इस ट्रैक पर रील बनाना न भूलें। सजना उर्फी जावेद के साथ।’
अंजलि अरोड़ा के वीडियो को अपलोड करते ही लोगों के रिएक्शन भी उस पर आने शुरू हो गए हैं। फैंस दोनों की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘साथ में ये प्लास्टिक की दुकान कहां से ले आई’, तो दूसरे ने लिखा, ‘एक का वीडियो वायरल हो रहा है, तो एक का फोटो।’ वहीं, एक अन्य ने लिखा, ‘अब धरती का विनाश निश्चित है।’ वहीं, कई भद्दे कमेंट्स अंजलि के वायरल एमएमएस को लेकर भी इस पोस्ट पर आ रहे हैं।

सर्वे कराकर किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दे सरकार – कमल नाथ

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भोपाल । मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा से सोयाबीन, उड़द, मूंग, धान, ज्वार, बाजरा, तिल सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। अभी तक राजस्व विभाग की ओर से सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ है। इसके कारण मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। किसान परेशान हैं क्योंकि उन्हें रबी फसलों की बोवनी के लिए खेत तैयार करने के साथ अन्य व्यवस्थाएं करनी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सरकार से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराकर किसानों को फसल क्षतिपूर्ति दी जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार भले ही संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़े होने का दावा कर रही हो पर वास्तविकता यह है कि अभी तक सर्वे ही नहीं हुआ है। जबकि, सबको पता है कि असमय वर्षा से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेत में काटकर रखी फसल किसान खलिहान तक नहीं ला पाए। धान की फसल खेत में ही गिर गई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ है। सोयाबीन की फली से दाने खेत में ही गिर गए। जो फसल कट भी गई थी, उसमें पानी लगने से दाग लग गया और बाजार में कीमत भी नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के ऊपर आए इस संकट के समय सरकार को चाहिए कि सर्वे सर्वोच्च प्राथमिकता दे और किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। जब हमारी सरकार के समय इस तरह का संकट किसानों पर आया था तो तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई थी। खाद की कमी से भी किसान परेशान हैं। सरकार दावा कर रही है कि खाद का पर्याप्त भंडारण है लेकिन सच्चाई यह है कि किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों की परेशानी को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और खाद की व्यवस्था करने की मांग की है।

पीढ़ी परिवर्तन की राह पर भाजपा

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भोपाल। एक साल बाद मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस अपनी गाइडलाइन तय कर रही हैं। भाजपा उम्रदराज और कई बार चुनाव जीत चुके नेताओं से पल्ला झाड़ेगी। इसी तरह कांग्रेस हारे हुए चेहरों को प्रत्याशी नहीं बनाएगी। पार्टी ऐसी 100 सीटों पर युवा और नए प्रत्याशियों की तलाश कर रही है।
इसके पीछे दोनों पार्टियों के अपने-अपने अध्ययन और अनुभव हैं। आगामी चुनाव भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी पांच बार या इससे अधिक चुनाव लड़ चुके नेताओं को टिकट नहीं देगी। ज्यादातर सीटों पर नए चेहरों को मौका देगी। वहीं, कांग्रेस ने तय किया है कि चुनाव में नए लोगों को मौका दिया जाएगा। इसमें जिन सीटों पर पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है, वहां पहले प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे।
मिशन 2023 में
लंबे अनुभव और नए जोश में संतुलन के साथ मिशन 2023 में उतरने को तैयार भाजपा अपने कई दिग्गजों को अधिक उम्र के पैमाने पर मैदान से बाहर करने पर मंथन कर रही है। 70 के पार, चार से पांच बार विधायक या दीर्घ राजनीतिक सक्रियता जैसे बिंदुओं को देखते हुए उम्रदराज नेताओं की जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। दरअसल, 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बाबूलाल गौर, सरताज सिंह, रामकृष्ण कुसमरिया जैसे दिग्गज नेताओं के टिकट उम्र के कारण काटे थे।
परिणाम तब भले ही पार्टी को सत्ता तक नहीं पहुंचा सके थे, लेकिन कई नए चेहरों को मौका मिलने से पार्टी ने महसूस किया कि संभावनाओं के अनुरूप युवाओं का पार्टी के प्रति रूझान बढ़ा। इसे जारी रखने की मंशा से भाजपा संगठन में पीढ़ी परिवर्तन के दौर को थामने के पक्ष में नहीं है, बल्कि विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर उतरकर युवाओं को मौका देने की संभावनाएं टटोली जा रही हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि निकाय चुनावों में पार्टी ने नए चेहरों पर जोखिम लिया, जिसमें सफलता मिली है। इसे विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
युवाओं पर फोकस की एक वजह ये भी
2018 के विधानसभा चुनाव में 20-29 साल आयु वर्ग के करीब 1 करोड़ 37 लाख, 83 हजार मतदाता थे। इनमें से 18-19 साल आयु वर्ग की संख्या 23 लाख थी। प्रदेश में कुल मतदाता 5 करोड़ 66 लाख थे। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी युवाओं ने खासी भागीदारी की थी। भाजपा का आकलन है कि युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए पार्टी में युवाओं की भागीदारी बढ़ानी होगी, जिसका दूसरा लाभ ये भी होगा कि यही युवा केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों की योजनाओं से आ रहे बदलाव से भी लोगों को अवगत कराएंगे। इससे पहले भाजपा में सुदरलाल पटवा और कैलाश जोशी की जोड़ी ने 1989-90 में जिन नेताओं को पार्टी में आगे बढ़ाया था, वही टीम अभी सत्ता में है। उस दौर में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा सहित कई युवा चेहरों को पार्टी ने चुनाव लड़ाया था।

गरीब का पैसा खाने वालों को सरकारी नौकरी में रहने का अधिकार नहीं- मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल । गरीब का पैसा खाने वालों को सरकारी नौकरी में रहने का अधिकार नहीं है। ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा समाप्त करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से राशि मांगे जाने की शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच करके संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी कराई जाए।
यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को रीवा जिले के विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए। साथ ही जल जीवन मिशन में घरेलू कनेक्शन कम होने पर उन्होंने कलेक्टर को समय पर काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने और भुगतान रोकने के लिए कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि का दुरुपयोग न हो।
योजना के पहले चरण के स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा न होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि विलंब अस्वीकार्य है। जो भी योजना में अनुचित राशि की मांग करता है, उसके विरुद्ध प्राथमिकी कराई जाए। अभी तक सीएम हेल्पलाइन में इससे संबंधित 696 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले के 14 ग्राम रोजगार सहायकों को पद से पृथक किया जा चुका है और तीन सौ रोजगार सहायकों का एक सप्ताह के वेतन काटा है। बैठक में पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद जर्नादन मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित विभागीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश
विद्युत आपूर्ति को लेकर 10 हजार 416 शिकायतें मिलने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रखरखाव और विद्युत भार का अनुमान लगाकर व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ऊर्जा विभाग की है। रीवा के हनुमना क्षेत्र में फर्जी विद्युत कनेक्शन देने वाले सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश उन्होंने दिए। साथ ही जल जीवन मिशन में अब तक केवल 32 प्रतिशत परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने पर कलेक्टर से जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण संबंधित ठेकेदार पर नौ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एक हुक्का बार बंद, राशन वितरण में अनियमितता पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि नशे की गतिविधियां संचालित करने वालों को ध्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के विरुद्ध अभियान में 202 प्रकरण बनाए गए हैं। सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने के 160 प्रकरण दर्ज किए हैं तो एक हुक्का बार बंद किया गया है। राशन वितरण में अनियमितता पर 10 और कालाबाजारी के दो प्रकरण बनाए गए हैं। चार विक्रेताओं को सेवा से हटा दिया है।