Home Blog Page 165

बजट में दिखाएंगे आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ते कदम

0

भोपाल । सरकार ने मार्च में प्रस्तुत होने वाले बजट के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। बजट भाषण के लिए सभी विभागों से आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश को लेकर किए गए कामों का ब्योरा मांगा गया है। दरअसल, बजट के माध्यम से सरकार यह बताएगी कि मध्य प्रदेश ने आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। चाहे निवेश बढ़ाना हो या अधोसंरचना विकास के काम हों, प्रदेश किसी राज्य से पीछे नहीं है। कृषि के क्षेत्र में भी लगातार विस्तार हो रहा है।

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 15 जनवरी के बाद बजट भाषण में शामिल किए जाने वाले विषयों पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे। वर्ष 2021-22 में सरकार ने कोरोना संकट के दौरान आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए अधोसंरचना विकास के कामों पर सर्वाधिक ध्यान दिया था। इसकी वजह से केंद्र सरकार से प्रदेश को लगभग पांच हजार करोड़ रुपये अधिक भी मिले हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों को रोजगार फिर से जमाने के लिए बैंकों से ब्याज मुक्त ऋण दिलाया गया।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान, चना, मसूर, सरसों और ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी गई। इससे किसानों को सुविधा मिली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति आई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगनी वाली आक्सीजन के लिए लगभग दो सौ संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। चार नए मेडिकल कालेज बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अटल प्रोग्रेस वे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकास के लिए भूमि चि-ति की जा रही है।

भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना 2023 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी बजट प्रस्तावों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकें चल रही हैं। सभी विभागों से वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए 15 जनवरी तक उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसमें आत्मनिर्भर भारत के कार्यक्रमों के अंतर्गत आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की योजनाएं और उनकी उपलब्धियां मांगी गई हैं।

ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा बजट प्रदेश का बजट इस बार ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक को होगा। स्वयं का राजस्व बढ़ाने पर सरकार द्वारा जोर दिया जाएगा। साथ ही विभागों को बजट से अतिरिक्त भी वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत की वृद्घि के हिसाब से प्रविधान रखे जाएंगे तो महंगाई भत्ते के लिए वेतन मद में कुल प्रस्तावित राशि का 32 प्रतिशत हिस्सा रखा जाएगा। प्रदेश में कर्मचारियों को अभी 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है।

कोरोना की तीसरी लहर में इंदौर में एक दिन में पांच हजार संक्रमित मिलने की आशंका

0

इंदौर । शहर में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच राज्य आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डा. निशांत खरे ने यह बयान देकर चौका दिया है कि कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह से शहर में 1800 के आसपास मरीज रोज मिले थे उसे देखते हुए तीसरी लहर में पांच हजार मरीज भी रोज मिले तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। खरे ने कहा ओमिक्रोन अन्य वैरिएंट के मुकाबले आठ-दस गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। यह उन लोगों पर भी हमला कर रहा है जिन्हें दोनों टीके लग चुके हैं या जो पहले संक्रमित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ओमिक्रोन को लेकर विश्व के अन्य देशों के आंकड़े देखें तो अमेरिका में दस लाख तक केस रोज मिल रहे हैं। इस वैरिएंट का प्रभाव इसे से समझी जा सकती है कि जिन देशों की संख्या हमारे चार जिलों के बराबर है वहां से लाखों मामले मिल रहे हैं। इस बात की आशंका भी है कि इस वैरिएंट का प्रभाव सभी क्षेत्रों में और बहुत बड़ी संख्या हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहेगा।

इंदौर को लेकर अनुमान है कि यहां मरीज निश्चित तौर पर तेजी से बढ़ेंगे। यह संख्या अप्रत्याशित हो सकती है। कोरोना के मरीज किस तेजी से बढ़ रहे हैं यह इसी से समझा जा सकता है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में शून्य से 500 तक पहुंचने में कितना समय लगा था और इस बार कितने समय में हम शून्य से पांच सौ पर पहुंच गए। इस बार यह अनुमान भी है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ बस्तियों में भी बड़ी संख्या में कोरोना के केस सामने आएंगे। जिन्होंने दोनों डोज लगावा ली है या जो पहले संक्रमित हो चुके हैं उनके भी इस बार संक्रमित होने की आशंका है।

PM की सुरक्षा में चूक मामले पर गृह मंत्रालय की कार्रवाई, SSP से पूछताछ, 150 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में केन्द्र सरकार ने गंभीरता के कार्रवाई शुरु कर दी है। इस बारे में गृह मंत्रालय की टीम ने बठिंडा के SSP से पूछताछ की। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय की तरफ से एसएसपी को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, और पूछा गया था कि ऐसी चूक कैसे हुई। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने राज्य के पुलिस प्रमुख एस चट्टोपाध्याय सहित एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को भी फिरोजपुर तलब किया है। वहीं, इस मामले में फिरोजपुर जिले के कुलगारी पुलिस थाने में 150 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 283 के तहत FIR दर्ज की गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने जिन अधिकारियों को तलब किया है, उनमें डीजीपी एस चट्टोपाध्याय के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) जी नागेश्वर राव, एडीजीपी जितेंद्र जैन, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पटियाला मुखविंदर सिंह चिन्ना, फिरोजपुर उप महानिरीक्षक इंद्रबीर सिंह और फरीदकोट के डीआईजी सुरजीत सिंह का नाम शामिल हैं। इनके अलावा फिरोजपुर और बठिंडा के उपायुक्त समेत कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया गया है।

5 जनवरी को पीएम मोदी को पंजाब दौरे पर फिरोजपुर जाना था। लेकिन रास्ते में किसानों के प्रदर्शन की वजह से एक फ्लाईओवर पर उनका काफिला रुक गया और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जानकार इसे सुरक्षा में भारी चूक मान रहे हैं। अगर किसी फ्लाईओवर पर पीएम मोदी का काफिला 15-20 मिनट तक रुक जाए, तो यह न केवल चिंता की बात है, बल्कि गंभीर लापरवाही भी है।

इंदौर में 13 केंद्रों पर पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा होगी, दो सत्र में होंगे आनलाइन पेपर

0

इंदौर । लम्बे समय बाद पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू होने जा रही है। प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (भोपाल) ने आनलाइन परीक्षा करवाने का फैसला लिया है। प्रदेशभर में 13 शहरों में परीक्षा रखी गई है, जिसमें 12 लाख 70 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।

अकेले इंदौर में 13 केंद्रों पर परीक्षा करवाई जाएगी, जिसमें दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी बैठेंगे। प्रतिदिन दो सत्र में आनलाइन पेपर होंगे।अधिकारियों के मुताबिक नकल रोकने के लिए परीक्षार्थियों की अलग-अलग तीन स्तर पर चेकिंग की जाएगी।

स्मार्ट वाच, ईयर रिंग, ब्रेसलेट, अंगूठी सहित अन्य इलेक्ट्रोनिक आयटम परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित कर रखे है। नकल रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों को आधार कार्ड, एडमिट कार्ड व फोटो परिचय पत्र साथ रखना होंगे। बायोमेट्रिक से परीक्षार्थियों की उपस्थित दर्ज की जाएगी।

तीन स्तर पर चेकिंग की व्यवस्था रखी गई, जिसमें पहला केन्द्र पर पंजीकरण करते समय, दूसरा कम्प्युटर लैब में प्रवेश के दौरान और आखिरी में परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा की उच्च स्तरीय निगरानी पुलिस विभाग व शासन करेंगा। नोडल अधिकारी डा. एमडी सोमानी ने बताया कि 8 जनवरी से 17 फरवरी तक परीक्षा होगी। 14, 21, 26 जनवरी और 4 फरवरी को परीक्षा नहीं रखी गई है।

कोरोना की चपेट में आए साउथ सुपरस्टार महेश बाबू, पोस्ट शेयर कर लोगों से की ये अपील

0

कोरोना वायस ने एक बार फिर देशभर में लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं, जिसमें बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े सितारे भी शामिल हैं। अब तक कई सेलेब्स कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिस वजह से सभी घर में क्वारंटाइन हैं। वहीं अब साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार महेश बाबू भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। ये जानकारी महेश बाबू ने सोशल मीडिया के जरिए अपने सभी फैंस को दी है। इस दौरान महेश बाबू ने सभी से कहा है कि जो लोग पिछले कुछ दिनों में उनसे मिले हैं वह सभी अपने टेस्ट करवा लें।

दरअसल, महेश बाबू ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। अभिनेता ने लिखा, ‘सभी आवश्यक सावधानी बरतने के बावजूद, मेरा कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। मुझे हल्के हल्के लक्षण हैं। मैंने खुद को अपने घर में आइसोलेट कर लिया है और सभी मेडिकल गाइडलाइंस का पालन कर रहा हूं। मुझसे मिलने वाले सभी लोगों से मेरा अनुरोध है कि वह अपने टेस्ट करवाए और जिन्होंने वैक्सीन अब तक नहीं ली है वह वैक्सीन ले लें। ताकि हम लक्षण के साथ अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम कर सकें। कृपा कोरोना नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहे।’

महेश बाबू अपने परिवार के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए दुबई गए थे, जहां से वह सभी कुछ समय पहले ही लौटे हैं। भारत आने के बाद महेश बाबू ने अपना कोरोना टेस्ट करवाया और वह इस टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए है। हालांकि, अब तक महेश बाबू के परिवार की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है।

पिछले साल जून में, महेश बाबू ने अपने फाउंडेशन और आंध्र अस्पताल के जरिए टीकाकरण अभियान चलाया था। ये अभियान लगभग सात दिनों तक चला था, जिसमें आंध्र प्रदेश के बुरिपलेम में लोगों को वैक्सीन दी गई थी।

भारतीय मूल के तेज गेंदबाज ने बीबीएल में हैट्रिक लेकर रचा इतिहास, तीसरी बार किया यह कारनामा

0

भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू ने बिग बैश लीग में हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने बीबीएल में अपनी पहली और घरेलू  क्रिकेट में तीसरी हैट्रिक पूरी की। वह ऐसा करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट भी बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में 50 ओवर के खेल में दो बार हैट्रिक अपने नाम की थी।

संधू ने सबसे पहले 2018 में जेएलटी वनडे कप में तस्मानिया की तरफ से खेलते हुए विक्टोरिया के खिलाफ पहली हैट्रिक ली थी। इसके बाद उन्होंने पिछले साल 2021 में मार्श कप में हैट्रिक लेने का कीर्तिमान बनाया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दो हैट्रिक लेने वाले वह पहले ऑस्ट्रेलियाई भी हैं। अब उन्होंने टी-20 लीग में हैट्रिक लेकर अपना कद और भी बढ़ा लिया है।

बीबीएल हैट्रिक की बात करें तो दाएं हाथ के 28 वर्षीय गेंदबाज संधू ने सिडनी थंडर्स की तरफ से खेलते हुए पर्थ स्कोचर्स के खिलाफ लगातार 3 गेंदों में 3 विकेट झटकते हुए अपनी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने यह कारनामा दो ओवरों की 3 गेंदों में किया। गुरिंदर ने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर कोलिन मुनरो को आउट किया और इसके बाद चौथे ओवर की शुरू की दो गेंदों में आरोन हार्डी और लौरी इवांस को अपना शिकार बनाया।

गुरिंदर ने पारी के 12वें ओवर की आखिरी गेंद पर कोलिन मुनरो को 18 रनों के निजी स्कोर पर बेन कटिंग के हाथों कैच कराया। इसके बाद वह 16वें ओवर में अपने कोटे का आखिरी ओवर करने लौटे और पहली ही गेंद पर हार्डी को चार रन के स्कोर पर अपनी जाल में फंसाया। इसके बाद संधू ने लॉरी इवांस को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर सैम बिलिंग्स के हाथों कैच कराया।

तीन गेंदों में तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेजने के साथ ही संधू सिडनी थंडर्स के लिए हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने मैच में 4 ओवरों में 22 रन देकर 4 विकेट झटके।

संधू ने ऑस्ट्रेलिया के लिए दो एकदिवसीय मुकाबले भी खेले हैं। उन्होंने जनवरी 2015 में भारत के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। उस समय उन्होंने अजिंक्य रहाणे का विकेट चटकाया था और 58 रन देकर एक विकेट हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा मैच खेला और इसमें शतक लगाने वाले इयान बेल और और कप्तान इयोन मोर्गन को पवेलियन भेजा था।

सोनिया का सीएम चन्नी को निर्देश- मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री, जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई

0

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की सुरक्षा में चूक के 24 घंटे बाद कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से इस संबंध में बात की है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीएम चन्नी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने चन्नी से कहा कि नरेंद्र मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

सोनिया ने सीएम चन्नी से कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरे को लेकर सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए जाने चाहिए थे।

सीएम चन्नी बोले, पीएम की सुरक्षा में कोई चूक नहीं
वहीं, सीएम चन्नी ने सोनिया गांधी को बताया कि पंजाब सरकार पूरे मामले की जांच करवा रही है। इसके लिए सेवामुक्त जस्टिस मेहताब सिंह गिल और राज्य के गृह सचिव अनुराग वर्मा की जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उसमें जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी।
हालांकि एक तरफ सीएम चन्नी ने जांच कमेटी बनाई है तो दूसरी तरफ वह लगातार चूक से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा कि इसमें कोई चूक नहीं हुई है और उन पर हमले का कोई खतरा नहीं था। पीएम मोदी ने ही आखिरी वक्त में सड़क से जाने का कार्यक्रम बनाया। अब वह चुनावी रैलियों में भी इस बात को भुना रहे हैं। पीएम की सुरक्षा में चूक के बहाने पंजाब और पंजाबियों को बदनाम किया जा रहा है।

स्मृति ईरानी ने साधा निशाना
सोनिया-चन्नी की बात पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देर से जागी ये राजनीतिक आत्मा देश का आक्रोश देख रही थी… जनता की प्रार्थना, जनता की चिंता को देखकर सोनिया गांधी का ये कथन सामने आया है। कम से कम सोनिया गांधी ने इस बात को स्वीकारा की दोषी कांग्रेस की प्रदेश सरकार और प्रशासन है। कहीं ऐसा तो नहीं मोहरे को इस प्रकार का आदेश देकर परिवार ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।

कांग्रेस में दोफाड़

वहीं तमाम कांग्रेस नेताओं बयानों से साफ नजर आ रहा है कि पीएम सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस में ही एकराय नहीं है। पार्टी दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। पंजाब के सीएम जहां इसे चूक का मामला नहीं मान रहे हैं, वहीं फिरोजपुर से विधायक ने इसे चूक का बड़ा मामला बताया है। उधर, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसे भाजपा का ड्रामा करार देते हुए कहा था कि उसे बेकार का शोर नहीं मचाना चाहिए। जबकि सांसद मनीष तिवारी ने सुरक्षा चूक की जांच कराने की मांग की है।

भोपाल में दुकानों पर मास्क अनिवार्य न करने पर की जा सकती है दुकानें सील

0

भोपाल। आम जनता और दुकान संचालकों से मास्क लगाने के लिए जागरूक करने के लिए कलेक्टर अविनाश लवानिया और एसीपी सचिव अतुलकर ने बुधवार रात आठ बजे न्यू मार्केट क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान मास्क न लगाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए दुकान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि दुकानों पर मास्क अनिवार्य न करने पर दुकानें सील की जा सकती है। इसलिए बिना मास्क के सामाग्री न दें। इस दौरान दुकानों पर मास्क है लगाने के लिए जागरुकता संबंधी स्टीकर भी दोनों अधिकारियों ने मिलकर चिपकाएं। कलेक्टर ने संचालकों को निर्देश दिए की दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगे हो और इसके साथ सभी लोग मास्क लगाएं। कलेक्टर अविनाश लवानिया और एसीपी सचिन अतुलकर ने मार्केट क्षेत्र का भ्रमण के दौरान उन्होंने मास्क नहीं लगाने वाले लोगों को समझाइश दी। इसके साथ पुराने भोपाल क्षेत्र पीर गेट, चौक में एडीएम दिलीप यादव, एसडीएम जमील खान, तहसीलदार बैरागढ़ में एसडीएम बैरागढ़ और तहसीलदार ने भी बैरागढ़ में चलानी कार्रवाई भी की। बैरागढ़ में 105 व्यक्तियों के विरुद्ध 10800 की चालानी कार्रवाई की गई।

ननि ने मास्क न पहनने वाले 648 लोगों पर 69 हजार रुपये का जुर्माना

नगर निगम भोपाल ने मास्क ना लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अपने-अपने जोन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 648 व्यक्तियों के खिलाफ मास्क न पहनने पर चालानी कार्रवाई की। इस दौरान 69 हजार 620 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने, अमानक स्तर की पाॅलीथीन का उपयोग व विक्रय, यूरिनेशन आदि के 360 प्रकरणों में 78 हजार 650 रूपये की राशि स्पाट फाईन के रूप में वसूली। इस कार्रवाई में 15 थानों की पुलिस भी शाfमिल है।

तीन विवि में कोरोना ने दी दस्तक

भोपाल, राजधानी के तीन यूनिवर्सिटी में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जागरण लेकसिटी, और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में रहने वाले बच्चे संक्रमित मिले है। जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी मे हॉस्टल में रहने वाले 2 बच्चे, माखनलाल यूनिवर्सिटी के एपीआर डिपार्टमेंट का एक छात्र, बरकतउल्ला में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कर्मचारी भी पॉजिटिव आया है। सभी को तत्काल आइसोलेट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सभी संक्रमित छात्र दूसरे राज्यों के रहने वाले है और कुछ दिन पहले ही घर से यूनिवसिर्टी में आए है।

नगर पंचायत के चुनाव नहीं कराने पर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त 14 को तलब

0

ग्वालियर। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने शिवपुरी जिले की नरवर नगर पंचायत के चुनाव समय पर नहीं कराए जाने के मामले में प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को 14 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। उन्हें अवमानना के संबंध में जवाब देना है।

चुनाव आयोग को वर्ष 2018 में नरवर नगर पंचायत के चुनाव कराने थे, लेकिन राज्य के चुनाव आयोग ने नहीं कराए। एक साल से अधिक समय बीत गया था। इसको लेकर नरवर निवासी बृजेश सिंह तोमर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 25 अप्रैल 2019 में आदेश दिया था कि तीन महीने में चुनाव प्रक्रिया को खत्म किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए। जब चुनाव नहीं हुए तो जुलाई 2019 में अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद भी चुनाव आयोग ने गंभीरता नहीं दिखाई। अवमानना याचिका 2019 से लंबित है। अवमानना याचिका की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने 15 दिसंबर 2021 को मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को तलब किया था, लेकिन आयुक्त उपस्थित नहीं हुए। हाजिरी माफी का आवेदन पेश किया गया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें हाजिरी माफी नहीं दी। गुरुवार को कोर्ट ने चुनाव आयुक्त के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई और 14 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।

चार याचिकाएं सुनी जा रही हैं एक साथ

-बृजेश सिंह तोमर ने 2020 में नई रिट पिटीशन दायर की है। इस याचिका में तर्क दिया गया है कि 2018 में चुनाव का जो गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था, उसके अनुसार चुनाव कराने थे, लेकिन 2020 मेंं चुनाव की नई अधिसूचना जारी कर दी, जिससे कोर्ट के आदेश की अवमानना हुई है।

– इस याचिका के साथ बृजेश सिंह तोमर की अवमानना याचिका भी जोड़ी गई है।

– बसंत प्रताप सिंह ने भी याचिका दायर की है। इस याचिका को भी इसके रिट पिटीशन के साथ सुना जा रहा है।

– बीएल कांताराव भी मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैंं, उन्होंने भी याचिका दायर की थी। यह याचिका को भी रिट पिटीशन के साथ जोड़ा गया है।

बुल्ली बाई एप मामले के आरोपित नीरज बिश्नोई को वीआइटी ने किया निष्कासित

0

सीहोर । विवादित बुल्ली बाई एप तैयार करने के मामले में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपित नीरज बिश्नोई को वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (वीआइटी) विश्वविद्यालय ने गुरुवार को निष्कासित कर दिया। नीरज यहां बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) द्वितीय वर्ष का छात्र था। यह जानकारी विश्वविद्यालय के सूचना अधिकारी अमित कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में दाखिले के बाद से नीरज कभी संस्थान में नहीं आया।

कोरोना संक्रमण के कारण संस्थान ने आनलाइन कक्षाएं व परीक्षाएं आयोजित की थीं। वह उनमें शामिल हुआ था। वह संस्थान के होशियार विद्यार्थियों में शामिल था। प्रवेश परीक्षा में भी अच्छी रैंकिंग थी और उसका वार्षिक परीक्षा परिणाम भी अच्छा रहा है। नीरज की गिरफ्तारी को लेकर अभी जिला प्रशासन या पुलिस ने संस्थान से कोई जानकारी नहीं मांगी है। संस्थान को भी मीडिया के माध्यम से ही गिरफ्तारी की जानकारी मिली। एएसपी समीर यादव ने बताया कि इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस से कोई जानकारी नहीं मांगी गई है।