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मुख्यमंत्री चौहान ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के चरणें में प्रार्थना की

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जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी के निर्वाण कल्याणक दिवस पर चरणों में यही प्रार्थना करता हूं कि हर हृदय में सत्य,अहिंसा, शांति, अपरिग्रह का भाव हो।
प्रेम,मंगल और कल्याण के पुण्य प्रकाश से प्रत्येक मन आलोकित होता रहे, जिओ और जीने दो का भाव जागृत हो एवं जगत का कल्याण हो।

दीपावली की रात उज्जैन में श्री महाकाल महालोक में प्रज्वलित किए एक लाख दीपक

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उज्जैन । ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को तड़के बजे भस्म आरती में सबसे पहले दीपावली मनाई गई। पुजारियों ने भगवान महाकाल को अन्नकूट का भोग लगाकर फुलझड़ी से आरती की। मंदिर की परंपरा अनुसार तड़के चार बजे मंदिर के पट खुले। इसके बाद पुजारियों ने भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक- पूजन किया। पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान महाकाल को केसर चंदन का उबटन लगाया। इसके उपरांत पुजारियों ने भगवान महाकाल को गर्म जल से अभ्यंग (संपूर्ण) स्नान कराया। भगवान को सोने चांदी के आभूषण व नवीन वस्त्र धारण कराकर भव्य शृंगार किया गया। इसके बाद अन्नकूट में विभिन्न प्रकार के पकवान, फल, सूखे मेवे, विभिन्न फलों के रस आदि का भोग लगाकर फुलझड़ी से आरती की गई। राजाधिराज के आंगन में दीपोत्सव की निराली छटा को निहारने के लिए करीब दो हजार भक्त मौजूद थे। श्री महाकाल महालोक में एक लाख दीप प्रज्वलित किए गए।
समृद्धि के दीप जले… फैला उजियारा.. आकाश गंगा जैसी दमकी धर्मधानी
धन, संपदा, समृद्धि व ऐश्वर्य का पर्व दीपावली सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों व प्रतिष्ठानों में जले समृद्धि के दीपों के उजियारे से धर्मधानी आकाशगंगा जैसी दमक उठी। रंगारंग आतिशबाजी से आकाश भी रोशन हो गया। माता लक्ष्मी के स्वागत में घर, प्रतिष्ठान आकर्षक विद्युत रोशनी तथा फूलों की लड़ियों से सजे हुए थे। मालवा की लोक परंपरा अनुसार द्वार पर वंदनवार तथा आंगन में रंगोली उत्सवी छटा बिखरे रही थी। गोधूलि वेला के शुभ मुहूर्त में विधि विधान के साथ माता लक्ष्मी का पूजन किया गया। इस बार तिथि के मतांतर से सुबह रूप चौदस तथा शाम को दीपावली होने से घर तथा प्रतिष्ठानों में शाम को प्रदोषकाल के मुहूर्त में एक साथ पूजा अर्चना की गई।
बाजार में रौनक, लोगों ने जमकर की खरीदारी
दीपपर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया। सोमवार को सुबह से बाजारों में रौनक छाई थी। पूजन सामग्री, मिष्ठान, आतिशबाजी तथा हार फूल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। भक्त माता लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए पूजन में उपयोग होने वाली प्रत्येक वस्तु को चुन चुन कर खरीद रहे थे। दीपावली पर घर, प्रतिष्ठान की सज्जा तथा पूजन में गेंदे के फूलों का विशेष महत्व रहता है। इस बार बाजार में फूलों की अच्छी आवक रही। भाव भी 80 से 120 रुपये किलो तक रहे।

लक्षण और दवाइयां मरीजों को हिंदी में लिखी जा रही

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जबलपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अपील का असर सामने आने लगा है। मरीजों की नब्ज टटोलने के बाद तमाम डाक्टर हिंदी भाषा में दवा का पर्चा लिख रहे हैं। बीमारी का ब्यौरा भी हिंदी में पर्चे पर लिखा जा रहा है। आरएक्स की जगह श्री हरि अथवा श्री लिख रहे हैं। रेडियोलाजी व पैथालाजी जांचों की सलाह के लिए हिंदी का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने चिकित्सकों से हिंदी में दवा का पर्चा लिखने की अपील की थी। अपील में कहा गया था कि दवाएं लिखने से पूर्व आरएक्स की जगह श्री हरि लिखा जाए। अपनी मातृ भाषा हिंदी पर गर्व करते हुए शहर के कई चिकित्सक हिंदी में पर्चा लिखने लगे हैं। विक्टोरिया अस्पताल के सिविल सर्जन डा. राजकुमार चौधरी ने कहा कि उन्होंने भी चिकित्सकों से हिंदी में दवा का पर्चा लिखने की अपील की है। आरएक्स की जगह श्री हरि लिखने के लिए कहा है। हिंदी में दवा का पर्चा व श्री हरि लिखने की व्यवस्था अस्पताल में जल्द लागू हो जाएगी।
डा. कोठारी ने ऐसे लिखा पर्चा-
जिला अस्पताल विक्टोरिया के अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. नवीन कोठारी जिला कुष्ठ अधिकारी भी हैं। कुंडम से उपचार कराने पहुंचे 25 वर्षीय मरीज के पर्चे पर उन्होंने बीमारी के लक्षण हिंदी में लिखे। दाहिने हाथ में दर्द, कोहनी के नीचे सुन्नपन व संवेदनहीन दाग आदि लिखने के बाद उन्होंने कुष्ठ उन्मूलन में उपयोगी दवाओं का नाम हिंदी में लिखा। प्रतिमाह अस्पताल में जांच व दवा के लिए पहुंचने की सलाह तथा हाथ, पैर, आंखों के व्यायाम व देखभाल की सलाह भी उन्होंने हिंदी में लिखा। दवाएं लिखने के पूर्व आरएक्स की जगह उन्होंने श्री हरि लिखा। डा. कोठारी ने बताया कि हिंदी में दवाएं, लक्षण व जांच आदि लिखने से मरीज अपनी बीमारी व उपचार के बारे में ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।

अभिभावकों ने रील्स बनाने को लेकर डांटा तो यूपी से दो सहेलियां घर से भागीं

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भोपाल। उत्तरप्रदेश की दो किशोरियां अभिभावकों की डांट से इस कदर परेशान हुई कि घर से भाग गई। भोपाल की रेलवे चाइल्डलाइन ने 15 व 16 साल की दोनों किशोरियों को रेस्क्यू किया। काउंसलिंग के बाद दोनों किशोरियों को अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों के अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने कोरोना के समय अपनी बेटियों को आनलाइन कक्षा के लिए मोबाइल दिया था। अब वे मोबाइल पर दोस्तों से चैट करती हैं। पढ़ाई बिल्कुल नहीं करती हैं। उन्होंने रील्स बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डालना शुरू कर दिया है। अभिभावकों ने उन्हें रोक-टोक करते हुए फटकार लगाई तो तो गुस्से में दोनों सहेलियां बिना कुछ सोचे घर से निकल गई।
बाद में उन्हें डर लगा तो उन्होंने परिवार को इस बात की जानकारी दी कि वे कुशीनगर एक्सप्रेस में हैं। रेलवे चाइल्ड लाइन और आरपीएफ की टीम ने कुशीनगर ट्रेन में खोजा। इसके बाद किशोरियों को चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया। सीडब्ल्यूसी की सदस्य ब्रिज त्रिपाठी ने बताया कि दोनों किशोरियां यूपी के व्यवसायी परिवारों से हैं। उनकी काउंसलिंग करने के बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया है।
किशोरियों ने झूठी कहानी सुनाई
किशोरियों ने स्वजन को काल कर अपने अगवा होने की झूठी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रेन के बाथरूम में बांध के रखा गया है। हालांकि, जब भोपाल टीम ने खासी मशक्कत के बाद बच्चियों को ढूंढ निकाला तो वे आराम से ट्रेन में सफर करती मिली। किशोरियों ने बताया कि माता-पिता उन्हें मोबाइल को लेकर गुस्सा करते हैं। खासकर रील्स देखने और बनाने को लेकर बहुत डांट सुनना पड़ती थी। अभिभावकों ने बताया कि बच्चियों का पूरा ध्यान मोबाइल में रहता है। इसके चलते उन्हें डांटना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने सोचा भी नहीं था कि किशोरियां ऐसा कदम उठा सकती हैं।

शिवलिंग के ऊपर जल से भरा कलश धार जिले में अचानक घूमने लगा

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धामनोद। मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद नगर में बावड़ी मोहल्ले स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के ऊपर बंधा हुआ जल से भरा कलश अचानक तेज गति से घूमने लगा। इस अद्भुत घटना को देखने वाले भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। आज सूर्य ग्रहण है और सूतक से पहले पुजारी लक्ष्मणजी द्वारा रात 3 बजे पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गए थे। लेकिन प्रतिदिन दर्शन करने वाले भक्त मंदिर पहुंचे और पट बंद होने से शिखर के दर्शन किए। कुछ भक्तों की नजर भगवान के मंदिर में जाली से गर्भगृह में पड़ी तो शिवलिंग के ऊपर लगा जल से भरा कलश घूम रहा था।
उन्होंने नगर के दूसरे लोगों को इसकी जानकारी दी। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ यहां जमा हो गई। इंटरनेट मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। जानकारी के मुताबिक मां नर्मदा का जल शिवलिंग के ऊपर अभिषेक के लिए कलश में भरा जाता है। भक्त इस घटना को सूर्य ग्रहण से जोड़कर देख रहे हैं।

दीपावली का शानदार जश्न व्हाइट हाउस में

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अमेरिका में भारतीयों के बढ़ते दबदबे की बीच इस बार व्हाइट हाउस में भी दीपावली का जश्न शानदार अंदाज में मनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन ने अपने सरकारी निवास व्हाइट हाउस में भारतीय-अमेरिकियों के साथ दिवाली का जश्न धूमधाम से मनाया। इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ बड़ी तादाद में भारतवंशी भी पहुंचे। इस कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी की भारतवंशी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी पहुंची थी। दिवाली के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने संबोधन में दिवाली की शुभकामनाएं दीं और साथ ही दीपावली पर जारी अपने संदेश में हथियार समर्थकों को कड़ा संदेश भी दिया। बाइडेन ने कहा कि इससे पहले कि मैं जाऊं (कार्यकाल खत्म करके), हम असॉल्ट हथियारों पर प्रतिबंध लगाएंगे। हमने पहले भी किया था, हम फिर करेंगे। हिंसक उग्रवाद एक खतरा है। इस देश में नफरत का कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं हो सकता।
कमला हैरिस ने भी दी दीपावली की बधाई
इसके अलावा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने आज रात हम दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों के साथ मिलकर दिया जलाएंगे और बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अंधेरे पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाएंगे। कमला हैरिस ने कहा कि कई संस्कृतियों की तरह दिवाली हमें याद दिलाती है कि हम दुनिया में एक दूसरे में और अपने आप में रोशनी देखें।
बाइडेन ने ऋषि सुनक का भी किया जिक्र
अमेरिका की राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने संबोधन में ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने जा रहे भारतीय मूल के सांसद ऋषि सुनक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऋषि सुनक अब यूके के पीएम होंगे। जल्द ही वे बिट्रेन के राजा से मिलने जाने वाले हैं। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है, एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह काफी मायने रखता है।
व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह के दौरान बॉलीवुड गीतों पर नृत्य प्रस्तुति भी दी गई। इस बीच जिल बाइडन ने कहा कि एशिया के लोगों खासकर भारतीयों के चलते ही अमेरिका तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिल बाइडेन ने कहा कि मैं आभारी हूं कि आज इस दिवाली के कारण दृढ़ता और विश्वास के साथ, प्यार के साथ आपको इस घर तक लाया गया है।

लिंगायत संत बसवलिंगा स्वामी मठ में मृत पाए गये, कमरे से मिला दो पेज का सुसाइड नोट

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कर्नाटक के रामनगर में श्री कंचुगल बंदेमठ के एक लिंगायत संत बसवलिंगा स्वामी सोमवार को अपने आश्रम में मृत पाए गए। पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय बसवलिंगा स्वामीजी का शव मठ में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुदुर पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच की जा रही है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और छानबीन शुरु कर दी है।
जब कंचुगल बंदेमठ के प्रधान पुजारी 44 वर्षीय बसवलिंगा स्वामी ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला और भक्तों के फोन कॉल भी नहीं उठाए, तब भक्तों ने सोमवार सुबह उनके कमरे का दरवाजा तोड़ा। कमरे के भीतर संत का शव फंदे से लटका पड़ा था। साथ की कमरे में स्वामी द्वारा लिखा गया दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला। नोट में कथित तौर पर कहा गया है कि मठ के प्रधान पुजारी को कुछ लोगों द्वारा मानहानि की धमकी देकर परेशान किया जा रहा था।
बंदेमठ 400 से अधिक वर्षों से अस्तित्व में है और पिछले 25 वर्षों से बसवालिंगा स्वामी मठ के पुजारी थे. रामनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज होने के बाद साधु की मौत की जांच शुरू कर दी है. बता दें कि पिछले महीने बेलगावी जिले के बैलाहोंगला तालुक के नेगीनाहला गांव में श्री गुरु मदीवालेश्वर मठ के पुजारी बसवासिद्दालिंगा स्वामीजी मृत पाए गए थे।

‘बिल्ला’की स्क्रीनिंग के दौरान लगी आग

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‘बिल्ला’की स्क्रीनिंग के दौरान लगी आग
बाहुबली बन लोगों के दिलों पर राज करने वाले टॉलीवुड के सुपरस्टार प्रभास आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने पसंदीदा सितारे के जन्मदिन के मौके पर फैंस भी काफी खुश हैं और धूमधाम से जश्न मना रहे हैं। इसी खुशी में आंध्र प्रदेश के एक थिएटर में प्रभास की फिल्म ‘बिल्ला’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी। लेकिन थिएटर में उस समय आग लग गई, जब स्क्रीनिंग के दौरान फैंस ने पटाखे फोड़ दिए।
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम कस्बे के एक थिएटर में रविवार को प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी फिल्म ‘बिल्ला’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी। लेकिन अभिनेता के फैंस ने अति उत्साह का प्रदर्शन करते हुए वेंकटरमण थिएटर में स्क्रीनिंग के दौरान पटाखे फोड़ दिए, जिसकी वजह से थिएटर की सीटों में आग लग गई।
आग की लपटें तेजी से थिएटर में फैलते देख दर्शक में दहशत का माहौल बन गया और वे सभी हॉल से बाहर भाग गए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और थिएटर के कर्मचारियों ने फिल्म देख रहे कुछ लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने से थिएटर को नुकसान जरूर पहुंचा है।

ISRO के बाहुबली रॉकेट LVM3 M2 से लॉन्च होंगे 36 सैटेलाइट

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भारतीय स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (ISRO) एक बड़ी कामयाबी के मुहाने पर है। 22 तारीख की आधी रात को ये अपने सबसे भारी और शक्तिशाली रॉकेट ‘एलवीएम-3’ (लॉन्च व्हीकल-3) मार्क 2 के जरिए से एक साथ 36 सैटेलाइट्स को प्रक्षेपित करेगा। इस मिशन का 24 घंटे का काउंटडाउन रात 12 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगा। इस मिशन में ब्रिटिश स्टार्टअप वनवेब के 36 उपग्रहों को लॉन्च किया जाएगा। इस लॉन्च की कामयाबी से इसरो, ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च सर्विस मार्केट में अपनी शानदार एंट्री दर्ज करा सकता है।
क्यों अहम है ये मिशन?
स्पेस डिपार्टमेंट के अंतर्गत हाल ही में शुरू NSIL (New Space India Ltd) ने लंदन में मौजूद वनवेब के साथ दो LVM 3 के जरिए LEO (Low Earth Orbit) सेटेलाइट्स के लॉन्च सर्विस का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह स्पेस डिपार्टमेंट के अंर्तगत इसरो के कमर्शियल लेग की तरह काम करता है। इस तरह NSIL के साथ यह पहला कमर्शियल एलवीएम3 लॉन्च होगा। यह पहली बार होगा, जब लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (GSLV मार्क 3) के जरिए कोई कमर्शियल लांच किया जा रहा है। अगर ये मिशन कामयाब रहा, तो इसरो के लिए कॉमर्शियल लॉन्चिंग की राह आसान हो जाएगा। वहीं इस बाहुबली के कमर्शियल मार्केट में उतरने से इसरो और NSIL के लिए, इस फील्ड में तमाम दरवाजे खुल जाएंगे।
क्या है इसकी खासियत?
लॉन्च व्हीकल मार्क 3 इसरो का सबसे भारी भरकम 640 किलो वजनी रॉकेट है, जो अपने साथ करीब 4 टन पेलोड जियो सिंक्रोनस ऑर्बिट (GSO) में और 8 तो वजनी पेलोड लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में ले जाने में सक्षम है। इससे पहले इसरो, कमर्शियल लॉन्च के लिए पीएसएलवी का इस्तेमाल करता था। यह तीन स्टेज का रॉकेट है, जिसमे दो सॉलिड मोटर स्टेप्स ऑन और एक लिक्विड प्रोपोलेंट कर स्टेज है और बीच में क्रायोजेनिक स्टेज है। इसके भारी भरकम रूप के कारण इसे इसरो का बाहुबली भी कहा जाता है।

उज्जैन के ‘श्री महाकाल लोक’का नाम बदलकर ‘श्री महाकाल महालोक’किया

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उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर परिसर का नवविस्तारित क्षेत्र ‘श्री महाकाल लोक’ अब ‘श्री महाकाल महालोक’ ही कहलाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ये जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर साझा की है। लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीष, स्नेह हमेशा मध्य प्रदेश के साथ रहा है। जब वे उज्जैन आए थे उन्होंने इस भव्य, दिव्य, अलौकिक स्थान को देखकर विचार व्यक्त किया था कि महाकाल महालोक बहुत अद्भुत है। उनकी भावनाओं के अनुरूप अब नवनिर्मित परिसर श्री महाकाल महालोक ही कहलाएगा’।
मालूम हो कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र के 11 अक्टूबर को हुए लोकार्पण से पहले परिसर के नामकरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। कई लोगों ने महाकाल पथ, महाकालेश्वर धाम जैसे अनेक नामों का सुझाव दिया था। 27 सितंबर को उज्जैन में पहली बार हुई मध्यप्रदेश केबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने पहला निर्णय महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र का नाम ‘श्री महाकाल लोक’ करने का लिया था। निर्णय के बाद इसी नाम से परिसर की ब्रांडिंग की गई। लोकार्पण समारोह का लाइव प्रसारण 40 देशों में किया गया था। इसका असर यह हुआ कि लोकार्पण समारोह मंग एक लाख से अधिक लोग जुटे और लोकार्पण के बाद परिसर को देखने के लिए भी रोज हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
दीपावली पर एक लाख दीपकों से जगमगाएगा ‘श्री महाकाल महालोक’
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक’ इस दीपावली पर एक लाख दीपमालाओं से जगमाएगा। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों द्धारा शाम 6.30 बजे से 7 बजे के बीच एक साथ सारे दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मंदिर प्रशासक संदीपकुमार सोनी ने कहा है कि इस समय दृश्य अद्भुत, अलौकिक देखने लायक होगा।
मालूम हो कि पांच दिन पहले 18 अक्टूबर को उज्जैन आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के लिए बनाई उपसमिति के सदस्यों और आमजन से अपील की थी कि इस साल दीपावली पर श्री महाकाल महालोक में एक दीपक अवश्य जलाएं, ताकि क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा जाएं। इसके पालन में मंदिर समिति ने पहल कर एक लाख दीये प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की है। इसी क्रम में शनिवार को मंदिर प्रशासक ने समिति सदस्यों के साथ बैठक की। श्री महाकाल महालोक को सात सेक्टर में बांटकर दीप प्रज्ज्वलन करने का निर्णय लिया। कहा कि दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी सुबह से ही करें। कतार बद्ध दीप लगाएं। प्रमुख स्थान पर रंगोली सजाएं। काम इस तरह हों कि देखने वाले देखते रह जाएं।