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79 साल की उम्र में अमिताभ बच्चन ने ट्राई किया टाइगर श्रॉफ वाला स्टंट

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अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार है। अपने एक्टिंग करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें एंग्री यंग मैन कहा जाता है। यह टैग आज भी कायम है। उन्होंने अपने करियर के इन सभी दशकों में जो हासिल किया है। उसके करीब कोई नहीं आ सकता है। सीनियर बच्चन जवानी के दिनों में स्टंट के लिए भी जाने जाते हैं। हालांकि वह अब फिल्मों में एक्शन करते नजर नहीं आते है। इसका मतलब यह नहीं कि वह उन्हें अब नहीं कर सकते।

टाइगर श्रॉफ ने किया मोटिवेट

अमिताभ बच्चन ने 79 साल की उम्र में यह साबित कर दिया है। ऐसा कुछ भी नहीं जो वह अब नहीं कर सकते। उन्होंने हाई किक मारकर यह साबित किया है। अंदाजा लगाइए कि उन्हें ऐसा करने के लिए किसने मोटिवेट किया। यह कोई और नहीं बल्कि हीरोपंती 2 का अभिनेता टाइगर श्रॉफ हैं।

पोस्ट पर लिखा मजेदार कैप्शन

अमिताभ ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की है। जिसमें वह किक करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि टाइगर श्रॉफ को ऐसे फ्लेक्सिबल किक मारकर लाइक्स देखने के बाद मैंने सोचा मैं भी ट्राई करूं। उम्मीद है कि मुझे थोड़े लाइक्स मिलेंगे।

ब्रिटिश PM पर भी चढ़ा बुलडोजर का बुखार

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भारत में आते ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर भी जेसीबी का बुखार चढ़ता दिख रहा है। अपनी गुजरात यात्रा के दौरान जब को JCB फैक्ट्री के दौरे पर गये तो उन्हें ये बुलडोजर इतना पसंद आया कि उन्होंने ना सिर्फ ड्राइवर सीट पर बैठकर इसजा जायजा लिया, बल्कि उसके दरवाजे पर खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई। बुलडोजर को लेकर भारत में चल रहे ताजा विवाद के बीच उनकी ये तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ पंचमहाल के हलोल जीआईडीसी में जेसीबी कारखाने का दौरा कर रहे थे।

इसके बाद पीएम जॉनसन ने गुजरात के मशहूर अक्षरधाम मंदिर का भी दौरा किया और वहां के पुजारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। पीएम जॉनसन, गुरुवार सुबह ही भारत पहुंचे हैं। अहमदाबाद हवाई अड्डे पहुंचने पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनका स्वागत किया। माना जा रहा है कि ब्रिटिश पीएम के इस दौरे का उद्देश्य भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना और व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करना है।

गुजरात दौरे में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बिजनेस टाइकून गौतम अडानी से भी मुलाकात की। उनकी यात्रा पर गौतम अडानी (Gautam Adani) ने ट्वीट करते हुए कहा कि अडानी मुख्‍यालय में आनेवाले ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री की मेजबानी कर सम्‍मानित महसूस कर रहा हूं। गौतम अडानी ने अपने ट्वीट में आत्‍मनिर्भर भारत हैश टैग को भी जोड़ा और कहा कि हम ब्रिटिश कंपनियों के साथ रक्षा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सह-निर्माण के लिए काम करेंगे।

सैन्‍यकर्मी का इंदौर में दुर्घटना में निधन

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उज्जैन । इंदौर में मंगलवार देर रात हुई एक सड़क दुर्घटना में उज्जैन निवासी थलसेना के सिपाही आकाश यादव (30) का निधन हो गया। सिपाही आकाश का पार्थिव शरीर गुरुवार को सुबह गणेशनगर स्थित उनके घर लाया गया। अंतिम यात्रा निकली तो पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया। सेना की टुकड़ी ने आकाश को गार्ड आफ आनर देकर अंतिम विदाई दी। उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एनके मालवीय ने पुष्प चक्र अर्पित कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।

दिल्ली में थल सेना के इंजीनियर कोर में सिपाही के पद पर पदस्थ आकाश की मंगलवार रात साढ़े तीन बजे इंदौर में लोडिंग वाहन की टक्कर से मृत्यु हो गई थी। स्वजन और भूतपूर्व सैनिक अजय यादव ने बताया कि आकाश के पिता महेंद्र सिंह की पिछले वर्ष कोरोना लहर में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद पहला होली का त्योहार था। आकाश पिछले माह होली से कुछ दिन पहले महीनेभर की छुट्टी पर उज्जैन आए थे। दो दिन पहले मित्र की शादी में इंदौर गए थे।

मंगलवार रात साढ़े तीन बजे कार से लौट रहे थे कि कार खराब हो गई। वे एक सज्जन से लिफ्ट लेकर अरबिंदो अस्पताल चौराहे तक पहुंचे। फिर यहां से दोबारा अन्य गाड़ी वाले से लिफ्ट मांग रहे थे। एक कार वाले ने हाथ का इशारा समझ कार रोकी। वे दौड़कर उनके पास चर्चा करने पहुंचे। ड्राइवर साइड खड़े होकर बात कर ही रहे थे कि पीीीछ से आ रहे एक लोडिंग वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। साथी उन्हें तत्काल समीप के अरबिंदो अस्पताल ले गए। बाद में आकाश को बांबे अस्पताल ले जाया गया। वहां बुधवार सुबह 8.30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीएम उपरांत रात शव को उज्जैन आए।

मां, पत्नी और चार वर्षीय बेटे का रो-राे कर बुरा हाल

अपने लाड़ले का पार्थिव शरीर देख उनकी मां, पत्नी और चार वर्षीय बेटे का रो-रोक कर बुरा हाल हुआ। बताया कि शुक्रवार को उसे ड्यूटी ज्वाइन करने दिल्ली रवाना होना था। पुलिस ने मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की है।

विधानसभा चुनाव को लेकर ऐक्शन मोड में कांग्रेस

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 2023 के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुधवार को पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ के आधिकारिक आवास पर एकत्र हुए। सूत्रों ने बताया कि नाथ के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी और अरुण यादव तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह डिनर पार्टी में मौजूद थे।

इस डिनर पार्टी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं को अपनी और दिग्विजय सिंह की पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हाल की बैठक के बारे में जानकारी दी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सेवाएं लेने की योजना भी साझा की। सूत्रों ने कहा कि कमलनाथ ने उपस्थित लोगों से कहा कि सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा है कि वे केंद्र सरकार की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं और महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर विरोध करें, ताकि भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ का मुकाबला किया जा सके।

’25-30 विधायकों पर मंडरा रहा खतरा’
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्रियों सहित कांग्रेस के मौजूदा विधायकों के बारे में सर्वेक्षण रिपोर्ट भी साझा की और उन्हें जनता के साथ मिलकर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा। सूत्रों ने कहा, ‘लगभग 25-30 कांग्रेस विधायकों पर खतरा मंडरा रहा है।’ उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि कमलनाथ ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनकी स्थिति के बारे में बताया था। मध्य प्रदेश में 2003 से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस ने 2018 में सरकार बनाई थी और कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, 15 महीने बाद तत्कालीन पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विद्रोह के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गिर गई। सिंधिया ने छह मंत्रियों सहित अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए और राज्य में फिर से भाजपा सरकार की वापसी का रास्ता खुल गया था।

अबू सलेम की याचिका पर केंद्र के हलफनामे से सुप्रीम कोर्ट नाराज

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नई दिल्ली : 1993 बॉम्बे ब्लास्ट के दोषी गैंगस्टर अबू सलेम की उम्रकैद की सजा के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्रीय गृह मंत्रालय के हलफनामे की भाषा पर आपत्ति जताई। अदालत ने कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि आप हमें भाषण न दें। न्यायमूर्ति एसके कौल ने गृह मंत्रालय से कहा, “न्यायपालिका को भाषण मत दो। जब आप हमें कुछ तय करने के लिए कहते हैं तो हम इसे सहजता से नहीं लेते हैं।” गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अबू सलेम की उम्रकैद के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने केंद्रीय गृह सचिव के हलफनामे में भाषा पर आपत्ति जताई।

अदालत ने कहा कि जो मुद्दे आपको हल करने हैं, फैसला आपको करना है आप उस पर भी फैसला लेने की जिम्मेदारी हम पर ही डाल देते हैं।  हमें ये कहते हुए खेद है कि गृह सचिव हमें ये ना बताएं कि हमें ही अपील पर फैसला लेना है।  सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र को स्पष्ट होना चाहिए कि वे क्या कहना चाहते हैं? अदालत ने कहा, “हमें गृह मंत्रालय के हलफनामे में ‘हम उचित समय पर निर्णय लेंगे’ जैसे वाक्य पसंद नहीं हैं।” गृह मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा था कि सरकार के लिए यह उचित समय नहीं है कि वह फैसला करे और सुप्रीम कोर्ट फैसला करे। अबू सलेम की याचिका में कहा गया है कि पुर्तगाल की अदालतों को भारत की गारंटी के अनुसार उसकी जेल की सजा 25 साल से अधिक नहीं हो सकती।

दुनिया धर्मशाला है, आज आए कल जाना है – सीएम

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भोपाल : सिविल सर्विस डे पर गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के दौरान बिजली गुल हो गई। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी आईएएस-आईपीएस और एसएएस अफसरों को खरी-खरी सुनाई और उन्हें यह भी बताया कि वे किस काम के लिए इस सर्विस में आए हैं। वे अपना काम पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें तो वे अपनी सेवा के साथ न्याय करेंगे।

सिविल सर्विस डे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के दौरान प्रशासन अकादमी की बिजली गुल हो गई और करीब दस मिनट तक बिजली गुल रही। इस दौरान सीएम चौहान ने प्रमुख सचिव संजय दुबे का नाम लेकर कहा कि संजय कहां हैं? बाद में उन्होंने अफसरों से पूछा कि क्या आप सुन पा रहे हैं? अफसरों ने हां में सिर हिलाया तो सीएम ने कहा कि हां में हां नहीं मिलाते रहना है। जब लाइट ही नहीं है तो कहां से सुन पा रहे होंगे। सीएम चौहान ने कहा कि आप अपने काम को खुद और कैसे बेहतर बना सकते हैं? यह तय करें, मैं खुद तय करता हूं कि कल मुझे क्या बेहतर करना है? नया करने की बेचैनी रहती है और वह सभी में होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि काम कैसे होगा, यह आपके दृष्टिकोण पर भी निर्भर करता है। इसके लिए  उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तोड़ने वाले मजदूरों की कहानी सुनाई और कहा कि तीन मजदूरों ने अलग दृष्टिकोण बताए। पहले ने कहा कि यह हालत है कि पत्थर तोड़ने पड़ रहे हैं। दूसरे ने कहा कि पेट पालने के लिए ऐसा करना पड़ रहा है और तीसरे ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मेरे तोड़े गए पत्थर भगवान के मंदिर में लगेंगे। यही दृष्टिकोण हमें आगे ले जाता है।

दुनिया धर्मशाला है, आज आए कल जाना है
सीएम ने कहा कि यह दुनिया धर्मशाला है। आज आए हैं तो कल जाना ही होगा लेकिन जाने से पहले ऐसा काम कर जाना है कि यादगार बन जाए। ऐसा काम करें कि आपके योगदान यादगार रहें। एक कलेक्टर पूरे जिले को बदल देता है और एसपी कानून व्यवस्था बदल देता है। आप अपने आपको तकनीकी और अन्य माध्यमों के जरिये क्षमतावान बनाएं और काम करें।

दुआएं देने वाली कहानियां सुनाईं
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक दिन वे राजधानी के निजी अस्पताल में पहुंचे तो वहां एक मरीज के माता पिता ने घेर लिया। माता ने कहा कि दो बेटे लीवर खराबी के कारण जान गवां चुके हैं और तीसरा भी मर जाएगा। मैंने अफसरों से बात की और लीवर ट्रांसप्लांट के लिए कहा। इसके बाद दूसरे दिन उसी मां का फोन आया, उसने इतनी दुआएं दी कि मन संतुष्ट हो गया। उन्होंने सिंगरौली के एक युवक द्वारा माला पहनाने का किस्सा भी सुनाया और कहा कि वह जिद पर अड़ा था कि माला पहनाऊंगा। मैं थोÞड़ा झुंझलाया और बाद में उससे वजह पूछी तो उसने कहा कि मेरे दोनों हाथ नहीं थे। आपने  पिछली बार आकर हाथ लगवाने के लिए कहा था। यह हाथ लग गया है। उसकी दुआओं से भी मन संतुष्ट हो गया।

कोरोना पर व्यवस्था चाकचौबंद
सिविल सर्विस डे पर संबोधन के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग मुझसे प्रताड़ित रहते हैं कि सुबह फोन लगा दिया लेकिन मेरी हर काम बेहतर करने की इच्छा होती है। इसी कड़ी में कोरोना की फिर आमद की स्थिति को देख आज सुबह सुलेमान को चमका दिया। कोरोना को लेकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए।

श्रीलंका के मथीशा पथिराना ‘जूनियर मलिंगा’ के नाम से मशहूर

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नई दिल्ली : रविंद्र जडेजा की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने गुरुवार को एडम मिल्ने के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है। न्यूजीलैंड के इस गेंदबाज को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल 2022 के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। यह चोट इतनी गंभीर थी कि मिल्ने को इसका खामियाजा टूर्नामेंट से बाहर होकर उठाना पड़ा। मिल्ने के रिप्लेसमेंट के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने खेमें में श्रीलंका के 19 साल के मथीशा पथिराना को अपनी टीम में शामिल किया है। मथीशा पथिराना को उनके एक्शन की वजह से ‘जूनियर मलिंगा’ के नाम से भी जाना जाता है और इस खिलाड़ी पर महेंद्र सिंह धोनी की नजरें कई सालों से थी।

कौन है मथीशा पथिराना
19 वर्षीय पथिराना वेस्ट इंडीज में इस साल के अंडर -19 विश्व कप में श्रीलंका टीम का हिस्सा थे, जहां उन्होंने चार मैच खेले और 27.28 की औसत से सात विकेट लिए। इस दौरान उनकी इकॉनमी 6.16 की रही। पथिराना ने अपने एक्शन की वजह से शुरुआती करियर में ही खूब सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनका एक्शन श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा से काफी मिलता-जुलता है। उनका ऐक्शन ही नहीं बल्कि उनके पास मलिंगा की तरह यॉर्कर फेंकने का भी टेलेंट है। सीनियर स्तर पर पथिराना ने केवल एक लिस्ट ए मैच और दो टी20 मैच खेले हैं

धोनी और सीएसके के रडार पर थे मथीशा पथिराना
मथीशा पथिराना पिछले कुछ समय से सुपर किंग्स के रडार पर हैं। 2021 सीज़न से पहले, उन्होंने श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर महेश थीक्षाना के साथ पथिराना को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में शामिल किया। दीक्षाना को इस साल नीलामी में चेन्नई ने 70 लाख रुपए में अपनी टीम में शामिल किया था और अब मिल्ने के चोटिल होने के बाद मथीशा पथिराना को भी सीएसके की स्क्वाड में जगह मिली है।

कोरोना के चलते दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स का मैच पुणे से मुंबई हुआ शिफ्ट

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दिल्ली कैपिटल्स कैंप में COVID केस मिलने के बाद खलबली मच गई है। बीते दो साल से तो कोरोना के चलते आईपीएल आयोजित नहीं हो पा रहा था। इस बार फिर से कोरोना की इंट्री हो गई है। डीसी और पंजाब किंग्स के बीच आगामी खेल जो पुणे में खेला जाना था, उसे मुंबई में शिफ्ट किया जा रहा है।दिल्ली की राजधानियों के दल में कोरोना के 5 मामले सामने आने के बाद स्थल को बदल दिया गया है। यह जानकारी BCCI सचिव जय शाह ने दी है। कैपिटल ऑलराउंडर मिशेल मार्श को कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच दिल्ली और पंजाब के बीच का खेल दोनों पक्षों के लिए अहम है। पंजाब ने छह में से तीन जीते हैं और सातवें स्थान पर है जबकि दिल्ली ने पांच में से दो जीते हैं और आठवें स्थान पर है।

कोरोना की चौथी लहर की आशंका

देश में मामलों में तेजी आई है और रिपोर्ट्स बताती हैं कि चौथी लहर आ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत में दैनिक मामलों में 90 प्रतिशत की वृद्धि के एक दिन बाद देश में 1,274 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए गए और मंगलवार सुबह 8 बजे समाप्त 24 घंटों में एक मौत हुई। सक्रिय मामले वर्तमान में 11,860 हैं और कुल संक्रमणों का 0.03 प्रतिशत हैं। रिकवरी दर 98.76 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही और सोमवार को 928 रिकवरी दर्ज की गई। दैनिक सकारात्मकता दर 0.31 प्रतिशत थी जबकि साप्ताहिक सकारात्मकता दर 0.34 प्रतिशत थी।

इंदौर का एक और नवाचार, अब रोबोट से होगी कचरे की

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इंदौर। पांच साल से अव्वल इंदौर शहर की सफाई में लगातार नवाचार करते आ रहा है। अब ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरे की छंटाई में एक नया प्रयोग होने जा रहा है। देश में पहली बार ट्रेचिंग ग्राउंड में व्यवसायिक तौर पर कचरे की छंटाई के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रेचिंग ग्राउंड पर कचरे की छंटाई का काम कर रही नेप्रा कंपनी अगले पांच से छह माह में इंदौर में रोबोट का उपयोग शुरू करेगी। अभी इस आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) रोबोट का प्रयोगिक तौर पर अहमदाबाद में कंपनी के कचरा पृथकीकरण प्लांट में उपयोग किया जा रहा है। यह रोबोट को वस्तुओं को पहचानकर उसे आसानी से अलग-अलग कर देता है। अभी जहां सूखे कचरे को रिसायकल किया जा रहा है।

वहीं रोबोट के उपयोग से सूखे कचरे की गुणवत्ता बेहतर होने पर उसकी अप साइकिलिंग की जा सकेगी। उदाहरण के लिए शैम्पू की बाेतल तैयार करने वाली कंपनी को पुन: उपयोग के लिए बोतल दी जा सकेगी। इस तरह अभी जहां कई उत्पादों की पैकेजिंग में जहां वर्जिन प्लास्टिक का उपयोग हाेता है। वहीं कचरे काे अप साइकल करने पर वर्जिन प्लास्टिक का उपयोग भी कम होगा। इससे प्लास्टिक का उपयोग भी घटेगा।

एक मिनट में 200 वस्तुएं उठाएगा रोबोट

कंपनी ने कचरा छंटाई के लिए जो देशी तकनीक पर आधारित एआई रोबोट तैयार किया गया है। अभी जहां प्लांट में एक कर्मचारी एक मिनट में 40 वस्तुओं को उठाता है। वहीं रोबोट एक मिनट में 200 वस्तुओं को अलग करेगा। इस तरह कचरे की छंटाई की गति भी तीन से चार गुना बढ़ेगी। अभी एक कर्मचारी जहां 200 किलो कचरे को छांटता है, वहीं एक रोबोट 800 किलो कचरे की छंटाई कर सकेगा। रोबोट का उपयोग होने से ट्रेचिंग ग्राउंड में सूखे कचरे के पृथककीरण के प्लांट का 24 घंटे संचालन किया जा सकेगा।

अभी इंदौर के ट्रेचिंग ग्राउंड पर सुबह सात से शाम छह बजे तक कचरा पृथकीकरण का कार्य किया जाता है। इस कार्य में ज्यादातर महिला कर्मचारी होती हैं। ऐसे में वो रात में काम करने को तैयार नहीं रहती है। रोबोट के आने पर रात में प्लांट में कचरे की छंटाई का काम हो सकेगा। अभी प्लांट में 280 रैगपिकर्स कचरे की छंटाई का काम करते हैं। इनके साथ कंपनी के 70 कंपनी का अन्य स्टाफ भी होता है।

150 टन कचरा सीमेंट फैक्टरियों को ईंधन के रुप में दे रहे

ट्रेचिंग ग्राउंड के प्लांट पर पर अभी प्रतिदिन 400 टन सूखा कचरा पहुंचता है। छंटाई के बाद 150 टन अनुपयोगी कचरा जिसमें कपड़े, गद्दे, तकिया, खराब क्वालिटी का प्लास्टिक होता है। इसे सीमेंट फैक्टरियों को ईंधन के लिए दिया जाता है।

मध्य प्रदेश में बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा लोकलुभावन योजनाओं पर हो रहा खर्च

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भोपाल। । लोकलुभावन योजनाओं को संचालित करने में मध्य प्रदेश भी पीछे नहीं है। किसान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति सहित अन्य वर्गों को साधने के लिए बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अनुदान में जा रहा है। 22 हजार करोड़ रुपये तो केवल बिजली अनुदान पर खर्च किए जा रहे हैं। सरकार ने हाल ही में छह हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए हैं। डिफाल्टर किसानों को लगभग 85 करोड़ रुपये ब्याज माफ करने की घोषणा की जा चुकी है। पांच करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को एक किलोग्राम की दर से गेहूं और चावल देने के लिए चार सौ करोड़ रुपये सालाना व्यय किए जा रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी, तीर्थदर्शन, कन्यादान, सहरिया, भारिया और बैगा जनजातीय परिवारों को विशेष पोषण भत्ता सहित अन्य योजनाएं संचालित हैं।

सरकार सोशल इंजीनियरिंग के तहत सभी वर्गों को साधने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। सबसे बड़ा खर्च बिजली पर दिए जाने वाले अनुदान है। डेढ़ सौ यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से मात्र एक रुपये यूनिट की दर से बिल लिया जा रहा है, जबकि इसकी लागत कहीं अधिक होती है। 22 हजार करोड़ रुपये सालाना सरकार बिजली कंपनियों को अनुदान की राशि देती है। कोरोना काल में उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पाए तो समाधान योजना लागू करके सरचार्ज पूरा माफ कर दिया। इसके बाद भी वसूली नहीं हुई तो सरकार ने छह हजार करोड़ रुपये का बकाया बिल ही माफ कर दिया।

किसानों को साधने के लिए ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। इसकी प्रतिपूर्ति सहकारी बैंकों को ब्याज अनुदान के रूप में करनी होती है। इस पर प्रतिवर्ष 800 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। हालांकि, इस वर्ष आधार दर में कमी करने से यह राशि छह सौ करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना लागू की गई है। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा है। इसी तरह शिवराज सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली लक्ष्मी योजना में 922 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। अब सरकार योजना का दूसरा चरण लागू करने जा रही है।

सहरिया, भारिया और बैगा जनजाति की महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह विशेष पोषण भत्ता, मुख्यमंत्री कन्या विवाह में प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये देने का प्रविधान रखा है। इसी तरह कई अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इन सभी योजनाओं के खर्च को देखता तो यह कुल बजट का दो लाख 79 हजार 237 करोड़ रुपये का लगभग 25 प्रतिशत होता है।

कांग्रेस भी पीछे नहीं

लोकलुभावन योजनाओं को लागू करने में कांग्रेस सरकार भी पीछे नहीं रही है। किसानों की ऋण माफी, भले ही पूरी तरह लागू न हुई हो पर इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसका प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा और शिवराज सरकार को अंशदान देकर इन्हें बचाना पड़ा। इसी तरह अनुसूचित जनजाति वर्ग को जन्म और मृत्यु पर होने वाले सामाजिक कार्यक्रम के लिए गेहूं व चावल निश्श्ाुल्क देने, सौ यूनिट तक बिजली सौ रुपये में देने जैसी योजनाएं संचालित कीं। ये कदम सरकार की आर्थिक सेहत पर भारी पड़ते हैं।

लोकलुभावन योजनाएं वोट तो खींचती हैं पर संतुलन भी जरूरी- राघवजी

प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राघवजी का कहना है कि लोकलुभावन योजनाएं वोट जरूर खींचती हैं पर एक संतुलन होना चाहिए। वित्तीय अनुशासन बहुत जरूरी है। आय और व्यय में अंतर बढ़ता जाएगा तो आगे चलकर इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। सभी राज्य सरकारें इस मामले में जरूरत से ज्यादा आगे जा रही हैं। इससे बचना चाहिए।