Home Blog

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीलीभीत-मुरादाबाद दौरा करेंगे

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीलीभीत-मुरादाबाद दौरा करेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत और मुरादाबाद के दौरे पर रहेंगे। वे सबसे पहले पीलीभीत पहुंचेंगे, जहां 569 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। यहां वे जमीन का पट्टा वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

पीलीभीत के बाद मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में आयोजित मुरादाबाद मंडल में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे।

मुख्यमंत्री मुरादाबाद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद मुरादाबाद सदर, मुरादाबाद देहात व कुन्दरकी विधान सभा क्षेत्रों तथा नगर निगम मुरादाबाद एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास करेंगे।

यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यहां दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। साथ ही मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

यूपी के हर जिले में बनेगी 10 सदस्यीय स्कूल सुरक्षा समिति – मुख्यमंत्री योगी

0

यूपी के हर जिले में बनेगी 10 सदस्यीय स्कूल सुरक्षा समिति – मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ में पिछले सोमवार को कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद सभी जिलों में स्कूलों की अग्निसुरक्षा के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति में एडीएम, पुलिस आयुक्त या एसएसपी द्वारा नामित पुलिस अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल द्वारा नामित अधिकारी के अलावा एनसीसी द्वारा नामित अधिकारी को समिति का सदस्य बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गठित की जाने वाली समिति अपने-अपने जिलों में 200-200 स्कूलों को चिह्नित करेगी।

इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 100 विद्यालय, 60 निजी विद्यालय व 40 सरकारी व गैर सरकारी महाविद्यालय शामिल होंगे।
अग्निसुरक्षा को लेकर होगी जांच

चिह्नित स्कूलों में अग्निसुरक्षा के उपायों की जांच की जाएगी। विद्यार्थियों को अग्निसुरक्षा व आपदा से बचाव को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके लिए राज्य आपदा मोचन बल, पीएसी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निसुरक्षा विभाग, एनसीसी, एनएसएस, सीआइएसएफ, सिविल डिफेंस विभागों के साथ समन्वय बनाकर विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर के जरिये प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

किदांबी श्रीकांत का जोरदार प्रदर्शन

0

किदांबी श्रीकांत का जोरदार प्रदर्शन
दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने रविवार को यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। पुरुषों के सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीकांत ने जापान के युदाई ओकिमोटो को हराया। श्रीकांत इस साल अपने पहले फाइनल में पहुंचे हैं। 33 वर्षीय खिलाड़ी ने चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ओकिमोटो को एक घंटे 12 मिनट तक चले मुकाबले में 22-20, 15-21, 21-19 से हराया।

श्रीकांत ने शुरुआती गेम में अपना धैर्य बनाए रखा
ओकिमोटो ने 11-17 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए गेम प्वाइंट हासिल किया था, जिसके बाद श्रीकांत ने शुरुआती गेम में अपना धैर्य बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ी ने प्वाइंट बचाया और अगले दो प्वाइंट जीतकर मैच में बढ़त बना ली। हालांकि, जापानी शटलर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गेम को 21-15 से अपने नाम किया।

श्रीकांत ने लगातार छह अंक जीतकर बढ़त हासिल की
तीसरे और आखिरी गेम में भी रोमांच बना रहा। श्रीकांत ने 10-5 की बढ़त बनाई, लेकिन ओकिमोटो ने स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। इसके बाद श्रीकांत ने लगातार छह अंक जीतकर बढ़त हासिल की। हालांकि, उन्होंने लगातार पांच अंक गंवा दिए और स्कोर 18-18 हो गया। ऐसे दबाव भरे समय में श्रीकांत ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और लगातार अंक लेकर गेम को 21-19 से अपने नाम किया। अब फाइनल में उनका सामना चीनी ताइपे के आठवीं वरीयता प्राप्त सू ली यांग से होगा।

रौनक चौहान का शानदार अभियान सेमीफाइनल में समाप्त
वहीं, भारत के 19 वर्षीय खिलाड़ी रौनक चौहान का शानदार अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। उन्हें सू ली यांग ने 21-17, 21-19 से हराया। रौनक ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने क्वालिफाइंग दौर के दोनों मुकाबले जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी शंकर सुब्रमण्यम को हराया। इसके बाद उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी चाउ टिएन चेन को 21-17, 26-24 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।

छत्तीसगढ़ हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में होगा शामिल

0

छत्तीसगढ़ हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में होगा शामिल
छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में अमिताभ मुखर्जी, आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार तथा विनय कुमार उपस्थित रहे।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है।

बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता

0

वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता
वृश्चिक और कुंभ राशि वालों का धन के प्रति दृष्टिकोण और वित्तीय मामलों में प्राथमिकताएँ भिन्न होती हैं, जो उनके रिश्ते में एक मज़बूत या कमज़ोर पहलू साबित हो सकता है। इसलिए, उनके व्यवहार के तरीकों में समानता और अंतर का तुलनात्मक विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, ताकि एक स्वस्थ वित्तीय तालमेल स्थापित किया जा सके और उनकी साझेदारी सफल हो सके।

साझा लक्षण
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोगों के वित्तीय व्यवहार में कुछ महत्वपूर्ण समानताएं हैं, साथ ही कुछ अन्य अंतर भी हैं। दोनों ही व्यक्ति व्यक्तिगत हितैषी होते हैं और अपनी रणनीतिक योजनाओं के आधार पर निवेश और बचत संबंधी निर्णय ले सकते हैं। वे धन और उसकी सुरक्षा को महत्व देते हैं, हालांकि धन के अर्थ के बारे में उनकी धारणा थोड़ी भिन्न हो सकती है। दोनों ही दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए तत्पर रहते हैं, हालांकि इसके कारण काफी भिन्न होते हैं – वृश्चिक राशि स्थिरता और सुरक्षा के लिए, जबकि कुंभ राशि वित्तीय मामलों में अपनी इच्छानुसार कार्य करने की स्वतंत्रता के लिए।

अलग-अलग दृष्टिकोण
इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर इनके वित्तीय प्रबंधन के तरीके में है। बजट के मामले में, वृश्चिक राशि वाले अधिक संयमित होते हैं और जोखिम लेने या साहसिक कार्यों पर पैसा खर्च करने की संभावना कम रखते हैं। वे स्थिर आय देने वाली रूढ़िवादी बचत और निवेश को प्राथमिकता दे सकते हैं। दूसरी ओर, कुंभ राशि वाले धन प्रबंधन में अधिक नवोन्मेषी होते हैं और अधिक लाभ की संभावना के लिए जोखिम भरे कार्यों में शामिल होने से भी नहीं हिचकिचाते। वे अक्सर पारंपरिक वित्तीय प्रणालियों पर उतना ध्यान केंद्रित नहीं करते और नई तकनीक या निवेश के नए साधनों के प्रति अधिक खुले होते हैं।

इसे कारगर बनाना
रिश्ते में वित्तीय पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है। वृश्चिक राशि कुंभ राशि के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि इससे कुंभ राशि के जातकों को अपने विचारों और नए व्यावसायिक अवसरों के प्रति अधिक यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलती है, वहीं कुंभ राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वित्तीय दृष्टि से नए रास्ते खोल सकते हैं। वृश्चिक राशि के जातकों का नकारात्मक पहलू यह है कि वे अपने कार्यों में अत्यधिक सुरक्षात्मक और रूढ़िवादी हो सकते हैं, लेकिन यह एक मजबूत वित्तीय नींव बनाने में सहायक हो सकता है। कुंभ राशि के जातक बहुत रचनात्मक होते हैं और अक्सर उनके पास चीजों के प्रति नए विचार और दृष्टिकोण होते हैं। इन दृष्टिकोणों का उचित संयोजन संभव है, जो एक तर्कसंगत और प्रभावी वित्तीय रणनीति के लिए सहायक होगा। इसलिए, दंपतियों के लिए ऐसे साझा वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है जो उनकी मान्यताओं और लक्ष्यों के अनुरूप हों।

सफलता की संभावना
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग भले ही काफी अलग हों, लेकिन वे ऐसे व्यवसाय में अच्छे साझेदार बन सकते हैं जहाँ उन्हें पैसा कमाना हो और एक-दूसरे का सम्मान करना हो। वृश्चिक राशि वाले व्यक्ति बारीकियों पर ध्यान देंगे और अच्छी तरह से योजना बनाएंगे ताकि कुंभ राशि वाले व्यक्ति द्वारा अपनाए जाने वाले नए अवसरों से उन्हें भरपूर धन प्राप्त हो सके। वे आत्मनिर्भरता और भविष्य की योजना बनाने की क्षमता जैसे आपसी मूल्यों का लाभ उठाकर एक आर्थिक रूप से स्थिर संबंध स्थापित कर सकते हैं, जिससे एक-दूसरे की ताकत भी बढ़ेगी। वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके आर्थिक मतभेद उनके रिश्ते के लिए खतरा न बनें, बल्कि सीखने के अवसर बनें। यदि वे दोनों एक-दूसरे को और उनके अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझते हैं और अपने आर्थिक जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और सफलता जैसे समान वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो उनका रिश्ता अच्छा हो सकता है।

जानबूझकर लड़कियों की बाइक को टक्कर मारकर फॉलोअर बढ़ाता था यूट्यूबर

0

जानबूझकर लड़कियों की बाइक को टक्कर मारकर फॉलोअर बढ़ाता था यूट्यूबर
दिल्ली पुलिस ने 32 साल के एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि वह जानबूझकर महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों से अपनी गाड़ी टकराता था, उनके रिएक्शन को चुपके से रिकॉर्ड करता था और फॉलोअर्स बढ़ाने और मॉनेटाइजेशन से पैसे कमाने के लिए उन वीडियोज को सोशल मीडिया पर अपलोड करता था. आरोपी की पहचान गुरमन सिंह के तौर पर हुई है, जो “रोड सेफ्टी वाला” नाम से सोशल मीडिया अकाउंट चलाता था. उसे शुक्रवार को पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर से गिरफ्तार किया गया. उस पर महिलाओं और लड़कियों को सड़क पर परेशान करने और बिना इजाजत उनकी रिकॉर्डिंग करने की कई शिकायतें थीं.

YouTube और Facebook पर किए अपलोड
यह मामला तब सामने आया जब राजा गार्डन के रहने वाले सनी अरोड़ा ने 2 जून को शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने जानबूझकर उनकी नाबालिग बेटियों की स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी, उनका पीछा किया और उन पर भद्दी टिप्पणियां कीं. बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि उनकी बेटियों के वीडियो उनकी मर्जी के बिना आरोपी के YouTube और Facebook अकाउंट पर अपलोड किए गए थे. पुलिस के मुताबिक, गुरमन सिंह कथित तौर पर सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ी चलाने वाली या पीछे बैठने वाली महिलाओं (जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं) को चुनता था और जान-बूझकर उनकी गाड़ियों से अपनी गाड़ी से टकरा देता था. शक से बचने के लिए, वह बड़ी आसानी से “सॉरी दीदी” कहकर माफी मांगता था और फिर पीड़ितों के रिएक्शन रिकॉर्ड करके उनकी बिना इजाजत के वीडियो ऑनलाइन अपलोड कर देता था.

दो लाख से ज्यादा हैं फॉलोअर्स
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (वेस्ट) हरेश्वर स्वामी ने बताया कि गुरमन सिंह @bikeronroad33 नाम का YouTube चैनल चलाता था. उसके लगभग 21,000 सब्सक्राइबर थे, और “Road Safety Wala” नाम का Facebook पेज भी चलाता था. इस पर भी उसके 2.1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे. पुलिस का कहना है कि ये वीडियो वायरल होने और पैसे कमाने (मॉनेटाइजेशन) के लिए बनाए गए थे. आरोपी के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के दौरान, जांचकर्ताओं को पता चला कि ज्यादातर कंटेंट में महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियां शामिल थीं. इसके बाद डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी निगरानी के जरिए विस्तृत जांच शुरू की गई.

ममता बनर्जी गुट और उनके समर्थकों में बढ़ता विवाद,ममता बनर्जी गुट ने रितब्रत पर फिर ठोका केस

0

ममता बनर्जी गुट और उनके समर्थकों में बढ़ता विवाद,ममता बनर्जी गुट ने रितब्रत पर फिर ठोका केस
तृणमूल कांग्रेस में विवाद बढ़ता जा रहा है। ममता बनर्जी गुट ने रविवार को फिर से अपने बागी नेता रितब्रत बनर्जी और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

आरोप लगाया गया है कि वे पार्टी का नाम, चिन्ह और पदों का गलत इस्तेमाल करके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भ्रमित कर रहे हैं। यह शिकायत टीएमसी की संयुक्त राष्ट्रीय सचिव डोला सेन ने की है।

इससे पहले शनिवार को पार्टी के कालीघाट गुट ने प्रगति मैदान और न्यू टाउन थाने में भी इसी तरह की शिकायतें दी थीं। पार्टी के अंदर यह झगड़ा पिछले एक महीने से चल रहा है और अब दोनों तरफ से कानूनी और संगठनात्मक हथियार इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

पार्टी टूटने के बाद बढ़ा विवाद
बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद टीएमसी दो टुकड़ों में बंट गई। रितब्रत बनर्जी गुट अलग रास्ता अपनाने लगा। ममता गुट इसे बर्दाश्त नहीं कर रहा।

दोनों पक्ष अब दावा कर रहे हैं कि असली पार्टी और उसका संगठन उनका ही है। डोला सेन ने कहा कि बागी लोग जानबूझकर पार्टी की ब्रांडिंग का दुरुपयोग कर रहे हैं।

इससे आम कार्यकर्ता कन्फ्यूज हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

रितब्रत गुट का क्या है दावा?
रितब्रत बनर्जी के समर्थक का दावा है कि पार्टी में लोकतंत्र की कमी हो गई है। वे पुरानी नीतियों में बदलाव चाहते हैं। लेकिन ममता गुट इसे साफ तौर पर बगावत मान रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों तरफ से अब और भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि यह लड़ाई सिर्फ नाम और चिन्ह की नहीं है। असल में यह पूरे संगठन पर कब्जे की जंग है। अगर जल्दी सुलझाया नहीं गया तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।

सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल

0

सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मसलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन जारी है. इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार (28 जून) को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. यह जानकारी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी है.

अभिजीत दीपक ने एक्स पर लिखा, ”सोनम वांगचुक ने छात्रों को न्याय दिलाने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है.”

विरोध स्थल पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी हुए इकट्ठा
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जब अपना अनशन शुरू किया, तो विरोध स्थल पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी भी इकट्ठा हो गए. इनमें ज्यादातर छात्र और युवा शामिल थे. कुछ किसान नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. अनशन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई.

भूख हड़ताल से पहले राजघाट भी गए वांगचुक और दीपके
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले, वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट भी गए. बता दें कि सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसमें एग्जाम सिस्म में कथित खामियों के लिए जवाबदेही और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास

0

एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास
महिला टी20 विश्व कप के 10वें संस्करण (ICC Women’s T20 World Cup 2026) के ग्रुप बी की दोनों सेमीफाइनलिस्ट तय हो चुकी हैं. डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड का सफर समाप्त हो गया है. शनिवार को हुए मैच में इंग्लैंड से मिली शर्मनाक हार के बाद न्यूजीलैंड बाहर हो गई है. इस ग्रुप से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज टॉप-4 में पहुंची है.
3 खिलाड़ियों ने लिया संन्यास

इंग्लैंड के हाथों मिली इस हार के साथ न्यूजीलैंड की 3 दिग्गज खिलाड़ियों का इंटरनेशनल करियर समाप्त हुआ. सोफी डिवाइन, सूजी बेटस और ली ताहुहु ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. न्यूजीलैंड चाहती थी कि इन तीनों दिग्गजों को जीत के साथ विदाई दे, लेकिन इसके उलट टीम को एक शर्मनाक हार झेलनी पड़ी.

मुकाबले के बाद न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के प्लेयर्स ने संन्यास ले चुकी तीनों प्लेयर्स को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान सोफी डिवाइन, सूजी बेटस और ली ताहुहु की आंखे नम थी. तीनों महान प्लेयर्स भावुक थीं.

आज भारत के लिए ‘करो या मरो’ वाला मैच
ग्रुप B से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंच गई है, लेकिन ग्रुप B का फैसला आज होगा. आज दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत मैच है. ऑस्ट्रेलिया के 8 अंक हैं, भारत और दक्षिण अफ्रीका के 6-6 अंक हैं.

दुनियाभर में ‘वेलकम टू द जंगल’ का कब्जा

0

दुनियाभर में ‘वेलकम टू द जंगल’ का कब्जा
अहमद खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की. इसे दर्शकों और क्रिटिक्स की ओर से अच्छा खासा रिस्पांस मिला. शनिवार को फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी 33% दर्ज की गई. वहीं, फिल्म ने वर्ल्डवाइड भी रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन किया है. चलिए बताते हैं फिल्म के वर्ल्डवाइड कलेक्शन के बारे में.

‘वेलकम टू द जंगल’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन
इसके साथ ही फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने दूसरे दिन वर्ल्डवाइड छप्परफाड़ कमाई की. ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 59.40 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म के ओवरसीज बिजनेस की बात की जाए तो मूवी ने जहां पहले दिन 4.70 करोड़ रुपये कमाए वहीं, दूसरे दिन शनिवार को 7 करोड़ का कलेक्शन किया.

‘वेलकम टू द जंगल’ का डे 2 इंडिया नेट कलेक्शन
अब अगर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के इंडिया नेट कलेक्शन के बारे में बात की जाए तो ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने इंडिया में पहले दिन 19.40 करोड़ और दूसरे दिन शनिवार को 21.02 करोड़ का कलेक्शन किया था, जिसके बाद इसका कुल इंडिया नेट कलेक्शन 40.42 करोड़ हो चुका है.