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2023-24 के चुनाव में मध्‍य प्रदेश में भाजपा का आधार बनेगी बूथ विस्तारक योजना

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भोपाल। 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में बूथ विस्तारक योजना भाजपा के लिए आधार बनेगी। स्व कुशाभाऊ ठाकरे जी के जन्मशताब्दी वर्ष में संगठन के विस्तार के लिए इसे प्रारंभ किया जा रहा है। पार्टी योजना के क्रियान्वयन से पहले प्रदेश के 14 स्थानों पर कार्यशालाओं का आयोजित कर रही है। पांच जनवरी से शुरू होने वाली कार्यशालाओं की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत एवं प्रदेश के सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारियों एवं जिलाध्यक्षों की वर्चुअल बैठक ली।

आगामी चुनाव की जीत में यही सबसे बड़ा आधार

प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ विस्तारक योजना कुशाभाऊ ठाकरे जन्मशताब्दी वर्ष की आत्मा है। इस योजना से पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि जुड़ने वाले है। उन्होंने कहा कि विधानसभा 2023 या लोकसभा 2024 का चुनाव हो या तमाम स्थानीय चुनाव हो, उन सभी चुनाव में जीत का सबसे बड़ा आधार यह बूथ विस्तारक योजना होगी। साथ ही स्वावलंबी मंडल, सक्रिय शक्ति केन्द्र और सक्षम बूथ बनाने के लिए भी यह योजना अहम है।

प्रदेश द्वारा बनायी गयी योजना को क्रियान्वित करें : भगत

पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि बूथ विस्तारक योजना से पहले मंडल विस्तारक योजना महत्वपूर्ण है। बूथ विस्तारक योजना के लिए जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी पूरी क्षमता के साथ जुट जाएं। पांच एवं छह जनवरी की कार्यशालाएं मंडल विस्तारकों को बूथ विस्तारक योजना के प्रशिक्षण के लिए है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से प्रदेश द्वारा बूथ विस्तारक योजना बनायी गयी है उसे ठीक वैसा ही हमें नीचे तक क्रियान्वित करना है। पार्टी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने प्रदेश में होने वाली 14 कार्यशालाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन कार्यशालाओं में करणीय कार्य, चलने वाले सत्रों और उनकी तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह सभी कार्यशालाएं प्रशिक्षण पद्धति के आधार पर आयोजित होगी।

उत्‍तर प्रदेश में कोरोना विस्‍फोट, 992 नए मामलों ने बढ़ाई चिंता, ओमिक्रोन के भी 18 केस

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कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर ने उत्तर प्रदेश में अपनी गति पकड़ ली है। प्रदेश में मंगलवार को ओमिक्रोन ने जोरदार मौजूदगी दर्ज करा दी। ओमिक्रोन के 18 तथा कोरोना के 992 नए केस मिलने से चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि सोमवार को कोरोना के एक लाख 66,353 सैंपल की जांच की गई। जिसमें से 992 नए केस सामने आए हैं। प्रदेश में अब कुल एक्टिव केस की संख्या 3,173 हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश में ओमिक्रोन के 18 नए केस मिले। इससे पहले प्रदेश में यह संख्या आठ थी जो अब 26 हो गई है।

आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाएंगे पर लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं करेंगे-सीएम शिवराज

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भोपाल।। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी उपाय किए जाएंगे पर आर्थिक गतिविधियों पर कोई अंकुश नहीं रहेगा। गरीब व्यक्ति को रोजी-रोटी के लिए परेशान न होना पड़े और सभी वर्गों की जीविका के काम पर कोई संकट खड़ा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। स्कूलों में 50 प्रतिशत क्षमता से उपस्थिति की व्यवस्था कायम रहेगी। सभी मंत्री गृह और प्रभार के जिलों में अस्पतालों में बिस्तर, आक्सीजन प्लांट, सिटी स्कैन, दवा सहित अन्य उपकरणों की उपलब्धता का जायजा लें। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक में कोरोना की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान मंत्रियों को दिए।

उन्होंने कहा कि सभी मंत्री होम आइसोलेशन के लिए आवश्यकता पड़ने पर कोविड केयर सेंटर के संचालन की तैयारी भी देखें। जो लोगों जांच में कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं, उनके घर में यदि स्थान का अभाव है तो उन्हें कोविड केयर सेंटर में रखने की व्यवस्था की जाए। जनप्रतिनिधि स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा 568 मामले आने से मध्य प्रदेश में सावधानियों का पालन करना जरूरी है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन अनिवार्य रूप से हो। 15 से 18 वर्ष के बच्चों को टीका लगवाने के लिए माहौल बनाया जाए।

इस दौरान बताया गया कि सोमवार को सागर में सर्वाधिक 58 हजार 803 बच्चों को टीके लगाए गए हैं। दूसरे स्थान पर छतरपुर और तीसरे पर मंदसौर रहा है।

प्रदेश के 52 प्रतिशत कोरोना संक्रमण के मामले इंदौर में

बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कोरोना की स्थिति और प्रबंधन को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की स्थिति में मध्य प्रदेश देश में 20वें स्थान पर है। साप्ताहिक रूझान को देखें तो पिछले सप्ताह से करीब तीन गुना प्रकरण बढ़े हैं। प्रदेश में 52 प्रतिशत प्रकरण इंदौर में देखे गए हैं। भोपाल में कुल प्रकरणों में से 22 प्रतिशत, जबलपुर में पांच प्रतिशत, ग्वालियर में चार प्रतिशत और उज्जैन में तीन प्रतिशत प्रकरण देखने में आए हैं। प्रदेश में 892 मरीज होम आइसोलेशन में है। ओमिक्रान के नौ प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें सात स्वस्थ हो गए हैं। वैक्सीन का पहला डोज 95.3 और दूसरा 91.7 प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को लग चुका है।

जॉन अब्राहम,अर्जुन कपूर, करीना सहित ये स्टार्स हुए कोरोना संक्रमित

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कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है। डेल्टा वैरिएंट से पूरी दुनिया ने दूसरी लहर का सामना किया था। फिलहाल थोड़ा संभले थे कि ओमिक्रोन संस्करण ने दस्तक दे दी है। अब दोबारा तीसरी वेव का खतरा मंडराने लगा है। दिल्ली-मुंबई सहित कई शहरों में केस लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार फिर प्रतिबंधों की ओर बढ़ रही है। जब से ओमिक्रोन के केस सामने आ रहे हैं। तब से कई फिल्मी और टीवी कलाकार कोरोना संक्रमित हो गए हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कौन-से सेलिब्रिटी ओमिक्रोन आने के बाद पॉजिटिव हुए हैं।

जॉन अब्राहम और प्रिया

जॉन अब्राहम और उनकी वाइफ प्रिया कोविड संक्रमित हो गए है। जॉन ने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी दी। कहा कि मैं 3 दिन पहले किसी व्यक्ति के संपर्क में आया था। जिसके बाद मुझे पता चला कि उसे कोरोना है। मेरी और प्रिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हम दोनों वैक्सीनेटेड हैं। आप लोग अपना ध्यान रखें और मास्क जरूर पहने।

करीना कपूर और अमृता अरोड़ा

करीना कपूर खान और अमृता अरोडा कोरोना वायरस से रिकवर हो गई हैं। बीते दिनों दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थीं। बीएमसी ने दोनों एक्ट्रेस पर लापरवाही के आरोप भी लगाए थे। हालांकि करीना और अमृत अब दोनों स्वस्थ्य हो गई हैं।

सीमा खान और महीप कपूर

एक्टर सोहल खान की पत्नी सीमा खान और संजय कपूर की वाइफ महीप कपूर कोविड की चपेट में आई थीं। बीएमसी ने कहा था कि सबसे पहला सीमा में मामूली लक्षण थे। 11 दिसंबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थीं।

अर्जुन कपूर

अभिनेता अर्जुव कपूर और उनकी बहन अंशुला वायरस का शिकार हो गई। वहीं अर्जुन की कजिन सिस्टर रिया कपूर और उनके पति करण बुलानी भी संक्रमित हो गए। चारों फिलहाल क्वांरटीन हैं।

नोरा फतेही

नोरा फतेही ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर कोरोना होने की जानकारी दी थीं। उन्होंने बताया, ‘वो अभी क्वारंटीन और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। नोरा ने कहा कि मैं कोविड-19 से लड़ रहू हूं। कोरोना ने मुझे बुरी तरह से अपनी चपेट में लिया है। मैं कई दिनों से बिस्तर पर हूं। आप सभी सेफ रहिए और मास्क जरूर लगाए। यह बहुत तेजी से फैल रहा है। हर किसी को अलग तरीके से प्रभावित कर रहा है।

प्रेम चोपड़ा और उमा चोपड़ा

एक्टर प्रेम चोपड़ा और उनकी पत्नी उमा की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मुंबई स्थित लीलावती अस्पताल में भर्ती है। जल्द उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल सकती है।

एकता कपूर

निर्देशक एकता कपूर की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई है। एकता ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि सारी सावधानी बरतने के बावजूद कोविड हो गया है। मैं ठीक हूं और सभी से अनुरोध करती हूं, जो लोग मेरे संपर्क में आए हैं। वो अपना टेस्ट करा लें और सेफ रहें।

नकुल मेहता

टीवी एक्टर नकुल मेहता, उनकी पत्नी जानकी पारेश और 11 महीने का बेटा सूफी भी कोरोना संक्रमित हो गया है। जानकी ने सोशल मीडिया पर फैंस को इसकी जानकारी दी। सूफी अस्पताल में भर्ती है। बेटे की फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि मुझे कहीं न कहीं हमेशा से पता था कि कोविड जैसा वायरस, ज्यादातर लोगों को चपेट में लेगा। लेकिन बीते सप्ताह कुछ ऐसा जो मैंने सोचा हीं नहीं था।

दृष्टि धामी

टीवी अभिनेत्री दृष्टि धामी भी कोरोना संक्रमित है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की है। तस्वीर में एक्ट्रेस वेब सीरीज देखती नजर आ रही हैं। वह फोटो में एक टेबल का गुलस्ता, ऑक्सीमीटर, टैबलेट, विक्स की डिब्बी, चॉकलेट और कुछ पेपर्स दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ कुछ अच्छी चीजें कंपनी देने के लिए मौजूद है। मैं तीसरा लहर से लड़ रही हूं। अब प्यार और अच्छा खाना स्वीकार कर रही हूं।

सुमोना चक्रवर्ती

सुमोना चक्रवर्ती भी कोविड-19 की चपेट में आ गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद के संक्रमित होने की जानकारी दी। सुमोना ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की थीं। उन्होंने पोस्ट पर लिखकर बताया कि मैं हल्के लक्षणों के साथ संक्रमित हूं। घर पर क्वारंटाइन हूं। पिछले हफ्ते मेरे संपर्क में आने वाले एक शख्स से अनुरोध है कि अपना टेस्ट करवा लें।

कई राज्यों में कड़े प्रतिबंध, दिल्ली में वीकेंड और नाइट कर्फ्यू लगा, स्कूल-कॉलेज भी बंद

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जैसे-जैसे COVID-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट की संख्या बढ़ती जा रही है, देश में एक नया डर पैदा हो गया है। दिल्ली सरकार ने राज्य में वीकेंड (शनिवार-रविवार) कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया है। यह निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में मंगलवार को लिया गया। पंजाब सरकार ने राज्य में 15 जनवरी तक नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। नाइट कर्फ्यू रात 10 से सुबह पांच बजे तक होगा। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को अग्रिम आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। बार, सिनेमा हाल, माल, रेस्तरां, स्पा सेंटर 50 फीसद की क्षमता संचालित करने की अनुमति है। चूंकि कई राज्य कोरोनोवायरस की दूसरी लहर के दौरान एक भयानक समय से गुजरे हैं, इसलिए उनमें से कई ने नए COVID-19 संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है।

दिल्ली

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को घोषणा की कि दिल्ली एक वीकेंड कर्फ्यू लगाएगी और बढ़ते COVID-19 मामलों से निपटने के लिए सरकारी कार्यालयों के लिए घर से काम करेगी। उन्होंने कहा कि बसें और दिल्ली मेट्रो पूरी क्षमता से चलेंगी। दिल्ली में भी यलो अलर्ट के तहत रात का कर्फ्यू जारी किया गया है।

गुजरात

गुजरात ने 30 दिसंबर को राज्य में 7 जनवरी तक COVID प्रतिबंधों को 7 जनवरी तक बढ़ा दिया। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, रेस्तरां अपनी बैठने की क्षमता का केवल 75 प्रतिशत भर सकते हैं। एक शादी के लिए 400 लोगों की सीमा को क्रम में नहीं बदला गया था।

महाराष्ट्र

शहर में बढ़ते मामलों के बीच बीएमसी ने सोमवार (3 जनवरी) को कक्षा 1 से 9 तक के मुंबई के स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, मुंबई पुलिस ने 15 जनवरी तक रोजाना शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे के बीच समुद्र तटों, खुले मैदानों, समुद्री चेहरों, सैरगाहों, बगीचों, पार्कों या इसी तरह के सार्वजनिक स्थानों पर जाने से लोगों को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है।

पंजाब

पंजाब सरकार ने मंगलवार (4 जनवरी) को स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने और एक रात का कर्फ्यू (रोजाना रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक) लगाने का आदेश दिया, ताकि राज्य में पिछले दिनों में मामलों में तेज वृद्धि के बाद सार्वजनिक आंदोलन को प्रतिबंधित किया जा सके।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल ने सोमवार से नए कोरोनोवायरस रोग संबंधी प्रतिबंधों की एक श्रृंखला लागू की, जिसके तहत राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज एक बार फिर अपने गेट बंद कर देंगे। इसके अलावा, शॉपिंग मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, रेस्तरां और बार पर भी प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं, जिसमें वे अब अपनी कुल क्षमता का केवल 50 प्रतिशत ही अनुमति देंगे।

हरियाणा

हरियाणा के स्कूल और कॉलेज 12 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं क्योंकि राज्य ने COVID-19 मामलों में वृद्धि की रिपोर्ट के बाद ‘महामारी अलर्ट’ की घोषणा की है। हरियाणा सरकार ने यह भी कहा है कि अधिकांश सार्वजनिक स्थानों पर केवल पूर्ण टीकाकरण वाले लोगों को ही प्रवेश या घूमने की अनुमति होगी। गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, पंचकुला और सोनीपत में सभी सिनेमा हॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्टेडियम और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे।

तेलंगाना

तेलंगाना सरकार ने राज्य में नए प्रतिबंध लगाए और रैलियों, सार्वजनिक सभाओं और सभी प्रकार के सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया। राज्य सरकार ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर उल्लंघन करने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

तमिलनाडु

तमिलनाडु सरकार ने 1 जनवरी से कोविड -19 के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए। आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं 10 जनवरी तक नहीं होंगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को केवल 50 प्रतिशत क्षमता के लिए प्रवेश की अनुमति होगी और केवल 100 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। विवाह कार्यों के लिए अनुमति दी गई है। अंतिम संस्कार में उपस्थिति 50 तक सीमित रहेगी।

झारखंड में ‘मिनी लॉकडाउन’, स्टेडियम, जिम, जू, 15 तक बंद, शाम 8 बजे तक ही खुलेंगे बाजार

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रांची. इस वक्त झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर आ रही है, जहां कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से कई पाबंदियां (Restriction In Jharkhand ) लागू की गयी हैं. दरअसल राज्य में बढ़ते कोरोना मामलों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के नेतृत्व में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक बुलाई गयी. इस बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कोरोना को लेकर तमाम मंत्रियों और अधिकारियों को कई निर्देश दिये हैं. इस संबंध में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) ने ट्वीट कर जानकारी दी और बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इन निर्णयों के अनुसार अब झारखंड में 15 जनवरी तक बाजार सिर्फ रात 8 बजे तक खुले रहेंगे. इस दौरान रेस्टोरेंट, बार आदि की दुकानें खुली रहेंगी. वहीं 15 जनवरी तक झारखंड के स्टेडियम, पार्क, जिम, जू , पर्यटन स्थल, शिक्षण संस्थान सब बंद रहेंगे.

राज्य स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक के बाद बताया कि कोरोना संक्रमण का बढ़ता आंकड़ा चिंता का विषय है. इस बात को ध्यान रखते हुए 15 जनवरी या अगले आदेश तक राज्य में स्टेडियम, पार्क, जिम, जू , पर्यटन स्थल पूरी तरह से बंद रहेंगे. वहीं तमाम तरह के शिक्षण संस्थान स्कूल – कॉलेज – कोचिंग संस्थान को बंद करने का निर्णय लिया है . हालांकि शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक कार्य 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होते रहेंगे.

वही शादी-विवाह या श्राद्ध के लिये आयोजन स्थल का क्षमता से आधा या 100 लोगों तक शामिल होने की छूट दी गई है . फिलहाल हाट – बाजार के लिये सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की अनिवार्यता को कठोरता से पालन करने का निर्णय लिया गया है . इसके अलावा राज्य सरकार ने शादी-विवाह के लिए भी गाइडलाइन जारी किया है, जिसके अनुसार अगले आदेश तक शादियों में अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी. वहीं अंत्येष्टी में 100 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिली है.

जानें किन-किन  चीजों पर रहेगी पाबंदी 

स्टेडियम, आउटडोर, इंडोर, पार्क, जिम, जू, स्वीमिंग पुल, पर्यटन स्थल रहेंगे बंद.

स्कूल-कॉलेज बंद, सिर्फ प्रशानिक कार्यों के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने की अनुमति.

मॉल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ होंगे संचालित.

शादी और अंत्येष्टी में 100 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिली है.

दुकानें रात आठ बजे तक ही खुली रहेंगी, दवाई दुकान नार्मल टाइम तक खुले रहेंगे.

रेस्टोरेंट, बार एवं दवा दुकानें अपने नॉर्मल समय पर बंद होंगे, बाकी सभी दुकाने रात्रि 8 बजे तक ही खुली रहेंगी.

आगामी 15 जनवरी 2022 तक सिनेमाहॉल, रेस्टोरेंट, बार एवं शॉपिंग मॉल 50% क्षमता के साथ खुलेंगे.

अगले आदेश तक बायोमैट्रिक सिस्टम रहेगा बंद. कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ होगा कार्य.

बुल्ली बाई एप के खिलाफ शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई – गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल । मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने वाले बुल्ली बाई एप पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह एप बंद कर दिया गया है लेकिन कोई शिकायत मिलती है तो हम भी कड़ी कार्रवाई करेंगे।

गृह मंत्री डा.मिश्रा ने कहा कि हमारे लिए नारी पूज्यनीय है । वह किसी भी धर्म , समाज की हो सदा सम्मानीय है । बुल्ली बाई एप को लेकर जानकारी मिली है कि उसमे मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट डाले गए थे । इसकी शिकायत मिलते ही केंद्र की मोदी सरकार ने इस एप को प्रतिबंधित कर दिया। जिन लोगो ने भी यह हरकत की है उनके खिलाफ केंद्र और अन्य राज्य कार्रवाई कर रहे हैं। इसको लेकर कोई शिकायत मिलती है तो मध्य प्रदेश पुलिस भी कड़ी कार्रवाई करेगी।

डा. मिश्रा ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की इस तरह की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। जो भी ऐसा करेगा उसे सजा भुगतनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के लिए महिलाओं का सम्मान सबसे पहले है, चाहे वह किसी भी धर्म की हों। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए ट्रिपल तलाक खत्म करने का कानून लागू किया।मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर व शिक्षित करने केंद्र व प्रदेश की शिवराज सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। गृह मंत्री ने उन लोगो को चेतावनी दी, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ सोशल मीडिया को टूल की तरह उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा काम अगर कोई करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

भाजपा और कांग्रेस के लिए मुसीबत बना ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा

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भोपाल। भाजपा और कांग्रेस के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा मुसीबत बन गया है। पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण न होने से दोनों इस मुद्दे से किनारा करने की कोशिश में हैं, वहीं एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने के चलते मामला ठंडा पड़ने के बजाय गरमा रहा है। इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच कमल नाथ अपनी तरफ से की गई कवायद को हमेशा सामने रखते हैं। हालांकि, अब भाजपा सरकार को इस मोर्चे पर दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है।

हला तो सरकारी भर्ती में 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शासन की कई भर्तियों में ओबीसी के लिए आरक्षण की जानकारी विधानसभा सत्र में भी दे चुके हैं। इन आंकड़ों के आधार पर दावा करते हैं कि उनकी सरकार ही ओबीसी की असली हितैषी है।

इधर, दूसरा संकट यह है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण खत्म करने से नाराजगी की आशंका है। पंचायत चुनाव के लिए जिन लोगों ने मैदान में ताल ठोक दी थी, उनकी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। ऐसे में सरकार के निर्णय को संगठन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की चुनौती है। दोनों ही मोर्चों पर सरकार की राह आसान नहीं है।

कांग्रेस के सामने भी दोहरा संकट है। वह खुद को ओबीसी हितैषी कैसे साबित करे, इस पर पार्टी की कवायद ठंडी है। कांग्रेस ने पंचायत चुनाव के खिलाफ याचिका लगाई तो ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया। यह मामला कानूनी दांवपेच में उलझ गया है। कांग्रेस इन आरोपों को तकनीकी पहलुओं की आड़ में गलत साबित करना चाहती है। कांग्रेस के सामने दूसरा बड़ा सकट ओबीसी वर्ग के नेताओं की कमी है। भाजपा जहां प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री तक कई बड़ेे पदों पर ओबीसी को मौका देने का तथ्य सामने रखती है, वहीं कांग्रेस के पास संगठन में ही ओबीसी चेहरों का अभाव है। अरुण यादव जैसे नेता संगठन में हैं, तो उपेक्षा के शिकार हैं।

भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया : पटेल

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने शासकीय नौकरियों में पहले 14 और फिर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। पंचायत चुनाव में 25 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया। रामजी महाजन आयोग बनाया और पिछड़ा वर्ग के हित में कदम उठाए।

कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है : भूपेंद्र सिंह

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है। दरअसल, पिछड़ा वर्ग के हित में भाजपा के लगातार कामों से कांग्रेस की कलई खुलने लगी है। मेरा संपूर्ण ओबीसी समाज से आग्रह है कि कांग्रेस की साजिश को समझें और कांग्रेस से बचकर रहें । यह वह कांग्रेस है, जिसने पिछड़ा वर्ग को छलने और उसे वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का ही काम किया है।

मध्‍य प्रदेश में मतांतरण की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हो : सीएम शिवराज

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भोपाल । प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के आधार पर भी जिलों की अलग से रैकिंग होगी। इसमें जिलों में होने वाले अपराध और उन पर की गई कार्रवाई के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। पुलिस भर्ती प्रति वर्ष होगी। थाने में अभी जब्त वाहनों का अंबार लगा रहता है। इससे ये कबाड़ की जगह नजर आते हैं। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। मतांतरण की घटनाएं हो रही हैं। एनजीओ की आड़ में चलने वाली ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को गृह विभाग की समीक्षा के दौरान दिए।

पुलिस की धमक और जनता का विश्वास होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की धमक होनी चाहिए। आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में खौफ होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी कितने दौरे करते हैं। वरिष्ठ अधिकारी इसका ब्योरा रखें और जांच भी करें। जटिल प्रकरणों की गुत्थियां सुलझाने में फारेंसिक साइंस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए सक्षम संस्थान और अनुसंधान प्रणाली विकसित की जाए। पुलिस थानों की भी ग्रेडिंग (सर्वश्रेष्ठ, बेहतर, नंबर दो और फिसड्डी) की जाए। साइबर क्राइम, ड्रग्स, नक्सलवाद, महिला और बच्चों के प्रति हो रहे अपराध को रोकने पर विशेष ध्यान रहे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को पुलिस में भर्ती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जनसंवाद करें और सूचना प्रौद्योगिकी में पुलिसकर्मियों को दक्ष किया जाए।

फिटनेस का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री ने भोपाल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सचिन अतुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की फिटनेस ऐसी ही होनी चाहिए। पेट बाहर निकला हुआ है और ढीला-ढाला शरीर नहीं होना चाहिए। एक आकर्षण होना चाहिए।

जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाएं रोकें

जेल विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाओं को से गंभीरता लें। ऐसे घटनाएं नहीं होनी चाहिए। कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग करें। हमें पांच साल में कितने जेल भवन बनाने हैं, यह तय कर लें। कुछ जगहों पर जेल शहर के बीच में हैं। इनकी जगह दूसरे स्थान पर जेल बनाई जाए। इससे जेल भवन भी बन जाएंगे और भूमि का सदुपयोग भी हो जाएगा। जेल भवन दो और तीन मंजिल बनाए जा सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। विचाराधीन कैदियों की संख्या भी कम हो। कैदियों के अस्वस्थ होने पर निजी चिकित्सकों से भी इलाज की व्यवस्था करें।

दो दिन मनेगी मकर संक्रांति, राशि के अनुसार करें इन सामग्रियों का दान

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इंदौर । सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर सक्रांति इस बार 14 जनवरी को होगा।इस दिन सूर्य देवता धनु राशि निकलकर मकर राशि में दोपहर 2.32 बजे प्रवेश करेंगे। इसके चलते पुण्यकाल सूर्य अस्त 5.55 बजे तक 3.37 मिनिट रहेगा। इस बार सक्रांति का वाहन बाघ, उपवाहन अश्व और हाथों में गदा रूपी शस्त्र है। ज्योतिर्विदों के मुताबिक मकर सक्रांति का सामान्य फल विद्वान और शिक्षित के लिए लाभ दायक रहेगी। अनिष्टकारी न होने के बावजूद भय और चिंता का वातावरण भी निर्मित होगा।साथ ही महंगाई पर नियंत्रण बना रहेगा।

मतमतांतर के साथ सक्रांति का पर्वकाल 15 जनवरी को भी माना जाएगा।ज्योतिर्विद् आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार मकर सक्रांति इस बार पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन 14 जनवरी को शुक्ल और ब्रह्म योग के मंगलकारी संयोग में मनाई जाएगी।इस दिन रोहणी नक्षत्र भी रहेगा।

शास्त्रों में उल्लेख है कि सूर्य अस्त होने से पहले जिस दिन सूर्य राशि परिवर्तन करता है उसी दिन उसका पर्व माना जाता है। इसके चलते विश्वविजय, निर्णय सागर, चिंताहरण आदि पंचांगों में पर्व 14 जनवरी का बताया गया है। इसके अलावा उदया तिथि की महत्ता के अनुसार 15 जनवरी को भी सक्रांति स्नान-दान मत-मतांतर के साथ लोग करेंगे।

ऐसा होगा संक्रांति का स्वरूप

-वाहन : बाघ

-उपवाहन : अश्व

-वस्त्र : पीले

-गमन : पूर्व दिशा

-शस्त्र : गद्दा

-पात्र : रजत

-गंधद्रव्य : कुमकुम

-वय : कुमारी

राशिनुसार इन सामग्री का करें दान

– मकर व कुंभ राशि वालों को इस दिन काले तिल और जरूरतमंद को कंबल दान करना चाहिए। इससे राहु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।

– मेष, तुला, सिंह और मिथुन राशि के जातकों को अशुभ प्रभाव से निजात के लिए कंबल दान करना चाहिए।

– वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को खिचड़ी और फल का दान करना चाहिए।इससे शनि की प्रसन्नता प्राप्त होती है।

– वृषभ, कर्क और कन्या राशि वालों को वस्त्र दान करना हितकर होगा।वस्त्र पुराने या इस्तामल किए नहीं होना चाहिए।