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29 नवंबर से शुरू हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र, चुनाव से पहले सरकार के पास बड़ा मौका

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संसद का शीतकालीन सत्र अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। अगले साल उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव है। इसके मद्देनजर चुनाव से पहले सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र आयोजित होने की संभावना है।

संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के चौथे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है और इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकाल का सख्ती से पालन किया जाएगा। बताया गया कि सत्र क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाएगा और इस दौरान लगभग 20 दिन सत्र आयोजित होने की संभावना है।

अगले साल उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर भी शीतकालीन सत्र बेहद अहम है। सत्र 29 नवंबर से शुरू हो सकता है और 23 दिसंबर के आसपास समाप्त हो सकता है। शीतकालीन सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए काफी अहम है। इस वक्त विपक्ष के पास महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, खाद्य तेल की कीमतों में वृद्धि, कश्मीर में नागरिकों पर हालिया हमलों और किसान समूहों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन जैसे मुद्दे हैं, जिनके जरिए वो संसद में सरकार को घेरने की तैयारी करेगी तो दूसरी तरफ सरकार चुनाव से पहले इस सत्र में कुछ फैसले लेकर आम जनता को फौरी राहत दे सकती है।

मक्सी से दुष्कर्म का आरोपित बड़नगर विधायक का बेटा करण मोरवाल गिरफ्तार

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इंदौर। दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे बड़नगर के कांग्रेसी विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल को इंदौर की महिला थाना पुलिस ने मक्सी से गिरफ्तार कर लिया है। उसे महिला थाना पुलिस इंदौर लेकर पहुंची है। इंदौर पुलिस और महिला थाना पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। करण पर इंदौर के राजेन्द्र नगर में रहने वाली महिला नेत्री ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला थाना पुलिस ने करण को मक्सी बायपास पर पकड़ा। वह अपने दोस्त राहुल के साथ भागने की फिराक में था। पुलिस ने उनकी कार भी जब्त कर ली है। कुछ ही दिनों में प्रदेश में उपचुनाव होने हैं, ऐसे में हालांकि मोरवाल की गिरफ्तारी के टाइमिंग को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

करीब छह महीने से फरार चल रहा था करण मोरवाल और पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस दौरान पुलिस ने करण पर घोषित इनामी राशि को दो बार बढ़ दिया था। पुलिस ने पहले 10000 रुपये से बढ़ाकर इनामी राशि 15 हजार रुपये की थी। इसके बाद कुछ ही दिनों पहले इसे फिर से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी थी।कुछ ही दिन पहले प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि करण जल्द ही सरेंडर करें नहीं तो ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो दूसरे लोगों के लिए नजीर बनेगी।

इसी बीच पुलिस ने करण की तलाश में कई जगह दबिश दी थी। इंदौर पुलिस ने करण की संपत्ति भी राजसात की थी। पूछताछ के लिए उनके छोटे भाई को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद विधायक मुरली मोरवाल को थाने में आना पड़ा था। करण की अग्रीम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद से ही करण की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही थीं। मामले में राजनीति भी गर्मा गई थी। इस बीच पीड़िता पर भी केस वापस लेने का दबाव भी बना। कुछ आडियो भी वायरल हुए थे जिसमें महिला नेत्री और कांग्रेस के शीर्ष नेता की ओर से संदेश लाने वाले व्यक्ति के बीच की बातचीत भी थी।

सतना में निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने वाला दल ही रिश्वतखोरी में जुटा

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सतना। सतना में रैगांव विधानसभा को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए एसएसटी नाके बनाए गए हैं। एसएसटी नाकों में वाहनों की जांच के अलावा बाहर से आने वाले व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है लेकिन जांच के बहाने एसएसटी नाकों में वसूली का मामला भी सामने आया है।

एसएसटी नाके में रेत से लोड ट्रक के मालिक से एक हजार रुपये गूगल पे के जरिए लेने के मामले में प्रारंभिक जांच के उपरांत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कटेसरिया ने सहकारिता निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने तीन पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जांच भी शुरू कर दी है।

मांगी थी 15 हजार की रकम: एक हजार की वसूली खाम्हा खूझा में बनाए गए एसएसटी नाके में तैनात कर्मचारियों के द्वारा रविवार को बालू से लोड ट्रक को रुकवाया गया। ट्रक चालक से बालू परिवहन के दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज सही पाए जाने पर ओवर लोडिंग का हवाला देकर ट्रक को थाने मे खड़ा कराने की धमकी दी गई। चालक के द्वारा सूचना दिए जाने पर ट्रक मालिक एसएसटी नाका पहुंचा। एसएसटी नाका में तैनात सहकारिता निरीक्षक का परिचय एएसआइ के द्वारा खनिज अधिकारी के रूप में देकर 15 हजार रुपये की डिमांड की गई। ट्रक मालिक ने 15 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई, आखिरकार एक हजार रुपए की देने के लिए कहा गया। नकदी न देने का हवाला देकर ट्रक मालिक ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कहा तो एएसआई व एसएसटी नाके में तैनात कर्मचारियों के द्वारा नजदीक स्थित मेडिकल स्टोर में गूगल पे के जरिए एक हजार रुपये का पेमेंट कराया गया। एक हजार लेने के बाद ही बालू से लोड ट्रक को छोड़ा गया।

कलेक्टर ने गठित की थी जांच टीम: एसएसटी नाका में तैनात कर्मचारियों के द्वारा बालू से लोड ट्रक रोक कर गूगल पे के जरिए एक हजार रुपये वसूलने का मामला किसी ने इंटरनेट मीडिया में वायरल कर दिया। जिसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर अजय कटेसरिया इसे संज्ञान में लिया। उनके द्वारा एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम गठित की गई। जांच टीम ने पाया कि निर्वाचन कार्य में संलग्न एसएसटी टीम के द्वारा एक हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से लिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा शिकायत प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के कारण सहकारिता निरीक्षक आशीष शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जबकि पुलिस की भूमिका और कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को कहा गया।

एसपी ने सीएसपी को सौंपी जांच: खाम्हा खूझा स्थित एसएसटी नाका में ट्रक मालिक से गूगल पे के माध्यम से एक हजार रुपये का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के द्वारा एएसआई उमेश पांडेय (पुलिस लाइन), प्रधान आरक्षक मनोज सिंह (सिटी कोतवाली), आरक्षक ललन देव पांडेय (पुलिस लाइन) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान को सौंपी गई है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अवैध रेत खनन हो रहा है पूरे मध्य प्रदेश में , लोकायुक्त करें इसकी जांच : दिग्विजय सिंह

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भोपाल । राज्यसभा सदस्य व पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह मंगलवार दोपहर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रदेश में अवैध रेत खनन के मामले को लेकर लोकायुक्त से शिकायत की है। मीडिया से चर्चा में सिंह ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला बड़े पैमाने पर चल रहा है। अवैध रेत खनन में जिला कलेक्टर, खनिज अधिकारी और भाजपा के कई नेता शामिल हैं। दिग्विजय का आरोप है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की भी अवैध रेत खनन मामले को लेकर सहमति है। मध्य प्रदेश से निकाली जा रही रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। एक अन्य सवाल में उन्होंने कहा कि बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष को एक मामले में सजा हो चुकी है। ऐसे में यदि मैंने उन्हें गुंडा कहा तो क्या गलत कहा।

खसरे से पुजारियों का नाम हटाकर मन्दिर का नाम जोड़े

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उज्जैन: कलेक्टर आशीष सिंह ने जिले के सभी एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि शासकीय मन्दिरों से जुड़ी भूमि पर जहां भी पुजारियों के नाम दर्ज हैं, उनको हटाकर मन्दिरों का नाम दर्ज किया जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि खसरे में 12 नम्बर कॉलम से भी पुजारी का नाम हटाया जाये। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिये हैं कि मन्दिरों की जमीन का नामांतरण पुजारियों के नाम से कहीं भी नहीं किया जाये।

देशभर के IAS तेलंगाना से सीखेंगे E-Governance

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भोपाल: कोरोना महामारी के कारण बंद हुआ IAS अफसरों का ऑफलाईन प्रशिक्षण अगले माह से फिर शुरु होंने जा रहा है। देशभर के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के लिए इस बार 27 विषयों में शॉर्टटर्म ऑफलाइन फिजिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

तेलंगाना E-Governance के गुर बताएगा तो साइबर अपराधों से निपटने के लिए गुजरात अफसरों को तैयार करेगा। आंध्रप्रदेश शासन में मानवीय मूल्य और सार्वजनिक नीति के गुर सिखाएगा।

केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों, केन्द्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत काम कर रहे अधिकारियों और केन्द्रीय सचिवालय सेवा, केन्द्रीय सचिवालय आशुलिपिक सेवाके अधिकारियों को इस बार ऑफलाईन प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।

ऑनलाईन सेवाकालीन प्रशिक्षण तीन से पांच दिन का होगा और ऑफलाईन फिजिकल सेवाकालीन प्रशिक्षण एक सप्ताह के होंगे। जिन अफसरों ने चार वर्ष की सेवाएं पूरी कर ली है वे इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।

इसके लिए अधिकारियों को डीओपीटए के प्रशिक्षण विभाग को उनके लिए उपयोगी प्रशिक्षण लेने पहले से सहमति देना होगा।

सभी अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चुने जो उनके वर्तमान कामों के साथ साथ भविष्य में उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यो के लिए भी प्रासंगिक हो। ये प्रशिक्षण आठ नवंबर से शुरु हो रहे है और मार्च 22 तक चलेंगे।

व्यक्तिगत उत्कृष्टता के लिए क्षमता निर्माण और पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन सीखेंगे अफसर-वर्ष 21-2ं2 के दौरान जो सेवाकालीन ऑफलाईन प्रशिक्षपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे उनमें हैदराबाद का नालसर विधि विश्वविद्यालय वित्तीय नियमावली, मुद्दे और चुनौतियों का प्रशिक्षण देगा। तेलंगाना का डॉ एमसीआर मानव संसाधन विकास संस्थान अफसरों को ई-गवर्नेंस के गुर सिखाएगा।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने तृणमूल नेताओं को लगातार शामिल कर गलती की

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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनुपम हाजरा का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांगेस के नेताओं को पार्टी में लगातार प्रवेश देकर चूक की थी।

 

हाजरा ने कहा कि कई कलाकार भाजपा में शामिल हुए, लेकिन उन्हें पार्टी की विचारधारा की कोई जानकारी नहीं थी। सालभर पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं से सलाह लिए बिना उन्हें चुनावों में उतारा गया।

 

मीडिया में बात रखना गलत : समिक भट्टाचार्य

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी पराजय के कारणों का आकलन कर रही है लेकिन किसी पार्टी नेता को प्रेस में अपने विचार नहीं रखने चाहिए।उन्होंने कहा कि अनुपम ने कुछ बिंदु उठाए हैं और हम भी कारणों का पता लगा रहे हैं, लेकिन अगर वह तृणमूल कांग्रेस नेताओं को शामिल करने के मुद्दे को उठाते हैं तो वह खुद तृणमूल कांग्रेस से ही आए हैं।

 

असंतोष और बढ़ेगा : कुणाल घोष

उधर, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में हार के बाद आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है। अगले कुछ दिनों में यह और बढ़ने वाला है।

 

भाजपा में गए नेता अगले कुछ माहों में राकांपा में लौटेंगे, पाटिल का दावा

उधर, महाराष्ट्र के मंत्री व राज्य के राकांपा प्रमुख जयंत पाटिल ने रविवार को दावा किया है कि आने वाले माहों में कई नेता जो पहले भाजपा में चले गए थे, वे वापस लौटेंगे। ठाणे के दौरे के दौरान पाटिल ने पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। वह राकांपा के ‘जन संवाद’ कार्यक्रम में भाग लेने यहां आए थे।

भारत की पहले ही मैच में शर्मनाक हार

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नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में टीम इंडिया को सबसे बड़ी दुश्मन पाकिस्तान के खिलाफ 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. इस मैच में ना तो भारत का कोई गेंदबाज ही काम कर सका और ना विराट कोहली के अलावा कोई बल्लेबाज. इसी के साथ भारत के टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत बेहद ही खराब हुई. अब टीम इंडिया को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए अगले मैच में न्यूजीलैंड के हराना बहुत जरूरी है.

ओपनरों ने बिगाड़ी भारत की लय

पाकिस्तान के ओपनरों ने इस मैच में भारत के गेंदबाजों की लय बिगाड़ कर रख दी. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर भारत को एकतरफा अंदाज में मात दी. बाबर ने इस मैच में नाबाद 68 रन बनाए. वहीं उनके साथी रिजवान के बल्ले से ताबड़तोड़ 79 रन निकले. टीम इंडिया का कोई भी गेंदबाज इन दोनों बल्लेबाजों के सामने फीका ही दिखा.

गेंदबाजों का शर्मनाक प्रदर्शन

इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने बेहद शर्मनाक प्रदर्शन किया. भारत के किसी भी गेंदबाज ने एक भी विकेट नहीं लिया, इसके अलावा सभी गेंदबाजों ने जमकर रन पिटवाए. तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने 9 की औसत से रन लुटाए. वहीं रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती ने भी कुछ खास नहीं किया. इस खराब प्रदर्शन से एक बात तो तय है कि अगले मैच में बड़े-बड़े खिलाड़ियों का बाहर बैठना तय है.

बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन

भारतीय टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 152 रनों का टारगेट रखा है. इस मैच में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले ही ओवर में रोहित शर्मा आउट होकर वापस लौट गए. इतना ही नहीं इसके बाद केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव भी बिना कुछ खास करे आउट हो गए. लेकिन इसके बाद कप्तान कोहली और ऋषभ पंत ने भारत की पारी को आगे बढ़ाया. पंत ने इस मैच में 39 रनों की पारी खेली.

5-1 हुआ रिकॉर्ड

पाकिस्तान भारत को आजतक टी20 वर्ल्ड कप मैचों में नहीं हरा पाया था. लेकिन इस मैच में उन्होंने शानदार वापसी की और सभी रिकॉर्ड्स के ऊपर एक रोक लगा दी. ये 6 टी20 मैचों में पाकिस्तान की पहली जीत थी. अब दोनों टीमों के बीच का रिकॉर्ड 5-1 का हो गया है. वहीं वनडे मैचों में अभी भी भारत 7-0 से काफी आगे है. आजतक धोनी की कप्तानी में भारत कभी पाकिस्तान से नहीं हारा है, लेकिन कोहली की कप्तानी में ये रिकॉर्ड भी आज बन गया.

विधानसभा अध्यक्ष की यात्रा शुरू होने से पहले चोरी हो गई सायकल

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भोपाल: विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की आज से शुरू होने वाली यात्रा के पहले
ट्रेन से भोपाल से रीवा ले जाई जा रही सायकल किसी ने चलती ट्रेन से पार कर दी। अब इस मामले में रीवा से भोपाल तक हड़कम्प मचा है पर सायकल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

रीवा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पुरवा पड़रिया गांव से आज विधानसभा अध्यक्ष गौतम की सायकल यात्रा को हरी झंडी दिखाई है। देवतालाब से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम रविवार से अपने क्षेत्र में जन संपर्क के लिए सायकल यात्रा पर निकले हैं।

सात दिन तक चलने वाली इस यात्रा का समापन देवतालाब में 31 अक्टूबर को होगा और इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे। इसके पहले इस यात्रा में उस सायकल के चोरी होने के कारण हड़कंप मच गया जिसे विधानसभा अध्यक्ष चलाकर गांवों में पहुंचने वाले थे।

बताया गया कि अध्यक्ष ने दो सायकल इसके लिए खरीदकर रखीं थीं। इसमें एक रीवा में और दूसरी भोपाल में थी। भोपाल की सायकल को गांव की यात्रा के दौरान बैकअप के रूप में रखना था। इसी कारण कल जब विधानसभा अध्यक्ष रेवांचल एक्सप्रेस से रीवा के लिए रवाना हुए तो सायकल को भी ट्रेन से रीवा ले जाने के लिए लाया गया। इस बीच भोपाल से बीना के बीच ट्रेन से सायकल चोरी हो गई।

इसकी जानकारी मिलने पर बीना में विधानसभा अध्यक्ष गौतम ने रेलवे अधिकारियों से शिकायत भी की लेकिन घटना की रिपोर्ट अध्यक्ष की ओर से दर्ज नहीं कराई गई है। विधानसभा अध्यक्ष के निज सचिव अवधेश तिवारी ने ट्रेन से सायकल चोरी होने की घटना की पुष्टि की है।

दूसरी ओर रीवा जीआरपी के प्रभारी बृजेश सिंह का कहना है कि उन्हें भी सायकल चोरी होने की जानकारी दी गई है पर घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराए जाने से इसके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है।

भाजपा से कई वादे लेकर सचिन ने कांग्रेस छोड़ी

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मध्यप्रदेश के तीन विधानसभा और एक लोकसभा उपचुनाव से ठीक पहले भाजपा ने कांग्रेस को एक अनपेक्षित झटका दिया। बड़वाह विधानसभा से कांग्रेस के विधायक सचिन बिरला ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दुरंगा गमछा पहन लिया। कहा जाता है कि कांग्रेस ने उनसे खंडवा लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाने का वादा किया था। लेकिन, टिकट नहीं दिया, इस पर वे नाराज थे। उन्होंने बेड़िया की एक चुनावी सभा में शिवराज सिंह चौहान के सामने चुनावी सभा के मंच पर भाजपा का दामन थाम लिया। इसे बड़ा झटका इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि, 30 अक्टूबर को खंडवा लोकसभा के उपचुनाव के लिए उपचुनाव होना है। बड़वाह क्षेत्र गुर्जर बहुल माना जाता है और सचिन बिरला इसी समाज से आते हैं। एक दिन पहले तक सचिन बिरला कांग्रेस के मंच पर जीतू पटवारी के साथ चुनाव प्रचार करते नजर आए थे। निमाड़ क्षेत्र से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले सचिन दूसरे विधायक हैं। इससे पहले मांधाता के कांग्रेस विधायक नारायण पटेल भाजपा में शामिल हुए थे।

सचिन बिरला के बारे में भले ही कहा जा रहा हो कि वे अचानक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए, पर सच्चाई यह है कि इस दलबदल की पटकथा काफी पहले लिखी जा चुकी थी। वे कांग्रेस से खंडवा लोकसभा उपचुनाव का टिकट मांग रहे थे, पर पार्टी ने वादा करके भी उन्हें टिकट नहीं दिया और राजनारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया गया। भाजपा ने उनकी इस नाराजी को भुनाने के साथ उनके क्षेत्र की कुछ मांगों को भी न सिर्फ मान लिया, बल्कि खबर है कि स्वीकृत भी किया है। चुनाव आचार संहिता के कारण अभी उनकी घोषणा नहीं की गई! पर, बताते हैं कि सचिन बिरला ने भाजपा में शामिल होने से पहले वो वादे जरूर पूरे करवा लिए, जो उपचुनाव में उनकी जीत में मददगार बन सकते हैं।

सचिन बिरला ने बड़वाह को जिला बनाने की मांग की है, जिसे सिद्धांततः मान लिया गया। इसके अलावा काटकूट क्षेत्र में पानी देने की एक बड़ी योजना लम्बे समय से लंबित है, उससे करीब 55 गांव प्रभावित होंगे। कांग्रेस के शासनकाल में भी सचिन बिरला ने उसे स्वीकृत करवाने की कोशिश की थी, पर सफल नहीं हुए! बताते हैं कि इस योजना को स्वीकृत करने का वादा किया गया। इस योजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। बेड़िया मिर्च मंडी के लिए भी सचिन बिरला ने 65 एकड़ जमीन मांगी है। इसके अलावा बड़वाह को नगर पालिका बनाए जाने का भी वादा लिया गया है। उनके नजदीकी सूत्र बताते हैं कि ये सभी योजनाएं उन्होंने पहले स्वीकृत करवाई, इसके बाद ही वो भाजपा के पाले में गए हैं। उनके पार्टी छोड़ने के बाद खाली होने वाली विधानसभा सीट पर भाजपा से टिकट दिए जाने का वादा तो पूरा होना ही है। भाजपा से उन्होंने ये वादे लिए हैं, इस बात का पता इससे भी लगता है कि उन्होंने भाजपा में आने के बाद उसी मंच से बेड़िया मंडी को एशिया की सबसे शानदार मंडी बनाने की बात कही। उनका कहना था कि वे बेड़िया की मिर्च को दुनिया में स्थापित कराएंगे।

ये भी बताया गया कि कांग्रेस का विधायक होते हुए, सचिन बिरला की ज्यादा पूछ परख नहीं थी। यहाँ तक कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भी उनको गंभीरता से नहीं लिया जाता था। तब भी उनके कोई काम नहीं होते थे। यहाँ तक कि लोकल अफसर भी उनको तवज्जो नहीं देते थे। सचिन बिरला की नाराजी तभी से थी, पर वे खामोश रहे। जब खंडवा उपचुनाव में उन्हें वादे के बाद भी टिकट नहीं दिया, तो उनकी नाराजी चरम पर आ गई! सचिन के दलबदल से भाजपा को सबसे बड़ा फ़ायदा गुर्जर वोटों का होगा। बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में गुर्जर मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है, जो कांग्रेस से छिटक सकती है। इसका सीधा फ़ायदा खंडवा उपचुनाव में भाजपा को मिलेगा। 2018 के विधानसभा चुनाव में सचिन बिरला 30,508 वोटों से चुनाव जीते थे, जो एक बड़ा अंतर है। उन्होंने भाजपा के तीन बार के विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी को मात दी थी।

बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में सचिन के प्रभाव को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। 2013 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया था, तब वे निर्दलीय चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें उस चुनाव में 61970 वोट मत मिले थे। कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र गुर्जर की जमानत तक जब्त हो गई थी, उन्हें सिर्फ 14323 वोट मिले और तीसरे स्थान पर रहे। बताया जा रहा है कि इसमें कृषि मंत्री कमल पटेल की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे कहीं न कहीं सचिन बिरला को भाजपा में लाने के लिए राजी करने में सफल रहे। आज वे भी बेड़िया के उस मंच पर मौजूद थे, जिस पर मुख्यमंत्री ने सचिन को भाजपा में प्रवेश दिलाया। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बिरला को भाजपा में लाने में मांधाता के विधायक नारायण पटेल की भी अहम भूमिका रही। वे भी कांग्रेस छोड़कर आए हैं और गुर्जर समाज से ही आते हैं। सचिन के भाजपा में आने से बड़वाह से तीन बार के विधायक रहे हितेंद्रसिंह सोलंकी की राजनीति सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। लेकिन, बताते हैं कि भाजपा के बड़े नेताओं ने उनको मना लिया है। उपचुनाव के बाद उनका कहीं पुनर्वास किया जा सकता है।

कांग्रेस में असमंजस

कांग्रेस विधायक के पाला बदलने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करके कहा कि चुनावों में नकार दिया था, घर बैठा दिया था। अब प्रदेश में हो रहे चार उपचुनावों में भी BJP ने जनता का मूड देख लिया है। BJP को संभावित परिणामों का अंदेशा हो चला है। उनका जनाधार खत्म हो चुका है। जनता अब उनको एक पल भी सत्ता में देखना नहीं चाहती है, तो अब अपनी सरकार और खोए जनाधार को बचाने के लिए BJP एक बार फिर सौदेबाजी कर प्रदेश की राजनीति को कलंकित करने का काम कर रही है।

उन्होंने पूछा है कि शिवराज जी अपनी कुर्सी बचाने के लिए आप कितनी भी सौदेबाजी की राजनीति कर लो! लेकिन, आपकी यह कुर्सी नहीं बचने वाली है। क्योंकि, जनता आपको नकार चुकी है। आपकी इस सौदेबाजी की राजनीति को इन चुनावों में वह मुंहतोड़ जवाब देगी। जबकि, कांग्रेस विधायक सचिन बिरला के BJP भाजपा में शामिल होने पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा ‘बिकाऊ माल बिकेगा और टिकाऊ माल टिकेगा।’