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दो अक्तूबर से पहले भी शुरू हो सकती है कांग्रेस की भारत जोड़ो पद यात्रादो अक्तूबर से पहले भी शुरू हो सकती है कांग्रेस की भारत जोड़ो पद यात्रा

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कांग्रेस भारत जोड़ो पद यात्रा के माध्यम से पूरे देश के लोगों को एकजुट करके मोदी सरकार की नाकामियों के साथ-साथ लोगों में एकजुटता और भाईचारे का संदेश देना चाह रही है। उदयपुर में हुए नव संकल्प शिविर के दौरान तमाम तरह की नई योजनाओं के साथ-साथ लोगों को जोड़ने के लिए भारत जोड़ो पदयात्रा अभियान को शुरू करने की तारीख घोषित की गई थी। इसे लेकर पार्टी के जिम्मेदार नेताओं ने योजनाएं भी बनाई हैं.

उदयपुर के नव संकल्प चिंतन शिविर के दौरान कांग्रेस के आलाकमान ने तय किया था कि दो अक्तूबर से भारत जोड़ो पदयात्रा शुरू की जाएगी। लेकिन अब योजना बन रही है कि तकरीबन साढ़े तीन हज़ार किलोमीटर की इस पदयात्रा को दो अक्तूबर से पहले शुरू किया जाए। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक रूप से कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक संभावना दो अक्तूबर से पहले इस यात्रा के शुरू होने की बन रही है। भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कांग्रेस के सभी प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में इस बात का जिक्र भी किया गया है। इसके अलावा इस यात्रा की पूरी रूपरेखा पर चर्चा भी की गई है।

वैसे तो कांग्रेस के नेताओं ने दो अक्तूबर को होने वाली भारत जोड़ो पर यात्रा को लेकर के पूरी रूपरेखा और तैयारियां कर ली हैं। लेकिन दिल्ली में हुई कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों के साथ भारत जोड़ो यात्रा के अध्यक्षता वाली समिति के मुखिया दिग्विजय सिंह के साथ हुई बैठक में कई और पहलुओं पर भी चर्चा की गई है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने अपने सभी राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों के माध्यम से इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पूरा ब्यौरा मांगा था। जिसको पार्टी के नेताओं ने कमेटी के समक्ष रखा है।

अक्तूबर से चुनावी माहौल बनना होगा शुरू

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की सबसे बड़ी भारत जोड़ो पद यात्रा दो अक्तूबर से शुरू होनी है। लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक दो अक्तूबर तक इस पद यात्रा को शुरू करने में न सिर्फ देरी हो जाएगी, बल्कि विपक्ष का दबाव भी कम पड़ सकता है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दरअसल कुछ राज्यों में होने वाले चुनाव में अक्तूबर से माहौल बनना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कांग्रेस की कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर की पदयात्रा में चुनावी प्रबंधन गड़बड़ा सकता है। यही वजह है कि पार्टी के कुछ नेता इस यात्रा की तारीख में बदलाव चाहते हैं।  फिलहाल अभी भारत जोड़ो पदयात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन आलाकमान की सहमति के साथ यह संभव भी है। इस पूरे अभियान की अगुवाई करने वाले दिग्विजय सिंह कहते हैं कि जिस तरीके से मोदी सरकार और भाजपा देश में माहौल खराब कर रही है, उससे कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा को तय तिथि से पहले शुरू करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी यात्रा

दरअसल कांग्रेस भारत जोड़ो पद यात्रा के माध्यम से पूरे देश के लोगों को एकजुट करके मोदी सरकार की नाकामियों के साथ-साथ लोगों में एकजुटता और भाईचारे का संदेश देना चाह रही है। उदयपुर में हुए नव संकल्प शिविर के दौरान तमाम तरह की नई योजनाओं के साथ-साथ लोगों को जोड़ने के लिए भारत जोड़ो पदयात्रा अभियान को शुरू करने की तारीख घोषित की गई थी। इसे लेकर पार्टी के जिम्मेदार नेताओं ने योजनाएं भी बनाई हैं और उसका प्रेजेंटेशन भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस आलाकमान को सौंपा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश कहते हैं कि योजना के मुताबिक दो अक्तूबर से कांग्रेस कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत करेगी। उनका कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा को शुरू करने से पहले की जो प्लानिंग और उसे आगे बढ़ाने के लिए जिस समिति का गठन किया गया था, उसके पास देश के सभी नेताओं की ओर से न सिर्फ सुझाव आए हैं बल्कि उसे सफल बनाने की पूरी कार्ययोजना साझा की गई है। भारत जोड़ो अभियान की अगुवाई कर रहे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह कहते हैं कि यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होते हुए साढ़े तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस पदयात्रा में कांग्रेस नेतृत्व समेत सभी कार्यकर्ता शिरकत करेंगे। दिग्विजय सिंह के मुताबिक पद यात्रा के मार्ग का पूरा ब्यौरा बहुत जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा।

मध्‍यप्रदेश के पंचायत चुनाव में प्रत्‍याशी कहीं 1 वोट से जीत, कहीं मुकाबला रहा टाई

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मध्य प्रदेश के इंदौर चुनाव कार्यालय ने गुरुवार को पंच, सरपंच और चार जनपदों के सदस्यों के पदों के लिए हुए चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए। बड़ियाकिमा ग्राम पंचायत में भाजपा समर्थित सरपंच उम्मीदवार कुंता बाई रावत एक वोट से जीत गईं। वहीं बघाना ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे मुकेश परमार और संजय चौहान के बीच मुकाबला टाई रहा।

सांवर तहसीलदार तपिश पांडे ने कहा, ‘एक टाई-ब्रेकर के रूप में हमने एक बच्ची को दोनों उम्मीदवारों के नामों की पर्ची में से चुनाव करने को कहा। इसे एक वोट माना गया और बच्ची ने जो पर्ची चुनी, वह परमार के पक्ष में थी। जिसके बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया।’ डॉ अंबेडकर नगर जनपद में भी पंच के तीन पदों पर प्रत्याशियों के बीच बराबरी का मुकाबला रहा, जिसके बाद पर्ची निकालकर विजेता की घोषणा की गई।

कई डिग्रियों वाली ममता ने भी जीता चुनाव
रंगवासा ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिए हुए चुनाव ने भी लोगों का ध्यान काफी आकर्षित किया। यहां बीए, एलएलबी, एमएसडब्ल्यू, पीजीडीसीए और बी.एड जैसी कई डिग्रियां हासिल कर चुकीं ममता चुनावी मैदान में थीं। वह आराम से चुनाव जीत गईं।

राष्‍ट्रपति पद की प्रत्‍याशी द्रौपदी मुर्मू मध्‍य प्रदेश के स्‍वागत से अभिभूत हुए

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राजग की ओर से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को दोपहर करीब 3:30 वह भोपाल पहुंचीं। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल ,केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा,और मंत्री विश्वास सारंग के साथ कार्यकर्ताओं ने किया राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार का स्वागत किया।

यहां भाजपा ने उनके भव्य स्वागत के लिए पहले से जोरदार तैयारी कर रखी थी। इस मौके पर आदिवासी लोक कलाकारों ने परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया। स्‍वागत से अभिभूत द्रौपदी मुर्मू ने मध्‍य प्रदेश की मुक्‍तकंठ से तारीफ की। उन्‍होंने अपनी संघर्ष यात्रा का भी उल्‍लेख किया और चुनाव में सबके सहयोग की अपेक्षा की।

मध्‍य प्रदेश में अब औद्योगिक क्षेत्र के ई-नीलामी से मिलेंगे भूखंड

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प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब निवेशकों को अधिक सुविधा उपलब्ध कराएगी। औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड पहले आओ-पहले पाओ की जब अब ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धा होने से सरकार को राजस्व भी अधिक प्राप्त होगा। बंद इकाइयों को भूखंड लौटाने, कुछ हिस्से के हस्तांतरण करने और भूखंड के विभाजन की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 में संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करके भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 83 औद्योगिक क्षेत्रों में 31 हजार 402 एकड़ भूमि पर विकसित किए गए हैं। आवंटन के लिए 20 हजार 536 एकड़ भूमि में से 14 हजार 887 दी जा चुकी है। शेष भूमि का आवंटन कुछ क्षेत्रों में मांग कम होने और एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था है।

इसे देखते हुए एकमुश्त की जगह किस्तों में भुगतान की सुविधा देने का निर्णय लिया है। साथ ही पहले आओ-पहले पाओ की जगह ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा ताकि सभी को मौका मिल सके। प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी और प्रतिस्पर्धा भी होगी, जिससे सरकार को राजस्व अधिक प्राप्त होने की संभावना है।

कई इकाइयां आवंटित भूखंड का पूरा उपयोग नहीं करती हैं। ऐसी इकाइयां, जो उत्पादन प्रारंभ होने के पांच वर्ष के भीतर भूमि का पूरा उपयोग नहीं करती हैं, उनका पट्टा निरस्त करके अधिपत्य लिया जा सकेगा। भूखंड के हस्तांतरण और विभाजन की सुविधा भी अब दी जाएगी। इसके लिए मूल इकाई को सभी न्यायालयीन प्रकरण वापस लेने होंगे और सभी शासकीय विभागों का बकाया चुकाना होगा। बंद हो चुकी इकाइयों को भूखंड लौटाने की सुविधा भी मिलेगी। इसमें इकाइयों को प्रब्याजी के साथ विकास शुल्क वापस किया जाएगा।

भाजपा पर कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने लगाया वोट के बदले रुपये देने का आरोप

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राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। विपक्षी दलों के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा गुरुवार को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। इसमें गंधवानी विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि उन्हें भाजपा की प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की गई है। धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक पांचीलाल मेड़ा ने भी कहा कि उन्हें मंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया है। सिन्हा ने इसे दुखी करने वाली घटना बताते हुए कहा कि जब भाजपा मुझे हारा हुआ प्रत्याशी बता चुकी है तो फिर इस तरह के हथकंडे क्यों अपनाए जा रहे हैं। रिटर्निंग आफिसर और भारत निर्वाचन आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने प्रजातंत्र की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों से आगे आने की अपील की।

भोपाल के एक होटल में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद हुई पत्रकारवार्ता में यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज मैं बहुत दुखी हूं। विधायक ने बैठक में कहा कि उनको फोन आ रहे हैं। प्रलोभन दिया जा रहा है कि इतने पैसे ले लो और वोट हमारे प्रत्याशी के पक्ष में दे दो। मैंने अभी तक सुना था कि विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है पर भोपाल में इसका प्रमाण मिल गया। कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैं चुनाव में खड़ा हो जाऊंगा तो यह हाल जाएगा। भाजपा डर गई है इसलिए विधायकों की खरीद फरोख्त का रास्ता अपनाया है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चुनी हुई सरकार को अपदस्थ किया गया। गोवा में कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने का प्रयास हुआ। लोकतंत्र में इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता है। शिवसेना द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किए जाने पर कहा कि शिवसेना को तोड़कर सरकार गिराने के बाद अब दबाव बनाया जा रहा है कि हमारे प्रत्याशी का समर्थन करें। आज की भाजपा और पुरानी भाजपा में जमीन आसमान का अंतर है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिर गई थी। आज की भाजपा में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

सिंघार ने नवदुनिया से चर्चा में कहा कि वोट के बदले भाजपा नेताओं द्वारा 50 लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया है। हमारे दल के कुछ अन्य विधायकों से भी संपर्क किया गया है। उधर, पांचीलाल मेड़ा ने भी मीडिया से चर्चा में कहा कि मुझे मंत्री पद देने का प्रस्ताव दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी लाइन पर ही मतदान करेंगे।

देश के भविष्य का है चुनाव

सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव को देश के भविष्य का चुनाव बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई हमें लड़नी है। मुझे खुशी है कि मैं इस लड़ाई का प्रतीक बन गया हूं। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वे उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त करे, तभी तो वे काम करके दिखा पाएंगी। राष्ट्रपति के पद में कुछ नहीं रखा है।

सागर में पर्ची डालकर आया परिणाम

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मध्य प्रदेश में तीन चरणों में कराए गए ग्राम, जनपद और जिला पंचायत के चुनाव के गुरुवार को पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के परिणाम घोषित कर दिए। विकासखंड मुख्यालयों पर रिटर्निंग आफिसर ने परिणामों की घोषणा करके निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किए। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए विकासखंड स्तर पर मतगणना हो चुकी है।

इसके परिणाम शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कई नेताओं के रिश्तेदार जीते तो कुछ को हार का भी सामना करना पड़ा। शमशाबाद से विधायक राजश्री सिंह की बेटी जिला पंचायत का चुनाव हार गई हैं तो धार से सांसद छतरसिंह दरबार की पत्नी और बहू चुनाव जीत गई हैं। वहीं, सागर में ग्राम पंचायत सिंगारचोरी के सरपंच पद का निर्णय पर्ची निकालकर किया गया।

तीन चरणों में दो लाख 33 हजार 620 पंच, 712 सरपंच और 157 जनपद सदस्य निर्विरोध चुने गए थे। 97 सरपंच और 58 हजार 288 पंच पदों के लिए नामांकन पत्र ही दाखिल नहीं हुए। 71 हजार 445 पंच, 22 हजार 115 सरपंच, छह हजार 614 जनपद सदस्य पद के लिए चुनाव कराए गए थे। इनके परिणाम देर शाम तक विकासखंड मुख्यालय पर घोषित कर दिए गए।

सागर में ग्राम पंचायत सिंगारचोरी में सरपंच पद के लिए अजय लंबरदार और बलवान सिंह राजपूत को 416-416 मत मिले थे। इसके बाद पर्ची निकालकर निर्णय हुआ। इसमें बलवान सिंह राजपूत विजयी घोषित हुए। उधर, राजगढ़ में कांग्रेस के पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय की पत्नी चुनाव हार गईं।

पूर्व विधायक डा.रामप्रसाद दांगी की पुत्रवधू शीतल दांगी वार्ड चार से चुनाव जीतीं। छिंदवाड़ा में पूर्व विधायक दीपक सक्सेना के बेटे जय सक्सेना रोहना से सरपंच निर्वाचित हुए। पूर्व विधायक चंद्रभान सिंह की बहू कविता चौधरी मालनवाड़ा से सरपंच चुनी गईं।

पूर्व गृह राज्यमंत्री जगदीश मुवेल के पुत्र अजय राज जनपद पंचायत का चुनाव हार गए। खंडवा के खालवा क्षेत्र क्रमांक 14 से वन मंत्री विजय शाह के पुत्र दिव्यादित्य शाह 29 हजार मतों से चुनाव जीते हैं। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने दावा किया है कि कई जिला पंचायत में पार्टी समर्थक प्रत्याशी सदस्य का चुनाव जीते हैं।

भोपाल, जबलपुर, रीवा, छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अधिक जीते हैं। जबकि नर्मदापुरम, गुना, सागर, रतलाम, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य जिलों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी अधिक जीते हैं। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का बनना तय है।

जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष पद की जोड़ तोड़ शुरू

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के नेता जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष पद की जोड़-तोड़ में लग गए हैं। गैर दलीय आधार पर होने वाले इस चुनाव में राजनीतिक दलों का पूरी दखल रहता है। भाजपा ने मंत्री, सांसद और विधायकों को पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निर्वाचन की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, कांग्रेस ने विधायक और जिला प्रभारियों को अध्यक्ष के चुनाव का दायित्व सौंपा है।

भोपाल में तीन घंटे रहेंगी राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू

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एनडीए की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार दोपहर बाद भोपाल आ रही हैं। इस दौरान वह तीन घंटे भोपाल में रहेंगी। स्टेट हैंगर पर उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। इस मौके पर आदिवासी लोक कलाकार परंपरागत तरीके से उनका स्वागत करेंगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं को भी बड़ी संख्या में दोपहर दो बजे स्टेट हैंगर बुलाया गया है। स्वागत कार्यक्रम के बाद वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगी। मुख्यमंत्री आवास में ही पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई गई है।

शाम छह बजे वह नईदिल्ली लौट जाएंगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होना है। जिसमें सभी विधायक और सांसद मतदान करेंगे। मुर्मू की यात्रा इसी के मद्देनजर है।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए झारखंड संवर्ग के आइएएस सतेन्द्र सिंह को बनाया पर्यवेक्षक

राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड संवर्ग के आइएएस अधिकारी सतेन्द्र सिंह को मध्य प्रदेश के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हो।

विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक शनिवार को भोपाल पहुंचेंगे। वे यहां मतपेटी और निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा और परिवहन के लिए की गई निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। मतदान के अगले दिन मंगलवार को दिल्ली जाएंगे।

पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी सुष्मिता सेन को डेट कर रहे हैं

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले कमिश्नर और चेयरमैन ललित मोदी ने एक ट्वीट कर चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि अपने परिवार के साथ परिवार के साथ मालदीव समेत दुनिया भर का टूर करने के बाद लंदन लौटा हूं। ये भी बता दूं कि ‘बेटर हाफ’ सुष्मिता सेन के साथ आखिरकार नई जिंदगी की शुरुआत शानदार रही है। इसके बाद से उनकी सुष्मिता सेन से शादी की खबर चलने लगी। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ डेट कर रहा हूं। एक दिन शादी भी हो जाएगी।

ललित मोदी ने साल 2008 से 2010 तक IPL के चेयरमैन के तौर पर IPL को आगे बढ़ाया। माना जाता है कि IPL का आइडिया भी इन्हीं का था। ये साल 2005 से 2010 तक BCCI के उपाध्यक्ष भी रहे। बाद में टैक्स चोरी, मनी लॉन्डरिंग के आरोपों के बाद उन्होंने साल 2010 में भारत छोड़ दिया।

मां की सहेली से की थी पहली शादी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ललित मोदी को विदेश में पढ़ाई के दौरान अपनी मां की सहेली मीनल से मोहब्बत हो गई थी। जब मीनल की शादी होने वाली थी उससे पहले ललित मोदी ने उनको अपनी फीलिंग्स के बारे में बता दिया।

उम्र में 9 साल बड़ी मीनल इससे नाराज हो गईं और दोनों में बातचीत बंद हो गई। लेकिन, बाद में मीनल का अपना नाइजीरियाई बिजनेसमैन पति जैक सागरानी से तलाक हो गया। इसके बाद मीनल और ललित मोदी फिर करीब आए और दोनों ने अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ 17 अक्टूबर 1991 को शादी कर ली। साल 2018 में मीनल की मौत हो गई थी.

राष्ट्रपति का पद गोटबाया राजपक्षे ने छोड़ा

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गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। गोटबाया राजपक्षे ने आखिरकार राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। श्रीलंका संसदके अध्यक्ष के प्रेस सचिव ने बताया कि अध्यक्ष को श्रीलंका में सिंगापुर दूतावास के माध्यम से राष्ट्रपति राजपक्षे का त्यागपत्र मिला है। इसके आंकड़ों की पुन: जांच और सभी कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद कल यानी शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की जाएगी। बता दें कि उन्होंने 13 जुलाई को ही इस्तीफा देने का ऐलान किया था, लेकिन इसके एक दिन बाद उन्होंने ईमेल से अपना इस्तीफा भेजा। इस बीच शुक्रवार को श्रीलंका में नए प्रधानमंत्री का ऐलान होना है। विपक्ष ने कहा है कि वह कल 10 बजे नए प्रधानमंत्री की घोषणा करेगा।

गोटाबाया राजपक्षे फिलहाल अपने परिवार के साथ सिंगापुर में हैं। सिंगापुर विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राजपक्षे निजी यात्रा पर सिंगापुर पहुंचे हैं और उन्हें शरण देने जैसी कोई बात नहीं हुई है।

श्रीलंका के राजनीतिक दलों ने एक सर्वदलीय सरकार बनाने तथा दिवालिया हुए देश में अराजकता फैलने से रोकने के लिए 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। लेकिन श्रीलंका में आगे भी शांति बहाल होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने आपातकाल की घोषणा कर दी है और विद्रोह-प्रदर्शनों से निपटने के लिए सेना और पुलिस को खुली छूट दे दी गई है। जबकि प्रदर्शनकारी राजपक्षे और विक्रमसिंघे में से किसी को भी सत्ता में दोबारा नहीं देखना चाहते हैं और विक्रमसिंघे के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। यानी देश की सत्ता में काबिज लोग अभी भी जनता की भावना और मांग को पूरा करने को तैयार नहीं है।

पहले वनडे मैच में 110 रनों पर सिमटा इंग्लैंड

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इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज अपने नाम करने के बाद भारत के वनडे सीरीज में शानदार शुरुआत की है। ओवल में खेले जा रहे रहे पहले वनडे में टॉस जीतने के बाद रोहित शर्मा ने पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था और बुमराह ने अपने पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर पहला वार किया था। मोहम्मद शमी, प्रसिद्ध कृष्णा और हार्दिक पंड्या ने उनका बख़ूबी साथ निभाया और मेज़बान टीम को मात्र 110 रन बनाने दिए। इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज़ 30 से अधिक रन नहीं बना पाया और 4 बल्लेबाज़ तो अपना खाता तक नहीं खोल पाए। 50 ओवरों के मैच में इंग्लिश टीम 25.2 ओवरों में ही सिर्फ 110 रनों पर सिमट गई। सबसे ज्यादा रन बनानेवाले बल्लेबाज थे जॉस बटलर, जिन्होंने कुल 30 रनों का योगदान दिया। बुमराह ने घातक गेंदबाजी करते हुए 7.2 ओवरों में सिर्फ 19 रन देकर 6 विकेट चटकाये। वहीं मोहम्मद शमी ने 7 ओवरों में 31 रन देकर 3 विकेट लिए।