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सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर पाठ्यक्रम में जुड़ेगा AI, कृषि, वीर विक्रमादित्य

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सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर पाठ्यक्रम में जुड़ेगा AI, कृषि, वीर विक्रमादित्य
मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा में आने वाले समय में बड़े बदलाव होने वाले हैं इस बात के संकेत आज स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों से मालूम चल रहा है, सीएम ने आज गुरुवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की और उसकी प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि मध्य प्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये जरूरी है कि हमारा विद्यार्थी को भी स्कूली शिक्षा से गुणवत्तापूर्ण और रोजगारमूलक शिक्षा मिले, उसे बेहतर सुविधाएँ मिलें, आधुनिक शिक्षा संसाधनों के साथ वो आगे बढ़े, उसे ये सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।

स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा आने वाला समय प्रतिस्पर्धा और क्वालिटी का है इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को अभी से उसके लिए तैयार करें, उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा के लिए स्कूलों में कृषि, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, एआई एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाये इसके अलावा विरासत हमारी संस्कृति को जानने के लिए सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं तथा गुरु सांदीपनि के जीवन पर पुस्तकें तैयार करें।

सरकारी स्कूलों में एडमिशन में वृद्धि पर जताई ख़ुशी
डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय स्कूलों की नामांकन दर बढ़ी है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वहीं, कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीते अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों का शाला प्रवेश किया गया है।

शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षक होंगे सम्मानित
परीक्षा परिणाम पर ख़ुशी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में 26 स्कूल ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं, उन्होंने निर्देश दिए कि 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक परीक्षा परिणाम देने वाली सभी शालाओं के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पूर्व पूर्ण की जाए। हाई स्कूल में विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण के लिए कार्य योजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें नागरिकों को विकास का पूरा लाभ दिलवाने में सहयोगी हैं। इनसे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और इंदौर-उज्जैन की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई वे फोर लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे फोर लेन बन जाने से यह सम्पूर्ण क्षेत्र विकास के नए आयामों को स्पर्श करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ : 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अमूल्य जिंदगियां बचाने के प्रयास सराहनीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण, नवाचारों के उपयोग और विभिन्न विधियों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में मिली सफलता सराहनीय है। लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसान कल्याण वर्ष में गांव से शहरों तक सब्जियां और फल लेकर आने वाले कृषकों को हेलमेट वितरण के कार्य में भी शामिल हो जिससे सड़कों पर दो पहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रदेश में मूल्यवान जिंदगियां बचाने के लिए लोक निर्माण और अन्य विभाग मिलकर कार्य करें। दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिन्हित कर निकट ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी संचालित किए जाएं। यह कार्य विभागीय समन्वय से किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉटस चिन्हित हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से लोक निर्माण विभाग ने निरंतर कार्य किया है। ब्लैक स्पॉटस का समाधान करते हुए रोड सेफ्टी के अंतर्गत स्कूल जोन में वाहनों की गति सीमित करने, विशेष चेतावनी संकेत लगाने, वाहनों की आवाजाही को स्पष्ट दिशा संकेतक देने, लेन अनुशासन मार्किंग, रोड मार्किंग जैसे उपाय किए गए।

निर्माण कार्यों की मंजूरी में भी नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया में किए गए नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कार्य स्वीकृति से पूर्व संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, यातायात घनत्व, भविष्य की मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के स्थल विश्लेषण, पीएम गति शक्ति पोर्टल से मार्ग अलाइनमेंट, मल्टी- मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और इंटर कनेक्टिविटी का परीक्षण, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने और नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। पुल- पुलियों के सुधार, बसाहट की जगहों पर वीसी मार्ग के निर्माण और कार्यपालन यंत्री द्वारा स्थल निरीक्षण को भी अनिवार्य किया गया है।

रिंग रोड्स के निर्माण के कार्यों में तेजी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के बड़े नगरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल पश्चिमी बायपास जिसकी लंबाई 35.6 किमी है आगामी ढाई वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश के अन्य मध्यम छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नये रिंग रोड के निर्माण की पहल की गई है। नगर निगम और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है।

रेल्वे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर
रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। भारत सरकार की पहल के अंतर्गत असुरक्षित रेल्वे क्रांसिंग को समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ समय की बचत करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर 105 आरओबी बनाए गए हैं। सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जबलपुर में यह कार्य पूरा हो चुका है। ग्वालियर और भोपाल में तीन चौथाई कार्य पूर्ण हो चुका है। इंदौर और उज्जैन में कॉरिडोर के कार्य प्रारंभ हुए हैं।

प्रगति पथ प्रदेश की तीव्र प्रगति में होंगे सहायक
प्रदेश में छह प्रगति पथ निर्माणाधीन हैं। इनमें नर्मदा प्रगति पथ और मालवा-निमाड़ विकास पथ के कार्य क्रमश: 68 और 92 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। मध्यभारत विकास पथ का कार्य 61 प्रतिशत, बुंदेलखण्ड विकास पथ का कार्य 33 प्रतिशत पूर्ण हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए आवश्यक प्रकिया प्रचलन में है।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केपेसिटी बिल्डिंग सहित विभिन्न एप का प्रयोग और नए मार्गों के लिए कृषक पथ, आस्था पथ, विकास पथ जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यों की प्रगति से अवगत करवाया। विशेष रूप से इंदौर- उज्जैन स्टेट हाईवे 59 के 6लेन बनने और उज्जैन- जावरा हाईवे 4 लेन और इंदौर-उज्जैन हाइवे फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, स्टेट हाइवे 67 के नर्मदापुरम- टिमरनी खंड और सिवनी मालवा बायपास टू लेन, सागर- दमोह फोर लेन और बड़वाह- धामनोद फोर लेन सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढावा मिल सकेगा।

समिति में मंत्री औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वाणिज्यिक कर, वित्त, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, खनिज साधन, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय उर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, विमानन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन विभाग और सीईओ, राज्य नीति आयोग, क्षेत्रीय प्रमुख-भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय अधिकारी-नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, वरिष्ठ प्रबंधक-भारतीय कन्टेनर निगम, सीजीएम-नाबार्ड, शाखा प्रबंधक-ईसीजीसी, एक्जीम बैंक, क्षेत्रीय प्रमुख-एपिडा, आयुक्त-एफएसएसएआई, सीईओ-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आधिकारिक-सदस्य होंगे।

सीईओ-अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, संचालक-आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी को संस्था के पदेन सदस्य और राज्य प्रमुख-सीआईआई, फिक्की, फिओ, डिक्की, लघु उद्योग भारती एवं अन्य राज्य स्तरीय व्यापार समिति तथा संघ को शीर्ष चेम्बर्स से पदेन सदस्य मनोनीत किया गया है। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन, भोपाल को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।

अध्यक्ष की अनमुति से मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जा सकेगा। जिला स्तरीय समिति (डी.एल.सी) के गठन एवं कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य सचिव द्वारा प्रस्तावित कर समन्वय में अनुमोदन के बाद किया जायेगा। बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में 4 बार अर्थात् 3 माह में एक बार आयोजित की जाएगी।

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हुआ BRICS

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आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हुआ BRICS
दिल्ली में आयोजित 11वीं वार्षिक BRICS काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) बैठक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त और एकजुट वैश्विक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने बैठक को संबोधित करते हुए सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की गंभीर चिंताओं को प्रमुखता से उठाया।

सीमा पार आतंकवाद पर दुनिया को चेतावनी
अपने संबोधन में सिबी जॉर्ज ने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती है। उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद के हर स्वरूप और उसके नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की अपील की। भारत ने साफ कहा कि जो देश आतंकवादियों को शरण, समर्थन और संरक्षण देते हैं, उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद को लेकर वैश्विक मंचों पर आवाज उठा रहा है।

नई तकनीक और फंडिंग बने बड़ी चुनौती
बैठक में आतंकवाद के बदलते स्वरूप पर भी चिंता जताई गई। भारत ने कहा कि आतंकवादी संगठन अब नई और उभरती तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि फंडिंग के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। कट्टरपंथ और ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन को बड़ी चुनौती बताते हुए भारत ने मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही ‘जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट टेररिज्म’ को वैश्विक नीति का आधार बनाने की अपील की गई।

वैश्विक आतंकवाद विरोधी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
भारत ने BRICS देशों से मौजूदा वैश्विक आतंकवाद विरोधी ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय, व्यापक और लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। सिबी जॉर्ज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी। उन्होंने BRICS काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप को भविष्य के खतरों के लिए अधिक मजबूत, इनोवेटिव, समावेशी और परिणाम-उन्मुख बनाने की जरूरत पर बल दिया।

आतंकमुक्त दुनिया के लिए भारत का प्रण
बैठक के अंत में भारत ने BRICS सदस्य देशों के साथ आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने कहा कि सुरक्षित और आतंकमुक्त दुनिया के निर्माण के लिए साझा रणनीति और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है। नई दिल्ली में हुई यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, साइबर कट्टरपंथ और आतंकी नेटवर्क को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

महाकाल के दर पे पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम

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महाकाल के दर पे पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम
भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और सभी खिलाड़ी भस्म आरती में भी शामिल हुईं। भारतीय टीम की कई खिलाड़ी अपने परिवार संग आशीर्वाद लेने पहुंचीं। सभी खिलाड़ियों ने पूजा-अर्चना करते हुए टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने की मनोकामना मांगी। 12 जून से टी20 विश्व कप की शुरुआत इंग्लैंड की मेजबानी में होगी। भारत ने अभी तक इस टूर्नामेंट को नहीं जीता है।

भारतीय टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने आईएएनएस के साथ बात करते हुए बताया कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें काफी शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि वह पिछले महीने भी यहां आई थीं और भस्म आरती के दौरान बाबा के दर्शन करके उन्हें काफी सुकून मिलता है। यास्तिका ने बताया कि सभी खिलाड़ी विश्व कप से पहले भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेना चाहती थीं, ताकि टीम के लिए टूर्नामेंट शानदार गुजरे। गौरतलब है कि वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद भी भारतीय टीम ने महाकाल के दर्शन किए थे।

भारतीय टीम का पहला मैच पाकिस्तान से
भारतीय टीम टूर्नामेंट में अपने अभियान का आगाज 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम की अगली भिड़ंत 17 जून को नीदरलैंड से होगी। वहीं, 21 जून को ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर टीम इंडिया का सामना मजबूत साउथ अफ्रीका से होगा। भारत और बांग्लादेश के बीच 25 जून को रोमांचक मुकाबला खेला जाएगा, जबकि ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम 28 जून को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी।

पहले ही दिन ‘दृश्यम 3’ की हुई चांदी

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पहले ही दिन ‘दृश्यम 3’ की हुई चांदी
दृश्यम मलयालम फिल्म की सुपरहिट फ्रेंचाइजी है, जिसकी हिंदी रीमेक में अजय देवगन ने धमाल मचाया था। इस फ्रेंचाइजी की दो फिल्में आ चुकी हैं और अब मोहनलाल तीसरी फिल्म लेकर आए हैं, जो फाइनल भी है। मलयालम फिल्म दृश्यम 3 (Drishyam 3) आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और फिल्म का क्रेज शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट से ही पता चल गया है।

मोहनलाल की दृश्यम और दृश्यम 2… दोनों ही सुपरहिट रही थीं। 21 मई को सिनेमाघरों में लंबे इंतजार के बाद दृश्यम 3 आई जिसे दर्शकों से पॉजिटिव रिव्यू मिल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा सबूत फिल्म का कारोबार भी है। पहले ही दिन सस्पेंस थ्रिलर ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है।

दृश्यम 3 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
एडवांस कलेक्शन में ही मालूम पड़ गया था कि दृश्यम 3 धांसू कमाल करेगी। अब फिल्म का शुरुआती आंकड़ा भी सामने आ गया है। सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड के मुताबिक, पहले दिन मोहनलाल की मलयालम फिल्म दृश्यम 3 ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 9.85 करोड़ रुपये का अनुमानित बिजनेस कर लिया है। फिल्म को साउथ में 5185 शोज मिले हैं। फिल्म का ये आंकड़ा और बढ़ भी सकता है।

ग्राम कुशहा की चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

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ग्राम कुशहा की चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के ग्राम कुशहा में आकस्मिक प्रवास के दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। आम और पीपल के पेड़ों की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थानीय फल तेंदू, सतालू, चार और लीची का स्वाद लिया तथा ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों से बिजली, पानी, शिक्षा, राशन, आवास और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में सुशासन तिहार के अंतर्गत क्लस्टरवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां अधिकारियों द्वारा समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनका निराकरण एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

ग्रामीणों ने पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए तथा जल्द ही मोबाइल टॉवर स्थापना की दिशा में पहल करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर एवं स्टाफ की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना तथा राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी भी ग्रामीणों से प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें समय पर राशन और तेंदूपत्ता बिक्री का पारिश्रमिक मिल रहा है।

चौपाल में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क एवं पुलिया निर्माण तथा गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर विधायक भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा

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अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कानूनी लड़ाई अब और तेज हो गई है। गुरुवार को मामले में दोनों पक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गए। एक ओर ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत की मांग की है। वहीं ट्विशा के परिवार ने उनकी सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है।

ट्विशा के परिवार ने जमानत पर उठाए सवाल
गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। ट्विशा के परिवार की ओर से पेश वकील अंकुर पांडे ने कहा कि वे गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत का विरोध करेंगे। उनका आरोप है कि निचली अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 की धारा 118 के प्रावधानों को नजरअंदाज किया है।

इस धारा के तहत यदि किसी महिला की शादी के सात साल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है और यह साबित होता है कि मृत्यु से पहले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था, तो अदालत आरोपी के खिलाफ दहेज हत्या का अनुमान लगा सकती है।

समर्थ सिंह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई संभव
जानकारी के मुताबिक, समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है, जबकि ट्विशा के परिवार की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह को राहत दे दी गई थी।

एफआईआर के बाद से फरार है समर्थ सिंह
समर्थ सिंह एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने और उनके परिवार ने जांच में पूरा सहयोग किया है और हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि मामले से जुड़ी पर्याप्त सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता की ओर से जमा की गई WhatsApp चैट “संपादित और अधूरी” हैं, इसलिए उन्हें विश्वसनीय साक्ष्य नहीं माना जा सकता।

12 मई को ससुराल में मिली थी ट्विशा की लाश
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं।

पुलिस ने समर्थ सिंह और उनकी मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) समेत दहेज निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।