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RSS सादगी से विजयदशमी मनाएगा – मोहन भागवत

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नागपुर : इस बार विजयदशमी पर आरएसएस का स्थापना दिवस कार्यक्रम ऑनलाइन मोड में होगा। इस बार आरएसएस इस कार्यक्रम को सादगी से मनाएगी। हर साल विजयदशमी पर आरएसएस नागपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित करती है। जिसमें कोई न कोई स्पेशल गेस्ट जरूर होता है। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर आरएसएस ने इस कार्यक्रम को सादगी से मनाने का निश्चय किया है। हालांकि मोहन भागवत आरएसएस के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल, फेसबुक और ट्विटर हैंडल पर लाइव स्ट्रीम होंगे। जिसमें वे लखीमपुर खीरी और किसान आंदोलन समेत देश के तमाम अहम मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं। विजयदशमी का त्योहार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ महीनों में देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इस साल विजयदशमी पर आरएसएस शस्त्र पूजा कार्यक्रम सादे अंदाज में मनाएगी। आगामी 15 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना हुई थी। ये दिन आरएसएस के हर कार्यकर्ता के लिए काफी अहम है। इस दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन भी काफी महत्वपूर्ण है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि कुछ राज्यों विशेषकर यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मोहन भागवत का विजयदशमी संबोधन भाजपा के लिए संजीवनी बन सकता है।

 

बता दें कि हाल ही में लखीमपुर खीरी कांड में किसानों की हत्या और दिल्ली में कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन भाजपा के लिए सिरदर्द बना हुआ है। ऐसे वक्त में, मोहन भागवत का विजयदशमी के दिन लाइव स्ट्रीम होना पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले का बूस्टर हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, 15 अक्टूबर को सुबह 7.30 बजे विजयादशमी उत्सव शुरू होगा। इस वर्ष किसी अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया है और कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार स्मृति मंदिर, रेशमबाग में होने वाले कार्यक्रम में केवल 200 स्वयंसेवक ही भाग लेंगे। आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी अरविंद कुकड़े ने बताया कि भागवत के भाषण को ‘rssorg’ के यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। कुकडे ने आगे कहा, कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी निर्देशों और सलाह के बाद ही नागपुर में आरएसएस विजयादशमी समारोह के लिए केवल 200 लोगों को आमंत्रित किया गया है।

खुदरा महंगाई दर सितंबर मे घटकर रही 4.35 प्रतिशत

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नई दिल्ली:  महंगाई के मोर्चे पर एक राहत देने वाली खबर आई है। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर सितंबर में घटकर 4.35% पर आ गई है। जबकि एक महीना पहले अगस्त में महंगाई दर 5.3% थी। पिछले 10 महीने में ये मंहगाई का सबसे कम स्तर है। खुदरा महंगाई दर में कमी की सबसे बड़ी वजह है खाने-पीने की चीजों के दाम में कमी आना है। खुदरा महंगाई दर के आंकड़े नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (एनएसओ) की ओर जारी किए गए हैं। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (सीएफपीआई) सितंबर में 0.68% था जो सितंबर में घटकर 3.11% पर आ गया।

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान को 5.7 फीसदी के पिछले अनुमान से घटाकर 5.3 फीसदी कर दिया है। अगस्त में, उच्च आधार प्रभाव के साथ खाद्य कीमतों में नरमी के कारण सीपीआई मुद्रास्फीति दर चार महीने के निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर आ गई थी। इसके विपरीत खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर 2020 में आठ महीने के उच्च स्तर 7.34 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो मुख्य रूप से उच्च खाद्य मुद्रास्फीति से प्रेरित थी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में अगस्त में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो जुलाई के महीने में 11.50 फीसदी था। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स में तेजी से साफ पता चल रहा है कि आर्थिक गतिविधियों में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है।

अब हर दिन 20 लाख टन होगा कोयले का उत्पादन

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नई दिल्ली : देश में जारी कोयला संकट के बीच मौजूदा समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। राज्यों, बिजली कंपनियों और रेलवे द्वारा कोयले की मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। सरकार एक सप्ताह के भीतर अपने दैनिक कोयला उत्पादन को 19.4 मिलियन से बढ़ाकर 2 मिलियन टन (20 लाख टन) करने जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से मौजूदा कोयला संकट की वजहें भी बताई गई हैं।  राज्यों और बिजली कंपनियों को कोयले की दैनिक आपूर्ति में कोई कमी नहीं है और यह 5 दिनों का स्टॉक बनाए हुए है। कोयला संकट को लेकर एक महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

मौजूदा वक्त में कोयला संकट के कई कारण हैं। जनवरी से कोयला मंत्रालय विभिन्न राज्यों को अपने-अपने राज्यों में कोयला लेने और स्टॉक करने के लिए लिख रहा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कोल इंडिया एक सीमा तक स्टॉक कर सकता है। अगर हम सीमा से अधिक कोयले का स्टॉक करते हैं तो वहां आग का खतरा रहता है। राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड की अपनी कोयला खदानें हैं लेकिन उन्होंने कोयला निकालने के लिए कुछ नहीं किया। यह पता चला है कि मंजूरी मिलने के बावजूद कुछ राज्य सरकारें फैसलों पर अमल नहीं कर पाईं और उन्होंने कोरोना और बारिश को पर्याप्त कोयला खनन नहीं करने का एक कारण बताया। हालांकि, यह भी हकीकत है कि लंबे समय तक चले मानसून ने कोयला खनन को प्रभावित किया और आयातित कोयले की बढ़ती कीमतों से भी मौजूदा स्थिति पैदा हुई।

गति शक्ति योजना का प्रधानमंत्री मोदी ने किया शुभारंभ

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भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की गति शक्ति योजना से देश में लाखों युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली: PM Gati Shakti Yojna: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2021 को दिल्ली के लाल किले से देश में रोजगार पैदा करने के मकसद से करोड़ों रुपये की मेगा योजना गति शक्ति योजना (Gati Shakti Yojana) का ऐलान किया था। उन्होंने आज इसका शुभारंभ कर दिया। देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की गति शक्ति योजना से देश में लाखों युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

16 मंत्रालय का ग्रुप

गति शक्ति योजना के लिए 16 मंत्रालयों का एक ग्रुप बनाया गया है, जो मुख्यतः आधारभूत संरचनाओं से संबंधित है। इसमें रेलवे, सड़क परिवहन, पोत, आईटी, टेक्सटाइल, पेट्रोलियम, ऊर्जा, उड्डयन जैसे मंत्रालय शामिल हैं। इन मंत्रालयों के जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं या साल 2024-25 तक जिन योजनाओं को पूरा करना है, उन सबको गति शक्ति योजना के तहत डाल दिया जाएगा।

समग्र बुनियादी ढांचे की नींव

गति शक्ति योजना भारत के लिए एक राष्ट्रीय अवसंरचना मास्टर प्लान होगा, जो समग्र बुनियादी ढांचे की नींव रखेगा। अभी परिवहन के साधनों और अलग-अलग विभाग के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के बीच कोई समन्वय नहीं है, गति शक्ति योजना इन सभी बाधाओं को दूर करेगी।

कैसे होगा योजना पर अमल?

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) ने गति शक्ति योजना की निगरानी के लिए प्लेटफार्म विकसित किया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) सभी परियोजनाओं की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय बनाया गया है। इंफ्रा परियोजनाओं का जायजा लेने के लिए एक राष्ट्रीय योजना समूह नियमित रूप से बैठक करेगा। किसी भी नई जरूरत को पूरा करने के लिए मास्टर प्लान में किसी बदलाव को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति मंजूरी देगी।

श्रीलंका के कुश्ती प्रबंधक टीम को छोड़कर भागे

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विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई श्रीलंकाई टीम को एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा। टीम के मैनेजर टीम को छोड़कर भाग खड़े हुए। दक्षिण एशियाई देश के कुश्ती महासंघ के प्रमुख सरथ हेविथाराना ने कहा कि श्रीलंका के कुश्ती प्रबंधक ने अपनी टीम का साथ छोड़ दिया और टूर्नामेंट के बाद नॉर्वे में गायब हो गए। उनका मानना है कि यह मैनेजर अवैध रूप से यूरोप में रहने की कोशिश कर रहा है।

हेविथाराना ने कहा कि डोनाल्ड इंद्रवांसा ओस्लो में टूर्नामेंट शुरू होने के तीन दिन बाद टीम होटल से गायब हो गए। शुक्रवार को श्रीलंकाई टीम तो वापस लौटी, लेकिन वह टीम के साथ नहीं थे। हमें संदेह है कि वह स्विट्जरलैंड में घुसने की कोशिश कर रहा होगा। एक श्रीलंकाई नागरिक ने इंद्रवांसा को बस का टिकट लेने की कोशिश करते देखा था।

हेवाविथराना ने कहा कि उन्होंने ओस्लो पुलिस और नॉर्वे के अन्य अधिकारियों को प्रबंधक के लापता होने के बारे में सूचित किया था। उन्होंने कहा- इंद्रवांसा के ओस्लो में रहने का कोई रास्ता नहीं है, क्योंकि हमने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। इसकी सबसे अधिक संभावना है कि वह किसी अन्य यूरोपीय देश में जाना चाहता है, शायद स्विट्जरलैंड।

 

श्रीलंका के कई एथलीट पहले भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से गायब होते रहे हैं। दक्षिण कोरिया में 2014 एशियाई खेलों के दौरान, दो श्रीलंकाई एथलीट गायब हो गए थे। वहीं, 2007 में भी एक ट्रिपल-जंप कोच इटली में गायब हो गए थे।

 

इससे पहले जर्मनी में 2004 के एक टूर्नामेंट में श्रीलंका की पूरी हैंडबॉल टीम गायब हो गई थी। उस समय श्रीलंका के पास हैंडबॉल टीम नहीं थी। 23 सदस्यीय टीम जर्मनी में ही कहीं लापता हो गए। 2008 में इस घटना पर एक फिल्म भी बनाई गई थी।

 

 

मोदी सरकार निजी क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष की दुनिया खोलेगी

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यह संघ विदेशी अंतरिक्ष एजेंसियों की तर्ज पर स्पेस के अभियानों को बढ़ावा देगा। यानी आईएसपीए इसरो के साथ अंतरिक्ष अभियानों और इससे जुड़ी नीतियों और तकनीक पर काम करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (11 अक्टूबर) को भारतीय अंतरिक्ष संघ (ISpA) की शुरुआत कर दी। अपने वर्चुअल लॉन्च इवेंट में पीएम ने कहा कि सरकार अब स्पेस सेक्टर की संचालक नहीं बनी रह सकती, बल्कि हम इस क्षेत्र के लिए संबल प्रदान करने वाली ताकत बन सकते हैं। पीएम ने कहा कि इसी कड़ी में सरकार की नीतियां अब प्राइवेट स्पेस सेक्टर में नवोन्मेष को बढ़ावा देंगी। इसरो की सुविधाएं अब प्राइवेट सेक्टर को भी मिलेंगी।

पुलिस हेडक्वाटर ने चुनाव में गड़बड़ी करने वालों की जानकारी मंगाई

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भोपाल: प्रदेश की 3 विधानसभा और एक लोकसभा की सीट पर हो रहे उपचुनाव में अपनी दबंगाई या बदमाशी के दम पर चुनाव को प्रभावित करने की आशंका वाले बदमाशों की जानकारी पुलिस मुख्यालय ने तलब की है। उपचुनाव वाले जिलों से इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने यह जानकारी मांगी है।

दरअसल जिला से ऐसे बदमाशों की जानकारी मांगी है जो पूर्व में भी चुनाव या मतदान के दौरान गुंडागर्दी दिखा चुके हैं।

उपचुनाव में कोई गड़बड़ी न हो इसे लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। पुलिस मुख्यालय ने जिन जिलों में उपचुनाव हो रहे हैं वहां के पुलिस अधीक्षकों से ऐसे लोगों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने पूर्व के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बदमाशी की हो और उनका पुराना पुलिस रिकॉर्ड भी हो। वहीं पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच भी ऐसे लोगों की जानकारी अपने संभाग के पुलिस अधीक्षकों के जरिए एकत्रित कर रही थी।

इन जिलों को भेजना है जानकारी

खंडवा, बुरहानपुर, खरगौन, देवास, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और सतना जिलों से यह जानकारी आना है। पुलिस मुख्यालय बुलाई गई जानकारी में उपचुनाव वाले क्षेत्रों में पूर्व के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी या बदमाशी करने की डिटेल्स भी भेजी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने ऐसे लोगों पर नजर रखने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को देगा। गड़बड़ी करने पर उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए जाएंगे।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतो का निराकरण ना करने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी निलंबित

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भोपाल: सीएम हेल्पलाईन में शिकायतों की भरमार, गुणवत्ताहीन निर्माण के कारण लोकायुक्त जांच के दायरे में आए और पीएम स्वनिधि योजना में 114 के लक्ष्य के विरुद्ध केवल तेरह प्रकरण स्वीकृत करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारी संतोष सिहारे को आयुक्त नगरीय प्रशासन निकुंज श्रीवास्तव ने शासकीय योजनाओं में रुचि नहीं लेने के चलते निलंबित कर दिया है।

नगर परिषद कैलारस में सीएम हेल्पलाईन की 77 शिकायतें लंबित है। उच्च न्यायालय खंडपीठ में यहां के कई प्रकरण लंबित है जिनमें जवाबदावा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के चलते सीएमओ कैलारस संतोष सिहारे की लोकायुक्त जांच भी शुरु हो गई है।

सिहारे ने पीएम स्वनिधि योजना में भी लक्ष्यपूर्ति नहीं की। राजस्व वसूली भी केवल अठारह प्रतिशत ही रही है। शासन की महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन मे भी रुचि नहीं लिए जाने से आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने में कठिनाई की शिकायतें मिल रही है। डे एनयूएलएम अंतर्गत स्व सहायता समूह का लिंकेज के अंतर्गत प्रगति शून्य है।

संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन ग्वालियर एवं चंबल संभाग ने सिहारे के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का प्रस्ताव दिया था। इसके आधार पर सिहारे को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में सिहारे का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन ग्वालियर रहेगा।

मंत्री कमल पटेल महिला पत्रकारों के सम्मान में रेम्प पर उतरे

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मप्र : वूमंस प्रेस क्लब मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित मीडिया फैशन शो 2021 में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए मंत्री कमल पटेल महिला पत्रकारों के सम्मान में रेम्प पर उतरे। मंत्री कमल पटेल दो महिला पत्रकारों के साथ लोगों का अभिवादन करते हुए रैम्प पर वॉक करते हुए आए। उन्होंने वॉक के बाद साथ आई महिला पत्रकारों के पैर छुए।

इंदौर के होटल शेरिटन में वूमंस प्रेस क्लब के भव्य और ऐतिहासिक मीडिया फैशन शो की सराहना करते हुए मंत्री कमल पटेल ने कहा कि वूमंस प्रेस क्लब का यह मीडिया फैशन शो ऐतिहासिक है जिसमें अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूँ कि वूमंस प्रेस क्लब मध्यप्रदेश पूरे देश की संस्कृति को प्रेजेंट करे जिसमे मालवा, निमाड़, राजस्थान और गुजरात की संस्कृति शामिल हो ।

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि हम महिलाओं के सम्मान की बात करते है लेकिन कदम से कदम मिलाकर चलने में परहेज करते है। आज महिला पत्रकारों का यह शो ऐतिहासिक है। शो में अपने देश की संस्कृति की झलक को देख मंत्री कमल पटेल महिलाओं के सम्मान में रेम्प वॉक पर उतरकर महिला पत्रकारों की हौसला अफजाई की। लेकिन बाद मे उनके नवरात्रि में देवियो का प्रतिक मान कर उनके पैर भी छुए।

कोयला संकट से ब्लैक आउट जैसी स्थिति

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नई दिल्ली: कोयले की सप्लाई में कमी (Coal Crisis) को लेकर कई राज्यों ने चिंता जताई। कहा कि अगर पावर प्लांट को कोयला नहीं भेजा गया तो कई शहरों में दो दिन में बिजली कटौती करना पड़ सकती है। पंजाब में भी बिजली कटौती की खबरें हैं। सरकार का कहना है कि आयातित कोयले (Import Coal) की कीमत बढ़ने से सप्लाई घटी है।

 

देश भर में कोयले की सप्लाई में कमी (Coal Crisis) के कारण ब्लैक आउट (Black Out) का खतरा बन गया है। जरूरत के मुताबिक पावर प्लांट को कोयला नहीं मिल रहा। कई राज्यों ने मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताई है। दिल्ली ने कहा कि अगर पावर प्लांट को पर्याप्त कोयला नहीं भेजा गया तो दो दिनों में बिजली कटौती हो सकती है। इस बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि आपूर्ति में जल्द सुधार होगा।

 

बिजली मंत्रालय ने कहा कि कोयले की आपूर्ति की कमी के पीछे कई वजहें है। सरकार के मुताबिक आयातित कोयले की कीमतों में बढ़ोत्तरी के चलते भी सप्लाई में कमी आई।

 

सरकार ने बयान जारी कर कुल चार वजह गिनाई हैं। ये हैं:

 

अर्थव्यवस्था में सुधार के चलते बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि, कोयला खदान क्षेत्रों में भारी बारिश, आयातित कोयले की कीमत में वृद्धि और महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बिजली कंपनियों पर भारी बकाया।

 

हालात पर सरकार की नज़र

 

सरकार ने कहा कि कोयला मंत्रालय के नेतृत्व में एक अंतर-मंत्रालयी उप-समूह सप्ताह में दो बार कोयला स्टॉक की स्थिति की निगरानी कर रहा है. मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड ने आश्वासन दिया है कि वे अगले तीन दिनों में बिजली क्षेत्र को 1.6 मिलियन टन प्रतिदिन भेजने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद प्रति दिन 1.7 मीट्रिक टन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।