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सानिया मिर्जा के भतीजे ने 19 साल की उम्र में जड़ा तिहरा शतक

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लाहौर. मोहम्मद हुरैरा (Mohammad Huraira) ने सोमवार को रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है. 19 साल की उम्र में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाकर पाकिस्तान (Pakistan) टीम के लिए भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है. कायदे आजम ट्राॅफी (Quaid E Azam Trophy 2021-22) के एक मुकाबले में उन्होंने नाॅर्दन पाकिस्तान की ओर से खेलते हुए बलूचिस्तान के खिलाफ (Balochistan vs Northern Pakistan) यह कारनामा किया. वे जावेद मियांदाद (Javed Miandad) के बाद सबसे कम उम्र के तिहरा शतक लगाने वाले पाक बल्लेबाज भी बन गए हैं.

मोहम्मद हुरैरा का पाकिस्तान के सीनियर खिलाड़ी शोएब मलिक (Shoaib Malik) और सानिया मिर्जा से खास रिश्ता है. मलिक के भतीजे हुरैरा ने 327 गेंद पर तिहरा शतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 39 चौके और 4 छक्के लगाए. यानी उन्होंने 180 रन तो सिर्फ बाउंड्री से बना डाले. उन्होंने 19 साल 239 दिन की उम्र में यह कारनामा किया. जावेद मियांदाद की बात करें तो उन्होंने 17 साल 310 दिन की उम्र में तिहरा शतक जड़ा था. हुरैरा ओवरऑल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले 8वें युवा खिलाड़ी बने हैं. वे 311 रन बनाकर नाबाद रहे.

इस मुकाबले से पहले 2 शतक लगाया

इस मुकाबले से पहले मोहम्मद हुरैना ने सिर्फ 9 फर्स्ट क्लास के मैच खेले हैं. 15 पारियों में 41 की औसत से 567 रन बनाए हैं. 2 शतक और 3 अर्धशतक लगाया है. 112 रन की सबसे बड़ी पारी खेली. इस साल अक्टूबर में ही उन्होंने फर्स्ट क्लास डेब्यू किया है. इससे पहले वे पाकिस्तान की ओर से अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) में भी उतर चुके हैं. ऐसे में उन्हें आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने का अनुभव है.

पिछले दिनों मोहम्मद हुरैरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं खुदकिस्मत हूं कि शोएब मलिक मेरे चाचा हैं. वे हमेशा मेरे लिए प्रेरणा रहे हैं. उन्होंने मुझे हमेशा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है. हुरैना विराट कोहली (Virat Kohli)बाबर आजम (Babar Azam) और केन विलियमसन (Kane Williamson) को अपना रोल मॉडल मानते हैं.

चुनाव सुधार संबंधी विधेयक 2021 लोकसभा में पारित

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संसद के शीतकालीन सत्र में आज केंद्र सरकार ने लोकसभा में चुनाव सुधार संबंधी विधेयक (The Election Laws (Amendment) Bill 2021) पेश किया, जिसे विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। बिल पारित होने के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. इस विधेयक के तहत मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए वोटर कार्ड और सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।

इस कानून के बनने से देश के हर नागरिक को आने वाले दिनों में अपने वोटर आईडी को भी आधार से लिंक करना पड़ेगा। सकता है। केंद्र सरकार के The Election Laws (Amendment) Bill 2021 बिल का विपक्ष ने इसका विरोध किया। कांग्रेस की ओर से शशि थरूर ने पक्ष रखा और कहा, ‘आधार का मतलब केवल निवास का प्रमाण है, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। यदि आप मतदाताओं के लिए आधार मांग रहे हैं, तो आपको केवल एक दस्तावेज मिल रहा है जो नागरिकता नहीं बल्कि निवास दर्शाता है।’

वहीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। इसमें बहुत सारी कानूनी कमियां हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है और जो हमारी निजता का उल्लंघन करता है। इससे लाखों लोगों के चुनावी अधिकार छिन सकते हैं। इस पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि स्टैंडिंग कमिटी में व्यापक चर्चा के बाद ये बिल लाया गया है। उन्होंने कहा कि हम अपनी मर्जी से ये बिल नहीं लाए हैं। कमिटी ने वोटर डेटा को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव दिया था।

बिल पारित होने से क्या होगा?

वोटर आईडी को आधार से लिंक करने को लेकर पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट में चर्चा हुई थी। जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। चुनाव आयोग 2015 से ही वोटर आईडी को आधार से लिंक करने की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग ने आधार को मतदाता पहचान संख्या से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय चुनाव कानून शुद्धिकरण और प्रमाणीकरण कार्यक्रम शुरू किया भी था। लिंकिंग से वोटर आईडी में एक शख्स का नाम एक ही बार आएगा। हालांकि तब यह अभियान रोक दिया गया था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार का उपयोग वैकल्पिक रहेगा। इसके बाद चुनाव आयोग ने अपने प्रस्ताव में संशोधन किया और कहा कि लिंकिंग वैकल्पिक होगी। यदि विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो भी प्रावधान वैकल्पिक रहेगा।

क्या अभी आधार और वोटर आईडी को लिंक किया जा सकता है

ध्यान देने वाली बात यह है कि जो लोग अभी वोटर आईडी को आधार से लिंक करना चाहते हैं, वो ऐसा कर सकते हैं। चुनाव आयोग के पोर्टल पर वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करने के विकल्प हैं। एसएमएस और फोन दोनों के माध्यम से भी लिंक करने के विकल्प हैं।

How to link Aadhaar card and Voter ID card

1. https://voterportal.eci.gov.in/ पर जाएं।

2. यदि आपके पास पहले से खाता है तो मोबाइल नंबर/वोटर आईडी नंबर/ईमेल आईडी का उपयोग करके लॉग इन करें। या नया खाता बनाएं।

3. अपना विवरण जैसे नाम, जन्म तिथि आदि दर्ज करें और सर्च पर क्लिक करें।

4. फीड आधार नंबर का एक विकल्प दिखाई देगा जहां आपको अपना आधार विवरण प्रदान करना होगा।

5. एक बार हो जाने के बाद, अपने वोटर और आधार कार्ड को लिंक करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।

6. <वोटर आईडी नंबर> <आधार नंबर> फॉर्मेट में 166 या 51969 पर एसएमएस भेजकर लिंक किया जा सकता है।

परिसीमन आयोग प्रस्ताव, जम्मू में 6 और कश्मीर में बढ़ेगी एक विधानसभा सीट

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श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए परिसीमन आयोग ने सीटों के निर्धारण की तैयारी कर ली है। Jammu and Kashmir में Delimitation की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। परिसीमन आयोग ने अंतिम प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इस प्रस्ताव में 6 सीटों को बढ़ाने की बात कही गई है, वहीं कश्मीर में भी 1 सीट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

अशोका होटल में हुई परिसीमन आयोग की बैठक
दिल्ली के अशोका होटल में परिसीमन आयोग की बैठक आज सम्पन्न हुई। इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे। आयोग की ओर से बैठक के बाद बने प्रस्ताव में जम्मू कश्मीर में 7 सीटों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में पहली बार अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व का मौका दिया गया है। प्रस्ताव में बताया गया है कि जम्मू डिवीजन में 6 विधानसभा सीट बढ़ाने की सिफारिश की गई है। वहीं कश्मीर क्षेत्र में भी 1 सीट का इजाफा किया जाएगा।
जम्मू में 43 और कश्मीर में होगी 47 विधानसभा सीट
नए प्रस्ताव के मुताबिक जम्मू में 43 और कश्मीर में 47 विधानसभा सीटों का प्रस्ताव है। अनुसूचित जाति के लिए 7 और अनुसूचित जनजाति के लिए 9 सीटों को आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में 83 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 90 करने का प्रस्ताव भी परिसीमन आयोग ने रखा है।
पाक अधिकृत कश्मीर के लिए आरक्षित रखी है 24 सीटें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने परिसीमन आयोग के काम की तारीफ की है। परिसीमन आयोग की बैठक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की 24 सीटों को आरक्षित रखा गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी जम्मू कश्मीर विधानसभा की इन 24 सीटों को आरक्षित रखा जाता रहा है। परिसीमन आयोग ने प्रस्ताव पर 31 दिसंबर 2021 तक आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद असेंबली सीट्स का फाइनल ड्राफ्ट जारी कर दिया जाएगा।

ओबीसी आरक्षण को लेकर मध्‍य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को होगी बहस

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भोपाल। विधानसभा में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर बहस होगी। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति में सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच इस पर सहमति बन गई है। उधर, कांग्रेस विधायक दल की ओर से चक्रानुक्रम आधार पर चुनाव न कराने, परिसीमन निरस्त करने और ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थगन सूचना दी गई है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में परिवर्तित करने के आदेश दिए हैं। इसके चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य पद की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

उधर, ओबीसी का आरक्षण पंचायत और नगरीय निकाय में समाप्त किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है तो कांग्रेस इसे भाजपा सरकार का सुनियोजित षड्यंत्र करार दे रही है। इसके लिए कांग्रेस विधायक दल ने राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया है।

वहीं, विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने को उठाने की तैयारी की है। दल के सदस्यों की ओर से स्थगन सूचना भी दी गई हैं। कार्य मंत्रणा समिति में भी नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ और मुख्य सचेतक डा.गोविंद सिंह ने इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग रखी थी। सत्ता पक्ष ने भी इस पर सहमति दी और तय हुआ कि सदन में चर्चा कराई जाएगी।

भाजपा को जनता कभी माफ नहीं करेगी : कमल नाथ

विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा कराते हुए नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर जो स्थिति पैदा हुई है, उसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। न तो सरकार और न ही राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कोई पक्ष रखा। इसके लिए प्रदेश की जनता कभी भाजपा सरकार को माफ नहीं करेगी।

बड़ी आबादी की पीठ में कांग्रेस ने छुरा घोंपा है : डा.नरोत्तम मिश्रा

संसदीय कार्य मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस ने बड़ी आबादी की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। अदालत में कांग्रेस के प्रवक्ता और सांसद गए थे। अब बताएं कि क्यों गए थे। उन्हें जनता की अदालत में जाना चाहिए था। लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है। अब कांग्रेस के नेता सफाई दे रहे हैं पर कुछ नहीं होगा। खेद व्यक्त करें और जनता से माफी मांगें।

वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा की ओर से दिए दस करोड़ रुपये के मानहानि के नोटिस पर कहा कि दस करोड़ रुपये तो मिल जाएंगे पर जिन करोड़ों नागरिकों के साथ अन्याय हुआ है, उनका क्या होगा।

मध्य प्रदेश के जंगलों में नव वर्ष का उत्सव, सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़

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उमरिया। मध्य प्रदेश में इन दिनों शीतलहर है। वर्ष का अंत होने को है और इसे उत्सव की तरह मनाने के लिए मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की बंपर बुकिंग हुई है। सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़ है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुबह 75 और शाम को 72 जिप्सी कोर के तीन गेट से प्रवेश करती हैं। यहां की यह सभी जिप्सियां जनवरी के पहले सप्ताह तक के लिए बुक हैं। कान्हा की 232 जिप्सी, पेंच टाइगर रिजर्व की 99 जिप्सी प्रतिदिन पर्यटकों को लेकर पार्क के अंदर जा रही हैं। इन सभी पार्कों में जनवरी के पहले सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहने वाली है। स्थिति यह है कि बिना बुकिंग के आने वाले पर्यटकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई पर्यटक तो इंतजार के बावजूद बिना सफारी के भी लौट रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ होटल संचालकों ने भी पर्यटकों के लिए कई तरह के कार्यक्रम बना रखे हैं।

दिसंबर के पहले पखवाड़े में 50 हजार ने की सफारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के सभी छह टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का रेला लगा हुआ है। जनवरी के पहले सप्ताह तक के लिए बुकिंग फुल चल रही है। 15 दिसंबर तक कान्हा टाइगर रिजर्व में 14327, बांधवगढ़ में 9300, पेंच में 7900, पन्नाा में 8200, सतपुड़ा में 8540, संजय में 2000 पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करके वापस लौट चुके हैं। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या इससे ज्यादा होने की संभावना है।

बफर में भी रौनक

पर्यटकों की लगातार बढ़ती भीड़ के कारण सभी टाइगर रिजर्व के बफर में भी रौनक दुगनी हो गई है। जो पर्यटक आनलाइन बुकिंग करके नहीं आते उन्हें परमिट के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कोर का परमिट नहीं मिलने पर टाइगर रिजर्व तक पहुंच चुके पर्यटक बफर में ही सफारी करके अपने परिवार के लोगों की निराशा को दूर करते हैं। हालांकि बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और पन्नाा में बफर का सफर भी कम रोचक नहीं है। बांधवगढ़ और कान्हा में तो बफर में भी पर्यटकों को बाघ देखने को मिल रहे हैं।

होटल में ही खुश पर्यटक

बिना बुकिंग के सफारी की उम्मीद में पहुंचने वाले पर्यटक या तो बफर का सफर कर रहे हैं या फिर होटल में ही परिवार को खुश रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कुछ होटल वालों ने उमरिया जिले के स्थानीय पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की व्यवस्था भी पर्यटकों को दी है। इस व्यवस्था के तहत उमरिया जिले के घुनघुटी के जंगल में स्थित तुम्मी, मढ़ीवाह, झोझा फॉल आदी स्थानों का भ्रमण करने भी पर्यटक जा रहे हैं।

2 लाख महिलाएं प्रयागराज में मोदी की रैली में जुटेंगी

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नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी राज्य के दौरे की संख्या में इजाफा हुआ है।पीएम मोदी मंगलवार को प्रयागराज जाने वाले हैं। इस कार्यक्रम में दोपहर लगभग एक बजे करीब 2 लाख से अधिक महिलाएं शामिल होंगी। पीएमओ के अनुसार, महिलाओं को आवश्यक कौशल, प्रोत्साहन और संसाधन प्रदान करके, विशेष रूप से जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

“महिलाओं को समर्थन देने के इस प्रयास में, प्रधानमंत्री स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के बैंक खाते में 1000 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे, जिससे एसएचजी की लगभग 16 लाख महिला सदस्यों को लाभ होगा।”

“यह ट्रांसफर दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत किया जा रहा है। इसमें 80,000 एसएचजी प्रति एसएचजी 1.10 लाख रुपये का सामुदायिक निवेश कोष (सीआईएफ) प्राप्त कर रहे हैं और 60,000 एसएचजी प्रति एसएचजी 15000 रुपये का रिवाल्विंग फंड प्राप्त कर रहे हैं। ”

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट-सखियों को प्रोत्साहित करेंगे। पीएम 20,000 महिलाओं के खाते में पहले महीने के वजीफे के रूप में 4000 रुपये ट्रांसफर करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 1 लाख से अधिक लाभार्थियों को कुल 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी ट्रांसफर करेंगे। पीएमओ ने कहा कि यह योजना एक बालिका को उसके जीवन के विभिन्न चरणों में सशर्त नकद हस्तांतरण प्रदान करती है। इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी 15,000 रुपये दिए जाते हैं।

“जन्म के समय 2000 रुपये, एक साल का टीकाकरण पूरा करने पर 1000 रुपये, कक्षा- I में प्रवेश पर 2000 रुपये, कक्षा-VI में प्रवेश पर 2000 रुपये, कक्षा IX में प्रवेश पर 3000 रुपये, दसवीं या बारहवीं पास करने के बाद 5000 रुपये दिए जाते हैं।“ साथ ही बताया गया कि प्रधानमंत्री 202 पूरक पोषाहार निर्माण इकाइयों का शिलान्यास करेंगे।

उन्होंने कहा, “इन इकाइयों को स्वयं सहायता समूहों द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है और एक इकाई के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया जाएगा। ये इकाइयां राज्य के 600 ब्लॉक में एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत पूरक पोषण की आपूर्ति करेंगी।”

31 लाख छात्र सरकारी स्कूलों में घटे, प्याज खरीदी घोटाले में जांच जारी

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भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि शासकीय स्कूलों में बच्चों के घटने की संख्या के पीछे चाइल्ड पापुलेशन में गिरावट एक वजह है। इसके अलावा आरटीई के अंतर्गत अशासकीय स्कूलों में निशुल्क प्रवेश, एसएसएसएमआईडी के माध्यम से किए जाने वाले डेटा शुद्धिकरण के चलते भी सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन घटा है। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार चाइल्ड वाइस ट्रेकिंग करा रही है। नव प्रवेश प्रबंधन, कक्षांतरण और शाला से बाहर बच्चों के लिए अलग-अलग माड्यूल तैयार कर छात्रवार समीक्षा की जा रही है ताकि 6 से 14 साल तक केसभी छात्रों का शाला में नामांकन तय किया जा सके।

मंत्री परमार ने ये बातें विधायक प्रवीण पाठक के सवाल के लिखित जवाब में कही। पाठक ने पूछा था कि प्रदेश में वर्ष 2010-11 में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों की संख्या कितनी थी और वर्ष 2020-21 में यह संख्या कितनी है? साथ ही इन दस सालों में छात्रों के ड्रेस, किताबें और मध्यान्ह भोजन पर हुए खर्च की जानकारी भी मांगी गई थी। इसके जवाब में मंत्री परमार ने यह भी बताया कि वर्ष 2010-11 में कक्ष एक से आठ तक विद्यार्थियों की सरकारी स्कूलों में संख्या 105.30 लाख थी जो वर्ष 2020-21 में घटकर 64.3 लाख हो गई है। यानी 30.896 लाख छात्र इन सालों में सरकारी स्कूलों में घटे हैं।

उधर निशुल्क गणवेश का खर्च 2010-11 में 39911.57 लाख रुपए था जो 2020-21 में 32408.16 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इसी तरह किताबों के वितरण में 16020.69 लाख रुपए 2010-11 में खर्च हो रहे थे जो 2020-21 में 15436.32 लाख रुपए हो गए हैं। इसी तरह मध्यान्ह भोजन पर वर्ष 2010-11 में 91603.53 लाख रुपए खर्च हुए थे जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 161789.46 लाख रुपए तक पहुंचा है। यानी बच्चे घटे, किताबें और गणवेश का खर्च घटा है लेकिन मध्यान्ह भोजन का खर्च बढ़ गया है।

एक अन्य सवाल विधायक विनय सक्सेना ने किया जिसमें उन्होंने 30 सितम्बर 21 तक एक साल में सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खरीदी गई ड्रेस और खरीदी में नियमों का पालन नहीं किए जाने पर अनियमितता का सवाल उठाया। इसके लिखित जवाब में मंत्री परमार ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन, राज्य शहरी आजीविका मिशन और महिला व बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व सहायता समूहों से 26662 करोड़ रुपए के एक करोड़ 16 लाख 41 हजार गणवेश खरीदे गए हैं। इस खरीदी में भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 के अंतर्गत नियम 6 बी में व्यवस्था से छूट प्रदान की गई है। खरीदी में किसी तरह की गड़बड़ी से मंत्री ने इनकार किया है।

विधायक जयवर्द्धन सिंह और अन्य ने विधानसभा के जरिये यह जानकारी मांगी थी कि वर्ष 2019-21 के बीच उद्यानिकी नर्सरियों में उत्पादित बीज की बिक्री के लिए विक्रय दर क्या तय थी। किसानों को प्याज बीज किस दर पर और किस संस्था से कब कब दिया गया। इस पर मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ मौसम के लिए प्याज बीच एनएचआरडीएफ से किसानों को 7960 रुपए प्रति किलो की दर से दिया गया। इस मामले में बगैर निविदा बुलाए की गई कार्यवाही पर जांच की जा रही है। अभी तक किसी के विरुद्ध जांच के मामले में कार्यवाही नहीं हुई है।

सड़क मंत्रालय ने IIT मद्रास के साथ मिलकर लॉन्च किया फ्री-टू-यूज नेविगेशन ऐप, रोड सेफ्टी फीचर्स से ड्राइवरों को मिलेगी मदद

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सड़क पर लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय (MoRTH) ने देश में रोड सेफ्टी टेक्नोलॉजी के लिए IIT मद्रास और डिजिटल टेक कंपनी MapmyIndia के साथ कोलैबोरेट किया है। तीनों पार्टी ने नागरिकों के लिए एक फ्री-टू-यूज़-नेविगेशन ऐप (Navigation App) लॉन्च किया है, जो सड़क पर आने वाले दुर्घटनाओं के खतरों के बारे में लोगों को अलर्ट करेगा साथ ही ये कई तरह के रोड सेफ्टी फीचर्स के साथ आता है। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई बार रोड सेफ्टी की जरूरतों पर फोकस करने की बात कही थी। ये ऐप सरकार का इसी दिशा में उठाया गया बेहतरीन कदम है। यह देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली एक्सीटेंड और मौतों को कम करने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय की लंबी प्लानिंग का एक हिस्सा है।

ये नेविगेशन ऐप, सर्विस ड्राइवरों को अपकमिंग एक्सीडेंट प्रोन एरिया, स्पीड ब्रेकर, शार्प कर्व्स और गड्ढों सहित दूसरे खतरों के बारे में वॉयस और विजुअल अलर्ट देता है। MapmyIndia का डेवलप किया गया ये नेविगेशन सर्विस ऐप, जिसे ‘MOVE’ कहा जाता है, ने 2020 में सरकार की आत्मानिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज जीता था। इस सर्विस का इस्तेमाल नागरिकों और अथॉरिटी द्वारा एक्सीडेंट, असुरक्षित एरिया, सड़क और ट्रैफिक के मुद्दों को मैप पर रिपोर्ट और ब्रॉडकास्ट और दूसरे यूजर्स की मदद करने के लिए किया जा सकता है। इसके डेटा का विश्लेषण IIT मद्रास और MapmyIndia द्वारा किया जाएगा और फिर भविष्य में सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए सरकार को सुझाव दिये जाएंगे।

Virat Kohli के आरोपों पर Sourav Ganguly की पहली प्रतिक्रिया

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भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना हो गई है, लेकिन विराट कोहली बनाम सौरव गांगुली विवाद अभी थमा नहीं है। विराट कोहली ने बीते दो दिन पहले बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था। अब Sourav Ganguly की पहली प्रतिक्रिया भी आ गई है। दादा ने कहा है कि विराट कोहली की वनडे कप्तानी को लेकर चल रहे विवाद को बीसीसीआई डील कर लेगा। इस तरह Sourav Ganguly ने Virat Kohli के साथ विवाद पर मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। बता दें, सौरव गांगुली ने कहा था कि जब विराट ने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया तो खुद उन्होंने क्रिकेटर से बात की थी और मनाने की कोशिश की थी। हालांकि विराट ने कहा कि सौरव गांगुली से उनकी ऐसी कोई बात नहीं हुई और उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है।

विराट कोहली से विवाद, सौरव गांगुली ने नहीं दिया सीधा जवाब

विवाद सामने आने के बाद गुरुवार को गांगुली का सामना मीडियाकर्मियों से हुआ। दादा से जब कोहली की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पत्रकारों द्वारा परेशान किए जाने के बाद विवाद पर बोलने से इनकार कर दिया। भारत के पूर्व कप्तान ने कहा, मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है। हम इससे निपटेंगे, इसे बीसीसीआई पर छोड़ दें। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकत, बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी कोहली के दावों से सहमत नहीं हैं और प्रतिक्रिया देने को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं।

सौरव गांगुली से खफा है बोर्ड

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई निश्चित रूप से नाराज है लेकिन बोर्ड बहुत मुश्किल स्थिति में है। एक तरफ, अगर बोर्ड खुलकर सामने आता है और कहता है कि कोहली के दावे सही नहीं हैं, तो यह प्रशंसकों और खेल के लिए एक बुरी तस्वीर पेश करता है। वहीं अगर वे चुप रहे तो ऐसा लगेगा कि बोर्ड ने कप्तान के साथ बदसलूकी की है।

फ्रांस के रक्षा मंत्री का भारत दौरा, कहा – ‘जरूरत पड़ने पर हम भारत को और राफेल देने को तैयार’

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भारत के दौरे पर आई फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। इससे पहले उनकी भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी विस्तृत मुद्दों पर वार्ता हुई। बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका देश भारत को आवाश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राफेल युद्धक विमान देने को तैयार है। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ करीब 59 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए अंतर सरकारी स्तर पर समझौता किया था। पार्ले ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि भारतीय वायुसेना राफेल विमानों से संतुष्ट है और हमें गर्व है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद हमने करार के तहत समय पर 36 विमानों की आपूर्ति की।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘एक ही तरह के विमान का उपयोग करना वास्तविक परिसंपत्ति और ताकत है। मैं निश्चिंत हूं कि नई संभावनाओं की गुंजाइश है। अगर भारत की अतिरिक्त आवश्यकता व्यक्त की गयी तो हम उसका जवाब देने को तैयार हैं।’’

फ्रांसीसी रक्षामंत्री ने भारतीय नौसेना के बेड़े में दूसरे विमानवाहक पोत के शामिल करने की योजना को रेखांकित करते हुए संकेत दिया कि फ्रांस की पोत आधारित लड़ाकू जेट की आपूर्ति करने में रुचि है. उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि विमानवाहक पोत जल्द सेवा में होगा…उसके लिए विमानों की जरूरत होगी। अगर भारत फैसला करता है तो हम कोई और राफेल (संस्करण) देने को तैयार हैं।’’ गौरतलब है कि भारत के स्वदेश में निर्मित पहले विमान वाहक पोत विक्रांत को अगले साल अगस्त में भारतीय नौसना में शामिल करने की योजना है। माना जा रहा है कि फ्रांस, भारत के साथ 36 और राफेल विमानों की खरीददारी की सोच रहा है।