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चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री

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चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा देश के प्रतिष्ठित नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों ने शासन, विकास और जनसेवा के विभिन्न आयामों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर अब केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि शासन व्यवस्था में ठोस सुधारों का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील प्रशासन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव विकसित छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे तथा इन्हें शीघ्र ही नीतिगत एवं प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।

दूसरे दिन आयोजित ‘सतत समृद्धि के इंजन के रूप में पर्यटन’ विषयक सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पर्यटन नीति विशेषज्ञ सुमन बिल्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, जनजातीय और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी हाई-वैल्यू, लो-इम्पैक्ट पर्यटन गंतव्य बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना, सामुदायिक भागीदारी, निवेश, उत्तरदायी पर्यटन और सुशासन आधारित पर्यटन मॉडल पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है। राज्य की औद्योगिक नीति भी पर्यटन निवेश को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

‘सबका प्रयास के माध्यम से विकासपरक राजनीति’ विषय पर लोकसभा सदस्य शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिला ही विकास का वास्तविक केंद्र (District is the Fulcrum of Growth) होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जिले के लिए विकासोन्मुख योजना, स्थानीय आर्थिक क्षमता के अनुरूप विकास रणनीति तथा जिला-स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (District GDP) आधारित नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ‘अमृत प्रयास’, ‘बनयान रिवोल्यूशन’ और सहभागी शासन की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिला-केंद्रित विकास मॉडल उद्यमिता, रोजगार, कृषि परिवर्तन, स्थानीय नवाचार और जन-क्षमता के विकास को नई गति देगा तथा विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा।

समापन सत्र में डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन, प्रभावी नीति-क्रियान्वयन, नेतृत्व विकास तथा लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो चिंतन शिविरों में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था स्थापित हुई है, वहीं सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिक सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यही इस चिंतन प्रक्रिया की सबसे बड़ी सफलता है कि विचार अब धरातल पर परिणाम के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय शिविर में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियां, पर्यटन, कृषि समृद्धि तथा विकासपरक राजनीति जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, जनसेवा तथा नैतिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संवेदनशील और मूल्य-आधारित नेतृत्व ही प्रभावी एवं जनोन्मुखी सुशासन की आधारशिला है।

‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़’ विषय पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल समावेशन, नवाचार, रोजगार सृजन और सेवा वितरण में छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों का भी उल्लेख किया।

‘कृषि से समृद्धि’ विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार संपर्क पर आधारित कृषि मॉडल प्रस्तुत किए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।

चिंतन शिविर में मंत्रिगणों ने समूह आधारित विचार-मंथन के माध्यम से विभिन्न सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर विकसित छत्तीसगढ़ की संभावना को मूर्त रूप देने हेतु विचार किया।

दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 ने सुशासन, नेतृत्व विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, कृषि, पर्यटन तथा विकासपरक राजनीति जैसे विविध विषयों पर राज्य सरकार के दीर्घकालिक विज़न को नई दिशा प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुभव, मंत्रिपरिषद के मंथन और प्रशासनिक नेतृत्व के सामूहिक विचारों से प्राप्त सुझाव आने वाले समय में राज्य की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यक्रमों का आधार बनेंगे। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में यह चिंतन शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र, पंचक्की से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की के अनंत स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह समूह वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र से जुड़ा है।

अनंत स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं सामूहिक रूप से च्यवनप्राश सहित विभिन्न औषधीय उत्पादों का निर्माण करती हैं। समूह द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग सहित अन्य संस्थानों एवं उपभोक्ताओं को की जाती है। वर्ष 2024-25 के दौरान समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय कर महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में श्सहकार से समृद्धिश् के लक्ष्य को नई गति दी है। राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूती प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक प्रदेश में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए अब तक 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका हैं।

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि

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पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर पहुंचकर पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना और विलक्षण प्रतिभा से उन्होंने पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई तथा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

यूपी के 865 होनहारों को योगी सरकार देगी फ्री हॉस्टल, किताबें और टॉप क्लास कोचिंग

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यूपी के 865 होनहारों को योगी सरकार देगी फ्री हॉस्टल, किताबें और टॉप क्लास कोचिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के गरीब व होनहार युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में भेजने के लिए एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना’ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए अब राज्य के प्रतिभावान छात्रों को देश और प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC और UPPSC) की तैयारी पूरी तरह निशुल्क कराई जाएगी।

5 जुलाई को 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी आजमाएंगे भाग्य
इस योजना के अंतर्गत दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगामी 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी मंडलों में प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कुल 10,175 छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद पारदर्शी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों की छंटनी होगी। चयनित छात्र-छात्राओं के लिए नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ हो जाएंगी और यह विशेष शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा।

7 हाई-टेक सेंटर और 865 सीटें: रहना, खाना और किताबें सब मुफ्त
प्रदेश भर में स्थापित सात अत्याधुनिक आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित अभ्यर्थियों को मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। सरकार ने इसमें एक विशेष व्यवस्था भी की है, जिसके तहत 25 प्रतिशत सीटें उन छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं जो लेटरल एंट्री के माध्यम से प्री परीक्षा (Preliminary Exam) पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं। चयनित युवाओं को हॉस्टल में रहने, पौष्टिक भोजन, बेहतरीन पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और देश के अनुभवी शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन जैसी सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री का विजन: आर्थिक तंगी से नहीं होगा समझौतो का दौर
यह योजना महज एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बड़ा विजन है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों का अभाव किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के भविष्य और उसके बड़े सपनों के आड़े नहीं आना चाहिए। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार इन होनहारों की पढ़ाई का पूरा खर्च खुद उठा रही है।

निजी कोचिंग के लाखों के खर्च से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान दौर में जहां निजी संस्थानों में आईएएस-पीसीएस की तैयारी के नाम पर लाखों रुपये की फीस वसूली जाती है, वहीं गरीब परिवारों के बच्चों के लिए यह खर्च उठा पाना नामुमकिन होता है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार, योगी सरकार की इस पहल से वंचित और शोषित वर्ग के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही दिशा मिलने से अब ये युवा भी ब्यूरोक्रेसी (प्रशासनिक सेवाओं) में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराएंगे, जिससे आने वाले समय में समाज में एक बेहद सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

CM योगी 10 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों को आठ जुलाई को व्यापक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा देंगे

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CM योगी 10 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों को आठ जुलाई को व्यापक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा देंगे
प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 10 लाख शिक्षक और कर्मचारियों को अब व्यापक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आठ जुलाई को वाराणसी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एमओयू होगा।

इसके तहत करीब 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा, मध्याह्न भोजन योजना व अन्य कार्मिक एसबीआई के विशेष सैलरी पैकेज से जुड़ेंगे।

स्थायी कार्मिकों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, एक करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता कवर और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट बीमा मिलेगा।

साथ ही बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा कवर रहेगा। 10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कार्मिकों को 30 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्थायी दिव्यांगता पर 30 लाख रुपये, आंशिक दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये व एयर एक्सीडेंट पर 30 लाख रुपये का कवर मिलेगा।

10 हजार रुपये से कम वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेंस खाते और रुपे डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख का बीमा मिलेगा। एसबीआई में पहले से वेतन खाता रखने वालों को सैलरी पैकेज का लाभ मिलेगा, जबकि अन्य कर्मचारियों को एसबीआई में वेतन खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी

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प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ्ते सोमवार (9 जुलाई, 2026) को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रवाना होने से पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं.

दरअसल, यह धमकी प्रधानमंत्री मोदी के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में आयोजित होने वाले ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ प्रोग्राम के प्रचार के लिए किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर दी गई है. मेलबर्न में भारत के पीएम को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के फेडरल पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की जांच में जुट गई है.

फेसबुक पोस्ट के कमेंट बॉक्स में दी गई धमकी
द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न पहुंचने के बाद 9 जुलाई को स्थानीय मार्वल स्टेडियम में ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ के नाम से एक कम्युनिटी प्रोग्राम का आयोजन किया जाने वाला है. जिसके प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट शेयर किए गए हैं. इसी दौरान फेसबुक प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए पोस्ट के कमेंट बॉक्स में एक ऐसा कमेंट सामने आया, जिसने दोनों देशों के सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए.

रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के कमेंट बॉक्स में अबू मुस्तफा के नाम से एक टिप्पणी की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर मारने की धमकी दी गई. कमेंट में लिखा था, ‘कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम की छत को बंद कर देना चाहिए, नहीं तो वो ऑस्ट्रेलिया में अपनी मौत के लिए आएगा.’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ कपूर ने की भेंट

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ कपूर ने की भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीईओ सुजलॉन ग्रुप कपूर ने प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजना के विस्तार तथा हाइब्रिड क्षमता में वृद्धि संबंधी चर्चा की।

भारत-इजरायल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता लागू

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भारत-इजरायल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता लागू
भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता (बीआइए) शनिवार से लागू हो गया। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश वातावरण सुनिश्चित करेगा।

साथ ही सीमा पार निवेश गतिविधियों में वृद्धि होगी। दोनों देशों ने इस समझौते पर पिछले वर्ष आठ सितंबर को हस्ताक्षर किए थे।
भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौता

मंत्रालय ने बताया कि समझौते के तहत भारत ने इजरायली निवेशकों के लिए स्थानीय उपायों की समाप्ति अवधि को तीन वर्षों तक सीमित कर दिया है।

स्थानीय उपायों का मतलब है कि निवेशकों को पहले मेजबान देश की कानूनी प्रणाली का उपयोग करके अपने विवादों को हल करने का प्रयास करना होगा। इसके बाद ही वे वे मामले को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में ले जा सकेंगे।

सामान्य तौर पर भारत के लिए यह अवधि पांच वर्ष होती है। भारत-इजरायल बीआइए में पोर्टफोलियो निवेश भी शामिल है, जो पिछले ऐसे समझौतों से बिलकुल अलग है।

इजरायल पहला आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) सदस्य है, जिसके साथ भारत ने यह समझौता किया है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच भारत को इजरायल से 37.13 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) मिला है।

आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (जीटीआरआइ) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि इजरायल के साथ ताजा समझौते में पोर्टफोलियो निवेश को शामिल करने से पारंपरिक एफडीआइ अलग कुछ वित्तीय निवेशों को बढ़ा सकता है।

पोर्टफोलियो निवेश में शेयर, स्टाक व अन्य इक्विटी होल्डिंग, योग्य बांड, डेट और अन्य कारपोरेट ऋण शामिल हैं।
एफटीए पर भी वार्ता कर रहे दोनों देश

इस समझौते का लागू होने इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि दोनों देश एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण एफटीए वार्ता की गति धीमी है।

पूरे हफ्ते करें कपूर के 3 उपाय, बनी रहेगी घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति

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पूरे हफ्ते करें कपूर के 3 उपाय, बनी रहेगी घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति
हिंदू धर्म में घर की तुलना स्वर्ग से की जाती है। ऐसे में हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति बनी रहे, लोगों के बीच आपसी प्रेम हो और कभी दरिद्रता उनके द्वार न आए। लेकिन कई बार न चाहते हुए भी घर में बुरी ऊर्जा का साया मंडराने लगता है और सब काम बिगड़ने लगते हैं। वास्तु शास्त्र में कपूर के कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिनको पूरे सप्ताह कर लिया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा वास करने लग जाती है।
मंगलवार और शनिवार करें यह काम

वास्तु शास्त्र में कपूर के अनेक फायदे बताए गए हैं। इसकी सुगंध बहुत शक्तिशाली होती है। इसमें यदि लौंग मिलाकर इसे जलाया जाए, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। यह कार्य आपको मंगलवार और शनिवार के दिन ही करना चाहिए क्योंकि यह दोनों दिन प्रबंधन और नियंत्रण के होते हैं। इस उपाय से किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को इस दिन नियंत्रित किया जा सकता है।

रविवार और सोमवार को करें यह काम
घर में शाम के वक्‍त कपूर और दालचीनी जलाएं । इसे आग्नेय कोण में रखें। ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा इस स्थान पर होती है। इन्हें जलाने पर निकलने वाली सुगंध घर में मौजूद हवा को शुद्ध करती है। धन लाभ और समृद्धि के लिए यह बहुत ही अच्‍छा उपाय है। किसी मिट्टी या पीतल के बर्तन में ही इसे जलाएं। रविवार और सोमवार को यह उपाय इसलिए करने चाहिए, क्योंकि यह दिन सूर्य देव और भगवान शिव के होते हैं और दोनों ही देवता धन-धान्य की वृद्धि, तरक्की और समृद्धि देने वाले होते हैं।

गुरुवार और शुक्रवार को करें यह काम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की पूर्व दिशा में अगर आप कपूर और तेजपत्ता जलाते हैं, तो परिवार में प्रेम बना रहता है। इसकी सुगंध गुरु, शुक्र और शनि को प्रभावित करती है, जिससे घर का वास्तु दोष खत्म होता है। इतना ही नहीं, घर में रहने वाले लोगों का मन इससे शांत रहता है और वे तनावमुक्त रहते हैं। तेजपत्ते को गुरु का कारक माना जाता है, इसे जलाने से बुद्धि और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है।

अतः ऊपर बताए गए उपाय यदि आप भी दिन के अनुसार रोजाना करते हैं, तो आपको भी अपने घर की ऊर्जा बदली हुई नजर आती है।

‘मैं वापस आऊंगा’, कमाई सुनकर Alpha और वेलकम टू द जंगल की भी बढ़ेगी टेंशन

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‘मैं वापस आऊंगा’, कमाई सुनकर Alpha और वेलकम टू द जंगल की भी बढ़ेगी टेंशन
बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त बड़ी फिल्मों के बीच तकरार देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां पिछले 8 दिनों से अक्षय की ‘वेलकम टू द जंगल’ (Welcome To The Jungle) बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा रही है, तो वहीं उसे टक्कर देने के लिए अब आलिया-बॉबी देओल की ‘ऐल्फा’ बॉक्स ऑफिस के मैदान में उतरी है।

भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर शुक्रवार को जहां ‘अल्‍फा’ और ‘बेबी डू डाई डू’ जैसी नई फिल्‍में रिलीज हुई हैं, वहीं अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहला शानदार हफ्ता भी पूरा कर लिया है। अपने ओपनिंग वीक में इस कॉमेडी फिल्‍म ने वर्ल्‍डवाइड ₹137 करोड़ से अध‍िक की ग्रॉस कमाई की है। दूसरी ओर, इम्‍त‍ियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ ने अपने तीसरे हफ्ते में ₹17 करोड़ से अध‍िक का कारोबार किया है, जो इसके पहले हफ्ते की ₹12.25 करोड़ की कमाई से अध‍िक है। हां, शाहिद कपूर की ‘कॉकटेल 2’ को दूसरे हफ्ते में झटका लगा है। पहले हफ्ते में ₹70.50 करोड़ कमाने के बाद दूसरे हफ्ते में यह रोमांटिक कॉमेडी ₹18.90 करोड़ की नेट कमाई ही कर सकी है।

‘मैं वापस आऊंगा’ बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन: 21वां दिन
बॉक्‍स ऑफिस पर इस वक्‍त जिस एक फिल्‍म ने दर्शकों का दिल जीता है, वह ‘मैं वापस आऊंगा’ है। पहले हफ्ते में इस फिल्‍म ने ₹12.25 करोड़ कमाए थे। दूसरे हफ्ते में कमाई बढ़कर ₹22.55 करोड़ हो गई। जबकि अब तीसरे हफ्ते में ₹17.45 करोड़ का नेट बिजनस किया है। रिलीज के 21वें दिन भी ‘मैं वापस आऊंगा’ ने 1,969 शोज से ₹1.30 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है। इससे भारत में फिल्‍म का कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹62.24 करोड़ और नेट कलेक्शन ₹52.25 करोड़ हो गया है। विदेशों में तीन हफ्तों में ₹17.50 करोड़ की ग्रॉस कमाई हुई है और इस तरह वर्ल्‍डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹79.74 करोड़ तक पहुंचा है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शर्वरी स्‍टारर इस फिल्‍म का बजट ₹70 करोड़ है।

पहले में हफ्ते में नेट कलेक्शन – ₹12.25 करोड़
दूसरे हफ्ते में नेट कलेक्शन – ₹22.55 करोड़
तीसरे हफ्ते में नेट कलेक्‍श – ₹17.45 करोड़

‘मैं वापस आऊंगा’ की तीसरे हफ्ते की कमाई:
15वां दिन, शुक्रवार – ₹2.75 करोड़
16वां दिन, शनिवार – ₹4.25 करोड़
17वां दिन, रविवार – ₹4.50 करोड़
18वां दिन, सोमवार – ₹1.50 करोड़
19वां दिन, मंगलवार – ₹1.75 करोड़
20वां दिन, बुधवार – ₹1.40 करोड़
21वां दिन, गुरुवार – ₹1.30 करोड़