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मध्यप्रदेश में 11 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने का बना कीर्तिमान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के अद्वितीय मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्यकर्मियों के अथक परिश्रम से मध्यप्रदेश में कोरोना रोधी वैक्सीन के 11 करोड़ से अधिक डोज़ का अद्भुत कीर्तिमान स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिये प्रदेश में चलाये गये टीकाकरण महाअभियानों में जन-भागीदारी से ही यह उपलब्धि अर्जित की गई है। मख्यमंत्री चौहान ने इस उपलब्धि पर टीकाकरण अभियान में योगदान देने वाले सभी नागरिकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरूओं और कोरोना वॉलेंटियर्स को धन्यवाद दिया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 2 फरवरी की शाम तक 11 करोड़ 77 हजार 181 वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं। इसमें 5 करोड़ 74 लाख 79 हजार 412 नागरिकों को वैक्सीन की प्रथम डोज और 5 करोड़ 18 लाख 81 हजार 983 पात्र नागरिकों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई गई हैं। प्रदेश में 7 लाख15 हजार 786 नागरिकों को प्रीकॉशन डोज लग चुकी है।

केशव मौर्य के खिलाफ सपा का पिछड़ा कार्ड, टक्कर देंगी मोदी की मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन पल्लवी

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पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत भाजपा के सभी दिग्गज नेताओं के साथ नजर आने वाले केशव प्रसाद मौर्या को भाजपा सूबे में अपने पिछड़े नेता के तौर पर पेश करना चाहती है। स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद पिछड़ा विरोधी नैरेटिव की काट के लिए भाजपा उन्हें फ्रंट पर रख रही है। लेकिन अब सपा ने उन्हें घर में ही घेरने की तैयारी कर ली है। सपा गठबंधन की ओर से पिछड़े समाज से ही आने वालीं पल्लवी पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है। पल्लवी पटेल मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल की छोटी बहन हैं।
पल्लवी की मां कृष्णा पटेल अपना दल कमेरावादी पार्टी की अध्यक्ष हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया है। सपा ने पल्लवी को केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ उतारकर पिछड़ा कार्ड चल दिया है। वह यहां के लिए बाहरी नेता नहीं हैं और केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार हो सकती हैं। इस तरह सपा ने उन्हें घर में ही घेरने की तैयारी कर ली है ताकि वह पूरे सूबे में ज्यादा समय न दे सकें। कौशांबी जिले की सिराथू सीट से केशव प्रसाद मौर्य की जीत को आसान माना जा रहा था, लेकिन सपा के दांव के बाद मुकाबला कठिन नजर आता है।
सिराथू सीट से ही केशव प्रसाद मौर्य ने 2012 में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि इसके बाद वह 2014 में फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। फिर 2017 में जब डिप्टी सीएम बने तो विधान परिषद में भेजा गया था। अब एक बार फिर से उन्होंने घर वापसी की है और सिराथू सीट से उतरे हैं। कौशांबी जिले में पिछड़े वर्ग के लोगों की अच्छी खासी संख्या है। केशव प्रसाद मौर्य के अलावा भाजपा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर से लड़ाने का फैसला लिया है। यही नहीं ज्यादातर दिग्गज नेताओं को भाजपा ने चुनाव में उतारा है।
क्यों दो हिस्सों में बंट गया था अपना दल
दरअसल पटेल परिवार में विवाद हो गया था। इसके बाद कृष्णा पटेल ने बेटी अनुप्रिया पटेल से अलग होकर अपना दल कमेरावादी नाम से नई पार्टी का गठन किया था। इस पार्टी में कृष्णा पटेल और उनकी बेटी पल्लवी शामिल रही हैं। इसके अलावा अपना दल एस का नेतृत्व अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल के हाथों में हैं।

मध्य प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, बदल जाएगा बुंदेलखंड क्षेत्र : सीएम शिवराज

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भोपाल । केंद्रीय बजट समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित भारत के निर्माण का बजट है। मध्य प्रदेश को इसमें बड़ी सौगात मिली है। नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत केन-बेतवा को जोड़ने पर 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे पूरा बुंदेलखंड बदल जाएगा। यह किसानों की आय दोगुना करने वाला बजट है। आधुनिक तकनीक का लाभ खेती में मिले, इसके लिए प्रविधान किया है। कुल मिलाकर यह आम आदमी की बजट है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।

उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास के लिए 35 प्रतिशत से अधिक राशि बढाई गई है। इससे अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्यों को भी ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराने के प्रविधान किए है। ये राशि भी अधोसंरचना विकास पर खर्च होगी। इससे रोजगार बढ़ेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से न सिर्फ सिंचाई का क्षेत्र बढ़ेगा बल्कि औद्योगिकीकरण होगा। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि उत्पादन बढ़ेगा तो किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। प्राकृतिक खेती से लोगों के साथ धरती का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। बजट के माध्यम से निम्न और मध्यमवर्गीय लोगों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया है। नई शिक्षा नीति को लागू करने और कोरोना काल के बाद देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त प्रविधान किए हैं। महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार देने, गरीब और किसान के कल्याण और एक शक्तिशाली भारत के निर्माण का बजट है। रक्षा बजट में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है।

मुंबई के बाद अब दिल्ली पहुंचा रहे जबलपुर से हवाला का पैसा, आयकर विभाग जांच में जुटा

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जबलपुर। शहर में चल रहा हवाला कारोबार में इन दिनों मुंबई के साथ दिल्ली तक पहुंच गया है। यहां हवाला का पैसा पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। दो दिन पूर्व जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए दो व्यापारियों से मिले 72 लाख की जांच का दायरा बढ़ गया है। जबलपुर जीआरपी इस मामले में दोनों व्यापारियों से पूछताछ करने में जुटी है। वहीं अब दिल्ली में जिस व्यापारियों को पैसा पहुंचाने की बात सामने आई है, उससे भी पूछताछ करने की तैयारी शुरू हो गई है।
दरअसल मुख्य रेलवे स्टेशन में पहरे पर तैनात शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने रविवार की रात दो यात्रियों के कब्जे से नकद 72 लाख रुपये जब्त किए हैं। जीआरपी जबलपुर ने उक्त राशि हवाला की होने की आशंका जताई है। स्टेशन पर हवाला का पैसा मिलने की सूचना आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा को दी गई। रात तकरीबन 12:30 बजे आयकर विभाग की टीम जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। टीम ने सुबह लगभग 5:30 बजे तक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि यह पैसा दिल्ली खरीदारी करने के लिए ले जा रहे थे। वहीं कुछ पैसा पिछले माह का उधार था, जो वहां के व्यापारियों को देना था। आयकर विभाग अब दिल्ली से जुड़े तार को खंगालने में जुटी है।

मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं तय समय पर ही होंगी

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भोपाल । प्रदेश में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं तय समय पर होंगी। इसमें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन द्वारा तय गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को मंत्रालय में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बारहवीं की 17 और दसवीं की परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ होंगी।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं की जाएं। बैठक व्यवस्था इस तरह रखी जाए कि शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित हो। इसके लिए केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाए। माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव श्रीकांत बनोठ ने बताया कि परीक्षा के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है। परीक्षाएएं सुबह दस से एक बजे के बीच होंगी। नियमित छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं उनके विद्यालय में 12 फरवरी से 25 मार्च और स्वाध्यायाी छात्रों की उन्हें आवंटित परीक्षा केंद्रों पर 17 फरवरी से 20 मार्च के मध्य संचालित की जाएगी। पूर्ण कर ली है। रजिस्ट्रार उमेश कुमार ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

केन-बेतवा परियोजना के लिए मिलेंगे 1400 करोड़ रुपये

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भोपाल । बुंदेलखंड की दिशा और दशा बदलने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए मध्य प्रदेश को केंद्रीय बजट में 1400 करोड़ रुपये मिलेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। मध्य प्रदेश में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्र से ज्यादा में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। औद्योगिकीकरण होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पूरे क्षेत्र में पेयजल का संकट भी खत्म होगा।

केंद्र सरकार ने 44 हजार 605 करोड़ रुपये की लागत वाली केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना को स्वीकृति दी है। इससे मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा और दतिया जिले को सिंचाई और पेयजल के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। गैर वर्षाकाल (नवंबर से मई तक) में दौधन बांध से मध्य प्रदेश को 1834 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 1834 अरब लीटर) और उत्तर प्रदेश को 750 एमसीएम (750 अरब लीटर) पानी मिलेगा। सामान्य वर्षाकाल में मध्य प्रदेश को दो हजार 350 और उत्तर प्रदेश को एक हजार 700 एमसीएम (अरब लीटर) वार्षिक जल मिलेगा।

2005 में हुआ था परियोजना के लिए समझौता

परियोजना के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच वर्ष 2005 में समझौता हुआ था। जल बंटवारे सहित अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इस पर काम प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। 22 मार्च, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता अनुबंध हुआ। दौधन के पास बांध बनाकर केन नदी का पानी रोका जाएगा। यहां से 221 किमी लंबी नहर के माध्यम से केन बेसिन के 1074 अरब लीटर पानी बेतवा बेसिन में पहुंचाया जाएगा। तीन बांध बेतवा नदी पर बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 470 किमी लंबी केन नदी बुंदेलखंड की प्रमुख नदी है।

पीएम मोदी ने जनोपयोगी बजट के लिए वित्त मंत्री को दी बधाई, गिनाई बजट की तमाम खूबियां

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साल 2022-23 के बजट पर पीएम मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे जनोन्मुख और विकासोन्मुख बजट करार दिया। इस बजट पर पीएम मोदी की कितनी नजर थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बजट में कोई नये टैक्स नहीं लगाये जाने के पीछे पीएम मोदी को मुख्य वडह बताया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछली बार प्रधानमंत्री का आदेश था कि घाटा कितना भी हो, महामारी में जनता पर टैक्स का बोझ नहीं डालना। इस बार भी वही निर्देश थे। इसलिए हमने कोई टैक्स नहीं बढ़ाया। पीएम मोदी कल यानी बुधवार को वो भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यक्रम में बजट पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे और और बजट से संबंधित दूसरी बातें जनता से साझा करेंगे

बजट पर पीएम मोदी की अहम बातें

    • मैं वित्त मंत्री निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को इस People Friendly और Progressive बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
    • ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है। ये बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य लोगों के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा।
    • इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है।
    • डिफेंस के कैपिटल बजट का 68% घरेलू इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ, भारत के MSME सेक्टर को मिलेगा।
    • ये बजट More Infrastructure, More Investment, More Growth, और More Jobs की नई संभावनाओं से भरा हुआ है। इससे Green Jobs का भी क्षेत्र और खुलेगा।
    • इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है- गरीब का कल्याण। हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से जल आता हो, उसके पास शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है।
    • इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर दिया गया है।
    • हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी।
    • भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
    • उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों में गंगा के किनारे नैचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

एयर इंडिया के बाद भारी-भरकम घाटे वाली एक और सरकारी कंपनी हुई रतन टाटा की, मिली सरकार की मंजूरी

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एयर इंडिया के बाद एक और सरकारी कंपनी टाटा ग्रुप की कोई होने वाली है। सरकार ने सोमवार को नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) को टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स को बेचने की मंजूरी दे दी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 93.71% शेयरों के लिए टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स की उच्चतम बोली को मंजूरी दी है। सौदा करीब 12,100 करोड़ रुपए को होगा। एनआईएनएल चार सीपीएसई और ओडिशा सरकार के दो राज्य सार्वजनिक उपक्रमों का जॉइन्ट वेंचर है।

सरकार की कंपनी में इक्विटी नहीं
सरकार की कंपनी में कोई इक्विटी नहीं है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा है, सार्वजनिक उपक्रमों के बोर्ड के अनुरोध और ओडिशा सरकार की सहमति के आधार पर सीसीईए ने ‘सैद्धांतिक रूप से’ 8.1.2020 को एनआईएनएल के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी थी और लेनदेन करने के लिए विनिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग को अधिकृत किया था। NINL 4 CPSE – MMTC, NMDC, BHEL, MECON और 2 ओडिशा सरकार के PSU – OMC और IPICOL का संयुक्त उद्यम है।

कंपनी के ऊपर भरी कर्ज और देनदारियां 
एनआईएनएल का कलिंगनगर, ओडिशा में 1.1 एमटी की क्षमता वाला एक एकीकृत इस्पात संयंत्र है। कंपनी भारी घाटे में चल रही है और संयंत्र 30 मार्च, 2020 से बंद है। कंपनी पर पिछले साल 31 मार्च को ₹6,600 करोड़ से अधिक का भारी कर्ज और देनदारियां हैं, जिसमें प्रमोटरों (₹4,116 करोड़), बैंकों (₹1,741 करोड़), अन्य लेनदारों और कर्मचारियों का भारी बकाया शामिल है। बयान में कहा गया है कि 31 मार्च 2021 तक कंपनी की संपत्ति नेगेटिव ₹3,487 करोड़ और संचित घाटा ₹4,228 करोड़ था। बयां में कहा गया है कि लेन-देन एक खुले बाजार, कंपनी के उद्यम मूल्य के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, इसमें 31.3.2021 को कंपनी की देनदारियां और 6 बेचने वाले पीएसई शेयरधारकों द्वारा कंपनी की 93.71% इक्विटी शामिल है।

मप्र हाई कोर्ट में छह नए जज नियुक्त होंगे, सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने की अनुशंसा

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जबलपुर। हाई कोर्ट में छह नए जज नियुक्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने इस सिलसिले में अनुशंसा कर दी है। इसके तहत अधिवक्ताओं के बीच से अधिवक्ता मनिंदर सिंह भट्टी, अधिवक्ता डीडी बंसल व अधिवक्ता मिलिंद रमेश फड़के के नाम शामिल हैं। डीडी बसंल वर्तमान में ग्‍वालियर में शासकीय अधिवक्‍ता के रूप में पदस्‍थ हैं। जबकि न्‍यायिक सेवा से अमर नाथ केशरवानी, प्रकाश चंद्र गुप्ता व दिनेश कुमार पालीवाल के नाम शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कालेजियम की अनुशंसा के बाद आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण होते ही इन छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के आदेश जारी हो जाएंगे। इसी के साथ हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी कुछ हद तक दूर होगी।

29 से बढ़कर 35 हो जाएंगे जज : वर्तमान में हाई कोर्ट में 29 न्यायाधीश पदस्थ हैं। जबकि कुल स्वीकृत जजेस के पद 53 हैं। ऐसे में छह नए न्यायाधीश आने से कुल संख्या 35 हो जाएगी। इस तरह 18 न्यायाधीश कम रह जाएंगे। लंबे समय से सभी स्वीकृत पद भरे जाने की मांग की जाती है। सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने वकीलों के बीच से तीन व न्यायिक अधिकारियों के बीच से तीन नए नाम मंजूर किए हैं। ऐसे में आगमी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण होने की उम्मीद है। इसी के साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

मुख्य न्यायाधीश से उम्मीद : हाई कोर्ट के वकीलों के बीच चर्चा है कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व हाई कोर्ट कालेजियम की ओर से शीघ्र ही कुछ नए वकीलों के नाम सुप्रीम कोर्ट कालेजियम भेजे जाएंगे। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट कालेजियम आने वाले माहों में नए वकीलों को भी जज बनाने की मंजूरी देगा। इस सिलसिले में हाई कोर्ट के स्तर पर जांच-परख जारी है।

वित्‍त मंत्रि ने आर्थिक सर्वेक्षण 2022 संसद में पेश किया

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संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने बताया कि इस तरह उनकी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्ल्खनीय कार्य किए हैं। देश में जल्द ही 5जी तकनीक आएगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण 2022 पेश किया गया। इससे देश की आर्थिक सेहत का अंदाजा लगेगा। इसके बाद 1 फरवरी को आम बजट (Budge 2022) पेश किया जाएगा। मानसून सत्र की तरह ही इस सत्र से पहले भी इजरायली स्पाईवेयर पेगासस का जिन्न फिर बाहर आ गया है। पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, इसलिए किसानों का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। लिहाजा बजट सत्र में भी मानसून सत्र की तरह पेगासस से जासूसी, किसानों की समस्या और पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ का मुद्दा छाए रहने की संभावना है।

पीएम मोदी ने बताया बजट सत्र का महत्व

बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह सच है कि चुनाव सत्रों और चर्चाओं को प्रभावित करते हैं। लेकिन मैं सभी सांसदों से अनुरोध करता हूं कि चुनाव चलेंगे लेकिन बजट सत्र पूरे साल का खाका खींचता है। हम इस सत्र को जितना अधिक फलदायी बनाएंगे, देश को आर्थिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शेष वर्ष के लिए बेहतर अवसर होगा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रमुख बातें

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए कहा, मैं उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं जिन्होंने अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाने में मदद की। स्वतंत्रता के 75 वर्षों में भारत की विकास यात्रा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को भी मैं सम्मानपूर्वक याद करता हूं।

इस वर्ष सरकार ने 23 जनवरी नेताजी की जयंती से गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत की है। मेरी सरकार का मानना ​​है कि देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अतीत को याद रखना और उससे सीखना बहुत जरूरी है।

COVID के कारण कई लोगों की जान चली गई। ऐसी परिस्थितियों में भी हमारे केंद्र व राज्यों की टीमों ने, डॉक्टरों, नर्सों, वैज्ञानिकों ने एक टीम के रूप में काम किया… मैं स्वास्थ्य देखभाल करने वाले अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का आभारी हूं।

#COVID19 के खिलाफ लड़ाई में भारत की क्षमता टीकाकरण कार्यक्रम में स्पष्ट हुई। एक साल से भी कम समय में हमने वैक्सीन की 150 करोड़ से अधिक खुराक देने का रिकॉर्ड बनाया है। आज, हम अधिकतम मात्रा में खुराक देने के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक हैं।

कांग्रेस इन मुद्दों पर करेगी हंगामा

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस घोषणा कर चुकी है कि वह उपरोक्त मुद्दों के अलावा कोरोना पीड़ित परिवारों को राहत और एयर इंडिया की बिक्री जैसे मुद्दों को उठाने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों से तालमेल करेगी। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने मांग करके अपने इरादों के संकेत दे भी दिए। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन में हमेशा कहा कि उसका पेगासस से कोई लेना-देना नहीं है और उसने कभी भी एनएसओ ग्रुप से स्पाईवेयर नहीं खरीदा। न्यूयार्क टाइम्स की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि मोदी सरकार ने संसद और सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया और देश के लोगों से झूठ बोला।