Home Blog Page 3

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा

0

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कानूनी लड़ाई अब और तेज हो गई है। गुरुवार को मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गए। एक ओर ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत की मांग की है। वहीं ट्विशा के परिवार ने उनकी सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है।

ट्विशा के परिवार ने जमानत पर उठाए सवाल
गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। ट्विशा के परिवार की ओर से पेश वकील अंकुर पांडे ने कहा कि वे गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत का विरोध करेंगे। उनका आरोप है कि निचली अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 की धारा 118 के प्रावधानों को नजरअंदाज किया है।

इस धारा के तहत यदि किसी महिला की शादी के सात साल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है और यह साबित होता है कि मृत्यु से पहले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था, तो अदालत आरोपी के खिलाफ दहेज हत्या का अनुमान लगा सकती है।

समर्थ सिंह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई संभव
जानकारी के मुताबिक, समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है, जबकि ट्विशा के परिवार की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह को राहत दे दी गई थी।

एफआईआर के बाद से फरार है समर्थ सिंह
समर्थ सिंह एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने और उनके परिवार ने जांच में पूरा सहयोग किया है और हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि मामले से जुड़ी पर्याप्त सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता की ओर से जमा की गई WhatsApp चैट “संपादित और अधूरी” हैं, इसलिए उन्हें विश्वसनीय साक्ष्य नहीं माना जा सकता।

12 मई को ससुराल में मिली थी ट्विशा की लाश
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं।

पुलिस ने समर्थ सिंह और उनकी मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) समेत दहेज निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

भूलकर भी उल्टे न रखें जूते-चप्पल, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

0

भूलकर भी उल्टे न रखें जूते-चप्पल, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी
घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर यह सलाह देते हैं कि जूते-चप्पलों को कभी भी उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में कलह और अशांति बढ़ सकती है। यह सिर्फ पारंपरिक मान्यता नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी उल्टी चप्पलों को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा गया है।

जूते- चप्पलों का क्यों रखना चाहिए ध्यान?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पलों का संबंध व्यक्ति के भाग्य, धन और शनि ग्रह से माना जाता है। ऐसे में यदि घर के मुख्य द्वार या आसपास उल्टी चप्पलें पड़ी रहती हैं, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, बहस और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनने लगती है। यही वजह है कि वास्तु में जूते-चप्पलों को हमेशा सही और व्यवस्थित तरीके से रखने की सलाह दी जाती है।

इसको लेकर क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पैरों को शनि ग्रह का कारक माना गया है। ऐसे में उल्टे जूते-चप्पल रखना शनिदेव की नाराजगी का कारण बन सकता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं, जिससे घर में आर्थिक परेशानियां और दरिद्रता बढ़ने लगती है।

क्या है व्यावहारिक नजरिया?
अगर इसे व्यावहारिक नजरिए से देखा जाए, तो उल्टी चप्पल होने पर उसका गंदा हिस्सा ऊपर की ओर आ जाता है। इससे धूल, मिट्टी और कीटाणु आसानी से फैल सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। इसलिए साफ-सफाई और स्वास्थ्य के लिहाज से भी जूते-चप्पलों को सही तरीके से रखना जरूरी माना गया है।

वास्तु शास्त्र में यह भी कहा गया है कि घर में फटे, पुराने या अनुपयोगी जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। जूते-चप्पलों को हमेशा शू-रैक या बंद कैबिनेट में रखने की सलाह दी जाती है, ताकि वे खुले में नजर न आएं।

किस दिशा में होना चाहिए चप्पलों को रखने का शू-रैक?
वास्तु के अनुसार, शू-रैक को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में जूते-चप्पल रखना अशुभ माना गया है। इसके अलावा मुख्य दरवाजे के ठीक सामने जूते उतारने से भी बचना चाहिए। यदि शू-रैक बाहर रखा हो, तो उसे दरवाजे के दाएं या बाएं तरफ रखना बेहतर माना जाता है। मान्यता यह भी है कि अगर कहीं उल्टी चप्पल दिखाई दे, तो उसे तुरंत सीधा कर देना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, दिल्ली-यूपी में हीटवेव का अलर्ट

0

भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, दिल्ली-यूपी में हीटवेव का अलर्ट
पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार चौथे दिन दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। बुधवार को यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले मंगलवार को 48.2 डिग्री सेल्सियस रहा था।

कई स्थानों पर भीषण लू का अलर्ट
क्षेत्रीय मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के लिए कई स्थानों पर भीषण लू का अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों के लिए ‘येलो’ और उसके बाद ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले कुछ दिनों से उत्तर-पश्चिमी हवा राजस्थान के थार रेगिस्तान और मध्य पाकिस्तान के हिस्सों से दिल्ली की ओर आ रही है।

शुष्क क्षेत्रों से गुजरते हुए यह हवा दिल्ली पहुंचते-पहुंचते और शुष्क हो जाती है। रात का पारा भी अधिक बना हुआ है। जमीन को संचित गर्मी छोड़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, जिससे रातें लगातार गर्म रहती हैं। अगले सप्ताह तक कमोबेश यही स्थिति बनी रहेगी।

तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार
उत्तर प्रदेश में हालत यह है कि बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल और मध्य एवं पश्चिमी यूपी तक आसमान से आग बरस रही है। एक दर्जन से अधिक जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है।

लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर, चित्रकूट, आगरा, कानपुर, वाराणसी और फतेहपुर समेत कई जिलों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवा की वजह से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को 11 जिलों में लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में रिज बेस स्टेशन पर अधिकतम तापमान 45.8, हरियाणा के रोहतक में 46.9 तो पंजाब के बठिंडा में 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान में श्रीगंगानगर 46.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।

पहाड़ भी गर्मी के साथ लू की चपेट में
मैदान के साथ पहाड़ भी गर्मी के साथ लू की चपेट में हैं। जम्मू-कश्मीर में पारा तेजी से बढ़ रहा है। कठुआ में अधिकतम तापमान 44.6 तो हिमाचल प्रदेश के ऊना में 44 डिग्री पहुंच गया।

शिमला में 30.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ मौसम का सबसे गर्म दिन रहा। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से जनजीवन बेहाल है। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया।

छत्‍तीसगढ़ में दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की हाईकोर्ट ने दी अनुमति

0

छत्‍तीसगढ़ में दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की हाईकोर्ट ने दी अनुमति
हाई कोर्ट ने एक अत्यंत संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक दुष्कर्म पीड़िता को उसके 14-16 सप्ताह के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़िता पर उस गर्भ को रखने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता, जो उसकी सहमति के बिना और क्रूरता के फलस्वरूप ठहरा हो।

यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ द्वारा रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। याचिकाकर्ता कुछ महीने पहले जबरन शारीरिक संबंध की शिकार हुई थी। इस कृत्य के कारण वह गर्भवती हो गई।

पीड़िता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि यह गर्भ उसे गहरा मानसिक आघात और सामाजिक अपमान पहुंचा रहा है, इसलिए उसे गर्भपात कराने की अनुमति दी जाए।

न्यायालय के पूर्व आदेश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर की टीम ने पीड़िता का परीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें गर्भ 14 से 16 सप्ताह का बताया गया था।

सर्वोच्च अदालत के फैसलों का हवाला
सुनवाई के दौरान जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने चिकित्सकीय गर्भ समापन अधिनियम, 2021 और सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में पारित नजीरों का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि यदि गर्भ का कारण बलात्कार है, तो उससे होने वाली मानसिक पीड़ा महिला के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चोट है और पीड़िता को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह गर्भ जारी रखे या नहीं।

पीएम मोदी आज करेंगे कैबिनेट बैठक

0

पीएम मोदी आज करेंगे कैबिनेट बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत निर्णयों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री बैठक में शामिल होंगे।

यह साल 2026 की पहली कैबिनेट बैठक
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह साल 2026 की पहली कैबिनेट बैठक है। बैठक राजनीतिक रूप से खास मानी जा रही है क्योंकि यह पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन तथा पुडुचेरी में एनडीए सरकार के दोबारा गठन के बाद हो रही है। बैठक मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच भी आयोजित हो रही है।

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल ही में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके प्रभाव की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, भविष्य की प्राथमिकताओं और सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर भी चर्चा होने की उम्मीद है ताकि अधिकतम सफलता सुनिश्चित की जा सके।

MP में आज से ट्रकों की तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल

0

MP में आज से ट्रकों की तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर 21 मई यानी आज से ट्रकों के पहिये देश भर में थम जाएंगे। इस वजह से न तो शहर से माल की लोडिंग हो पाएगी और न ही बाहर से शहर में माल आ पाएगा।

यह हड़ताल दिल्ली एनसीआर में कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट और दिल्ली नगर निगम के खिलाफ है। साथ ही बार-बार डीजल-पेट्रोल की दरों में बढ़ाने को लेकर है। हड़ताल तीन दिन चलेगी। इससे ग्वालियर-चंबल का बाजार काफी हद तक प्रभावित होगा।

स्थानीय तीन सौ और बाहर जाने वाले चार सौ ट्रकों के चक्के थमेंगे
स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजीव मोदी के मुताबिक शहर व आसपास के जिलों में माल लाने ले जाने वाले करीब तीन सौ लोडिंग वाहन खड़े हो जाएंगे। इस वजह से स्थानीय स्तर पर कोई भी सामान इधर से उधर नहीं जा सकेगा।

इसी तरह आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील माहेश्वरी के मुताबिक वर्तमान में ग्वालियर चंबल से 400 ट्रक दिल्ली माल लेकर जाते हैं और माल लेकर आते हैं। ऐसे में ये चार सौ ट्रक भी बंद रहेंगे। पिछले तीन दिन से दिल्ली एनसीआर में वाहनों में लोडिंग ही नहीं हुई है।

जानिए किन-किन चीजों पर पड़ेगा सीधा असर
किन-किन चीजों पर पड़ेगा असर ग्वालियर चंबल में किराना, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि का सामान दिल्ली से आता है। साथ ही अंचल से तेल सहित अन्य चीजें दिल्ली जाती हैं। ऐसे में तीन दिन तक ट्रकों की हड़ताल की वजह से ये चीजें न तो अंचल में आ सकेंगी और न जा सकेंगी।

इससे पूरे बाजार पर असर पड़ेगा। यदि कुछ ट्रक आ भी गए तो स्थानीय स्तर पर माल की ढुलाई करने वाले वाहन भी नहीं चलेंगे। ऐसे में यह माल भी अंचल के जिलों में नहीं पहुंच सकेगा।

ईरान-अमेरिका बीच वार्ता अंतिम चरण में

0

ईरान-अमेरिका बीच वार्ता अंतिम चरण में
अमेरिका और ईरान में बीच समझौता अंतिम चरण में है और इसकी कभी भी घोषणा हो सकती है। इसी के साथ पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बंद होने की संभावना है। यह जानकारी सऊदी राज्य मीडिया अल अरबिया ने बुधवार को उन सूत्रों के हवाले से दी है जो चल रही वार्ताओं से परिचित हैं।

अल अरबिया के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों के बीच एक ड्राफ्ट समझौते पर अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि हज सीजन के बाद इस्लामाबाद में नई वार्ता का दौर चलने की उम्मीद है।

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार करता है तो वाशिंगटन “थोड़े कठोर” कदम उठाने के लिए तैयार है।

4 दशक बाद पहली बार बीजापुर के दारेली गांव पहुंचा प्रशासन

0

4 दशक बाद पहली बार बीजापुर के दारेली गांव पहुंचा प्रशासन
लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और खौफ के साए में जीने के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का सुदूरवर्ती ‘दारेली’ गांव, अब बदलाव और आपसी विश्वास की एक नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों (40 साल) से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो सकी थी। स्थिति यह थी कि यह गांव वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी पूरी तरह वंचित रह गया था। लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था।

प्रशासनिक अमले का ऐतिहासिक दौरा और आत्मीय स्वागत
इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।

विशेष शिविर लगाकर बुनियादी दस्तावेज बनाने के निर्देश
कलेक्टर बीजापुर ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, जरूरी पहचान पत्र, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। इस दौरान कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में जल्द ही एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत दस्तावेजीकरण (सैचुरेशन) सुनिश्चित हो सके।

मौके पर ही लिया संवेदनशील संज्ञान
भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।