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देश में मिले कोरोना के 2 लाख 68 हजार नए केस, ओमिक्रोन के कुल मामले 6 हजार पार

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देशभर में 2,68,833 नए केस मिले हैं। शुक्रवार को 2,64,202 केस मिले थे। इस तरह एक दिन पहले के मुकाबले शनिवार को चार हजार ही नए मामले अधिक मिले। इससे पहले गुरुवार को 2,47,417 और बुधवार को 1,94,720 नए केस मिले थे। इन दो दिनों में नए मामलों में 50 हजार से अधिक का अंतर था। इस दौरान पूरे देश में 402 और लोगों की मौत हुई है, जिसमें 199 अकेले केरल और 34 मौतें दिल्ली से हैं। सक्रिय मामले बढ़कर 14,17,820 हो गए हैं जो 223 दिन में सर्वाधिक और कुल मामलों का 3.85 प्रतिशत है। 24 घंटे में 1.45 लाख सक्रिय मामले बढ़े हैं। दैनिक संक्रमण दर 16.66 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 12.84 प्रतिशत हो गई है।

ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. प्रदीप व्यास ने कहा है कि राज्य में अभी भी डेल्टा प्रमुख वैरिएंट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नवंबर के बाद से 4,265 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी जिसमें 68 प्रतिशत मामले डेल्टा वैरिएंट के मिले और 32 प्रतिशत ओमिक्रोन के। हालांकि, दिल्ली में इसके उलट है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 80 प्रतिशत मामले ओमिक्रोन के मिल रहे हैं।

ओमिक्रोन के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसके कुल मामलों का आंकड़ा छह हजार को पार कर गया है। अब तक देशभर में ओमिक्रोन के 6,041 केस मिल चुके हैं, जिसमें सबसे अधिक महाराष्ट्र के 1,605 मामले शामिल हैं। अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके मामले मिल चुके हैं। वैसे तीसरी लहर में बढ़ रहे मामलों के पीछे ओमिक्रोन को ही माना जा रहा है, लेकिन चूंकि सभी संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है, इसलिए ओमिक्रोन के मामले कम सामने आ रहे हैं।

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इंदौर । मध्यप्रदेश में हुए व्यापम घोटाले के मुख्य आरोपित जगदीश सिंह सागर को शनिवार को एरोड्रम पुलिस ने जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा। आरोपित को इंदौर विमानतल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह इंदौर से ग्वालियर रवाना हो रहा था। इसी दौरान विमानतल पर तैनात सुरक्षा प्रहरियों ने स्कैनर से जांच की तो बैग में जिंदा कारतूस मिला।

पूछने पर अरोपित ने बहाना बनाया तो विमानतल प्रबंधन ने एरोड्रम थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस आरोपित को थाने ले आई और उस पर आर्म्स एक्ट कर तहत कार्रवाई की है। आरोपित ने बताया कि व्यापम घोटाले मामले में जेल में रहने के बाद उसकी दो बंदूकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया था। इसके बाद उसने दोनों बंदूकें बेच दीं। एक कारतूस गलती से बैग में रह गया। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया था। वहां से उसे जमानत पर शाम को छोड़ दिया गया।

डा. जेपी सिंह सागर को पीएमटी 2013 में सीबीआइ ने रैकेटियर के रूप में आरोपित बनाया था। भिंड के गोहद निवासी डाक्टर सागर ने 1991 में पीएमटी से ग्वालियर मेडिकल कालेज में प्रवेश लिया और 2000 में यानी नौ साल में एमबीबीएस किया था। फिर 2004 में इंदौर के एमजीएम में पीजी के लिए प्रवेश लिया, जो चार साल बाद 2008 में पूरा हुआ।

व्यापम घोटाले में इंदौर पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद सागर को क्राइम ब्रांच ने 15 जुलाई 2013 को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ एसटीएफ ने चार अक्टूबर 2013 में चालान पेश किया था। उसने व्यापमं ही नहीं, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से राज्य सेवा का अफसर बनवाने के लिए भी कई सौदे किए थे। इसमें 6 पदों के लिए 95 लाख रुपये का सौदा किया गया था। इसके बाद आरोपित को दो साल की जेल भी हुई थी।

Virat Kohli ने छोड़ी भारतीय टेस्‍ट टीम की भी कप्‍तानी

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क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्‍ट टीम के कप्‍तान पद से इस्‍तीफा दे दिया है। यह जानकारी उन्‍होंने ट्वीट करके दी। इसमें उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने बहुत ईमानदारी से काम किया। उन्‍हें परिश्रम करते हुए 7 साल हो गए हैं। हर चीज का पड़ाव आता है, मेरी कप्‍तानी यहीं तक थी। इससे पहले कोहली ने टी -20 विश्व कप से ठीक पहले टी 20 आई कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद कोहली को एकदिवसीय कप्तानी से भी हटने के लिए मजबूर किया गया था।शनिवार को शाम विराट ने ट्विटर पर अपने टेस्ट की कप्तानी को छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने एक संदेश जारी करते हुए बीसीसीआइ को टीम की कप्तानी करने का मौका देने पर धन्यवाद कहा। कोहली ने लिखा, पिछले 7 साल की कड़ी मेहनत और लगन लगी जिससे हमने टीम को सही दिखा दिखाया। मैंने पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम किया और इसमें किसी तरह की कोई भी कमी नहीं छोड़ी। हर एक चीज को किसी ना किसी मुकाम पर आकर रुकना होता है। मेरे लिए बतौर टेस्ट कप्तान अब वह वक्त आ चुका है।

विराट कोहली ने एक बयान में कहा, टीम को सही दिशा में ले जाने के लिए हर रोज 7 साल की कड़ी मेहनत, कड़ी मेहनत और अथक परिश्रम किया गया है। मैंने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है और वहां कुछ भी नहीं छोड़ा है। हर चीज को किसी न किसी स्तर पर रुकना पड़ता है और मेरे लिए भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में, यह अब है। यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन प्रयास या विश्वास की कमी कभी नहीं रही है। मैंने हमेशा अपना 120 प्रतिशत देने में विश्वास किया है। करें, और अगर मैं ऐसा नहीं कर सकता, तो मुझे पता है कि यह करना सही नहीं है। मेरे दिल में पूर्ण स्पष्टता है और मैं अपनी टीम के लिए बेईमान नहीं हो सकता।

मैं बीसीसीआई को इतने लंबे समय तक अपने देश का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम के उन सभी साथियों को जिन्होंने पहले दिन से टीम के लिए मेरे पास था और किसी भी स्थिति में कभी हार नहीं मानी। आप लोगों ने इस यात्रा को इतना यादगार और सुंदर बना दिया है। अंत में एमएस धोनी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने मुझ पर एक कप्तान के रूप में विश्वास किया और मुझे एक सक्षम व्यक्ति के रूप में पाया जो भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा सकता था।”

चुनाव आयोग ने 22 जनवरी तक बढ़ाए मतदान वाले राज्यों में राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध

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चुनाव आयोग (ईसीआई) ने 22 जनवरी तक मतदान वाले राज्यों में राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध को एक और सप्ताह के लिए बढ़ा दिया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित पांचों चुनावी राज्यों में रैली, रोड शो, पदयात्रा और जनसभाओं पर लगे प्रतिबंध को बढ़ा दिया है। फिलहाल यह प्रतिबंध 15 जनवरी तक के लिए ही था। हालांकि, इसके साथ ही चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को एक बड़ी राहत भी दी है। इसके तहत अब कोई दल अधिकतम 300 लोगों या फिर हाल की क्षमता के आधे के साथ बंद कमरे में बैठक कर सकेगा। 22 जनवरी को स्थिति की फिर समीक्षा होगी।

आयोग ने कथित तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, मुख्य और स्वास्थ्य सचिवों और सभी चुनावी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और निर्णय लिया। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को इस हद तक छूट भी दी कि अब चुनाव वाले राज्यों में अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता का 50 प्रतिशत या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।

गत 8 जनवरी को भारत के चुनाव आयोग ने 5 राज्यों – उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि रैलियों, रोड शो और राजनीतिक कार्यक्रमों पर 15 जनवरी तक प्रतिबंध रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने पिछले सप्ताह कहा था, “उम्मीदवारों को यथासंभव वर्चुअल मोड के माध्यम से प्रचार करना चाहिए। सार्वजनिक सड़कों पर कोई नुक्कड़ सभा नहीं होगी और मतगणना के बाद कोई विजय जुलूस नहीं होगा।”

उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव अगले महीने से शुरू होने वाले हैं, क्योंकि देश में वायरस के ओमाइक्रोन प्रकार के प्रसार के कारण COVID-19 मामलों में वृद्धि हुई है। विधानसभा चुनाव का पहला चरण 10 फरवरी से शुरू होगा और 7 मार्च तक चलेगा, जिसके नतीजे 10 मार्च को आएंगे। शनिवार को भारत में 2.68 लाख से अधिक नए कोविड मामले आए जो सक्रिय केस लोएड को 14 लाख से अधिक तक ले गए। यह 1 जून के बाद से सबसे अधिक है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मध्य प्रदेश में 12 वीं तक के स्कूल 31 जनवरी तक बंद

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भोपाल।  कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश में अब पहली से बारहवीं कक्षा तक के सरकारी-निजी सीबीएससी-आइएससी सहित सभी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। 20 जनवरी से होने वाली प्री-बोर्ड की परीक्षा भी अब टेक होम माध्यम से होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन व्यवस्था बनाएंगे। बड़ी राजनीतिक या सामाजिक रैली-सभाएं प्रतिबंधित रहेंगी। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा प्रबंधन समूहों को दी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी। प्रदेश में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लाकडाउन जैसे कदम अभी नहीं उठाए जाएंगे। कोरोना प्रोटोकाल के पालन के लिए हर स्तर पर सख्ती की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेंगे। इसे देखते हुए संक्रमण की रोकथाम के कदम उठाने होंगे। इसे देखते हुए सरकार ने तय किया है कि पूर्व से जारी प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया जाएगा।

अभी स्कूल विद्यार्थियों की पचास प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो रहे थे। अब इन्हें पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया गया है। बड़ी रैली और सभा की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। मनोरंजन, धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम खुले स्थान पर अधिकतम 250 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ सशर्त हो सकेंगे। स्टेडियम में 50 प्रतिशत खिलाड़ियों की क्षमता के साथ गतिविधियां संचालित रहेंगी पर दर्शक पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजौरा ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पूर्व से जारी प्रतिबंधों के अतिरिक्त इन दिशानिर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

अब भीड़-भाड़ एकत्र करने के दिन नहीं

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन समूह के सदस्यों से कहा कि अब भीड़-भाड़ एकत्र करने के दिन नहीं हैं। आर्थिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगा सकते हैं क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है पर हमें कड़े कदम उठाने होंगे। समूह के सदस्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न हो। जनता को संकट की इस घड़ी से निकालकर ले जाने की जिम्मेदारी हमारी है। संसाधन की कमी नहीं रहने देंगे। सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी कमांड कंट्रोल सेंटर में लाकर 15 मिनट मरीजों से बात करें। अब यह जरूरी हो गया है कि सब मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। विधायक इस बात की चिंता करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी लापरवाही न हो।

बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण के प्रकरण बढ़ने की दर दूसरी लहर की तुलना में तीन गुना से अधिक है। दुनिया में एक दिन में 34 लाख केस आ रहे हैं। देश में गुरुवार को दो लाख 64 हजार प्रकरण और मध्य प्रदेश में आज चार हजार 755 केस है। साप्ताहिक औसत दर में छह गुना की वृद्धि हुई है। सक्रिय मामले 21 हजार 394 हो गए हैं। जांच अब 80 हजार प्रतिदिन तक हो रही है।

कुछ जिलों में संक्रमण की दर दस प्रतिशत से ज्यादा है। 96.07 संक्रमित घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं।3.3 प्रतिशत मरीज को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि इस स्थिति में कभी भी परिवर्तन हो सकता है। 236 लोग आइसीयू में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय प्रकरणों की संख्या भी बढ़ेगी। सचेत और सावधान रहना चाहिए। निश्चिंतता का भाव न रहे। होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों की निगरानी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि 101 मरीज अस्पताल में हैं। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि जिले में तीन हजार 852 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। कमांड सेंटर से प्रतिदिन उनसे बात हो रही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो व्यक्ति गलत पता या मोबाइल नंबर लिखा रहे हैं, उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करें क्योंकि ये संक्रमण फैलाने वाले बनेंगे। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन के कलेक्टरों से भी होम आइसोलेशन संबंधी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएम के सामने रखा सुझाव कि हमने सख्ती बढ़ाई तो संक्रमण की दर कम हो सकती है। अगर सख्ती नही बढ़ाई तो रोज के आंकड़े 10 हजार के पास आएंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। सीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घर-घर दस्तक दें, टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो। वैक्सीन ही कोविड से सुरक्षा का मजबूत कवच है। बैठक में मुख्यमंत्री ने इंदौर में निजी तौर पर अधिक टेस्ट की जानकारी मिलने पर निर्देश देते हुए कहा कि यदि प्रायवेट रूप से टेस्ट हों तो उन्हें भी रिकॉर्ड में लिया जाए।

सीएम ने कहा कि टीकाकरण के लिए शत-प्रतिशत लोगों को कवर करें। कार्य के लिए बाहर जाने वाले लोगों की संख्या की पुष्टि करें। माइग्रेटेड लोगों की सूची बनाएं। टीकाकरण सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसकी ग्राम स्तर तक समीक्षा हो। सभी जन प्रतिनिधि इस अभियान से जुडें। सभी के प्रयत्नों और सामूहिक सहयोग से अच्छे परिणाम मिलेंगे।

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कोलकाता  पश्चिम बंगाल के दोमोहानी में गुरुवार को पटना से गुवाहाटी जा रही बीकानेर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के पांच से छह डिब्बे पटरी से उतरे और ट्रैक के पास ही पलट गए। इस घटना में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा कुछ और लोगों के घायल होने की भी बात सामने आई है। इस बीच एक यात्री ने कहा है कि ट्रेन में अचानक से एक झटका लगा, जिसके बाद डिब्बे पलट गए। यात्री ने कई लोगों की मौत की आशंका भी जताई।

हादसा स्थल पर 51 एंबुलेंस को भेजा गया है जिसके जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाएगा. DRM और ADRM घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

भारतीय रेलवे ने भी इस हादसे पर बयान जारी किया, बताया गया है कि हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ. घटना में ट्रेन के करीब 12 डिब्बों पर असर पड़ा, डीआरएम और एडीआरएम दुर्घटना-राहत ट्रेन और मेडिकल वैन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

बताया गया है कि दोमोहानी के सबसे करीब जलपाईगुड़ी स्टेशन है. यहां से एक राहत ट्रेन के साथ एंबुलेंसों को भी भेजा गया है. फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोग राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं. ट्रेन हादसे में घायल हुए लोगों को मैनागुड़ी अस्पताल और जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल भेजा गया है.

जिस वक्त यह ट्रेन हादसा हुआ उस वक्त पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोरोनावायरस के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा कर रही थीं. हादसे की जानकारी मिलते ही सीएम ने अधिकारियों से राहत-बचाव कार्य तेज करने के लिए कहा है.

ट्रेन में 1200 से ज्यादा यात्री सवार
ट्रेन में करीब 1200 यात्री सवार थे जिसमें 700 करीब राजस्थान के यात्री हैं. रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण ने बताया की इस ट्रेन में बीकानेर से 308 पैसेंजर सवार हुए थे.

ये है बीकानेर एक्सप्रेस का रूट
इस ट्रेन का रूट काफी लंबा है और ट्रेन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और असम के कई जिलों से गुजरकर गुवाहाटी पहुंचती है.  ये ट्रेन बीकानेर, नोखा, नागपुर, मकराना, जयपुर, भरतपुर, आगरा, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पटना, बख्तियारपुर, मोकोना, न्यू बरौनी, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, दालकोला, किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूच बिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोआईगांव, कामख्या होते हुए गुवाहाटी पहुंचती है.

पीएम मोदी ने ममता बनर्जी से की बात
इस दौरान बीकानेर एक्सप्रेस 5 राज्यों के 34 रेलवे स्टेशनों से गुजरती है. बीकानेर एक्सप्रेस के हादसा ग्रस्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है.

इसके अलावा ममता बनर्जी ने न्यू जलपाईगुड़ी और आसपास के इलाकों के शीर्ष अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और लोगों की मदद करने का आदेश दिया है.

केंद्र सरकार की तरफ से घायलों के इलाज के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को पास के मेडिकल कॉलेज अस्पताल को तैयार रखने के लिए कहा गया है. घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया.

चित्रकूट परमिट टैक्स विवाद सुलझाने में जुटे CM, नौ माह पहले यूपी सरकार कर चुकी फैसला

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भोपाल भगवान राम की तपस्थली चित्रकूट जाने वाले यात्री वाहनों के परमिट टैक्स को लेकर बने विवाद को खत्म करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत दिए हैं और कहा है कि जल्द ही टैक्स लगने से होने वाली दिक्कत का समाधान किया जाएगा। सरकार के पास नौ माह से पेंडिंग प्रस्ताव पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं के आने जाने के दौरान जांच-पड़ताल से होने वाली परेशानी से राहत दी जा सके। यूपी सरकार पहले ही इस बारे में फैसला ले चुकी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि चित्रकूट से आने वाले वाहनों को अनावश्यक शुल्क नहीं लगेगा। चित्रकूट मेला और अन्य अवसरों पर लगने वाले टैक्स में कमी करने या उसे समाप्त करने पर विचार कर शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद यह माना जा रहा है कि चित्रकूट में बसों और अन्य यात्री वाहनों की एंट्री के दौरान परमिट और अन्य रूप में वसूले जाने वाले टैक्स में सरकार राहत दे सकती है। तीर्थ स्थल चित्रकूट में हर अमावस्या को मेला लगता है। खासतौर पर दीपावली के दौरान यहां होने वाली दीपदान में शामिल होने के लिए देश भर से 12 से 15 लाख लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में परमिट के विवाद में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसलिए होता है विवाद
चित्रकूट में एमपी और यूपी दोनों ही राज्यों के क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में सड़क पर गुजरते हुए कब एमपी और कब यूपी की सीमा लग जाती है, यह पता ही नहीं चल पाता है। भगवान राम की तपस्थली आने वाले श्रद्धालु अगर यूपी से आते हैं तो एमपी में प्रवेश कर जाने पर उनके वाहन का परमिट सिर्फ यूपी का होने पर वाहन जब्ती और परमिट टैक्स की अतिरिक्त अदायगी करनी पड़ती है। इसी तरह एमपी का वाहन यूपी की सीमा में जाने पर परमिट टैक्स जमा नहीं करने के दायरे में आता है और परेशान अलग होना पड़ता है। इसी कारण लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि चित्रकूट में एमपी और यूपी की सीमा का विवाद छोड़कर वाहनों के परिवहन शुल्क टैक्स फ्री कर देना चाहिए।

नौ माह पहले हुई थी बैठक, यूपी ने फैसला कर दिया
बताया गया कि इसको लेकर एमपी और यूपी के अफसरों की संयुक्त बैठक नौ माह पहले हुई थी। इसके बाद यूपी सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि चित्रकूट में यूपी की सीमा में आने वाले एमपी के परमिट वाले वाहनों पर दस किमी की परिधि में टैक्स फ्री माना जाएगा। यहां कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसके विपरीत एमपी की सरकार नौ माह से इस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं ले पाई है।

नर्मदा सहित अन्य नदियों में नहीं होगा स्नान, प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध

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उज्जैन मकर संक्रांति पर  इस बार नदियों में स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे लगने वाले मेलों और स्नान पर रोक लगा दी है. नर्मदा, बेतवा और क्षिप्रा सहित अन्य तटों पर मेला और स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मकर संक्रांति पर नर्मदा क्षिप्रा तटों पर लगने वाले मेलों और स्नान पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

सूर्य के उत्तरायण होने के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले लगते रहे हैं. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. जबलपुर के तिलवाराघाट में तो खास तौर पर तिल-गुड़ के इस पर्व में हजारों लोग जुटते है.

कोरोना के बढ़ते संक्रमण और इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम दिव्या अवस्थी ने गोरखपुर अनुभाग के अंतर्गत नर्मदा नदी के सभी घाटों ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, खारीघाट, सिद्धघाट, उमाघाट, घुघराघाट, शंकरघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट पर 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर भरने वाले मेलों पर रोक लगा दी है. एसडीएम के आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले अन्य पर्वों के दौरान भी मेलों के आयोजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया है.

एसडीएम गोरखपुर के आदेश में घाटों पर समूह में इकट्ठा होने और नदी में सामूहिक रूप से स्नान करने पर भी रोक लगाई गई है. आदेश में इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सूर्य के उत्तर्रायण होने पर मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है. मध्यप्रदेश की जीवन दायिनी कही जाने वाली मां नर्मदा के घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु तिल गुड़ का दान कर स्नान करते हैं. लेकिन इस बार स्नान पर भी रोक रहेगी.

क्षिप्रा में नहीं होगा स्नान
उज्जैन जिला प्रशासन ने भी इस बार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए क्षिप्रा नदी में स्नान पर रोक लगा दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. यहां हर साल मकर संक्रांति पर रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. लेकिन इस बार रामघाट पहुंचने वाले सारे रास्ते बैरिकेड लगा कर बंद कर दिये गए हैं.

देवास-खंडवा में भी रोक
देवास में भी प्रशासन ने नर्मदा के नेमावर घाट पर स्नान पर रोक लगा दी है. प्रशासन आगामी त्यौहारों को देखते हुए लोगों के नेमावर घाट पहुंचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई स्नान करता घाट पर देखा जायेगा तो उसके विरुद्ध पुलिस प्रशासन कार्रवाई करेगा. हर साल सक्रांति के दिन करीबन 1 लाख श्रद्धालु नर्मदा घाट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं. इस बार प्रतिबंध के कारण मकर संक्रांति 14/15 जनवरी पर मेला भी नहीं लगेगा.

मध्‍य प्रदेश के तीन मंत्री विश्‍वास सारंग, तुलसी सिलावट और कमल पटेल कोरोना संक्रमित

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश के तीन मंत्री विश्‍वास सारंग, कमल पटेल और तुलसी सिलावट कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मंत्रियों ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वासर सारंग ने हल्के लक्षण दिखने के बाद उन्होंने भोपाल में गुरुवार को कोरोना की रैपिड एंटीजन किट से जांच कराई थी जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उन्होंने टि्वटर के जरिए इसकी जानकारी दी है। साथ ही संपर्क में आए सभी लोगों को आइसालेट होकर जांच कराने के लिए कहा है।

उन्होंने बुधवार को विदिशा मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान आक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया था। इसके बाद कोरोना से निपटने की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। इसके पहले मंगलवार को उन्होंने टीकमगढ़ के जिला अस्पताल में कोविड से निपटने की तैयारियों की लेकर बैठक की थी। मंगलवार को विधायक रामेश्वर शर्मा और बुधवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक पीसी शर्मा पाजिटिव आ चुके हैं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को आपदा प्रबंधन समूह के साथ बैठक करेंगे। इसमें सभी मंत्री, विधायक, संभागायुक्त, कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे। बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, उसे देखते हुए कुछ प्रतिबंध और बढ़ाए जा सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए सख्ती बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पहली से आठवीं तक के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर रोक लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। बैठक में रोको-टोको अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में आपदा प्रबंधन समूह की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

दिल्ली में 24 घंटे में 28 हजार से ज्यादा नये मामले, संक्रमण की दर भी बढ़कर हुई 29.21 फीसदी

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गुरुवार को भी देश में कोरोना के मामलों में बड़ी तेजी देखी गई। राजधानी दिल्ली में तो सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। दिल्ली में आज कोरोना के 28,867 नए मामले सामने आए और 31 मरीजों की मौत हो गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 94,160 हो गई है। वहीं, दिल्ली में संक्रमण दर भी बढ़कर 29.21 फीसदी पहुंच गई है। देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,47,417 नए केस आए हैं, जबकि 380 लोगों की मौत हो गई। ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले भी बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना को 100 साल की सबसे बड़ी महामारी करार दिया।

अन्य राज्यों में बढ़े मामले

    • महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 46,406 नये मामले दर्ज हुए, और इसके संक्रमण की वजह से 36 लोगों की मौत हो गई।
    • मुंबई में आज कोरोना के 13,702 नए मामले दर्ज किए गए और 6 मरीजों की मौत हो गई। शहर में सक्रिय मामलों की संख्या 95, 123 है।
    • मुंबई पुलिस में कोरोना का विस्फोट देखा जा रहा है। पिछले 48 घंटों में 329 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित पाए गए। कोरोना की वजह से अब तक कुल 126 पुलिसकर्मियों की मौत हुई है।
    • तमिलनाडु में कोरोना के 20,911 नए मामले सामने आए, जबकि 25 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 1,03,610 पहुंच गई है।
    • कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 25,005 नए मामले सामने आए और 8 लोगों की जान चली गई। यहां सक्रिय मामलों की संख्या 1,15,733 पहुंच गई है।
    • गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 11,176 नए मामले सामने आए, जबकि 5 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में 4285 मरीज ठीक भी हुए।
    • गोवा में आज कोरोना के 3728 नए मामले सामने आए और 4 लोगों की मौत हो गई। राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 16,887 है।